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पेट्रोल पंप पर ये 6 चीजें हैं बिल्कुल फ्री, पैसा मांगे तो तुरंत करें शिकायत…

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अगर आप भी पेट्रोल पंप पर इन 6 तरह की सुविधाओं को इस्तेमाल करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. 6 तरह की सुविधाएं ग्राहकों के लिए एक दम फ्री है.

आपमें से बेहद ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि, हमारे देश के सभी पेट्रोल पंपों पर ये 6 चीजें बिल्कुल मुफ्त में ग्राहकों को दी जाती है. ज्यादातर लोग पेट्रोल पंप का इस्तेमाल केवल ईंधन भरवाने के लिए ही करते हैं, जबकि लोग यह भूल जाते हैं कि पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को खास तरह की सुविधाएं भी जाती है. मार्केटिंग अनुशासन दिशानिर्देशों (MDG) के तहत, इन तमाम सेवाओं के लिए पेट्रोल पंप ग्राहकों से किसी भी तरह का पैसे नहीं मांग सकता है. तो आइए इस खबर में जानते हैं कि किन 6 तरह की चीजें ग्राहकों को पेट्रोल पंप द्वारा मुफ्त में दी जाती है.

  1. ईंधन का कर सकते हैं फिल्टर पेपर टेस्ट

ईंधन भरवाते समय अगर आपको पेट्रोल या फिर डीजल की मात्रा में किसी भी तरह का संदेह है तो आप ‘फिल्टर पेपर टेस्ट’ की मांग बिना किसी परेशानी के बेहद ही आसानी से कर सकते हैं. तो वहीं, पेट्रोल पंप के कर्मचारी ऐसा करने पर आपको मना नहीं कर सकते हैं और न ही आपसे किसी भी तरह का चार्ज लिया जा सकता है.

  1. फर्स्ट एड किट की सुविधा

आपमें से बेहद ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि पेट्रोल पंप लोगों को एक तरह से फर्स्ट एड किट की सुविधा भी प्रदान करता है. सड़क पर दुर्घटना या फिर यात्रा के दौरान चोट लगने पर पेट्रोल पंप द्वारा लोगों को तुरंत फर्स्ट एड किट की मदद मिल सकती है.

  1. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था

फर्स्ट एड किट की सुविधा के साथ-साथ ग्राहकों को पेट्रोल पंप पर साफ पानी पीने की बेहतरीन सुविधा भी दी जाती है. पेट्रोल पंप के नियमों के मुताबिक, हर पेट्रोल पंप को आम जनता के लिए स्वच्छ और ठंडे पानी की व्यवस्था रखना बेहद ही अनिवार्य मानी जाती है, ताकि किसी भी पानी की समस्या से परेशान न होना पड़े.

  1. निःशुल्क और साफ शौचालय

साफ पानी के अलावा पेट्रोल पंप पर  निःशुल्क और साफ शौचालय की सुविधा भी देखने को मिलती है.जहां, आप बिना किसी परेशानी के साफ शौचालय का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जो ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त होता है.

  1. टायरों में मुफ्त में भरावा सकते हैं हवा

पेट्रोल पंप पर टायरों में हवा भरने की मशीन और एक कर्मचारी का होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. नियमों के अनुसार, टायरों में हहवा भरवाने के लिए आपको पैसे देने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. यह सुविधा ग्राहकों को पूरी तरह से फ्री में दिया जाता है.

  1. इमरजेंसी में फोन कॉल की सुविधा

और सबसे आखिरी में पेट्रोल पंप पर इमरजेंसी में फोन कॉल करने की ग्राहकों को खास तरह की सुविधा भी दी जाती है. अगर आपका मोबाइल फोन बंद है या फिर बैटरी पूरी तरह से खत्म हो गई है, तो आप पेट्रोल पंप पर जाकर फोन कॉल कर सकते हैं. दरअसल, ग्राहकों के लिए पेट्रोल पंप पर फ्री टेलीफोन की सुविधा का भी विकल्प है ताकि किसी भी तरह की इमरजेंसी में ग्राहक कॉल कर सके.

सुविधा नहीं मिलने पर कहां करें शिकायत?

देश के हर पेट्रोल पंपों पर एक शिकायत रजिस्टर का होना बेहद ही अनिवार्य है. ऐसा इसलिए है क्योंकि, अगर कोई पंप पर मिलने वाली तमाम सुविधाओं को देने से साफ इंकार करता है तो आप शिकायत रजिस्टर में अपनी शिकायत को दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा, pgportal.gov.in पर जाकर भी आप अपनी शिकायत के बारे में बता सकते हैं.

तमिलनाडु: 4 मई को आए चुनाव नतीजों में विजय की टीवीके के नेतृत्व में सरकार बनी…

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तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने पहले तो चुनाव में बंपर जीत सीटें जीतकर अपनी तीन साल पहले बनी पार्टी से चौंकाया. अब उनके एक कदम ने फिर से उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है. विजय थलपति ने अपने ज्योतिषी थिरु रिक्की राधान को तमिलनाडु सरकार में बड़ा पद देते हुए अपने ऑफिस में स्पेशल ड्यूटी यानी ओएसडी के पद पर नियुक्त किया है. राधन पंडित वहीं ज्योतिष हैं, जिन्होंने विजय की जीत की भविष्यवाणी की थी. सरकार ने उनकी नियुक्ति से जुड़ा आदेश पत्र भी जारी कर दिया है.

विजय की जीत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी

राधान पंडित ने चुनाव के पहले विजय की जीत की भविष्यवाणी कर दी थी. वह पूर्व में मुख्यमंत्री जयललिता के स्पिरिचुअल सेंटर के मेंटर भी रहे हैं. तमिलनाडु की राजनीति में उनका काफी सम्मान है. जयललिता भी किसी फैसले से पहले उनसे सलाह लेती रहीं थी. ऐसा तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा चर्चा रही है. जब विजय को इस चुनाव में जीत मिली, तो वह सबसे पहले विजय के घर पहुंचे थे.

जयललिता ने उन्हीं कहने पर बदली नाम की स्पेलिंग

कई राजनीतिक नेताओं के साथ उनके करीबी जुड़ाव और अहम फैसलों पर उनके प्रभाव ने सबका ध्यान खींचा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए 10 मई को दोपहर 3:15 बजे का समय तय किया था, लेकिन बाद में अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल की सलाह पर, एक शुभ मुहूर्त का हवाला देते हुए, विजय ने इसे सुबह 10 बजे कर दिया गया. बताया जाता है कि वेट्रिवेल इस पूरे सफर में हर कदम पर विजय की किस्मत को दिशा देते रहे हैं. जयललिता समेत कई बड़े राजनेता वेट्रिवेल से ज्योतिष सलाह लेते रहे हैं. यहां तक कि J Jayalalitha ने अपना नाम J Jayalalithaa के तौर पर उन्हीं के कहने पर बदला था.

चौंकाने वाले रहे थे तमिलनाडु विधानसभा के चुनावी नतीजे

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं. विजय की टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए, 234 में 108 सीटें जीती थीं. विजय को बहुमत हासिल नहीं हुआ था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस समेत अन्य दलों ने समर्थन देकर बहुमत के आंकडे़ तक पहुंचाया, और सरकार बनाने में भी अहम भूमिका निभाई. 10 तारीख को 10 बजे ही उन्हें अपने पद की शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने आप को ही सत्ता का केंद्र बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कई अहम फैसले लेते हुए राज्य में 200 यूनिट तक बिजली फ्री करने का ऐलान भी किया है.

देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए- CM योगी

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गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम में नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व आठमान भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुए.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन की ताकत का अहसास कराने बागपत आया हूं. इतिहास गवाह है कि सनातन धर्म ने कभी किसी पर जबरन आधिपत्य स्थापित नहीं किया. किसी को गुलाम नहीं बनाया. जब हम किसी पर जबरन शासन या भूमि पर कब्जा नहीं करते तो हमारा देश इसे कैसे स्वीकार कर सकता था. भारत लगातार विदेशी आक्रांताओं से जूझता रहा, सम-विषम परिस्थितियों में लड़ता रहा. जिन आक्रांताओं ने भारत के सनातन की आस्था के प्रतीक मठ-मंदिरों, तीर्थस्थलों को विखंडित करने का प्रयास किया, वे तीर्थस्थल पुनर्प्रतिष्ठा को प्राप्त कर गए, लेकिन आक्रांताओं का नामो-निशान नहीं बचा. वे सब मिट्टी में मिल गए. उनके खानदान तक का भी अता-पता नहीं है.

देश धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए– CM

सीएम योगी ने कहा कि धर्मो रक्षति रक्षितः, यानी आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा. स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करेंगे तो उससे नष्ट हुआ धर्म हमें भी नष्ट कर डालेगा. हमें जाने-अनजाने देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए. व्यक्तिगत क्षति की भरपाई हो सकती है, लेकिन धर्म की क्षति की भरपाई नहीं हो सकती. उसका खामियाजा वर्तमान और भावी पीढ़ी भी भुगतेगी.

सीएम योगी ने कहा कि आज 1000 वर्ष की दासता से मुक्ति के लिए सोमनाथ महादेव मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा का अमृत पर्व भी है. 1026 में विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था. 1951 में आज ही के दिन प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के करकमलों से पुनर्प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर आज सोमनाथ मंदिर में उपस्थित रहे. मुझे भी काशी विश्वनाथ महादेव के चरणों में इस आयोजन से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ. आज ही के दिन अटल जी ने ऑपरेशन शक्ति के अंतर्गत पोखरण में तीन परमाणु विस्फोट किए थे. यह बताता है कि हमारी शक्ति हमारे सामर्थ्य की प्रतीक तो है ही, विश्व कल्याण के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

सीएम योगी ने कहा कि बागपत का इतिहास महाभारत कालीन है. भगवान कृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से जो पांच गांव मांगे थे, उनमें एक बागपत भी था. चार वर्ष पहले आया था तो यह बहुत छोटा सा स्थान था, लेकिन अर्जुन नाथ जी व उनके सहयोगी ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने इसे तीर्थ बना दिया है. विरासत की रक्षा ऐसे ही होती है. बागपत की इसी धरा ने किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को जन्म दिया था. यहां के डॉ. सत्यपाल सिंह ने मुंबई पुलिस के मुखिया के रूप में कानून का शासन स्थापित किया. चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल केंद्र व राज्य सरकार के साथ मिलकर बागपत समेत प्रदेश व देश के विकास के लिए नित नए कीर्तिमान स्थापित करने में सहायक हो रहा है.

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक केंद्रों की पुनर्प्रतिष्ठा हो रही है. हम अतीत से जुड़कर ही उज्ज्वल भविष्य की कामना कर सकते हैं. हम काशी विश्वनाथ मंदिर का अपमान विस्मृत नहीं कर सकते. हम अयोध्या के लिए निरंतर लड़ते रहे और डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर का निर्माण हुआ. पूर्वजों ने हमें राम-राम का संबोधन दिया, क्योंकि जब भी अभिवादन करेंगे तो प्रभु का स्मरण करेंगे. राम मंदिर का निर्माण उन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता है. सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्मभूमि, महाकाल में महालोक, केदारपुरी, विंध्यवासिनी धाम का पुनरुद्धार कार्य हुआ. प्रयास यही रहे कि हमारे घर ही नहीं, बल्कि तीर्थस्थल, देवी-देवताओं के स्थल भी सुरक्षित हों.

सीएम ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के योगी रूप हैं. योगी रूप में उन्होंने धर्म की अलख जगाने के लिए जनजागरण के विशाल कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था. उनके सिद्धों, योगियों ने गुलामी कालखंड में भी जन-जागरण के अभियान को निरंतरता प्रदान की. वे योगी गांव-गांव जाकर सारंगीवादन व भजन के माध्यम से समाज को एकजुट कर विदेशी आक्रांताओं का मुकाबला करने के लिए तैयार करते थे, यही उनकी राष्ट्रभक्ति थी. उनके भजनों में संदेश भी होता था कि आक्रांता आ रहा है, तैयार हो जाओ. इससे पहले कि वह आपके गांव व घर तक पहुंचे,  उसका काम तमाम कर डालो. योगी सिर्फ गुफाओं, धूनी, मंदिरों तक सीमित नहीं रहे. धर्म व संस्कृति पर हमला होगा तो योगी बैठेगा नहीं, बल्कि मुकाबला कर मुंहतोड़ जवाब देगा. जो संकट के समय निडरता से खड़ा हो, वही संत है. संकट में पलायन करने वाला संत नहीं हो सकता.

इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री जसवंत सिंह सैनी, केपी मलिक, सांसद राजकुमार सांगवान, तिजारा राजस्थान के विधायक बाबा बालकनाथ, विधायक अजय कुमार, योगेश धामा, महंत अर्जुननाथ, महंत चेताईनाथ, पीर लहरनाथ, पीर महंत हरिनाथ, समुद्रनाथ, शेरनाथ, जिताई नाथ, पीर राजनाथ जी महाराज, हरिनाथ जी महाराज, श्रीकृष्ण नाथ, महंत मिथिलेश नाथ, पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे.

Big Breaking: America के रुख से पाकिस्तान में मची हलचल…

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Big Breaking: America के रुख से पाकिस्तान में मची हलचल…

| US Iran War | Pakistan | Middle East

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद हुए सीजफायर पर अब खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम अब “लाइफ़ सपोर्ट” पर है।

ट्रंप के मुताबिक तेहरान की ओर से भेजा गया प्रस्ताव उन्हें पसंद नहीं आया और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में तनाव फिर बढ़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद हुए सीजफायर पर अब खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम अब “लाइफ़ सपोर्ट” पर है।

ट्रंप के मुताबिक तेहरान की ओर से भेजा गया प्रस्ताव उन्हें पसंद नहीं आया और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में तनाव फिर बढ़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद हुए सीजफायर पर अब खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम अब “लाइफ़ सपोर्ट” पर है।

ट्रंप के मुताबिक तेहरान की ओर से भेजा गया प्रस्ताव उन्हें पसंद नहीं आया और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में तनाव फिर बढ़ सकता है।

250 करोड़ रुपये की ड्रग फैक्ट्री मामले में दाऊद के करीबी सलीम डोला को हिरासत में लेगी क्राइम ब्रांच, होगी पूछताछ…

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यह मामला सांगली में पकड़ी गई उस बड़ी ड्रग फैक्ट्री से जुड़ा है, जहां मुंबई क्राइम ब्रांच ने पहले छापेमारी कर करीब 250 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की थी.

देशभर में फैले नारकोटिक्स नेटवर्क से जुड़े मामलों में से एक सांगली ड्रग्स फैक्ट्री मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी और कथित ड्रग माफिया सलीम डोला से पूछताछ के लिए मंगलवार (12 मई, 2026) रात मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल अपनी हिरासत में लेने जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला को हाल ही में तुर्की में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) उसे भारत लेकर आया. दिल्ली लाए जाने के बाद उसे मुंबई शिफ्ट किया गया, जहां उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं.

जांच एजेंसियों के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच आज देर रात सलीम डोला की आधिकारिक कस्टडी लेगी और उसके बाद उससे गहन पूछताछ शुरू की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि डोला से पूछताछ में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

यह मामला सांगली में पकड़ी गई उस बड़ी ड्रग फैक्ट्री से जुड़ा है, जहां मुंबई क्राइम ब्रांच ने पहले छापेमारी कर करीब 250 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की थी. इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और डोला से पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है.

AC हो गया पुराना! अब बिना बिजली घर को बर्फ जैसा ठंडा रखेगा Nescod Technology, जानिए कैसे करेगा काम…

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Nescod Technology: यह तकनीक एंडोथर्मिक डिसॉल्यूशन नाम के प्रोसेस पर आधारित है. इसमें अमोनियम नाइट्रेट नामक नमक को पानी में मिलाया जाता है.

दुनियाभर में बढ़ती गर्मी और बिजली की बढ़ती खपत के बीच वैज्ञानिक लगातार ऐसे विकल्प खोज रहे हैं जो कम ऊर्जा में ज्यादा राहत दे सकें. इसी दिशा में सऊदी अरब के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो बिना लगातार बिजली इस्तेमाल किए कमरे को ठंडा कर सकती है.

इस नई तकनीक का नाम Nescod रखा गया है जिसका पूरा नाम No Electricity and Sustainable Cooling on Demand है. खास बात यह है कि यह सिस्टम पुराने AC की तरह भारी बिजली या कंप्रेसर पर निर्भर नहीं करता बल्कि एक खास कैमिकल प्रोसेस के जरिए ठंडक पैदा करता है.

कैसे काम करती है Nescod तकनीक?

यह तकनीक एंडोथर्मिक डिसॉल्यूशन नाम के प्रोसेस पर आधारित है. इसमें अमोनियम नाइट्रेट नामक नमक को पानी में मिलाया जाता है. जब यह नमक पानी में घुलता है तब आसपास की गर्मी को अपने अंदर खींच लेता है. इसी वजह से तापमान तेजी से नीचे आने लगता है. आसान भाषा में कहें तो यह प्रक्रिया वातावरण की गर्मी सोखकर ठंडक पैदा करती है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम किसी भारी मशीनरी या लगातार बिजली पर निर्भर नहीं है इसलिए इसे दूरदराज और गर्म इलाकों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

सिर्फ 20 मिनट में तापमान पहुंचा 3.6°C तक

टेस्टिंग के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि यह तकनीक बेहद तेजी से काम करती है. करीब 25 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले वातावरण को यह सिस्टम सिर्फ 20 मिनट में लगभग 3.6 डिग्री सेल्सियस तक ले आया. रिसर्च में यह भी सामने आया कि अमोनियम नाइट्रेट दूसरे कई सामान्य कूलिंग सॉल्ट्स की तुलना में लगभग चार गुना ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.

खुद को दोबारा तैयार कर लेता है सिस्टम

Nescod तकनीक की सबसे खास बात इसकी रीजनरेशन क्षमता है. आमतौर पर एयर कंडीशनर लगातार बिजली खपत करते हैं लेकिन यह सिस्टम अलग तरीके से काम करता है. जब अमोनियम नाइट्रेट गर्मी सोख लेता है और पानी में पूरी तरह घुल जाता है तब सौर ऊर्जा की मदद से पानी को दोबारा वेपर में बदला जाता है. इससे नमक फिर से क्रिस्टल के रूप में तैयार हो जाता है और दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाता है. यानी यह एक ऐसा कूलिंग सिस्टम है जो सूरज की एनर्जी से खुद को रीसेट कर सकता है.

पानी की बचत भी करेगी तकनीक

गर्म और सूखे इलाकों में पानी की कमी बड़ी समस्या होती है. ऐसे में वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को इस तरह डिजाइन किया है कि वाष्पित पानी को दोबारा इकट्ठा करके फिर से इस्तेमाल किया जा सके. इससे पानी की बर्बादी कम होगी और सिस्टम लंबे समय तक टिकाऊ तरीके से काम कर सकेगा.

बिजली संकट वाले इलाकों के लिए बड़ी उम्मीद

आज दुनिया में एयर कंडीशनिंग बिजली खपत का बहुत बड़ा हिस्सा बन चुकी है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक दुनिया की कुल बिजली खपत का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ कूलिंग सिस्टम में जाता है. सऊदी अरब जैसे देशों में गर्मियों के दौरान इमारतों को ठंडा रखने में भारी मात्रा में बिजली खर्च होती है. ऐसे में Nescod जैसी तकनीक बिजली की मांग को काफी हद तक कम कर सकती है. यह तकनीक उन इलाकों के लिए भी बेहद उपयोगी मानी जा रही है जहां बिजली की सप्लाई स्थिर नहीं है या बिल्कुल नहीं पहुंचती.

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बम धमाका, कम से कम 9 लोगों की मौत, आसिम मुनीर को फिर मिली चुनौती…

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक बार बड़ा धमाका हुआ है. यहां भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए ब्लास्ट में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है, जिसमें दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मंगलवार (12 मई, 2026) को भीषण बम धमाका हो गया. इस ब्लास्ट में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. अधिकारियों की मानें तो मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी राज्य में एक बार फिर आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ को चुनौती मिल रही है.

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत जिले के एक बाजार में भीषण धमाका हुआ है. इसमें कम से कम 9 लोगों की जान चली गई, जिसमें दो ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी शामिल हैं. इसके अलावा 23 लोग घायल भी हुए हैं.

धमाके के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के अनुसार, भीड़भाड़ वाले बाजार में व्यस्त समय के दौरान विस्फोटकों से लदे एक लोडर रिक्शा में विस्फोट हो गया. विस्फोट के तुरंत बाद बचाव दल 1122 घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों और घायलों को चिकित्सा उपचार के लिए नौरंग अस्पताल पहुंचाया. सूत्रों के मुताबिक, कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.

धमाके के तुरंत बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते के जवान घटनास्थल पर पहुंचे और सबूत जुटाने और जांच शुरू करने के लिए इलाके को घेर लिया. पुलिस ने बताया कि बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी भी बचाव कार्यों में सहायता करने और घायलों के लिए रक्तदान करने के लिए अस्पताल में जमा हुए.

बन्नू पुलिस चौकी ब्लास्ट में पाकिस्तान ने उठाया ये कदम

विदेश कार्यालय ने सोमवार (11 मई, 2026) को अफगान चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया था और बन्नू में हुए आतंकवादी हमले को लेकर अफगान तालिबान शासन को कड़ा विरोध पत्र सौंपा था. शनिवार की रात खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में फतेह खेल पुलिस चौकी को निशाना बनाकर किए गए कार बम विस्फोट में कम से कम 15 पुलिसकर्मी मारे गए और एक नागरिक सहित चार अन्य घायल हो गए.

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान ने 9 मई, 2026 को फतेह खेल पुलिस चौकी पर फ़ितना-अल-ख्वारिज से संबंधित आतंकवादियों द्वारा किए गए आईईडी हमले के संबंध में कड़ा विरोध दर्ज कराया है. बयान के अनुसार, पाकिस्तान ने बताया कि अब तक जुटाए गए सबूतों और तकनीकी खुफिया जानकारी के साथ-साथ विस्तृत जांच से संकेत मिलता है कि इस हमले की साजिश अफगानिस्तान में रहने वाले आतंकवादियों ने रची थी. पाकिस्तान ने अफगान धरती का लगातार इस्तेमाल किए जाने पर अपनी गंभीर चिंता दोहराते हुए कहा कि अफगान पक्ष को सूचित किया गया है कि पाकिस्तान हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निर्णायक जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है.

तेल-गैस की किल्लत और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच PM मोदी का विदेश दौरा…

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15 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों के दौरे पर रवाना होंगे. मिडिल ईस्ट तनाव के बीच PM मोदी का दौरा बेहद खास है क्योंकि इससे भारत के हित में तेल से लेकर एनर्जी तक रास्ते खुलेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों की एक अहम रणनीतिक यात्रा पर जा रहे हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ-साथ चार प्रमुख यूरोपीय देश शामिल हैं. यह यात्रा एक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. यह 5 दिवसीय यात्रा 15 मई से शुरू होकर 20 मई तक चलेगी और इस दौरान प्रधानमंत्री पांच देशों का दौरा करेंगे. अब सवाल उठता है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के माहौल में PM मोदी का दौरा क्यों हो रहा है और इसकी रणनीति क्या है?

PM मोदी UAE से दौरे की शुरुआत करेंगे…

  1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)- 15 मई: PM मोदी की यात्रा अबू धाबी से शुरू होगी. यानी पहले दिन ही  PM मोदी वहां जाएंगे. वहां वो राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मिलेंगे. ये हमारे देश के पुराने और भरोसेमंद दोस्त हैं. सबसे अहम बात है ऊर्जा सुरक्षा, मतलब तेल और गैस की जरूरत. आजकल जिस तरह की खबरें आ रही हैं, ऐसे में ये बात और ज्यादा अहम हो जाती है. इसके अलावा, UAE हमारे देश में बहुत बड़ा निवेशक भी है और वहां 45 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, तो उनकी भलाई के बारे में भी बात होगी. UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और एक प्रमुख निवेशक है.
  2. नीदरलैंड- 15 से 17 मई: UAE के बाद  PM मोदी जाएंगे नीदरलैंड. ये 2017 के बाद उनकी वहां दूसरी बार यात्रा है. यहां की खास बात ये है कि बातचीत का फोकस बिल्कुल नई तरह की तकनीकों और आइडिया पर रहेगा. मसलन, जल प्रबंधन (वो पानी को कैसे मैनेज करते हैं, क्योंकि वो इसमें दुनिया के उस्ताद हैं), सेमीकंडक्टर (जो इलेक्ट्रॉनिक चीजों का दिमाग होता है), ग्रीन हाइड्रोजन और नए-नए आविष्कार.  PM मोदी वहां के प्रधानमंत्री के साथ वहां के शादी परिवार से भी मुलाकात करेंगे. इस दौरान भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
  3. स्वीडन- 17 से 18 मई: अब बारी है स्वीडन की. यहां  PM मोदी प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से बात करेंगे. यहां चर्चा का मुद्दा होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, रक्षा, अंतरिक्ष और हमारे देश के नए स्टार्टअप्स को वहां कैसे बढ़ावा दिया जाए. इसके अलावा, पर्यावरण को बचाने वाली हरित क्रांति पर भी खूब बात होगी. दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक प्रमुख बिजनेस फोरम ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को भी संबोधित करेंगे. यहां एक बड़ा बिजनेस फोरम भी होगा जिसमें यूरोप की बड़ी-बड़ी कंपनियों के लोग आएंगे.
  4. नॉर्वे- 18 से 19 मई: ये सबसे खास है. 43 सालों में कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे नहीं गया है. अब इतने लंबे समय बाद  PM मोदी वहां जा रहे हैं. बड़ी बात ये है कि वो ‘भारत-नॉर्डिक’ नाम के एक बड़े शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता एक साथ होंगे. वहां के प्रधानमंत्री के साथ अलग से भी बैठक होगी. बातचीत का एजेंडा है हरित ऊर्जा, आर्कटिक क्षेत्र में मिलकर काम करना और समुद्री संसाधनों से जुड़ी नीली अर्थव्यवस्था. तो ये एक तरह से बिल्कुल नए रास्ते और नई संभावनाएं खोलने वाला दौरा है.
  5. इटली- 19 से 20 मई: यहां  PM मोदी की मुलाकात प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति से होगी. ये मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों नेता कुछ समय पहले ही G7 सम्मेलन में मिले थे. यहां वो पिछली बैठकों में तय की गई एक ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना’ की समीक्षा करेंगे. इस योजना में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और व्यापार जैसी चीजें शामिल हैं. मतलब, पुरानी बातों को आगे बढ़ाने और रफ्तार देने की तैयारी है.

PM मोदी की पूरी यात्रा का सबसे बड़ा मकसद क्या है?

ये सिर्फ इधर-उधर जाकर हाथ मिलाने और फोटो खिंचाने का दौरा नहीं है. इसके पीछे पूरी प्लानिंग और कई बड़े मकसद हैं:

  • ऊर्जा की चिंता दूर करना: आज के हालात में सबसे बड़ा डर यही है कि तेल-गैस की सप्लाई में कोई रुकावट न आ जाए. तो UAE और नॉर्वे जैसे देशों के साथ बात करके भारत अपनी जरूरतों की सप्लाई पक्की करना चाहता है.
  • नया कारोबार और निवेश लाना: भारत-यूरोप के बीच अभी-अभी एक बड़ा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ है. इस यात्रा के जरिए उसे तेजी से लागू करने और नई डील पक्की करने में मदद मिलेगी.
  • भविष्य की तकनीक में मदद लेना: नीदरलैंड से पानी मैनेजमेंट की तकनीक, स्वीडन से AI और स्टार्टअप की समझ लेना है. ये सब उधार नहीं लेना, बल्कि मिलकर काम करना है ताकि हमें भी फायदा हो.
  • दुनिया में अपनी मजबूत जगह बनाना: इस पूरी यात्रा से एक बड़ा संदेश जाता है कि चाहे दुनिया में कितनी भी उथल-पुथल क्यों न हो, भारत अपनी राह खुद चुनने वाला एक मजबूत और भरोसेमंद देश है. वो यूरोप और खाड़ी देशों सबके साथ मिलकर काम कर सकता है.

तो कुल मिलाकर, ये एक बहुत बड़ा रणनीतिक दांव है जिससे भारत एक साथ अपनी ऊर्जा सुरक्षा, नई टेक्नोलॉजी, व्यापार और दुनिया में अपनी ताकत, सब कुछ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

NEET पेपर लीक को लेकर गुस्से में राहुल गांधी, पीएम मोदी से कहा ये….

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राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को ‘भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था’ ने कुचल दिया. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है.

हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में करने गया था कांड, गोलियों के साथ शख्स गिरफ्तार…

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हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को गुवाहाटी में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह स्थल से असम पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार (12 मई) को गुवाहाटी में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री की शपथ ली. हिमंत के अलावा 4 विधायकों रामेश्वर तेली, अजंता नेओग, AGP के अतुल बोरा और BPF के चरण बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इनमें 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं. शपथ ग्रहण समारोह स्थल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और उसके पास से कथित तौर पर कुछ गोलियां बरामद की गईं हैं. असम पुलिस ने यह जानकारी दी है.

पुलिस अधिकारियों ने क्या बताया
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि खानपारा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान एक व्यक्ति के पास से गोलियां बरामद की गईं है. एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उसे बसिष्ठ पुलिस थाने ले जाया जा रहा है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है. उन्होंने कहा,‘‘ गोलियां बरामद होने से संबंधित परिस्थितियों और क्या इसमें कोई सुरक्षा खतरा शामिल था, यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.’

क्या बोलीं हिमंत बिस्वा सरमा की बेटी
हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में उनके परिजन भी शामिल हुए. इस दौरान उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यहां आकर हम बहुत खुश हूं. सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां ने कहा कि यह बहुत ही खुशी का पल है.

कौनकौन हुआ शामिल
बता दें कि मंगलवार को यह घटना राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य द्वारा हिमंत विश्व शर्मा को मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाने से कुछ ही मिनट पहले हुई है. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और NDA के 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने शिरकत की. इस समारोह में कई राजनयिक और प्रमुख उद्योगपति भी शामिल हुए.