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गाजा में शांति के प्रयास के लिए भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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गाजा में शांति के प्रयास तेज हो गए हैं। इस कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित पांच देशों को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति की पहल को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी गाजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस में इनवाइट किया गया है।

यह जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दी है, उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा एक लेटर शेयर किया है और बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को गाजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस का हिस्सा बनने के लिए इनवाइट किया है। इस बोर्ड में उन देशों का एक ग्रुप शामिल है, जिन्हें अमेरिका गाजा पट्टी के लिए एक गवर्नेंस स्ट्रक्चर देने के लिए इनवाइट कर रहा है, क्योंकि ट्रंप की शांति योजना के तहत हमास पर इस इलाके में अपनी गवर्नेंस की भूमिका छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है।

अमेरिका ने दिया भारत को न्योता

ट्रंप की 20-सूत्रीय व्यापक शांति योजना के तहत गठित यह बोर्ड गाजा में शांति, शासन, पुनर्निर्माण, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, करीब 60 देशों को इस पहल के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें भारत के पड़ोसी मूल्क पाकिस्तान भी शामिल है।अमेरिका इस योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

गाजा पीस बोर्ड में भारत की अहम भूमिका

गाजा पीस बोर्ड में भारत की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि भारत इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ मजबूत ऐतिहासिक संबंध रखता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ही भारत मिस्र के रास्ते गाजा को मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले भी बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता बढ़ाने वाले समझौते का स्वागत किया था। उन्होंने यह भी दोहराया था कि आतंकवाद किसी भी रूप में दुनिया में कहीं भी स्वीकार्य नहीं है।

बोर्ड ऑफ में कौन-कौन से देश शामिल

बता दें कि बोर्ड ऑफ पीस में ट्रंप खुद चेयरमैन हैं और इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल-थवादी भी शामिल हैं। इजरायल ने इस बोर्ड पर आपत्ति जताई है, क्योंकि इसमें तुर्की और कतर जैसे देश शामिल हैं जिन्हें वह हमास का समर्थक मानता है। फिलिस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद ने भी इसे इजरायल के हितों की पूर्ति करने वाला बोर्ड बताया है।

“India-US Trade Deal: ‘भारत में AI पर अमेरिका क्यों करे खर्च?’ ट्रंप “

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India AI Services News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ट सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिकी नागरिक भारत में AI सेवाओ के लिए क्यों पैसे दें।

नवारो ने ‘रियल अमेरिका वॉइस’ पर स्टीव बैनन से बातचीत में कहा कि ChatGPT जैसी सेवाएं अमेरिकी बिजली पर चलती हैं, जिससे भारत-चीन जैसे देशों को फायदा पहुंचता हैं।

नवारो ने भारत को दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश बताया। उन्होंने रूसी तेल आयात को ‘खून का पैसा’ करार दिया, जो यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देता है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीद पर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिससे व्यापार समझौता अटका हुआ है। फिलहाल नवारो के इस भारत के AI वाले बयान पर दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी प्रभावित हो सकती है। वहीं, भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूसी तेल खरीद को जायज ठहराता है।

नवारो की भारत पर विवादास्पद टिप्पणियां

ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो का ये बयान ऐसे टाइम पर आया है जब ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल खरीद जारी रखने के कारण भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा रखा है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत रुकी हुई है। भारत रूस से छूट पर तेल खरीदता रहा है, जो 2019-20 में 1.7 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 35 प्रतिशत हो गया है। भारत इसे ऊर्जा सुरक्षा का मामला बताता है और कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं तोड़ रहा।

नवारो ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही कड़े टैरिफ नीति के समर्थक रहे हैं। वे चीन पर टैरिफ लगाने में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं। भारत पर उनकी पुरानी टिप्पणियां भी विवादास्पद रही हैं, जैसे 2025 में ‘ब्राह्मण’ एनोलॉजी का इस्तेमाल, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की थी। फिलहाल भारत ने इस बयान को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आज नामांकन.. छत्तीसगढ़ और MP के ये दिग्गज नेता पहुंचे दिल्ली, जानें कौन होंगे प्रस्तावक…

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BJP National President Election Latest Updates: भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को बनाया गया है, चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का भी नितिन नबीन को समर्थन प्राप्त है लिहाजा नितिन नबीन इस पद के लिए निर्विरोध चुने जा सकते है।

  • भाजपा अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया शुरू
  • नितिन नबीन निर्विरोध तय
  • कांग्रेस ने परिवारवाद का आरोप

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवार दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। (BJP National President Election Latest Updates) यह पूरी चुनावी प्रक्रिया दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में संपन्न होगी।

छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता पहुंचे दिल्ली

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ से कई वरिष्ठ भाजपा नेता दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रीय परिषद के कुल 17 सदस्य नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। इनमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, संतोष पांडेय और रूपकुमारी चौधरी भी राष्ट्रीय परिषद का हिस्सा हैं।

राष्ट्रीय परिषद में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री केदार कश्यप और दयाल दास बघेल, भाजपा उपाध्यक्ष सरोज पांडे और लता उसेंडी, सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर, विक्रम उसेंडी और पुन्नूलाल मोहिले भी शामिल होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आज दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मध्यप्रदेश के नेताओं ने भी डाला दिल्ली में डेरा

इसी क्रम में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सहित करीब 20 नेता प्रस्तावक और समर्थक के रूप में शामिल होंगे। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 प्रमुख नेता शामिल हैं। (BJP National President Election Latest Updates) प्रस्तावकों और समर्थकों में मोहन यादव कैबिनेट के पांच मंत्री, पांच केंद्रीय मंत्री, चार सांसद और मध्य प्रदेश के पांच वरिष्ठ नेता शामिल किए गए हैं।

प्रमुख नेताओं में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह शामिल हैं। इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर के नाम भी सूची में हैं। सांसदों में फग्गन सिंह कुलस्ते, वीडी शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि और कविता पाटीदार शामिल हैं, जबकि वरिष्ठ नेताओं में जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे शामिल होंगे।

कांग्रेस का हमला, परिवारवाद का आरोप

इधर कांग्रेस ने नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने को लेकर परिवारवाद का आरोप लगाया है। ( BJP National President Election) पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय का कहना है कि भाजपा विपक्षी पार्टियों पर परिवारवाद का आरोप लगाती है। लेकिन आज अपने आप को नहीं देख रही है। जहां नितिन नबीन के पिता भाजपा की राजनीति से जुड़े हुए हैं। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है।

20 जनवरी को नाम का औपचारिक ऐलान

बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को बनाया गया है, चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का भी नितिन नबीन को समर्थन प्राप्त है लिहाजा नितिन नबीन इस पद के लिए निर्विरोध चुने जा सकते है। (BJP National President Election Latest Updates) ऐसे में उनके नाम का ऐलान आने वाले 20 जनवरी को किया जाएगा। बता दें कि, नितिन नबीन छत्तीसगढ़ के भाजपा प्रभारी भी हैं, जो​ कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद इस्तीफा दे सकते हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ में नए प्रभारी की नियुक्ति होने की संभावना है।

Health Tips: छत्तीसगढ़ की ब्रेन बूस्टर घास, किसानों की फायदे वाली फसल…

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Chhattisgarh Brain Booster Herb: छत्तीसगढ़ की आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा में मण्डूकपर्णी और ब्राम्ही को बुद्धिवर्धक औषधि माना जाता है. नदी – नालों के किनारे उगने वाले ये पौधे बच्चों और बुजुर्गों की स्मरण शक्ति बढ़ाने में उपयोगी हैं.

चार महीने की खेती से किसानों को लंबे समय तक उत्पादन और आय मिल रही है.

छत्तीसगढ़ की आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा में औषधीय पौधों का विशेष महत्व रहा है. इन्हीं परंपरागत ज्ञान और अनुभवों के आधार पर आज भी कई ऐसे पौधे हैं, जो आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के समाधान में कारगर साबित हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि के कंसल्टेंट अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि मण्डूकपर्णी और ब्राम्ही दोनों ही ऐसे औषधीय पौधे हैं, जिन्हें प्राचीन काल से बुद्धिवर्धक यानी स्मरण शक्ति बढ़ाने वाला माना जाता है.

अमित कुमार गुप्ता के अनुसार, मण्डूकपर्णी और ब्राम्ही दोनों ही घास प्रजाति के पौधे हैं. ये अधिकतर दलदली क्षेत्रों में या वहां पाए जाते हैं, जहां वर्षभर नमी और पानी उपलब्ध रहता है. छत्तीसगढ़ के जंगलों में ये पौधे आमतौर पर नदी किनारे, जंगली नालों के आसपास और नम भूमि में प्राकृतिक रूप से उगते हैं. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इन दोनों पौधों के पत्तों का उपयोग अधिक किया जाता है, लेकिन पंचांग पद्धति से सेवन करने पर इसके लाभ और भी बढ़ जाते हैं.

बच्चों और अधिक उम्र के लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी

उन्होंने बताया कि पंचांग का अर्थ है पौधे के सभी हिस्सों—पत्ते, फूल, तना और जड़, इन सभी हिस्सों को अच्छी तरह साफ कर, धोकर इनकी चटनी बनाई जाती है. इस चटनी को धनिया पत्ती और टमाटर के साथ मिलाकर नियमित रूप से खाने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है. खासकर 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और अधिक उम्र के लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी मानी जाती है. इससे एकाग्रता बढ़ती है और दिमागी थकान में भी कमी आती है.

इसके अलावा मण्डूकपर्णी और ब्राम्ही से टॉनिक भी तैयार किए जाते हैं, जिनका उपयोग मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि बोर्ड इन दोनों पौधों की खेती को बढ़ावा दे रहा है. इसका उद्देश्य न सिर्फ पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना है, बल्कि किसानों के लिए आय का एक नया और स्थायी स्रोत तैयार करना भी है.

तीन से चार साल तक लगातार उत्पादन

अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि इन पौधों की खेती लगभग चार महीने की होती है. एक बार पौधा लगाने के चार महीने बाद इसकी कटाई की जाती है, इसके बाद यह अपने आप दोबारा बढ़ने लगता है. सही देखभाल के साथ यह तीन से चार साल तक लगातार उत्पादन देता है. खासतौर पर ब्राम्ही की खेती में यदि खेत को पहले ऑर्गेनिक बना लिया जाए, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती हैं.

उन्होंने कहा कि यह खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि कम लागत में लंबे समय तक उत्पादन मिलता है. विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है. इस तरह मण्डूकपर्णी और ब्राम्ही न केवल बच्चों और बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, बल्कि किसानों के लिए भी एक बेहतर आजीविका का साधन बनते जा रहे हैं.

ट्रैवल ट्रेड जर्नल (TTJ) पुणे 2026 के दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने प्रभावशाली तरीके से अपनी पहचान दर्ज…

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छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की सक्रिय सहभागिता के चलते राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सुविधाओं और संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मंच मिला।

ट्रैवल ट्रेड जर्नल (TTJ) पुणे 2026 के दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने प्रभावशाली तरीके से अपनी पहचान दर्ज कराई। छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की सक्रिय सहभागिता के चलते राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सुविधाओं और संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मंच मिला। देशभर से पहुंचे ट्रैवल एजेंट्स और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन को सफल बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की ओर से एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य के प्रसिद्ध और उभरते पर्यटन स्थलों की जानकारी साझा की गई। प्रस्तुति में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी जीवनशैली, वन्यजीव अभयारण्यों और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा गया। इस प्रस्तुतीकरण को ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने सराहा और इसे पर्यटन की दृष्टि से बेहद आकर्षक बताया।

छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड से जुड़े पंजीकृत ट्रैवल एजेंट्स ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने ब्रॉशर, फोल्डर और प्रचार सामग्री के माध्यम से चित्रकूट जलप्रपात, बस्तर की आदिवासी संस्कृति, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की जानकारी दी। स्टॉल पर लगातार भीड़ बनी रही और पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेज और ऑफर भी आकर्षण का केंद्र रहे।

प्रस्तुतीकरण और संवाद के बाद विभिन्न राज्यों से आए ट्रैवल एजेंट्स और स्टेकहोल्डर्स ने छत्तीसगढ़ को एक उभरते पर्यटन गंतव्य के रूप में गंभीर रुचि दिखाई। कई एजेंट्स ने मौके पर ही पंजीकरण कराया और भविष्य में छत्तीसगढ़ को अपने टूर पैकेज में शामिल करने की सहमति दी।

TTJ पुणे 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह मजबूत उपस्थिति राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। टूरिज़्म बोर्ड का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से राज्य में पर्यटन निवेश, पर्यटकों की संख्या और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ी ठंड, दो दिन की राहत के बाद तापमान में तेज गिरावट…

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रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। दो दिनों की राहत के बाद तापमान में दोबारा गिरावट दर्ज की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। दो दिनों की राहत के बाद तापमान में दोबारा गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। शनिवार रात से ही राजधानी में ठंड का असर तेज हो गया है।

CG Weather Update: मकर संक्रांति के बाद भी नहीं बढ़ा तापमान

आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। लगातार गिरते तापमान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब यह देखना होगा कि प्रदेश में ठंड से राहत कब मिलती है।

अगले दो दिनों तक शीतलहर का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना जताई है। विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद खासकर सुबह और रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

10 से ज्यादा जिलों में कड़ाके की ठंड की चेतावनी

छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर समेत 10 से अधिक जिलों में शीतलहर और कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले जिलों में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, अंबिकापुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और दंतेवाड़ा शामिल हैं।

तापमान में और गिरावट की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार शीतलहर के चलते इन जिलों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से रात में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

 

वीबी-जीराम जी योजना से ग्राम करमरी में आजीविका और आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा

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मोहला। आदिवासी बहुल और कृषि आधारित आजीविका वाले जिले की ग्राम पंचायत करमरी में आज वीबी-जीराम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत स्वागत एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव—विकसित भारत” का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरियों जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी और सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है और वीबी-जीराम जी इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम में हितग्राही श्री विनोद कुमार और श्री दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल वितरित किया गया, जिससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।

कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने इस योजना को आदिवासी बहुल और कृषि आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। “गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा” के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दी कार्य में तेजी लाने की दिशा निर्देश

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज जिला कार्यालय के सभा कक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता भी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले को प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलना चाहिए। ऐसे में कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पंजीकरण और सोलर रूफटॉप प्लांट की स्थापना संख्या बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को योजना की जानकारी दी जाए और उन्हें सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पंजीयन कार्य को एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सोलर प्लांट स्थापना के लिए वेंडरों का चयन किया जा चुका है। इस पर कलेक्टर ने चयनित वेंडरों को शीघ्र सोलर प्लांट की स्थापना करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा, कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंधित लंबित बैंक ऋण प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को ऋण अस्वीकृत (रिजेक्ट) प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्युत विभाग, बैंक और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकें।

कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने यह भी कहा कि इस योजना के अंतर्गत जन जागरूकता अभियान जारी रहना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें और इसका लाभ उठा सकें।

चिखली पुलिस की कार्यवाही : अशांति फैलाने वाले बदमाश पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

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राजनांदगांव। चिखली क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान के तहत, आज पुलिस ने राहगीरों से झगड़ा और विवाद कर शांति भंग करने वाले एक बदमाश के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान चिखली चौकी क्षेत्र में रमन बाजार में बदमाश अमन उर्फ डोरे डोंगरे (18 वर्ष), निवासी शंकरपुर वार्ड नं. 10, ओपी चिखली को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर राहगीरों से झगड़ा करने और वाद-विवाद कर शांति भंग करने का आरोप था। पुलिस ने आरोपी को धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और माननीय न्यायालय राजनांदगांव में पेश कर जेल भेज दिया।

चिखली पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है ताकि क्षेत्र में अवैध गांजा, शराब बिक्री, असामाजिक तत्वों और गुंडा बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, सउनि शत्रुहन टण्डन और चौकी चिखली के स्टाफ ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान दिया।

सड़क सुरक्षा माह में नाटकीय अभियान, यातायात नियमों का पालन करने की दी अपील

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राजनांदगांव। सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर आज यातायात जागरूकता के लिए एक अनोखा नाटकीय अभियान आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी और टीम के साथ यूनिसेफ जिला समन्वयक दिव्या राजपुत एवं टीम ने जय स्तम्भ चौक में नाटकीय प्रस्तुति के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अभियान में यमराज और चित्रगुप्त के किरदार के माध्यम से वाहन चालकों को चेतावनी दी गई कि बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चलाना, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना और तीन सवारी लेकर दुपहिया वाहन चलाना खतरनाक है। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करने, तेज गति से वाहन न चलाने और नशे की हालत में वाहन न चलाने पर जोर दिया गया।

यातायात पुलिस ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने और परिवार के जीवन की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का उपयोग करें, नियंत्रित गति से वाहन चलाएँ और नियमों का पालन करें।

यूनिसेफ टीम और पुलिस के इस प्रयास से शहरवासियों को नाटकीय और संवादात्मक तरीके से सड़क सुरक्षा के महत्व को समझने का अवसर मिला।