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CG: गैस की कालाबाजारी पर खाद्य विभाग सख्त, अब तक 400 सिलेंडर जब्त’

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एलपीजी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और ट्रैकिंग सुविधा शुरू’

अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई’

गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदेशभर के विभिन्न स्थलों पर सख्त कदम उठाए हैं। हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर छापेमारी और कार्रवाई की गई है। छापेमारी कर सैकड़ों अवैध सिलेंडर जब्त किए हैं। शहरों में गैस के अवैध रिफिलिंग और भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है।

जिला प्रशासन रायपुर की खाद्य शाखा ने जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध वितरण के विरुद्ध सख्त रुख अख्तियार किया है। खाद्य नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि गैस की अवैध बिक्री रोकने के लिए विभाग द्वारा निरंतर छापेमारी की जा रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 400 गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।

कठोर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश

विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल प्राथमिक जांच की जाती है। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें लाइसेंस निलंबन, भारी जुर्माना और सामग्री की जब्ती जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही भी की जा रही है।

पारदर्शी वितरण प्रणाली और निगरानी

जिले में एलपीजी वितरण को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए उपभोक्ताओं हेतु ऑनलाइन बुकिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और टोल-फ्री नंबर युक्त एक सक्रिय नियंत्रण कक्ष  स्थापित किया गया है। विभागीय जांच दल समय-समय पर गैस एजेंसियों और वितरण नेटवर्क की सघन निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें गैस की कालाबाजारी या वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना जिला खाद्य शाखा को दें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जिले में घरेलू गैस के वितरण और निगरानी हेतु निर्धारित सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। अनेक स्थानों पर छापेमारी कर गैस वितरकों और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हुए शामिल…

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महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिलाओं के खाते में 642 करोड़ रूपए की राशि का किया अंतरण’

सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजनांदगांव जिले के मोतीपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में  शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए महतारी वंदन योजना के तहत 27वीं किस्त के रूप में 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें राजनांदगांव-खैरागढ़ राजमार्ग के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बाईपास निर्माण, टेड़ेसरा-घुमका-बाकल मार्ग (35 किमी) के चौड़ीकरण हेतु 75 करोड़ रुपयेnतथा धनगांव-इंदामरा-बांकल मार्ग के लिए 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 8 में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक वार्ड को 25-25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी मंदिर के समीप 15 कमरों के सर्किट हाउस, जनपद पंचायत राजनांदगांव के नवीन भवन के लिए 1 करोड़ रुपये, हॉकी प्रशिक्षण हेतु नए खेल मैदान तथा महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट निर्माण की जिम्मेदारी देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार  सरकार की “जनता तक सीधी पहुँच” की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून  तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से अब 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को घर बैठे ही सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के तहत शीघ्र ही टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की जनसमर्पित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तापमान के बावजूद मुख्यमंत्री का यह सतत प्रवास सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने राजनांदगांव जिले में चल रहे औद्योगिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम पटेवा में लगभग 345 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा ग्राम बिजेतला में 25 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री योगेश दत्त मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

Tamil Nadu Election Result: साउथ के सुपरस्टार थलपति विजय  ‘विजय की जीत…

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर हुआ है. यहां राज्य की जनता ने टीवीके की पार्टी को चुना है. एक्टर विजय सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं.

दक्षिण भारतीय सिनेमा से निकलकर राजनीति के गलियारे में हलचल मचाने वाले थलपति विजय की पार्टी टीवीके खबर लिखे जाने तक 109 सीटों पर आगे चल रही है.

तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखे जा रहे विजय की रैलियों में उमड़ती भीड़ उनकी जबरदस्त जमीनी पकड़ का सबूत है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर अपनी धाक जमाने वाले इस सुपरस्टार ? आइए जानते हैं. सुपरस्टार विजय का असली नाम और पहचानमुख्यमंत्री पद की ओर मजबूत कदम

फिल्मी पर्दे पर राज करने के बाद विजय ने राजनीति में कदम रखा और अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) का गठन किया. मौजूदा चुनावी रुझान और जनता के भारी समर्थन को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि वह तमिलनाडु की सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं. उनकी रैलियों में उमड़ी लाखों की भीड़ और जनता से उनका सीधा संपर्क यह बताता है कि लोग उनमें एक नायक नहीं बल्कि अपना अगला मुख्यमंत्री देख रहे हैं. सिनेमा से सियासत तक का यह सफर विजय के नेतृत्व कौशल और लोगों के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है, जो अब एक नई मिसाल कायम करने जा रहा है.

एक्टर विजय के पिता चंद्रशेखर ने टीवीके प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है.

Tamil Nadu Election Result:

तमिलनाडु में इस बार के विधानसभा चुनाव में बड़ा बदलाव हुआ है. पारंपरिक क्षेत्रीय पार्टी को नकारते हुए राज्य की जनता ने नई पार्टी को राज्य की सत्ता की चाबी सौंपी है. यहां एक्टर विजय थलापति की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. एक्टर जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने तीन साल पहले तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पार्टी का गठन किया था और अब इसने कीर्तिमान रच दिया है. TVK चुनावी मतगणना में 100 के आंकड़े को पार कर चुकी है. ऐसे में उनका नारा सच होता दिख रहा है, इसमें उन्होंने कहा था कि विजय आएगा.

अपने बेटे की इस जीत की खुशी में उनके पिता ने भी प्रतिक्रिया दी है. वह काफी भावुक नजर आए. एक्टर विजय के पिता  और फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर खुशी और गर्व महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत गर्व है. पिछले दो सालों में विजय का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है.

उन्होंने विजय की पार्टी की इस जीत को ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव रिजल्ट ऐतिहासिक हैं. विजय के लिए ऐतिहासिक जीत है.

बिना किसी गठबंधन के लड़ना, विजय की हिम्मत को दर्शाता है: चंद्रशेखर

उन्होंने कहा कि बिना किसी गठबंधन के अकेले दम पर चुनाव लड़ने का विजय का फैसला उनकी हिम्मत और नेतृत्व क्षमता को दिखाता है. विजय ने तमिलनाडु की जनता के साथ एक मजबूत रिश्ता बनाया है. राज्य में उन्हें एक नेता से बढ़कर बेटे या भाई के रूप में प्यार करते हैं. अपने बेटे की सफलता पर चंद्रशेखर थोड़े भावुक भी नजर आए.

कांग्रेस का अपना गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है: चंद्रशेखर

इसके अलावा उन्होंने किस पार्टी का समर्थन लेने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस का अपना गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है. इतनी मजबूत विरासत के बावजूद पार्टी कमजोर क्यों हो रही है? इसकी वजह है सत्ता की कमी. जब कोई पार्टी लगातार दूसरों को समर्थन देती है, तो उसका जनाधार कमजोर होने लगता है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वह शक्ति हम देंगे. हम नहीं, बल्कि विजय कांग्रेस को वह ताकत देने के लिए तैयार हैं. अगर कांग्रेस को यह सत्ता मिलती है, तो वह अपनी पुरानी पहचान और मजबूती को फिर से हासिल कर सकती है. कांग्रेस को इस मौके का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया RBI में कैसे मिलती है नौकरी . आईए जानते हैं आरबीआई में करियर बनाने का पूरा रोडमैप….

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RBI में करियर बनाने के लिए सही शिक्षा, कौशल और परीक्षा रणनीति का होना बेहद जरूरी है. आईए जानते हैं आरबीआई में करियर बनाने का पूरा रोडमैप…., इसके लिए कैसे शुरू करें तैयारी?

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया में नौकरी पाना देश के सबसे प्रतिष्ठित करियर विकल्पों में से एक माना जाता है. खासकर आरबीआई ग्रेड बी अधिकारी का पद युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें शानदार सैलरी, जॉब सिक्योरिटी और बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है. हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मजबूत तैयारी रणनीति की आवश्यकता होती है…

स्किल्स क्या होनी जरूरी हैं?

RBI में सफल करियर के लिए केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कुछ जरूरी स्किल्स का होना भी बेहद अहम है. सबसे पहले मजबूत एनालिटिकल थिंकिंग जरूरी है, इसके साथ ही कम्युनिकेशन स्किल्स,क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इसके अलावा टाइम मैनेजमेंट और डिटेल पर ध्यान देने की आदत आपको इस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है.

क्या  होनी चाहिए योग्यता?

RBI में नौकरी के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन जरूरी है, जिसमें सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 50% अंक जरूरी होते हैं. हालांकि केवल ग्रेजुएशन से ही आप परीक्षा में बैठ सकते हैं, लेकिन अगर आपने इकोनॉमिक्स, फाइनेंस या मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएशन किया है, तो यह आपके चयन की संभावना को और बेहतर बना सकता है. इसके अलावा CA, CFA या MBA (Finance) जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी RBI में करियर बनाने के लिए फायदेमंद साबित होते हैं..

उम्र सीमा क्या होनी चाहिए ?

आरबीआई ग्रेड बी पद के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए.हालांकि, आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाती है. इसके अलावा, जिन उम्मीदवारों के पास उच्च शैक्षणिक योग्यता जैसे M.Phil या Ph.D. होती है, उन्हें भी आयु सीमा में छूट मिल सकती है.

परीक्षा पैटर्न

  • पहला चरण प्रीलिम्स होता है, जिसमें रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इंग्लिश और जनरल अवेयरनेस से प्रश्न पूछे जाते हैं.
  • मुख्य परीक्षा यानी मेन्स होता है, जिसमें इकोनॉमिक एंड सोशल इश्यूज, फाइनेंस एंड मैनेजमेंट और इंग्लिश डिस्क्रिप्टिव पेपर शामिल होते हैं.
  • अंतिम चरण इंटरव्यू होता है, जिसमें उम्मीदवार की पर्सनैलिटी, कम्युनिकेशन और आर्थिक समझ का मूल्यांकन किया जाता है.

कैसे करें तैयारियां?

RBI परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे जरूरी है कि आप पूरे सिलेबस को अच्छी तरह समझें और उसी के अनुसार पढ़ाई करें. नियमित अभ्यास करना बेहद जरूरी है, खासकर क्वांट और रीजनिंग के लिए.मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र आपकी स्पीड और एक्यूरेसी को बेहतर बनाते हैं.इसके साथ ही रोजाना अखबार पढ़ना और आर्थिक खबरों पर नजर रखना भी जरूरी है.

Election Result 2026: बंगाल के रिजल्ट पर बांग्लादेशी मीडिया ने क्या छापा?

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पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव के रिजल्ट पर विदेशी मीडिया की भी नजरें हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बांग्लादेश के लोग भी चुनावों के परिणामों पर नजर टिकाए हैं.

पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक, पांच राज्यों में 4 मई यानी आज आने वाले नतीजों पर देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. चुनाव के रिजल्ट पर विदेशी मीडिया की भी नजरें हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर बांग्लादेश के लोग भी नजर टिकाए हैं.

बांग्लादेश के कई मीडिया पोर्टल ने पांचों राज्यों में हुए चुनाव को प्रमुखता से कवर किया है. ढाका ट्रिब्यून ने लिखा, ‘पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के के बाद आज मतगणना हो रही है. पश्चिम बंगाल चुनाव की 293 सीटों पर भी वोटों की गिनती जारी है. माना जा रहा है कि देश भर में 823 सीटों पर दांव लगे इन चुनावों के नतीजे भारत की राजनीति की तस्वीर को काफी हद तक बदल देंगे.’

आगे लिखा, ‘बंगाल में बीजेपी सीएम ममता बनर्जी की सरकार को खत्म करती दिख रही है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और सरकार बनाती दिख रही है. अगर ऐसा होता है तो राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा. चुनाव के दौरान जोरदार प्रचार, तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी.’

‘द डेली स्टार’ ने लिखा, ‘भारत के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में सोमवार (4 मई) को वोटों की गिनती जारी है.  अनुमान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी इनमें से दो राज्यों में जीत हासिल कर सकती है. अपने तीसरे कार्यकाल में यह जीत उनकी छवि को और मजबूती देगी.’

बंगाल में बदलाव के संकेत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं. अब तक के ट्रेंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पीछे नजर आ रही है. अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा. अब तक बीजेपी 191 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं टीएमसी 96 सीटों पर आगे चल रही है.

“IPL 2026 MI vs LSG: आज मुंबई और लखनऊ के बीच मुकाबला; यहां आपको मुकाबले की A टू Z डिटेल मिलेगी”

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IPL 2026 Mumbai Indians vs Lucknow Super Giants:

आज (04 मई) आईपीएल 2026 का 47वां लीग मैच मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबले की शुरुआत शाम 7:30 बजे से होगी. मैच में जीत हासिल करके दोनों ही टीमें खुद को प्लेऑफ की रेस में बरकरार रखने की कोशिश करेंगी. मुंबई प्वाइंट्स टेबल में 9वें पायदान पर और लखनऊ सबसे नीचे 10वें पायदान पर मौजूद है. मैच से पहले आइए जानते हैं मुकाबले की प्लेइंग 11, मैदान की पिच रिपोर्ट और मैच प्रीडिक्शन क्या है.

वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच को बल्लेबाजों के लिए जन्नत कहा जाता है. यहां जमकर रन बनते हैं. पिच में अच्छी उच्छाल है, जिससे गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आती है. इसके अलावा छोटी बाउंड्री भी बल्लेबाजों के लिए मुफीद होती है. यहां टीमें चेज करना ज्यादा पसंद करती हैं. लाइट्स के अंदर गेंद बल्ले पर काफी अच्छी आती है. पहले बैटिंग करने वाली टीमों को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 220 रन का टोटल बनाना पड़ता है.

मैच प्रिडिक्शन

मुंबई और लखनऊ के बीच अब तक 8 मैच खेले जा चुके हैं. इन मैचों में लखनऊ ने बढ़त हासिल करते हुए 6 में जीत दर्ज की है. बाकी के 2 मैच मुंबई ने अपने नाम किए हैं. इस रिकॉर्ड में लखनऊ आगे नजर आती है. हालांकि सीजन में दोनों ही टीमों का प्रदर्शन काफी खराब दिख रहा है. ऐसे में किसी को जीत का दावेदार बता पाना मुश्किल होगा. हालांकि हमारा प्रिडिक्शन मीटर यह कहता है कि मुकाबले में लखनऊ की जीत हो सकती है.

लाइव स्ट्रीमिंग

मुकाबले को टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के जरिए लाइव प्रसारित किया जाएगा. वहीं लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार के जरिए होगी, जहां फैंस मुकाबले को मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर लाइव देख पाएंगे.

मुकाबले के लिए मुंबई इंडियंस की संभावित प्लेइंग 11

रिकेल्टन (विकेटकीपर), विल जैक्स, नमन धीर, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या (कप्तान), कृष भगत, जसप्रीत बुमराह, अश्विनी कुमार, एएम गजनफर, रघु शर्मा और कॉर्बिन बॉश.

लखनऊ सुपर जायंट्स की संभावित प्लेइंग 11

मिचेल मार्श, एडेन मार्कराम, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), जोश इंग्लिस, आयुष बदोनी, हिम्मत सिंह, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, मोहसिन खान, मोहम्मद शमी, दिग्वेश राठी और प्रिंस यादव.

Masik Shivratri 2026: ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त, बन रहे हैं 2 दुर्लभ संयोग…

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Masik Shivratri 2026: ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 15 मई 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन की गई शिव साधना महादेव को प्रसन्न करती है. सुखी वैवाहिक जीवन, सुयोग्य जीवनसाथ की प्राप्ति के लिए ये व्रत बहुत महत्वपूर्ण है.

Jyeshtha Masik Shivratri 2026: पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष के 14वीं तिथि यानी चतुर्दशी के दिन मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. मासिक शिवरात्रि अर्थात वो दिन जो शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है, इस दिन व्रत शिव साधना करना तमाम धार्मिक कर्म करने के पुण्य समान फल देता है. इस साल ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 15 मई 2026 शुक्रवार को है. इस दिन वृषभ संक्रांति भी है, यानी सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे.

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिति 15 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी.

  • पूजा मुहूर्त  – रात 11.57 – देर रात 12.38, 16 मई
  • आयुष्मान योग – 14 मई 2026, शाम 5.53 – 15 मई 2026, दोपहर 2.21
  • सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 5.30 – रात 8.14

मासिक शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कैसे करें

  • घर पर रुद्राभिषेक करने के लिए पंच धातु या अष्ट धातु या पीतल से बने शिवलिंग
  • पीतल या तांबे की प्लेट पर वेदी पर रखें.
  • जल चढ़ाकर अभिषेक शुरू करें. वस्तुओं को चढ़ाने के लिए पंचपात्र के चम्मच का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल न करें.
  • अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय या भगवान शिव के 108 नामों का जाप करें.
  • फिर शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं. इसके बाद थोड़ा पानी चढ़ाएं. ये शिलिंग को शुद्ध करने के लिए किया जाता है. इसी तरह दही, घी, शहद चढ़ाने के बाद जल चढ़ाएं.
  • इसके बाद आप चंदन अर्पित करें.  अभिषेक की थाली हटाकर शिवलिंग फिर वेदी पर रख दें.
  • कलावा, चंदन, अक्षत, जनेऊ, बेल पत्र, धतूरे के फूल और फल, अगरबत्ती, फल और नारियल का एक टुकड़ा चढ़ाएं. आरती कर पूजा का समापन करें.

मनोकामनापूर्ति के लिए किन चीजों से करें अभिषेक

जल से अभिषेक: वर्षा की प्राप्ति के लिए.
कुशोदक से अभिषेक: असाध्य रोगों की शांति के लिए.
दही से अभिषेक: भवन-वाहन की प्राप्ति के लिए.
गन्ने के रस से अभिषेक: लक्ष्मी प्राप्ति के लिए.
शहद और घी से अभिषेक: धनवृद्धि के लिए.
तीर्थ के जल से अभिषेक: मोक्ष की प्राप्ति के लिए.

मासिक शिवरात्रि पूजा के लाभ

  • माना जाता है कि इस दिन पूजा और व्रत करने से जन्म-जन्मांतर के पाप क्षीण होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की दिशा में प्रगति मिलती है.
  • इस दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप मन को शांत करता है और तनाव, चिंता व नकारात्मक विचारों को कम करता है.
  • पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता आती है अविवाहित लोगों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

 ‘बिहार की…’, पीएम मोदी का वो बयान, जो बंगाल में BJP के बंपर बहुमत के बाद हो रहा वायरल..

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बयान में उन्होंने बिहार में भाजपा की जीत को बंगाल में संभावित जीत का संकेत बताया था. बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद जश्न के दौरान पीएम मोदी ने कहा था, “गंगा जी बिहार से बंगाल तक बहती है. बिहार की जीत ने पश्चिम बंगाल में विजय का रास्ता खोल दिया है.”

अब जबकि शुरुआती रुझान पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं, प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है. भाजपा का हाई-एनर्जी चुनाव अभियान, जिसमें पीएम मोदी की व्यापक जनसभाएं और संपर्क अभियान शामिल रहे, उसका असर साफ तौर पर नजर आ रहा है. अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं तो यह स्वतंत्रता के बाद पहली बार होगा जब भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी.

भारतीय जनता पार्टी की बंपर बढ़त

सोमवार को मतगणना के पहले 4 घंटों के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से काफी आगे नजर आई. दोपहर तक 293 में से 266 सीटों के रुझान उपलब्ध थे, जिनमें भाजपा 192 सीटों पर आगे थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी. वहीं लेफ्ट फ्रंट-एआईएसएफ एक सीट और एजेयूपी भी एक सीट पर आगे थी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं अधकारी पूर्वी मिदनापुर जिले की नंदीग्राम सीट से भी आगे चल रहे हैं, जहां से वे इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल का बयान

इस बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जीत का जुलूस निकालने से पहले जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आधिकारिक परिणाम आने के बाद संयम बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसा से बचें. निर्वाचन आयोग ने इस बार एहतियात के तौर पर राज्य में 700 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनाती अनिश्चितकाल के लिए बरकरार रखने का फैसला किया है, ताकि 2021 जैसी पोस्ट-पोल हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके. इसके अलावा दक्षिण 24 परगना जिले की फल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा, जबकि इसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे.

गुजरात: उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में BJP के हर्षद परमार जीते, कांग्रेस उम्मीदवार दूसरे नंबर पर…

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Umreth Bypoll Result 2026: गुजरात के आनंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार जीत गए हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान रहे.

आज बीजेपी एक तरफ पश्चिम बंगाल में जीत के जश्न मना रही हैं तो दूसरी तरफ गुजरात से भी बीजेपी के लिए एक अच्छी खबर आ रही है. यहां, गुजरात के आनंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार जीत गए हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान रहे. यह इलाका बीजेपी का गढ़ माना जाता है.

इस सीट पर बीजेपी के तत्कालीन विधायक गोविंदभाई परमार के निधन के बाद 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. इसमें करीब 59 प्रतिशत ही वोट पड़े थे. शुरुआती रुझानों से ही बीजपी उम्मीद्वार परमार बढ़त बनाए हुए थे.  सोमवार को जारी मतगणना के नतीजों के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार 30743 मतों के अंतर से जीत गए हैं. उन्हें करीब 85,500 वोट मिले हैं. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी भृगुराजसिंह चौहान को 54,757 मत ही प्राप्त हुए हैं. अन्य चार उम्मीदवार जिनमें तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के थे, इन दोनों से काफी पीछे रहे.

शुरुआती रुझानों से बढ़त बनाए रखा परमार ने

यह मतगणना आंणद जिले के वल्लभ विद्यानगर स्थित बीजेवीएम कॉलेज में कड़ी सुरक्षा के बीच की गई. परमार ने अब तक मतगणना के सभी चरणों में कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी है. निर्वाचन आयोग के अनुसार 18वें दौर की मतगणना पूरी होने के बाद परमार को 69,851 वोट मिले, जबकि चौहान को 43,185 वोट प्राप्त हुए थे.  अन्य चार उम्मीदवार जिनमें तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के हैं-इन दोनों से काफी पीछे रहे. 6 मार्च 2026 को तत्कालीन विधायक गोविंदभाई परमार के निधन के बाद रिक्त हुई इस सीट पर उपचुनाव हुए थे. बीजेपी ने उनके बेटे हर्षद परमार को चुनाव मैदान में उतारा था और यह उनका पहला बड़ा चुनाव है.

बीजेपी गुजरात के राजनीतिक टेस्ट में पास

गौर हो कि इस साल हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी बीजेपी ने  बड़ी जीत दर्ज की थी. इस जीत से साफ है कि इतने सालों तक शासन में रहने के बाद भी गुजरात में बीजपी का दबदबा बना हुआ है. जिससे यह साफ है कि राज्य में पार्टी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है. अगले साल होने वाले  2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले यह जीत पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक टेस्ट की तरह था, जिसमें वो पास होते हुए दिखाई दे रही है.

लू लगने से पहले ये संकेत देता है हमारा शरीर, भूलकर भी न करें नजर अंदाज…

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गर्मी बढ़ते ही शरीर कई बार ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही छोटे-छोटे संकेत आगे चलकर लू जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकते हैं. लू तब लगती है जब शरीर का तापमान अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता. ऐसी स्थिति में समय रहते सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है.

लू लगने से पहले शरीर में क्या होते हैं बदलाव?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था के अनुसार, लू लगने से पहले शरीर कई तरह के बदलाव दिखाता है. शुरुआत में हल्का चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना और सिर भारी लगना जैसे संकेत सामने आते हैं. कई बार व्यक्ति को उल्टी जैसा महसूस होता है या पेट भी खराब हो सकता है. यह वह समय होता है जब शरीर पहले ही चेतावनी दे रहा होता है कि अब ज्यादा देर तक गर्मी सहन करना मुश्किल हो रहा है.

धीरेधीरे गंभीर होती है स्थिति

धीरे-धीरे ये लक्षण और गंभीर हो सकते हैं. शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सांस भी सामान्य से तेज चलने लगती है. कुछ लोगों को पसीना आना बंद हो जाता है, जबकि कुछ मामलों में अत्यधिक पसीना भी देखा जाता है. त्वचा लाल या असामान्य रूप से सूखी लग सकती है. सबसे खतरनाक संकेत तब होते हैं जब इसका असर दिमाग पर पड़ने लगता है. व्यक्ति को भ्रम होने लगता है, बात करने में परेशानी होती है या वह सामान्य तरीके से सोच नहीं पाता. कुछ मामलों में बेहोशी भी आ सकती है. यही वह स्थिति है, जब लू जानलेवा बन सकती है और तुरंत इलाज की जरूरत होती है.

लू लगने के क्या होते हैं कारण?

अब बात करते हैं इसके कारण की, तो  लू लगने के पीछे कई कारण होते हैं. तेज धूप में लंबे समय तक रहना, बंद और गर्म जगहों में रहना या बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करना इसका मुख्य कारण बनता है. जब शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है और पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब यह समस्या पैदा होती है.

किन लोगों को होती है सबसे ज्यादा दिक्कत?

कुछ लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा जोखिम में होते हैं. छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग जल्दी प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा जो लोग खुले में काम करते हैं या गर्मी में ज्यादा मेहनत करते हैं, उन्हें भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है.

इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

इससे बचने के लिए जरूरी है कि शरीर को समय-समय पर आराम दिया जाए. पर्याप्त पानी पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना और तेज धूप से बचना बहुत जरूरी है. अगर किसी में शुरुआती लक्षण दिखें, तो तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें. लू कोई मामूली समस्या नहीं है. अगर शरीर के संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए, तो इससे बचा जा सकता है. लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया गया, तो यह स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है. इसलिए शरीर जो संकेत दे रहा है, उसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है.