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‘संविधान से ही देश की ताकत…’, गणतंत्र दिवस पर मौलाना खालिद रशीद…

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देश में आज गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और उमंग के साथ राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जा रहा है. इस मौके पर लखनऊ में प्रमुख इस्लामिक विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी देशवासियों को बधाई देते हुए देश की खुशहाली और तरक्की के लिए जुटने की अपील की.

मौलाना ने कहा कि आज का दिन हमे यह याद दिलाता है कि हम एक लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं और हमारी शक्तियां हमारे संविधान में निहित हैं. आज की पीढ़ी को यह जानना बहुत जरूरी है.

अपने संदेश में मौलाना खालिद रशीदी ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी नई पीढ़ी को अपने देश के संविधान के बारे में जागरूक और शिक्षित करें. सभी को यह पता होना चाहिए की हमारे संविधान की मूल प्रस्तावना क्या है और उसका उद्देश्य क्या है. उन्होंने बताया कि संविधान सबको एक नजरिये से देखता है.

गणतन्त्र दिवस पर दिया सन्देश

मौलाना खालिद रशीदी फरंगी महली उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख इस्लामिक विद्वानों में शुमार हैं. वे हमेशा आपसी सद्भाव और भाईचारे की बात करते हैं. गणतंत्र दिवस पर बधाई देकर उन्होंने सभी को संविधान के मुताबिक साथ रहकर कार्य करने की अपील की है. वे अक्सर महत्वपूर्ण पर्वों और राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसे सन्देश देते हैं.

प्रदेश वासियों को सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गणतंत्र दिवस के मौके पर ध्वजारोहण के बाद प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए देश सेवा का संकल्प लिया. सीएम ने कहा, “हर भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान के प्रति पूरे विश्वास, सम्मान और समर्पण के साथ काम करे, क्योंकि यह अनुकूल और चुनौतीपूर्ण दोनों परिस्थितियों में देश के लिए मार्गदर्शक शक्ति रहा है. यह बदले में संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और भक्ति को दर्शाता है. हम सभी जानते हैं कि जब भी हम संविधान के मूल मूल्यों और भावना को बनाए रखते हैं, तो हम वास्तव में भारत माता के उन महान सपूतों का सम्मान करते हैं जिनके बलिदान ने एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की नींव रखी.”

‘अच्छे पड़ोसी और दोस्त…’, गणतंत्र दिवस पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग…

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देश के 77वें गणतंत्र दिवस के खास मौके पर पूरी दुनिया की नजरें राजधानी दिल्ली पर हैं। इसी बीच चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी दोनों देशों के रिश्तों पर बात करते हुए खास संदेश भेजा है।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि भारत-चीन एक अच्छे पड़ोसी, दोस्त और पार्टनर्स हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को संदेश भेजते हुए कहा कि भारत-चीन की दोस्ती “ड्रैगन और हाथी का टैंगो” है। ये एक चीनी लोकोक्ति है, जो दो परमाणु संपन्न देशों के बीच अच्छे रिश्तों को दर्शाने के लिए इस्तेमाल होता है।

चीनी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत-चीन के रिश्तों में काफी सुधार आया है। इससे दुनिया में शांति और समृद्धि स्थापित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा-

हमारा मानना है कि भारत और चीन के लिए अच्छे पड़ोसी, दोस्त और पार्टनर्स बने रहना ही एक बेहतर विकल्प है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि दोनों देश अच्छे और स्थिर संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।

भारत-चीन के रिश्ते

बता दें कि ट्रंप के टैरिफ के बीच पिछले कुछ समय में भारत और चीन के संबंधों में सुधार आया है। अक्टूबर 2024 में कजान में आयोजितब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच मुलाकात देखने को मिली थी। 2025 में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं।

CG” मुख्यमंत्री ने जशपुर में किया होमस्टे का शुभारंभ, मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गांव ‘केरे’, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया के साथ हुआ MOU

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cm sai inaugurated homestay Jashpur: इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।

  1. जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य
  2. जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी परियोजना
  3. स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित

जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।

जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य

एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।

जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी परियोजना

मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

CG: रायपुर साहित्य उत्सव का समापन, राज्यपाल रामेन डेका ने कहा डिजिटल युग में भी बना रहेगा प्रिंट और साहित्य का महत्व, विजय शर्मा ने हर वर्ष आयोजन की कही बात…

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समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रामेन डेका शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा।

  1. तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का समापन
  2. साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए : राज्यपाल
  3. छत्तीसगढ़ में बहती रही है साहित्य की अविरल धारा : ओ. पी. चौधरी

रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आज समापन हुआ। साहित्य के इस महाकुंभ में साहित्यकारों, कहानीकारों, लेखकों, कलाकारों, चित्रकारों ने हिस्सा लिया। विचारों के आदान-प्रदान के साथ सवाल जवाब भी हुए । समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रामेन डेका शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रामेन डेका के अलावा कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, प्रख्यात रंगकर्मी, नाट्य लेखक डॉ. सच्चिदानंद जोशी, फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी, फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए : राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा कि साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए। जिस तरह संगीत के सात स्वर हमें जोड़े रखते हैं, उसी तरह साहित्य का आदान-प्रदान नई बातों का सीखने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने ने कहा कि पिछले तीन दिनों में इस मंच पर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चाएं हुईं। विचारों का खुलकर आदान-प्रदान हुआ। सबने मिलकर साहित्य, समाज और जीवन से जुड़े कई विषयों पर बात की।

यह उत्सव सभी साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार और सीखने वाला अनुभव रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। देश भर से आए नामी प्रकाशकों ने यहां किताबों का बहुत सुंदर संग्रह प्रस्तुत किया। पाठकों को नई-नई किताबें देखने और पढ़ने का अच्छा मौका मिला। यह देखकर अच्छा लगता है कि आज भी लोगों में किताबों के प्रति गहरी रुचि है।रामेन डेका ने कहा साहित्य और संगीत का आदान प्रदान जरूरी है और ऐसे साहित्य का उत्सव हमेशा होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में बहती रही है साहित्य की अविरल धारा : ओ. पी. चौधरी

वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहित्य की अविरल धारा बहती रही है। कालीदास, रविन्द्रनाथ टैगोर जैसे कवि एवं साहित्यकारों का इतिहास भी छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजन अनवरत किए जाते रहेंगे।

समापन के दिन विशेष रूप से शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता और इसको लेकर लोगों के रुझान को देखते हुए हमने निर्णय लिया है कि हर साल इस तरह के आयोजन किए जाएंगे । छत्तीसगढ़ में साहित्यकारों और कलाकारों का यह महाकुंभ यहां के साहित्यकारों कलाकारों को एक नई दिशा प्रदान करेगा ।

CG: छत्तीसगढ़ की इन तीन विभूतियों को पद्म सम्मान, सीएम साय ने दी बधाई, कहा- यह हमारे लिए गौरव का क्षण…

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केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण का क्षण है कि राज्य की तीन विशिष्ट हस्तियों का चयन पद्म सम्मान हेतु किया गया है। समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा की समाजसेविका बुधरी ताती तथा चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दशकों से निस्वार्थ कार्य कर रहे डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले को पद्म पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। डॉ. गोडबोले दंपत्ति को यह सम्मान संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उक्त तीनों विभिूतियों को पद्म पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। तीनों विभूतियों ने अपने सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में छत्तीसगढ़ की इन तीनों विभूतियों का नाम शामिल होना राज्य के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि सम्मानित सभी हस्तियां बस्तर अंचल के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से सेवा कार्य कर रही हैं।

बस्तर कीबड़ी दीदीबुधरी ताती को पद्म

दंतेवाड़ा जिले के हीरानार ग्राम की निवासी बुधरी ताती को महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान एवं समाजसेवा के लिए पद्म सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्ष 1984 से वे निरंतर वनांचल क्षेत्रों में नशामुक्ति, साक्षरता अभियान, सामाजिक जागरूकता तथा महिलाओं एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। बुधरी ताती अभी तक 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। बुधरी ताती को छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनके समर्पण और स्नेहभाव के कारण स्थानीय लोग उन्हें सम्मानपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ कहकर संबोधित करते हैं।

दुर्गम अंचलों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा देने वाले गोडबोले दंपत्ति सम्मानित

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं उनकी धर्मपत्नी सुनीता गोडबोले को संयुक्त रूप से पद्म सम्मान से नवाजा जाएगा। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गोडबोले और उनकी पत्नी पिछले 37 वर्षों से अधिक समय से बस्तर एवं अबूझमाड़ जैसे अत्यंत दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण उन्मूलन और प्राथमिक उपचार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दोनों ने ‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से ऐसे गांवों तक इलाज पहुंचाया है, जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वे स्वयं पैदल अथवा सीमित साधनों के सहारे इन क्षेत्रों में पहुंचकर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते हैं और मरीजों का उपचार करते हैं। पद्म सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की इन विभूतियों का चयन राज्य की सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। यह सम्मान न केवल संबंधित व्यक्तियों के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय है और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।

CG: समय की ज़रूरत और सामाजिक संवाद का सशक्त मंच बना रायपुर साहित्य उत्सव, साय सरकार के प्रयासों से शुरू हुआ नया अध्याय…

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रायपुरः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को केवल औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार किया है। राज्य की बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और आदिवासी पहचान को केंद्र में रखते हुए सरकार ने साहित्य को जनजीवन से जोड़ने के लिए कई ठोस पहलें की हैं। साय सरकार ने साहित्यिक गतिविधियों को संस्थागत आधार देने पर विशेष ध्यान दिया। इसकी बानगी के राजधानी रायपुर में आयोजित साहित्य उत्सव के रूप में दिखी।

छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी आदिवासी और लोक साहित्य परंपरा में निहित है। साय सरकार ने इसी को ध्यान में रखकर राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी तक रायपुर साहित्य महोत्सव का आयोजित की। इन 3 दिनों के उत्सव में 42 सत्रों के जरिए साहित्य, संस्कृति और अलग-अलग मुद्दों विचार-विमर्श हुई। देश-प्रदेश के 120 ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, विचारक, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी इसमें शामिल हुए। तीन दिनों तक साहित्य प्रेमियों का जोश हाई रहा। उत्सव के तीसरे दिन भी परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। विभिन्न आयु-वर्ग के नागरिकों, छात्रों, साहित्यकारों और शोधार्थियों ने उत्सव में पहुँचकर सक्रिय रूप से सहभागिता की। आखिरी दिन पत्रकारिता और साहित्य, ट्रैवल ब्लॉग: पर्यटन के प्रेरक, नाट्यशास्त्र और कला परंपरा, समाज और सिनेमा, संविधान और भारतीय मूल्य , शासन और साहित्यके अंतर्संबंधों पर बुद्धिजीवी वक्ताओं ने अपने विचार रखें।

साय सरकार ने बनाया जनभागीदारी वाला आयोजन

आज का समाज तेजी से सूचना आधारित और डिजिटल होता जा रहा है। सोशल मीडिया और त्वरित कंटेंट के युग में गहन विचार, संवाद और विमर्श के लिए जगह सीमित होती जा रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव ने लेखकों, कवियों, पत्रकारों, विचारकों और पाठकों को आमने-सामने संवाद का अवसर दिया। ह मंच साहित्य को केवल किताबों तक सीमित न रखकर समाज, राजनीति, पर्यावरण, आदिवासी संस्कृति, स्त्री विमर्श और समकालीन चुनौतियों से जोड़ने में सफल रहा। यही इसकी सबसे बड़ी प्रासंगिकता रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस साहित्य उत्सव को जिस स्तर पर समर्थन और संरचना दी गई, वह सराहनीय रही। सरकार ने इसे केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी वाला आयोजन बनाने का प्रयास किया। स्थानीय साहित्यकारों, युवा रचनाकारों और क्षेत्रीय भाषाओं को मंच देकर यह संदेश दिया गया कि साहित्य केवल बड़े नामों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ी आवाज़ों का भी प्रतिनिधित्व करता है। साय सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है।

दीर्घकालिक होगा रायपुर साहित्य उत्सव का प्रभाव

रायपुर साहित्य उत्सव का प्रभाव तात्कालिक नहीं बल्कि दीर्घकालिक होगा। ऐसे आयोजनों से युवाओं में पढ़ने-लिखने की रुचि बढ़ती है और वैचारिक परिपक्वता का विकास होता है। साहित्य जब समाज के मुद्दों से जुड़ता है, तो वह संवेदनशीलता, सहिष्णुता और संवाद की संस्कृति को मजबूत करता है। यह उत्सव न केवल पाठकों और लेखकों के बीच सेतु बना, बल्कि समाज को सोचने-समझने की नई दृष्टि भी देता है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक प्रभाव शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक गतिविधियों में स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। रायपुर साहित्य उत्सव का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन इसके विचार और संवाद समाज में लंबे समय तक गूंजते रहेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक मानचित्र पर मजबूत पहचान देने के साथ-साथ समाज में विचारशीलता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ है।

LIVE” आज 77वां गणतंत्र दिवस.. मुख्य समारोह रायपुर और भोपाल में.. मुख्यमंत्री साय और डॉ मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, ली परेड की सलामी…

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गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार केंद्रीय सशस्त्र बलों की भी मजबूत मौजूदगी रहेगी। राज्य स्तरीय परेड में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टुकड़ियां शामिल होंगी।

  1. रायपुर और भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह
  2. रायपुर में 117, भोपाल में 23 प्लाटून परेड
  3. केंद्रीय बलों और सांस्कृतिक दलों की भागीदारी

रायपुर: आज देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न जिलों में मुख्य समारोह आयोजित किए गए हैं, जहां प्रमुख जनप्रतिनिधि ध्वजारोहण करेंगे। बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ध्वजारोहण कर जनता को संबोधित करेंगे, जबकि राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। (Today Live Breaking News and Updates 26th January 2026) जगदलपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, अंबिकापुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और दुर्ग में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

मुख्य समारोह रायपुर में, राज्यपाल लेंगे सालामी

इसी कड़ी में प्रदेश की राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। सुबह 9 बजे राज्यपाल रमेन डेका ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, अनुशासन और एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

कुल 117 टुकड़ियां होंगी शामिल

समारोह की परेड में कुल 117 टुकड़ियां शामिल होंगी। इनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा बल (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और विशेष आमंत्रित उत्तरप्रदेश पुलिस की टुकड़ी शामिल है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष एवं महिला) तथा एनसीसी के बॉयज और गर्ल्स कैडेट्स भी परेड का हिस्सा रहेंगे। (Today Live Breaking News and Updates 26th January 2026) परेड के दौरान पुलिस डॉग स्क्वायड विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कुछ ही देर बाद गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। ऐतिहासिक लाल परेड मैदान में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह कई मायनों में खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार अब तक की सबसे लंबी परेड आयोजित की जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों से लेकर सांस्कृतिक दलों तक की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी।

Madhya Pradesh Republic Day: परेड में इस वर्ष कुल 23 प्लाटून शामिल

बात करें मध्यप्रदेश की तो भोपाल में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष कुल 23 प्लाटून शामिल होंगी, जिनमें करीब 1300 जवान कदमताल करते नजर आएंगे। परेड की विशेष बात यह है कि इसमें डॉग स्क्वॉड भी शामिल किया गया है, जो सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का संदेश देगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस, विशेष सशस्त्र बल (SAF), पुलिस बैंड, एनसीसी की गर्ल्स और बॉयज विंग, स्काउट-गाइड की टीम और महिला शौर्य दल परेड का हिस्सा होंगे। इस बार परेड में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के दल की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

MP Republic Day 2026: राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण समारोह

परेड की कमान इस बार युवा आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ के हाथों में होगी, जो वर्तमान में ग्वालियर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं। (Today Live Breaking News and Updates 26th January 2026) वहीं परेड की सेकेंड कमांडर की जिम्मेदारी रतलाम की डीएसपी नीलम निभाएंगी, जो राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में परेड का अनुशासन और समन्वय देखने लायक होगा।

26 January MP: केंद्रीय बलों की ऐतिहासिक भागीदारी

गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार केंद्रीय सशस्त्र बलों की भी मजबूत मौजूदगी रहेगी। राज्य स्तरीय परेड में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टुकड़ियां शामिल होंगी। इन तीनों केंद्रीय बलों की भागीदारी परेड को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी और सुरक्षा बलों की एकता व शक्ति का प्रदर्शन करेगी।

परेड के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेंगे। स्कूली बच्चों और आदिवासी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएंगी। (Today Live Breaking News and Updates 26th January 2026) इसके अलावा परेड में प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों की झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाएंगी।

weather : बढ़ने वाला है तापमान, कैसा रहेगा प्रदेश में मौसम का हाल, किस दिन से पड़ेगी भीषण गर्मी, सब कुछ जानें यहां…

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cg weather update today: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में अब धीरे-धोरे ठंड का असर कम हो रहा है।

  1. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने लगा है।
  2. जनवरी के अंतिम सप्ताह में अब धीरे-धोरे ठंड का असर कम हो रहा है।
  3. कड़ाके की ठंड झेल रहे लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में अब धीरे-धोरे ठंड का असर कम हो रहा है। प्रदेश के कई जिले ऐसे भी हैं, जहां रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। कड़ाके की ठंड झेल रहे लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिल रही है।

बढ़ने वाला है तापमान

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी। तापमान बढ़ने से मौसम गर्म होगा और लोगों को गर्मी का एहसास होना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड और कमजोर पड़ेगी। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी, जबकि रातें भी अपेक्षाकृत कम ठंडी रहेंगी।

मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका हल्का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। हालांकि इससे प्रदेश में बारिश की संभावना कम ही बताई जा रही है। राजधानी रायपुर में भी मौसम में बदलाव नजर आ रहा है।

कैसा रहेगा राजधानी का हाल?

मौसम विभाग ने रायपुर में सुबह-सुबह हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं मौसम विभाग ने कहा है कि, दिन में राजधानी का मौसम साफ रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान राजनांदगांव में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

Vishnu deo sai Republic day speech: सीएम विष्णुदेव साय ने फहराया तिरंगा, परेड की सलामी लेने के बाद कर रहे जनता को संबोधित, देखें लाइव…

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Vishnu deo sai Republic day speech: सिम विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में तिरंगा फहराया। परेड की सलामी लेने के बाद सीए ने जनता को संबोधित किया।

  1. छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाया जा रहा गणतंत्र दिवस।
  2. सीएम विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में किया ध्वजारोहण।
  3. परेड की सलामी लेने के बाद सीएम साय ने किया जनता को संबोधित।

Vishnu deo sai Republic day:  बिलासपुर: अन्य राज्यों की तरह ही छत्तीसगढ़ में भी गणतंत्र दिवस की धूम देखी जा रही है (Republic day 2026)। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में तिरंगा झंडा फहराकर परेड की सलामी ली। (Vishnu deo sai live) परेड की सलामी लेने के बाद सीएम साय ने जनता को संबोधित किया। वहीं राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इतना ही नहीं जगदलपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, अंबिकापुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और दुर्ग में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए गए, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने किया ध्वजारोहण (CG Republic day 2026)

इसी कड़ी में रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य (CG Republic day 2026) आयोजन किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, अनुशासन और एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।

कुल 117 टुकड़ियां हुई शामिल

समारोह की परेड में कुल 117 टुकड़ियां शामिल हुई। इनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा बल (ITBP), (CG Republic day 2026)  केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और विशेष आमंत्रित उत्तरप्रदेश पुलिस की टुकड़ी शामिल है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), (CG Republic day 2026) छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष एवं महिला) तथा एनसीसी के बॉयज और गर्ल्स कैडेट्स भी परेड का हिस्सा रहें। परेड के दौरान पुलिस डॉग स्क्वायड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

Chhattisgarh republic day: संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण, सीएम साय ने ध्वजारोहण के बाद जनता को किया संबोधित…

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Chhattisgarh republic day: आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया।

  1. छत्तीसगढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है 77वां गणतंत्र दिवस।
  2. सीएम विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में किया ध्वजारोहण।
  3. सीएम साय ने ध्वजरोहण के बाद जनता को संबोधित किया।

chhattisgarh republic day: रायपुर: लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली (chhattisgarh republic day) उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

सीएम साय ने जनता को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

केवल उत्सव का दिन नहीं है गणतंत्र दिवस

chhattisgarh republic day:  मुख्यमंत्री ने कहा कि, गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण (chhattisgarh republic day) करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। (cm sai republic day speech) पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई वंदे मातरम् की 150वीं जयंती (chhattisgarh republic day)

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख (cm sai republic day speech) करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

अंतिम चरण में है माओवादी हिंसा (chhattisgarh republic day)

chhattisgarh republic day:  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम (cm sai republic day speech)  चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

26 लाख से अधिक पीएम आवास किए गए स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह (cm sai republic day speech) 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

दूर की गई शिक्षकों की कमी (cm sai republic day speech)

chhattisgarh republic day:  मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, (cm sai republic day speech) बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

chhattisgarh republic day:  मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के (cm sai republic day speech) माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।