Home छत्तीसगढ़ CG: रायपुर साहित्य उत्सव का समापन, राज्यपाल रामेन डेका ने कहा डिजिटल...

CG: रायपुर साहित्य उत्सव का समापन, राज्यपाल रामेन डेका ने कहा डिजिटल युग में भी बना रहेगा प्रिंट और साहित्य का महत्व, विजय शर्मा ने हर वर्ष आयोजन की कही बात…

3
0

समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रामेन डेका शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा।

  1. तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का समापन
  2. साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए : राज्यपाल
  3. छत्तीसगढ़ में बहती रही है साहित्य की अविरल धारा : ओ. पी. चौधरी

रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आज समापन हुआ। साहित्य के इस महाकुंभ में साहित्यकारों, कहानीकारों, लेखकों, कलाकारों, चित्रकारों ने हिस्सा लिया। विचारों के आदान-प्रदान के साथ सवाल जवाब भी हुए । समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रामेन डेका शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रामेन डेका के अलावा कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, प्रख्यात रंगकर्मी, नाट्य लेखक डॉ. सच्चिदानंद जोशी, फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी, फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए : राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा कि साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए। जिस तरह संगीत के सात स्वर हमें जोड़े रखते हैं, उसी तरह साहित्य का आदान-प्रदान नई बातों का सीखने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने ने कहा कि पिछले तीन दिनों में इस मंच पर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चाएं हुईं। विचारों का खुलकर आदान-प्रदान हुआ। सबने मिलकर साहित्य, समाज और जीवन से जुड़े कई विषयों पर बात की।

यह उत्सव सभी साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार और सीखने वाला अनुभव रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। देश भर से आए नामी प्रकाशकों ने यहां किताबों का बहुत सुंदर संग्रह प्रस्तुत किया। पाठकों को नई-नई किताबें देखने और पढ़ने का अच्छा मौका मिला। यह देखकर अच्छा लगता है कि आज भी लोगों में किताबों के प्रति गहरी रुचि है।रामेन डेका ने कहा साहित्य और संगीत का आदान प्रदान जरूरी है और ऐसे साहित्य का उत्सव हमेशा होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में बहती रही है साहित्य की अविरल धारा : ओ. पी. चौधरी

वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहित्य की अविरल धारा बहती रही है। कालीदास, रविन्द्रनाथ टैगोर जैसे कवि एवं साहित्यकारों का इतिहास भी छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजन अनवरत किए जाते रहेंगे।

समापन के दिन विशेष रूप से शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता और इसको लेकर लोगों के रुझान को देखते हुए हमने निर्णय लिया है कि हर साल इस तरह के आयोजन किए जाएंगे । छत्तीसगढ़ में साहित्यकारों और कलाकारों का यह महाकुंभ यहां के साहित्यकारों कलाकारों को एक नई दिशा प्रदान करेगा ।