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बाजार में हलचल के बीच ये शेयर रॉकेट की तरह भागा, दिया 265% का रिटर्न; निवेशकों की हो गई मौज…

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Prime Focus Multibagger Stock: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्टॉक्स ऐसे भी होते हैं जो निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर चौंका देते हैं. Prime Focus Limited ऐसा ही एक मल्टीबैगर स्टॉक बनकर उभरा है.

जिसने कम समय में ही जबरदस्त तेजी दिखाई है.

सबसे खास बात यह है कि यह तेजी ऐसे दौर में आई है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और ओवरऑल मार्केट में गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है. आइए जानते हैं, इस मल्टीबैगर स्टॉक के विषय में…

चर्चा में बनी हुई है कंपनी

हाल के समय में प्राइम फोकस के शेयरों में आई तेजी के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं. जिनमें बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ी चर्चा भी शामिल है. मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी ने 46 करोड़ से ज्यादा शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी थी. जिसमें फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर भी संभावित निवेशकों में शामिल बताए गए थे.

उनके करीब 12.5 लाख शेयर लेने की बात सामने आई थी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने अब तक निवेश पूरा किया है या नहीं. लेकिन इस खबर ने निवेशकों के बीच उत्साह जरूर बढ़ाया है.

मजबूत रिटर्न से निवेशकों को किया मालामाल

हाल के महीनों में कंपनी शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो, इसने निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का मौका दिया है. स्टॉक ने 347.80 रुपये का अपना 52 हफ्तों का उच्च स्तर भी छुआ है.

आखिरी 6 महीनों में इसमें करीब 88.08 की तेजी देखने को मिली है, जबकि एक साल में यह लगभग 265 फीसदी तक उछल गया है. जो इसे एक मजबूत मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में पेश करता है.

क्या करती है कंपनी?

प्राइम फोकस लिमिटेड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी एक प्रमुख कंपनी है. जो पर्दे के पीछे रहकर फिल्मों, वेब सीरीज, टीवी प्रोग्राम और विज्ञापनों को आकर्षक बनाने का काम करती है.

कंपनी खासतौर पर VFX, एनीमेशन और प्रोडक्शन से जुड़े काम संभालती है. जिससे कंटेंट को बेहतर और हाई-टेक लुक दिया जा सके.

शेयर बाजार में कंपनी का हाल

बीएसई पर आखिरी कारोबारी दिन प्राइम फोकस के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी. शेयर 0.97 प्रतिशत या 3.25 रुपये की गिरावट के साथ 331.35 रुपये पर ट्रेड करते हुए दिन की समाप्ति की थी.

दिन का इंट्रा डे हाई 340 रुपये था. कंपनी शेयरों के 52 सप्ताह के हाई लेवल की बात करें तो, इस दौरान शेयरों ने 347.80 रुपये का आंकड़ा छूआ था. वहीं, 52 सप्ताह का लो लेवल 85.84 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 25,712.45 करोड़ रुपये आंकी गई है.

Aaj Kiska Match Hai: IPL Super Sunday में आज डबल धमाका! दोपहर में LSG vs SRH, शाम RCB vs CSK, जान लें बड़ी बातें…

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IPL 2026 Today Match 5th April 2026: आईपीएल में आज का दिन फैंस के लिए पूरा पैसा वसूल रहने वाला है। आज सुपर संडे में एक नहीं बल्कि दो बड़े मुकाबले होने वाले हैं। दोपहर में एक्शन शुरू होगा और रात तक रोमांच बना रहेगा।

अगर आप सोच रहे हैं कि आज किसका मैच है, कब शुरू होगा और किसमें क्या खास है, तो यहां जानिए दोनों मैचों का पूरा शेड्यूल, पिच का हाल और कौन किस पर भारी पड़ सकता है।

IPL में आज किसका मैच है?

आज दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा, जिसमें लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने होंगे। दूसरा मुकाबला शाम 7:30 बजे से होगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स की टक्कर देखने को मिलेगी। मतलब पूरा दिन क्रिकेट ही क्रिकेट छाने वाला है।

LSG vs SRH: पहले मुकाबले में किसका पलड़ा भारी?

हैदराबाद का घरेलू मैदान इस सीजन पहली बार मैच होस्ट कर रहा है और टीम पूरे कॉन्फिडेंस में दिख रही है। पिछले मैच में शानदार जीत के बाद सनराइजर्स का मूड हाई है। दूसरी तरफ लखनऊ की टीम अपने पहले मैच में लड़खड़ा गई थी और अब वापसी करना चाहेगी। लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) के लिए सबसे बड़ी चिंता बैटिंग रही है। टीम में बड़े नाम हैं, लेकिन पिछले मैच में तालमेल नहीं दिखा। खासकर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) का ओपनिंग करना ज्यादा काम नहीं आया और अब उनके बैटिंग ऑर्डर पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की बात करें तो टीम बैलेंस्ड नजर आ रही है। टॉप ऑर्डर फॉर्म में है और मिडिल ऑर्डर भी मजबूत दिख रहा है। अपने घर में खेलने का फायदा भी उन्हें मिल सकता है। अगर लखनऊ को जीतना है तो बैटिंग क्लिक करनी ही पड़ेगी, वरना हैदराबाद भारी पड़ सकता है।

SRH vs LSG: क्या कहती है पिच?

हैदराबाद की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है, खासकर दिन के मैच में। यहां बड़े स्कोर बनने के चांस रहते हैं, जिससे मैच हाई-स्कोरिंग हो सकता है। यानी फैंस को चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिल सकती है।

RCB vs CSK: दूसरे मुकाबले में असली हाई-वोल्टेज क्लैश

शाम का मैच असली मसाला लेकर आएगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) की भिड़ंत हमेशा से खास रही है और इस बार भी फैंस को बड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। RCB इस समय अच्छी फॉर्म में है और अपनी लय बरकरार रखना चाहेगी। वहीं CSK ने अभी तक वैसा खेल नहीं दिखाया है जैसा उनसे उम्मीद होती है। टीम की बॉलिंग और बैटिंग दोनों में थोड़ा असंतुलन नजर आया है। इस मैच में सबसे ज्यादा नजरें विराट कोहली (Virat Kohli) और ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) जैसे बड़े नामों पर रहेंगी, जो मैच का रुख बदल सकते हैं।

CSK vs RCB: क्या रहेगा मैच का मूड?

बेंगलुरु का मैदान आमतौर पर बल्लेबाजों का पसंदीदा होता है। यहां रन तेजी से बनते हैं और 200+ स्कोर भी सेफ नहीं माना जाता। ऐसे में यह मुकाबला भी हाई स्कोरिंग हो सकता है। RCB का कॉन्फिडेंस ज्यादा नजर आ रहा है, लेकिन CSK जैसी टीम को हल्के में लेना हमेशा खतरनाक होता है।

Kendriya Vidyalaya Admission: पहली लिस्ट से लेकर ऑफलाइन एडमिशन तक, आ गई KVS में एडमिशन की सारी डिटेल्स…

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Kendriya Vidyalaya Admission 2026-27: अगर आप अपने बच्चे का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) में कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने साल 2026-27 के सेशन के लिए एडमिशन का पूरा शेड्यूल बता दिया है। माता-पिता काफी समय से पहली लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, जो अब जल्द ही खत्म होने वाला है।

बालवाटिका और कक्षा 1 (Class 1) के लिए पहली प्रोविजनल लिस्ट अप्रैल के दूसरे हफ्ते में आ जाएगी। खास बात यह है कि इस बार एडमिशन पूरी तरह से नियमों और कैटेगरी के हिसाब से होंगे, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के बच्चों और RTE को प्राथमिकता मिलेगी। यहां एडमिशन से जुड़ी तारीखों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है…

केंद्रीय विद्यालय की पहली लिस्ट कब आएगी? (KVS First Selection List)

केवीएस के कैलेंडर के मुताबिक, अलग-अलग क्लास के लिए लिस्ट इन तारीखों पर आएगी: बालवाटिका 1, 2 और 3: इन क्लासेस की पहली लिस्ट 8 अप्रैल 2026 को आएगी। कक्षा 1 (Class 1): पहली लिस्ट 9 अप्रैल 2026 को जारी होगी। असम, केरल और पुडुचेरी के लिए: यहां चुनाव होने की वजह से बालवाटिका और पहली क्लास, दोनों की लिस्ट 10 अप्रैल 2026 को निकाली जाएगी।

KVS Admissions: दूसरी और तीसरी लिस्ट की डेट अगर पहली लिस्ट के बाद सीटें बच जाती हैं, तो दूसरी और तीसरी लिस्ट भी आएगी: दूसरी लिस्ट: 16 अप्रैल 2026 तीसरी लिस्ट: 21 अप्रैल 2026 KV में किसे पहले मिलेगा एडमिशन? (KVS Admission Rules) केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए एक खास ऑर्डर फॉलो किया जाता है:

सबसे पहले RTE (Right to Education) के तहत आने वाले बच्चों का चुनाव होता है। इसके बाद Category 1 और 2 यानी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को जगह मिलती है। सबके बाद अगर सीटें बचती हैं, तो बाकी कैटेगरी के बच्चों का नंबर आता है। KVS ऑफलाइन एडमिशन की जानकारी अगर किसी स्कूल में ऑनलाइन फॉर्म कम भरे गए हैं, तो वहां 21 अप्रैल 2026 को एक नया नोटिस निकाला जाएगा। यह खासकर RTE, SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए होगा।

रजिस्ट्रेशन कब होगा: 22 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक। एडमिशन कब होंगे: 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच।

बड़ी क्लासेस के लिए एडमिशन का नियम;

कक्षा 2 से ऊपर (11वीं को छोड़कर): इनके लिए फॉर्म 2 से 8 अप्रैल 2026 तक ऑफलाइन भरे जाएंगे। इनकी लिस्ट 13 अप्रैल को आएगी और एडमिशन 15 से 20 अप्रैल के बीच होंगे।

11वीं क्लास (Class 11): 11वीं के एडमिशन CBSE 10वीं का रिजल्ट आने के बाद शुरू होंगे। रिजल्ट आने के 10 दिन के अंदर फॉर्म भरने होंगे और महीने भर में सारा काम पूरा हो जाएगा।

नोट: 11वीं को छोड़कर बाकी सभी क्लासेस में एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 30 जून 2026 है। अगर फिर भी सीटें खाली रहीं, तो 31 जुलाई 2026 तक एडमिशन हो सकते हैं।

Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो ‘जादुई रूट’, तेल -LPG की किल्लते होंगी दूर…

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Hormuz Strategic Plan B: होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता माना जाता है, वहां अब ईरान की मनमानी नहीं चलेगी। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की हलचल से एक नई और राहत भरी खबर आई है-व्यापार के लिए एक ‘सेफ पैसेज’ मिल गया है।

यह नया रास्ता ओमान की समुद्री सीमा से होकर निकलता है, जिससे अब अंतरराष्ट्रीय जहाजों को न तो ईरान की मिसाइलों का डर रहेगा और न ही भारी टैक्स देने की मजबूरी।

भारत के लिए यह खबर किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। अब हमारे तेल के टैंकर और मालवाहक जहाज बिना किसी रुकावट के इस नए रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान की ओर से थोपे गए लंबे रास्तों और ‘सुरक्षा टैक्स’ को दरकिनार करते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित कर लिया है। अब मिडिल-ईस्ट के तनाव के बीच भी भारत की तेल सप्लाई बेरोकटोक जारी रहेगी।

ओमान की सीमा: सुरक्षित नया गलियारा

ईरान के हवाई हमलों और ड्रोन खतरों के बीच, अब कमर्शियल जहाजों ने ओमान के समुद्री इलाके का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के जोखिमों से बचते हुए मुसंदम प्रायद्वीप के करीब से निकलता है। खास बात यह है कि यह रास्ता ईरान की सीधी निगरानी से बाहर है, जिससे जहाजों को पकड़े जाने या उन पर हमला होने का डर काफी कम हो गया है।

Strait of Hormuz Crisis: भारतीय जहाजों की सफल आवाजाही

इस नए रास्ते की सफलता का सबसे बड़ा सबूत भारतीय कार्गो जहाज ‘MSV क्यूबा MNV 2183’ का सुरक्षित गुजरना है। दुबई से रवाना हुआ यह जहाज ओमान के डिब्बा पोर्ट के पास देखा गया। भारत के लिए यह मार्ग इसलिए अहम है क्योंकि तनाव के समय में भी हमारी सप्लाई चेन नहीं टूटेगी। अब भारतीय जहाज ईरान के संकरे रास्तों में फंसे बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

IRGC Naval Base Attack: ईरान के ‘टैक्स वसूली’ खेल पर लगाम

तनाव का फायदा उठाते हुए ईरान ने अपना एक नया रूट बनाया था, जहां वह जहाजों की जांच के नाम पर प्रति बैरल तेल पर 1 डॉलर का शुल्क वसूल रहा था। लेकिन ओमान वाले इस नए ‘प्लान-B’ ने ईरान के इस आर्थिक खेल को बिगाड़ दिया है। अब वैश्विक कंपनियां और भारतीय टैंकर ईरान को मनमाना टैक्स दिए बिना सुरक्षित तरीके से अपना माल ले जा सकते हैं।

तकनीक का सहारा: लोकेशन सिग्नल बंद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हाब्रुत’ और ‘धलकुट’ जैसे बड़े तेल टैंकरों ने मुसंदम प्रायद्वीप के पास अपने ट्रांसपोंडर (AIS) बंद कर दिए थे। यह एक युद्धकालीन रणनीति है ताकि दुश्मन की रडार से बचा जा सके। मस्कट से 350 किमी दूर इन जहाजों का दोबारा दिखना यह साबित करता है कि ओमान के रास्ते का इस्तेमाल ‘साइलेंट ऑपरेशन’ की तरह सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

IRGC के ठिकानों पर हमले का असर

हाल ही में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्य नौसैनिक अड्डे पर हुए धमाकों ने ईरान की पकड़ कमजोर कर दी है। गोदामों में लगी आग और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण ईरान अब समुद्री मार्ग पर उतनी सख्ती नहीं कर पा रहा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर वैश्विक व्यापार ने एक वैकल्पिक रास्ता मजबूती से अपना लिया है, जो भारत के लिए बड़ी राहत है।

कांग्रेस उम्मीदवार की चुनावी रैली, सचिन पायलट का संबोधन…

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चुनावी रैली में जुटी भारी भीड़

कांग्रेस के उम्मीदवार रकीबुद्दीन अहमद ने विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अपनी चुनावी मुहिम को तेज कर दिया है। शुक्रवार को गोरैमारी टाउन क्लब में आयोजित एक विशाल जनसभा में 20,000 से अधिक लोग शामिल हुए।

सचिन पायलट का संबोधन

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव सचिन पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए चमरिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से रकीबुद्दीन अहमद के पक्ष में वोट देने की अपील की। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की, जिसमें अन्याय, भ्रष्टाचार, विभाजनकारी राजनीति, मूल्य वृद्धि और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार शामिल हैं। उन्होंने असम की जनता से भाजपा सरकार को हटाने और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को सत्ता में लाने की अपील की।

AIUDF और AGP पर निशाना

पायलट ने असम के मतदाताओं से कहा कि वे AIUDF और AGP को वोट न दें, क्योंकि ये दल चमरिया विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करने के लिए उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सभी समुदायों को शिक्षा, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा और श्रमिक अधिकार जैसे बुनियादी अधिकार प्रदान किए हैं, जबकि भाजपा सरकार संविधान की अनदेखी कर रही है।

डॉ. सैयद नासिर हुसैन का समर्थन

AICC महासचिव और कर्नाटका के सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि रकीबुद्दीन अहमद 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीतेंगे, भले ही AGP, BJP और AIUDF उनके खिलाफ एकजुट हो गए हों। उन्होंने असम में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा किए गए अत्याचारों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष का बयान

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस समिति की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि भाजपा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, लेकिन उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हत्या और बलात्कार के मामले बढ़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर जूबीन गर्ग को 100 दिनों के भीतर न्याय मिलेगा और महिलाओं को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

रकीबुद्दीन अहमद का विकास का वादा

कांग्रेस के उम्मीदवार रकीबुद्दीन अहमद ने अपने पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख किया और आश्वासन दिया कि यदि उन्हें फिर से वोट दिया गया, तो वे अपने क्षेत्र में और विकास परियोजनाएं लाएंगे। सभा में कांग्रेस पार्टी के कई अन्य नेता भी उपस्थित थे, जिनमें असम महिला कांग्रेस समिति की महासचिव रुमी बरगोहाईन और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रेखा चौहान शामिल थे।

मार्केट आउटलुक: आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से तय होगा शेयर बाजार का रुझान…

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भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

ब्याज दरों की समीक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (आरबीआई-एमपीसी) की बैठक 6-8 अप्रैल के बीच प्रस्तावित है।

यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं, जिससे महंगाई को लेकर दुनियाभर में चिंताएं बढ़ रही हैं।

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध भी शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि युद्ध का प्रभाव अब दुनिया की आपूर्ति श्रृंख्लाओं पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में इस युद्ध से जुड़े अपटेड आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार के लिए अहम होंगे।

मौजूदा समय में कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बीते एक महीने में इसमें 34 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आने वाले हफ्ते में कच्चे तेल की चाल पर निवेशकों की निगाहें बनी रहेंगी।

बीते हफ्ते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 1,953.90 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,319.55 और निफ्टी 593.35 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,713 पर बंद हुआ। यह लगातार छठवां हफ्ता था, जब शेयर बाजार में गिरावट देखी गई।

सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक (5.21 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (4.06 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (4.04 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (3.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.84 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.27 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (2.90 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.89 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।

इस दौरान केवल निफ्टी आईटी (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.01 प्रतिशत) ही हरे निशान में बंद हुए।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.05 अंक या 1.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,650.50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,654 अंक या 2.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,677.05 पर बंद हुआ।

असम विधानसभा चुनाव 2026: नितिन गडकरी ने भाजपा की जीत का विश्वास जताया…

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भाजपा की चुनावी रणनीति

असम विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही, भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को एक संतुलित राजनीतिक रुख अपनाया।

उन्होंने पार्टी की ‘घुसपैठियों’ के खिलाफ स्थिति स्पष्ट की, साथ ही यह भी कहा कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। गडकरी ने असम में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त किया।

गडकरी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि हम असम में जीतेंगे,” और यह भी बताया कि भाजपा का दृष्टिकोण सभी को एक साथ लाने का है, चाहे धर्म कुछ भी हो।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पार्टी का विरोध घुसपैठ के खिलाफ है, न कि किसी धार्मिक समुदाय के खिलाफ।

यह संदेश असम के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण है, जहां पहचान और प्रवासन हमेशा चुनावी मुद्दे बने रहते हैं।

गडकरी ने दोहराया कि भारत अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं कर सकता, क्योंकि इससे देश एक ‘धर्मशाला’ में बदल जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि समान विरासत वाले लोगों को संवैधानिक प्रावधानों के तहत शरण दी जा सकती है।

पहचान के मुद्दे के साथ-साथ, गडकरी ने भाजपा के विकास के एजेंडे को भी सामने रखा, जिसमें पूर्वोत्तर में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें असम भी शामिल है।”

इसमें से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1.5 लाख से 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं, और 2 लाख करोड़ रुपये की और परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

ये निवेश, विशेष रूप से सड़क परिवहन, राजमार्ग और लॉजिस्टिक्स में, क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को तेज करने के लिए हैं, जो लंबे समय से बुनियादी ढांचे की कमी से प्रभावित रहा है।

भाजपा का असम अभियान इस विकासात्मक कथा पर भारी निर्भर कर रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार अपने शासन के रिकॉर्ड और कल्याणकारी पहलों को नए जनादेश के लिए प्रस्तुत कर रही है।

गडकरी ने पार्टी की वैचारिक स्थिति को दोहराते हुए कहा कि समावेशिता भाजपा की नीति का केंद्रीय तत्व है, जिसमें “विविधता में एकता” और सभी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों का समर्थन शामिल है।

असम में मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है, जिससे सरमा सरकार के रिकॉर्ड पर चुनावी जांच की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में इस बार होगा बदलाव और बहेगी विकास की बयार: शारद्वत मुखर्जी…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बिधान नगर (साल्ट लेक) सीट से भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने अपने चुनाव अभियान के तहत करुणामयी में एक रैली आयोजित की।

जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

शारद्वत मुखर्जी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यहां का माहौल बहुत अच्छा है। बिधान नगर का आम नागरिक हमसे जुड़ा हुआ है। यहां के डॉक्टर और इंजीनियर भी हमें समर्थन दे रहे हैं। इस बार पश्चिम बंगाल में बदलाव होगा। भाजपा की सरकार बनेगी और कई साल बाद बंगाल में विकास होगा।”

इससे पहले शारद्वत मुखर्जी ने मछली लेकर प्रचार कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद मुखर्जी ने कहा था, बंगाली किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मछली खरीदकर ही करते हैं। बंगाल में लोग नवरात्रि के दौरान भी मछली खाते हैं। यहां सभी समुदाय मांसाहारी हैं। खानपान की आदतें हर किसी की अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं। अगर हम जीतते हैं, तो विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य चीजें बांटेंगे। मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाएंगे।”

बिधान नगर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार सुजीत बोस ने भी सुकांता नगर में एक चुनावी रैली निकाली। इस दौरान सुजीत बोस ने कहा, “विपक्ष हमारे खिलाफ कई बातें कहता है, लेकिन हम हमेशा उन्हें नजरअंदाज करते हैं।”

रविवार को अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान भगबनपुर से भाजपा उम्मीदवार शांतनु प्रमाणिक ने कहा, “आज पूरे बंगाल में यह आवाज उठी है कि बदलाव जरूरी है। हम भाजपा पार्टी के सदस्य हर जगह लोगों से संपर्क साध रहे हैं।”

चिनसुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुबीर नाग ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा, “मैं पिछले 40 वर्षों से चिनसुराह बाजार में आता रहा हूं। मैं सप्ताह में दो बार यहां आता हूं। यह मेरा बाजार है। आज बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है। सभी कार्यकर्ताओं और लोगों का उत्साह बढ़ गया है।”

अप्रैल में मौसम में अचानक बदलाव: दिल्ली-NCR में धुंध और बारिश की संभावना…

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मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन

अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है, जिसने सभी को चौंका दिया है। इस दौरान बारिश, तेज हवाएं और कई क्षेत्रों में हल्का कोहरा भी देखा गया है, जो कि इस महीने में असामान्य है।

विशेषज्ञों ने इस परिवर्तन के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला है।

दिल्ली-NCR में धुंध का असर

हाल ही में, दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की धुंध का अनुभव किया गया। राजस्थान में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव हाल की बारिश, रात के तापमान में गिरावट और उच्च नमी के कारण हुआ है। पिछले 48 घंटों में कई कारकों के संयोजन से यह धुंध बनी।

नमी का स्तर बढ़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने नमी के स्तर को बढ़ा दिया, जबकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई और रात भर आसमान साफ रहा, जिससे वाष्पीकरण और हल्का कोहरा बना। हाल के दिनों में तापमान में कमी और बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में धुंध देखी गई। यह स्थिति मार्च और अप्रैल में कभी-कभी होती है।

तापमान की स्थिति

शनिवार को न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। हालांकि, नमी वाली स्थिति में कोहरा बनने के लिए यह तापमान अभी भी कम था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े बादलों ने तापमान को संतुलित करने और नमी के स्तर पर प्रभाव डाला है।

कम बारिश के बावजूद सुहावना दिन

कोहरे के बावजूद, दिन के समय मौसम काफी सुहावना रहा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम था। हालांकि, दिन में बारिश की मात्रा कम रही, सफदरजंग मौसम स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में केवल 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आगे की संभावनाएं

कुछ क्षेत्रों में बारिश के बदलाव देखे गए, जैसे आयानगर में 5.8 मिमी बारिश हुई। IMD ने कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में हल्की बारिश हुई, साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। अगले कुछ दिनों में मौसम हल्का बना रहेगा, और रविवार शाम को हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान में वृद्धि की संभावना

विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार और सोमवार को दिन का तापमान बढ़ सकता है, और सोमवार की रात को बारिश होने की संभावना है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर-पश्चिम भारत पर पड़ने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-NCR में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

खतरे की चेतावनी

यह खतरनाक मौसम प्रणाली उत्तर भारत से मध्य भारत की ओर बढ़ रही है। रविवार को झांसी, ग्वालियर और उत्तर मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तूफान और आंधी का खतरा है। इस दौरान हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, राजस्थान और हरियाणा में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

पंजाब एजेंडे के विवाद पर राघव चड्ढा बोले- ‘आप’ के सहयोगियों के लिए अभी बाकी है पिक्चर…

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर जारी विवाद के बीच राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने रविवार को पार्टी के भीतर उठ रहे आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि ‘पिक्चर अभी बाकी है’ और पंजाब के मुद्दों को उठाने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना गलत है।

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्यसभा का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे पंजाब से जुड़े मुद्दों को उठाते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी के उन सहयोगियों पर निशाना साधा, जिन्होंने उन पर संसद में पंजाब के मुद्दे न उठाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने लिखा, “मेरे ‘आप’ के साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए, यह एक छोटा सा ट्रेलर है। पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है।”

इससे पहले शनिवार को भी राघव चड्ढा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “मैं बोलना नहीं चाहता था, लेकिन अगर चुप रहता, तो बार-बार बोला गया झूठ भी सच लगने लगता। तीन आरोप, शून्य सच्चाई।”

दरअसल, राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘आप’ के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक ‘स्क्रिप्टेड कैंपेन’ चलाया जा रहा है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, “एक ही तरह के सवाल और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।”

राघव चड्ढा ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वे विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते थे। इस पर उन्होंने कहा, “यह सरासर झूठ है। संसद परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है।”

‘आप’ के भीतर यह विवाद पार्टी में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। एक ओर पार्टी उनके कामकाज पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर राघव चड्ढा अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए यह दोहरा रहे हैं कि उनका फोकस हमेशा पंजाब और वहां के लोगों के मुद्दों पर रहा है और आगे भी रहेगा।