श्रावण मास के दौरान चल रही कांवड़ यात्रा में अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर विभिन्न राज्यों जैसे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के जिलों की ओर बढ़ चुके हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
कांवड़ मार्गों पर चार हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और बम निरोधक दस्ते भी शामिल हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन का अनुमान है कि इस सालाना यात्रा के दौरान लगभग चार करोड़ श्रद्धालु इस जिले से गुजरेंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने मार्ग परिवर्तन का दूसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर सभी प्रकार की गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि ये रास्ते केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित हैं।
हालांकि, मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों पर अधिक समय लग रहा है और बस व टैक्सी का किराया भी बढ़ गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग परिवर्तन योजना 12 अगस्त तक लागू रहेगी। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को शुरू हुई थी और 11 अगस्त को समाप्त होगी।
हर साल होने वाली इस यात्रा में भगवान शिव के लाखों भक्त हरिद्वार से गंगा जल लाते हैं और इसे अपने घरों के पास स्थित शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।



