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किसानों के लिए गुड न्यूज! ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, चेक करें कब तक आएगा पैसा?

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उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राहत का बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान को लेकर पूरी तरह सतर्क मोड में है।

किसानों के पास कब तक आएगा पैसा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग के बाद अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व और राहत आयुक्त भी मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड पर उतरकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है। आइए जानते हैं सरकार की इस योजना का लाभ किसानों को कैसे मिलेगा।

राहत कार्यों में लापरवाही पर गिरेगी गाज

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम करें। ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण जहां भी जनहानि, पशुहानि या फसल का नुकसान हुआ है, वहां मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जलभराव की स्थिति वाले इलाकों में तत्काल पानी निकासी के भी प्रबंध करने को कहा गया है।

एक हफ्ते में मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मेरठ, आगरा, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आर्थिक संकट से उबारने के लिए सीएम ने निर्देश दिया है कि:

फसल के नुकसान का सटीक सर्वे किया जाए।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एक सप्ताह के भीतर पीड़ितों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेज दी जाए।

घायलों और अन्य आपदा पीड़ितों को 24 घंटे के अंदर सहायता राशि प्रदान की जाए।

CG” कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर साय सरकार का पलटवार…

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छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलिंपिक और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर सीएम विष्णुदेव साय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले पांच वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, उन्हें वर्तमान सरकार को नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रदेशवासियों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है

सीएम साय ने कहा कि जिन लोगों ने 5 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, वे हमें नसीहत देते हैं, यह शोभा नहीं देता। जिन्होंने जनता से मिले जनादेश के बाद भी अपने वादों को निभाया नहीं, प्रदेशवासियों को तो दूर, अपनों को भी न्याय नहीं दिला पाए उन्हें हमारा कोई भी काम अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा, जबकि सरगुजा ओलिंपिक जैसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में कहीं बारिश तो कहीं गर्मी की वापसी के संकेत, 5°C तक गिरा तापमान, जानें कैसा रहेगा मौसम…

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छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान सामान्य से 3-5°C कम रहा. दुर्ग में सबसे ज्यादा 36°C और पेण्ड्रा रोड में सबसे कम 15.2°C तापमान दर्ज हुआ. अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं, लेकिन बाद में 3-5°C बढ़ोतरी के संकेत हैं. कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है.

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिली है. वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत मिल रहे हैं. वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है.

मौसम का वर्तमान हाल
प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है. इसका असर तापमान पर साफ दिखा, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C कम दर्ज किया गया. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.0°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.2°C पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ.

कहांकहां हुई बारिश
बारिश के मुख्य आंकड़ों में नानगुर में 5 सेमी, बगीचा में 3 सेमी, मनोरा, सुकमा और तोकापाल में 2-2 सेमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा सूरजपुर, मुकडेगा, लोहंडीगुड़ा, बास्तानार और तमनार में 1-1 सेमी बारिश हुई.

मौसम प्रणाली (सिनोप्टिक सिस्टम)
एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर हरियाणा से उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय है. यह द्रोणिका समुद्र तल से 3.1 से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है.

आगे कैसा रहेगा मौसम
अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद आगामी 5 दिनों में तापमान में 3-5°C तक बढ़ोतरी होने की संभावना है.

आज का पूर्वानुमान और चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आज मौसम शुष्क रहेगा. किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है और अगले दो दिनों के लिए भी कोई विशेष अलर्ट नहीं है.

रायपुर का मौसम अपडेट
राजधानी रायपुर में 22 मार्च को आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 19°C के आसपास रह सकता है.

CG: मार्च से मई तक ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द की गईं, यात्रा से पहले स्टेटस जांचने की सलाह…

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मार्च से मई तक रद्द रहेगी कई पैसेंजर गाड़िया’

मार्च से मई तक कई ट्रेनें रद्द, रायपुर मंडल में काम के चलते यात्रियों को परेशानी, यात्रा से पहले स्टेटस जरूर जांचें

आने वाले मार्च, अप्रैल और मई महीने रेल यात्रियों के लिए परेशानी भरे रहेंगे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों के कारण कई ट्रेनों को रद्द और आंशिक रूप से प्रभावित करने का फैसला लिया गया है।

(Chhattisgarh Train Cancel Full List)

रेलवे के अनुसार, हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण के अंतिम चरण में गर्डर डि-लॉन्चिंग का काम किया जाना है। इसके लिए ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते 22 और 23 मार्च को कई यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।

3 मई से 22 मई तक कुल 28 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।

इसके अलावा, गोंदिया स्टेशन पर वॉशेबल एप्रॉन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में बदला जाएगा। इस काम के कारण 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक कुल 21 ट्रेनें प्रभावित होंगी। इनमें 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि 7 ट्रेनें अपने गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दी जाएंगी। मई महीने में भी असर जारी रहेगा। 3 मई से 22 मई तक कुल 28 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी और 18 ट्रेनें बीच रास्ते में ही समाप्त होंगी।

गौरतलब है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पहले से ही अधिक रहती है। (Chhattisgarh Train Cancel Full List) ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को यात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

22–23 मार्च 2026: रद्द ट्रेनें, देख लें पूरी लिस्ट

दिनांक गाड़ी संख्या रूट स्थिति
22 मार्च 68728 रायपुर–बिलासपुर MEMU रद्द
22 मार्च 68734 बिलासपुर–गेवरा रोड MEMU रद्द
22 मार्च 68733 गेवरा रोड–बिलासपुर MEMU रद्द
22 मार्च 68719 बिलासपुर–रायपुर MEMU रद्द
22 मार्च 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर रद्द
22 मार्च 58205 रायपुर–इतवारी पैसेंजर रद्द
23 मार्च 58206 इतवारी–रायपुर पैसेंजर रद्द
23 मार्च 58202 रायपुर–बिलासपुर MEMU रद्द

22 मार्च 2026: आंशिक रद्द (बीच में समाप्त)

गाड़ी संख्या रूट बदलाव
68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया बिलासपुर तक, आगे रद्द
68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा बिलासपुर से शुरू, पहले रद्द

अप्रैल 2026: लंबी अवधि की रद्द ट्रेनें

गाड़ी संख्या ट्रेन नाम अवधि
18030 शालीमार–LTT एक्सप्रेस 4–24 अप्रैल
18029 LTT–शालीमार एक्सप्रेस 6–26 अप्रैल
18237 कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस 5–25 अप्रैल
18238 अमृतसर–बिलासपुर एक्सप्रेस 7–27 अप्रैल
68815/16 बल्लारशाह–गोंदिया MEMU 5–25 अप्रैल
78805/06 गोंदिया–कटंगी DEMU 5–25 अप्रैल

अप्रैल 2026: चयनित तिथियों पर रद्द

गाड़ी संख्या ट्रेन रूट
12410 गोंडवाना एक्सप्रेस निजामुद्दीन–रायगढ़
12409 गोंडवाना एक्सप्रेस रायगढ़–निजामुद्दीन
12101/02 एक्सप्रेस LTT–शालीमार
12807/08 एक्सप्रेस विशाखापत्तनम–निजामुद्दीन

(इन सभी ट्रेनें अप्रैल में कई अलग-अलग तिथियों पर रद्द रहेंगी)

अप्रैल 2026: आंशिक/शॉर्ट टर्मिनेशन

गाड़ी संख्या रूट बदलाव
68802–68806 गोंदिया–बल्लारशाह हिरदामाली तक
15231 बरौनी–गोंदिया दुर्ग तक
15232 गोंदिया–बरौनी दुर्ग से

मई 2026: पूरी तरह रद्द ट्रेनें

गाड़ी संख्या रूट अवधि
18109 टाटानगर–इतवारी 3–22 मई
68711–68716 लोकल पैसेंजर 3–22 मई
58205/06 रायपुर–इतवारी 3–23 मई

मई 2026: मार्ग परिवर्तित ट्रेनें

गाड़ी संख्या रूट नया मार्ग
11754 रीवा–इतवारी जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट
11753 इतवारी–रीवा जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट

मई 2026: आंशिक रद्द (बीच में समाप्त)

गाड़ी संख्या रूट प्रभावित सेक्शन
15231/32 बरौनी–गोंदिया दुर्ग–गोंदिया
12105/06 मुंबई–गोंदिया अंजनी–गोंदिया
51707/08 जबलपुर–गोंदिया बिरसोला–गोंदिया
68809–68814 MEMU बिरसोला सेक्शन
78803–78810 DEMU बिरसोला सेक्शन

 

 

CG: इस जिले में 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों का ट्रांसफर.. अनुशासन मजबूत करने के लिए फैसला, आदेश जारी , देखें लिस्ट…

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कोरबा पुलिस में बड़ा फेरबदल, एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कई पुलिसकर्मियों के तबादले किए, 29 महिला आरक्षक शामिल’

जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने क़ानून व्यवस्था को मजबूत करने और कर्मचारियों में अनुशासन कायम करने के मकसद से बड़े पैमाने पर लम्बे वक़्त से एक ही थाना-चौकियों में जमे पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।

इस लिस्ट में 29 महिला आरक्षकों के नाम भी शामिल है। देखें पूरी सूची

CG: रायपुर रेलवे स्टेशन में NCB और RPF ने कार्रवाई करते हुए 2 युवतियों को गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से अवैध नशे की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां NCB और RPF ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो युवतियों को गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों युवतियों के कब्जे से 24 किलों गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की कीमत लगभग 4 लाख रुपए बताई जा रही है। NCB और RPF की टीम दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। NCB और RPF की टीम दोनों युवतियों से पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही है।

वंदे भारत एक्सप्रेस से हो रही थी तस्करी

मिली जानकारी के अनुसार, NCB और RPF की टीम को सूचना मिली की दो युवतियां वंदे भारत एक्सप्रेस से गांजा लेकर विशाखापट्टनम से रायपुर आ रही है। इसके बाद सूचना के आधार पर NCB और RPF की टीम ने ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचते ही दोनों युवतियों को हिरासत में लिया। युवतियों को हिरासत में लेने के बाद उनके सामान की जांच की गई तो दोनों युवतियों के पास अलग-अलग ट्रॉली बैग में गांजा रखा हुआ पाया गया।

बिलासपुर की निवासी है दोनों लड़कियां

इसके बाद NCB और RPF की टीम ने दोनों युवतियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों युवतियों ने अपना नाम नीलम राठौर और रीना वर्मा बताया। दोनों युवतियों ने बताया कि, वे बिलासपुर के तिफरा की निवासी है। फ़िलहाल पुलिस की टीम दोनों युवतियों से पूछताछ कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, गांजा तस्करी के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।

CG: साय सरकार ने कृषि को बनाया लाभकारी, कृषक उन्नति जैसी योजनाओं से सशक्त हुए अन्नदाता, किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली…

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छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ढाई साल का कार्यकाल कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा है। यह दौर न केवल नीतिगत फैसलों और योजनाओं के क्रियान्वयन का रहा, बल्कि राज्य की दिशा और विकास मॉडल को पुनर्परिभाषित करने का भी रहा है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले साय ने शासन में संतुलन, समावेश और विकास को केंद्र में रखने की कोशिश की है। साय सरकार ने अपने इस कार्यकाल में किसानों के लिए भी अहम फैसले लिए हैं।

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली विष्णुदेव साय सरकार के ढाई साल का कार्यकाल खास तौर पर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के लिए जाना जा रहा है। राज्य की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए सरकार ने किसान-केंद्रित नीतियों, योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया है। साय सरकार ने शुरुआत से ही यह स्पष्ट किया कि कृषि राज्य की रीढ़ है। इसी दिशा में धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाने के उपाय करना सरकार की प्राथमिकता में रहा।

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना की शुरुआत की। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की एक व्यापक पहल है। कृषक उन्नति योजना के तहत सरकार ने किसानों को धान और अन्य फसलों के उत्पादन पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलने लगा और खेती घाटे का सौदा बनने से बची। साय सरकार ने इस योजना के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया है। वर्ष 2026-2027 के बजट में इस योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली

योजना का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि किसानों को समय पर और सीधे आर्थिक मदद मिली, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों, कृषि निवेश और कर्ज के दबाव में कमी आई। कृषक उन्नति योजना ने यह संदेश दिया कि सरकार किसानों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास में साझेदार मानती है। यह योजना अन्नदाता के सम्मान, आर्थिक स्थिरता और ग्रामीण विकास की दिशा में एक मजबूत आधार बनी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सुशासन सरकार ने किसानों की आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी है। सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की। समर्थन मूल्य पर सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने वाला तथा धान का सर्वाधिक 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़, देश का प्रथम राज्य है। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है।

खेती को स्थायित्व देने की कोशिश

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली विष्णुदेव साय सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में यदि किसी क्षेत्र पर सबसे अधिक रणनीतिक ध्यान दिया गया है, तो वह है—सिंचाई। राज्य में लंबे समय से खेती का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर रहा है, जिससे किसानों को हर साल जोखिम का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती को कम करने के लिए सरकार ने सिंचाई ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है। साय सरकार ने कई वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए अलग से राशि स्वीकृत की और उन्हें फिर से शुरू कराया। साय सरकार ने अपने अल्प कार्यकाल में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिन चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस किया, उनमें

  • नई लघु और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत
  • नहरों के विस्तार और मरम्मत कार्य
  • जलाशयों और एनीकट (छोटे बांध) निर्माण को बढ़ावा
  • ग्रामीण क्षेत्रों में खेत-तालाब योजना को प्रोत्साहन

कई और योजनाओं से बदली किसानों की तकदीर

साय सरकार ने अपने कार्यकाल में कई और रणनीतिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाई है, जिसका सकारात्मक असर किसानों पर दिख रहा है। केंद्र की मोदी सरकार के साथ साय सरकार किसानों के हित में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ यहां के किसानों को मिल रहा है। सोलर पैनल लगाने पर पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत सब्सिडी मिल रही है।

CG: धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने से धर्मांतरण पर लगेगी रोक, अवैध धर्मांतरण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई…

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‘धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय’

विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक श्री पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026,छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल  विधेयक 2026 एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। इनमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक स्पष्ट संकल्प है। इसी तरह अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती के लिए अहम साबित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ  सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इस मांग के अनुरूप हमने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस संबंध में कानून बना था पर यह कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिस कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तानाबाना भी बिगड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़ कर “घर वापसी” अभियान चलाया था।

इसी तरह हमारी सरकार की पहल पर  प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज को सुनते हुए सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया है। इसी तरह परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने एवं नकल जैसे प्रकरणों पर अंकुश लगाने  छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पारित किया गया है। यह दोनों  सर्वसम्मति से पारित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री अखिलेश सोनी,  श्री रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

पालम अग्निकांड पर सियासत गरमाई, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना…

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दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में दिल्ली की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पालम अग्निकांड में सरकार ने अपनी बदनामी छिपाने के लिए समय रहते लोगों की जान बचाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट के खराब होने के बावजूद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग में फंसे परिवार को बचाने की कोशिश की। उनके अनुसार, यह स्थानीय लोगों की बहादुरी और मानवता को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह प्रशासन की तैयारियों पर सवाल भी खड़े करता है।

पालम में हुए इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। इस घटना को लेकर प्रशासन की कार्यशैली और आपदा प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं, जिससे मामला और अधिक गरमा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की त्रासदियों के दौरान राजनीति से ज्यादा जरूरी पीड़ितों को न्याय और राहत देना होता है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी और इमरजेंसी सिस्टम को मजबूत करना बेहद आवश्यक है।

फिलहाल, प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और आग लगने के कारणों के साथ-साथ राहत और बचाव कार्य में हुई देरी की भी समीक्षा की जा रही है।

असम में चुनावी परिदृश्य में बदलाव: नए दलों की एंट्री… असम में चुनावी माहौल का परिवर्तन…

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जैसे-जैसे असम 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा-नेतृत्व वाला गठबंधन और विपक्षी दल अभी भी मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ नए दल भी अब सामने आ रहे हैं और ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

इनमें आम आदमी पार्टी (AAP), जय भारत पार्टी (JBP), और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) शामिल हैं। ये सभी दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं, यह समझते हुए कि असम के लोगों की क्या आवश्यकताएँ हैं।

AAP: जमीनी स्तर से शुरुआत

आम आदमी पार्टी के लिए, असम एक चुनौती और अवसर दोनों का प्रतिनिधित्व करता है। पार्टी ने पहले ही 14 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल प्रतीकात्मक भागीदारी के लिए नहीं आई है। इसके बजाय, यह ऊपरी असम, मध्य असम और निचले असम के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति बनाने का प्रयास कर रही है।

AAP की विशेषता यह है कि यह गठबंधनों पर निर्भर रहने में संकोच कर रही है। कांग्रेस के साथ पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए, पार्टी एकल रूप से चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। इसका तर्क यह है कि व्यापक रूप से चुनाव लड़ना, भले ही जीत सीमित हो, एक स्थायी संगठनात्मक आधार बनाने में मदद करेगा।

जैसा कि AAP के पूर्वोत्तर प्रभारी राजेश शर्मा ने कहा, “हम विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर चुके हैं।” उन्होंने गठबंधनों पर पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “कांग्रेस असम में सबसे बड़ा विपक्षी बल है। हालांकि, यह एक विश्वसनीय साझेदार नहीं है… वे हमेशा हमें अंतिम क्षण में धोखा देते हैं।”

यह स्पष्ट आकलन यह दर्शाता है कि AAP संगठनात्मक गहराई और मतदाता संपर्क पर भरोसा कर रही है, जिसमें इसके दरवाजे-दरवाजे अभियान शामिल हैं। असम में लगभग पांच लाख की सदस्यता के साथ, पार्टी संख्याओं को कहानी में बदलने का प्रयास कर रही है।

जय भारत पार्टी: गठबंधनों और पहचान पर दांव

इसके विपरीत, जय भारत पार्टी साझेदारी की शक्ति का पता लगा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ इसका संपर्क असम की बड़ी चाय-जनजाति जनसंख्या में गहराई से जुड़ने का एक सोचा-समझा प्रयास है।

यह प्रस्तावित गठबंधन, जिसमें पार्टियाँ लगभग 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही हैं, अभी भी संभावनाओं के दायरे में है। फिर भी, राजनीतिक संकेत महत्वपूर्ण हैं।

JBP के अध्यक्ष तेहरू गौर ने इस दृष्टिकोण में आत्मविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि गठबंधन का उद्देश्य “राज्य में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरना” है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि वे असम में चुनावों के लिए रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं।

यह विकसित हो रहा सहयोग JBP को केवल एक नए प्रवेशकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं और बाहरी राजनीतिक प्रभाव के बीच एक कनेक्टर के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास): लक्षित धक्का के साथ विस्तार

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के लिए, असम एक व्यापक राष्ट्रीय विस्तार योजना का हिस्सा है। चिराग पासवान के नेतृत्व में, पार्टी अपने पारंपरिक गढ़ों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।

इसका “असम फर्स्ट” अभियान युवा सशक्तिकरण और रोजगार पर केंद्रित है, जो एक ऐसे जनसांख्यिकी के साथ गूंजता है जो आर्थिक अवसरों के बारे में अधिक मुखर हो रहा है।

पार्टी के योजनाओं के बारे में बात करते हुए, पासवान ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद, “पार्टी की संसदीय समिति इन राज्यों में चुनाव लड़ने के अंतिम निर्णय पर पहुंचेगी।”

लोक जनशक्ति पार्टी का दृष्टिकोण विशेष रूप से दिलचस्प है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर पर NDA के साथ जुड़ी हुई है, जबकि असम में हिंदी-भाषी और श्रमिक समुदायों के बीच एक स्वतंत्र पहचान बनाने का प्रयास कर रही है।

चुनावी कथा में बदलाव

इन तीन दलों का उदय स्थापित खिलाड़ियों के प्रभुत्व को तुरंत खतरे में नहीं डालता। फिर भी, उनकी उपस्थिति कथा को बदल रही है।

जैसे-जैसे असम 2026 की ओर बढ़ रहा है, सवाल यह नहीं है कि कौन जीतेगा, बल्कि यह है कि इन नए खिलाड़ियों की एंट्री राजनीतिक चर्चाओं, मतदाता अपेक्षाओं और गठबंधन समीकरणों को कैसे आकार देगी।