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देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू को कितनी मिलती थी सैलरी, तब से अब तक कितना हुआ इजाफा?

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क्या आपको पता है कि जब से देश आजाद हुआ तब से अब तक पीएम की सैलरी में कितना इजाफा हुआ है. अगर नहीं तो आज हम आपको पूरी डिटेल्स बताते हैं.

आज के समय में जब प्रधानमंत्री की सैलरी लाखों रुपये में है, तब यह जानना दिलचस्प है कि आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को कितनी तनख्वाह मिलती थी. आइए डिटेल्स जानते हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार आज प्रधानमंत्री को हर महीने करीब 2.80 लाख रुपये वेतन मिलता है. लेकिन साल 1950 के आसपास हालात बिल्कुल अलग थे. उस समय देश नया-नया आजाद हुआ था तब सैलरी बेहद कम हुआ करती थी.  आजादी के बाद मंत्रियों और सांसदों के वेतन को तय करने के लिए एक कानून बनाया गया. इसी के तहत प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों का वेतन 3000 रुपये प्रति माह तय किया गया. इसके साथ 500 रुपये का एक भत्ता भी मिलता था, जो अतिरिक्त खर्चों के लिए था.

पहले उनका वेतन 3000 रुपये तय हुआ. लेकिन नेहरू ने इसे घटाकर 2250 रुपये कर दिया. कुछ समय बाद उन्होंने इसे और कम करवा कर केवल 2000 रुपये प्रति माह कर लिया.500 रुपये का जो भत्ता तय था, उसका उपयोग भी बहुत सोच-समझकर किया जाता था. यह राशि निजी आराम के लिए नहीं, बल्कि आधिकारिक जरूरतों के लिए थी. उस समय सरकारी खर्च को लेकर बहुत सख्ती थी.

आज से तुलना

अगर आज की सैलरी से तुलना करें, तो फर्क बहुत बड़ा दिखता है. आज प्रधानमंत्री का वेतन करीब 2.80 लाख रुपये प्रति माह है. समय के साथ महंगाई बढ़ी, जिम्मेदारियां बढ़ीं और उसी के अनुसार वेतन में भी बढ़ोतरी हुई. आज के समय में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षित स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की टीम तैनात रहती है, जो हर समय उनके साथ रहती है. आधिकारिक दौरों के लिए प्रधानमंत्री के पास विशेष विमान एयर इंडिया वन उपलब्ध रहता है. साथ ही प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास लोक कल्याण मार्ग पर स्थित है. इसके अलावा भी कई साड़ी सुविधाएं पीएम को मिलती हैं.

पीएम की क्या होती हैं जिम्मेदारियां?

भारत का प्रधानमंत्री देश की सरकार का सबसे प्रमुख चेहरा होता है. यह पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे शासन तंत्र को दिशा देने का केंद्र है. प्रधानमंत्री कई अहम भूमिकाएं निभाते हैं, जो देश की नीतियों, सुरक्षा, संसद और विदेश संबंधों तक फैली होती हैं. प्रधानमंत्री कैबिनेट के प्रमुख होते हैं. कैबिनेट में अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्री शामिल होते हैं. देश से जुड़े बड़े फैसले, नीतियां और योजनाएं इसी समूह में तय होती हैं, और इसकी अगुवाई प्रधानमंत्री करते हैं.

प्रधानमंत्री लोकसभा के नेता होते हैं. सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले, चर्चा सही ढंग से हो और जरूरी काम समय पर पूरे हों इसकी जिम्मेदारी भी प्रधानमंत्री पर होती है. देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सलाह देने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं. सुरक्षा, रक्षा और आतंरिक शांति से जुड़े निर्णयों में उनकी अहम भूमिका होती है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं. अन्य देशों के साथ संबंध बनाना, उन्हें मजबूत करना और वैश्विक बैठकों में भारत की बात रखना उनकी जिम्मेदारी है.

तमिलनाडु में नई सरकार पर सस्पेंस बरकार! VCK ने TVK के समर्थन के लिए विजय के सामने रखी ये शर्त….

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VCK terms For TVK Supports: VCK प्रवक्ता के.के. पावलन ने कहा कि पार्टी प्रमुख थिरुमावलवन आज शाम 4 बजे TVK को समर्थन देने या न देने पर अंतिम फैसला घोषित करेंगे.

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है. अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को समर्थन देने से पहले थोल थिरुमावलवन की पार्टी विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने कई बड़ी शर्तें सामने रख दी हैं. सूत्रों के मुताबिक, VCK ने सरकार में हिस्सेदारी के तहत उपमुख्यमंत्री पद और अहम मंत्रालयों की मांग की है.

उपमुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़ी VCK
सूत्रों के अनुसार, VCK चाहती है कि पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए. इसके अलावा पार्टी अपने नवनिर्वाचित विधायकों के लिए कैबिनेट मंत्री पद भी मांग रही है. इस मुद्दे पर शुक्रवार शाम डिजिटल माध्यम से हुई पार्टी की बैठक में चर्चा हुई.

विजय की सीट पर भी नजर
सूत्रों ने बताया कि अगर विजय तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट छोड़ते हैं, तो VCK चाहती है कि वहां से थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें. माना जा रहा है कि विजय चेन्नई की पेरम्बूर सीट अपने पास रख सकते हैं.

आज शाम हो सकता है बड़ा ऐलान
VCK प्रवक्ता के.के. पावलन ने कहा कि पार्टी प्रमुख थिरुमावलवन आज शाम 4 बजे TVK को समर्थन देने या न देने पर अंतिम फैसला घोषित करेंगे. शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्हें इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था.

दलित आरक्षण और आयोगों पर भी चर्चा
बैठक में पिछली सरकार द्वारा गठित जातीय हत्याओं की जांच आयोगों को जारी रखने और सरकारी नौकरियों में दलितों के लिए पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

कांग्रेस विधायकों को हैदराबाद भेजा गया
सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम विधायकों की संभावित ‘जोड़-तोड़’ से बचाने के लिए उठाया गया है.

बहुमत से सिर्फ 10 सीट दूर TVK
23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की TVK ने 108 सीटें जीती थीं और वह बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 10 सीट पीछे रह गई. इसके बाद TVK ने कांग्रेस, CPI, CPM और VCK जैसी पार्टियों से समर्थन मांगा है.

छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन बारिश के आसार, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना; IMD ने जारी…

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मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है।

गर्मी के बीच शुक्रवार को बिलासपुर जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम बदलने से लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी के बाद मौसम सुहाना होने से लोगों ने राहत महसूस की।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। सुबह बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई। सुबह के समय मौसम का असर अधिक देखने को मिला, जब शहर में हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवा चलती रही।

द्रोणिका के कारण बदल रहा मौसम

मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तराखंड के ऊपर सक्रिय है। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में द्रोणिका और हवा की अनियमित गति का असर भी बना हुआ है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदला है। विभाग ने शनिवार 9 मई को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है। साथ ही एक-दो स्थानों पर वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।

11 मई के बाद गरज-चमक की गतिविधियों में कमी आएगी

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में बादल छाए रहने और मेघगर्जन की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 11 मई के बाद गरज-चमक की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। रायपुर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री, सुकमा में 38.8, बिलासपुर में 37.4 और जगदलपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बारिश होते ही गुल हुई बिजली

हालांकि बारिश और तेज हवा के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही कई मोहल्लों में बिजली बंद हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर सुबह के समय बिजली कटौती होने से घरों और दुकानों में काम प्रभावित रहा।

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब घर बैठे मिलेगा नया बिजली कनेक्शन…

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छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब नए बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब नए बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता घर बैठे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, “मोर बिजली” मोबाइल एप और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि इस पहल से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी।

बिजली कंपनी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद आगे की सभी कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जाएगी। वहीं जो लोग ऑफलाइन आवेदन जमा करेंगे, उनके आवेदन को संबंधित वितरण केंद्र, जोन या उपसंभाग कार्यालय के हेल्प डेस्क पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी या इंजीनियर आवेदक के मोबाइल नंबर से आवेदन पंजीकृत करेंगे।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी नए बिजली कनेक्शन के आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं से आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अपील की गई है।

बीजेपी ने पहली बार विधानसभा चुनावों में 293 में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री बनेंगे…

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शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शनिवार को शपथ ली. इसी के साथ राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनी. शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनने वाले भाजपा के पहले नेता हैं. राज्यपाल आर. एन. रवि ने यहां ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे.  शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के तुरंत बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने नई मंत्रिपरिषद में मंत्री के रूप में शपथ ली. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निशीथ प्रामाणिक और क्षुदिराम टुडू को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

भाजपा ने शपथग्रहण समारोह के लिए ब्रिगेड परेड मैदान को चुना, जो कभी वाम दलों की विशाल रैलियों का गढ़ था और बाद में तृणमूल कांग्रेस के लिए भी एक प्रमुख राजनीतिक मैदान रहा. पश्चिम बंगाल में भाजपा के उदय के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शपथ ली. इस दौरान भाजपा के हजारों समर्थक समारोह स्थल पर पहुंचे. उन्होंने भगवा झंडे लहराए और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए.

भाजपा ने हाल में हुए चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट हासिल कीं. इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया और पूर्वी भारत में भाजपा ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता दर्ज की. इस समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, सांसद, उद्योगपति और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हुईं. अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को हराया और नंदीग्राम सीट भी बरकरार रखी. उन्हें शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था.

खरीफ सीजन 2026: सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने की समीक्षा, 8800 करोड़ के कृषि ऋण का लक्ष्य. समितियों में खाद-बीज की कमी न हो, किसानों की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें’

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खरीफ सीजन 2026: सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने की समीक्षा, 8800 करोड़ के कृषि ऋण का लक्ष्य. समितियों में खाद-बीज की कमी न हो, किसानों की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें’

खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर राज्य के किसानों को खाद, बीज और ऋण की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पैक्स (पीएएक्स) समितियों में किसानों की मांग के अनुसार समय पर खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएं।

कृषि ऋण और खाद भंडारण की स्थिति

चालू सीजन के लिए 8,800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 741 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। कुल 10 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 5.42 लाख मीट्रिक टन (54 प्रतिशत) का भंडारण पूरा हो चुका है। वर्तमान में समितियों में यूरिया (2.56 लाख टन), डीएपी (67 हजार टन), एनपीके (1.01 लाख टन), पोटाश (39 हजार टन) और एसएसपी (78 हजार टन) उपलब्ध है।

वैकल्पिक उर्वरकों पर जोर

मंत्री श्री कश्यप ने डीएपी की संभावित वैश्विक कमी को देखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए और किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

प्रमाणित बीजों की आपूर्ति

बैठक में जानकारी दी गई कि इस सीजन के लिए 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग है। अब तक 81,640 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया जा चुका है। मंत्री श्री कश्यप ने बीज निगम को समितियों में जल्द से जल्द शेष आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, मार्कफेड एमडी श्री जितेंद्र शुक्ला, बीज निगम एमडी श्री अजय अग्रवाल, अपेक्स बैंक एमडी श्री के.एन. कांडे सहित कृषि और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार 2026- सुशासन तिहार के शिविर में 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को मिली राहत…

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– आमगांव कु. में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 882 आवेदन प्राप्त
– हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ’

राजनांदगांव: राज्य शासन की मंशानुसार जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत आमगांव कु. में जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली तथा विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही समस्याओं के समाधान की पहल की गई।

क्लस्टर आमगांव कु शिविर में 13 ग्राम पंचायत अछोली, आमगांव, चिरचारीकला, चिरचारीखुर्द, घुपसाल, हालाडुला, केरेगांव, खुर्सीटिकुल, कुमरदा, मुंजालकला, मुंजालपथरी, सागर एवं सोमाझीटीया के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों से प्राप्त मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदनों का त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निराकरण करना था। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, वन, श्रम तथा पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में कुल 882 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सभी आवेदन मांग संबंधी थे। विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्काल निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया।

शिविर के दौरान शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को अभिनंदन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं बिहान महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु 12 लाख रूपए के ऋण स्वीकृति चेक वितरित किए गए। इसके अलावा नवीन राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति पत्र, स्वच्छता किट एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई तथा पोषण किट का वितरण किया गया। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भूआर्य, श्रीमती अनीता मंडावी एवं श्रीमती बीरम मंडावी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता घासी साहू, जनपद पंचायत सदस्य श्री एकांत चंद्राकर, श्रीमती लक्ष्मी मंडावी, श्रीमती भेष बाई, श्रीमती भारती देवांगन, डॉ. ओम प्रकाश चंद्रवंशी, श्रीमती पिंकी देवपंद्रो, जनपद पंचायत सीईओ श्री होरीलाल साहू, तहसीलदार श्री विजय कोठारी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर से ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग तक, Google करेगा भारत में अरबों रुपए का निवेश!

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गूगल भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रोन और सर्वर निर्माण में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है. यह निवेश भारत के डिजिटल भविष्य और AI अर्थव्यवस्था में गूगल की बड़ी भागीदारी दर्शाता है, जो देश के विकास में महत्वपूर्ण होगा.

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि Google भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रोन और सर्वर के निर्माण के क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है. X पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पोस्ट शेयर करते हुए गूगल अधिकारियों के साथ मुलाकात की जानकारी देते हुए इस बात की जानकारी दी है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस साल कुल Capex में $185 बिलियन की बढ़ोतरी की घोषणा की है और निवेशकों की चिंताओं के बावजूद AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना निवेश दोगुना कर दिया है.

पिछले महीने Google Cloud Next 2026 समिट को संबोधित करते हुए सुंदर पिचाई ने कहा था कि कंपनी के मशीन लर्निंग कंप्यूट संसाधनों (रिसोर्स) का 50 फीसदी से अधिक हिस्सा विशेष रूप से कंपनी के क्लाउड कारोबार के लिए समर्पित (डेडिकेटेड) होगा.

Google का भारत पर बड़ा दांव

Google ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर (लगभग 1,41,705 करोड़) के निवेश की योजना की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी गीगावाट-स्केल AI इकोसिस्टम को स्थापित करेगी. अप्रैल में, गूगल ने AdaniConneX और Airtel की Nxtra के साथ साझेदारी में विशाखापत्तनम में India AI Hub प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था. आंध्र प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए तुरलुवाडा, रामबिल्ली और अदाविवरम क्षेत्रों में लगभग 600 एकड़ जमीन आवंटित की थी.

कंपनी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट भारत के डिजिटल भविष्य में अब तक के उसके सबसे बड़े निवेश का हिस्सा है. इस AI प्रोजेक्ट में भारत का पहला गीगावाट-स्केल AI हब शामिल है, जिसमें तीन डेटा सेंटर कैंपस हैं. भारत में गूगल के 15 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट में 1 GW का हाइपरस्केल AI डेटा सेंटर भी शामिल होगा.

Google Cloud के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस प्रेसिडेंट Bikash Koley ने कहा था कि AI Hub विकसित भारत 2047 के लिए एक नींव का काम करेगा और भारत के डिजिटल बदलाव तथा वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगा.

केरलम में कैसे CM चुनेगी कांग्रेस? रेस में शामिल इन 3 नामों को पार करने होंगे ये 3 फैक्टर…

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केरलम में मुख्यमंत्री की दौड़ में के. सी. वेणुगोपाल के साथ-साथ रमेश चेनिथला और वी. डी. सतीशन के नाम आगे चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री चयन को लेकर नाम फाइनल करने के बाद पार्टी आलाकमान पहले इन तीनों नेताओं को फोन पर फैसले की जानकारी देगा.

केरलम विधानसभा चुनाव परिणाम को आए 5 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं हो सका है. 10 साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सत्ता में लौटा है, लेकिन अभी भी सरकार के गठन को लेकर कवायद जारी है. केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने तिरुवनंतपुरम में नए विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों से विचार-विमर्श किया. कहा जा रहा है कि कांग्रेस केरल में नए मुख्यमंत्री के चुनाव से पहले 3 बड़े फैक्टर्स को ध्यान में रखकर फैसला करेगी.

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के हवाले से खबर है कि केरल में बैठक के बाद पार्टी 3 फैक्टर्स पर काम करेगी. पहला, कांग्रेस अपने विधायकों की राय लेगी. दूसरा, कांग्रेस विधायकों से चर्चा करने के बाद सहयोगी दलों को परखेगा. तीसरा, जनता के बीच जाकर लोकप्रियता यानि पब्लिक ओपिनियन जानने की कोशिश की जाएगी.

3 बड़े नेता मुख्यमंत्री की रेस में

फिलहाल राज्य में मुख्यमंत्री की दौड़ में 3 प्रमुख नेता के. सी. वेणुगोपाल के साथ-साथ रमेश चेनिथला और वी. डी. सतीशन के नाम आगे चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री चयन को लेकर नाम फाइनल करने के बाद पार्टी आलाकमान पहले इन तीनों नेताओं को फोन पर फैसले की जानकारी देगा. अगर तीनों नेता मुख्यमंत्री के नाम पर अपनी सहमति जताते हैं तो तुरंत ही मुख्यमंत्री का ऐलान कर दिया जाएगा.

अगर ये नेता मुख्यमंत्री के नाम पर राजी नहीं होते हैं तो उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा और फिर उन्हें मनाने की कोशिश की जाएगी. इसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा. साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सहयोगी दलों ने भले ही अपनी अलग-अलग राय रखी हो, लेकिन उसका कांग्रेस के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पार्टी अपने हिसाब से फैसला करेगी.

पर्यवेक्षक लगातार कर रहे मंथन

इस बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक अजय माकन ने कहा, “विधायकों ने एक लाइन का प्रस्ताव पास करके कांग्रेस आलाकमान को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दिया है. हमने उनकी अलग-अलग राय ली, उसे तैयार किया और रिपोर्ट बनाकर अब खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष) को सौंप दिया जाएगा.”

इससे पहले केरलम के अगले मुख्यमंत्री के चयन पर विचार के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षकों (मुकुल वासनिक और अजय माकन) ने कल गुरुवार को पार्टी विधायकों और गठबंधन सहयोगियों के साथ अलग-अलग बैठक की. पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार दे दिया. प्रस्ताव पारित होने के बाद, पर्यवेक्षकों ने पार्टी कार्यालय में विधायकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं ताकि नेतृत्व के मुद्दे पर उनकी राय जाना जा सकें.

US ने ईरानी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ड्रोन-मिसाइल के किए हमले…

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यूएई के ईरान पर ड्रोन हमलों के बाद हॉर्मूज में तनाव गहरा गया है. ईरान ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों और तेल टैंकरों पर हमला किया. यह संघर्ष खाड़ी में अमेरिका की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य यूएई को क्षेत्र में मजबूत करना और ईरान के प्रभाव को कम करना है.