उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राहत का बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान को लेकर पूरी तरह सतर्क मोड में है।
किसानों के पास कब तक आएगा पैसा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग के बाद अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व और राहत आयुक्त भी मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड पर उतरकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है। आइए जानते हैं सरकार की इस योजना का लाभ किसानों को कैसे मिलेगा।
राहत कार्यों में लापरवाही पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम करें। ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण जहां भी जनहानि, पशुहानि या फसल का नुकसान हुआ है, वहां मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जलभराव की स्थिति वाले इलाकों में तत्काल पानी निकासी के भी प्रबंध करने को कहा गया है।
एक हफ्ते में मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मेरठ, आगरा, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आर्थिक संकट से उबारने के लिए सीएम ने निर्देश दिया है कि:
फसल के नुकसान का सटीक सर्वे किया जाए।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एक सप्ताह के भीतर पीड़ितों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेज दी जाए।
घायलों और अन्य आपदा पीड़ितों को 24 घंटे के अंदर सहायता राशि प्रदान की जाए।



