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Maulana Abdullah Salim Chaturvedi कौन है? CM Yogi की मां पर अभद्र टिप्पणी पर 900KM दूर से UP STF ने दबोचा…

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Maulana Abdullah Salim Chaturvedi Arrested: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने वाले बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी को यूपी एसटीएफ (Special Task Force) ने करीब 900 किलोमीटर दूर से उठा लाई है।

अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर गांव से की गई इस कार्रवाई के बाद मौलाना को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। एसटीएफ का कहना है कि अभी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्यों इतनी चर्चा में है? एक वायरल वीडियो ने पूरे उत्तर प्रदेश में आग की तरह फैल गई।

आइए पूरी कहानी विस्तार से समझते हैं…

Who Is Maulana Abdullah Salim Chaturvedi: मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी कौन हैं?

मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी (जिन्हें अब्दुल्ला सलीम कासमी या सलीम चतुर्वेदी के नाम से भी जाना जाता है) बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र के महलगांव निवासी है। वे एक इस्लामिक स्कॉलर और धार्मिक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अपनी तकरीरों के लिए मशहूर मौलाना राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। नाम के अंत में ‘चतुर्वेदी’ जोड़ने को लेकर भी विवाद रहा, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से ब्राह्मण उपनाम माना जाता है।

Maulana Abdullah Salim Chaturvedi Controversial Statement: क्या था विवादित बयान?

कुछ दिनों पहले (रमजान के दौरान) बिहार में एक धार्मिक सभा के दौरान मौलाना ने सीएम योगी आदित्यनाथ की मां और ‘गौ माता’ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें कथित तौर पर ‘250 ग्राम गोश्त’ और अन्य अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इस बयान ने तुरंत आग भड़का दी।

यूपी में क्या-क्या हुआ?

FIR की बाढ़: बालरामपुर (7 मार्च 2026), बहराइच (सोमवार को नई FIR) समेत गोरखपुर और यूपी के कई जिलों में 80 से ज्यादा FIR दर्ज हुईं। भाजपा कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और हिंदू संगठनों ने शिकायत की।

धारा: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) (शत्रुता फैलाना), 299 (धार्मिक भावनाएं भड़काना) और 353(1) जैसी धाराएं लगाई गईं।

प्रदर्शन: लखनऊ समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। मौलाना के पुतले फूंके गए। लोग लगातार गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी सरकार ने STF को जिम्मेदारी सौंपी। टीम लंबे समय से मौलाना की तलाश में थी।

“मौलाना ने पहले CM योगी की मां को दी गाली, गिरफ्तार हुआ तो बोला- मेरे मुंह से निकल गई…माफ कर देयो.

STF की 900 किमी दूर की कार्रवाई

30 मार्च 2026 की देर शाम STF की टीम बिहार पहुंची। पूर्णिया के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर में छापेमारी कर मौलाना को हिरासत में लिया गया। AIMIM अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने पहले मौलाना की ‘गुमशुदगी’ की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में STF द्वारा हिरासत की पुष्टि की। एसटीएफ प्रभारी का स्पष्ट बयान कि पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अपराधिक सबूत मिलने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

क्यों मायने रखती है यह घटना?

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की टिप्पणी तक सीमित नहीं है। यह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले विवादित बयानों, धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था के संतुलन का उदाहरण है। यूपी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि CM या उनके परिवार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे आरोपी कितनी दूर क्यों न हो। मौलाना पर पहले भी इंटरनेट माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के आरोप लग चुके हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बताया गया था।

मौलाना को यूपी लाकर सख्त पूछताछ शुरू कर दी गई है। आगे की जांच चल रही है। AIMIM नेताओं ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है, लेकिन फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर है। मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी का यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक भाषण कितने शक्तिशाली लेकिन जिम्मेदारी भरे हो सकते हैं। यूपी STF की इस कार्रवाई ने दिखा दिया कि 900 किलोमीटर दूर होने पर भी कानून की पहुंच से कोई बच नहीं सकता।

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West Bengal Polls 2026: ‘स्टूडेंट बनना चाहता हूं’, क्यों भाजपा में शामिल हुए  Leander Paes?

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Leander Paes: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।

कोलकाता में जन्मे लिएंडर पेस को इस खेल के अब तक के सबसे बेहतरीन डबल्स खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

इससे पहले वो साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और 2022 में गोवा चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार किया था। उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन आज वो बीजेपी का हिस्सा बन गए हैं, ये ममता बनर्जी की पार्टी के लिए तगड़ा झटका है।

पार्टी में शामिल होने के बाद लिएंडर पेस ने किरण रिजिजू और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की और कहा कि ‘कभी-कभी मैं किरण रिजिजू को सुनकर हैरान हो जाता हूं कि इस व्यक्ति को स्पोर्टस के बारे में कितना ज्यादा ज्ञान है, मैं इनसे बहुत ज्यादा प्रभावित हूं और इनका स्टूडेंट बनना चाहता हूं।’

Leander Paes Joins Bjp:’बीजेपी से जुड़कर खुद को धन्य मान रहा हूं, मैं खुश हूं’

‘मैं इनको धन्यवाद देता हूं क्योंकि इन्होंने राजनीति में आने के लिए मुझे मोटिवेट किया तो वहीं पीएम मोदी की भी तारीफ करना चाहता हूं क्योंकि उनके नेतृत्व में देश विकासपथ पर आगे बढ़ रहा है। मैं भी देशवासियों और खेल के लिए कुछ योगदान करना चाहता हूं इसलिए मैंने राजनीति में आने का फैसला किया और बीजेपी से जुड़कर खुद को धन्य मान रहा हूं, मैं खुश हूं।’

‘अब युवाओं की सेवा करने का समय है’

पूर्व दिग्गज टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने कहा, ‘यह मेरी ज़िंदगी का एक बड़ा दिन है। मैं PM मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का एक बड़ा मौका है… मैंने 40 साल तक देश के लिए खेला, अब युवाओं की सेवा करने का समय है। ‘खेलो इंडिया’ आंदोलन और TOPS योजना सचमुच बहुत बढ़िया हैं। मैं जानता हूं कि किरण रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में हमारे दल के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कितने जुनून से काम किया है।’

आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है-लिएंडर पेस

‘उन्होंने PM द्वारा सौंपी गई अपनी ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया। आज, भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। हमें अगले 20-25 सालों में खेल शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। 1986 में, पश्चिम बंगाल में खेल का ज़्यादा बुनियादी ढांचा नहीं था। आज भी, देश में कोई इनडोर टेनिस कोर्ट नहीं है। बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और बेहतर कर सकते हैं, लेकिन हमें खेल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें सशक्त बनाने पर ध्यान देने की ज़रूरत है… मेरा सपना भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए समान अवसर वाली छात्रवृत्ति का एक कार्यक्रम शुरू करना है।.’

Leander Paes के माता-पिता दोनों थे खिलाड़ी

गौरतलब है कि Leander Paes भारत के सबसे महान टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने अपने शानदार करियर से देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। उनका जन्म 17 जून 1973 को Kolkata में हुआ था। उनके पिता Vece Paes भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे और ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुके थे, जबकि उनकी मां Jennifer Paes राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी थीं।

अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता

लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था। वह लगातार 7 ओलंपिक (1992-2016) में भाग लेने वाले एकमात्र टेनिस खिलाड़ी हैं। अटलांटा में, उन्होंने ब्राजील के फर्नांडो मेलिगेनी को हराकर 44 साल बाद व्यक्तिगत ओलंपिक पदक का सूखा खत्म किया था।

Indian Express के नाम से मशहूर थी पेस-भूपति की जोड़ी

उन्होंने मुख्य रूप से डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में शानदार प्रदर्शन किया। पेस ने अपने करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जिनमें पुरुष युगल और मिश्रित युगल दोनों शामिल हैं। उन्होंने Mahesh Bhupathi के साथ मिलकर कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं। यह जोड़ी “Indian Express” के नाम से प्रसिद्ध हुई। पेस ने Davis Cup में भी भारत के लिए कई यादगार जीत दिलाई। उन्हें “डेविस कप का हीरो” भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई।

पुरस्कार और सम्मान

लिएंडर पेस को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें Padma Shri (2001) और Padma Bhushan (2014) से नवाजा गया। इसके अलावा उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी मिला है।

CG: एशियाई खेलों के चयन पर नजर, तीरंदाज कोमालिका बारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में दमदार प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त…

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कोमालिका विश्व कैडेट और विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज हैं’

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता  ने बेटी को तीरंदाजी अपनाने के लिए किया प्रेरित’

कोमालिका का मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से जनजातीय क्षेत्रों से कई प्रतिभाएं सकती हैं सामने’

साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।

हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।

अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।

कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।”

झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।

कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।

प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था।

वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।”

उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।”

24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।”

CG: तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही से छत्तीसगढ़ बना आवास निर्माण का मॉडल…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं, जो इस वर्ष देश में सर्वाधिक है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के सशक्त एवं समन्वित क्रियान्वयन से यह उपलब्धि संभव हो पाई है, जिससे प्रदेश आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में एक नया इतिहास रचते हुए “सबको आवास” के संकल्प को तेजी से साकार किया है। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत कर इस दिशा में ठोस शुरुआत की गई और वर्तमान में सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 5.87 लाख, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 13 हजार तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं।योजनाओं के प्रभावी समन्वय से 6 लाख से अधिक आवासों का लक्ष्य पार किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि वर्ष 2016 में योजना प्रारंभ होने के बाद प्रदेश में किसी एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास पूर्ण होने का रिकॉर्ड है, जो तेज क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही है। “डीलर दीदी” मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति कर “लखपति दीदी” बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इसके साथ ही हजारों महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, समावेशी विकास और सुशासन की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से अधिक “रानी मिस्त्री” शामिल हैं। साथ ही आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान किए गए हैं।उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 संचालित है। पिछले 10 महीनों में इस पर 1500 से अधिक शिकायतें एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया है। हर माह की 7 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में “आवास दिवस” के माध्यम से जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसके साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर पर क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली से जानकारी सहज उपलब्ध हो रही है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहकर महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, समावेशी विकास और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है, जो राज्य के सतत एवं संतुलित विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।

CG: बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों का वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्स्थापन: दो चरणों में 34 हिरणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया सुरक्षित…

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बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों को प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण हेतु छोड़ा गया। अभयारण्य स्थित ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर से  कुल 34 काले हिरणों को  वैज्ञानिक पद्धति से दो चरणों में सफलतापूर्वक उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त किया गया। इस वर्ष 60 ब्लैकबक पुनर्स्थापना का लक्ष्य है।

ब्लैकबक स्थानांतरण प्रक्रिया  पूरी तरह से वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करते हुए निष्पादित किया गया, जिससे बिना किसी व्यवधान के ही हिरणों को वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। छोड़े गए हिरण  रामपुर ग्रासलैंड में निवासरत काले हिरणों से जाकर मिल गए। अधिकारियों ने बताया कि काले हिरणों के इस नए समूह से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और वन विभाग आने वाले दिनों में इनकी निरंतर निगरानी करेगा। काले हिरण जो एक समय छत्तीसगढ़ की धरती से विलुप्त हो गए थे, इस पुनर्स्थापन के प्रयास से अब अपने प्राकृतिक आवास में कुलांचे भरेंगे।

उल्लेखनीय है कि बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों का संरक्षण  प्रधान मुख्य वन संरक्षक  अरुण पांडे के मार्गदर्शन, मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी सतोविशा समझदार के कुशल नेतृत्व में तथा वनमण्डलाधिकारी  धम्मशील गणवीर के द्वारा सक्रिय प्रयास किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण संरक्षण अभियान के दौरान अधीक्षक बारनवापारा कृषाणु चंद्राकर, परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री कविता ठाकुर, श्री सूर्यप्रकाश जाधव, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गीतेश बंजारे, फील्ड बायोलॉजिस्ट ,सौरव मेहरा, पशु चिकित्सक  जयकिशोर जड़िया सहित  बारनवापारा अभयारण्य के समस्त स्टाफ मौजूद थे।

CG: रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन…

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देशभर के राइडर्स जुटेंगे बस्तर में, पहली बार इतना बड़ा बाइकिंग इवेंट, पर्यटन और जनजातीय संस्कृति को मिलेगा नया मंच’

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में 4 अप्रैल 2026 को एक अनूठा और रोमांच से भरपूर आयोजन “बस्तर राइडर्स मीट 2026” होने जा रहा है। गरुड़ा राइडिंग क्लब के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र का पहला और अब तक का सबसे बड़ा राइडर्स मीट माना जा रहा है, जिसमें देशभर के बाइक प्रेमी हिस्सा लेंगे।

इस आयोजन की खास बात यह है कि यह केवल रफ्तार और एडवेंचर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेगा। बस्तर के हृदय में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एक अनोखा सांस्कृतिक और रोमांचक अनुभव मिलेगा।

कार्यक्रम में प्रवेश सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा और आयोजन स्थल से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की गई है।  “बस्तर राइडर्स मीट 2026” का उद्देश्य राइडिंग समुदाय को एक मंच पर लाना, युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति रुचि बढ़ाना और बस्तर को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

गरुड़ा राइडिंग क्लब ने सभी बाइक राइडर्स और आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। यह आयोजन न केवल रफ्तार का उत्सव होगा, बल्कि बस्तर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक सशक्त प्रयास भी साबित होगा।

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

CG: 108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण…

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में 108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के तहत 375 नवीन इमरजेंसी एम्बुलेंस के साथ 05 नवीन नियो-नेटल एम्बुलेंस (नवजात शिशुओं हेतु) का लोकार्पण/शुभारंभ  दिनांक 31 मार्च 2026 को नया रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय चौक पर प्रातः 10 बजे किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह पहल प्रदेश के दूरस्थ एवं जरूरतमंद क्षेत्रों तक त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगी, जिससे आमजन, विशेषकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। आप सभी सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि उक्त कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर इस जनहितकारी पहल को व्यापक जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग प्रदान करें।

108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

CG: रायपुरवासियों की बड़ी मांग पूरी, एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के लिए 87.53 करोड़ स्वीकृत…

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारी’
एक्सप्रेसवे और वीआईपी रोड पर यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थित’

राज्य शासन ने रायपुर में अटल पथ एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके निर्माण से इस रुट पर यातायात तेज होगा। इससे एक्सप्रेस-वे के साथ ही वीआईपी रोड पर भी यातायात तेज और सुव्यवस्थित होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के समय से ही शहरवासी इसकी मांग कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

CG: पुरुष हॉकी में रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले, झारखंड और ओडिशा ने फाइनल में पक्की की अपनी जगह…

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राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले उत्साह और रोमांच से भरपूर रहे।पहले सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-1 के बड़े अंतर से पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः ओडिशा ने 5-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शकों ने जमकर आनंद लिया और वातावरण उत्सवमय बना रहा। इस अवसर पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्री मयंक श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मैच का आनंद लिया।

CG: प्रभारी सचिव ने जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश…

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राजनांदगांव जिले के प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्य करें तथा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल एवं ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

श्री चंपावत ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में संचालित नवाचारों की समीक्षा करते हुए इन्हें और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवेदकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न कराई जाए तथा दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए प्रकरणों का निष्पक्ष ढंग से शीघ्र निराकरण किया जाए।

बैठक में धान उठाव, पीएम आशा योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक घरों में सोलर कनेक्शन स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को बधाई दी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र (राजनांदगांव) एवं श्रीमती केकती साहू (कंचनबाग, राजनांदगांव) को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किया है, जिससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया है तथा भविष्य में अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय की भी संभावना है। बैठक में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।