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डोंगरगढ़ में रेलवे चौक के पास जुआ खेलते 7 जुआरी गिरफ्तार

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डोंगरगढ़। थाना डोंगरगढ़ पुलिस ने रेलवे चौक स्थित अन्ना इडली दुकान के पीछे 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों का दांव लगाते हुए 7 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से 51,070 रूपये नकद और जुआ खेलने के लिए प्रयोग की जा रही 52 पत्ती ताश जब्त की।
पकड़े गए जुआरियों में संदीप देवांगन, उम्र 33 वर्ष, कंजरापारा, राजवीर सिंह, उम्र 29 वर्ष, बुधवारी पारा, रामकृष्ण साहू, उम्र 52 वर्ष, बुधवारी पारा, मोहम्मद इमरान, उम्र 26 वर्ष, कालकापारा, सैय्यद इमरान, उम्र 26 वर्ष, कश्मीरी पारा, पवन गौली, उम्र 26 वर्ष, बुधवारी पारा एवं इन्द्रजीत सिंह, उम्र 60 वर्ष, बुधवारी पारा शामिल है।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
कार्यवाही में निरीक्षक संतोष जायसवाल के नेतृत्व में एएसआई लाल माण्डले, आरक्षक युगेंद्र देशमुख, किशन चंद्रा, राम खिलावन, नरेंद्र प्रजापति, अविलाश ढीढी, दिलीप साहू, हरदयाल कंवर, लीलाधर मंडलोई और चोवराम नेताम का योगदान सराहनीय रहा।

चाकू दिखाकर भय फैलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो हाथ में धारदार चाकू लहराकर आम जनता को भयभीत कर रहा था। आरोपी के कब्जे से एक लोहे का धारदार चाकू जब्त किया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नितिन यादव पिता स्वप्त प्रकाश यादव, उम्र-19 वर्ष, निवासी ब्राह्मणपारा, थाना बसंतपुर, त्रिवेणी परिसर में चाकू लहराते हुए राहगीरों और आम जनता को डराने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। बाद में आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में की गई।
निरीक्षक एमन साहू, प्रधान आरक्षक किशोर यादव, दीपक जायसवाल और आरक्षक अतहर अली की भूमिका इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ उनकी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

सट्टा लिखते सटोरिया गिरफ्तार

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डोंगरगढ़। पुलिस ने शहर में सट्टा-पट्टी चलाते एक सटोरिये को गिरफ्तार किया है। आरोपी रविन्द्र बाघमारे (52 वर्ष), वार्ड नं. 18, भगत सिंह चौक, अपनी कपड़ा प्रेस दुकान में मोबाइल फोन के जरिए सट्टा लिख रहा था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी और तत्काल टीम ने कार्रवाई कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन (लगभग 5,000) और नगद 33,000 बरामद किए गए। कुल जब्ती राशि 38,000 रूपये है।
आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश परए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल और उनकी टीम लगातार सटोरियों, अवैध शराब कारोबारियों और अन्य असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई कर रही है।
इस अभियान में निरीक्षक संतोष जायसवाल, प्रधान आरक्षक प्रकाश चंद्रवंशी, आरक्षक राम खिलावन और नरेंद्र प्रजापति की भूमिका सराहनीय रही।

पं. केएल शुक्ला विधि महाविद्यालय की दो छात्राओं ने मेरिट में पाया स्थान

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राजनांदगांव। हेमचंद विश्विद्यालय दुर्ग द्वारा जारी किए गए विधि (लॉ) परीक्षा छठवें सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में पंडित किशोरीलाल शुक्ला विधि महाविद्यालय की दो छात्राओं ने स्थान बनाकर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। विश्वविद्यालय ने टॉप 10 स्टूडेंट वाली मेरिट सूची जारी की, जिसमें 6 वें एवं 8 वें स्थान पर क्रमशः सुश्री अंकिता शर्मा तथा सुश्री यांशिका अग्रवाल का नाम सम्मिलित है।
स्थानीय पंडित किशोरीलाल शुक्ला विधि महाविद्यालय ने एक बार फिर अपनी गुणवत्ता का परिचय दिया है। विधि परीक्षा के छठवें सेमेस्टर की जारी की गई मेरिट लिस्ट में महाविद्यालय में अध्ययनरत दो भविष्य की वकीलों ने अपना परचम लहराया है। मेरिट लिस्ट के छठवें स्थान पर सुश्री अंकिता शर्मा सुपुत्री विजय-सरिता शर्मा जनता कॉलोनी एवं आठवें स्थान पर सुश्री यांशिका अग्रवाल सुपुत्री संजय-श्वेता अग्रवाल, अन्नपूर्णा सोसाइटी के पास, डोंगरगढ़ ने अपना नाम दर्ज कराकर महाविद्यालय की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का परिचय दिया है। दोनों छात्राओं की उपलब्धि पर विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा, प्रशासक डॉ. आरएन सिंह सहित प्रोफेसर्स एवं नांदगांव शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों-सदस्यों ने उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी हैं।

राजस्व प्रकरणों के त्वरितए निष्पक्ष एवं पारदर्शी निपटारे से आम नागरिकों को समय पर मिलती है न्याय एवं राहत : कलेक्टर

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की बैठक ली एवं जिले के विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अंतिम आदेश हेतु लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर श्री यादव ने जिन प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण हो चुकी है, उनमें शीघ्र अंतिम आदेश पारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निपटारे से आम नागरिकों को समय पर न्याय एवं राहत मिलती है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। आदेश के लंबित समस्त प्रकरणों में नियत तिथि में आदेश पारित किये जाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जिले के लंबित विभिन्न राजस्व न्यायालय में लंबित अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, त्रुटि सुधार, स्वामित्व योजना एवं मौसम रबी डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा की गई एवं समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर के निर्देशों के पश्चात समीक्षा के 1 दिवस के भीतर राजस्व अधिकारियों द्वारा 150 प्रकरणों में अंतिम आदेश पारित किए गए। राजस्व अनुविभाग राजनांदगांव अन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा कुल 99 प्रकरणों में आदेश पारित किये। इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग डोंगरगांव अन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा कुल 28 प्रकरणों में आदेश पारित किये तथा राजस्व अनुविभाग डोंगरगढ़ अन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा कुल 23 प्रकरणों में आदेश पारित किये। जिससे प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हुई। ऑनलाइन वीसी में सीएल मार्कण्डेय, प्रेम प्रकाश शर्मा अपर कलेक्टर विश्वास कुमार, अभिषेक तिवारी डिप्टी कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव की जिला बैठक संपन्न : राज बहादुर बने जिला सक्षम केंद्र प्रभारी, आशीष को मिली प्रचार आयाम की जिम्मेदारी

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राजनांदगांव। हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव की महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक महेश्वरी भवन, रामाधीन मार्ग में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, दायित्व निर्धारण एवं समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से राज बहादुर सिंह को हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव का जिला सक्षम केंद्र प्रभारी नियुक्त किया गया, वहीं आशीष तिवारी को संगठन के प्रचार आयाम का जिला प्रमुख बनाया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने दोनों दायित्वधारियों को बधाई देते हुए संगठन हित में पूर्ण निष्ठा से कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।
बैठक के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने महिला सुरक्षा एवं महिला सम्मान जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना प्रत्येक जागरूक नागरिक का कर्तव्य है और हिंदू जागरण मंच इस दिशा में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रभक्ति, देशभक्ति एवं राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि हिंदू जागरण मंच का प्रत्येक कार्यकर्ता मातृभूमि की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर अपने प्राणों का बलिदान देने को भी सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करना समय की आवश्यकता है।
बैठक में धर्म रक्षा, स्वावलंबन एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है, इसलिए स्वदेशी, स्वावलंबन और समाज को संगठित करने के प्रयासों को और अधिक गति दी जाएगी।

इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का समापन राष्ट्रहित एवं धर्मरक्षा के संकल्प के साथ किया गया। हिंदू जागरण मंच के सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित हुई बैठक में प्रमुख रूप से सुशील लड्ढा प्रवीण शर्मा सविता बोस प्रभात गुप्ता राजा मौसमी शर्मा हेमलाल ढीमर मिथिलेश चंदेल जुगल किशोर गुप्ता विद्या यादव मनोज मालू राज सोनकर गोविंद साहू महेंद्र जांघेल आनंद गुप्ता राजू सोऊ आशीष कुमार स्वर्णकार रोहित तिवारी संतोष टूरहते श्रेयांश व्यास हरीश भानुशाली कांति मौर्य श्रीमती जनक गुप्ता ममता शर्मा माया शर्मा मंजू यादव गायत्री गौतम मुनमुन पोरिया संगीता शुक्ला चंदा शाह रिमझिम भौमिक प्रतीक श्रीवास्तव मुकेश सोनी मनोज गोलछा सुरेश यादव भोला यादव विकास साहू जितेंद्र चौबे रोहित शर्मा राकेश श्रीवास प्रियंका भट्टड प्रीती जोशी रंजना शर्मा सविता जोशी दीपिका चौरसिया कमलेश वैष्णव सुधांशु चटर्जी गोविंद जोशी उषा चटर्जी कृष्ण कुमार तिवारी रिंकू तिवारी गोवर्धन खंडेलवाल विष्णु सिंन्हा बंटी साहू राजकुमार सिंन्हा सुनीता सिन्हा अभय सिन्हा हेमंत कश्यप लक्ष्मण सिंह साहू राजेश खंडेलवाल एवं सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

आसिफ अली के आंदोलन का असर, अधूरे रेलवे अंडरब्रिज पर नागपुर डिवीजन के अभियंता से सीधी चर्चा

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राजनांदगांव। स्टेशनपारा क्षेत्र में वर्षों से अधूरे पड़े रेलवे अंडरब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता आसिफ अली द्वारा किए गए आंदोलन का असर नजर आने लगा है। ज्ञापन और चक्का जाम की चेतावनी के बाद नागपुर डिवीजन से रेलवे अभियंता राजनांदगांव पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
स्टेशन मास्टर बर्मन द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद स्टेशन प्रबंधक कार्यालय में कांग्रेस नेता आसिफ अली की नागपुर डिवीजन के अभियंता अंशुमन शुक्ला से अंडरब्रिज निर्माण को लेकर विस्तृत और तकनीकी चर्चा हुई। इसके बाद अभियंता शुक्ला, आसिफ अली और उनके साथियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
अभियंता अंशुमन शुक्ला ने बताया कि अंडरब्रिज में पुशिंग का कार्य शेष है। इसके तहत रेलवे पटरी के नीचे 44 मीटर क्षेत्र में 11-11 मीटर के चार कांक्रीट बॉक्स लगाए जाएंगे। यह कार्य तकनीकी रूप से संवेदनशील है और इसे पूरा करने में करीब एक माह का समय लगेगा। इस दौरान यात्री और मालगाड़ियों की गति सीमित रखनी होगी, जिसके लिए रेलवे की विशेष अनुमति जरूरी है।
चर्चा के दौरान अभियंता शुक्ला ने अंडरब्रिज निर्माण के प्रभारी वरिष्ठ अभियंता मिनेश कुमार से मोबाइल पर बात कराई। इस बातचीत में मार्च महीने से काम शुरू कर जून तक अंडरब्रिज निर्माण पूरा करने की बात कही गई।
इस पर कांग्रेस नेता आसिफ अली ने साफ कहा कि यदि मार्च में काम शुरू नहीं हुआ तो चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
इस दौरान पार्षद छोटे लाल रामटेके, विशाल गड़े, पंचराम निषाद, गोपाल सिन्हा, जितेंद्र साहू और शेख अनीश मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ के स्कूल बनते जा रहे हिंसा के अड्डे : विशु अजमानी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में स्कूली बच्चों से जुड़ी लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक माहौल और शिक्षा परिसरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल, जिन्हें बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की नींव माना जाता है, अब असुरक्षा और भय के केंद्र बनते नजर आ रहे हैं।
राजनांदगांव जिले में एक स्कूली छात्र पर दिनदहाड़े धारदार हथियार से हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद अभिभावकों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बच्चे स्कूल जाते समय और लौटते वक्त भी सुरक्षित नहीं हैं, तो उनकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है, इसी बीच राजधानी रायपुर के आत्मानंद स्कूल में एक छात्र के पास चाकू मिलने की घटना ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है। स्कूल परिसर के भीतर इस तरह की घटनाएं सामने आना यह दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्था कहीं न कहीं पूरी तरह विफल हो चुकी है। यह मामला केवल एक स्कूल या एक छात्र तक सीमित नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी है। इन घटनाओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव विशु अजमानी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि यह केवल स्कूलों में सुरक्षा की कमी का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे, हिंसा और सरकार की नीतिगत लापरवाही का सीधा परिणाम है। श्री अजमानी ने कहा बच्चों के हाथों में किताबों की जगह हथियार नजर आना बेहद खतरनाक संकेत है। यह साफ दर्शाता है कि प्रदेश में बच्चों को मिलने वाला सामाजिक और मानसिक वातावरण तेजी से बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आंख मूंदकर बैठी है और इसका खामियाजा मासूम बच्चे भुगत रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को इन घटनाओं को अलग-थलग मामलों के रूप में देखने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह आने वाले समय के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
प्रदेश सचिव विशु अजमानी ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ किया जाए, नशे के खिलाफ प्रभावी, निरंतर और जमीनी स्तर पर अभियान चलाया जाए, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति को समझे बिना केवल प्रशासनिक कदम पर्याप्त नहीं होंगे।
अंत में विशु अजमानी ने दो टूक कहा कि प्रदेश के बच्चों का सुरक्षित, सकारात्मक और भयमुक्त भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

India US Interim Trade Deal: भारत की जिन चीजों पर जीरो टैरिफ, वे अमेरिका में कितने की बिकेंगी? एक नजर में देखें पूरी लिस्ट…

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भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा टैरिफ विवाद आखिरकार खत्म हो गया है. दोनों देशों के एक अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर सहमत होने से भारतीय एक्सपोर्टर्स को काफी बड़ा बढ़ावा मिला है.

इस समझौते के तहत जहां ज्यादातर भारतीय सामानों पर 50% के बजाय 18% कम टैरिफ लगेगा, वहीं कई जरूरी प्रोडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में जीरो टैरिफ एक्सेस दिया गया है. आइए जानते हैं कि इसके बाद अमेरिका में जीरो टैरिफ वाले प्रॉडक्ट्स कितने में बिकेंगे.

जेनेरिक दवाएं

भारत को पहले से ही दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है. यह डील इस स्थिति को और भी ज्यादा मजबूत करती है. भारतीय जेनेरिक दवाओं पर जीरो टैरिफ लगाने से अमेरिका में आम दवाओं की कीमतों में काफी कमी आने की उम्मीद है. जो पहले इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से लगभग 15 डॉलर प्रति स्ट्रिप बिकती थीं अब उनकी कीमत 9 से 10 डॉलर होने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ अमेरिकी मरीजों के लिए जरूरी दवाएं ज्यादा किफायती होंगी बल्कि भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए भी निर्यात की मात्रा और मुनाफे में भी बढ़ोतरी होगी.

रत्न और हीरे

गुजरात और महाराष्ट्र में भारत के हीरा पॉलिशिंग हब को काफी ज्यादा फायदा होने वाला है. भारत से निर्यात किए जाने वाले पॉलिश किए गए हीरे और कीमती पत्थर अब बिना किसी इंपॉर्टेंट ड्यूटी के अमेरिका के बाजार तक पहुंच पाएंगे. एक हीरे की अंगूठी जो पहले अमेरिका में लगभग $1000 में बिकती थी अब उसकी कीमत ₹650 से $700 के करीब हो सकती है. इससे भारतीय हीरे बेल्जियम या फिर यूएई के हीरों की तुलना में काफी ज्यादा कॉम्पिटेटिव हो जाएंगे.

विमान के पुर्जे

भारत में बनाए गए विमान के पुर्जे, जिन पर पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से टैरिफ लगता था अब अमेरिका में ड्यूटी फ्री बेचे जाएंगे. यह बदलाव भारत के बढ़ते एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए काफी जरूरी है. टैरिफ के हटने से भारतीय सप्लायर कम कीमतों पर पुर्जे दे सकते हैं.

सिल्क प्रोडक्ट्स

सिल्क प्रोडक्ट्स की कुछ खास कैटिगरी को अब अमेरिका में जीरो टैरिफ एक्सेस मिलेगा. यह $113 बिलियन का मार्केट है. उदाहरण के लिए एक भारतीय सिल्क स्कार्फ जिसकी कीमत पहले अमेरिका में लगभग $50 की थी, अब शिपिंग और लोकल टैक्स के आधार पर $30 से $35 में मिल सकता है.

हस्तशिल्प और कारीगरी के प्रोडक्ट्स

पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प को भी जीरो टैरिफ लिस्ट में शामिल किया गया है. हालांकि फाइनल रिटेल कीमतें अभी भी लॉजिस्टिक्स और यूएस स्टेट टैक्स पर निर्भर करेंगी लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी हटने से यह प्रोडक्ट काफी ज्यादा सस्ते हो जाएंगे.

बच्चा ऑनलाइन गेम खेलता है, उसके दिमाग में सुसाइड के ख्याल तो नहीं आ रहे? ये संकेत दिखें तो हो जाएं अलर्ट…

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. यहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों बहनें एक टास्क बेस्ड ऑनलाइन कोरियन लव गेम की आदी थी.

वहीं यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं बल्कि डिजिटल दौर में बच्चों की मानसिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है.

दरअसल साहिबाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन बहनें, जिनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल थी. लंबे समय से मोबाइल गेमिंग में डूबी हुई थी. बताया गया कि वे न स्कूल जाती थी और न ही बाहर किसी से मिलती थी. तीनों ने अपने लिए कोरियन नाम तक रख लिए थे और कोरियन कल्चर को फॉलो करने लगी थी. परिवार के अनुसार पिता ने जब उनकी गेमिंग की आदत पर आपत्ति जताई और मोबाइल फोन छीन लिया, तो तीनों गहरे मानसिक दबाव में चली गई. जिसके बाद उन्होंने फ्लैट की बालकनी से छलांग लगाकर जान दे दी. मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा था मम्मी-पापा सॉरी… हम गेम नहीं छोड़ पा रही है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि बच्चा ऑनलाइन गेम खेलता है तो उसके दिमाग में सुसाइड के ख्याल तो नहीं आ रहे हैं और कौन से संकेत दिखें तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए.

क्या है कोरियन लव गेम?

एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरियन लव गेम एक ऐसा ऑनलाइन गेम है, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए एक अनजान व्यक्ति यूजर से संपर्क करता है. वह खुद को काेरियन बताकर दोस्ती और प्यार की बातें करता है. वहीं भरोसा जीतने के बाद वह छोटे-छोटे टास्क देना शुरू करता है. वहीं शुरुआत में टास्क आसान होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे मुश्किल और मानसिक दबाव बढ़ाने वाले हो जाते हैं. अगर यूजर टास्क पूरा करने से मना करें तो उसे डराया और धमकाया जाता है. इस तरह के गेम में करीब 50 टास्क होते हैं, जो कई दिनों तक चलते हैं.

ऑनलाइन गेम बच्चों के दिमाग पर कैसे डालते हैं असर?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों और किशोरों का दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं होता है. ऐसे में वे गेम के कैरेक्टर और चैलेंज को ही असली दुनिया मानने लगते हैं. टास्क पूरे करने का दबाव, डर और हार का भय उनके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है. इसके अलावा अमेरिकी साइकोलॉजिस्ट जीन एम. ट्वेंग की किताब iGen के अनुसार 2011 के बाद से ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया एडिक्शन के कारण युवाओं में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

कौन से संकेत दिखें तो हो जाएं अलर्ट

अगर आपका बच्चा हर वक्त मोबाइल या गेम के बारे में ही सोचता रहता है, गेम रोकने पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन दिखाता है, परिवार और दोस्तों से दूरी बनाने लगे, नींद और दिनचर्या बिगड़ जाए, पढ़ाई में रुचि खत्म हो जाए, बार-बार उदासी, डर या खालीपन महसूस करें तो ये ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन के संकेत हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर ऐसे 4 से 5 संकेत लगातार दिखें तो पेरेंट्स को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए.

पेरेंट्स क्या करें?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बच्चों को मोबाइल देना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन निगरानी बहुत जरूरी है. पेरेंट्स को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए. उनके स्क्रीन टाइम पर नजर रखनी चाहिए और स्मार्टफोन में पेरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करना चाहिए. पेरेंटल कंट्रोल की मदद से बच्चों के गेम्स, ऐप्स और ऑनलाइन कंटेंट को सीमित किया जा सकता है. इससे वे खतरनाक गेम्स और चैलेंज से दूर रह सकते हैं.