सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज में एक अहम बदलाव लाने के लिए एआई का इस्तेमाल करने की बात की है. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से चलाए जाने वाले सॉफ्टवेयर कोर्ट के मामलों की लिस्ट तैयार करने और बेंच के आवंटन का काम संभालेंगे. इसकी शुरुआत तब हुई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के सामने चल रही सुनवाई के दौरान एक बड़ी चूक सामने आई. यह बेंच इरफान सोलंकी की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986’ को चुनौती दी थी. याचिका में दलील दी गई थी कि यह कानून ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ की धारा 111 के प्रावधानों के उल्टा है.



