Umreth Bypoll Result 2026: गुजरात के आनंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार जीत गए हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान रहे.
आज बीजेपी एक तरफ पश्चिम बंगाल में जीत के जश्न मना रही हैं तो दूसरी तरफ गुजरात से भी बीजेपी के लिए एक अच्छी खबर आ रही है. यहां, गुजरात के आनंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार जीत गए हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान रहे. यह इलाका बीजेपी का गढ़ माना जाता है.
इस सीट पर बीजेपी के तत्कालीन विधायक गोविंदभाई परमार के निधन के बाद 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. इसमें करीब 59 प्रतिशत ही वोट पड़े थे. शुरुआती रुझानों से ही बीजपी उम्मीद्वार परमार बढ़त बनाए हुए थे. सोमवार को जारी मतगणना के नतीजों के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार हर्षदभाई परमार 30743 मतों के अंतर से जीत गए हैं. उन्हें करीब 85,500 वोट मिले हैं. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी भृगुराजसिंह चौहान को 54,757 मत ही प्राप्त हुए हैं. अन्य चार उम्मीदवार जिनमें तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के थे, इन दोनों से काफी पीछे रहे.
शुरुआती रुझानों से बढ़त बनाए रखा परमार ने
यह मतगणना आंणद जिले के वल्लभ विद्यानगर स्थित बीजेवीएम कॉलेज में कड़ी सुरक्षा के बीच की गई. परमार ने अब तक मतगणना के सभी चरणों में कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी है. निर्वाचन आयोग के अनुसार 18वें दौर की मतगणना पूरी होने के बाद परमार को 69,851 वोट मिले, जबकि चौहान को 43,185 वोट प्राप्त हुए थे. अन्य चार उम्मीदवार जिनमें तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के हैं-इन दोनों से काफी पीछे रहे. 6 मार्च 2026 को तत्कालीन विधायक गोविंदभाई परमार के निधन के बाद रिक्त हुई इस सीट पर उपचुनाव हुए थे. बीजेपी ने उनके बेटे हर्षद परमार को चुनाव मैदान में उतारा था और यह उनका पहला बड़ा चुनाव है.
बीजेपी गुजरात के राजनीतिक टेस्ट में पास
गौर हो कि इस साल हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. इस जीत से साफ है कि इतने सालों तक शासन में रहने के बाद भी गुजरात में बीजपी का दबदबा बना हुआ है. जिससे यह साफ है कि राज्य में पार्टी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है. अगले साल होने वाले 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले यह जीत पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक टेस्ट की तरह था, जिसमें वो पास होते हुए दिखाई दे रही है.



