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Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर कब किया जाएगा स्नान-दान? जानें शुभ समय’

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Buddha Purnima 2026 Snan-Daan Time: सनातन धर्म में हर माह में पड़ने वाली पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. वैशाख माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं. इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है.

मान्यता है कि भगवान गौतम बुद्ध जिन्होंने दुनिया को शांति का संदेश दिया था, वो वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन ही जन्मे थे. यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए खास होता है.

साथ ही ये दिन सनातनी परंपरा में भी बेहद खास है.ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान बुद्ध श्रीहरि विष्णु के नौवें अवतार माने जाते हैं. बुद्ध पूर्णिमा के स्नान-दान करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और पुण्य प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल बुद्ध पूर्णिमा स्नान-दान का शुभ समय क्या रहेगा?

कब है बुद्ध पूर्णिमा?

पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल को रात 09 बजकर 13 मिनट पर शुरू हो रही है. पूर्णिमा तिथि का समापन 01 मई, रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर बुद्ध पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 01 मई 2026, शुक्रवार किया जाएगा.

बुद्ध पूर्णिमा पर स्नान-दान का शुभ समय

अगर आप इस दिन पवित्र स्नान या विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 04 बजकर 15 मिनट पर शुरू हो रहा है. ये मुहूर्त 04 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त और शुभ समय में आप स्नान-दान कर सकते हैं. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा. ये समय पूजा के लिए शुभ रहेगा. शाम की प्रार्थना (अमृत काल) के लिए शाम 06 बजकर 56 से रात 08 बजकर 41 मिनट तक का समय शुभ रहेगा.

बुद्ध पूर्णिमा को तिहरा पर्व के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध के जीवन की तीन अहम घटनाएं हुईं थीं. उनका जन्म, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति और उनका महापरिनिर्वाण. हिंदू धर्म में वो भगवान विष्णु के नौवें अवतार माने जाते हैं.

Pesticides Spraying Safety Tips: कीटनाशक छिड़कते वक्त जरूर बरतें ये सावधानी’

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Pesticides Spraying Safety Tips: खेती-किसानी में फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए कीटनाशकों का इस्तेमाल एक जरूरत बन गया है. लेकिन जरा सी लापरवाही इस मददगार दवा को जानलेवा जहर बना सकती है. अक्सर किसान भाई पैदावार बढ़ाने की जल्दी में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं. जिससे सांस की बीमारी, स्किन एलर्जी और कई बार गंभीर जानलेवा हादसे हो जाते हैं. मॉडर्न फार्मिंग में कीटनाशकों का सही और सुरक्षित इस्तेमाल उतना ही जरूरी है जितना कि फसल की सिंचाई. अगर छिड़काव के दौरान बेसिक सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो न किए जाएं, तो यह जहर सीधे आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसलिए जागरूक किसान वही है जो फसल की सेहत के साथ-साथ अपनी जान की कीमत को भी समझे और पूरी सावधानी के साथ इस काम को अंजाम दे.

प्रोटेक्टिव गियर है सबसे जरूरी

कीटनाशक का छिड़काव शुरू करने से पहले खुद को पूरी तरह कवर करना आपकी पहली प्रायरिटी होनी चाहिए. हमेशा फुल बाजू के कपड़े, रबर के जूते, दस्ताने और चेहरे पर मास्क का इस्तेमाल करें जिससे दवा का सीधा काॅन्टेक्ट आपकी स्किन या फेफड़ों से न हो.

कई बार हवा के जरिए जहर की छोटी बूंदें आंखों या नाक के रास्ते शरीर में चली जाती हैं. जो तुरंत असर नहीं दिखातीं लेकिन लंबे समय में खतरनाक साबित होती हैं. छिड़काव के दौरान कभी भी कुछ खाना-पीना या धूम्रपान नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे जहर के पेट में जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

  • हमेशा आईएसआई मार्क वाले पीपीई किट या मोटे कपड़ों का प्रयोग करें और आंखों पर चश्मा जरूर पहनें.
  • काम खत्म होने के बाद कपड़ों को अलग से साबुन से धोएं और खुद भी अच्छी तरह स्नान करें.
  • सुरक्षा उपकरणों में किया गया थोड़ा सा निवेश आपको अस्पताल के बड़े खर्चों और गंभीर शारीरिक समस्याओं से बचा सकता है.

हवा की डायरेक्शन में करें छिड़काव

छिड़काव करते समय हवा किस तरफ है इसका बहुत फर्क पड़ता है. जिसे अक्सर लोग भूल जाते हैं. हमेशा हवा की डायरेक्शन में ही छिड़काव करें जिससे दवा की बौछार आपसे दूर जाए न कि आपके चेहरे पर वापस आए. तेज हवा या चिलचिलाती धूप में स्प्रे करने से बचना चाहिए.

क्योंकि इससे दवा तेजी से उड़ती है और सांस के जरिए शरीर में समा सकती है. छिड़काव से पहले पंप और नोजल की अच्छी तरह जांच कर लें कि कहीं कोई लीकेज तो नहीं है. अगर नोजल ब्लॉक हो जाए तो उसे कभी भी मुंह से फूंक मारकर साफ करने की गलती न करें.

  • हवा के रुख को पहचानें और हमेशा अपनी पीठ हवा की तरफ रखकर ही दवा का छिड़काव शुरू करें.
  • फटे हुए पाइप या लीक करने वाले टैंक का इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है, इसे तुरंत ठीक करवाएं.
  • मशीन का सही रखरखाव न सिर्फ दवा की बर्बादी रोकता है. बल्कि आपकी सेफ्टी की पहली लेयर भी तैयार करता है.

इन बातों का खास ध्यान रखें

कीटनाशक का काम खत्म होने के बाद खाली डिब्बों को कभी भी खेत में या घर के आसपास खुला न छोड़ें. इन खाली बोतलों को नष्ट करके जमीन में गहरा गाड़ देना चाहिए जिससे बच्चे या पालतू जानवर इनके संपर्क में न आ सकें.

इसके साथ ही दवा को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर और खाने-पीने की चीजों से अलग किसी बंद अलमारी में ही रखें. अगर छिड़काव के दौरान किसी को चक्कर आए, उबकाई हो या आंखों में जलन महसूस हो, तो उसे तुरंत खुली हवा में ले जाएं और बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें.

  • खाली बोतलों को धोकर दोबारा किसी घरेलू काम में इस्तेमाल न करें उन्हें तुरंत नष्ट कर दें.
  • कीटनाशक के डिब्बे पर लिखे निर्देशों और एक्सपायरी डेट को ध्यान से पढ़कर ही घोल तैयार करें.

“ChatGPT Images 2.0: AI से बनेगी एकदम असली दिखने वालीं तस्वीरें, दमदार कैपेबिलिटी के साथ लॉन्च हुआ नया मॉडल”

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ChatGPT Images 2.0: पिछले कुछ समय से एआई से इमेज बनाना एकदम आसान हो गया है. अब ऐसे एआई टूल्स मौजूद हैं, जो एकदम असली दिखने वाली तस्वीरें बना देते हैं. अब OpenAI ने इस काम को एक लेवल और ऊपर कर दिया है.

“यानी एआई से अब और भी शानदार तस्वीरें बन सकेंगी. इसके लिए कंपनी ने ChatGPT Image 2.0 मॉडल लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि यह एकदम सटीक और तुरंत यूज होने वाले विजुअल बना सकेगा. बता दें कि कुछ ही दिन पहले कंपनी ने वीडियो मॉडल सोरा को बंद किया था और अब इमेज बनाने के लिए नया मॉडल लेकर आई है.

ChatGPT Image 2.0 मॉडल में क्या खासियत?

“”नए मॉडल की खासियत बताते हुए कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि यह डिटेल्ड इंस्ट्रक्शन फॉलो करने के अलावा ऑब्जेक्ट्स को सटीकता से रिलेट और इमेज में टेक्स्ट को रेंडर कर सकता है. यानी अब एआई इमेज में अजीब स्पेलिंग वाले टेक्स्ट दिखने से छुटकारा मिल सकता है. कंपनी का दावा है कि यह मॉडल ऐसी तस्वीरें बना सकता है, जो एआई जनरेटेड नहीं लगेगी. यह कंपोजिशन और विजुअल टेस्ट को भी सेंस कर सकता है और इससे किसी भी आस्पेक्ट रेशो में इमेज तैयार की जा सकती है.

ChatGPT Image 2.0 में मिलेगी थिंकिंग कैपेबिलिटी

OpenAI पिछले काफी समय से इस मॉडल की टेस्टिंग कर रही थी और अब इसे सभी ChatGPT और Codex यूजर्स के लिए रोल आउट कर दिया गया है. यह कंपनी का पहला ऐसा इमेज मॉडल है, जो थिंकिंग कैपेबिलिटीज के साथ लॉन्च हुआ है. जब यूजर्स ChatGPT में थिंकिंग या प्रो मोड सेलेक्ट करेंगे तो Image 2.0 रियल-टाइम इंफोर्मेशन के लिए वेब को सर्च कर सकता है. साथ ही यह एक प्रॉम्प्ट से कई इमेज क्रिएट करने और खुद के आउटपुट को डबल-चेक करेगा. नए मॉडल के साथ यूजर मूवी पोस्टर, मिडसेंचुरी पेस्टल कॉमिक्स समेत अलग-अलग स्टाइल में इमेज क्रिएट कर पाएंगे.

कई लैंग्वेज को करता है सपोर्ट

एआई जनरेटेड कंटेट में टेक्स्ट की बड़ी समस्या रही है. एआई टूल्स एकदम परफेक्ट इमेज बना सकते हैं, लेकिन टेक्स्ट को लेकर स्ट्रगल करते रहे हैं. OpenAI ने दावा किया है कि उसके नए मॉडल में टेक्स्ट को रेंडर किया जा सकता है. यह इंग्लिश के अलावा जापानी, कोरियाई, हिंदी, चाइनीज और बंगाली में लिखे टेक्स्ट को रेंडर कर सकता है. यानी यूजर चाहे तो एआई जनरेटेड इमेजेज पर इंग्लिश के अलावा दूसरी भाषाओं में भी टेक्स्ट लिख पाएगा.

Bengal election 2026:वोट देने लौट रहे प्रवासी मजदूर, टिएमसी का बीजेपी से सवाल- मजदूर या मतदाता?

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Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक दिलचस्प ट्रेंड उभरकर सामने आ रहा है. बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर वोट डालने के लिए अपने गृह जिलों में लौट रहे हैं.

ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बाहर काम करने वाले श्रमिक अब मतदान में हिस्सा लेने के लिए वापस आ रहे हैं.

मतदान के लिए बंगाल लौट रहे प्रवासी मजदूर

पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में लोग रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं. चुनाव के समय इनका वापस लौटना नया नहीं है, लेकिन इस बार संख्या और संगठित वापसी ने राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा है. पहले चरण के मतदान से ठीक पहले, 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग से पहले बड़ी संख्या में प्रवासी घर लौट रहे हैं. दिल्ली, बिहार, सिक्किम समेत कई राज्यों से ट्रेनें सिलीगुड़ी पहुंच रही हैं. वहां से लोग बसों के जरिए उत्तर बंगाल के अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं.

इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्या ने कहा, ’71 ट्रेनें आ रही हैं. प्रवासी मजदूर उनमें सवार होकर कोलकाता पहुंच रहे हैं… सभी आ रहे हैं.’

प्रवासी मजदूर हैं या दूसरे राज्यों के मतदाता?

जहां भाजपा इस वापसी को लेकर उत्साहित है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरूप रॉय ने इस पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘ये प्रवासी मजदूर हैं या दूसरे राज्यों के मतदाता?’

कुछ महीने पहले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान यही तस्वीर देखने को मिली थी. देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर भरी ट्रेनों से वापस लौट रहे थे. मतदान खत्म होते ही वे फिर रोज़गार के लिए निकल गए. अब वही पैटर्न पश्चिम बंगाल में भी दिख रहा है.

रेलवे सूत्रों का दावा है कि चुनाव से पहले प्रवासी मजदूरों को घर लाने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है. इन ट्रेनों को ‘समर स्पेशल’ के रूप में चलाया जा रहा है. लौट रहे अधिकांश लोगों का कहना है कि वे सिर्फ मतदान करने आए हैं और वोट डालने के बाद फिर अपने काम पर वापस लौट जाएंगे.

रोजगार के अवसरों के लिए मजदूरों की नाराजगी

हालांकि, कई प्रवासी मजदूरों ने राज्य में रोजगार के अवसरों की कमी को लेकर नाराजगी भी जताई है. उनका कहना है कि काम के अभाव में उन्हें बाहर जाना पड़ता है, लेकिन वोट के समय वे अपने अधिकार का इस्तेमाल करने जरूर लौटते हैं.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं. पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा. दूसरा चरण 29 अप्रैल को निर्धारित है, जब बाकी 7 जिलों की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और मतगणना 4 मई को होगी. स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में केंद्रीय बलों की व्यापक तैनाती की है. इसके साथ ही आचार संहिता और सुरक्षा से जुड़े सख्त नियम लागू किए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके.

CG” डिफेक्ट लाईबिलिटी के तहत होगी कार्रवाई’

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राजनांदगांव” कार्यपालन अभियंता प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत वर्ष 2018-19 में पैकेज क्रमांक ग्रुप-एच के तहत स्वीकृत अर्जुनी से मेढ़ा सड़क लंबाई 2.50 किलोमीटर में अनुबंधित ठेकेदार द्वारा नियमित संधारण कार्य नहीं कराये जाने के कारण पैकेज के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। अर्जुनी से मेढ़ा सड़क लंबाई 2.50 किलोमीटर अति जर्जर होने के कारण संधारण कार्य हेतु ठेकेदार की राशि को राजसात करते हुए डिफेक्ट लाईबिलिटी के तहत पुर्ननिविदा कर नवीनीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

CG’ कलेक्टर ने कर्तव्य में लापरवाही करने पर राजस्व निरीक्षक को किया निलंबित’

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राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शासकीय कार्यों में लापरवाही एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण राजस्व निरीक्षक राजस्व निरीक्षक मंडल खैरझिटी के श्री अवधराम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनांदगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा अपने क्षेत्र के सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक बिना किसी प्रगति के लंबित रखा गया। इस संबंध में जनसामान्य द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। श्री ठाकुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई, जिसके तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा राजनांदगांव नियत किया गया है।

CG” कलेक्टर ने जनदर्शन में गंभीरता से सुनी नागरिकों की समस्याएं’

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– जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देश’

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान शीघ्र करें। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, भू-अर्जन, अवैध अतिक्रमण हटाने, सीमांकन, नजूल से संबंधित, पेंशन, राजस्व रिकार्ड दुरूस्त कराने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CG” राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अवैध ईंट भट्टा पर की गई कार्रवाई’

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– लाखों ईंटें, लकड़ी एवं सामग्री जब्त’

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आज ग्राम माहुलझोपड़ी में अवैध ईंट भट्टा पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि ग्राम माहुलझोपड़ी में दुर्गा बाई की भूमि पर दाऊ लाल द्वारा बिना किसी वैध अनुमति एवं दस्तावेज के अवैध रूप से ईंट निर्माण किया जा रहा था। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर लगभग 3 लाख 20 लाख पक्की ईंट, 1 लाख 60 लाख कच्ची ईंट, 70 ट्रॉली मिट्टी तथा 6 ट्रॉली लकड़ी जब्त की। जब्त की गई लकड़ी को सुरक्षार्थ वन विभाग के सुपुर्द किया गया, वहीं अन्य सामग्री को अग्रिम कार्रवाई तक ग्राम पंचायत गिरगांव को सुपुर्द किया गया है। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्री चिराग रामटेके, रेंज ऑफिसर श्री आकाश ठाकुर सहित राजस्व एवं वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

CG” सुशासन तिहार से पहले लंबित प्रकरणों के निराकरण करें – कलेक्टर’

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– कार्य पर लापरवाही करने पर राजस्व निरीक्षक को निलंबित करने के दिए निर्देश’
– अधिकारियों ने जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना पोर्टल पर मोबाइल के माध्यम से अपना फार्म भरकर डिजिटल प्रक्रिया की पूर्ण’
– कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में दिए निर्देश’

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने 1 मई से प्रारंभ होने वाले प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के पूर्व अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की मैदानी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के पहले अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, लंबित मनरेगा मजदूरी भुगतान, हैण्डपंप सुधार, विद्युत व्यवस्था, वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान क्लस्टर बनाकर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में कार्य में लापरवाही बरतने पर राजनांदगांव विकासखंड के राजस्व निरीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने तथा अधिकारी-कर्मचारियों को आईगोट कर्मयोगी पोर्टल में ऑनबोर्डिंग कर निर्धारित कोर्स पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना पोर्टल पर मोबाइल के माध्यम से अपना फार्म भरकर डिजिटल प्रक्रिया पूर्ण की। कलेक्टर ने राजस्व विभाग को शासकीय योजनाओं हेतु अधिग्रहित भूमि के रिकॉर्ड दुरूस्तीकरण करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह में अविवादित नामांतरण, खात विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन जैसे राजस्व प्रकरण कुल 498 प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

कलेक्टर ने किशोरी बालिकाओं को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा अधिकाधिक टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में 852 बालिकाओं का  वैक्सीनेशन हो गया है, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने जिला चिकित्सालय में रसोई घर शिफ्टिंग कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने तथा परिसर में किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों के विरूद्ध सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पिछले एक सप्ताह में 1 लाख रूपए किराया राशि जमा की गई है। जिले के राजगामी भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। जिले में अब तक 2 हजार 311 घरों में सोलर पैनल लग चुका है।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन की जानकारी ली। जिले में 5 हजार 618 कनेक्शन प्रदाय के लक्ष्य के विरूद्ध 8 हजार 110 पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर 7 हजार 119 हितग्राहियों को नि:शुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदाय किया जा चुका है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड ई-केवाईसी हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे हितग्राहियों को समय पर शासकीय उचित मूल्य दुकान के माध्यम से राशन उपलब्ध हो सके।

कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित जांच कर अवमानक एवं मिथ्याछाप पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पंजीकृत सभी किसानों की उपज का शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा विभाग द्वारा स्थापित खराब सिंचाई पंपों की जांच कर शीघ्र सुधार करने तथा ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जिले के 3 हजार 357 हैण्डपंपों का सुधार कार्य किया जा चुका है। बैठक में सियान गुड़ी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं जनदर्शन के प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सैलरी में आएगा उछाल! 8वें वेतन आयोग में भत्तों को 3 गुना बढ़ाने का सुझाव, जानें DA मर्जर और नए HRA का गणित’

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8वें वेतन आयोग के प्रोसेस में तेजी आने के साथ ही, कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें सामने रखनी शुरू कर दी है और इनमें से कुछ मांगें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर, अलाउंसेस और पेंशन बेनिफिट्स को काफी हद तक बदल सकती हैं.

8वें वेतन आयोग को सौंपे गए अपने ताजा ज्ञापन में, राष्ट्रीय परिषद संयुक्त परामर्श तंत्र (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने भत्तों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा है – जिसमें महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन के साथ 25 फीसदी पर मिलाना, कई लाभों को तीन गुना करना और उन्हें महंगाई से ज्यादा मजबूती से जोड़ना शामिल है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर कर्मचारी पक्ष ने कौन कौन सी मांगों को रखा है.

25 फीसदी पर DA का मर्जर

सबसे अहम प्रस्तावों में से एक यह है कि जब DA (और पेंशनभोगियों के लिए DR) 25 फीसदी से ज्यादा हो जाए, तो उसे बेसिक और पेंशन के साथ मिला दिया जाए. फिलहाल, DA/DR 60 फीसदी पर है. केंद्र सरकार ने हाल ही में इस अहम भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की है.

ज्ञापन में कहा गया है कि कीमतों की गणना बाजार दरों के आधार पर की जानी चाहिए, न कि सरकारी दरों के आधार पर, जिनमें 25 फीसदी तक का अंतर हो सकता है. हमने प्रस्ताव दिया है कि 8वां CPC यह सिफारिश करे कि यदि DA/DR 25 फीसदी से ज़्यादा हो जाता है, तो उसे मूल वेतन और मूल पेंशन के साथ मिला दिया जाए.

यह बात इसलिए अहम है, क्योंकि महंगाई की भरपाई के लिए DA में फिलहाल साल में दो बार बदलाव किया जाता है. इसे मूल वेतन के साथ मिला देने से वेतन और पेंशन का आधार हमेशा के लिए बढ़ सकता है. इसका असर HRA, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट लाभों जैसे दूसरे घटकों पर भी पड़ सकता है.<

कर्मचारी पक्ष ने यह तर्क दिया है कि DA पूरी तरह से महंगाई से जुड़ा रहना चाहिए, लेकिन सैलरी स्ट्रक्चर में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए इसे समय-समय पर मूल वेतन में मिला भी दिया जाना चाहिए.

DA की गणना में बदलाव की मांग क्यों की जा रही है?

  • मेमोरेंडम में मौजूदा सिस्टम की कमियों की ओर इशारा किया गया है.
  • कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) शायद सरकारी कर्मचारियों के खर्च करने के असल तरीकों को न दिखाता हो.
  • मौजूदा 12 महीने के औसत का तरीका महंगाई के असल असर को देर से दिखाता है.
  • प्रस्ताव: 6 महीने के औसत पर शिफ्ट करना (जो DA में बदलाव के हिसाब से हो).
  • सरकारी तय दरों के बजाय बाजार की कीमतों का इस्तेमाल करने का सुझाव.

HRA में बदलाव: मूल वेतन का 40 फीसदी तक

बढ़ते आवास खर्च को देखते हुए, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में एक बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है:

  • X शहर (50 लाख+ आबादी): मूल वेतन का 40 फीसदी
  • Y शहर: 35 फीसदी
  • Z शहर: 30 फीसदी

इसके अलावा, मेमोरेंडम में सुझाव दिया गया है कि HRA को DA से जोड़ा जाए ताकि इसमें अपने-आप बदलाव होता रहे, और शहरों के वर्गीकरण की हर 5 साल में समीक्षा की जाए. पेंशनर्स के लिए भी HRA का सुझाव दिया गया है – यह एक बड़ी नई मांग है.

कई अलाउंस में 3 गुना बढ़ोतरी

स्टाफ साइड ने रहने-सहने के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए कई अलाउंस को तीन गुना करने का प्रस्ताव दिया है:

  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस → 3 गुना बढ़ोतरी
  • डेली अलाउंस (यात्रा) → 3 गुना बढ़ोतरी
  • रोगी देखभाल / नर्सिंग अलाउंस → 3 गुना बढ़ोतरी
  • यूनिफॉर्म अलाउंस → 3 गुना बढ़ोतरी

इनमें से ज्यादातर को DA से जोड़ने का भी प्रस्ताव है, ताकि महंगाई के हिसाब से अपने-आप बदलाव होता रहे.

जोखिम और कठिनाई अलाउंस: कम से कम 10,000 रुपए/महीना’ ज़्यादा जोखिम वाली भूमिकाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए: रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सफाई, अग्निशमन सेवाएं’ मांग यह है कि जोखिम और कठिनाई अलाउंस के तौर पर कम से कम 10,000 रुपए प्रति माह दिए जाएं, और इसे समय-समय पर बढ़ोतरी के लिए DA से जोड़ा जाए.

क्या ड्यूटी पर सभी के लिए हवाई यात्रा की अनुमति हो?

एक खास ऑपरेशनल मांग आधिकारिक ड्यूटी पर सभी कर्मचारियों को हवाई यात्रा की अनुमति दी जाए. सड़क यात्रा के लिए AC टैक्सी की अनुमति दी जाए.

कारण: आखिरी समय पर यात्रा करने से अक्सर ट्रेन में रिजर्वेशन मिलना मुश्किल हो जाता है.

ओवरटाइम और अतिरिक्त ड्यूटी का मुआवजा मेमोरेंडम में इन बातों पर जोर दिया गया है: कर्मचारियों की कमी के कारण काम के घंटे बढ़ जाते हैं. कई कर्मचारियों को ओवरटाइम का मुआवजा नहीं मिलता है.

प्रस्ताव:  फैक्ट्री एक्ट के दायरे से बाहर के कर्मचारियों को सिंगल रेट (मूल वेतन + DA) पर ओवरटाइम मिलना चाहिए. शिक्षा और बच्चों से जुड़े फायदों में बड़ा बदलाव होना चाहिए. बच्चों की शिक्षा अलाउंस (CEA) हर बच्चे के लिए 10,000 रुपए/महीना होना चाहिए. हॉस्टल सब्सिडी 35,000 रुपए प्रति माह होना चाहिण्. इसका दायरा पोस्ट-ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्स तक बढ़ाया गया है. दिव्यांग बच्चों के लिए ज्यादा फायदे.

अन्य मुख्य मांगें

  • अतिरिक्त योग्यता भत्ता → मूल वेतन का 10 फीसदी
  • खाना बनाने का भत्ता → बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह किया जाए
  • खेल प्रोत्साहन → वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर लगी सीमा हटाई जाए
  • नाइट ड्यूटी भत्ता → मूल वेतन की कोई ऊपरी सीमा न हो

8वां वेतन आयोग अभी किस स्थिति में है?

सरकार ने पिछले साल 8वें वेतन आयोग के लिए ‘नियम और शर्तें’ (ToR) जारी की थीं, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा, भत्तों में संशोधन और पेंशन से जुड़े बदलावों का रास्ता साफ हो गया था. हालांकि, आयोग की सिफारिशों का अभी भी इंतजार है, लेकिन इस तरह के ज्ञापन यह संकेत देते हैं कि कर्मचारी यूनिसन किन चीजों की मांग कर रहे हैं.

अगर ये प्रस्ताव मान लिए जाते हैं, तो क्या बदलाव आ सकते हैं?

अगर इन्हें लागू किया जाता है, तो इन प्रस्तावों से DA के मर्जर के कारण बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है, हर महीने मिलने वाले वेतन (टेक-होम पे) में काफी इजाफा हो सकता है, DA से जुड़े भत्तों के ज़रिए महंगाई से बेहतर सुरक्षा मिल सकती है, और पेंशन पाने वालों के लिए फायदे बेहतर हो सकते हैं. हालांकि, अंतिम फ़ैसले वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर ही निर्भर करेंगे.