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अमित शाह का दावा: भाजपा उत्तर बंगाल में विधानसभा चुनावों में करेगी शानदार जीत…

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यह विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी विधानसभा चुनावों में उत्तर बंगाल की सभी सीटों पर शानदार सफलता प्राप्त करेगी।

सिलीगुड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा में बोलते हुए, शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार के अधिकारी चुनाव आयोग के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एसआईआर का समर्थन करती है और मतदाता सूची को शुद्ध करने में चुनाव आयोग को पूरा सहयोग देगी। शाह ने आगामी चुनावों में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि लोग टीएमसी के भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज से परेशान हैं।

भ्रष्टाचार पर हमला

अमित शाह ने आगे कहा कि 2026 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सरकार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल को बर्बाद कर दिया है और 2026 का साल बदलाव का होगा। शाह ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार से अधिक भ्रष्ट कोई सरकार नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता दीदी भ्रष्टाचार को नकारती हैं, लेकिन वास्तव में उन्होंने इसे संस्थागत बना दिया है।

चुनाव की तारीखें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की अंतिम तिथियों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि चुनाव इस साल मई तक संपन्न हो जाएंगे।

“Budget 2026: क्या क्रिप्टो निवेशकों को मिलेगी टैक्स में राहत? जानिए बजट से निवेशकों की क्या हैं उम्मीदें”

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पिछले कुछ समय में भारतीय निवेशकों में क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को लेकर दिलचस्पी में तेजी देखने को मिली हैं. हालांकि, भारी टैक्स बोझ की वजह से इस क्षेत्र में निवेश करना आसान नहीं है.

मौजूदा व्यवस्था के चलते कई निवेशक असमंजस में हैं.

साथ ही अब बजट 2026 को पेश होने में बस एक दिन का समय बचा है. ऐसे में क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों, टैक्स विशेषज्ञों और निवेशकों की उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं. सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार टैक्स और नियमों को लेकर कोई बड़ा फैसला करेगी या मौजूदा सिस्टम को ही जारी रखा जाएगा. ऐसे में इस बजट से क्रिप्टो निवेशकों को बहुत सी उम्मीदें हैं. आइए इस बारे में जानते हैं…..

बजट 2026 से निवेशकों की उम्मीदें

वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत की सीधी टैक्स दर लगती है. जिसमें खरीद लागत के अलावा किसी भी तरह की छूट नहीं मिलती है. साथ ही, हर सौदे पर 1 प्रतिशत टीडीएस भी काटा जाता है. जिससे सरकार को निवेश गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड मिलता है. हालांकि, इन सख्त नियमों की वजह से निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ आता है.

लगातार टीडीएस कटने से कई बार ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली रकम फंस जाती है. जिससे छोटे निवेशकों को ज्यादा परेशानी होती है. इसी कारण कई लोग विदेशी एक्सचेंजों या अनौपचारिक प्लेटफॉर्म की तरफ रुख करने लगे हैं. जहां नियम यहां की तुलना में आसान होते हैं.

इसका असर देश के घरेलू क्रिप्टो बाजार पर भी पड़ रहा है. ऐसे हालात में निवेशक अब इस टैक्स व्यवस्था में बदलाव और राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

बजट 2022 से बदली क्रिप्टो टैक्स की दिशा

केंद्र सरकार की ओर से कुछ साल पहले डिजिटल एसेट्स पर ध्यान देना शुरु किया था. लेनदेन में आई तेजी इसका मुख्य वजह मानी गई थी. केंद्रीय बजट 2022 में वित्त मंत्री ने बताया था कि क्रिप्टो और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों का दायरा और कारोबार इतना बढ़ चुका है कि इसके लिए अलग टैक्स व्यवस्था बनाना जरूरी हो गया है.

इससे साफ हुआ कि सरकार अब इन एसेट्स को औपचारिक वित्तीय सिस्टम का हिस्सा मान रही है. साथ ही सरकार उन्हें टैक्स के दायरे में लाना चाहती है.

कैसे मिलती है डॉली चायवाला की फ्रेंचाइजी, इसके लिए कितने पैसे करने होंगे खर्च?

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डॉली चायवाला तब सुर्खियों में आए जब उनका वीडियो बिल गेट्स के साथ वायरल हुआ. चाय परोसने का उनका स्टाइल लोगों को अलग लगा और देखते ही देखते वह सोशल मीडिया स्टार बन गए. अब वही पहचान उनके लिए बड़ा मौका बन रही है.

डॉली चायवाला ने अपने ब्रांड ‘डॉली की टपरी’ को फ्रेंचाइजी मॉडल को शुरू करने का ऐलान किया

डॉली ने बताया कि यह सिर्फ चाय की दुकान नहीं. एक स्ट्रीट ब्रांड है जो तेजी से पहचान बना चुका है. उनका कहना है कि वह ऐसे लोगों की तलाश में हैं जिनमें कुछ नया और बड़ा करने का जज्बा हो. फिलहाल यह मौका चुनिंदा शहरों के लिए खोला गया है.

जो लोग फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं उनको तीन अलग ऑप्शन दिए जा रहे हैं. पहला मॉडल ठेला है. जिसे छोटे स्तर पर शुरू किया जा सकता है. इसकी लागत करीब 4.5 लाख से 6 लाख रुपये तक बताई गई है. यह उन लोगों के लिए है जो कम निवेश में ब्रांड के साथ शुरुआत करना चाहते हैं.

दूसरा ऑप्शन स्टोर मॉडल है. इसमें दुकान के रूप में सेटअप किया जाएगा. इस मॉडल के लिए 20 लाख से 22 लाख रुपये के बीच बताया गया है. यह उन लोगों के लिए सही है जो पक्की लोकेशन पर ब्रांड के साथ काम करना चाहते हैं.

तीसरा और सबसे बड़ा मॉडल फ्लैगशिप कैफे का है. इसमें कैफे स्टाइल आउटलेट तैयार किया जाएगा. इसके लिए 39 लाख से 43 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. यह मॉडल बड़े शहरों और प्रीमियम लोकेशन के लिए सही माना जा रहा है.

डॉली चायवाला की फ्रेंचाइजी के लेने के लिए https://dollychaifranchise.com/ पर जाकर अप्लाई करना होगा. जहां आपको अपनी पर्सनल जानकारी के साथ अपनी इन्वेस्टमेंट कैपेसिटी बतानी होगी. इसके बाद आपको फार्म सबमिट करना होगा. इसके बाद आपको कान्टेक्ट किया जाएगा आगे की प्रोसेस के लिए.

‘केस को CBI को सौंपने का निर्णय लेकर फिर.’, तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला…

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आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला किया है. एक्स पर पोस्ट करते हुए शनिवार (31 जनवरी, 2026) को तेजस्वी यादव ने कहा कि नीट छात्रा के दुष्कर्म और हत्या का उद्भेदन करने की बजाय बिहार सरकार ने केस को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लेकर फिर साबित कर दिया कि बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य, अदक्ष और अनप्रोफेशनल है जो एक बलात्कार और हत्या के केस को भी नहीं सुलझा सकता.

पुलिस से अधिक यह बड़बोली एनडीए सरकार के करप्ट और कंप्रोमाइज्ड तंत्र की विफलता है जिनके कर्ता-धर्ता मंत्री-मुख्यमंत्री दिन रात आकाश-पाताल से अपराधियों को पकड़ने की डींगे हांकते हैं.

उन्होंने कहा, “नवरुणा कांड जैसे अनेक मामलों में सीबीआई 12-13 वर्षों से आरोपियों को नहीं पकड़ पाई तथा जांच भी बंद कर दी. यही इस मामले में होना है. कहां हैं चुनावों में जंगलराज-जंगलराज चिल्लाने वाले? बिहार की ध्वस्त और भ्रष्ट विधि व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा? क्या फिर सरकार द्वारा हेडलाइन मैनेजमेंट के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिशें होंगी?”

चरित्र हनन तक की कोशिश: मनोज झा

उधर बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच के आग्रह पर आरजेडी सासंद मनोज कुमार झा ने कहा, “बिहार में आज के दिन स्थिति ठीक नहीं है. इस घटना में भी चरित्र हनन तक की कोशिश की गई. अब आप छलावरण कर रहे हैं.”

दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा NEET छात्रा की हत्या के मामले में CBI जांच के आग्रह पर RJD सासंद मनोज कुमार झा ने कहा, “बिहार में आज के दिन स्थिति ठीक नहीं है। इस घटना में भी चरित्र हनन तक की कोशिश की गई। अब आप छलावरण कर रहे हैं।”

सरकार की नीयत साफ: विजय कुमार सिन्हा

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “सरकार की नीयत साफ है. हमने ईमानदारी से जांच करने का प्रयास किया. पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था इसलिए मामले की सीबीआई से जांच कराने का फैसला लिया गया. पूरी तरह से न्याय मिले, ये सरकार सुनिश्चित कर रही है.”

दरभंगा: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “सरकार की नीयत साफ है। हमने ईमानदारी से जांच करने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था इसलिए मामले की CBI से जांच कराने का फैसला लिया गया। पूरी तरह से न्याय मिले, ये सरकार सुनिश्चित कर रही है।”

वहीं सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि देर से उठाया सही कदम पर इस मामले में तत्काल उच्च न्यायालय की निगरानी में इसकी जांच होनी चाहिए! अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव लिखते हैं, “इस मामले में कई बड़े-बड़े को बचाने के लिए घृणित स्तर तक खेल चला है, इसमें सबको बेनकाब करना जरूरी है! मनीष के पीछे कौन है DGP साहब?”

Tarot Card Reading 1 february 2026: टैरो रीडिंग से जानें 12 राशियों के लिए कैसा होगा रविवार का दिन?

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Tarot Card Reading 1 february 2026: टैरो कार्ड्स यह इशारा कर रहे हैं कि 1 फरवरी 2026 का दिन भावनाओं पर नियंत्रण और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का है. कई राशियों के लिए मान-सम्मान में बढ़ोतरी और परिवार से जुड़ी खुशियाँ मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ लोगों को गुस्से, उतावलेपन और बेवजह के टकराव से दूर रहने की जरूरत होगी.

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मेष टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि वालों को बैंक से जुड़े कामों में कुछ उलझन हो सकती है. फालतू की चिंता करने से बचें. आपका काम आसानी से हो जाएगा. होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. खर्चे भी कंट्रोल में रहेंगे.

वृषभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, वृष राशि के लोग मुश्किलों को पहले ही समझ लेंगे. सभी चुनौतियों को स्वीकार करके काम पूरा करेंगे. यह दिन सफलता दिलाएगा. रचनात्मक कामों से फायदा होगा. पैसों के मामले में अच्छी कमाई होगी. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.

मिथुन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि मिथुन राशि के लोग बेचैन रहेंगे. भविष्य की चिंता परेशान करेगी. कई काम एक साथ आ सकते हैं. किस काम पर ध्यान दें, यह तय करना मुश्किल होगा. अकेले समय बिताने से मन को शांति मिलेगी. खर्चे ज्यादा रहेंगे. बजट बनाकर खर्च करें.

कर्क टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशि के लोग समाज में अपनी स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे. नए संबंध बनेंगे, जो काम में तरक्की दिलाएंगे. पैसे के मामले में दिन अच्छा है. सामाजिक मोर्चे पर मान-सम्मान भी बढ़ेगा.

सिंह टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन बहुत ही अच्छा रहने वाला है. आज आप अपने नेतृत्व का गुण दिखा पाएंगे. साथ ही आज आपका आत्मविश्वास भी बढ़ा रहेगा. व्यापार में निवेश से धन लाभ होगा. अपनी हिम्मत और सामाजिक संबंधों से सभी काम पूरे होंगे. इससे उन्हें फायदा मिलेगा. आत्मविश्वास की अधिकता रहेगी.

कन्या टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, कन्या राशि के लोग नई तकनीक पर ध्यान देंगे. नई मशीन खरीद सकते हैं. कोई भी काम करने से पहले उसे अच्छी तरह समझ लें. कोई संदेह हो तो अपने सीनियर्स से पूछें. पैसों के मामले में समय अच्छा है.

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तुला टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि वालों की परेशानियों में कोई अनजान मदद करेगा. बड़ों का सम्मान करने से आपको उनका अनुभव मिलेगा. पैसे के मामले में दिन बहुत अच्छा है. मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी.

वृश्चिक टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशि वालों को साझेदारी के व्यापार में ईमानदारी रखनी चाहिए. बेवजह शक करने से बचें. व्यापारियों को तरक्की के लिए पुराने तरीकों में बदलाव लाना होगा. कमाई अच्छी होने की संभावना है.

धनु टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, धनु राशि वालों को सावधान रहना होगा. पुराना पैसा निकालने से कुछ फायदा हो सकता है. वरना कर्ज़ लेना पड़ सकता है. फालतू खर्चों पर कंट्रोल रखें. पैसों की योजना बनाकर फायदे-नुकसान का हिसाब लगाना जरूरी है.

मकर टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के लोग बहुत ज्यादा सोच-विचार में रहेंगे. फालतू की सोच काम को प्रभावित करेगी. समय सीमा तय करने से काम पूरा करने में मदद मिलेगी. दिनचर्या बिगड़ सकती है. पैसों के मामले में समय अच्छा रहेगा. फायदा होने की संभावना है.

कुंभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि वालों को एक जगह टिक कर काम करना मुश्किल होगा. बोरिंग दिनचर्या में बदलाव करके कुछ नया करने की कोशिश करेंगे. तकनीकी काम करने वालों को फायदा होगा. ज्यादा भावुकता फैसले लेने में रुकावट बनेगी. पैसों के लिए समय सामान्य है.

मीन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि वाले अपना व्यापार बढ़ाने के लिए नए तरीके अपनाएंगे. ऑनलाइन मीडिया बिज़नेस के लिए मददगार होगा. काम के साथ-साथ मनोरंजन भी करेंगे. काम आसानी से होंगे. मन खुश रहेगा.

राजस्थान: महिला रसोइयों की उम्मीदें बजट पर टिकीं, न्यूनतम मजदूरी की मांग तेज…

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केंद्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा आम बजट रविवार (1 फरवरी) को आना है. इसके 10 दिन बाद राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार राज्य का बजट पेश करेगी. केंद्र और राज्य के बजट से वैसे तो तमाम लोगों को काफी उम्मीदें हैं, लेकिन राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाने वाले रसोइयों को इस बजट से खासी आस है.

राज्य के तकरीबन एक लाख चौदह हजार रसोइए अभी महज 2297 रुपए प्रति माह के भुगतान पर काम कर रहे हैं. उन्हें रोजाना औसतन सिर्फ छिहत्तर रुपए ही मिलते हैं. राजस्थान के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों को इस पूरे सेशन में अभी तक एक भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है. पिछले सात महीने से वह स्कूलों में खाना तो बना रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका मेहनताना नहीं दिया जा रहा है. रसोइए यह चाहते हैं कि केंद्र और राजस्थान दोनों ही सरकारी अपने बजट में उन्हें मिलने वाले मेहनताने में कुछ बढ़ोत्तरी जरूर करें, ताकि वह अपने व परिवार की कुछ जरूरतों को पूरा कर सकें. रसोइए चाहते हैं कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी के बराबर भुगतान जरूर किया जाए.

क्या मिड डे मील रसोइयों को राहत देगा बजट?

रसोइयों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी से इस बारे में गुहार भी लगाई है. क्योंकि रसोइए का काम करने वालों में ज्यादातर महिलाएं ही हैं और मौजूदा समय में केंद्र व राजस्थान दोनों ही सरकारों में वित्त मंत्री महिलाएं ही हैं. ऐसे में महिला रसोइयों को उम्मीद है कि बजट में उनके लिए कोई राहत जरूर होगी.

राजस्थान में सरकारी स्कूलों में जो रसोइए मिड डे मील का खाना बनाते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से हर महीने 2297 रुपये दिया जाता है. इनमें से 600 रुपये केंद्र सरकार देती है जबकि 1697 रुपए राजस्थान सरकार. केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2010 से हर महीने 600 रुपए भुगतान करती है. पिछले करीब 16 सालों में इसमें एक भी पैसे की बढ़ोत्तरी नहीं की गई है.

रसोइयों को पूरे दिन का नहीं मिलता मेहनताना

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील तैयार करने वाले रसोइयों के नेता एच एस चौधरी का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों को अपना अंशदान बढ़ाना चाहिए. इसके साथ ही कम से कम इतने पैसे जरूर मिलने चाहिए, जो थोड़ा सम्मानजनक हो. उनके मुताबिक मौजूदा समय में हमें रोजाना सौ रुपए भी नहीं मिलते हैं, ऐसे में हमें किसी को अपने भुगतान के बारे में बताने में भी शर्म आती है.

पिछले सात महीनों से एक भी पैसे का नहीं हुआ भुगतान- एचएस चौधरी

रसोइयों के नेता एचएस चौधरी का कहना है कि एक तरफ जहां पिछले सात महीनों से एक भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है, वहीं दूसरी तरफ सरकार गर्मी- ठंड और दीवाली जैसी छुट्टियों के पैसे भी काट लेती है. उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है. वह लोग रोजाना सबसे पहले स्कूल पहुंचते हैं और ताला लगने के बाद ही वापस लौटते हैं. उनका काम खाना बनाने का है, लेकिन उनसे साफ सफाई से लेकर तमाम दूसरे काम भी कराए जाते हैं.

रसोइयों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में उन्हें केंद्र और राजस्थान की सरकारों की तरफ से कुछ ना कुछ तोहफा जरूर दिया जाएगा. इस बारे में जब राजस्थान सरकार के मंत्री गौतम दक से पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब देने के बजाय मामले पर विचार करने की बात कही. वहीं दूसरी तरफ इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने डबल इंजन की सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस पार्टी के विधायक रफीक खान का कहना है कि उनकी सरकार के राज में कई बार रसोइयों का मानदेय बढ़ाया गया है। बीजेपी की सरकारों को भी इनके साथ न्याय करना चाहिए.

भारी पड़ सकती हैं ये चीजें, फोन पर भूलकर भी न करें यूज, हो जाएगा बड़ा नुकसान…

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अब फोन सिर्फ दुनिया से कनेक्ट होने का जरिया नहीं बच गए हैं. अब इनमें हमारी बैंकिंग इंफोर्मेशन, पेमेंट डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट तक सब कुछ स्टोर होता है. इसलिए कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

कई लोग ट्रेंड को फॉलो करते हुए फोन के साथ कुछ ऐसी गड़बड़ कर लेते हैं, जिसका बड़ा नुकसान हो सकता है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि फोन को किन चीजों से बचाकर रखना चाहिए.

फोन के बैक पैनल पर न लगाएं स्टिकर्स

स्टिकर देखने में अच्छे होते हैं और फोन को नया लुक भी देते हैं, लेकिन ये बड़ा नुकसान भी कर सकते हैं. अगर आप किसी मोटे मैटेरियल से बने स्टिकर से फोन का पूरा बैक पैनल कवर कर लेते हैं तो इससे ओवरहीटिंग की समस्या आ सकती है. इसके अलावा जब आप स्टिकर को हटाते हैं तो फोन पर इसका निशान रह जाता है, जिससे लुक खराब हो सकता है. अगर आपको स्टिकर पसंद हैं तो आप फोन के बैक पैनल की जगह कवर पर इन्हें लगा सकते हैं.

प्लास्टिक के स्क्रीन प्रोटेक्टर

फोन की स्क्रीन को स्क्रैचेज से बचाने के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर की जरूरत होती है, लेकिन सभी प्रोटेक्टर एक तरह से काम नहीं करते. प्लास्टिक के स्क्रीन प्रोटेक्टर सस्ते जरूरी होते हैं, लेकिन जोर से गिरने पर स्क्रीन को डैमेज होने से नहीं बचा सकते. इसके अलावा खराब क्वालिटी वाले प्रोटेक्टर से स्क्रीन की टच सेंसेटिविटी भी कमजोर होती है. इसलिए प्लास्टिक स्क्रीन प्रोटेक्टर की जगह टेम्पर्ड ग्लास यूज करें. यह स्क्रीन को बेहतर प्रोटेक्शन दे पाएगा.

रैम क्लीनर और बैटरी सेवर ऐप्स

अगर कोई ऐप रैम क्लीन करने, फोन की स्पीड बढ़ाने या बैटरी सेव करने का क्लेम कर रही है तो ऐसी ऐप्स से बचकर रहे. ये ऐप्स आपके फोन से डेटा कलेक्ट करने के अलावा कोई काम नहीं कर सकती. कई बार साइबर अटैकर्स ऐसी ऐप्स डाउनलोड करवा लेते हैं, जिससे उनके लिए डेटा चोरी करना आसान हो जाता है. इसलिए ऐसी ऐप्स से अपने फोन को बचाकर रखें.

Amit Shah In West Bengal: अमित शाह का ममता सरकार पर तीखा हमला! बंगाल चुनाव से पहले आनंदपुर अग्निकांड को लेकर घेरा, जानें क्या कहा…

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में आयोजित एक बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला.

अपने भाषण में उन्होंने आनंदपुर वेयरहाउस में मोमोज फैक्ट्री में लगी आग को लेकर इसे एक हादसा मानने से इनकार किया और सीधे तौर पर इसे भ्रष्टाचार का परिणाम बताया. अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने इस अग्निकांड में मारे गए श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

अमित शाह ने कहा, ‘आनंदपुर में हुआ अग्निकांड कोई साधारण दुर्घटना नहीं है. इस घटना में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. उनके अनुसार, इतनी बड़ी त्रासदी ममता बनर्जी सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से हुई है. उन्होंने सवाल उठाया कि मोमोज फैक्ट्री का मालिक कौन है और वह किन राजनीतिक संरक्षण में काम कर रहा था. अमित शाह ने यह भी पूछा कि फैक्ट्री का मालिक किसके निजी विमान से विदेश यात्रा पर गया और अब तक उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई. उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही.

वंदे मातरम् को लेकर ममता सरकार पर निशाना

अपने भाषण में अमित शाह ने वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी ममता बनर्जी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, ‘भारत के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों के अंतिम शब्द भी वंदे मातरम् रहे हैं.’ अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर इसे देशभर में मनाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी वंदे मातरम् का विरोध कर रही हैं. अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् का विरोध करना केवल प्रधानमंत्री का विरोध नहीं है, बल्कि बंगाल की अस्मिता और देश के स्वाभिमान का अपमान है.

2026 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा

अमित शाह ने अपने संबोधन में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा, ‘अप्रैल के बाद जब भाजपा की सरकार बनेगी, तब इस अग्निकांड समेत सभी मामलों के आरोपियों को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है और इस बार भाजपा का वोट शेयर 50 प्रतिशत से अधिक होगा. अमित शाह के अनुसार, भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी.

मां, माटी, मानुष के नारे पर पलटवार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लोकप्रिय नारे मां, माटी, मानुष पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज बंगाल में तीनों ही असुरक्षित हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, आम लोग तृणमूल कांग्रेस की कथित सिंडिकेट राजनीति से परेशान हैं और घुसपैठ के कारण राज्य की जमीन और पहचान खतरे में है. अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी.

‘बॉर्डर 2’ के बाद सनी देओल ‘घातक 2’ से बॉक्स ऑफिस पर लगाएंगे आग! सीक्वल को लेकर आया ये अपडेट…

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सनी देओल इन दिनों, हिमाचल प्रदेश के मनाली में बॉर्डर 2 की सक्ससे को एंजॉय कर रहे हैं. एक्टर की इंस्टाग्राम पोस्ट और स्टोरी से ये पता चल चुका है. वहीं इस बीच एक खास वजह से फिल्म मेकर राजकुमार संतोषी भी उनसे मिलने वाले हैं.

दरअसल एक रिपोर्ट के मुताबिक वेटरेन फिल्म मेकर सनी की 1996 की हिट फिल्म घातक का पार्ट 2 बनाने की तैयारी में हैं.

अब सनी देओल घातक के सीक्वल से मचाएंगे तहलका?

दरअसल बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने बताया, ‘राजकुमार संतोषी को एक आइडिया आया है जिसे उन्हें लगता है कि घातक 2 के तौर पर बनाया जा सकता है. उन्होंने इसके बारे में सनी देओल को बताया है. सनी को यह आइडिया पसंद आया और उन्होंने मिस्टर संतोषी को मनाली आने के लिए कहा है. इसके बाद, फिल्ममेकर हिमालय के इस हिल स्टेशन के लिए निकल गए है, उम्मीद है कि वह 31 जनवरी को एक्टर से मिलेंगे और उन्हें स्क्रिप्ट सुनाएंगे.’

रिपोर्ट के मुताबिक सूत्र ने आगे कहा, ‘अब यह देखना बाकी है कि सनी इस सब्जेक्ट पर क्या सोचते हैं. अगर यह उन्हें पसंद आता है, तो वे तारीखों और दूसरे फैक्टर्स के आधार पर इसे आगे बढ़ाएंगे. सनी इस बात को लेकर क्लियर हैं कि सिर्फ इसलिए कि गदर 2 (2023) और बॉर्डर 2 ब्लॉकबस्टर थीं, वह अपनी पिछली किसी भी क्लासिक फिल्म का सीक्वल साइन करके इस ट्रेंड का फायदा नहीं उठाएंगे. उन्हें लगता है कि यह दर्शकों के साथ धोखा होगा. मिस्टर संतोषी भी इसी तरह सोचते हैं.’

सनी-संतोषी की जोड़ी दे चुकी है 3 ब्लॉकबस्टर फिल्में

बता दें कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने तीन बार साथ काम किया है, घायल (1990), दामिनी (1993) और घातक (1996) में. ये तीनों फिल्में बहुत बड़ी हिट थीं और इनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में हैं. दिलचस्प बात ये है कि सनी की अगली फिल्म, लाहौर 1947, भी राजकुमार संतोषी ही डायरेक्ट कर रहे हैं. इस बार आमिर खान इसके प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े हैं. वहीं बॉलीवुड हंगामा ने रिपोर्ट में अक्टूबर 2025 में बताया गया था कि राजकुमार जाट 2 करने के लिए भी कमिटेड हैं. इसके पहले पार्ट, जाट (2025) में भी सनी देओल ने काम किया था.

बॉर्डर 2 की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद, ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सनी देओल की लाहौर 1947 भी ज़बरदस्त ओपनिंग करेगी: ‘सनी और राजकुमार संतोषी की जोड़ी कभी गलत नहीं हुई’

UGC के नए नियमों के पीछे कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान? जानिए शिक्षा मंत्री की जाति, बच्चों का प्रोफेशन और पढ़ाई-लिखाई का पूरा सफर…

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यूजीसी के नए नियमों ने देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हलचल मचा दी है. 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.इसी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर लोगों की नजरें टिक गई हैं.

सोशल मीडिया पर उनकी जाति, परिवार और बच्चों की पढ़ाई को लेकर लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर UGC के नए नियमों के पीछे कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान.

धर्मेंद्र प्रधान वर्तमान में देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं. इससे पहले वह पेट्रोलियम और इस्पात मंत्रालय जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के बाद से ही वह नई शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा सुधारों को लेकर लगातार फैसले लेते रहे हैं.UGC के नए नियम भी उसी कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और भेदभाव खत्म करना बताया गया है.

धर्मेंद्र प्रधान किस जाति से आते हैं?

धर्मेंद्र प्रधान की जाति को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.इस सवाल का जवाब खुद धर्मेंद्र प्रधान पहले ही दे चुके हैं.वह कुर्मी जाति से आते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं.उन्होंने संसद और सार्वजनिक मंचों पर यह बात साफ तौर पर कही है.इसके बावजूद UGC नियमों के विवाद के बाद उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि को लेकर बहस दोबारा तेज हो गई है.

धर्मेंद्र प्रधान के बेटे निशांत प्रधान क्या करते हैं?

निशांत प्रधान, धर्मेंद्र प्रधान के बेटे हैं. उनका नाम शिक्षा मंत्री के चुनावी हलफनामों में दर्ज है.कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निशांत प्रधान ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई की है.उनके प्रोफेशनको लेकर कोई विस्तृत और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. न तो किसी सरकारी रिकॉर्ड में और न ही किसी प्रोफेशनल प्रोफाइल में उनके काम को लेकर स्पष्ट विवरण मिलता है.

बेटी निमिषा प्रधान की पढ़ाई और प्रोफेशन

धर्मेंद्र प्रधान की बेटी निमिषा प्रधान की पढ़ाई को लेकर अपेक्षाकृत ज्यादा जानकारी सामने आती है.उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है.वह नीति आयोग के डेवलपमेंट स्टडीज डिपार्टमेंट में रिसर्च इंटर्न भी रह चुकी हैं.निमिषा एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं.कोविड महामारी के दौरान 2020 में धर्मेंद्र प्रधान ने खुद बताया था कि उनकी पत्नी मृदुला और बेटी निमिषा ने घर पर मास्क बनाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाए थे.