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संसद के बाहर विपक्ष के सांसदों का हंगामा, हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग…

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संसद परिसर में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ मामले में लगाए गए आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग तेज हो गई।

कांग्रेस सांसदों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और संबंधित मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी सही बोल रहे हैं। किसानों के खिलाफ समझौता किया जा रहा है और वे इस नई डील के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। हम यह लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे हमें सदस्यता से ही क्यों न हटा दिया जाए।”

राजीव शुक्ला ने बांग्लादेश के चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की नई सरकार बनने जा रही है, जिसका नेतृत्व तारिक रहमान करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार भारत के साथ सहयोग और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “सदन में कुछ बयान सिर्फ चर्चा और कार्यवाही से ध्यान भटकाने के लिए दिए जाते हैं। वरना कुछ नहीं है, ये बयान सिर्फ मीडिया के लिए होते हैं। इनमें कोई असली गंभीरता नहीं होती।”

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ की एक पुनर्वास कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ गए हैं और कुछ बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में वहां इस तरह की अव्यवस्था गंभीर सवाल खड़े करती है।

लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा से सदन में शांति और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि हंगामा नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकार को जवाब देना चाहिए और विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे उठाने चाहिए। उन्होंने रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की मांग की। साथ ही उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक वकील की हत्या का मुद्दा उठाते हुए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग दोहराई।

नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों से बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लोगों को होगा फायदा, मिलेगी ज्यादा टैक्स छूट…

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से इनकम टैक्स के नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लोगों के लिए टैक्स छूट में इजाफा किया गया है।

दरअसल, नए इनकम टैक्स नियम 2026 के तहत पुरानी कर प्रणाली (ओल्ड टैक्स रिजीम)चुनने वाले वेतनभोगी व्यक्ति के लिए 50 प्रतिशत हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) छूट वाले शहरों की संख्या को बढ़ा दिया गया है।

मौजूदा समय में 50 प्रतिशत एचआरए छूट का फायदा केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में काम करने वाले कर्मचारियों को ही मिलता है, जबकि अन्य जगह के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत है। ड्राफ्ट में इन शहरों के साथ बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद का नाम जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।

ऐसे में इन शहरों में भी ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगी व्यक्ति भी 50 प्रतिशत एचआरए छूट का फायदा ले पाएंगे।

इसके अलावा, इनकम टैक्स के नियम 2026 के ड्राफ्ट में नियोक्ता द्वारा आंशिक रूप से निजी उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली कारों का काल्पनिक कर योग्य मूल्य बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत अब 1.6 लीटर इंजन क्षमता वाली कार के लिए 8,000 रुपए प्रति माह और इससे ऊपर की कारों के लिए 10,000 रुपए तक प्रति माह काल्पनिक कर योग्य मूल्य निर्धारित किया गया है। मौजूदा यह सीमा 2,700 रुपए प्रति माह और उच्च क्षमता वाली कारों के लिए 3,300 रुपए प्रति माह है।

इसके अलावा, ड्राफ्ट में नियोक्ताओं द्वारा प्रदान किए जाने वाले भोजन की कर-मुक्त सीमा चार गुना बढ़ाकर 200 रुपए प्रति भोजन करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार, नियोक्ता उपहारों पर वार्षिक छूट 5,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

वहीं, ड्राफ्ट नियमों में कर-मुक्त कर्मचारी ऋण के दायरे को भी बढ़ाया गया है और छूट की सीमा 20,000 रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

CG: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट देगा करोड़ों की सुरक्षा, बीमा–शिक्षा-शादी सब एक पैकेज…

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समझौते के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत कर्मचारियों को उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं और मजबूत होंगी.

छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और सुविधा की घोषणा की गई है. दरअसल, राज्य सरकार और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीच उन्नत वेतन पैकेज को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है. इस एमओयू के तहत राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अब न केवल बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि करोड़ों रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवच भी प्राप्त होगा.

इस समझौते के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत कर्मचारियों को उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं और मजबूत होंगी.

दुर्घटना बीमा में मिलेगा करोड़ों का सुरक्षा कवच

एमओयू के अनुसार, खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना की स्थिति में 1.25 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा. वहीं, हवाई दुर्घटना की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में भी 1.25 करोड़ रुपये तक का कवर और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस दिया जाएगा.

गोल्डन आवर इलाज और परिवार के लिए खास लाभ

इस वेतन पैकेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है. कर्मचारियों को गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही सामाजिक और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिटिया की शादी के लिए 10 लाख रुपये तक और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा.

इसके अलावा खाताधारक कर्मचारियों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ, वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा पर टॉप अप जैसी सुविधाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी. यह समझौता 10 फरवरी 2026 को वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल के अंचल प्रबंधक वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ.

CG: राज्यसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के किसानों की जान देने का मुद्दा, फूलोदेवी नेताम की सरकार से कर्जमाफी और मुआवजा देने की मांग…

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सांसद ने मांग करते हुए कहा, लाइन में खड़े आखिरी किसान को भी धान बेचने का टोकन मिलना चाहिए. एक – एक दाना खरीदना चाहिए.

कर्जमाफी और मुआवजा देने की मांग’

छत्तीसगढ़ में किसानों की जान देने की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में सरकार को कठघरे में खड़ा किया. कांग्रेस सांसद ने विशेष उल्लेख के माध्यम से कहा कि कृषि प्रधान देश में किसान जान देने को मजबूर है, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है. फूलोदेवी नेताम ने आत्महत्या करने वाले किसानों का पूरा कर्ज माफ करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और अंतिम किसान तक टोकन वितरण और उपज खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है.

संसद में फूलोदेवी नेताम ने उठाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मुद्दा

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि किसान बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करता है. फसल खराब होने या उपज का सही दाम नहीं मिलने पर वह कर्ज नहीं चुका पाता और मानसिक और आर्थिक दबाव में आकर जान देने जैसा कदम उठा लेता है. यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि नीतिगत असफलता का नतीजा है.

राज्यसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के किसानों का मुद्दा; टोकन व्यवस्था बनी किसानों की सबसे बड़ी परेशानी

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने धान खरीदी में आने वाली सबसे बड़ी दिक्कत टोकन वितरण की अव्यवस्था को बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी उपज लेकर खरीद केंद्रों में पहुंचते हैं, तो कई दिनों तक टोकन नहीं मिलता. बाद में जब सरकारी खरीदी बंद हो जाती है तो मजबूरी में किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बाजार में बेच देता है, जिससे वह और ज्यादा कर्ज में डूब जाता है.

धान खरीदी नहीं होने से कई जिलों में किसानों ने दी जान: सांसद

फूलोदेवी नेताम ने कहा, ”टोकन नहीं मिलने और धान खरीदी नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ के महासमुंद, कोरबा, मोहला-मानपुर और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में कई किसानों ने जान दी है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है.”

कर्जमाफी और मुआवजे की मांग

राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने मांग की कि टोकन नहीं मिलने और खरीदी नहीं होने के कारण जान देने वाले किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए. साथ ही पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए. अंतिम किसान तक टोकन वितरण व उनकी उपज की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए

CG: फिल ग्रुप पर IT रेड, ऑफिस-घर में सर्वे जारी, कई ठिकानों पर एक्शन से बिलासपुर में मचा हड़कंप…

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बिलासपुर में आयकर विभाग ने कोयला कारोबार से जुड़े फिल ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने ग्रुप के ऑफिस, फैक्ट्री और आवास सहित अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी है. बताया जा रहा है कि अधिकारी SIR की सर्वे टीम के रूप में पहुंचे और गाड़ियों पर SIR के स्टीकर लगे थे.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आज सुबह उस समय हलचल मच गई जब आयकर विभाग की टीम ने कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े उद्योग समूह पर बड़ी कार्रवाई की है. जानकारी के अनुसार, फिल ग्रुप के अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग ने एक साथ दबिश दी है. टीम ने समूह के कार्यालय, फैक्ट्री और आवास सहित अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की है. सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की टीम सर्वे की कार्रवाई के तहत पहुंची है. बताया जा रहा है कि अधिकारी एसआईआर (SIR) की सर्वे टीम के रूप में पहुंचे और जिन वाहनों से टीम आई, उन पर एसआईआर के स्टीकर भी लगे हुए हैं. इस अचानक हुई कार्रवाई से कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.

दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा हैं. उनके श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर में आयकर अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है. इसके अलावा रामा वर्ल्ड स्थित उनके आवास पर भी जांच की कार्रवाई जारी है. अधिकारियों द्वारा जरूरी दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई का मकसद वित्तीय अनियमितताओं और आय से संबंधित मामलों की जांच करना है, हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है. स्थानीय कारोबारियों और उद्योग जगत की नजर अब इस जांच के परिणाम पर टिकी हुई है. फिलहाल, आयकर विभाग की टीम संबंधित ठिकानों पर जांच में जुटी हुई है और आगे की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी.

CG: सर्दी की विदाई के संकेत, दिन गरम-रातें नरम; पश्चिमी विक्षोभों से बदलेगा मौसम…

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदलने लगा है। कड़ाके की सर्दी का असर कम पड़ते ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि शहरी इलाकों में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदलने लगा है। कड़ाके की सर्दी का असर कम पड़ते ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि शहरी इलाकों में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और शुक्रवार को भी बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक 13 फरवरी और 16 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर सीमित रहने की संभावना है। 13 और 14 फरवरी को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि उसके बाद पारे में क्रमिक वृद्धि का अनुमान है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक 13 फरवरी और 16 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर सीमित रहने की संभावना है। 13 और 14 फरवरी को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि उसके बाद पारे में क्रमिक वृद्धि का अनुमान है।

राजधानी रायपुर में आज हल्की धुंध देखी जा सकती है। दिन के समय गर्मी का अहसास रहेगा, जबकि रात में हल्की ठंड बनी रह सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है। प्रदेश में सर्दी का दौर ढलान पर है और आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं।

बीते एक दिन में सबसे अधिक तापमान जगदलपुर में 32.7°C दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 9.7°C रहा। इस दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा नहीं हुई और आसमान साफ बना रहा।

CG: वैवाहिक विवादों में WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग होंगे मान्य साक्ष्य…

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय पत्नी के WhatsApp चै …और पढ़ें

वैवाहिक विवादों में WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग होंगे मान्य साक्ष्य।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को स्वीकार करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पत्नी के WhatsApp चैट और काल रिकॉर्डिंग को पारिवारिक न्यायालय पुख्ता साक्ष्य के रूप में मान सकता है। यह भी कहा कि यदि निजता के नाम पर साक्ष्यों को रोका गया, तो पारिवारिक न्यायालय का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

रायपुर निवासी एक व्यक्ति ने पत्नी से विवाह विच्छेद के लिए पारिवारिक न्यायालय में आवेदन दिया था। पति ने पत्नी की अन्य व्यक्तियों के साथ हुई WhatsApp चैट और काल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर लेने के लिए आवेदन दिया था। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पति ने उसका मोबाइल हैक कर अवैध रूप से ये साक्ष्य जुटाए हैं, जो उसकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है।

परिवार न्यायालय ने पति की अर्जी को स्वीकार कर लिया, जिसे पत्नी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पत्नी की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकल पीठ ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के पास विशेष अधिकार है कि वह मामले के प्रभावी निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज या जानकारी को साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर सकता है, भले ही वह सामान्यत: एविडेंस एक्ट के तहत स्वीकार्य न हो।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के निर्णयों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यदि साक्ष्य प्रासंगिक है, तो यह महत्वपूर्ण नहीं है कि उसे किस प्रकार से प्राप्त किया गया है। अदालतों को दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाना होता है। पति को अपनी बात साबित करने के लिए प्रासंगिक साक्ष्य पेश करने का अवसर मिलना चाहिए।

हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता का अधिकार पूर्ण नहीं है। निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार सार्वजनिक न्याय से जुड़ा है और यह निजता के व्यक्तिगत अधिकार से ऊपर है। यदि निजता के नाम पर साक्ष्यों को रोका गया, तो पारिवारिक न्यायालय का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

अपनी गलती का लाभ उठाकर पति नहीं ले सकता तलाक

छत्तीसगढ़ में पारिवारिक न्यायालय बालोद जिले के एक वैवाहिक प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए कहा कि कोई भी पक्षकार अपने दोषपूर्ण आचरण का लाभ उठाकर तलाक का हकदार नहीं हो सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल लंबे समय तक अलग रहना तलाक का स्वत: आधार नहीं बनता, जब तक वैधानिक क्रूरता सिद्ध न हो।

इस मामले में पति ने तलाक की याचिका दायर की थी, यह कहते हुए कि उसकी पत्नी पिछले आठ वर्षों से उससे अलग रह रही है। पत्नी ने न्यायालय में बताया कि उसके अलग रहने का मुख्य कारण पति का एक महिला पुलिसकर्मी के साथ विवाहेतर संबंध है, जिससे उनकी 10 वर्षीय पुत्री भी है। इस स्थिति के कारण उसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और वह अलग रहने को मजबूर हुई। न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए पति की याचिका को खारिज कर दिया।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 22वां स्थापना दिवस: योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर…

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छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आज अपना 22वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। राज्य गठन के बाद 12 फरवरी 2004 को मंडल का पुनर्गठन किया गया था। पुनर्गठन के पश्चात अब तक मंडल द्वारा निर्मित लगभग एक लाख आवासों एवं संपत्तियों में से करीब 75 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं।

स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव और आयुक्त श्री अवनीश शरण  ने सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। अध्यक्ष श्री सिंह देव ने हाउसिंग बोर्ड परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर कार्य संस्कृति और हितग्राहियों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  बैठक में उन्होंने “रिव्यू, रिफॉर्म और रिवोल्यूशन” की कार्यसंस्कृति अपनाने पर बल दिया।

अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों में से 70 प्रतिशत का विक्रय किया जा चुका है। शेष 30 प्रतिशत संपत्तियों के शीघ्र विक्रय के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित कॉलोनियों में ऐसे भूखंड, जो मंडल के उपयोग में नहीं हैं या अतिरिक्त रूप में आबंटित किए जा सकते हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

नई आवासीय योजनाओं के तहत विक्रय हो रहे मकानों की साइट पर एक टिन शेड कार्यालय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, जहां परियोजना से संबंधित सभी जानकारी और ब्रोशर उपलब्ध कराए जाएं।

मंडल द्वारा हाल ही में 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। वर्ष 2025 में 1023.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं चालू वर्ष के मात्र 40 दिनों में ही लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है।

आयुक्त श्री अवनीश शरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से आम जनता तक पहुंच सके।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल द्वारा कार्यों की समीक्षा को सकारात्मक पहल बताते हुए अध्यक्ष, आयुक्त और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

समीक्षा बैठक में तकनीकी, विद्युत, लेखा, प्रशासन, संपदा, वास्तु, मार्केटिंग और आईटी शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी, श्री अजीत सिंह पटेल, श्री एम.डी. पनारिया, श्री आर.के. राठौर, श्री एस.के. भगत, श्री एच.के. वर्मा, मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

CG: बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य उन्नत वेतन पैकेज के लिए हुआ एमओयू…

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व्यक्तिगत दुर्घटना पर 1.25 करोड़ रूपए का बीमा कवर

हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए

बिटिया की शादी और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों को आकर्षक एवं व्यापक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बैंक में वेतन खाता संचालित करने वाले राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ के अंतर्गत उन्नत निःशुल्क सुविधाएं एवं बीमा कवर प्रदान किए जाएंगे।

समझौते के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एक करोड़ 25 लाख रूपए तक, हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए  तक, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर एक करोड़ 25 लाख रूपए तक तथा टर्म इंश्योरेंस 10 लाख रूपए प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रूपए तक कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। कर्मचारियों को बालिका विवाह लाभ 10 लाख रूपए तक एवं बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु 10 लाख रूपए तक का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त खाताधारकों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे तथा स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर प्रदान की जाएंगी। यह समझौता ज्ञापन 10 फरवरी 2026 को श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव, वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा श्री वी. वेंकटेश, अंचल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पहल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं लाभप्रद बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की बैठक, सोलर पैनल लगाने का आव्हान

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स, समाजसेवी, व्यापारी संघ, बिल्डर्स, कॉलोनाइजर्स और कॉलोनियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव भी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में प्रजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के तहत नागरिक अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल से मुक्त होकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि नेट मीटर और स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली के उपयोग और उत्पादन की सही जानकारी मिलेगी।

कलेक्टर ने बताया कि योजना में आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और आवेदक स्वयं वेंडर का चयन कर सकते हैं। योजना के तहत एक किलोवाट सोलर प्लांट पर 45 हजार, दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर 1 लाख 8 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने पर इसे बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है।

महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि सोलर पैनल लगाने से न केवल बिजली का बिल शून्य हो जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों, सोसायटी और कॉलोनियों से अपील की कि वे प्राकृतिक ऊर्जा के अधिकतम उपयोग के लिए इस योजना का लाभ उठाएं।

बैठक में योजना से लाभान्वित नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए और सोलर पैनल लगाने के लिए अन्य लोगों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद, कॉलोनियों के प्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी संघ और बिल्डर्स उपस्थित थे।