अनुशासन समिति की बैठक में निष्कासित और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे 36 नेताओं के आवेदनों पर चर्चा हुई।
कुछ मामलों में राहत दी गई, जबकि कुछ आवेदन खारिज किए गए।
तारा कोल ब्लॉक को लेकर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने और PM आवास पर भूपेश बघेल और विजय शर्मा की खुली बहस प्रमुख मुद्दे रहे।”
रायपुर प्रेस क्लब में 15 सितंबर को प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आमने-सामने आए।”
दोनों नेताओं ने योजना के तहत स्वीकृत और निर्मित मकानों के आंकड़ों को लेकर अपने-अपने दावे रखे। बहस करीब 80 मिनट चली।”
बघेल ने आवासों की स्वीकृति और लक्ष्य को लेकर सवाल उठाए, जबकि विजय शर्मा ने सरकार की ओर से बनाए गए मकानों के आंकड़े सामने रखे।”
बहस के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच प्रेस क्लब के बाहर विवाद की स्थिति भी बनी और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।”
हसदेव-अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक को लेकर राजनीतिक विवाद पूरे सप्ताह जारी रहा।
कांग्रेस ने नीलामी और प्रस्तावित खनन को लेकर पर्यावरण और आदिवासी हितों के सवाल उठाए।”
बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने रुख और तत्कालीन सरकार के फैसलों पर सवाल खड़े किए।
बीजेपी की ओर से कहा गया कि सफल बोलीदाता चुने जाने का अर्थ यह नहीं है कि तत्काल खनन शुरू हो जाएगा।”
वन स्वीकृति, पर्यावरणीय परीक्षण और अन्य वैधानिक अनुमतियां अभी जरूरी होंगी।”
दूसरी ओर कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर सरकार से स्पष्टता मांग रही है।”
कांग्रेस का कहना है कि 2023 में जब उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक को नीलामी प्रक्रिया से बाहर करवाया था तो बीजेपी ने सरकार अब नीलामी की अनुमति क्यों दी।”
लेकिन कुल मिलाकर वे सवाल जस के तस रहे जिनको लेकर यह खुली बहस हुई थी।



