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बंगाल में काबा-काली और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों पर गर्म रही बीजेपी! फिर कैसे 45% मुस्लिम सीटों पर खिला कमल?

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काबा-काली और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों ने हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने और मुस्लिम वोटों को बांटने का दोहरा काम किया. यही बीजेपी का घातक राजनीतिक समीकरण था.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है. बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 206 सीटों पर कब्जा जमाकर राज्य के 15 साल के राजनीतिक इतिहास को पलट दिया. लेकिन इससे भी बड़ा करिश्मा पार्टी ने वहां दिखाया, जिसे ममता बनर्जी का अभेद किला माना जाता था, यानी बंगाल की 115 मुस्लिम बहुल सीटें. इन सीटों पर जहां मुस्लिम मतदाताओं की आबादी 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा है, बीजेपी ने अपना परंपरागत वोट बैंक न होने के बावजूद 39 सीटों पर कब्जा जमाया. आखिरकार यह कैसे मुमकिन हुआ?

TMC केअभेदमुस्लिम वोट बैंक का बिखराव पहली और सबसे अहम वजह

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) पिछले डेढ़ दशक से मुस्लिम वोट बैंक पर एकाधिकार जमाए हुए थी. 2021 में TMC ने 44 मुस्लिम बहुल सीटों में से 43 पर जीत हासिल की थी. लेकिन इस बार TMC का यह वोट बैंक कांग्रेस, लेफ्ट और हुमायूं कबीर की नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के बीच बंट गया.

मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तरी दिनाजपुर जिलों की 43 सीटों पर 2021 में बीजेपी को सिर्फ 8 सीटें मिली थीं, जो 2026 में बढ़कर 19 हो गईं. इस उलटफेर की सबसे बड़ी वजह मुस्लिम वोटों का बिखराव रहा, न कि बीजेपी की ओर उनका झुकाव. उदाहरण के लिए, मुर्शिदाबाद के रानीनगर में कांग्रेस 79,423 वोटों से जीती, जबकि TMC (76,722) और वाम दल (48,587) के बीच वोट बंटने से बीजेपी को अप्रत्यक्ष फायदा मिला.

काबाकाली और बाबरी मस्जिद केगर्ममुद्दों का दोहरा खेल

बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को अपने पक्ष में भुनाया. TMC सांसद सयानी घोष के एक वीडियो में ‘मेरे दिल में है काबा’ गाने के बाद, बीजेपी नेताओं ने इसे ‘काली बनाम काबा’ की लड़ाई बना दिया. अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने नैरेटिव गढ़ा कि बंगाल की आत्मा में सिर्फ मां काली और दुर्गा बसती हैं. वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने ‘जय श्री राम’ के बजाय ‘जय मां काली’ का नारा अपनाकर बंगाली अस्मिता से सीधा जुड़ाव बनाया.

बाबरी मस्जिद विवाद ने मुस्लिम वोट बैंक में दरार डालने का काम किया. TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में दूसरी बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा की और अपनी पार्टी AJUP बना ली. बीजेपी ने इस मुद्दे को ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ करार देकर हिंदू मतदाताओं के ध्रुवीकरण का हथियार बनाया. गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा कि ‘बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे’.

कबीर की पार्टी ने TMC के मुस्लिम वोट बैंक को काटने का काम किया. नतीजतन, कबीर ने खुद रेजीनगर और नौदा सीटें जीत लीं, जिससे TMC को करारा झटका लगा. मुस्लिम वोट बीजेपी को नहीं मिले, लेकिन बंटने से TMC की जीत की राह में बड़ी बाधा बन गए.

SIR कागुपचुपअसर और 91 लाख मतदाताओं का खेल  

चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए, जिससे कुल मतदाता 7.66 करोड़ से घटकर 6.75 करोड़ रह गए. इसका सबसे ज्यादा असर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तरी 24 परगना जैसे अल्पसंख्यक बहुल जिलों में पड़ा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि SIR ने मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट होकर TMC के पक्ष में वोट करने के बजाय अन्य दलों में बिखरने पर मजबूर कर दिया.

शून्यमुस्लिम प्रत्याशी, लेकिन हर जगह जीत का परचम

बीजेपी ने 2021 में 8 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी नहीं जीता. इस बार पार्टी ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया और पूरी तरह से हिंदू मतदाताओं के ध्रुवीकरण पर दांव लगाया. यह दांव सटीक साबित हुआ. जहां TMC सिर्फ 30 मुस्लिम बहुल सीटों पर आगे रही और 12 पर पिछड़ गई. बीजेपी ने यह संदेश दिया कि ‘वोट विकास से मिलते हैं, विशेष समुदाय से नहीं.’

बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत का फॉर्मूला बेहद साफ है. 45% मुस्लिम बहुल सीटों पर जीत बीजेपी ने इसलिए दर्ज की, क्योंकि मुस्लिम वोट तीन या चार दलों में बंट गया, जबकि हिंदू वोट एकजुट होकर बीजेपी के पक्ष में खड़ा हो गया. जहां  TMC का वोट शेयर 40.80% रहा, वहीं बीजेपी का वोट शेयर सिर्फ 5% ज्यादा (45.64%) होने के बावजूद सीटों के अंतर भारी बढ़त में तब्दील हो गया.

Brij Bhushan Sharan Singh: बंगाल में बीजेपी की जीत का श्रेय केवल अमित शाह… BJP के हनुमान हैं अमित शाह…

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बीजेपी के पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह का कहना है कि बंगाल में बीजेपी की जीत का श्रेय केवल अमित शाह को जाता है. उन्होंने बीजेपी के लिए हनुमान की भूमिका निभाई है.

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद से ही बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेता जश्न मना रहे हैं और विपक्षी दलों पर निशाना साध रहे हैं. इस बीच बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का भी बड़ा बयान आया है. उन्होंने बंगाल चुनाव में जीत का श्रेय सिर्फ और सिर्फ एक व्यक्ति को दिया है और वो हैं- अमित शाह.

बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने बयान दिया, “बंगाल की जनता 15 साल से ही यह क्राइसिस नहीं झेल रही थी. आप कह सकते हैं कि आजादी से अभी तक किसी का भी शासन रहा हो, एक वर्ग वहां पर दबाने का काम कर रहा था. आज इसके लिए बीजेपी के कार्यकर्ता, बंगाल की जनता को बधाई है लेकिन इसका क्रेडिट अगर किसी एक व्यक्ति को देना हो तो उस व्यक्ति का नाम है अमित शाह.”

बीजेपी नेता ने आगे कहा, “इस समय अमित शाह बीजेपी के हनुमान की भूमिका में हैं. जैसे राम रावण युद्ध में हनुमान जी की भूमिका थी, आज भारतीय जनता पार्टी में वैसे ही हनुमान की तरह अमित शाह का रोल है. यह जो विजय मिली है, कार्यकर्ताओं का तो सहयोग है ही, लेकिन नेतृत्व किसने किया, रणनीति किसने बनाई उस व्यक्ति का नाम है अमित शाह.”

जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे ममता बनर्जी के लिए चौंकाने वाले रहे. बीजेपी ने 207 सीटें पाकर प्रचंड जीत हासिल की है. 294 में से 207 सीटें पाना बीजेपी के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि अब तक यहां पर पार्टी के केवल तीन विधायक थे. ऐसे में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व, राज्य नेतृत्व और ग्राउंड लेवल कार्यकर्ता, हर लेवल पर मेहनत रंग लाई है.

राष्ट्रपति से मिलने के बाद राघव चड्ढा का दावा- बदला ले रही है AAP सरकार…

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राघव चड्ढा का कहना है कि जब तक वे और अन्य सांसद AAP में थे, तब तक ‘संस्कारी’ थे और अब BJP में शामिल हो गए हैं तो ‘भ्रष्टाचारी’ हो गए हैं. उन्होंने आप सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया.

आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसदों को लेकर राजनीति तेज हो गई है. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की मजबूती बरकरार रखने के लिए एक ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने विधायकों से साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर रहे हैं. इस बीच राघव चड्ढा समेत अन्य सांसदों ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की है.

मंगलवार (5 मई) को आम आदमी पार्टी छोड़ बीजेपी में आने वाले राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे और मौजूदा हालात पर अपना पक्ष रखा.

बदले की भावना से काम कर रही पंजाब सरकार‘- राघव चड्ढा

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “AAP को छोड़ बीजेपी में विलय करने के बाद जिस तरह से पंजाब सरकार बदले की भावना से काम कर रही है, यह मैंने प्रेसिडेंट के सामने भी रखा है. उन्हें बताया है कि आप खतरनाक साजिश रच रही है.” उन्होंने आगे कहा, “जबतक थे आज्ञाकारी तबतक ही थे संस्कारी.”

बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया और इसके उदाहरण भी दिए. उन्होंने कहा, “सबसे पहले हरभजन सिंह को टारगेट किया गया फिर राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री बंद करने के लिए बिजली-पानी काट दिया. हद तब हो गई जब संदीप पाठक के खिलाफ दो संगीन धराओ में एफआईआर दर्ज कर दी गई.”

राघव चड्ढा ने AAP को नसीहत देने के लहजे में कहा, “यह खेल बंद कर दें. जबतक हम आप के साथ थे अच्छे थे लेकिन जैसे ही हमने पार्टी छोड़ी हम भ्रष्टाचारी और गलत हो गए.” उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार और मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही है. ये जो प्रदूषण विभाग के नोटिस है और जो एफआईआर है, वो बेहद चिंताजनक है.”

चंद महीनों की सरकार है AAP’- राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने AAP को याद दिलाया कि उनकी केवल एक राज्य में सरकार है, बीजेपी की कितनी राज्यों में सरकार है ये उन्हें पता होना चाहिए. वहीं, पंजाब के अधिकारियों से चड्ढा ने कहा, “आप डरिए नहीं क्योंकि ये सरकार चंद महीनों की है. राजघाट जाने वाले बदले की भावना से कार्य कर रहे हैं.”

DA Hike News: सरकार ने बैंक कर्मचारियों के लिए किया DA Hike का ऐलान, जानें अब किसकी कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?

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सरकार ने मई से जुलाई 2026 की तिमाही के लिए बैंक कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 25 परसेंट से बढ़ाकर 25.70 करने का फैसला लिया है. अगर आप बैंक में काम करते हैं या आपके जान-पहचान में कोई बैंक कर्मचारी है, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, सरकार ने बैंक कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में मामूली बढ़ोतरी का ऐलान किया है.

कितना बढ़ाया गया DA?

सरकार ने मई से जुलाई 2026 की तिमाही के लिए बैंक कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 25 परसेंट से बढ़ाकर 25.70 करने का फैसला लिया है. हालांकि, 0.70 परसेंट की इस बढ़ोतरी को बैंक कर्मचारियों और यूनियनों ने ‘बहुत कम’ बताया है.

सैलरी में होगा कितना इजाफा? 

0.70 परसेंट की इस बढ़ोतरी से अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों की मंथली सैलरी में केवल 435 रुपये से1,050 रुपये की ही बढ़ोतरी होगी. जिन कर्मचारियों का मूल वेतन 48,000 रुपये से 1,17,000 रुपये के बीच है, उनके लिए इस संशोधित DA का मतलब है कि उनके वेतन में 435 रुपये से लेकर 1,050 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी. यह बढ़ोतरी भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारियों को मिलने वाला भत्ता महंगाई के रुझानों के अनुरूप बना रहे.

किसकी-कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?

Stage 1- 48,480 की बेसिक पे पर केवल 435 रुपये प्रति की बढ़ोतरी

Stage 10- 67,160 की बेसिक पे पर केवल 601 रुपये प्रति की बढ़ोतरी

Stage 20- 93,960 की बेसिक पे पर केवल 838 प्रति माह की बढ़ोतरी

Stage 25- 1,08,260 की अधिकतम बेसिक सैलरी पर 965 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी

किस आधार पर हुआ कैलकुलेशन?

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की 2 मई की एक अधिसूचना के अनुसार, DA के अपडेटेड आंकड़े मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए औद्योगिक श्रमिकों के अखिल भारतीय औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AIACPI-IW) पर आधारित हैं। यह सूचकांक DA में समय-समय पर होने वाले संशोधनों के लिए बेंचमार्क बना हुआ है.

2026 की पहली तिमाही के लिए CPI डेटा इस प्रकार रहा- जनवरी 2026 में DA 148.6 था, फरवरी 2026 में यह थोड़ा गिरकर 148.5 हो गया और फिर मार्च 2026 में बढ़कर 149.1 हो गया. तीन महीनों का औसत CPI 148.73 बैठता है. 123.03 (CPI 2016) के आधार सूचकांक की तुलना में, इसका अंतर 25.70 आता है. तदनुसार, मई-जुलाई की अवधि के लिए DA में वृद्धि 0.70 अंकों पर निर्धारित की गई है.

Bengal Election 2026: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम और बंगाल में ‘जनादेश की चोरी’ हुई है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा….

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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद राजनीति गरमा गई है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम और बंगाल में ‘जनादेश की चोरी’ हुई है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि असम और पश्चिम बंगाल में ‘जनादेश की चोरी’ हुई है, जो भारतीय जनता पार्टी के लोकतंत्र को कमजोर करने के मिशन का हिस्सा है.

जनादेश की चोरी लोकतंत्र के लिए खतरा

राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ लोग और अन्य लोग तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर खुश हो रहे हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि यह सिर्फ एक पार्टी की हार नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत है. उन्होंने कहा, “असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के मिशन का बड़ा कदम है.” राहुल गांधी ने आगे कहा कि “क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे भारत का सवाल है.”

भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 206 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाने की तैयारी कर ली है. वहीं असम में भी भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है.

ममता बनर्जी का भी आरोप
पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दावा किया था कि राज्य में भाजपा ने करीब 100 सीटों की ‘लूट’ की है. राहुल गांधी ने उनके इस बयान का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की मदद से चुनाव में गड़बड़ी की गई.

भाजपा नेताओं ने जताया आभार
वहीं, चुनाव परिणामों पर केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा, “मैं पश्चिम बंगाल की जनता को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं. जनता ने भाजपा को दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया है.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जीत सभी के लिए सीखने वाली है.

Punjab Politics: पंजाब के विधायकों की दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने ली मीटिंग….

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों के साथ बैठक की.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों के साथ बैठक की. इस बैठक में उन्होंने कहा कि पंजाब में अगले चुनाव में 10 महीने बचे हैं. ऐसा शायद ही कभी होता हो कि चुनाव के आखिरी साल में किसी सरकार की तारीफ होती हो. लेकिन पंजाब सरकार के काम की तारीफ चहुंओर हो रही है.

पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल जो चुनाव हुआ वो चुनाव नहीं तांडव था. केजरीवाल ने कहा कि मेरी अपनी विधानसभा में 42 हजार वोट से कटवा दिए. मैं पिछला चुनाव 30 हजार वोट से जीता था और ये चुनाव 3 हजार वोट से हार गया. जीत कैसे पाते जब 42 हजार वोट कटवा दिए. आप नेता ने कहा कि आज हमारी आजादी पर संकट है.

उन्होंने कहा कि साल 2014 के आम चुनावों के बाद जहां भी चुनाव हुए वहां बीजेपी जीती लेकिन फरवरी 2015 में उन्हें दिल्ली में 70 में से तीन सीट मिली. दिल्ली वालों ने अश्वमेघ का घोड़ा रोका था. आप ने अश्वमेघ का घोड़ा रोका था.आज मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि अभी भी आंधी है कि ये लोग सारे चुनाव जीत रहे हैं. अगले साल फरवरी में जब पंजाब के चुनाव होंगे, इस बार अश्वमेघ का घोड़ा नहीं रुकेगा, बल्कि मोदी सरकार गिर जाएगी.

केजरीवाल ने कहा कि हम चुनाव तो जीतेंगे लेकिन हमें मेहनत करनी होगी. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, पंजाब और पंजाबियों से नफरत करती है. अगर पंजाब में ये आ गए तो यह रौंद देंगे.

बंगाल चुनाव की बंपर जीत पर पाकिस्तान ने भी की PM मोदी की तारीफ, जानें बांग्लादेश ने क्या कहा?

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पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत को विदेशी मीडिया ने ऐतिहासिक बताते हुए ममता बनर्जी के 15 साल के शासन के अंत के रूप में दिखाया.

भारत में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दुनिया भर के प्रमुख अखबारों और मीडिया संस्थानों ने इन नतीजों को प्रमुखता से कवर किया, जिसमें खास तौर पर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत और तमिलनाडु में अभिनेता जोसेफ विजय की पार्टी की सफलता पर फोकस रहा.

लंदन से लेकर न्यूयॉर्क और इस्लामाबाद से ढाका तक अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने चुनाव नतीजों को प्रमुखता से जगह दी. अधिकांश रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल में जीत को मुख्य रूप से दिखाया गया, जिसने ममता बनर्जी के 15 साल पुराने मजबूत गढ़ को खत्म कर दिया.

तमिलनाडु में विजय की एंट्री बनी चर्चा का विषय
विदेशी मीडिया ने तमिल सुपरस्टार जोसेफ विजय को भी प्रमुखता दी, जिन्होंने दो साल पहले ही तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पार्टी बनाई थी और अब सत्तारूढ़ डीएमके को सत्ता से बाहर कर दिया.

BBC की रिपोर्ट
बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बंगाल में बीजेपी की जीत को प्रमुखता दी. “Modi’s BJP conquers Bengal, one of India’s toughest political frontiers” शीर्षक वाले लेख में कहा गया कि यह जीत मोदी के 12 साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. रिपोर्ट में कहा गया कि यह सिर्फ तीन बार की सरकार की हार नहीं, बल्कि पूर्वी भारत में बीजेपी के विस्तार की बड़ी सफलता है.

The Guardian

ब्रिटेन के प्रमुख अखबार द गार्जियन ने भी बंगाल के नतीजों पर फोकस किया. “Narendra Modi’s BJP wins election in West Bengal for the first time” शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया कि यह जीत भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगी और विपक्ष के लिए बड़ा झटका साबित होगी.

New York Times की रिपोर्ट

अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बीजेपी की जीत को ‘ऐतिहासिक’ बताया. “Modi’s Hindu Nationalists Conquer a Bastion of India’s Opposition” शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया कि बीजेपी ने पहली बार इतने बड़े राज्य में सत्ता हासिल कर नया इतिहास रचा है. रिपोर्ट में तमिलनाडु में विजय की सफलता का भी जिक्र करते हुए इसे चुनाव का सबसे बड़ा सरप्राइज बताया गया.

Washington Post का विश्लेषण

वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा कि बंगाल में जीत से प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति और मजबूत होगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सहयोगियों के सहारे सरकार बनाने के बावजूद यह जीत उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूती देगी. साथ ही केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा वामपंथी सरकार को हराने को भी अहम बताया गया.

पाकिस्तान में कवरेज

पाकिस्तान के अखबार डॉन ने भी एएफपी की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें कहा गया कि मोदी की पार्टी ने पश्चिम बंगाल जैसे विपक्षी गढ़ में जीत हासिल की है. रिपोर्ट में कहा गया कि यह जीत 2029 के आम चुनाव से पहले मोदी की स्थिति को मजबूत करेगी.

बांग्लादेश में भी चर्चा
बांग्लादेश के ढाका ट्रिब्यून ने भी यही रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें तमिलनाडु में डीएमके की हार और विजय की पार्टी की जीत को बड़ा झटका बताया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट हार गए और उनकी पार्टी दूसरे स्थान पर रही.

CG: 115 करोड़ का ओवरटाइम फर्जीवाड़ा, कर्मचारियों का हक डकार गए अफसर, 7 गिरफ्तार…

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शराब घोटाले से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ओवरटाइम पेमेंट की आड़ में लगभग ₹115 करोड़ के गबन का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों ने पाया कि शराब की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम पेमेंट के लिए मैनपावर एजेंसियों को बड़ी रकम जारी की गई थी. लेकिन, यह पैसा कभी भी कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा. इसके बजाय यह पैसा अधिकारियों और शराब सिंडिकेट के बीच कमीशन के तौर पर बांट दिया गया. यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के भीतर किए गए करोड़ों के घोटाले से जुड़ा है.

शराब दुकानों में OT के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी

EOW और ACB द्वारा चलाए गए एक संयुक्त कार्रवाई में इस मामले के संबंध में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई बड़ी मैनपावर कंपनियों के डायरेक्टर और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं.आरोप है कि इन एजेंसियों ने फर्जी और बढ़े हुए बिल पेश कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की.

11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा

जांच एजेंसियों ने सभी आरोपियों को एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया है और 11 मई तक के लिए उनकी पुलिस रिमांड पर लिया है. इस अवधि के दौरान फर्जी बिलिंग, कमीशन के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.

अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी

इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की गंभीर धाराओं के तहत पहले ही एक मामला दर्ज किया जा चुका है, और अब तक गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

CG: अनुदान पर कृषि यंत्रों एवं सिंचाई पंपों हेतु ऑनलाइन आवेदन 7 मई से प्रारंभ’

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ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और रोटावेटर जैसे यंत्रों के लिए 15 मई से भरे जा सकेंगे आवेदन’

(CHAMPS) पोर्टल के माध्यम से किसान कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरण’

अनुदान पर कृषि यंत्रों एवं सिंचाई पंपों (जैसे- डीजल/विद्युत पंप, ड्रिप सिस्टम) के लिए किसान चेम्प्स (CHAMPS)  पोर्टल’  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र और भूमि दस्तावेज़ (खसरा/बी-1) आवश्यक हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चेम्प्स (CHAMPS) प्रणाली के अंतर्गत कृषि यंत्रों और सिंचाई उपकरणों पर अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर, शक्ति चलित कृषि यंत्र और सिंचाई पंप रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

आवेदन हेतु महत्वपूर्ण तिथियां

विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन की तिथियां निम्नानुसार निर्धारित की गई हैं-  प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर हेतु के लिए 7 मई 2026 से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसी प्रकार शाकम्भरी योजना के अंतर्गत सिंचाई पंपों हेतु 11 मई 2026, कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन के तहत ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर एवं अन्य शक्ति चलित कृषि यंत्रों के लिए 15 मई 2026 से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन की प्रक्रिया

इच्छुक कृषक निर्धारित तिथियों पर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसानों को (CHAMPS) की आधिकारिक वेबसाइट http://champs.cgstate.gov.in का उपयोग करना होगा।

CG: नवाचार के मंच पर बिखरी छत्तीसगढ़ के पर्यटन की चमक…

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इनोवेशन महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र’

ब्रोशर और डिजिटल माध्यमों से पर्यटकों को दी जा रही राज्य की गौरवशाली विरासत की जानकारी’

छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और नैसर्गिक सौंदर्य को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इसी कड़ी में, जगदलपुर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” (4-5 मई) में पर्यटन मंडल का स्टॉल आगंतुकों और नवाचारियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

पर्यटन स्थलों का प्रभावी प्रदर्शन

स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विविध पर्यटन केंद्रों को बड़े ही कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को बस्तर के विश्व प्रसिद्ध जलप्रपातों, घने वनों, प्राचीन मंदिरों और अद्वितीय जनजातीय संस्कृति से अवगत कराया जा रहा है। पर्यटक सूचना केंद्र के अधिकारियों द्वारा आगंतुकों को राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

जागरूकता और प्रचारप्रसार

पर्यटकों की सुविधा के लिए स्टॉल पर आकर्षक ब्रोशर और गाइड बुक्स वितरित की जा रही हैं। अधिकारियों द्वारा आगंतुकों को विभिन्न पर्यटन सर्किट, परिवहन सुविधाओं, स्थानीय खान-पान और ठहरने की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से परामर्श दिया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को जागरूक करना और उन्हें छत्तीसगढ़ की मनमोहक वादियों की ओर आकर्षित करना है।

नवाचार और पर्यटन का संगम

“इनोवेशन महाकुंभ 1.0” जहाँ उद्यमिता और नए विचारों का संगम बन रहा है, वहीं पर्यटन मंडल की भागीदारी ने इसे एक सांस्कृतिक आयाम भी प्रदान किया है। इस आयोजन के माध्यम से विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच न केवल पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है, बल्कि इस क्षेत्र में नई साझेदारी के अवसर भी तलाशने की कोशिश की जा रही है।

उभरता पर्यटन गंतव्य

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की सक्रिय भागीदारी से राज्य को एक उभरते हुए वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बल मिल रहा है। यह पहल स्थानीय संस्कृति, कला और विरासत को एक व्यापक मंच प्रदान कर राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।