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2000 रुपये की नोट वापसी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का आया बड़ा फैसला, जानें आप पर क्या होगा असर

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसी साल मई में 2000 रुपये के नोट की वापसी का बड़ा फैसला लिया. जिसके बाद से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया जारी है. इधर नोट वापसी को लेकर आरबीआई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.

कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. आरबीआई के 19 मई के फैसले को चुनौती देने वाली यह दूसरी ऐसी जनहित याचिका थी.

याचिका में क्या की गयी थी मांग

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गयी थी, जिसमें 2000 रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता रजनीश भास्कर गुप्ता ने दलील दी थी कि आरबीआई के पास दो हजार रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की कोई शक्ति नहीं है और इस संदर्भ में केवल केंद्र सरकार ही फैसला कर सकती है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि आरबीआई के पास किसी भी मूल्य के बैंक नोट को बंद करने का निर्देश देने की कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है. यह शक्ति केवल वर्ष 1934 के आरबीआई अधिनियम की धारा 24 (2) के तहत केंद्र सरकार के पास निहित है.

हाई कोर्ट की दो जजों की पीठ ने याचिका खारिज की

न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने याचिकाओं को खारिज करने का फैसला किया. आरबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि 2000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे. इसी पीठ ने हाल ही में उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें 2000 रुपये बदलने की अनुमति को चुनौती दी गई थी.

2,000 रुपये के नोट को लेकर एक और याचिका को हाई कोर्ट ने किया था खारिज

इससे पहले, हाई कोर्ट ने वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका को खारिज कर दिया था. याचिका में दावा किया गया था कि बिना किसी साक्ष्य के 2,000 रुपये के बैंक नोट को बदलने की सुविधा देने वाली वाली आरबीआई और एसबीआई की अधिसूचनाएं मनमानी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बनाये गये कानून के खिलाफ है. इस बारे में उच्च न्यायालय ने कहा था कि नागरिकों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए ऐसा किया गया है. अदालत ने यह भी कहा कि वह किसी नीतिगत निर्णय पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं कर सकती.

आरबीआई ने 19 मई को 2000 के नोट को चलन से वापस लेने का लिया था फैसला

गौरतलब है कि आरबीआई ने 19 मई को दो हजार रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी और कहा था कि मौजूदा नोट को 30 सितंबर तक बैंक खातों में जमा किया जा सकता है या बदला जा सकता है.

ये हैं दुनिया के सबसे महंगे टमाटर, कीमत इतनी कि एक आलीशान बंगला खरीद लें लोग!

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ये हैं दुनिया के सबसे महंगे टमाटर, कीमत इतनी कि एक आलीशान बंगला खरीद लें लोग!

ये हैं दुनिया के सबसे महंगे टमाटर, कीमत इतनी कि एक आलीशान बंगला खरीद लें लोग!

Expensive Tomato: किलो में बिकने वाले टमाटर को लोग अब ग्राम में खरीद रहे हैं। जिस टमाटर को एक महीने पहले कोई पूछ नहीं रहा है वो आज 200 रुपये किलो के भाव पर बिक रहा है। टमाटर के तेवर तीखे हो गए हैं और इसका असर हर जगह देखने को मिल रहा है।

मई के हफ्ते में 40-45 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर के भावों में ऐसा उछाल आया कि लोग इसे पाव में खरीदने लगे। ये तो रही घर-घर में इस्तेमाल होने वाले टमाटर की बात। चलिये हम आपको बताते हैं ऐसे टमाटर के बारे में, जिसकी कीमत जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

बताया जा रहा है कि एक खास तरह के टमाटर की एक किलो की कीमत 3 करोड़ रुपये है। इतने पैसे, जिसमें आप एक आलीशान घर ले सकते हैं और साथ ही खूब सारे गहने खरीद सकते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर इस टमाटर में ऐसी क्या खास बात है जो ये इतना महंगा बिक रहा है। चलिये समझते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो इस खास टमाटर के सिर्फ एक बीज से ही 20 किलो टमाटर उगाए जा सकते हैं। इन टमाटर की फसल भी अच्छी खासी होती है। साथ ही इस तरह की प्रजाति के टमाटर के बीज भी नहीं होते। इतनी महंगी कीमत के बावजूद इस टमाटर की मार्केट में काफी डिमांड है।

ये तो रही कीमत और बीज की बात, अब बात करते हैं इसके स्वाद पे। जानकारी के मुताबिक, इस टमाटर का स्वाद ऐसा होता है कि अगर किसी ने एक बार इसे चख लिया तो वो बार-बार इसे खाना पसंद करेगा। ऐसे में इसे खाने के बाद खुद को दोबारा रोक पाना बेहद मुश्किल है।

इस हाई क्वालिटी टमाटर के बीजों का प्रोडक्शन हजेरा जेनेटिक्स करती है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी का फोकस नए तरह के बीजों का उत्पादन करना है। कंपनी ग्रोअर्स और किसानों के लिए बीज बनाती है। बीज की प्रोसेसिंग और डिलीवरी का प्रोसेस भी काफी लंबा है। एक बीज को कई सारे मानकों पर खरा उतरना पड़ता है, जिसमें कमर्शियल स्टैंडर्डर्स से लेकर क्वालिटी तक शामिल है।

CG Weather Update : छत्‍तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 24 घंटे बाद बारिश के आसार, जानें ताजा अपडेट

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रायपुर। मानसून की बारिश के बाद जून का कोटा लगभग पूरा हो गया है। वहीं, पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हुई है, इसकी वजह से लोगों को अब फिर से धूप की तपिश के साथ गर्मी का अहसास होने लगा है।

हालांकि दिनभर बादलों की आंख-मिचौली की वजह से लोगों को तेज धूप से काफी राहत मिल रही है।

इसी बीच मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को रायपुर में बादल आंशिक रूप से छाए रहेंगे और शाम या रात तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं, जबकि दो दिनों के बाद फिर से सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है और प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

दो दिनों तक अधिकतम तापमान में नहीं होगा कोई विशेष बदलाव

साथ ही सिस्टम के सक्रिय होने से पहले तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। जबकि मंगलवार शाम से सिस्टम के सक्रिय होने के बाद फिर से झमाझम बारिश होने की संभावना है। वहीं, रविवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 37 डिग्री सेल्सियस सारंगढ़ में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस कबीरधाम में दर्ज किया गया।

यह बन रहा सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में दो सिस्टम चल रहा है। जिसमें एक मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल बीकानेर, दौसा, ग्वालियर, सीधी, अंबिकापुर, बालासोर और पूर्वोत्तर की ओर बंगाल की खाड़ी तक विस्तारित है। साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। इसकी वजह से सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

दो दिनों के बाद अनेक स्थानों पर होगी बारिश

माैसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के बाद प्रदेशभर में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और वज्रपात होने की भी संभावना है।

ऐसा रहेगा आज का तापमान

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान

रायपुर 34.0 27.0

बिलासपुर 35.6 27.2

दुर्ग 32.8 26.4

राजनांदगांव 35.0 26.6

जगदलपुर 34.4 25.5

Amit Shah Chhattisgarh Visit : छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी के आने से पहले अमित शाह संभालेंगे मोर्चा, लेंगे बड़ी बैठक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पखवाड़ेभर के भीतर दूसरी बार प्रदेश दौरे पर आएंगे। शाह का पांच और छह जुलाई को रायपुर में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक लेने के बाद छह जुलाई की शाम को वापस चले जाएंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात जुलाई को रायपुर आएंगे। इससे पहले अमित शाह पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कहा जा रहा है कि शाह की बैठक में चुनाव तैयारियों पर ही प्रमुख रूप से चर्चा होगी। अभी तक अधिकारिक रूप से उनके आने का शेड्यूल जारी नहीं हुआ है।

अगर अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा तय होता है तो केंद्रीय गृहमंत्री का 15 दिनों में यह दूसरी बार प्रदेश दौरा होगा। इससे पहले अमित शाह 22 जून को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आए थे। इस दौरान शाह पद्मश्री पंडवानी गायिका उषा बारले के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। इसके बाद दुर्ग में एक जनसभा को संबोधित किया।

बतादें कि आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव होना है। जिसके चलते सियासी गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी साल होने की वजह से राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का छत्तीसगढ़ दौरा भी तेज हो गया है।

छत्‍तीसगढ़ के 45000 संविदा कर्मचारी आज से हड़ताल पर, नियमितीकरण की मांग को लेकर करेंगे आंदोलन

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रायपुर । नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी तीन जुलाई से निश्चितकालीन आंदोलन की शुरूआत करेंगे।

छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले होने वाले इस आंदोलन में राज्यभर के 45 हजार संविदा कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष कौशलेंद्र तिवारी व प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि तीन से नौ जुलाई तक सभी विभागों के संविदा कर्मचारी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करेंगे, वहीं 10 जुलाई से राजधानी में राज्य स्तरीय आंदोलन होगा।

अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने जन घोषणा-पत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की घोषणा की थी। इस अनिश्चितकालीन आंदोलन में स्वास्थ्य विभाग, मनरेगा सहित पंचायत विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना व अन्य विभाग के संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। संविदा कर्मचारी बीते साढ़े चार वर्ष से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया है।

इन विभागों में सबसे ज्यादा संविदा कर्मचारी

महासंघ के पदाधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग में 15000 संविदा कर्मचारी कार्यरत है। इसके बाद पंचायत विभाग में 5000, स्कूल, उच्च शिक्षा, कृषि आदि विभागों में संविदा अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। अनिश्चितकालीन आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाओं में विपरीत असर पड़ने की आशंका है। पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के संदर्भ में 26 जुलाई को राज्य सरकार को अवगत करा दिया गया है।

छत्‍तीसगढ़ में शाह की सक्रियता पर लखमा ने कसा तंज

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दोबारा छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। अमित शाह के 13 दिनों में दूसरी बार छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर शाह की सक्रियता पर छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने तंज कसा है।

मंत्री लखमा ने अमित शाह के प्रदेश दौरे को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बजरंग बली ने अमित शाह को लात मार दिया। अब भगवान भी उनके साथ नहीं है तो जनता कहां से उनके साथ होगी।

कांग्रेस में शामिल हुए सुकमा के 30 आदिवासी

कवासी लखमा ने उस वक्त यह बयान दिया जब सुकमा के 30 आदिवासी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। ये सभी आदिवासी गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं। इन सभी लोगों ने आबकारी मंत्री कवासी लखमा के सामने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पखवाड़ेभर के भीतर दूसरी बार प्रदेश दौरे पर आएंगे। शाह का पांच और छह जुलाई को रायपुर में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक लेने के बाद छह जुलाई की शाम को वापस चले जाएंगे।

बतादें कि आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव होना है। जिसके चलते सियासी गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी साल होने की वजह से राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का छत्तीसगढ़ दौरा भी तेज हो गया है।

Manufacturing PMI: देश में विनिर्माण की रफ्तार तेज, मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई मई के मुकाबले हल्की गिरकर 57.8 रही

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Manufacturing Purchasing Managers’ Index: देश में मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियां अच्छी रफ्तार से चल रही हैं और जून का मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का आंकड़ा इसका सबूत है. इस साल जून के महीने में अभी तक का दूसरा सबसे अच्छा मैन्यूफैक्चरिंग यानी विनिर्माण का आंकड़ा आया है.

एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के एक हालिया सर्वे के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई (PMI) का आंकड़ा जून में 57.8 पर आया है जो इससे पिछले महीने मई के मुकाबले मामूली कम है.

कितना रहा था मई में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई

मई में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का आंकड़ा 58.7 पर रहा था जो कि लगातार 2 साल से 50 के ऊपर के आंकड़े को दिखा रहा है. जून में भी ये मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई डेटा 50 से ऊपर रहा है जो कि 2 साल से ज्यादा की तेजी को बरकरार रखे हुए है.

जून में मामूली गिरावट का क्या रहा कारण

ऊंचे महंगाई दर के दबाव के बावजूद अच्छी डिमांड के कारण जून में आर्थिक विनिर्माण गतिविधियां तेज रही हैं. हालांकि डेटा दिखाता है कि मई में इससे कुछ बेहतर स्थिति रही थी. देश में आउटपुट ग्रोथ अच्छी रहने से इस बात का भी संकेत मिलता है कि रोजगार के मोर्चे पर स्थिति बेहतर रहेगी. इंडस्ट्रियल डिमांड और आउटपुट के अच्छे संतुलन का भी ये एक इंडीकेटर है.

क्या है मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई?

मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई की संख्या 50 से ज्यादा आने का मतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती है और विनिर्माण गतिविधियों की रफ्तार अच्छी है. वहीं अगर 50 से नीचे रहती है तो इसका मतलब होता है कि अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है.

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलीजेंस की इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलिएना डी लीमा (Pollyanna De Lima) ने कहा कि ये आंकड़ा दिखाता है कि भारत में बन रही वस्तुओं की अच्छी मांग का सिलसिला जारी है. ये घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों के लिए लागू हो रहा है. पॉजिटिव क्लाइंट सपोर्ट के दम पर मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री को मजबूती मिली है.

Maharashtra Political Crisis : महाराष्ट्र में सियासी घमासान

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NCP Political Crisis: अजित पवार के एनसीपी विधायकों को तोड़कर एनडीए में शामिल होने की बात अब महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग तक पहुंच गयी है. महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अजित पवार के साथ ही 8 अन्य मंत्रियों की अयोग्यता की भी मांग की है.

उन्होंने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखा है. इस बारे में चुनाव आयोग को भी एक ईमेल भेजा गया है. उन्होंने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखा है. इस बारे में चुनाव आयोग को भी एक ईमेल भेजा गया है.

आखिर कहां पड़ा बगावत का बीज?
शरद पवार ने बेटी सुप्रिया सुले और वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था. ये भी बता दें, एनसीपी में दूसरे नंबर के नेता कहे जाने अजित पवार के लिए कोई भूमिका तय नहीं थी. दूसरी तरफ एनसीपी के 25वें स्थापना दिवस पर अजित ने संकेत दिए थे की वे नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ना चाहते हैं. उस समय अजित पवार ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. उनके करीबी जयंत पाटिल इस पद को संभाल रहे थे. गौरतलब है कि, कई दिनों से ये अनुमान लगाया जा रहा था कि अजित पवार एनसीपी को छोड़कर बीजेपी के साथ चले जाएंगे.

क्या शरद पवार को थी भनक?
सुप्रिया सुले को एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ था और पार्टी को सबसे बड़ी बगावत देखनी पड़ गयी. अजित पवार ने चाचा से बगावत कर शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम की शपथ ले ली. सवाल उठ रहे हैं कि शरद पवार जैसे बड़े सियासी दिग्गज को अपनी ही पार्टी में बगावत की भनक कैसे नहीं लगी. बता दें, कल अजित पवार ने NDA में शामिल होकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

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पेट्रोल-डीजल के रेट अपडेट, सबसे सस्ता तेल ₹79.74 लीटर

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Petrol Diesel Price 3 July 2023: सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने रोजाना की तरह आज भी पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दी हैं। आज 412वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के रेट में राहत है। घर से निकलने से पहले पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार जरूर चेक कर लें।

आज सबसे सस्ता पेट्रोल ₹84.10 और डीजल ₹79.74 प्रति लीटर है। इस रेट पर तेल पोर्ट ब्लेयर में मिल रहा है। इंडियन ऑयल के नए रेट के मुताबिक देश में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान में है। श्रीगंगानगर में पेट्रोल की कीमत ₹113.48 है, जबकि डीजल ₹98.24 में बिक रहा है। बता दें 21 मई 2022 को पेट्रोल-डीजल के रेट में बदलाव हुआ था।

मानसून के आते ही जून में डीजल बिक्री घटी

मानसून के आते ही कृषि क्षेत्र में मांग घटने और वाहनों की आवाजाही कम होने से जून में डीजल की बिक्री घटी है। जून में डीजल की खपत सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत घटकर 71 लाख टन रही। गौरतलब है कि देश में डीजल सर्वाधिक खपत वाला ईंधन है और कुल मांग में इसकी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे पहले अप्रैल और मई में डीजल की खपत क्रमश: 6.7 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत बढ़ गई थी, क्योंकि इस दौरान कृषि मांग बढ़ गई थी और गर्मी से बचने के लिए कारों में एयर कंडीशनिंग का सहारा लिया। मासिक आधार पर डीजल की खपत लगभग स्थिर रही। मई में डीजल की बिक्री 70.9 लाख टन थी।

यहां ईंधन 100 के पार

पेट्रोल कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब, मणिपुर,पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, केरल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु ,आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के सभी जिलों में पेट्रोल 100 रुपये के पार है। पेट्रोल-डीजल के रेट में राहत के बावजूद आज भी ओडिशा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में डीजल 100 रुपये से ऊपर है।

दूसरी ओर कच्चा तेल भी 75 डॉलर के नीचे है। ब्लूमबर्ग एनर्जी के मुताबिक ब्रेंट क्रूड का अगस्त वायदा भाव 75.14 डॉलर प्रति बैरल पर है। डब्ल्यूटीआई का अगस्त का वायदा अब 70.36 डॉलर प्रति बैरल पर है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मार्च, 2022 में 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं।

  • पटना में पेट्रोल 107.24 और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर है।
  • अमृतसर में पेट्रोल 98.74 और डीजल 89.04 रुपये लीटर बिक रहा है।
  • चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपये और डीजल के भाव 94.24 रुपये है।
  • इंदौर में पेट्रोल 108.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.94 रुपये है।
  • जयपुर में पेट्रोल 108.48 रुपये लीटर और डीजल 93.72 रुपये है।
  • महाराष्ट्र के मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये वहीं, डीजल 94.27 रुपये लीटर के रेट से बिक रहा है।
  • चंडीगढ़ में पेट्रोल 96.20 और डीजल 84.26 रुपये लीटर है।

:शानदार रिटर्न: सेंसेक्स और निफ्टी ने मुनाफा देने में सोने को पीछे छोड़ा

  • दिल्ली में पेट्रोल ₹96.72 लीटर व डीजल ₹89.62 पर स्थिर है।
  • फरीदाबाद में पेट्रोल 97.49 रुपये और डीजल 90.35 रुपये प्रति लीटर है।
  • लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.76 रुपये लीटर है।
  • गाजियाबाद में एक लीटर पेट्रोल 96.50 रुपये और, डीजल 89.68 रुपये में मिल रहा है।
  • अहमदाबाद में पेट्रोल 96.42 रुपये और डीजल 92.17 रुपये लीटर है।
  • नोएडा में पेट्रोल की कीमत 96.79 और डीजल 89.96 रुपये है।

NATO को मजबूत करने तीन देशों का दौरा करेंगे जो बिडेन, व्हाइट हाउस ने जारी किया पांच दिवसीय यात्रा का शेड्यूल

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 अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन तीन देशों का दौरा करने जा रहे हैं। अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान वे तीन देश जाएंगे। राष्ट्रपति बिडेन 9 जुलाई से 13 जुलाई तक विदेशी यात्रा पर रहेंगे।

वे यूरोप के देशों की यात्रा करेंगे।

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) गठबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति जो बिडेन तीन देशों की यात्रा कर रहे हैं। वे यूनाइटेड किंगडम, लिथुआनिया और फिनलैंड की यात्रा के लिए यूरोप जाएंगे।

व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि राष्ट्रपति जो बिडेन 9 से 13 जुलाई तक तीनों देशों की यात्रा पर रहेंगे। कहा कि अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बिडेन हमारे देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने के लिए किंग चार्ल्स III और प्रधान मंत्री ऋषि सुनक के साथ बातचीत के लिए सबसे पहले लंदन की यात्रा करेंगे।

इसके बाद वह 74वें नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 11 से 12 जुलाई तक लिथुआनिया की यात्रा करेंगे। इसके बाद यूएस-नॉर्डिक लीडर्स समिट के लिए फिनलैंड का दौरा करेंगे।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जो बिडेन की यूरोप यात्रा का उद्देश्य रूसी आक्रामकता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन को मजबूत करना है। बिडेन की पांच दिवसीय यात्रा का मुख्य फोकस इस साल लिथुआनिया के विनियस में आयोजित वार्षिक नाटो शिखर सम्मेलन होगा। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अप्रैल में 31 देशों के सैन्य गठबंधन में नॉर्डिक देश के प्रवेश के उपलक्ष्य में हेलसिंकी, फ़िनलैंड और ब्रिटेन में रुकने की भी योजना बनाई गई है।