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बीजिंग और नई दिल्ली के बीच एयर चाइना की सीधी उड़ानें फिर से शुरू…

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सीधी उड़ानों का पुनरारंभ

एयर चाइना ने बीजिंग और नई दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने की जानकारी दी है। इसे द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

यह जानकारी भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने साझा की। उन्होंने ‘X’ पर एक पोस्ट में उल्लेख किया कि एयर चाइना द्वारा यह कदम यात्रा से कहीं अधिक महत्व रखता है!

इंडिगो ने भी नई दिल्ली और शंघाई के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे यह दोनों शहरों के बीच उड़ानें संचालित करने वाली तीसरी एयरलाइन बनेगी। पिछले वर्ष, भारत और चीन ने लगभग पांच साल के अंतराल के बाद हवाई सेवाएं फिर से शुरू कीं, जो द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का संकेत है। 1 फरवरी को, एयर इंडिया ने शंघाई-दिल्ली सीधी उड़ान की घोषणा की, जिससे छह साल के बाद दोनों शहरों के बीच अपनी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू कीं।

इसके अतिरिक्त, चीनी एयरलाइन चाइना ईस्टर्न ने पिछले साल नवंबर में शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कीं। 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद भारत और चीन के संबंधों में गिरावट आई थी, जिसमें 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की जान गई थी। अगस्त 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जोहान्सबर्ग में मुलाकात की और तनाव कम करने के प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई।

अगस्त 2025 में, प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले छह वर्षों में पहली बार चीन का दौरा किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दोनों देशों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ के संदर्भ में शी जिनपिंग से बातचीत की। इसी महीने के अंत में, चीनी राजदूत जू फीहोंग ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि बीजिंग भारत पर वाशिंगटन द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ का विरोध करता है और भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बातचीत, क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा…

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पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच संवाद;पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बातचीत:

ईद और नवरोज के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से संवाद किया।

इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की निंदा की। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने शिपिंग मार्ग (होर्मुज) को सुरक्षित रखने और जहाजों की सुरक्षा पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी साझा की।

पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैंने राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की और उन्हें ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं। हमने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारों का समय पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाएगा। मैंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की।”

राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन ने इस्लामी देशों और पड़ोसी देशों से भाईचारे की अपील की। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “इस्लामी राष्ट्रों और हमारे प्रिय पड़ोसियों के नाम: आप हमारे भाई हैं, और हम आपसे किसी भी प्रकार का टकराव नहीं चाहते। हमारे आपसी मतभेदों का एकमात्र लाभार्थी ‘ज़ायोनी सत्ता’ है। इस #Eid_al_Fitr के अवसर पर, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह हमें इतनी शक्ति और एकता प्रदान करे कि हम #Messenger_of_God (ईश्वर के दूत) की शिक्षाओं के अनुरूप आचरण कर सकें, ताकि हम उसकी प्रसन्नता प्राप्त कर सकें।”

उत्तराखंड सरकार के चार साल: राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री धामी की सराहना की…

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उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में राज्य ने अभूतपूर्व विकास की ओर कदम बढ़ाया है।

यह बयान उन्होंने नैनीताल के हल्द्वानी में एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को ‘धुरंधर धामी’ की उपाधि दी, यह बताते हुए कि वे अत्यंत सक्षम हैं और उनके कार्य असाधारण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देवताओं की भूमि है, और इसकी पवित्रता की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि हमें उत्तराखंड की सुरक्षा करनी चाहिए। धामी के नेतृत्व में सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध प्रवासियों के लिए कोई स्थान नहीं है, और 10,000 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए हैं।

शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की सराहना

राजनाथ सिंह ने धामी सरकार की शिक्षा, रोजगार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ योजना लागू की, जो पूर्व सैनिकों की एक लंबी मांग थी। उन्होंने उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया, जो पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के प्रति चिंता दिखा रही है। चाहे आर्थिक सहायता हो, शिक्षा में आरक्षण, रोजगार के अवसर, या अन्य कल्याणकारी योजनाएं, धामी ने हर क्षेत्र में योगदान दिया है।

राजनाथ सिंह का वैश्विक संकट पर बयान

अपने संबोधन में, राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का उद्देश्य “संवाद और कूटनीति” के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने संभावित ऊर्जा या उर्वरक संकट से निपटने में प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की, जो संघर्ष के कारण उत्पन्न हो सकता था। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, और यह केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि युद्ध का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से निकाला जा सकता है।

CG: खाद्य हिन्द पानी पाउच के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर किया गया जप्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई…

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कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जनसामान्य तक सही गुणवत्ता की खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम नागतराई में संचालित फर्म हाइड्रावेडॉ एक्वा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच करने बिना अनुज्ञप्ति के प्रतिष्ठान का संचालन, प्रतिष्ठान में विनिर्मित पानी के लेबल पर विनिर्माता का पता मिथ्या एवं भ्रामक तथा विनिर्मित पानी का लेबल नियमानुसार नहीं पाया गया। टीम द्वारा मौके पर विनिर्मित एवं विक्रय हेतु भंडारित खाद्य हिन्द पानी पाउच (200 मिली प्रति पाउच) के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर जप्त किया गया। सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रकरण को लैब की जांच रिपोर्ट एवं विवेचना पूर्ण कर शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा नागरिकों तक सही गुणवत्ता की खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने खाद्य कारोबारकर्ताओं से नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित और सही गुणवत्ता के खाद्य सामग्री का ही विक्रय, भंण्डारण, प्रदर्शन एवं विनिर्माण करने की अपील की है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बेचे जाने का संदेह होने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 9340597097 पर की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने रायपुर में इन्वेस्टर सेंसिटाइजेशन एवं डेमो डे आयोजित…

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छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा रायपुर स्थित स्थानीय होटल में इन्वेस्टर सेंसिटाइजेशन एवं डेमो डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, निवेशकों और विभागीय प्रतिनिधियों की भागीदारी रही, जहां नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच संवाद को मजबूत करना तथा निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देना रहा। अपर संचालक श्री संजय गजघाटे ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान सुश्री पर्ल अग्रवाल ने निवेशकों को संबोधित करते हुए वर्तमान निवेश प्रवृत्तियों, स्टार्टअप इकोसिस्टम में संभावनाओं और निवेशकों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला।

सुश्री सुमन देवांगन ने छत्तीसगढ़ इनोवेशन एवं स्टार्टअप प्रोमोशन पॉलिसी 2025-30 की जानकारी देते हुए स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्टार्टअप पिच सत्र रहा, जिसमें 18 स्टार्टअप्स द्वारा विभिन्न निवेशकों के समक्ष अपने व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए, इनमें से 7 से अधिक स्टार्टअप्स को आगे की फंडिंग के लिए निवेशकों की रुचि प्राप्त हुई।

CG: भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सख्त कानून पारित, नकल और पेपर लीक पर कड़े प्रावधान…

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भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लागूमुख्यमंत्री श्री साय’

नकल और पेपर लीक पर रोक के लिए व्यापक प्रावधानमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदममुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 को पारित किया दिया। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में आयोजित होने वाली भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित राज्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए यह आवश्यक है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करना और योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल जैसी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में तीन से दस वर्ष तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि संगठित अपराध के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ संपत्ति जब्ती का भी प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों को भी जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कानून के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।

उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं तथा विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। इसके माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुचित हस्तक्षेप को रोकने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सख्त प्रावधानों से परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

CG: भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए कर्मचारी चयन मंडल का गठन…

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भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना हमारी प्राथमिकतामुख्यमंत्री’

युवाओं को निष्पक्ष और विश्वसनीय भर्ती प्रणाली देना सरकार का लक्ष्यमुख्यमंत्री’

अब नियमित और सुव्यवस्थित होगी भर्ती प्रक्रियामुख्यमंत्री श्री साय’

छत्तीसगढ़ विधानसभा में  आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को पारित किया गया। इस कानून के माध्यम से राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना की जाएगी।

विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित भर्ती प्रणाली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और विश्वसनीय बनाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न विभागों में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और इसे अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत भर्ती परीक्षाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल के गठन के बाद राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के लिए नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को समयबद्ध तैयारी में सुविधा होगी। साथ ही, सभी प्रमुख परीक्षाओं को निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग समय पर भर्तियां निकालने से अभ्यर्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग आवेदन और चयन प्रक्रियाओं के कारण समय, संसाधन और प्रयास की अधिक आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा और प्रक्रिया अधिक सरल व सुव्यवस्थित बनेगी।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल विभिन्न विभागों, वैधानिक निकायों, मंडलों, प्राधिकरणों एवं अन्य संस्थानों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा। साथ ही, आवश्यकता अनुसार संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान भी रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को एक समान चयन प्रणाली के आधार पर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा प्रबंधन में भी दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

मंडल में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मंडल को यह अधिकार होगा कि वह चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार एजेंसियों की सेवाएं ले सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद बनेगी तथा योग्य अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक सुदृढ़ और प्रभावी भर्ती प्रणाली स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

CG: नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात…

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  • नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात’
  • प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने किया दूर’
  • विदेशी मेहमानों ने कहाअद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा’
  • राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की हुई सराहना’
  • नेशनल डिफेंस कॉलेज का 15 सदस्यीय अध्ययन दल 05 दिवसीय यात्रा पर पहुंचा है छत्तीसगढ़’

छत्तीसगढ़ की हमारी धरती सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है। इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। श्री साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए।

विदेशी मेहमानों ने कहाअद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा

अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की।
एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया।

इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, आईजी श्री ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस श्री अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुश्री सुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर श्री अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर श्री मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य तथा गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुँचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया। इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया। अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

 

छत्तीसगढ़ में जल क्रांति का नया अध्याय: जल जीवन मिशन 2.0 पर ऐतिहासिक एमओयू…

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ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। श्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। श्री पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CG: सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विधानसभा बजट सत्र ,लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के साथ अनेक महत्वपूर्ण विधेयक हुए पारित -…

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सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विधानसभा बजट सत्र’

लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के साथ अनेक महत्वपूर्ण विधेयक हुए पारित’

: मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद’

विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।