Home विदेश Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो...

Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो ‘जादुई रूट’, तेल -LPG की किल्लते होंगी दूर…

4
0

Hormuz Strategic Plan B: होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता माना जाता है, वहां अब ईरान की मनमानी नहीं चलेगी। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की हलचल से एक नई और राहत भरी खबर आई है-व्यापार के लिए एक ‘सेफ पैसेज’ मिल गया है।

यह नया रास्ता ओमान की समुद्री सीमा से होकर निकलता है, जिससे अब अंतरराष्ट्रीय जहाजों को न तो ईरान की मिसाइलों का डर रहेगा और न ही भारी टैक्स देने की मजबूरी।

भारत के लिए यह खबर किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। अब हमारे तेल के टैंकर और मालवाहक जहाज बिना किसी रुकावट के इस नए रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान की ओर से थोपे गए लंबे रास्तों और ‘सुरक्षा टैक्स’ को दरकिनार करते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित कर लिया है। अब मिडिल-ईस्ट के तनाव के बीच भी भारत की तेल सप्लाई बेरोकटोक जारी रहेगी।

ओमान की सीमा: सुरक्षित नया गलियारा

ईरान के हवाई हमलों और ड्रोन खतरों के बीच, अब कमर्शियल जहाजों ने ओमान के समुद्री इलाके का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के जोखिमों से बचते हुए मुसंदम प्रायद्वीप के करीब से निकलता है। खास बात यह है कि यह रास्ता ईरान की सीधी निगरानी से बाहर है, जिससे जहाजों को पकड़े जाने या उन पर हमला होने का डर काफी कम हो गया है।

Strait of Hormuz Crisis: भारतीय जहाजों की सफल आवाजाही

इस नए रास्ते की सफलता का सबसे बड़ा सबूत भारतीय कार्गो जहाज ‘MSV क्यूबा MNV 2183’ का सुरक्षित गुजरना है। दुबई से रवाना हुआ यह जहाज ओमान के डिब्बा पोर्ट के पास देखा गया। भारत के लिए यह मार्ग इसलिए अहम है क्योंकि तनाव के समय में भी हमारी सप्लाई चेन नहीं टूटेगी। अब भारतीय जहाज ईरान के संकरे रास्तों में फंसे बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

IRGC Naval Base Attack: ईरान के ‘टैक्स वसूली’ खेल पर लगाम

तनाव का फायदा उठाते हुए ईरान ने अपना एक नया रूट बनाया था, जहां वह जहाजों की जांच के नाम पर प्रति बैरल तेल पर 1 डॉलर का शुल्क वसूल रहा था। लेकिन ओमान वाले इस नए ‘प्लान-B’ ने ईरान के इस आर्थिक खेल को बिगाड़ दिया है। अब वैश्विक कंपनियां और भारतीय टैंकर ईरान को मनमाना टैक्स दिए बिना सुरक्षित तरीके से अपना माल ले जा सकते हैं।

तकनीक का सहारा: लोकेशन सिग्नल बंद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हाब्रुत’ और ‘धलकुट’ जैसे बड़े तेल टैंकरों ने मुसंदम प्रायद्वीप के पास अपने ट्रांसपोंडर (AIS) बंद कर दिए थे। यह एक युद्धकालीन रणनीति है ताकि दुश्मन की रडार से बचा जा सके। मस्कट से 350 किमी दूर इन जहाजों का दोबारा दिखना यह साबित करता है कि ओमान के रास्ते का इस्तेमाल ‘साइलेंट ऑपरेशन’ की तरह सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

IRGC के ठिकानों पर हमले का असर

हाल ही में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्य नौसैनिक अड्डे पर हुए धमाकों ने ईरान की पकड़ कमजोर कर दी है। गोदामों में लगी आग और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण ईरान अब समुद्री मार्ग पर उतनी सख्ती नहीं कर पा रहा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर वैश्विक व्यापार ने एक वैकल्पिक रास्ता मजबूती से अपना लिया है, जो भारत के लिए बड़ी राहत है।