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‘जीरो सीट वाली पार्टी को…’, केरल विधानसभा चुनाव को लेकर बोले शशि थरूर, बीजेपी पर कसा तंज…

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केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नेताओं के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है. कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस सांसद थरूर ने मतदाताओं से बेहद सधे हुए अंदाज में खास अपील की है.

पलक्कड़ में बात करते हुए थरूर ने कहा कि जिस पार्टी के पास विधानसभा में एक भी सीट नहीं है, उसे चुनाव में एक गंभीर फैक्टर के रूप में नहीं देखा जा सकता. उन्होंने कहा कि वे (बीजेपी नेता) कह रहे हैं कि अगर उन्हें एक दो या तीन सीटें भी मिल जाएं तो भी वे अपना खाता खोल लेंगे. इससे राज्य के भविष्य पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है.

बीजेपी पर अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए- थरूर

शशि थरूर ने आगे कहा कि जो लोग एलडीएफ सरकार को गिरते देखना चाहते हैं, उन्हें बीजेपी पर अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए क्योंकि उनके पास कभी भी इतनी सीटें नहीं होंगी कि वो कोई बदलाव ला सके. इसके बजाय, हमें एक मजबूत यूडीएफ सरकार चाहिए इसलिए, मुझे उम्मीद है कि युवा सुमेष अचिदान को अच्छा बहुमत मिलेगा. साथ ही राज्य भर के अन्य उम्मीदवारों को भी, ताकि केरल में सोच और दृष्टिकोण में पूरी तरह से बदलाव आ सके.

सत्तारूढ़ एलडीएफ पर निशाना साधते हुए थरूर ने कहा, “मैं मुझे पूरा विश्वास है कि एलडीएफ के दिन गिने-चुने हैं. 9 अप्रैल को उनका फैसला होगा और 4 मई को हम सब जश्न मनाएंगे.”

इससे पहले शशि थरूर ने कहा था कि सीपीआई (एम) और बीजेपी के बीच कोई भी कथित समझौता चुनावों में काम नहीं करेगा क्योंकि कांग्रेस का लोगों के साथ समझौता है. कायमकुलम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर ने कहा था कि अगर ऐसी कोई डील हुई है तो वह केवल सीपीआई (एम) और बीजेपी के बीच ही हो सकती है.

अखिलेश यादव ने दादरी से यूपी के किसानों के मुआवजे पर किया बड़ा ऐलान, कहा- सरकार बनी तो हम…

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समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की गौतमबुद्ध नगर के दादरी की रैली से पश्चिमी यूपी की सियासत गरमा गई है. इस रैली से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है. अखिलेश ने कहा कल भी रैली हुई थी…जो कल रैली हुई उसकी तो हमारे लोगों ने पोल खोल दी है…ये नया जमाना है कोई कैमरे से नहीं बच सकता है.

उस रैली में लोग आए नहीं थे लोगों को लाया गया था..जो पार्टी अपने को दुनिया में सबसे पार्टी बोलती है…उस पार्टी के नेताओं को अपने सरकारी कर्मचारियों को सहारा लेना पड़ा. उस रैली में जहां-जहां से छात्र बुलाए गए थे उन्हें लंबी छुट्टी दी गई है और आज की रैली में जो आए हैं उससे बीजेपी की उत्तर प्रदेश से लंबी छोटी होनी है.

अखिलेश यादव ने कहा कि 7 एयरपोर्ट चालू किए और 6 बंद हो गए. इस एयरपोर्ट की कम से कम वादा करके जाएं कि इस एयरपोर्ट को नहीं बेचेंगे, इस एयरपोर्ट का उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया है. अखिलेश यादव ने कहा कि कल रैली में सिंलेडर पर चर्चा करना भूल गए, बीजेपी ने दुख दर्द और धोखा देने का काम किया है. किसान भाइयों से जमीन ली होगी मुआवजा नहीं दिया होगा, हमारी सरकार बनी तो हम किसानों को बाजार रेट से मुआवजा देंगे जब किसी विकास के लिए जमीन लेंगे. अखिलेश यादव ने कहा एक-एक कार्यकर्ता, नेता का धन्यवाद, इस रैली की चर्चा ने कई लोगों के होश उड़ाए.

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार में जो मुआवजा मिलता था किसानों को वो मुआवजा अब बीजेपी सरकार में किसानों को नहीं मिलता है. बीजेपी ने मुआवजे के नाम पर मजाक किया है. अखिलेश यादव ने कहा कि हमने ATM की चर्चा सुनी, अपनी सरकार के ATM का तो हिसाब कर लेते. मैं आप पर छोड़ता हूं कि ATM क्या है, सुना है A पर बहुत मेहरबानी की जाती है. अखिलेश यादव ने कहा कि MOU साइन किए 50 लाख करोड़ के पर जमीन पर कुछ नहीं उतार पाए न रोजगार दे पाए नौजवान नौकरी से दूर है. हम नौजवानों की नौकरी के लिए काम करेंगे.

नोएडा के अंधविश्वास वाले बयान पर भी अखिलेश का जवाब

अखिलेश यादव ने कहा वो कहते हैं कि नोएडा नहीं आते, अंधविश्वास है. तो वो दोनों मिलकर भी इतनी बार अपने कार्यकर्ताओं के साथ नहीं बैठे होंगे उससे ज्यादा हम यहां अपने कार्यकर्ताओं के घर चाय पी चुके हैं. जिस मेट्रो में बैठकर उन्होंने उद्घाटन किया वो समाजवादी पार्टी की सरकार ने बनाई, दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को समाजवादी पार्टी की सरकार ने जोड़ा.

हमारे घर को गंगाजल से धुलवाया- अखिलेश यादव

सपा चीफ ने कहा कि इन्होंने हमारे घर को गंगाजल से धुलवाया, मंदिरों को गंगाजल से धुलवाया. आज इनके झंडे उतरे हैं, आगे सत्ता से उतारा जाएगा. ये लड़ाई किसी एक चुनाव के लिए नहीं है. PDA की लड़ाई जारी रहेगी, हर एक की खुशहाली और तरक्की तभी होगी जब आपसी भरोसा बढ़ेगा नहीं तो 5% लोग 95% का शोषण करते रहेंगे. कुछ लोगों को ये लगता है कि ये संभव नहीं है इसलिए 5% का पिछलग्गू बनकर रहना चाहते हैं. 5000 सालों से चला आ रहा है लेकिन बाबा साहेब ने हमें अधिक दिया. इसलिए नेता जी ने संविधान से समाजवादी को चुना, हम सबको सम्मान देने का काम करेंगे, संविधान ही 95% का रक्षक है.

जब तक बीजेपी है, संविधान खतरे में रहेगा- अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि 400 सीटें लाकर संविधान बदल देंगे, साजिश कर रहे थे वो 2024 के चुनाव में अंडरग्राउंड होकर बैठ ग‌ए हैं. वक्त का इंतजार कर रहे हैं, वो वक्त कभी नहीं आएगा, फिर भी चौकन्ना रहना है. जब तक बीजेपी है, संविधान खतरे में रहेगा इसलिए बीजेपी को हटना है. बीजेपी कोई दल नहीं है, नकारात्मक, विभाजनकारी दल है. पहले हम कहते थे कि बीजेपी हटाओ संविधान बचाओ, अब हम कहते हैं कि नकारात्मक विचारधारा हटाओ, संविधान बचाओ.

“निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग तेज, JDU नेता श्याम रजक बोले- उनमें मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण”

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बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी कड़ी में जेडीयू के भीतर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है.

जेडीयू के कई नेता और कार्यकर्ता खुलकर निशांत कुमार के समर्थन में सामने आ रहे हैं. उनका मानना है कि निशांत कुमार पढ़े-लिखे हैं और उनके पास इंजीनियरिंग की डिग्री भी है, जिससे वह प्रशासन को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं. पार्टी के अंदर यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निशांत एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं.

श्याम रजक ने खुलकर जताई इच्छा

फुलवारी विधानसभा से विधायक और जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं और वह व्यक्तिगत रूप से चाहते हैं कि निशांत ही सीएम बनें.

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला एनडीए और नीतीश कुमार को ही लेना है. उनके मुताबिक गठबंधन की राजनीति में सभी दलों को साथ लेकर चलना जरूरी होता है, इसलिए निर्णय परिस्थितियों को देखकर ही लिया जाएगा.

बीजेपी से भी कई दावेदार

श्याम रजक ने बीजेपी की तरफ से संभावित मुख्यमंत्री चेहरे पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत बीजेपी में कई ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं.

रजक ने यह भी साफ किया कि चाहे मुख्यमंत्री कोई भी बने निशांत कुमार या बीजेपी का कोई नेता, सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी. उनका मानना है कि बिहार के विकास की गति बनाए रखने के लिए अनुभव और नेतृत्व दोनों जरूरी हैं.

फिलहाल, बिहार की राजनीति में अगले मुख्यमंत्री को लेकर अटकलों का दौर जारी है, लेकिन अंतिम फैसला एनडीए और नीतीश कुमार के हाथ में ही माना जा रहा है.

Samsaptak Yog 2026: 31 मार्च की रात बदलेगा चंद्रमा का रुख, इन राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां!

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Astrological Remedies for Saturn Moon: अप्रैल 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 31 मार्च की रात चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे.

इस दौरान शनि पहले से ही मीन राशि में स्थित रहेंगे. ऐसे में शनि और चंद्रमा एक-दूसरे से सातवें भाव में होंगे, जिससे समसप्तक योग का निर्माण होगा. ज्योतिष में शनि और चंद्रमा का यह संबंध कई बार विष योग जैसी स्थिति भी पैदा कर देता है, जो मानसिक तनाव, अस्थिरता और जीवन में बाधाओं का संकेत देता है. ऐसे में कुछ राशियों को अप्रैल की शुरुआत में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

क्या है समसप्तक योग?

जब दो ग्रह एक-दूसरे से ठीक सातवें भाव में स्थित होते हैं, तो उसे समसप्तक योग कहा जाता है. यह स्थिति जीवन में संतुलन की परीक्षा लेती है. खासकर जब इसमें शनि और चंद्रमा शामिल हों, तो मानसिक और भावनात्मक चुनौतियां बढ़ सकती हैं.

इन राशियों को रहना होगा सतर्क

मेष राशि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत मेष राशि वालों के लिए थोड़ी तनावपूर्ण रह सकती है. काम का दबाव बढ़ सकता है. मानसिक अशांति बनी रह सकती है. पारिवारिक मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है. इसलिए किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में न लें और क्रोध पर नियंत्रण रखें.

सिंह राशि

चंद्रमा का आपकी ही राशि से निकलना भावनात्मक उतार-चढ़ाव ला सकता है. आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है. आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी. धैर्य रखें और किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें.

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है. बेवजह की चिंताएं परेशान कर सकती हैं. काम में मन नहीं लगेगा. नींद और स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें.

क्या करें उपाय?

हर सोमवार शिवलिंग पर जल अर्पित करें.

ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.

शनिवार के दिन गरीबों को काली वस्तु दान करें.

चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दूध या चावल का दान करें.

Tarot Readings: सावधान! अपनों से ही मिलेगा बड़ा ‘धोखा’, टैरो कार्ड्स ने मीन और धनु राशि को किया आगाह, जानें 30 मार्च 2026 का राशिफल…

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Tarot Card Reading 30 March 2026: टैरो कार्ड्स की रहस्यमयी दुनिया आज आपकी राशि के लिए करियर, धन और रिश्तों को लेकर क्या संकेत दे रही है? आइए जानते हैं 30 मार्च 2026 का विशेष टैरो राशिफल.

मेष टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के जातक आज खर्चों से संबंधित मुद्दों पर अपने घर परिवार के लोगों के साथ बातचीत कर सकते हैं. आपको शीत प्रकृति के रोग, ज्वर आदि से पीड़ित होंगे. खान पान की अनियमितता से बचना चाहिए.

वृषभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशिवालों के लिए आज भाई बहन बंधु बांधव से संबंधित मामले कुछ कमजोर बने रहेंगे. आजीविका क्षेत्र में परिवर्तन का भी मन बनेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन कष्टप्रद रहेगा.

मिथुन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों को फिलहाल, धन संग्रह करने में कुछ बाधाएं आ सकती हैं. साथ ही आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है. मित्रों के सहयोग से समस्या का समाधान हो सकेगा.

कर्क टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, कर्क राशिवालों को फिलहाल, जल्दबाजी में कोई काम न करें. आज आप आप विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षित हो सकते हैं. व्यापार में लाभकारी परिवर्तन हो सकते हैं.

सिंह टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशिवालों को इस समय कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है और कठिन परिश्रम के बाद व्यापार अच्छा चलेगा. जीवनसाथी के व्यवहार में अनुकूलता रहेगी.

कन्या टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कन्या राशि के लोगों को आज धनार्जन के अवसरों में वृद्धि होगी. साथ ही साथ एक से अधिक प्रेम संबंध स्थापित हो सकते हैं. स्थायी संपत्ति की प्राप्ति के भी योग हैं.

तुला टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि के जो लोग विदेशी व्यापार में कार्यरत हैं या विदेशी स्रोतों के द्वारा कार्य कर रहे हैं उनके लिए समय बेहतर है, पूर्ण रूप से यह समय आप के लिए एक भाग्यशाली अवधि है.

वृश्चिक टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहने वाला है. आज आप विभिन्न स्रोतों के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं. यदि आपका धन कही अटक गया है कि आपको धन प्राप्त हो सकता है.

धनु टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशि के जातकों को इस अवधि के दौरान दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मतभेद उत्पन्न हो सकते है. आपको सलाह है कि फिलहाल, बोलचाल में कटुता न आने दें.

मकर टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशिवालों को आज अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है. बुद्धि चातुर्य से अनेक कठिनाइयां दूर हो सकेंगी.

कुंभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि के जातक आज अपने काम के स्थान पर आदर और सम्मान प्राप्त कर सकेंगे, कार्य व्यवसाय में आशातीत सफलता मिल सकेगी.

मीन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि के जातक किसी मुसीबत में फंस सकते हैं. आपको विश्वासघात करने के कारण सजा भी मिल सकती है, स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दी न करें.

10 साल में असम आतंकवाद मुक्त बना, अब घुसपैठिया मुक्त बनाना है: अमित शाह…

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अमित शाह ने असम के सोनितपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपको वोट सिर्फ विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं करना है, बल्कि आपको वोट घुसपैठिया मुक्त असम बनाने के लिए करना है.

उन्होंने कहा आपको वोट शांत और विकसित असम बनाने के लिए करना है. आपको बड़ी-बड़ी इंटस्ट्री से लैस असम के युवाओं को असम में ही रोजगार मिल पाए, इसके लिए वोट करना है. उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा है, जिसने 10 साल में असम को आतंकवाद मुक्त बना दिया. दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसके शासन में यहां गोलीबारी और बम धमाके होते थे, सैकड़ों युवा मौत के घाट उतार दिए जाते थे.

अमित शाह ने कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में हमने कई सारे समझौते करके 10 हजार युवाओं को हथियार छुड़वाकर, असम में शांति की प्रस्थापना करने का काम भाजपा ने किया है. हम अभी तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफल नहीं हो पाए हैं. हालांकि, पिछले दस सालों में हम आगे की घुसपैठ को रोकने में कामयाब रहे हैं.

‘अवैध घुसपैठियों को हटाना भी है’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लेकिन सिर्फ घुसपैठ को रोकना ही काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग अवैध रूप से प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें भी असम से हटाया जाए. उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए हमारे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं और उन संसाधनों का उपभोग कर रहे हैं, जिन पर सही हक असम के लोगों का है. उन्होंने कहा कि इस जमीन पर उनका कोई वैध दावा नहीं है. हमें तीसरे कार्यकाल के लिए समर्थन दें. अगले पांच सालों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं.

‘वो भूल गए यहां मोदी की सरकार है’

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी देश की सुरक्षा को अपना मुद्दा नहीं माना. आए दिन पाकिस्तान के आतंकवादी यहां घुसते थे, बम धमाका करते थे और धड़ल्ले से चले जाते थे. हमारी सरकार आने के बाद पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उरी, पुलवामा और पहलगाम में हमला किया, लेकिन वो ये भूल गए यहां अब कांग्रेस की नहीं, मोदी जी की सरकार है.

उन्होंने कहा कि उरी में हमला किया तो मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक करी, पुलवामा में हमला किया तो मोदी जी ने एयर स्ट्राइक करी, और जब पहलगाम में हमला किया तो ऑपरेशन सिंदूर करके आतंकवादियों को सफाया करने का काम किया.

“ईरान युद्ध के बीच भारत बढ़ाया मदद का हाथ, श्रीलंका को दिया 38000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम”

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अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को बड़ी राहत दी है. भारत ने आपातकालीन मदद के रूप में कुल 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद श्रीलंका को सप्लाई किए, जिसमें 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल हैं.

श्रीलंका ने इस मदद के बाद खुले तौर पर भारत का आभार जताया. कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह सप्लाई ऐसे समय में की गई जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो चुकी थी और श्रीलंका को गंभीर ईंधन संकट का सामना करना पड़ रहा था. श्रीलंका के प्रमुख विपक्षी नेता सजिथ प्रेमदासा ने भी भारत का धन्यवाद करते हुए कहा कि असली रिश्तों की पहचान संकट के समय होती है, और भारत ने इस कठिन घड़ी में साथ देकर इसे साबित किया है.

चीन ने नहीं दी मदद

श्रीलंका ने जनवरी में चीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी सिनोपेक के साथ हंबनटोटा बंदरगाह के पास 200,000 बैरल क्षमता वाली तेल रिफाइनरी बनाने के लिए 3.7 अरब डॉलर का समझौता किया था. लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से उत्पन्न संकट के समय चीन ने अब तक कोई मदद नहीं दी. प्रेमदासा के इस बयान को चीन की परोक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है.

फोर्स मेज्योर और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बाधा

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स ने ‘फोर्स मेज्योर’ का हवाला देते हुए ईंधन की आपूर्ति करने से मना कर दिया. जहाजों की कमी और समुद्री रास्तों में बाधा के कारण श्रीलंका गंभीर संकट में फंस गया. ऐसे में भारत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के जरिए तुरंत आपातकालीन सप्लाई उपलब्ध कराई.

इससे पहले 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार डिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई. वहीं, 23 मार्च को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के बीच भी बातचीत हुई.

श्रीलंका में ईंधन संकट का असर

श्रीलंका में ईंधन संकट के चलते हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25% तक वृद्धि की गई. पेट्रोल की कीमत 398 रुपये प्रति लीटर और डीजल 382 रुपये प्रति लीटर कर दी गई. हालात इतने गंभीर हो गए कि सरकार ने चार दिन का वर्किंग वीक लागू किया और वर्क फ्रॉम होम को भी बढ़ावा दिया.

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20% तेल की आपूर्ति होती है. इसके बंद होने से हालात और बिगड़ गए. श्रीलंका पूरी तरह आयातित तेल पर निर्भर है, ऐसे में भारत की यह मदद उसके लिए संजीवनी साबित हुई.

शेयर बाजार में रिकॉर्ड बिकवाली, विदेशियों ने एक महीने में बेचे 1.14 लाख करोड़ के शेयर…

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मार्च 2026 का महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए एक गहरे झटके की तरह सामने आया है. दलाल स्ट्रीट पर विदेशी निवेशकों की ऐसी बेतहाशा बिकवाली पहले कभी नहीं देखी गई. आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस एक महीने में लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम बाजार से निकाल ली है. यह भारतीय इक्विटी बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है.

आखिर टूट क्यों रहा है भरोसा?

भारतीय बाजार ने विदेशी निवेशकों का ऐसा ‘एग्जिट’ पहले कभी महसूस नहीं किया था. इससे पहले अक्टूबर 2024 में 94 हजार करोड़ रुपये की बिकवाली का रिकॉर्ड दर्ज था, लेकिन मार्च 2026 ने इस पुराने आंकड़े को बहुत पीछे छोड़ दिया है. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़े बताते हैं कि इस साल अब तक कुल निकासी 1.27 लाख करोड़ रुपये के चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है. हैरानी की बात यह है कि ठीक एक महीने पहले, फरवरी में बाजार ने 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश देखा था. फिर स्थिति एकदम उलट गई और महज 27 मार्च तक ही कैश मार्केट में विदेशी निवेशकों ने 1.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले.

पश्चिम एशिया से लेकर अमेरिका तक… कहां से आ रही है घबराहट?

इस अभूतपूर्व बिकवाली की जड़ें केवल भारत में नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैली हैं. पश्चिम एशिया में गहराता भू-राजनीतिक तनाव इस घबराहट का एक सबसे बड़ा कारण है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया भारतीय अर्थव्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा रहा है. विदेशी निवेशकों को डर है कि इन परिस्थितियों के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर (ग्रोथ) और कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे उन्होंने अत्यधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.

यह ट्रेंड केवल भारत तक सीमित नहीं है. ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य प्रमुख उभरते बाजारों से भी विदेशी निवेशक तेजी से अपना पैसा निकाल रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड लगातार बढ़ रही है और ग्लोबल मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है. जब सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड में अच्छा रिटर्न मिलने लगता है, तो निवेशक इक्विटी जैसे जोखिम भरे बाजारों से मुंह मोड़कर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं.

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

जब विदेशी निवेशक इस पैमाने पर शेयर बेचते हैं, तो बाजार में भारी दबाव और गिरावट का अंदेशा बढ़ जाता है. आम निवेशक, जो अपनी गाढ़ी कमाई प्रत्यक्ष तौर पर या म्यूचुअल फंड के जरिए लगाते हैं, उनके लिए यह समय बेचैनी भरा हो सकता है. यह सच है कि हालिया गिरावट के बाद कुछ शेयरों के वैल्यूएशन में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय बाजार के कई हिस्से अभी भी महंगे हैं. अगर वैश्विक अस्थिरता और तनाव के हालात जल्द नहीं सुधरते हैं, तो शेयर बाजार में यह उतार-चढ़ाव आगे भी बना रह सकता है. यह इतनी बड़ी बिकवाली बाजार के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है. ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे बाजार की इस चाल को समझें और घबराहट में आने के बजाय अत्यधिक सतर्क रहकर सोच-समझकर अपने निवेश के फैसले लें.

देश की सबसे सस्ती डीजल ऑटोमैटिक SUV कौन-सी हैं? खरीदने से पहले यहां जानिए डिटेल्स…

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आज के समय में ऑटोमैटिक कारें लोगों में काफी पॉपुलर हो रही हैं. इसके पीछे वजह यह है कि इन्हें ट्रैफिक में ड्राइव करना आसान होता है. वहीं डीजल ऑटोमैटिक SUV उन लोगों के लिए बेहतर होती हैं जो लंबी ड्राइव और कम फ्यूल खर्च चाहते हैं.

अगर आप डीजल ऑटोमैटिक कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए जानना जरूरी है कि 15 लाख रुपये के बजट में आपको कौन-सी गाड़ियां मिल जाएंगी?

Kia Sonet इस लिस्ट में पहला नाम Kia Sonet का है, जो कि एक पॉपुलर सब-4 मीटर SUV है. इसमें 1.5-लीटर डीजल इंजन मिलता है और यह 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आती है. गाड़ी में बड़ा टचस्क्रीन, आरामदायक सीटें और स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं. इस गाड़ी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9.78 लाख रुपये एक्स-शोरूम है.

दूसरी डीजल ऑटोमैटिक कार Hyundai Venue है. यह गाड़ी 1.5-लीटर डीजल और ऑटोमैटिक वर्जन के साथ आती है. Venue को मॉडर्न डिजाइन, बेहतर इंटीरियर और शानदार फीचर्स जैसे बड़ी स्क्रीन, ADAS और अच्छी सेफ्टी के साथ पेश किया गया है. गाड़ी की कीमत 11.81 लाख से शुरू होती है.

Tata Nexon आपके लिए तीसरा ऑप्शन Tata Nexon है. यह भारत में सबसे पसंद की जाने वाली SUV है. डीज़ल + AMT ऑप्शन के साथ Nexon में मजबूत बॉडी, बड़ा केबिन, 360° कैमरा और सेफ ड्राइविंग जैसे फीचर्स मिलते हैं. इस गाड़ी की कीमत 10.54 लाख रुपये से शुरू होती है.

आपके लिए Mahindra XUV 3XO भी एक अच्छा ऑप्शन है. इसमें पावरफुल 1.5-लीटर डीज़ल इंजन और AMT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है, और यह SUV बड़े केबिन और फीचर्स के लिए जानी जाती है. इसकी कीमत 10.85 लाख रुपये से शुरू होती है.

Kia Seltos इसके अलावा अगर आप थोड़ा प्रीमियम फील चाहते हैं तो Kia Seltos भी आपके लिए अच्छा ऑप्शन है. इसमें भी डीजल + ऑटोमैटिक ऑप्शन है और यह दिखने में स्टाइलिश और प्रीमियम फीचर्स के साथ आती है.

Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026: एकादशी या द्वादशी कब करें कामदा एकादशी व्रत पारण, जानें सही तिथि, विधि और समय…

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Kamada Ekadashi Vrat Paran Date 2026: पारण का अर्थ होता है व्रत खोलना. पारण किसी भी पूजा-अनुष्ठान की सबसे महत्वपूर्ण विधि होती है, जिसके बिना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसलिए किसी भी व्रत में पारण करना बेहद जरूरी माना जाता है.

लेकिन इसी के साथ जरूरी होता है कि, पारण सही दिन, सही विधि और सही मुहूर्त में किसा जाए, तभी व्रत और पूजा का फल प्राप्त होता है.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व बताया गया है. हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी 11वीं तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है. रविवार, 29 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखने से पापकर्मों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

कामदा एकादशी व्रत पारण 2026 कब (Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026 Kab)

कामदा एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत नियमों का पालन किया जाता है. लेकिन सबसे जरूरी चरण यह होता है कि, एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे किया जाए. कई लोग एकादशी व्रत के दिन फलाहार ग्रहण करते हैं, तो वहीं कुछ निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करते हैं.

एकादशी का व्रत आपने फलाहार रखा हो या निर्जला, यह जरूरी है कि अगले दिन या द्वादशी तिथि में एकादशी व्रत का पारण किया जाए. इसलिए कामदा एकादशी का व्रत रखने वाले जातक सोमवार 30 मार्च को व्रत का पारण जरूर करें. आइए जानते है कामदा एकादशी व्रत के पारण की जानकारी.

कामदा एकादशी व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही करना चाहिए. कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक कर सकते हैं. इस समय के भीतर आप व्रत का पारण कर लें. यदि किसी कारण इस समय में पारण न कर पाएं तो मध्याह्न (दोपहर) में, जब तक द्वादशी तिथि और हरिवासर (द्वादशी की शुरुआत का समय) न हो, तब पारण कर सकते हैं. हालांकि सुबह के समय में पारण करना सबसे शुभ माना जाता है.

कामदा एकादशी व्रत पारण का विधि और नियम

कामदा एकादशी पारण के लिए समय के साथ ही विधि और नियमों का भी पालन करें, क्योंकि एक गलती से व्रत और पूजा का फल निष्फल भी हो सकता है. इसलिए स्टेप-बाय-स्टेप जान लें कामदा पारण की विधि और नियम.

कामदा एकादशी के पारण के लिए अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें. सबसे पहले सूर्य देव को जल से अर्घ्य दे.

पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं और तुलसी अर्पित करें.

पारण करने से पहले ब्राह्मण और जरूरतमंदों में दान-दक्षिणा करें. इसके बाद तुलसी का पत्ता मुंह में रखकर व्रत का पारण करें.

पारण के दिन भी सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. एकादशी पारण के दिन चावल खाना शुभ माना जाता है.