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CG: दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत, कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कल लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे’

रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ’

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर, कोरिया जिला से 1549 भूमिहीन कृषि मजदूर और नारायणपुर जिला से 1805 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

CG: केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शुभारंभ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

शाम साढ़े पांच बजे पहुंचेंगे केन्द्रीय मंत्री श्री मांडविया

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने नई दिल्ली से शाम साढ़े पांच बजे रायपुर पहुंचेंगे। वे शाम छह बजे साइंस कॉलेज परिसर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने के बाद रात दस बजे नई दिल्ली के लिए वापस रवाना होंगे।

Dhurandhar 2 BO Day 7 Live: ‘धुरंधर 2’ रिलीज के 7वें दिन हो जाएगी 600 करोड़ के पार!  दोपहर 12 बजे तक कमा डाले 6 करोड़…

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‘धुरंधर 2’ की 6 दिनों की कमाई (Dhurandhar 2 Box Office Day 6) ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस की भी धुरंधर साबित हुई है. इस फिल्म ने महज 6 दिनों में ना केवल तगड़ा कलेक्शन कर डाला है बल्कि बड़े-बड़े स्टार्स की फिल्मों को चारों खाने चित्त कर दिया है.

रिलीज के छठे दिन भी इसने कई फिल्मों के रिकॉर्ड तबाह कर दिए.

प्रीव्यू से 43 करोड़ कमाने के बाद ‘धुरंधर 2’ ने 102.55 करोड़ के कलेक्शन के साथ ऐतिहासिक ओपनिंग की थी.

फिर दूसरे दिन फिल्म ने 80.72 करोड़, तीसरे दिन 113 करोड़, चौथे दिन 114.85 करोड़ और 5वें दिन 65 करोड़ कमाए.

सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने 6ठे दिन भारत में 56.60 करोड़ का धमाकेदार कलेक्शन किया.

इसी के साथ इसकी भारत में धुरंधर 2 की 6 दिनों की नेट कमाई 575.72 करोड़ और ग्रॉस कमाई 687.49 करोड़ रही

महज़ 6 दिनों में ही इसने ‘एनिमल’ (915 करोड़), ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ (913 करोड़) और ‘स्त्री 2′ (857 करोड़) के लाइफ़टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है.

धुरंधर 2’ के 7 दिनों का कलेक्शन (Dhurandhar 2 Box Office Day 7 ) रणवीर सिंह की धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाई हुई है यहां तक कि वीकडेज में भी ये जबरदस्त परफॉर्म कर रही है. धुआंधार मंडे और फिर ट्यूस्डे के बाद अब सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने रिलीज के 7वें दिन यानी बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 6.87 करोड़ कमा लिए हैं. रात तक इस आंकड़े में काफी इजाफा होने की उम्मीद है.

‘धुरंधर 2’ ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ऑक्यूपेंसी पेड प्री व्यू (18 मार्च) 43 करोड़ 46.7% पहला दिन (19 मार्च) 102.55 करोड़ 71.3% दूसरा दिन (20 मार्च) 80.72 करोड़ 62.6% तीसरा दिन (21 मार्च) 113.00 करोड़ 81.6% चौथा दिन (22 मार्च) 114.85 करोड़ 79.7% पांचवां दिन (23 मार्च) 65 करोड़ 44.1% छठा दिन (24 मार्च) 56.60 करोड़ सातवां दिन (25 मार्च) 6.87 करोड़ (दोपहर 12 बजे तक के आंकड़े) 20.7% टोटल कलेक्शन 582.59 करोड़

‘धुरंधर 2’ के 7वें दिन की ऑक्यूपेंसी (Dhurandhar 2 Day 7 Occupancy) ‘धुरंधर 2’ के सातवें दिन की दोपहर 12 बजे की ऑक्यूपेंसी 20.7 फीसदी दर्ज की जा रही है. शाम और रात के शोज में इसके और बढ़ने की उम्मीद है.

धुरंधर 2 वर्ल्डवाइड कलेक्शन

‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ दुनियाभर में गदर परफॉर्म कर रही है. खासतौर पर इसने नॉर्थ अमेरिका में भारतीय फ़िल्मों के लिए एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है. फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने ओवरसीज में 231.57 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जिससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 919.06 करोड़ हो गई है.

बॉलीवुड हंगामा के आंकड़ो के मुताबिक ‘धुरंधर 2’ ने रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ (917 करोड़ रुपये ) और सलमान खान की बजरंगी भाईजान की ( 918.18 करोड़) वर्ल्डवाइड लाइफ टाइम कलेक्शन को मात दे दी है. इसी के साथ ये दुनियाभर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 5 बॉलीवुड फिल्मों की लिस्ट में एंट्री कर चुकी है.

CG: खल्लारी रोप-वे दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालु के परिजन को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

आने वाला है हेल्थ सेक्टर का सबसे बड़ा IPO, इश्यू से 8 हजार करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी…

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भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि Manipal Health Enterprises ने अपना IPO लाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. कंपनी ने इसके लिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर दिए हैं और अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो यह भारत के हॉस्पिटल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है.

इस प्रस्ताव के तहत कंपनी करीब 1 अरब डॉलर लगभग ₹8,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी में है. इसमें दो तरह से पैसे आएंगे. पहला, कंपनी नए शेयर जारी करेगी और दूसरा, कुछ मौजूदा निवेशक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे. जानकारी के मुताबिक, मौजूदा शेयरधारक लगभग 4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं.

कंपनी की वैल्यूएशन

कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर भी बड़ी चर्चा है. माना जा रहा है कि IPO के बाद Manipal Health की वैल्यू करीब 13 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. इतना ही नहीं, कंपनी IPO से पहले ही करीब 1,600 करोड़ रुपये तक के शेयर प्राइवेट निवेशकों को बेचने पर भी विचार कर रही है, जिसे प्री-IPO प्लेसमेंट कहा जाता है.

इस IPO में कई बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी है, जिनमें Temasek Holdings, TPG और Novo Holdings जैसे नाम शामिल हैं. इन निवेशकों का भरोसा कंपनी की मजबूत ग्रोथ को दिखाता है. Manipal Health तेजी से विस्तार कर रही है. हाल ही में उसने Sahyadri Hospitals का अधिग्रहण किया है, जिससे उसकी पहुंच और मजबूत हुई है. फिलहाल कंपनी देशभर में 49 से ज्यादा अस्पताल चला रही है, जिनमें कुल मिलाकर 10,000 से ज्यादा बेड हैं.

मणिपाल हेल्थ को होगा फायदा

अगर यह IPO सफल होता है, तो Manipal Health भारत की सबसे मूल्यवान हॉस्पिटल चेन बन सकती है और Max Healthcare Institute को पीछे छोड़ सकती है. यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत में हेल्थ सेक्टर तेजी से निवेशकों को आकर्षित कर रहा है. कुल मिलाकर, यह IPO न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि पूरे हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है. आने वाले समय में निवेशकों की नजरें इस पर टिकी रहेंगी.

दैनिक अंक ज्योतिष ( Dainik Ank Jyotish 25 March 2026): 25 मार्च को मन की शांति देगी सफलता, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे?

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Dainik Ank Jyotish 25 March 2026: 25 मार्च का दिन अपने साथ एक बहुत ही शांत और गंभीर अहसास लेकर आया है. आज का मूलांक 7 (2+5=7) है, जिसे गहराई से सोचने, ज्ञान पाने और मन की शांति का प्रतीक माना जाता है.

यह अंक हमें रुकने, सोचने और अपने अनुभवों से कुछ नया सीखने की प्रेरणा देता है. वहीं, आज का भाग्यांक 2 (2+5+3+2+0+2+6 = 20 – 2) बन रहा है, जो आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और धीरज को दर्शाता है.

मूलांक के अनुसार भविष्यफल

मूलांक 1 (यदि आपका जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है)

25 मार्च का दिन आपको थोड़ा रुकने और कोई भी फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोचने के लिए प्रेरित करेगा. मूलांक 7 की ऊर्जा गहरी सोच का साथ देगी, वहीं भाग्यांक 2 आपको साथियों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहेगा. दूसरों की राय सुनने से आपको काम में कुछ अच्छे नए विचार मिल सकते हैं.

किससे बचें: बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: नेतृत्व तभी और बेहतर होता है जब उसे ज्ञान और धीरज का साथ मिले.

मूलांक 2 (यदि आपका जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है)

भाग्यांक 2 की कोमल ऊर्जा आपके स्वभाव के साथ बहुत अच्छे से मेल खा रही है. आप कामकाज की जगह पर लोगों के बीच अनबन सुलझाने और शांति बनाने का काम करेंगे. मूलांक 7 की ऊर्जा आपको योजना बनाने और बारीक बातों को समझने में मदद करेगी. अपनों के साथ दिल की बात साझा करने से आपसी समझ बढ़ेगी.

किससे बचें: किसी बात को लेकर बहुत ज्यादा सोचने या जरूरत से ज्यादा भावुक होने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब मन शांत होता है, तो आपकी अंदरूनी शक्ति और भी उभर कर सामने आती है.

मूलांक 3 (यदि आपका जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है)

अपनी ऊर्जा को थोड़ा शांत रखने और काम की बातों पर ध्यान देने का है. मूलांक 7 की ऊर्जा आपको कुछ नया सीखने और समझने में मदद करेगी, वहीं भाग्यांक 2 चर्चाओं में सहयोग और संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए कहेगा. अपनों के साथ प्यार से की गई बातचीत आज रिश्तों को और मजबूत बनाएगी.

किससे बचें: बिना सोचे-समझे बोलने या दूसरों की भावनाओं को छोटा समझने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: शब्द तभी प्रभावशाली होते हैं जब वे समझदारी और हमदर्दी के साथ कहे जाएं.

मूलांक 4 (यदि आपका जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ है)

ये दिन योजना बनाने और चीजों को गहराई से समझने के लिए बहुत अच्छा है. आपका अनुशासित स्वभाव मूलांक 7 की ऊर्जा के साथ मिलकर काम की मुश्किलों को सुलझाने में मदद करेगा. भाग्यांक 2 आपको याद दिलाएगा कि काम के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखना भी जरूरी है. परिवार के लोग आज आपकी सलाह की सराहना करेंगे.

किससे बचें: कामकाज में इतना न डूब जाएं कि आप अपनों से दूर या बहुत ज्यादा गंभीर नजर आने लगें.

आध्यात्मिक सुझाव: स्थिरता तभी आती है जब व्यवहार में सहजता और दया का भाव भी शामिल हो.

मूलांक 5 (यदि आपका जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ है)

ये दिन आपकी रोज की रफ्तार से थोड़ा धीमा रह सकता है. मूलांक 7 की ऊर्जा आपको भाग-दौड़ के बजाय शांति से बैठने और सोचने के लिए प्रेरित करेगी. भाग्यांक 2 कामकाज के मामलों में दूसरों के साथ तालमेल बिठाने पर जोर देगा. अपनों के साथ गहरी और सार्थक बातचीत आज आपको मानसिक शांति देगी.

किससे बचें: काम की धीमी रफ्तार को देखकर बेचैन या परेशान होने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली आजादी खुद को गहराई से जानने और समझने में ही है.

मूलांक 6 (यदि आपका जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ है)

जिम्मेदारी और समझदारी के साथ फैसले लेने का है. मूलांक 7 की ऊर्जा आपको बारीकियों पर ध्यान देने में मदद करेगी, वहीं भाग्यांक 2 टीम के साथ मिलकर चलने और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करने पर जोर देगा. घर-परिवार के मामलों में आज आपको थोड़े धीरज और समझदारी की जरूरत पड़ सकती है.

किससे बचें: हर किसी की परेशानी का बोझ अपने अकेले के मन पर लेने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: प्रेम तभी और सुंदर होता है जब उसमें दूसरों की देखभाल के साथ अपना भी ख्याल रखा जाए.

मूलांक 7 (यदि आपका जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ है)

मूलांक 7 की मजबूत ऊर्जा आपके अपने स्वभाव के साथ पूरी तरह मेल खा रही है. यह समय कुछ नया सीखने और अच्छी योजनाएं बनाने के लिए बहुत बढ़िया है. भाग्यांक 2 आपको प्रेरित करेगा कि आप अपनी समझ और विचारों को दूसरों के साथ बहुत ही प्यार और सहयोग के साथ साझा करें. मन की शांति के लिए ‘ग्रैटिट्यूड मेडिटेशन’ करना अच्छा रहेगा.

किससे बचें: अपने ख्यालों में इतना ज्यादा न खो जाएं कि आप लोगों से मिलना-जुलना बिल्कुल बंद कर दें.

आध्यात्मिक सुझाव: ज्ञान तभी और शक्तिशाली बनता है जब उसे हमदर्दी के साथ दूसरों को बांटा जाए.

मूलांक 8 (यदि आपका जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ है)

कामकाज के संचालन और बारीकियों पर नजर रखने का है. मूलांक 7 की ऊर्जा योजना बनाने में मदद करेगी, वहीं भाग्यांक 2 आपको याद दिलाएगा कि दफ्तर में सबके साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है. अपनों के प्रति हमदर्दी और मन की बात खुलकर कहना आज आपके निजी रिश्तों को और भी गहरा बनाएगा.

किससे बचें: कामकाज या पैसों की चिंता में इतना न खो जाएं कि परिवार के लिए समय ही न बचे.

आध्यात्मिक सुझाव: असली ताकत वही है जो बुद्धि और दया के बीच सही संतुलन बना सके.

मूलांक 9 (यदि आपका जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ है)

भाग्यांक 2 की ऊर्जा आपको दूसरों की मदद करने और उन्हें समझने की शक्ति देगी. मूलांक 7 की ऊर्जा आपको कामकाज में सही रणनीति बनाने में मदद करेगी. आपकी समझदारी आज टीम के कामों में सबको साथ लेकर चलने में बहुत काम आएगी. अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें और उन कामों के लिए समय निकालें जिनसे आपके मन को सुकून मिलता हो.

किससे बचें: दूसरों की ऐसी परेशानियों का बोझ न उठाएं जिनसे आपका कोई लेना-देना नहीं है.

आध्यात्मिक सुझाव: हमदर्दी तभी और मजबूत होती है जब उसे सही ज्ञान और समझ का सहारा मिले.

साल 2026 में आपकी किस्मत के सितारे क्या कहते हैं? सभी 12 राशियों का वार्षिक भविष्यफल

ये साल किन मूलांक वालों के लिए रहेगा लकी, किसे करना पड़ेगा स्ट्रगल? अंक ज्योतिष से जानें अपना वार्षिक राशिफल

इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है.

इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.com पर संपर्क करें.

‘प्रधानमंत्री वही करेंगे जो…’ विदेश नीति और संसद में दिए PM मोदी के भाषण पर राहुल गांधी का निशाना…

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पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग का प्रभाव भारत की सियासत पर भी देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां लोकसभा के बाद आज राज्यसभा से मिडिल ईस्ट में बने तनाव को लेकर भारत का रुख साफ किया तो वहीं कांग्रेस सांसद और लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेश नीति को लेकर जमकर निशाना साधा.

पीएम मोदी पर साधा निशाना

पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, भारत की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी विदेश नीति बनकर रह गई है. अगर प्रधानमंत्री की छवि खराब होती है, तो हमारी विदेश नीति भी खतरे में पड़ जाती है.’ इसकी जगहंसाई हो रही है. इसके अलावा राहुल गांधी ने एक बार फिर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप का नियंत्रण है. कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप को अच्छी तरह पता है कि प्रधानमंत्री मोदी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं.’

कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी के संसद में पश्चिमी एशिया में युद्ध के चलते बने संकट और उसको लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने कल संसद में एक बेतुका भाषण दिया. ऐसा लगता है कि वे भारत के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उनका कोई पद नहीं है.

‘लोगों को भुगतना होगा खामियाजा’

राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के इन्हीं कारणों के चलते लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. यह तो बस शुरुआत है, जहां एलपीजी और पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं. उनका दावा है कि स्थिति कोविड जैसी होगी, लेकिन वे भूल गए कि कोविड के दौरान कितने लोगों की मौत हुई और कितनी त्रासदी हुई.’

सर्वदलीय बैठक में नहीं होंगे शामिल

राहुल गांधी ने कल (25 मार्च) को होने वाली सर्वदलीय बैठक में मौजूद नहीं रहने की बात कही. राहुल गांधी ने कहा, वह केरल में चुनावी कार्यक्रम के चलते इसमें हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

राहुल गांधी ने लगाए ये आरोप

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर ‘कमजोर’ होने का आरोप फिर लगाया और कहा कि वह वही करेंगे जो अमेरिका और इजरायल कहेंगे. उन्होंने कहा, ‘आपने (प्रधानमंत्री) ढांचागत गलती की है. आपने पूरा ढांचा उड़ा दिया है.’ नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी इसे ठीक नहीं कर सकते. कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘जो अमेरिका और इजराइल कहेंगे, वो प्रधानमंत्री करेंगे. वह हिंदुस्तान और किसानों के लिए काम नहीं करेंगे.’

स्पेशल कोर्ट के गठन से जुड़े मामले का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, 17 हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस…

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के गठन से जुड़े मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है. इस मामले को लेकर कोर्ट ने 17 हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस भेजा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के विचार भी जरूरी हैं.

हमें यह जानकारी मिली है कि 17 राज्य ऐसे हैं, जहां NIA के तहत 10 से अधिक मुकदमे विशेष रूप से UAPA के अंतर्गत लंबित हैं.

गृह मंत्रालय ने NIA मामलों के अलावा अन्य मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है. कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के महाधिवक्ता पेश हुए. मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी. ये सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ में होगी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने UAPA और एमसीओसीए जैसे विशेष कानूनों के तहत मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए स्पेशल कोर्ट के गठन का सुझाव दिया था.

क्या अब हम इस आधार पर आगे बढ़ें?

इस मामले मेंCJI सूर्यकांत ने कहा, क्या अब हम इस आधार पर आगे बढ़ें कि सरकार विशेष NIA अदालतों की स्थापना के लिए फंड का एक निश्चित हिस्सा आवंटित करने के लिए प्रतिबद्ध है? इस पर एएसजीऐश्वर्या भाटी ने कहा, जी हां. सीजेआई ने कहा तो फिर UAPA और नारकोटिक्स से जुड़े मामले भी हैं.

ये मामले अधिकार क्षेत्र में नहीं आते

इस पर एएसजी ने जवाब दिया कि एनआईए अदालतें UAPA से जुड़े मामलों को भी देखेंगी. सीजेआई ने कहा किन्यायिक पक्ष से ये मामले हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आते. केंद्र को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस शर्त के साथ फंड जारी करना चाहिए कि इसका इस्तेमाल सिर्फ़ निर्माण कार्यों के लिए ही किया जाएगा.

हरियाणा ने 18 विशेष अदालतें स्थापित कीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जब 60 फीसदी फंड दिया गया था, तब भी कुछ नौकरशाहों की वजह से वह पैसा कभी भी न्यायपालिका तक नहीं पहुंच पाया. हरियाणा ने अभी-अभी 18 विशेष अदालतें स्थापित की हैं लेकिन इन कई अदालतों की अध्यक्षता वही एक ही जज कर रहे हैं. अब हमें राज्यों के सहयोग की भी जरूरत है. उन अदालतों को स्थापित करने के लिए नीति पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत है.

वहीं,गुजरात के AG कमल त्रिवेदी ने बताया, राज्य में सिर्फ एनआईए मामलों से निपटने के लिए एक विशेष अदालत बनाई गई है. इस पर सीजेआई ने कहा- हां, तो केंद्र सिर्फ एनआईए मामलों के लिए एक अदालत को फ़ंड दे रहा है लेकिन दूसरी, तीसरी वगैरह अदालतें राज्य बना सकते हैं.

ईरान युद्ध का टिकाऊ सामानों पर पड़ा बुरा असर, 21 प्रतिशत तक गिर गए हैं इन कंपनियों के स्टॉक्स…

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ईरान-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का प्रभाव सीधे तौर पर भारत के कई सेक्टर्स पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय तनाव और इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों, माल ढुलाई खर्च और सप्लाई चेन में आई रुकावटों से इससे जुड़े सेक्टरों में लागत काफी बढ गई है.

इससे कंपनियों के मुनाफे, स्टॉक रखने की लागत और आने वाले समय की मांग को लेकर चिंता बढ़ गई है.

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्लास्टिक, रेजिन, इन्सुलेशन और पैकेजिंग जैसे कच्चे माल को महंगा बना रही हैं. साथ ही, ईंधन और ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है. इसके अलावा, परिवहन रास्तों और हवाई क्षेत्र में रुकावट के कारण माल ढुलाई महंगी हो गई है और डिलीवरी में देरी हो रही है, जिससे कंपनियों को ज्यादा स्टॉक रखना पड़ रहा है और खर्च बढ़ रहा है. देश में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स यानी टिकाऊ सामान बेचने वाली कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी जा रही है. पाइप कंपनियों के शेयरों में 21 फीसदी तक की गिरावट आई है.

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर असर

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता Q1FY27 में निर्यात बिक्री पर असर की है, खासकर अगर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र बंद रहता है. हालांकि, ज्यादातर सामान समुद्र के रास्ते जाता है, जो अभी ज्यादा प्रभावित नहीं है, लेकिन हवाई माल ढुलाई महंगी होने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है.

इस सेक्टर में मांग कीमत के प्रति संवेदनशील होती है, इसलिए कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर आसानी से नहीं डाल पातीं. इससे कम समय में कंपनियों की कमाई (EBITDA) पर असर पड़ सकता है. साथ ही, सप्लाई चेन में दिक्कतें भी बनी हुई हैं, खासकर अगर सुदूर पूर्व के देशों से जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित होती है. 27 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से Nifty Consumer Durables में 12.3% की गिरावट आई है.

पीक सीजन में RAC कंपनियों को झटका

रूम एयर कंडीशनर (RAC) सेक्टर को ऐसे समय पर झटका लगा है जब मार्च उत्पादन का सबसे अहम महीना होता है. इसका असर Q1FY27 तक जारी रह सकता है, जिससे गर्मियों की मांग पूरी करने की तैयारी प्रभावित हो सकती है.

LPG की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है, जिससे हीट एक्सचेंजर बनाने में दिक्कत आ रही है. इसके चलते कुछ कंपनियां अब ऑक्सीएसिटिलीन और PNG जैसे दूसरे ईंधनों का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि, रेजिन और औद्योगिक गैसों की कीमतें बढ़ने से मुनाफे पर दबाव बना हुआ है, जिससे कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं. अनिश्चित माहौल के कारण कंपनियां महंगे स्टॉक जमा करने से बच रही हैं. 27 फरवरी से Amber Enterprises और PG Electroplast के शेयर 21% गिरे हैं, Voltas के 20%, Blue Star के 16% और Havells के 12% टूटे हैं.

US Iran War: कौन रुकवाएगा अमेरिका-ईरान की जंग? भारत, पाकिस्तान या तुर्की? किसे मिलेगा क्रेडिट?

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US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन इसमें ट्विस्ट 24वें दिन आया जब ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की ईरान से 2 दिनों से प्रोडक्टिव बातचीत हो रही है, जिसके बद 5 दिनों तक ईरान की एनर्जी फेसिलिटी पर हमले नहीं होंगे।

लेकिन ईरान ने अमेरिका की इस बात को सिरे से नाकारते हुए कहा कि ऐसी कोई बात हमारी अमेरिका से नहीं हुई है। वहीं, इन सब के बीच पाकिस्तान की तरफ से खबर आई कि उनसे अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर बात कराई है। जिसको लेकर कुछ लोग पाकिस्तान का मजाक बना रहे हैं तो कुछ उसे तरजीह भी दे रहे हैं। ऐसे में ये समझना जरूरी हो जाता है कि ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता के इस खेल कौन-सा देश कितना बड़ा किरदार निभा रहा है।

समझौता नहीं सहयोगियों के दबाव में बदला रुख

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपना रुख इसलिए बदला क्योंकि अमेरिका के सहयोगी देशों और खाड़ी देशों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा नुकसान पहुंचा, तो भविष्य में यह क्षेत्र पूरी तरह अस्थिर हो सकता है। इससे युद्ध के बाद भी हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद ही ट्रंप ने समझौते जैसी बात करना शुरू किया था।

मध्यस्थता मे पाकिस्तान समेत कितने देश?

मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और ओमान जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं। इन देशों का मकसद है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम हो और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही फिर शुरू हो सके।

तुर्की ने जताई मध्यस्थता की इच्छा

तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने कई बार कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इस जंग में शामिल इजरायल इसे लंबा खींचना चाहता है।

कूटनीतिक बातचीत तेज तुर्की के Hakan Fidan ने सोमवार को नॉर्वे के Espen Barth Eide और मिस्र के Badr Abdelatty से फोन पर बात की। इन बातचीतों में युद्ध को रोकने की कोशिशों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्की और ओमान के बीच ईरान को लेकर कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, जबकि सऊदी अरब और भारत के जरिए भी बातचीत के संकेत भेजे गए।

व्हाइट हाउस और ईरान के बीच इन डायरेक्ट डायलोग्स रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्हाइट हाउस के दूत Steve Witkoff और ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ अलग-अलग बातचीत की। इसका मकसद दोनों देशों के बीच किसी तरह का समझौता कराना क्रेडिट बटोरने की फिराक में शहबाज-मुनीर रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे मामले में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir ने रविवार को ट्रंप से फोन पर बात की, जबकि प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की। लेकिन, एक्सपर्ट्स पाक की कोशिशों को कोशिश कम और क्रेडिट लेने की होड़ ज्यादा बता रही है।

कूटनीति के बीच समय का खास महत्व

इन सभी बातचीतों का समय बेहद अहम है, क्योंकि ये ठीक उसी समय हुईं जब ट्रंप ने अपनी धमकी को वापस लेते हुए हमलों को रोकने का ऐलान किया। इससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक दबाव ने बड़ा रोल निभाया।पाकिस्तान की और कोशिशें जारी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar  ने भी ईरान के Abbas Araghchi से बात की और शांति व स्थिरता के लिए बातचीत पर जोर दिया। पाकिस्तान ने यह भी संकेत दिया है कि वह अमेरिका-ईरान बातचीत की इच्छा जताई है। हालांकि, अमेरिका ने मुनीर की इस इच्छा पर पानी फेरते हुए साफ इनकार दिया।

पाकिस्तान का बयान: “हम तैयार हैं”

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने कहा कि अगर दोनों देश चाहें, तो इस्लामाबाद बातचीत की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा शांति और कूटनीति का समर्थन करता है। वो बात अलग है कि पाकिस्तान का अपना इतिहास आतंकवादियों को पालने और विश्व शांति भंग करने का रहा है।

व्हाइट हाउस का सावधान जवाब

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि यह स्थिति लगातार बदल रही है और जब तक आधिकारिक घोषणा न हो, तब तक किसी भी बातचीत को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

पाकिस्तान क्यों घुसना चाहता?

विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान इस मामले में इसलिए अहम है क्योंकि ईरान के बाद यहां शिया मुस्लिमों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। साथ ही, इसके खाड़ी देशों के साथ मजबूत रिश्ते हैं, जिसमें सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता भी शामिल है।

ट्रंप और मुनीर के संबंध

पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir और Donald Trump के बीच हाल की दिनों में संबंध बेहतर हुए हैं। ट्रंप ने पहले मुनीर को “मेरे पसंदीदा फील्ड मार्शल” और “एक असाधारण इंसान” तक कहा है। जिसके बाद मुनीर इस तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। लेकिन मुनीर का जंग रुकवाने के पीछे का मकसद पाकिस्तान के बदतर होते हाल को सुधारना पहले है। क्योंकि अगर ये जंग जारी रही तो पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बेकाबू हो सकते हैं जो पाकिस्तानी रुपए के टूटने का बड़ा कारण बनेगा।

भारत क्या कर रहा?

भारत ने पाकिस्तान से एक कदम आगे जाकर अमेरिका वो सहयोगी जो इस युद्ध में हमले झेल रहे हैं (सऊदी अरब, बहरीन, यूएई, कतर, ओमान, कुवैत, जोर्डर) से बात की। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के यूरोपीय सहयोगी जैसे फ्रांस आदि को भी भरोसे में लेकर ट्रंप से युद्ध रोकने के लिए जोर डालते हुए बात की। इसका अलावा जहां पाकिस्तान नहीं पहुंच सका, यानी कि इजरायल, वहां भी भारत ने सीधी बात कर जंग रोकने पर लंबी बात कर माहौल को हल्का किया।

इसके अलावा भारत ने सीधी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकिया और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी बात कर खाड़ी देशों के एनर्जी फेसिलिटी को निशाना न बनाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर चर्चा की। जबकि पाकिस्तान की बातचीत सिर्फ खाड़ी देशों और अमेरिका तक सीमित थीं। न इसमें ईरान था, न यूरोपीय देश और न इजरायल जो इस युद्ध में एक अहम किरदार है। अब देखना होगा जंग रुकने का तमगा किसे मिलता है।

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