देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपयोगकर्ता माई हुंडई ऐप के माध्यम से पूरे देश में 30,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे।
यह सुविधा ग्राहकों को भारत के सबसे बड़े एकीकृत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करती है।
कंपनी ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म प्रमुख चार्ज प्वाइंट ऑपरेटरों (सीपीओ) और सेवा प्रदाताओं के सहयोग से विकसित किया गया है और यह सभी ब्रांडों के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपलब्ध है।
माई हुंडई ऐप के जरिए उपयोगकर्ता नजदीकी चार्जिंग स्टेशन खोज सकते हैं, चार्जिंग स्लॉट पहले से बुक कर सकते हैं और एकीकृत इंटरफेस के माध्यम से डिजिटल भुगतान भी कर सकते हैं।
एचएमआईएल ने कहा कि यह एकीकृत नेटवर्क देशभर में औसतन 25 किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करता है। इसमें प्रमुख राजमार्ग कॉरिडोर जैसे दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर, मुंबई-पुणे-बेंगलुरु, और चेन्नई-वेल्लोर-बेंगलुरु शामिल हैं।
एचएमआईएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में चार्जिंग अवसंरचना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा, “माई हुंडई ऐप पर 30,000 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट्स को एकीकृत कर हम ईवी उपयोगकर्ताओं को एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के सबसे बड़े चार्जिंग नेटवर्क में से एक तक पहुंच उपलब्ध करा रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म सभी ब्रांडों के ईवी मालिकों के लिए खुला है, जो एचएमआईएल की इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
इसके अलावा, कंपनी ने 2030 तक अपने डीसी फास्ट पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने की योजना भी बनाई है, जिसके तहत मौजूदा 183 स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 600 की जाएगी।
एचएमआईएल के अनुसार, उनकी चार्जिंग अवसंरचना के माध्यम से अब तक 3 लाख से अधिक ईवी चार्जिंग सत्र पूरे किए जा चुके हैं और 50 लाख किलोवाट-घंटे (केडब्ल्यूएच) से अधिक ऊर्जा उपलब्ध कराई गई है।
कंपनी का दावा है कि उनके चार्जिंग स्टेशनों के उपयोग से लगभग 35 लाख किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोका गया है।
इसके अलावा, कंपनी इस वित्तीय वर्ष में एक मास-मार्केट इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिससे उनके इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो को और मजबूत किया जा सके।



