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“महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण बयान”

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महिला आरक्षण विधेयक का महत्व

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो देश की आधी जनसंख्या को नीति निर्धारण में शामिल करने का मौका प्रदान करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह विधेयक राजनीतिक दृष्टिकोण से देश की दिशा और दशा को निर्धारित करेगा। मोदी ने यह स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को राजनीतिक रंग देने की आवश्यकता नहीं है, और अतीत में जिन लोगों ने इसका विरोध किया, उन्हें महिलाओं ने माफ नहीं किया।

महिलाओं की भागीदारी की आवश्यकता

मोदी ने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ क्षण महत्वपूर्ण होते हैं, और समाज की मानसिकता और नेतृत्व की क्षमता उस क्षण को एक मजबूत धरोहर में बदल देती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के संसदीय इतिहास में यह एक ऐसा क्षण है, जब महिला आरक्षण को 25-30 साल पहले लागू किया जाना चाहिए था। आज हम इसे एक नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।

विकसित भारत की परिकल्पना

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति नहीं है, बल्कि इसमें सभी का साथ और विकास का मंत्र शामिल होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को नीति निर्धारण में शामिल करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग महिला आरक्षण का विरोध करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि महिलाएं अब अपनी आवाज उठाने लगी हैं।

राजनीतिक जागरूकता का महत्व

मोदी ने बताया कि पिछले 25-30 वर्षों में, जो महिलाएं पंचायत चुनावों में जीतकर आई हैं, उनमें राजनीतिक जागरूकता बढ़ी है। पहले वे चुप रहती थीं, लेकिन अब वे अपनी बात कहने में संकोच नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीतिक प्रगति चाहते हैं, उन्हें यह मानना होगा कि ये महिलाएं अब निर्णय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Women Reservation Bill: ‘नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’, पीएम मोदी ने क्या कहा? 10 बड़े अपडेट…

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Women Reservation Bill: आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे, इनका उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन को पूरी तरह से लागू करना है, सत्र से पहले PM नरेंद्र मोदी ने इसे शासन में महिलाओं की भागीदारी को मज़बूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

संसद का तीन दिन का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा। यह आरक्षण संभवतः 2029 से लागू होगा लेकिन सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार संवैधानिक संशोधन बिल पास कराने के लिए ज़रूरी, सदन में मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत हासिल कर पाएगी।

महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन से जुड़ी 10 खास बातें

महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन किया गया है, इसे 106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 कहा जा रहा है।

इस बिल के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।

इस विधेयक को आधिकारिक तौर पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया है।

यह बिल पहली बार 1996 में पेश हुआ था, लेकिन कई बार पास नहीं हो सका और करीब 27 साल बाद 2023 में पास हुआ।

यह कानून तुरंत लागू नहीं होगा, बल्कि इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन (Delimitation) जरूरी है।

नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सीटों का आरक्षण लागू किया जाएगा।

अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण होगा।

यह आरक्षण व्यवस्था शुरू में 15 वर्षों के लिए लागू होगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

आरक्षित सीटें हर चुनाव में रोटेशन (घूम-घूमकर) बदलेंगी, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को मौका मिलेगा यानी कि रोटेशन सिस्टम लागू होगा।

इस बिल का मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की संख्या और भागीदारी बढ़ाना है, जिससे निर्णय लेने में संतुलन आए।

पीएम मोदी ने Women Reservation Amendment Bill पर क्या कहा?

गुरुवार को पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि- आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।’

व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।

ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥

आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।

व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।

ता त्वामुषर्वसूयवो…

“महिलाओं के आरक्षण पर मोदी का विपक्ष से सहयोग का आग्रह”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्षी दलों से अपील की कि वे महिलाओं के आरक्षण से संबंधित प्रस्तावित कानून को राजनीतिक रंग न दें। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय हित में है और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बदलने की क्षमता रखता है।

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, सीमांकन विधेयक और संघ क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक पर गरमागरम बहस के दौरान, मोदी ने सभी सांसदों से एकजुटता की अपील की, यह कहते हुए कि यह विधेयक देश के लिए फायदेमंद होगा, न कि किसी एक पार्टी के लिए।

मैं सभी सांसदों से अनुरोध करता हूं कि इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखें। यह राष्ट्रीय हित में एक निर्णय है। आइए हम इस अवसर को न चूकें और निर्णय लेने में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें,” प्रधानमंत्री ने कहा।

विधेयक के महत्व को उजागर करते हुए, मोदी ने कहा कि महिलाओं का आरक्षण भारत के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। “हमें इस अवसर का लाभ उठाकर देश की राजनीति को एक नई दिशा देने और लोकतंत्र को मजबूत करने का सौभाग्य मिला है। यह कदम देश की ‘

disha और asha’ को बदल देगा,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री ने अतीत के राजनीतिक रुझानों का भी उल्लेख किया।

“जिन्होंने अतीत में महिलाओं के आरक्षण का विरोध किया, उन्हें देश की महिलाओं द्वारा माफ नहीं किया गया और उन्हें बाद के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा,” उन्होंने कहा।

सीमांकन को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए, मोदी ने आश्वासन दिया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। “किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा, चाहे वह पूर्व से पश्चिम हो या उत्तर से दक्षिण,” उन्होंने राजनीतिक पक्षपात के डर को कम करने का प्रयास किया।

दिनभर, निचले सदन में विधेयकों के परिचय के दौरान तीव्र बहस हुई।

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, जो महिलाओं के आरक्षण से संबंधित प्रावधानों में संशोधन करने के लिए पेश किया गया, को 251 सदस्यों ने समर्थन दिया और 185 ने इसके खिलाफ वोट दिया। इसके साथ ही, सीमांकन विधेयक, 2026 और संघ क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किए गए ताकि दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे संघ क्षेत्रों में प्रस्तावित आरक्षण को लागू किया जा सके।

मतदान प्रक्रिया में राजनीतिक सक्रियता बढ़ी, विपक्ष ने सामान्य आवाज मत के बजाय औपचारिक विभाजन की मांग की। स्वचालित मत रिकॉर्डर प्रणाली का उपयोग किया गया, और मत पत्रों का भी उपयोग किया गया, जिसमें कुल 333 सदस्यों ने एक राउंड में बिना किसी अनुपस्थिति के मतदान किया।

इससे पहले, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयकों का औपचारिक परिचय दिया, जो विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मतदान के आंकड़े की घोषणा की, यह बताते हुए कि ये आंकड़े सत्यापन के अधीन हैं। विधेयकों के परिचय से पहले लगभग 40 मिनट तक चली बहस ने खजाने और विपक्षी बेंचों के बीच तीव्र विभाजन को दर्शाया, विशेष रूप से महिलाओं के आरक्षण, जनगणना और सीमांकन के बीच संबंध पर।

जबकि सरकार ने कहा कि ये उपाय भविष्य की जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं के साथ प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह संबंध महिलाओं के आरक्षण के वास्तविक कार्यान्वयन में देरी कर सकता है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, प्रधानमंत्री ने इस कदम के व्यापक महत्व पर जोर दिया। “भारत के विकास यात्रा में, यह एक ऐसा क्षण है जब हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारी आधी जनसंख्या निर्णय लेने में समान भागीदार बने,” मोदी ने कहा।

CG” देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना’

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मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्वगणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ’

जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील’

जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल श्री मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना श्री कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

उन्नत कृषि से समृद्धि: मोर कुटुंभ के किसान मक्के की खेती में रचा इतिहास, प्रति एकड़ 35 क्विंटल की पैदावार”

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राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृषि आधारित नीतियों से प्रेरित होकर राजनांदगांव जिले के किसान अब आधुनिक और उन्नत खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के ग्राम मौरकुटुंभ के प्रगतिशील किसान एवं भाजपा किसान मोर्चा के जिला प्रकल्प संयोजक मयाराम साहू ने अपनी 12 एकड़ की कृषि भूमि पर मक्के की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार लेकर मिसाल पेश की है।

विशेषज्ञों की टीम ने किया फसल का निरीक्षण
मयाराम साहू की इस उपलब्धि का जायजा लेने के लिए भाजपा किसान मोर्चा के वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक टीम उनके खेत पहुँची। किसान मोर्चा प्रकल्प संयोजक एवं पूर्व डीडीओ एस. के. सिंह ने फसल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मयाराम साहू ने आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से प्रति एकड़ 35 क्विंटल मक्के की पैदावार ली है, जो कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अन्य किसानों को भी धान के बदले ऐसी लाभप्रद फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

किसानों की आय दोगुनी करना ही भाजपा का लक्ष्य: रवि सिन्हा
निरीक्षण के दौरान उपस्थित जिला भाजपा सह-प्रवक्ता एवं नगर निगम पार्षद रवि सिन्हा (अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति, विज्ञान कॉलेज) ने कहा कि, “भाजपा सरकार की प्राथमिकता किसानों की लागत कम करना और आय बढ़ाना है। मयाराम साहू जैसे प्रगतिशील किसान अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”

वरिष्ठ नेताओं ने बढ़ाया किसानों का उत्साह
इस भ्रमण एवं किसान मेल-मुलाकात कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं किसान नेता पन्ना लाल जैन, छत्तीसगढ़ ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश सह-सोशल मीडिया प्रभारी एवं किसान मोर्चा जिला सदस्य रमेश सोनवानी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य किसान उपस्थित रहे। सभी ने मयाराम साहू के उन्नत कृषि मॉडल की सराहना की।

दादूराम सोनकर के नेतृत्व में नवाचार पर जोर
किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दादूराम सोनकर के मार्गदर्शन में जिला किसान मोर्चा लगातार गांवों का दौरा कर उन्नत कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। मोर्चा का लक्ष्य है कि जिले का हर किसान समृद्ध बने और सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ उठा सके।

यह जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी सतीश यादव द्वारा दी गई।

CG” खनिजों का अवैध परिवहन करने पर लगातार की जा रही कार्रवाई…

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राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग की टीम द्वारा राजनांदगांव तहसील अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान खनिजों का अवैध परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की गई।

जिसमें राजनांदगांव निवासी अरूण चोपड़ा के स्वामित्व की हाईवा सीजी 08 एटी 5889 से रायपुर निवासी वाहन चालक दीपक सोनी तथा ग्राम गैंदाटोला निवासी पप्पू शर्मा के स्वामित्व की हाईवा सीजी 08 बीसी 6894 से ग्राम जोशीलमती निवासी वाहन चालक नीरज नेताम द्वारा रेत का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना सुरगी को सुपुर्द किया गया।

इसी तरह राजनांदगांव निवासी रवि कपूर के स्वामित्व की हाईवा सीजी 08 एएक्स 5765 से ग्राम चारभाठा निवासी वाहन चालक नीतेश साहू तथा राजनांदगांव निवासी अमित हरियाणों के स्वामित्व की हाईवा सीजी 08 बीडी 7487 से ग्राम बेलोदी बालोद निवासी वाहन चालक तोरन विश्वकर्मा द्वारा रेत का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना पुलिस लाईन राजनांदगांव सुपुर्द किया गया।

प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।

CG” 1 मई से सुशासन तिहार 2026 होगा शुरू’ सुशासन तिहार 2026 की सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें – कलेक्टर’

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– औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की सुरक्षा मापदण्डों की जांच के लिए एसडीएम एवं तहसीलदार को दिए निर्देश
– सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांटों में सुरक्षा व्यवस्था रखने के दिए निर्देश
– कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाना करं सुनिश्चित- कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के दिए निर्देश
– प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने कहा
– कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 की शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। जिले में 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसकी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को सुरक्षा संबंधी मापदण्डों की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिससे हरित ऊर्जा की ओर लोगों का रूझान बढ़ेगा। इस योजना के अंतर्गत कालोनी में भी सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। कलेक्टर ने कहा कि मिशन जल रक्षा के तहत कृषकों को धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने से जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

कलेक्टर ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा के लिए किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने अधिक से अधिक किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा की।

कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने तथा खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांकन के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।

शिविर लगाकर बटवारा, नामांतरण एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का तत्परता एवं सक्रियतापूर्वक निराकरण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि अटल पोर्टल मानिटरिंग में निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सभी विभाग उत्कृष्ट प्रदर्शन करें तथा समय पर डाटा एण्ट्री करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करेगें तथा सभी जनपदों में भी ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में नाले की साफ-सफाई निरंतर होनी चाहिए तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें।

उन्होंने नगर निगम द्वारा किए जा रहे कर संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जनमानस को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा नियमित योग कराने आयुष विभाग को निर्देश दिए।

कलेक्टर  ने समर कैम्प, ग्राम पंचायतों में कर वसूली, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य, जनदर्शन के प्रकरणों का निराकरण के संबंध में जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि किशोरी बालिकाओं को कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन तथा निरामया नव्या कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए कहा।

इस अवसर पर बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

CG” महतारी वंदन योजना अंतर्गत निःशुल्क KYC शिविर का आयोजन…

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राजनांदगांव। वार्ड क्रमांक 39 में महतारी वंदन योजना के सफल एवं सुचारू संचालन हेतु पार्षद  रवि सिन्हा  द्वारा दिनांक 13 अप्रैल 2026 को एक निःशुल्क KYC शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर वार्डवासियों, विशेषकर माताओं एवं बहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया, ताकि उन्हें KYC प्रक्रिया के लिए कहीं दूर न जाना पड़े।

यह शिविर नागेश्वर मंदिर परिसर, वार्ड नं. 39 में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक संचालित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपस्थित होकर योजना का लाभ उठाया। शिविर में उपस्थित कर्मियों द्वारा हितग्राहियों का KYC कार्य सरल एवं त्वरित तरीके से पूर्ण किया गया।

पार्षद रवि सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचे, इसके लिए वार्ड स्तर पर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा। उन्होंने सभी वार्डवासियों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर उपस्थित हों।

आवश्यक दस्तावेजों में पंजीयन आईडी, आधार कार्ड एवं OTP प्राप्त करने हेतु मोबाइल फोन शामिल रहे।

अंत में पार्षद रवि सिन्हा ने शिविर में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वार्डवासियों का आभार व्यक्त किया।

“गर्मी में घर को ठंडा रखने के देसी उपाय: जानें कैसे करें राहत”

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गर्मी में ठंडक पाने के सरल उपाय

गर्मी के मौसम में तेज धूप से घर की छत और दीवारें इतनी गर्म हो जाती हैं कि अंदर रहना कठिन हो जाता है। एयर कंडीशनर और कूलर महंगे होते हैं और बिजली का बिल भी बढ़ा देते हैं। ऐसे में पारंपरिक देसी उपाय आज भी सबसे प्रभावी और किफायती साबित हो रहे हैं। इन सरल तरीकों से आप बिना ज्यादा खर्च किए अपने घर को ठंडा और आरामदायक बना सकते हैं। ये उपाय न केवल पैसे बचाते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लाखों लोग आज भी इन देसी नुस्खों पर भरोसा करते हैं।

छत पर पानी का छिड़काव

गर्मी में घर को ठंडा रखने का एक पुराना और प्रभावी तरीका है छत पर दिन में 2-3 बार पानी डालना। इससे छत की गर्मी काफी कम हो जाती है और नीचे के कमरों में ठंडक बनी रहती है। खासकर शाम को पानी डालने से रात भर घर में आरामदायक माहौल रहता है। यह तरीका आज भी उतना ही प्रभावी है जितना पहले था।

छत पर सफेद पेंट या कूल रूफ कोटिंग

छत को सफेद रंग से पेंट करवाना या चूने की पुताई कराना एक अच्छा उपाय है, जिससे छत कम गर्म होती है। कई लोग कूल रूफ कोटिंग का भी उपयोग करते हैं, जो घर के अंदर का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकती है और लंबे समय तक राहत देती है।

खिड़कियों पर गीले पर्दे लगाएं

घर को प्राकृतिक तरीके से ठंडा रखने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर गीले पर्दे लगाएं। जब हवा इन गीले पर्दों से गुजरती है, तो यह स्वाभाविक रूप से ठंडी हो जाती है। यह तरीका बिजली की खपत नहीं करता और देसी कूलर की तरह काम करता है। गर्म हवा को ठंडा करने का यह एक सरल और प्रभावी उपाय है।

घर के अंदर पौधे लगाएं

इनडोर पौधे न केवल हवा को शुद्ध करते हैं, बल्कि आसपास का तापमान भी कम करते हैं। बालकनी, खिड़की या कमरे के कोनों में हरे-भरे पौधे रखने से घर में ठंडक का एहसास बना रहता है। बिना किसी खर्च के गर्मी से राहत पाने का यह बेहतरीन तरीका है।

दिन में खिड़कियां बंद, शाम को खोलें

दिन के समय खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि दोपहर की गर्म हवा अंदर न आए। शाम को जब हवा ठंडी हो जाए, तो उन्हें खोल दें। इससे घर का वातावरण काफी आरामदायक हो जाता है। थोड़ी सी समझदारी और सही समय का ध्यान रखकर आप गर्मी में भी अपने घर को ठंडा और सुखद बना सकते हैं।

‘पोइला बोइशाख’ पर पीएम मोदी की पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील, ‘विकसित राज्य बनाने का लें संकल्प’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘पोइला बोइशाख’ के अवसर पर पश्चिम बंगाल के लोगों को पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।

पत्र में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में कुशासन, अराजकता और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिससे आम लोगों के बुनियादी अधिकार, सम्मान और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में माताओं-बहनों की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार के अवसर और गरीबों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य कभी पूरे देश को नई दिशा दिखाने वाला रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लें।

उन्होंने कहा, “आइए हम सभी मिलकर एक ऐसे पश्चिम बंगाल का निर्माण करें, जहां कोई गरीब भूखा न सोए, हर किसी को भोजन मिले, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और बिना डर के घर से बाहर निकल सकें, और युवाओं को रोजगार के लिए राज्य छोड़कर न जाना पड़े।”

प्रधानमंत्री ने राज्य के भविष्य को आने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो पश्चिम बंगाल फिर से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा और एक ‘विकसित राज्य’ के रूप में अपनी पहचान फिर हासिल करेगा।

उन्होंने चुनाव को एक निर्णायक मोड़ बताते हुए मतदाताओं से सही फैसला लेने की अपील की। पीएम मोदी ने इसे ‘सच और झूठ की लड़ाई’ करार दिया और लोगों से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा का समर्थन करेंगे और पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को तय है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों के साथ जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। कांग्रेस और वाम दल अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे।