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ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल बाद भी इन 3 सदमे से नहीं निकल पाया बाहर पाकिस्तान…

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ऑपरेशन सिंदूर का सदमा अब तक पाकिस्तान को है. एक तरफ उसके बड़े-बड़े आतंकी अंडरग्राउंड हैं. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान पैसे की कमी से जूझ रहा है. पानी को लेकर संकट अलग है. पाकिस्तान ने हाल ही में पानी संकट से निपटने के लिए यूूएनएससी से गुहार लगाई है.

इन 3 सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा पाक

365 दिन बाद भी ऑपरेशन सिंदूर के सदमे से पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठन बाहर नहीं निकल पाया है. एक तरफ पाकिस्तान की सरकार ऑपरेशन सिंदूर के तहत बंद किए गए पानी को लेकर परेशान है. वहीं दूसरी तरफ एयरस्ट्राइक के डर से हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे बड़े-बड़े आतंकी अभी भी अंडरग्राउंड छिपे हैं. पिछले एक साल में सार्वजनिक तौर पर इन आतंकियों की कोई भी तस्वीर सामने नहीं आई है.

मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद तो हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हैं. दोनों को पाकिस्तान का सबसे बड़ा आतंकी माना जाता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन्हीं दोनों के ठिकानों पर सबसे ज्यादा हमले किए गए थे.

लश्कर-जैश की स्थिति काफी कमजोर

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लश्कर, जैश और हिजबुल के 10 ठिकानों को भारतीय सेना ने ध्वस्त किया था. इससे ये आतंकी संगठन अब तक नहीं उबर पाए हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद लश्कर और जैश ने अपने आतंकी ठिकानों को नए सिरे से तैयार करने की घोषणा जरूर की, लेकिन अब तक उसमें सफलता नहीं मिली.

इतना ही नहीं, पिछले एक साल में हाफिज सईद और मसूद अजहर के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. इसके उलट लश्कर और जैश के बड़े बड़े कमांडर अज्ञात हमलावरों के हमले में मारे जा रहे हैं. पिछले दिनों लश्कर के को-फाउंडर रहे हमजा की लाहौर में हत्या कर दी गई.

आर्थिक तौर पर भी लश्कर और जैश की स्थिति ठीक नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सरकार ने मसूद के परिवार को राहत के तौर पर 14 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी. दरअसल, भारत के स्ट्राइक में मसूद परिवार के 14 लोगों की मौत हुई थी.

इन दोनों आतंकी संगठनों के अलावा हिजबुल की स्थिति भी कमजोर है. हिजबुल के कमांडर सज्जाद अहमद की हाल ही में हत्या कर दी गई है.

पाकिस्तान सरकार पानी के लिए परेशान

दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार पानी के लिए परेशान है. अप्रैल 2026 में पाकिस्तान की सरकार ने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रूख किया था. पाकिस्तान की सरकार का कहना था कि 1960 के बाद यह पहली बार है, जब भारत ने सिंधु नदी का जल रोक दिया है. पाकिस्तान इस मसले को लेकर दुनिया कई देशों से गुहार लगा चुका है, लेकिन उसे अब तक कोई राहत नहीं मिली है.

सिंधु नदी के जल रुकने से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 13 प्रतिशत तो सिंध प्रांत में 17 प्रतिशत पानी की कमी आई है. आने वाले समय में इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है. यही वजह है कि पाकिस्तान इससे काफी ज्यादा परेशान है.

इसके अलावा पाकिस्तान को एयरस्पेस में नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के विरोध में पाकिस्तान की सरकार ने भारत से आने-जाने वाले विमानों के लिए अपना स्पेस बंद कर दिया, जिसके कारण उसे हर महीने तकरीबन 300 करोड़ का नुकसान हो रहा है. यह पाकिस्तान के लिए कंगाली में आटा गीला जैसा है.

पैसे के संकट को खत्म करने के लिए पाकिस्तान ने अपने हथियार और सैनिकों को किराए पर लगाने का फैसला किया. सऊदी अरब को पाकिस्तान ने इस साल 13 हजार सैनिक और हथियार भेजे हैं. बदले में सऊदी ने पाकिस्तान को 3 बिलियन डॉलर की सहायता राशि प्रदान की है.