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Royals Enfield Bullet 350: इस महीने लॉन्च होगी नई बुलेट|

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Royal Enfield इस महीने के अंत तक (30 अगस्त) मार्केट में न्यू जेनरेशन Bullet 350 मॉडल को लॉन्च करने वाली है. सन् 1932 से बुलेट 350 का प्रोडक्शन कंटीन्यू है, यानी ये कंपनी की सबसे पुरानी बाइक बन चुकी है.

इस बाइक के नए अवतार के आन से पहले जानें कुछ जरूरी बातें. (फोटो क्रेडिट – रॉयल एनफील्ड)

डिजाइन: आधिकारिक लॉन्च से पहले न्यू जेनरेशन बुलेट 350 की कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, इन तस्वीरों को देखने से पता चलता है कि मोटरसाइकिल के डिजाइन में तो ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. (फोटो क्रेडिट – रॉयल एनफील्ड)

क्या होगा नया?: न्यू जेरनेशन रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 में नए सर्कुलर टेललाइट और क्रोम बेजल के साथ फ्लैट राउंड हेडलैंप देखने को मिलेगा जैसा कि कंपनी की Classic 350 में देखने को मिलता है. (फोटो क्रेडिट – रॉयल एनफील्ड)

इंजन डिटेल: मौजूदा बुलेट में 346 सीसी UCE इंजन दिया गया है जिसे नई बुलेट में रिप्लेस किया जाएगा. नई बुलेट में नया J सीरीज का इंजन मिलेगा, 349 सीसी सिंगल सिलेंडर, एयर/ऑयल कूल्ड इंजन 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ आएगा. (फोटो क्रेडिट – रॉयल एनफील्ड)

कीमत: रॉयल एनफील्ड की न्यू जेनरेशन बुलेट मॉडल की कीमत 1 लाख 70 हजार रुपये (एक्स शोरूम) से लेकर 1 लाख 90 हजार रुपये (एक्स शोरूम) तक जाने की उम्मीद है. (फोटो क्रेडिट – रॉयल एनफील्ड)

इग्नू ने शुरू किया अग्निवीर वायु के लिए स्नातक कोर्स, इन विषयों की होगी पढ़ाई, ऐसे करें अप्लाई|

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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने अग्निवीर वायु के लिए ग्रेजुएशन कोर्स शुरू किया है. इसके लिए कैंडिटे्स इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

पंजीकरण की प्रक्रिया 1 अगस्त 2023 से शुरू हुई है. स्नातक के ये पाठ्यक्रम सशस्त्र बलों की साझेदारी से शुरू किए गए हैं. अग्निवीर वायु सेवा के दौरान इन कोर्स को पूरा सकते हैं.

इन कार्यक्रमों में 120 क्रेडिट शामिल हैं, जिनमें से 60 क्रेडिट के पाठ्यक्रम इग्नू द्वारा पेश किए गए हैं, जबकि शेष 60 क्रेडिट सशस्त्र बलों की ओर से इन-सर्विस स्लिक एजुकेशन के रूप में पेश किए जाएंगे.

ये कोर्स किए गए हैं शुरू

  • बैचलर ऑफ आर्ट्स (एप्लाइड स्किल्स)
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स (एप्लाइड स्किल्स) पर्यटन प्रबंधन
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स (एप्लाइड स्किल्स) एमएसएमई
  • बैचलर ऑफ कॉमर्स एप्लाइड स्किल्स
  • बैचलर ऑफ साइंस (एप्लाइड स्किल्स)

सशस्त्र बलों द्वारा पेश किए जाने वाले स्किल पाठ्यक्रमों को स्किल एजुकेशन नियामक संस्था, राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा अनुमोदित किया गया है. ये प्रोग्राम स्किल एजुकेशन के साथ उच्च शिक्षा के एकीकरण के लिए एनईपी 2020 की सिफारिश के अनुरूप हैं.

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

  • इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in पर जाएं.
  • होम पेज पर दिए गए News and Announcements सेक्शन में जाएं.
  • यहां अग्निवीर प्रोग्राम पोर्टल पर लिंक करें.
  • अब रजिस्ट्रेशन लिंक पर .
  • सभी विवरण दर्ज करें और आवेदन करें.

Notification

इग्नू और सशस्त्र बलों की साझेदारी में शुरू किए गए कोर्स अग्निवीरों को सेवा के दौरान बैचलर डिग्री प्राप्त करने में मदद करेंगे. इसकी मदद सेवा के बाद अग्निवीरों को रोजगार में मदद मिलेगी. इन कोर्स से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं. कैंडिडेट्स इस बात का ध्यान रखना होगा कि उन्हें इन कोर्स में दाखिले के लिए एप्लीकेशन फाॅर्म ऑनलाइन मोड में ही सबमिट करने होंगे.

नाग पंचमी पर किन आठ नागों की होती है पूजा? इनका क्या है भोलेनाथ से कनेक्शन|

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हिंदू धर्म में नागों को भगवान शिव के गले की शोभा माना जाता है और उनको देवता मानकर पूजा जाता है. सावन के महीने में हर साल नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और नागों को दूध पिलाया जाता है.

इस साल नाग पंचमी 21 अगस्त को मनाई जाएगी, इस दौरान भगवान भोलेनाथ के प्रिय अष्टनागों को पूजा जाएगा. सावन का महीना भगवान महादेव को बहुत ही प्रिय है. इस प्रिय महीने में भोलेनाथ के प्रिय नागों की पूजा करने से महादेव प्रसन्न होते हैं. नागपंचमी पर किन आठ नागों को देवता स्वरूप पूजा जाता है जानें यहां.

वासुकी नाग

वासुकी नाग को भोलेनाथ के गले का श्रृंगार माना जाता है. इसे शेषनाग का भाई माना गया है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के वक्त रस्सी की जगह वासुकी नाग को ही मेरप पर्वत पर बांधकर इस्तेमाल किया गया था.वासुकी नाग ने ही बचपन में वासुदेव द्वारा नदी पार करते समय भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.

अनन्त नाग

अनन्त नाग को अष्टनागों में अहम माना गया है.उनको भगवान श्रीहरि का सेवक माना जाता है. इनको शेषनाग भी कहा जाता है. माना जाता है कि अनंत नाग के फन पर ही धरती टिकी हुई है. अनंत का मतलब है कि जिसका अंत न हो सके. शास्त्रों के मुताबिक अनंत नाग की उत्पत्ति प्रजापतियों से हुई है.

पद्म नाग

पद्म नाग को असम में नागवंशी कहा जाता है.पद्म नाग को महासर्प कहा गया है. मान्यता के मुताबिक पद्म नाग गोमती नदी के पास शासन करते थे. बाद में ये नाग मणिपुर में जाकर बस गए थे.

महापद्म नाग

नाग पंचमी पर पूजे जाने वाले महापद्म नाग का नाम शंखपद्म भी है. उनके फन पर त्रिशूल का निशान बना हुआ है और .ह सफेद रंग के होते हैं. इनके नाम का वर्णन विष्णु पुराण में भी है.

तक्षक नाग

माना जाता है कि तक्षक नाग पालात में रहते हैं. इनका वर्णन महाभारत में भी किया गया है. इनकी मां का नाम क्रूद है और पिता का नाम कश्यप है.

कुलीर नाग

कुलीर नाग को ब्राह्मण कुल का माना जाता है. शास्त्रों में इनका संबंध जगत पिता ब्रह्मा जी से बताया गया है. कुलीर नाग अष्टनागों में से एक हैं और इनकी पूजा नाग पंचमी पर की जाती है.

कर्कट नाग

कर्कट नाग को भगवान महादेव का एक गण माना जाता है. यह नाग बहुत ही भयानक दिखते हैं.मान्यता के मुताबिक कर्कट नाग की पूजा करने से काली के श्राप से मुक्ति मिलती है.

शंख नाग

शंख नागों को नागों में सबसे तेज बुद्धि वाला माना गया है. शंख नागों की अष्टनागों में खास जगह मानी जाती है. नाग पंचमी के दिन इनकी भी पूजा की जाती है.

कालिया नाग

कालिया नाग को बहुत ही जहरीला नाग माना जाता है.इसको पांच फन वाला नाग बताया गया है, मान्यता के मुताबिक कालिया नाग यमुना में रहता था.

पिंगल नाग

अष्टनागों में पिंगल नाग भी खास माने जाते हैं. इनका संबंध महादेव से है. नाग पंचमी पर इनकी पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए की जाती है.

Gold-Silver Price Today: महंगा हुआ सोना, चांदी की कीमतों में 350 रुपए की उछाल|

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बुधवार को सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 160 रुपए प्रति दस ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, इस तेजी के बाद दस ग्राम सोने की कीमतें 54663 रुपए हो गई है.

ये कीमतें 22 कैरेट वाले सोने की है. 24 कैरेट की बात करें तो दस ग्राम की कीमतें 59,600 रुपए हो गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स की बात करें तो सोना 185 रुपए की बढ़त के साथ कारोबार करता दिख रहा है. एमसीएक्स पर दस ग्राम सोने की कीमतें 59,573 रुपए हो गई है.

सोने के साथ चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है. एमएसीएक्स पर चांदी की कीमतों में 377 रुपए की तेजी देखी जा रही है. 377 रुपए की बढ़ते के साथ चांदी की कीमतें 74, 320 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई हैं. वहीं सर्राफा बाजार में भी चांदी की कीमतों में 350 की तेजी दर्ज की गई है.

3000 रुपए की हो चुकी है बढ़त

बीते 6 महीने की बात करें तो इस साल सोने में पहले 6 महीनों में 3000 रुपए की तेजी दर्ज की जा चुकी है. रुस-यूक्रेन वार की वजह से इस मेटल को सपोर्ट मिला जिसके कारण कीमतों में तेजी देखने को मिली. इस दौरान सोने की कीमतों में 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दरअसल सोने की बढ़ती कीमतों के पीछे कई फैक्टर काम करते हैं. अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरें बढाना और महंगाई का भी सोने की कीमतों पर असर होता है. वहीं जब इक्विटी मार्केट में गिरावट का रुख रहता है तो इसका सपोर्ट सोने-चांदी को मिलता है.

कब होता है सोना खरीदने का सही समय

अगर आप निवेश के लिहाज से सोना खरीदना चाहते हैं तो जब इसकी कीमतें गिर रही हो तब आपको आपके निवेश पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है. उदाहरण के तौर पर कोविड के दौरान और रुस-यूक्रेन वार के दौरान सोने की कीमतों में तेजी का रुख देखने को मिला था. इसके बाद इसकी कीमतें गिरनी शुरु हुई. अगर इस समय किसी ने सोने में निवेश किया होगा तो अब उसे बढ़ती कीमतों का फायदा मिल सकेगा.

रायपुर । पोल्ट्री फार्म अंडे का फंडा, सावन में आधा हो गया धंधा कोल्ड स्टोरेज में दस करोड़ अंडे|

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अंडे का फंडा, सावन में आधा हो गया धंधा कोल्ड स्टोरेज में दस करोड अंडे|

अंडे का फंडा, सावन में आधा हो गया धंधा कोल्ड स्टोरेज में रखने पड़े दस करोड अंडे

रायपुर । पोल्ट्री फार्म कारोबार पर सावन की बड़ी मार पड़ी है। अपने राज्य में रोज 70 लाख अंडों का उत्पादन होता है, लेकिन इस समय खपत आधी होने के कारण ठीक कोरोनाकाल की तरह अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ रहा है।

एक माह में करीब दस करोड़ अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। अभी एक माह सावन और है, ऐसे में करीब दस करोड़ और अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ेगा। अंडों की कीमत भी कम हो गई है। वहीं चिकन की खपत भी आधी होने के साथ इसकी कीमत 40 फीसदी कम हो गई है। सावन में हर साल पोल्ट्री का कारोबार मंदा हो जाता है, लेकिन इस बार सावन दो माह का होने के कारण इस कारोबार की कमर ही टूट गई है। छत्तीसगढ़ देश के ऐसे राज्यों में है, जहां अंडों का बड़ी संख्या में उत्पादन होता है। इसका उत्पादन रोका भी नहीं जा सकता है, यही वजह है कि कारोबारी परेशानी में हैं।

रोज की खपत अब 35 लाख ही

अंडों का उत्पादन अपने राज्य में रोज करीब 70 लाख होता है। इसमें से 50 फीसदी जहां अपने राज्य में खपत होती है, वहीं बाकी का 50 फीसदी दूसरे राज्यों में जाता है, लेकिन सावन के कारण पिछले एक माह से रोज की खपत 35 लाख से भी कम हो गई है। जहां बाहर के राज्यों में 50 फीसदी अंडे जा रहे हैं, वहीं बाकी की खपत 10 राज्य में हो रही है।

कीमत में भारी कमी

अंडों की कीमत इस बार गर्मी में आसमान पर चली गई थी। आमतौर पर गर्मी में कीमत बहुत कम रहती है, लेकिन इस बार थोक में 5.50 रुपए ओर चिल्हर में छह रुपए हो गई थी, लेकिन अब कीमत जमीन पर आ गई है। पोल्ट्री में जहां कीमत 3.80 रुपए है, वहीं थोक में 450 रुपए और चिल्हर में 4.75 से 5 रुपए है।

चिकन की खपत 50 लाख नग घटी

पोल्ट्री फार्म कारोबारियों के मुताबिक प्रदेश में एक माह में चिकन की खपत एक करोड़ नग होती है, लेकिन पिछले एक माह से यह खपत आधी होकर 50 लाख नग हो गई है। इसी के साथ कीमत में भी 40 फीसदी की कमी आ गई है। सावन से पहले चिल्हर बाजार में कीमत दो सौ रुपए किलो थी, जो इस समय 120 रुपए हो गई है। पोल्ट्री फार्म में कीमत 80 रुपए किलो है।

उत्पादन पूरा खपत आधी

पोल्ट्री कारोबारी धनराज बैनर्जी ने बताया कि, अंडों के साथ चिकन का उत्पादन तो पूरा हो रहा है, लेकिन में रखना पड़ खपत आधी हो गई है करोड़ों अंडों को कोल्ड स्टोरेज रहा है।

Heavy Rain Warning: छत्तीसगढ़, मप्र, बिहार, झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी।

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Heavy Rain Warning: छत्तीसगढ़, मप्र, बिहार, झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी
Heavy Rain Warning: छत्तीसगढ़, मप्र, बिहार, झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर. भारत मौसम विभाग(IMD) और स्काईमेट वेदर के अनुसार, आजकल में छत्तीसगढ़ के अलावा गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ हिस्सों और पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है।

भारत में मानसून का असर-विदर्भ, तेलंगाना, कोंकण में बारिश की पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत के विदर्भ, तेलंगाना, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, सौराष्ट्र और कच्छ, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और तमिलनाडु में हल्की बारिश संभव है।

उत्तर पश्चिम भारत में मानसून-उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश

1-4 अगस्त के दौरान उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की/मध्यम छिटपुट से लेकर काफी व्यापक वर्षा के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है; 2-4 अगस्त के दौरान हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश; हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान 3 और 4 तारीख को, पंजाब में 3 अगस्त को, 2 और 3 अगस्त को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 2 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

मध्य भारत में मानसून-छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

1-3 तारीख के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की/मध्यम छिटपुट से लेकर काफी व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है; 1 और 2 को उत्तरी छत्तीसगढ़, 2 और 3 को उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और 2 अगस्त को विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है। 2 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

पूर्वी भारत में मानसून-बिहार, ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी

1-4 अगस्त के दौरान बिहार में अलग-अलग स्थानों पर गरज/बिजली और भारी वर्षा के साथ हल्की/मध्यम से व्यापक वर्षा होने की संभावना है; 3 अगस्त के दौरान ओडिशा; 2 अगस्त के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में; 3 और 4 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, 2 अगस्त के दौरान ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।1 और 2 अगस्त को झारखंड, 1 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और 3 और 4 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम पर भारी बारिश के आसार हैं।

पूर्वोत्तर भारत में मानसून

अगले 5 दिनों के दौरान इस क्षेत्र में 3 और 4 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

पश्चिम भारत में मानसून-महाराष्ट्र, गोवा में भारी बारिश के आसार

अगले 4 दिनों के दौरान कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण भारत में मानसून

2-4 तारीख के दौरान तटीय कर्नाटक में हल्की/मध्यम व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

भारत में मानसूनी गतिविधियां-पिछले दिनों असम, ओडिशा, उत्तर प्रदेश में बारिश का असर

स्काईमेट वेदर के अनुसार, बीते दिन असम, ओडिशा, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हुई।

सिक्किम, गंगीय पश्चिम बंगाल, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

उत्तर पूर्व भारत, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, केरल, सौराष्ट्र और कच्छ प्रणाली, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और तमिलनाडु में हल्की बारिश हुई।

इन 3 तरीकों से कम हो जायेगा आपका बिजली बिल, हर महीने बचा सकते हैं हजारों रूपये।

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इन 3 तरीकों से कम हो जायेगा आपका बिजली बिल, हर महीने बचा सकते हैं हजारों रूपये
इन 3 तरीकों से कम हो जायेगा आपका बिजली बिल, हर महीने बचा सकते हैं हजारों रूपये

Reduce Electricity Bill : गर्मी के सीजन में बिजली के खपत इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि महीने का बिल भरने में आम आदमी के पसीने छूट जाते हैं। ऐसे में अगर आप कम बिजली के खर्च में इलेक्ट्रिक आइटम्स का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ आसान से टिप्स को फ्लो करना होगा।

LED बल्ब का इस्तेमाल

LED बल्ब सामान्य बल्ब के मुकाबले कम बिजली की खपत करते हैं, जिसकी वजह से बिल अपने घट जाता है। अगर एक घर में 4 से 5 बल्ब का इस्तेमाल किया जा रहा है और वह 100 वॉट की बिजली की खपत करते हैं, तो इससे महीने भर का बिल बढ़ जाता है। वहीं LED बल्ब 2 से 40 वॉट के बीच बिजली की खपत करते हैं, जबकि कमरे में पर्याप्त रोशनी भी करते हैं।

पुराने पंखों का न करें इस्तेमाल

अगर आपके घर में पुराने पंखे लगे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत बदल दीजिए। दरअसल पुरानी मोटर और ब्लैड्स ज्यादा बिजली की खपत करते हैं, जिसकी वजह से बिजली का बिल अधिक आता है। वहीं आज के एडवांस ब्लैड्स और मोटल वाले पंखें बिकते हैं, जो बिजली की कम खपत करते हैं और इससे बिल में कटौती करने में आसानी होती है।

इन्वर्टर AC का करें इस्तेमाल

गर्मी के सीजन में विंडो या स्प्लिट एसी के बजाय इंवर्टर एसी का इस्तेमाल करना काफी बजट फ्रेंडली साबित हो सकता है, जो बिजली की खपत बहुत ही कम करता है। इंवर्टर एसी में खास सिस्टम होता है, जिसकी वजह से कमरा ठंडा हो जाने की स्थिति में एसी ऑटोमेटिक तरीके से बंद हो जाता है और बेवजह बिजली की खपत नहीं करता है।

सुबह चार बजे आजादपुर मंडी पहुंचे राहुल गांधी, सब्जियों के रेट पर लोगों से की बात,

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सुबह चार बजे आजादपुर मंडी पहुंचे राहुल गांधी, सब्जियों के रेट पर लोगों से की बात,
सुबह चार बजे आजादपुर मंडी पहुंचे राहुल गांधी, सब्जियों के रेट पर लोगों से की बात, VIDEO

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार सुबह के 4 बजे दिल्ली के आजादपुर मंडी पहुंच गए. यहां वह सब्जी विक्रेताओं-व्यापारियों व अन्य लोगों से मिले. सब्जियों के दाम पर लोगों से बात की.

पिछले दिनों आजादपुर मंदी का वीडियो हुआ वायरल

पिछले दिनों आजादपुर मंदी से ही सब्जी विक्रेता का वीडियो वायरल हुआ था. आठ मिनट के इस वीडियो में रामेश्वर नाम का शख्स खाली ठेला लिए खड़ा है. रिपोर्टर उनसे पूछता है कि आप सुबह-सुबह आए थे, टमाटर लेने. रामेश्वर कहते हैं, हां, टमाटर लेने आए थे, लेकिन दाम देखकर हिम्मत नही हो रही है. टमाटर बहुत महंगा हो रहा है, तो नहीं ले रहे हैं. 120-140 दे रहे हैं. हमें ये लेकर घाटा लग जाएगा. फिर रिपोर्टर पूछता है कि आपका ठेला ऐसे खाली जाएगा, कुछ तो भरोगे टमाटर के अलावा. इसके बाद एक खामोशी छा जाती है… एक-एक सेकेंड बीतने की आवाज सुनाई देने लगे वैसी खामोशी.

रामेश्वर चुप होकर दाएं-बाएं देखते हैं और सिर झुकाकर गमछे से अपनी गीली आंखें सुखाते हैं. थोड़े संयत होते हैं. फिर वह बताते हैं कि वह जहांगीर पुरी में किराए पर रहते हैं, 4000 किराया है. रिपोर्टर पूछता है, कमाई कितनी होती है. रामेश्वर कहते हैं… 100 रुपये का रोज का भी हिल्ला (कमाई) नहीं है. इतना कहने के बाद एक बार फिर खामोशी पसर जाती है. रामेश्वर इसके बाद महंगाई पर कुछ और बातें करते हैं, फिर मंडी से खाली ठेला लेकर ही रुखसत होते दिखते हैं.

देश को दो वर्गों में बांटा जा रहा: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने भी 28 जुलाई को विक्रेता का वायरल वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था. साथ ही उन्होंने लिखा था कि देश को दो वर्गों में बांटा जा रहा है! एक तरफ सत्ता संरक्षित ताकतवर लोग हैं जिनके इशारों पर देश की नीतियां बन रही हैं और दूसरी तरफ है आम हिंदुस्तानी, जिसकी पहुंच से सब्जी जैसी बुनियादी चीज़ भी दूर होती जा रही है. हमें अमीर-गरीब के बीच बढ़ती इस खाई को भर, इन आंसुओं को पोंछना होगा.

अभी और बढ़ेंगे टमाटर के तेवर! इतना महंगा होगा कि अभी वाली कीमत लगेगी सस्ती, जान लें नया रेट।

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अभी और बढ़ेंगे टमाटर के तेवर! इतना महंगा होगा कि अभी वाली कीमत लगेगी सस्ती, जान लें नया रेट।

नई दिल्‍ली. करीब दो महीनों से आसमान छू रहे टमाटर के दाम अभी और करंट देने वाले हैं. गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों की परेशानी आगे आने वाले दिनों में और भी ज्‍यादा बढ़ सकती है. टमाटर के दाम 200 रुपये प्रति किलो के पार जा सकते हैं.

थोक व्‍यापारी ही करीब 200 रुपये की कीमत में टमाटर खरीदने को मजबूर हैं. ऐसे में समझा जा सकता है कि खुद्रा बाजार में इसकी कीमतें कहा तक जा सकती हैं. उत्‍तराखंड की मंडी में एक क्रेट टमाटर की कीमत 4,100 रुपये तक पहुंच गई है. एक क्रेट में 25 किलो टमाटर होते हैं. अगर इसमें मंडी प्रशासन को दी जाने वाली कमीशन, माल को दिल्‍ली तक लाने का किराया जोड़ लिया जाए तो यह कीमत दिल्‍ली की मंडी में 5,000 रुपये तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि टमाटर की कीमत खुद्रा बाजार में इतनी अधिक पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए लोगों को शायद आज की कीमत कम लगने लगे.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दिल्‍ली की केशापुर मंडी में सरदार टोनी सिंह नामक व्‍यापारी देहरादून स्थित विकास नगर से टामटर 4,100 रुपये प्रति क्रेट में लेकर आए हैं. टोनी सिंह ने कहा कि अपने जीवन काल में उन्‍होंने टमाटर के इतने अधिक दाम कभी भी नहीं देखे हैं. इस साल दामों ने बीते सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इस सीजन में आमतौर पर टमाटर 1,200 से 1,500 रुपये प्रति 25 किलो के दाम पर मिलता हैं.

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क्‍यों इतने महंगे हैं टमाटर? 

फिलहाल दिल्‍ली की रिटेल मार्केट में टमाटर 150 से 180 रुपये प्रति किलो पर बिक रहे हैं. टमाटर के व्‍यापारियों का कहना है कि देश में कुछ हिस्‍सों में बेहद अधिक मानसून की बारिश और कुछ क्षेत्रों में कम बारिश के कारण टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है. इस वक्‍त देश में टमाटर की भारी किल्‍लत है. यही वजह है कि जून से ही टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं.

इस वजह से किसानों ने कम लगाई टमाटर की फसल 

वेजिटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अनिल मल्‍होत्रा ने कहा कि दिल्‍ली को टमाटर की सप्‍लाई उत्‍तराखंड, महाराष्‍ट्र, हरियाणा और कर्नाटक से मिलती है. साल 2021 और 2022 में टमाटर की बंपर फसल हुई थी. तब किसानों को अपनी फसल को फेंकना पड़ा था क्‍योंकि बाजार भाव इतना कम था कि उससे फसल को मंडियों तक ले जाने का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा था. यही वजह है कि इस साल उत्‍तराखंड और देश के अन्‍य हिस्‍सों के किसानों ने इस साल टमाटर की फसल कम ही उगाई.

Price Cut: LPG सिलेंडर की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट, अगस्त के पहले ​ही दिन खुली आम लोगों की लॉटरी।

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Price Cut: LPG सिलेंडर की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट, अगस्त के पहले ​ही दिन खुली आम लोगों की लॉटरी।

LPG Price Cut: अगस्त महीने के पहले ही दिन आम लोगों को बड़ी खुशखबरी मिली है। तेल कंपनियों ने 1 अगस्त से LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी कटौती कर दी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती कर दी है।

इस कटौती के बाद 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की दिल्ली खुदरा बिक्री कीमत 1,680 रुपये हो गई है। जो कि 31 जुलाई तक 1,780 रुपये प्रति सिलेंडर थी। वहीं दूसरी ओर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 1 मार्च के बाद से 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

ताजा बढ़ोत्तरी के बाद महानगरों में दाम

देश की सबसे बड़ी गैस मार्केटिंग कंपनी इंडेन की वेबसाइट पर दी गई प्राइस लिस्ट के अनुसार, दिल्ली में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 1680 रुपये प्रति सिलेंडर होंगी। कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1802.50 रुपये, मुंबई में 1640.50 रुपये और चेन्नई में 1852.50 रुपये हो जाएगी।

LPG Rates From 2023

होटलों में खाने वालों को मिलेगी राहत

बता दें कि कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग होटलों या फिर सड़क किनारे के ठेले और खोमचे करते हैं। जहां बड़ी संख्या में आम लोग खाना खाते हैं। ऐसे में यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है, तो इसका असर होटलों की थाली पर भी दिखाई दे सकता है। यहां आपको जेब पर कुछ राहत महसूस हो सकती है।

पिछले साल से 296 रुपये घटे दाम

कीमतों में गिरावट की बात करें तो पिछले साल अगस्त के मुकाबले सिलेंडर के दाम में बहुत बड़ी कटौती दर्ज की गई है। अगस्त 2022 के मुकाबले अब कीमतें 296.5 रुपये कम हैं। 1 अगस्त 2022 को सिलेंडर की कीमतें 1976.50 रुपये थीं, वहीं आज कीमतें घटकर 1680 रुपये प्रति सिलेंडर आ गई हैं।

पिछले महीने घटे थे गैस के दाम

पेट्रोलियम कंपनियों ने जुलाई में दो बार 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया गया था। पहले जून की कीमतों में 83 रुपये की कटौती करते हुए एलपीजी के दाम 1856.50 से घटाकर 1 जुलाई को 1773.00 कर दिए गए थे। वहीं 4 दिन बाद ही कीमतों में फिर 7 रुपये का इजाफा करते हुए दाम 1780.00 रुपये हो गए थे। दिल्ली में 1 मई को 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1856.50 रुपये थी जो 1 जून को घटकर 1773 हो गई है।

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर

एक ओर जहां बीते कुछ महीनों से कमर्शियल एपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वहीं 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार पहली मार्च 2023 को 50 रुपये की बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी। जहां राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) 1103 रुपये में मिल रहा है, तो कोलकाता में आप इसे 1129 रुपये में खरीद सकते हैं।