छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चे रोजाना पौने सात रुपए का खाना खाते हैं। छात्रों को सरकार स्कूल में मिडडे मील के नाम पर पौने सात रुपए की थाली परोसती है। इस पौष्टिक भोजन में दाल,चावल,सब्जी सब कुछ आ जाता है। सोचिए आखिर पौने सात रुपए में क्या आएगा और बच्चों को कितना पोषण मिलेगा। बच्चों की खुराक की कीमत गाय से भी कम है। साढ़े 17 रुपए गाय को एक समय की खुराक के लिए मिलते हैं। ऐसे में मिडडे मील के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी ही लगती है। सरकार कहती है कि इसका फंड बढ़ाने के बारे में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बच्चों का पोषण हमारी पहली प्राथमिकता में शामिल है। साल में मिडडे मील में करीब 600 करोड़ रुपए खर्च होते हैं जिनमें 320 करोड़ रुपए केंद्र सरकार और 280 करोड़ रुपए राज्य सरकार मिलाती है।



