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राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उठाए गंभीर सवाल…

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राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के ढांचे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिका से डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (डीडीजी) के आयात के उद्देश्य के बारे में सवाल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारतीय पशुओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिलर्स ग्रेन खिलाने का खतरा है, और यह भी पूछा कि क्या इससे भारतीय दूध उत्पादन अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर हो जाएगा।

व्यापार समझौते के प्रभाव पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के नाम पर भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि डीडीजी के आयात का असली मतलब क्या है? क्या इसका अर्थ यह है कि भारतीय पशुओं को जीएम अमेरिकी मक्का खिलाया जाएगा? क्या इससे हमारा दूध उत्पादन अमेरिकी कृषि पर निर्भर नहीं हो जाएगा?

कांग्रेस सांसद ने यह भी बताया कि यदि अमेरिका से आनुवंशिक रूप से संशोधित सोयाबीन तेल का आयात किया जाता है, तो इसका मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और अन्य राज्यों के सोयाबीन किसानों पर क्या असर पड़ेगा? उन्होंने यह भी पूछा कि ‘अतिरिक्त उत्पाद’ का क्या अर्थ है और क्या यह संकेत है कि भारत को समय के साथ दालों और अन्य फसलों के लिए अमेरिकी आयात के लिए खोलने का दबाव झेलना पड़ेगा?

भारतीय किसानों के अधिकार

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि आनुवंशिक रूप से संशोधित सोयाबीन तेल का आयात किया जाता है, तो हमारे सोयाबीन किसानों को एक और मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ‘अतिरिक्त उत्पाद’ में वास्तव में क्या शामिल है और क्या भारत पर आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों के प्रति अपना रुख नरम करने का दबाव होगा। गांधी ने जोर देकर कहा कि भारतीय किसानों को इन महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट उत्तर पाने का अधिकार है।

नसीमउद्दीन सिद्दीकी का समाजवादी पार्टी में शामिल होना: उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़…

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नसीमउद्दीन सिद्दीकी का समाजवादी पार्टी में प्रवेश

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमउद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को समाजवादी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया।

यह कदम पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में उठाया गया और यह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल के बीच आया है।

समाजवादी पार्टी ने इस अवसर पर कई अन्य प्रमुख नेताओं का भी स्वागत किया, जिनमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता अनीस अहमद खान, जो फूल बाबू के नाम से जाने जाते हैं, अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा और दानिश खान शामिल हैं।

सिद्दीकी का कांग्रेस से इस्तीफा

सिद्दीकी ने 24 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दिया, जहां वे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। उनका इस्तीफा राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा के दौरान लखनऊ में हुई एक घटना के बाद आया, जब उन्हें कथित तौर पर कांग्रेस नेता का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर प्रवेश से रोका गया। इस घटना के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सिद्दीकी को एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में जाना जाता है।

बसपा में वापसी की अटकलें

कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सिद्दीकी बसपा में फिर से शामिल हो सकते हैं, क्योंकि उनका इस पार्टी के साथ कांशी राम के समय से गहरा संबंध रहा है। उन्हें मायावती का करीबी माना जाता था, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री के रूप में सेवा की।

सिद्दीकी ने अपने चारों कार्यकालों में कैबिनेट मंत्री का पद संभाला, लेकिन 2017 में उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद, वे अगले वर्ष कांग्रेस में शामिल हो गए। इस बीच, अनीस अहमद खान, जो पीलीभीत से तीन बार विधायक रह चुके हैं और मायावती सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।

CG: मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव…

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झरिया यादव महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय: मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा, 11.75 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

मजबूत समाज से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। सामाजिक समरसता, जागरूकता और सामूहिक चिंतन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खारीझरिया में आयोजित झरिया यादव महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने खारीझरिया में मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे महासम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समाज के प्रबुद्धजनों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। आज प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय संचालित हैं तथा प्रदेश में मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी निरंतर स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यादव समाज की गौसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज के रूप में समाज ने सदियों से गौवंश संरक्षण और सेवा का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है तथा होली पर्व से पूर्व अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी।वनवासी परिवारों के हित में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

11.75 करोड़ के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में 11 करोड़ 75 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपये की लागत के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार रुपये की लागत के एक विकास कार्य का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में झरिया यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री जगनिक यादव सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

CG: आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

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‘रायगढ़ प्रवास के दौरान अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री, गुरु दर्शन कर लिया आशीर्वाद’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान  ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर के प्रिय शिष्य पूज्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन कर स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा हमारी सबसे बड़ी धरोहर है और अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यहाँ आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और नैतिक दिशा प्रदान करती है, जो जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की भावना पहुँचाना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

CG: बिजली उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ याचिकाओं पर जन-सुनवाई…

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इस जनसुनवाई में मोहलामानपुरअम्बागढ़ चौकी, राजनांदगांव, खैरागढ़छुईखदानगंडई एवं कबीरधाम जिले के विद्युत उपभोक्ता हो सकेंगें शामिल

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर राजनांदगांव क्षेत्र (राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले) के उपभोक्ताओं के लिए जन-सुनवाई आयोजित की जा रही है। सीएसईआरसी द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के विभिन्न उपभोक्ताओं को उक्त जनसुनवाई की प्रक्रिया में हिस्सा लेने हेतु क्षेत्रवार ऑनलाईन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्य की बिजली कंपनियों (उत्पारायपुर कार्यालय में प्रत्यदन, पारेषण, वितरण एवं लोड डिस्पैच सेंटर) द्वारा प्रस्तुत याचिकाओं पर आम जनता, किसान और उद्योगपति अपने सुझाव व आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।

राजनांदगांव क्षेत्र के लिए ऑनलाइन जनसुनवाई

राजनांदगांव क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आयोग के रायपुर कार्यालय से सीधे जुड़ने के लिए दिनांक 17 फरवरी 2026 को दोपहर 3ः00 बजे से 04ः30 बजे तक राजनांदगांव शहर के पार्रीनाला स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव पर उपस्थित हो सकते हैं।

रायपुर कार्यालय में प्रत्यक्ष जनसुनवाई

यदि कोई उपभोक्ता सीधे रायपुर आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात रखना चाहता है, तो दिनांक 19 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक कृषि एवं कृषि संबंधी कार्य, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक घरेलू उपभोक्ता एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक गैर-घरेलू उपभोक्ता उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी तरह 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक स्थानीय निकाय, नगर निगम एवं ट्रेड यूनियन आदि, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक निम्न दाब उद्योग एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक उच्च दाब उद्योग अपनी सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे।

याचिकाओं का विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है। राजनांदगांव क्षेत्र के सभी इच्छुक सम्मानीय उपभोक्ता और विभिन्न संगठन इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने सुझाव दे सकते हैं।

CG: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना…

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जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में 16 फरवरी को मार्गदर्शन शिविर

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत बेरोजगार युवाओं हेतु विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म श्रेणी के खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने 16 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे से संयुक्त कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कमरा नंबर 01 कलेक्टोरेट परिसर राजनांदगांव में एक दिवसीय मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेने के इच्छुक नागरिक शिविर में अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड पासबुक की कापी जमा कर पंजीयन करा सकते है। योजना के तहत 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

CG: दौलतराम ने ग्रीष्मकालीन धान के बदले लगाई धनिया की फसल…

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– किसानों को धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
– उद्यानिकी विभाग की ओर से दिया गया 20 किलो धनिया बीज

जिले में उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर के किसान श्री दौलतराम साहू ने 2.5 एकड़ में धनिया की फसल लगाई है।

उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग से इसके लिए मदद मिली है तथा 20 किलो धनिया बीज प्राप्त हुआ है। फसल चक्र परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फसल लगाई है। विशेषकर फल धनिया से उन्हें मार्च-अप्रैल में इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के बहुत से लाभ है।

धान की फसल की अपेक्षा धनिया की खेती में कम पानी लगता है। भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है, लागत कम आती है और बीमारी कम होती है। धान की फसल की तुलना में अन्य फसलों से अधिक लाभ हो रहा है।

शासन द्वारा चना, सरसों एवं अन्य फसलों की भी खरीदी करने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को और भी लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंत्रीपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए  प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एक मुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। यह किसानों के लिए बहुत ही खुशी की बात है।

CG: जिला स्तरीय समन्वय एवं एमआईएस सहायक पद के संबंध में दावा आपत्ति 20 फरवरी तक…

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अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम एवं नियमों के प्रभावी व सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर तथा चिन्हित अनुभाग स्तर पर जिला स्तरीय समन्वय (समन्वय-वन अधिकार अधिनियम) एवं एमआईएस सहायक (सहायक-वन अधिकार अधिनियम) पद हेतु निर्धारित मानदेय पर एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है।

जारी पात्र-अपात्र सूची के संबंध में 20 फरवरी 2026 शाम 4 बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजनांदगांव कमरा नंबर 65 में साक्ष्य व आवश्यक अभिलेख के साथ स्वयं आपत्ति प्रस्तुत कर दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। जारी पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन राजनांदगांव जिले की वेबसाईट के माध्यम से किया जा सकता है।

CG: शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम अंतर्गत आईवायसीएफ (एमएए) प्रशिक्षण संपन्न…

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शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम अंतर्गत 9 से 12 फरवरी  2025 तक जिला चिकित्सालय में चार दिवसीय आईवायसीएफ (एमएए) प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग ऑफिसर एवं एएनएम को शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम की जानकारी दी गई।

आईवायसीएफ (एमएए)  कार्यक्रम जन्म से लेकर 2 वर्ष तक के शिशु स्वास्थ्य एवं विकास के लिए स्तनपान एवं पूरक आहार पद्धति को बढ़ावा दिए जाने वाली एक पहल है।

जिसके तहत शिशु को जन्म से एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करवाना, शिशु के शुरू के 6 माह तक केवल माँ का ही दूध ही पिलाया जाना व शहद, पानी, अन्य कोई भी पदार्थ नहीं पिलाया जाना, शिशु के 6 माह पूरे होने के बाद स्तनपान के साथ-साथ दलिया, मसला हुआ खाना, अन्य सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार खाना शुरू करना, माताओं को शिशु आहार के सही तरीके के बारे में आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से परामर्श दिया जाना, कुपोषण की रोकथाम शिशु के मृत्यु दर में कमी लाना बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।

शिशु विशेषज्ञ रोग डॉ. ओमेश खुराना, प्रोफेसर शासकीय नर्सिंग कॉलेज राजनांदगांव डॉ. उमा शेंडे, ग्रामीण चिकित्सा सहायक मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी श्री राकेश गुप्ता, काउंसलर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ श्री हितेंद्र कोसरे द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।