नगरीय निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ऐसे हो गए हैं जैसे घर का जोगी जोगड़ा की कहावत है।
उनकी वापसी का मामला हर बार लटक जाता है। CGPSC गड़बड़ी मामले में ED की कार्रवाई, अमित जोगी, रेणु जोगी और पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह की वापसी के आवेदन विशेष रूप से चर्चा में रहे।
JCCJ के कांग्रेस में विलय की संभावना को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हुई हैं। फिलहाल अमित जोगी के कांग्रेस में शामिल होने और उनकी पार्टी के विलय का मामला फिर लटक गया।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी इस सप्ताह सुर्खियों में रही। ED ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय के OSD और वर्तमान बलरामपुर-रामानुजगंज अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया।
एजेंसी का आरोप है कि 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़े भ्रष्टाचार और चयन में हेरफेर के मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। छह दिन की ED रिमांड पूरी होने के बाद 16 सितंबर को उन्हें 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में जांच अभी जारी है।



