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ईरान युद्ध का टिकाऊ सामानों पर पड़ा बुरा असर, 21 प्रतिशत तक गिर गए हैं इन कंपनियों के स्टॉक्स…

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ईरान-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का प्रभाव सीधे तौर पर भारत के कई सेक्टर्स पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय तनाव और इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों, माल ढुलाई खर्च और सप्लाई चेन में आई रुकावटों से इससे जुड़े सेक्टरों में लागत काफी बढ गई है.

इससे कंपनियों के मुनाफे, स्टॉक रखने की लागत और आने वाले समय की मांग को लेकर चिंता बढ़ गई है.

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्लास्टिक, रेजिन, इन्सुलेशन और पैकेजिंग जैसे कच्चे माल को महंगा बना रही हैं. साथ ही, ईंधन और ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है. इसके अलावा, परिवहन रास्तों और हवाई क्षेत्र में रुकावट के कारण माल ढुलाई महंगी हो गई है और डिलीवरी में देरी हो रही है, जिससे कंपनियों को ज्यादा स्टॉक रखना पड़ रहा है और खर्च बढ़ रहा है. देश में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स यानी टिकाऊ सामान बेचने वाली कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी जा रही है. पाइप कंपनियों के शेयरों में 21 फीसदी तक की गिरावट आई है.

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर असर

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता Q1FY27 में निर्यात बिक्री पर असर की है, खासकर अगर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र बंद रहता है. हालांकि, ज्यादातर सामान समुद्र के रास्ते जाता है, जो अभी ज्यादा प्रभावित नहीं है, लेकिन हवाई माल ढुलाई महंगी होने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है.

इस सेक्टर में मांग कीमत के प्रति संवेदनशील होती है, इसलिए कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर आसानी से नहीं डाल पातीं. इससे कम समय में कंपनियों की कमाई (EBITDA) पर असर पड़ सकता है. साथ ही, सप्लाई चेन में दिक्कतें भी बनी हुई हैं, खासकर अगर सुदूर पूर्व के देशों से जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित होती है. 27 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से Nifty Consumer Durables में 12.3% की गिरावट आई है.

पीक सीजन में RAC कंपनियों को झटका

रूम एयर कंडीशनर (RAC) सेक्टर को ऐसे समय पर झटका लगा है जब मार्च उत्पादन का सबसे अहम महीना होता है. इसका असर Q1FY27 तक जारी रह सकता है, जिससे गर्मियों की मांग पूरी करने की तैयारी प्रभावित हो सकती है.

LPG की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है, जिससे हीट एक्सचेंजर बनाने में दिक्कत आ रही है. इसके चलते कुछ कंपनियां अब ऑक्सीएसिटिलीन और PNG जैसे दूसरे ईंधनों का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि, रेजिन और औद्योगिक गैसों की कीमतें बढ़ने से मुनाफे पर दबाव बना हुआ है, जिससे कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं. अनिश्चित माहौल के कारण कंपनियां महंगे स्टॉक जमा करने से बच रही हैं. 27 फरवरी से Amber Enterprises और PG Electroplast के शेयर 21% गिरे हैं, Voltas के 20%, Blue Star के 16% और Havells के 12% टूटे हैं.