Maulana Abdullah Salim Chaturvedi Arrested: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने वाले बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी को यूपी एसटीएफ (Special Task Force) ने करीब 900 किलोमीटर दूर से उठा लाई है।
अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर गांव से की गई इस कार्रवाई के बाद मौलाना को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। एसटीएफ का कहना है कि अभी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्यों इतनी चर्चा में है? एक वायरल वीडियो ने पूरे उत्तर प्रदेश में आग की तरह फैल गई।
आइए पूरी कहानी विस्तार से समझते हैं…
Who Is Maulana Abdullah Salim Chaturvedi: मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी कौन हैं?
मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी (जिन्हें अब्दुल्ला सलीम कासमी या सलीम चतुर्वेदी के नाम से भी जाना जाता है) बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र के महलगांव निवासी है। वे एक इस्लामिक स्कॉलर और धार्मिक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अपनी तकरीरों के लिए मशहूर मौलाना राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। नाम के अंत में ‘चतुर्वेदी’ जोड़ने को लेकर भी विवाद रहा, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से ब्राह्मण उपनाम माना जाता है।
Maulana Abdullah Salim Chaturvedi Controversial Statement: क्या था विवादित बयान?
कुछ दिनों पहले (रमजान के दौरान) बिहार में एक धार्मिक सभा के दौरान मौलाना ने सीएम योगी आदित्यनाथ की मां और ‘गौ माता’ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें कथित तौर पर ‘250 ग्राम गोश्त’ और अन्य अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इस बयान ने तुरंत आग भड़का दी।
यूपी में क्या-क्या हुआ?
FIR की बाढ़: बालरामपुर (7 मार्च 2026), बहराइच (सोमवार को नई FIR) समेत गोरखपुर और यूपी के कई जिलों में 80 से ज्यादा FIR दर्ज हुईं। भाजपा कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और हिंदू संगठनों ने शिकायत की।
धारा: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) (शत्रुता फैलाना), 299 (धार्मिक भावनाएं भड़काना) और 353(1) जैसी धाराएं लगाई गईं।
प्रदर्शन: लखनऊ समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। मौलाना के पुतले फूंके गए। लोग लगातार गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी सरकार ने STF को जिम्मेदारी सौंपी। टीम लंबे समय से मौलाना की तलाश में थी।
“मौलाना ने पहले CM योगी की मां को दी गाली, गिरफ्तार हुआ तो बोला- मेरे मुंह से निकल गई…माफ कर देयो.
STF की 900 किमी दूर की कार्रवाई
30 मार्च 2026 की देर शाम STF की टीम बिहार पहुंची। पूर्णिया के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर में छापेमारी कर मौलाना को हिरासत में लिया गया। AIMIM अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने पहले मौलाना की ‘गुमशुदगी’ की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में STF द्वारा हिरासत की पुष्टि की। एसटीएफ प्रभारी का स्पष्ट बयान कि पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अपराधिक सबूत मिलने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
क्यों मायने रखती है यह घटना?
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की टिप्पणी तक सीमित नहीं है। यह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले विवादित बयानों, धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था के संतुलन का उदाहरण है। यूपी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि CM या उनके परिवार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे आरोपी कितनी दूर क्यों न हो। मौलाना पर पहले भी इंटरनेट माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के आरोप लग चुके हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बताया गया था।
मौलाना को यूपी लाकर सख्त पूछताछ शुरू कर दी गई है। आगे की जांच चल रही है। AIMIM नेताओं ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है, लेकिन फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर है। मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी का यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक भाषण कितने शक्तिशाली लेकिन जिम्मेदारी भरे हो सकते हैं। यूपी STF की इस कार्रवाई ने दिखा दिया कि 900 किलोमीटर दूर होने पर भी कानून की पहुंच से कोई बच नहीं सकता।
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