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CG” LPG गैस संकट, अफीम की खेती और कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का हल्लाबोल! विधानसभा का किया घेराव…

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कांग्रेस ने LPG संकट, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर विधानसभा का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हुई और नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने 17 मार्च को विधानसभा का घेराव किया. LPG क्राइसिस, मनरेगा बचाओ संग्राम और प्रदेश के स्थानीय मुद्दों—बिजली के दाम में बढ़ोतरी, किसानों से धोखा, धान खरीदी पर वादाखिलाफी, गैस सिलेंडर के दामों की बढ़ोतरी, बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था, प्रदेश में नशे की खेती और कारोबार जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा का घेराव किया.

इस कार्यक्रम में प्रदेश के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए. विधानसभा घेराव के लिए जैसे ही कांग्रेसियों ने कूच किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी भी हुई.

सचिन पायलट ने बीजेपी पर साधा निशाना

राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि गरीबों, मजदूरों को वंचित, जो असहाय हैं, निर्बल हैं, उन लोगों की आवाज बनकर राजधानी में विधानसभा के घेराव का निर्णय लिया गया है. छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी ने जनता की आवाज को उठाने का बीड़ा उठाया है. आपके साथ मिलकर इस सरकार को जगाना जरूरी है. प्रमुख रूप से नरेगा का कानून बना था, यह बड़ा और विचित्र कानून था, जो पूरी दुनिया में किसी मुल्क में नहीं था.

नरेगा को बंद करना चाहती थी बीजेपी सरकार- सचिन पायलट

उन्होंने कहा कि रोजगार का अधिकार सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह ने दिया. मोदी जी प्रधानमंत्री बने, उनका पहला भाषण मनरेगा के खिलाफ था. उनकी मंशा 2014 में इस नरेगा को बंद करने की थी. तीसरी बार सरकार बनने के बाद मोदी सरकार इस कानून में बदलाव करना चाहती है, वह बंद करना चाहती है. पहले केंद्र सरकार नरेगा का 90 प्रतिशत पैसा देती थी. अब इन्होंने राज्यों पर 60-40 का रेश्यो लागू कर दिया. जो कार्यक्रम होंगे—खेत, खलिहान, कुएं, तालाब निर्माण—उनका निर्णय ग्राम पंचायत नहीं कर सकती, सब केंद्रीकृत कर दिया गया. भाजपा की सरकार समझ गई है कि देश की जनता का कितना भी शोषण कर लो, कितना भी अत्याचार कर लो, कितना भी कानून बदल लो, ये धर्म की आड़ में, हिन्दू-मुसलमान की आड़ में, मंदिर-मस्जिद की आड़ में दोबारा फूल छाप पर ही वोट डालेंगे.

75 सालों में देश के किसानों के साथ धोखा नहीं किया- सचिन पायलट

इस सरकार को गलतफहमी हो गई है. देश में बहुत सारे प्रधानमंत्री हुए, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने 75 सालों में देश के किसानों के साथ धोखा नहीं किया. डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में बैठे-बैठे युद्ध की घोषणा कर देते हैं. जिन मुल्कों के साथ हमारा समझौता हुआ है, आज खाड़ी में हमारे 95 लाख भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा के लिए क्या किया गया. आज देश में जो कानून बनते हैं, वे पक्षपातपूर्ण होते हैं. नोटबंदी लेकर आए, लोगों को लाइन में लगा दिया. फिर गैस के लिए लोगों को लाइन में लगा दिया. आज के हालात पैदा कर दिए, देश में सिर्फ पूंजीपतियों की तूती बोल रही है. भाजपा सरकार को गरीब, किसान, महिला से कोई सरोकार नहीं. इसके खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में जनता की आवाज बुलंद कर रही है. भाजपा सरकार को सवा दो साल हो गए, सरकार की नाक के नीचे अफीम की खेती होती रही. आपने उजागर किया, सरकार को मजबूर होना पड़ा.

मोदी का नाम बदलकर पनौती रख दो- भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मनरेगा सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह की सोच है. मनरेगा गरीब आदमी को रोजगार प्राप्त करने का अधिकार देता है. दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना, कानून ही नहीं बल्कि योजना बनाने का काम भी करती है. इसके तहत लाखों-करोड़ों परिवारों को रोजगार मिला. गरीब आदमी को जीवन जीने का अधिकार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने दिया था. भाजपा अधिकार छीनने और वंचित करने का काम कर रही है. इस सरकार ने नियम बदल दिए. अब केंद्र सरकार तय करेगी कि क्या काम मिलेगा और क्या नहीं. यह सरकार खैरात बांटने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले शत-प्रतिशत राशि देती थी, अब पूरी राशि नहीं मिलती. पंचायत में 15वें वित्त का पैसा नहीं आ रहा, नल-जल योजना का पैसा नहीं आ रहा, यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए पैसा नहीं आ रहा और भाजपा सरकार 40 प्रतिशत देने की बात करती है. यह 40 प्रतिशत भी नहीं मिल रहा. गरीब के मुंह से निवाला छीनने का काम भाजपा सरकार कर रही है. भाजपा मनरेगा को खत्म करने की कोशिश कर रही है. 2028 में कांग्रेस की सरकार बनेगी और 2029 में दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनेगी. राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे और मनरेगा फिर से शुरू होगा. आज जो मजदूरी मिल रही है, उससे डेढ़ गुना मजदूरी दी जाएगी. बीजेपी की सरकार 56 इंच की बात करती है, लेकिन यह सिर्फ दिखावे के लिए है.

56 इंच की सरकार क्या काम की- भूपेश बघेल

उन्होंने कहा कि किसान को डीएपी नहीं मिला, यूरिया नहीं मिल रहा है. 56 इंच की सरकार क्या काम की, जो किसान को एक बोरी डीएपी और एक बोरा यूरिया नहीं दिला पा रही. बहन-माताओं को एक सिलेंडर तक नहीं मिल पा रहा. आज पूरे देश में गैस सिलेंडर की समस्या है. गैस सिलेंडर का रेट 60 रुपये बढ़ा दिया गया और कमर्शियल गैस को भी बंद कर दिया गया. आज सिलेंडर ढाई हजार से कम में नहीं मिल रहा, और इमरजेंसी में चार हजार तक देना पड़ रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि 56 इंच के विश्व गुरु लोकसभा नहीं आ पाएंगे.

LPG सिलेंडर की कमी पर साधा निशाना

दिल्ली की लोकसभा में कांग्रेस सांसद नारे लगा रहे हैं- नरेंद्र भी गायब और सिलेंडर भी गायब. पूरे विश्व में भारत की विदेश नीति की आलोचना हो रही है. परंपरागत मित्र देश साथ छोड़ रहे हैं. बस्तर के पोटाकेबिन हॉस्टल में नाबालिग छात्राएं गर्भवती हो रही हैं, जो चिंता का विषय है. भाजपा सरकार पर माता, बहन, बेटियों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप है. यह सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही और छत्तीसगढ़ को नशे में डुबोने का काम कर रही है. अभी केवल तीन जगह अफीम की खेती पकड़ी गई.

उन्होंने कहा कि विष्णुदेव कह रहे हैं कि हम सौ गुना करेंगे. भाजपा आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन जब अफीम की खेती हो रही है तो आय सौ गुना होगी. नशे के कारोबार में बीजेपी के नेता पकड़े जा रहे हैं. भाजपा प्रदेश के पदाधिकारी विनायक ताम्रकार और बलरामपुर में भाजपा नेता पकड़े गए. विनायक ताम्रकार का नाम तीसरे नंबर पर क्यों है. बीजेपी सरकार अपने नेताओं को बचाने का काम कर रही है.

CG: कांग्रेस ने मनरेगा को लेकर केंद्र पर साधा निशाना, विधानसभा घेराव की कोशिश नाकाम…

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छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को रायपुर में विधानसभा का घेराव करने की कोशिश करते हुए बड़ा विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य मार्गों पर अवरोधक लगाकर रोक दिया। प्रशासन ने कई स्थानों पर धातु की चादरें लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी थी, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों को तेलीबांधा इलाके के भारत माता चौक पर रोक दिया गया, जो विधानसभा से करीब 25 किलोमीटर दूर है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज उठाना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जबकि यह पूर्व में सोनिया गांधी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू की गई प्रमुख रोजगार गारंटी योजना है।

पायलट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरुआत से ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की मंशा बनाई थी और अब इसमें बदलाव की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने योजना में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी घटा दी है और ग्राम पंचायतों के अधिकार सीमित किए हैं।

इस दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गरीबों और किसानों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर मनरेगा को और मजबूत करेगी तथा मजदूरी बढ़ाई जाएगी।

बघेल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और महंगाई के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को डीएपी और यूरिया जैसे उर्वरकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि रसोई गैस सिलेंडर महंगे हो गए हैं।

इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

CG” भारतमाला परियोजना जमीन मुआवजा घोटाले में फरार सरकारी अधिकारी गिरफ़्तार…

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छत्तीसगढ़ में पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को रायपुर जिले में भारतमाला सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के वितरण में कथित अनियमितताओं के मामले में मुख्य फरार आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने पिछले वर्ष रायपुर जिले के अभनपुर इलाके के कुछ गांवों में रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए 2021-22 में अधिग्रहण के दौरान जमीन का नामांतरण, मालिकाना हक के हस्तांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में कथित धोखाधड़ी को लेकर एक मामला दर्ज किया था। इस धोखाधड़ी के कारण सरकारी खजाने को लगभग 32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने अभनपुर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रहे आरोपी निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी साहू जमीन अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी के पद पर तैनात था। वह लंबे समय से फरार था।

अधिकारियों ने बताया कि साहू के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग कर अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक, जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी व अन्य के साथ साठगांठ कर भ्रष्टाचार करने का आरोप है।

उन्होंने बताया कि साहू ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से अभनपुर तहसील के नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह, टोकरा के प्रभावित भूमि को पिछली तिथि में विभिन्न उपखंडों में विभक्त कर वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक मुआवजा राशि वितरित की तथा नायकबांधा जलाशय की पूर्व में अधिग्रहित भूमि को भारतमाला परियोजना के लिये फिर से अधिग्रहित कर मुआवजा प्रदान किया। इससे सरकार को करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि हुई।

अधिकारियों ने बताया कि अधिकारी ने उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी जिसे निरस्त कर दिया गया था। इनके और फरार चल रहे अन्य लोकसेवकों के विरुद्ध पूर्व में विशेष न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

उन्होंने बताया कि आरोपी साहू को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया जहां से उसे 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

पिछले साल अक्टूबर में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने कथित भारतमाला परियोजना जमीन मुआवज़ा घोटाले में अपनी पहला आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें 10 आरोपियों के नाम थे। इनमें दो सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे। कर्मचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला है कि राजस्व अधिकारियों और दलालों के बीच मिलीभगत के बाद जमीन के टुकड़ों की हदबंदी की गई थी। नायकबांधा, टोकरो और उरला गांवों में जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके जमीन का म्यूटेशन किया गया था और दस्तावेजों में पिछली तारीखों की एंट्री करके उन्हें तैयार किया गया था।

जांच एजेंसी ने दावा किया कि जाली रिकॉर्ड के आधार पर कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर मुआवज़े का दावा किया गया और उसका भुगतान किया गया, जिससे सरकार को अनुमानित तौर पर 28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

आरोप पत्र के मुताबिक नायकबांधा गांव में उस जमीन के लिए दोबारा मुआवजा देने से सरकार को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जिसे पहले ही एक जलाशय के लिए अधिग्रहित किया जा चुका था।

अधिकारियों ने बताया कि कुल मिलाकर, इस कथित घोटाले से सरकारी खजाने को लगभग 32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

CG” इतने दिनों तक बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, अचानक जारी हुआ आदेश, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट को भी चेतावनी…

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20, 27 और 31 मार्च को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह बंद’

खुले बाजारों के साथ-साथ होटलों और ढाबों में भी बिक्री पर रोक’

नियम तोड़ने पर सामान जब्त और दंडात्मक कार्रवाई होगी’

राजधानी रायपुर में तीन दिनों तक मांस-मटन की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगी। दरअसल, कल से धार्मिक त्योहार शुरू हो रहा है। जिसको देखते हुए मांस और मटन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। रायपुर नगर निगम ने तीन दिनों तक मांस-मटन दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। चेट्रीचंड, रामनवमी और महावीर जयंती पर मांस-मटन बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

रायपुर में तीन दिन मांस- मटन बिक्री पर रोक

जारी आदेश के अनुसार, 20 मार्च को सिंधी समाज के प्रमुख त्योहार चेट्रीचंड है। इस दिन राजधानी में मांस-मटन की बिक्री पर रोक रहेगी। जिसके बाद 27 मार्च को रामनवमी का त्योहार, और 31 मार्च को महावीर जयंती के चलते पूरे नगर निगम क्षेत्र में मांस-मटन की दुकानें और बूचड़खाने (पशुवध गृह) पूरी तरह से बंद रहेंगे।

होगी कार्रवाई

नगर निगम ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि इन त्योहारों पर मांस परोसना या बेचना खुले बाजारों के साथ-साथ होटलों के भीतर भी प्रतिबंधित है। यदि कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उसका सामान जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

होटल, ढाबा या रेस्टोरेंट में भी नहीं होगी बिक्री

स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार, सभी जोनों और स्वच्छता अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम ने यह भी चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित दिनों में यदि कोई होटल, ढाबा या रेस्टोरेंट मांस या मटन की बिक्री करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

CG: 8वीं पास महिलाओं के लिए शानदार मौका, आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर निकली भर्ती, इस तारीख तक कर सकते है आवेदन…

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CG Anganwadi Bharti: 8वीं पास महिलाओं के लिए शानदार मौका, यहां आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर निकली भर्ती, इस तारीख तक कर सकते है आवेदन

  • 17 मार्च से 31 मार्च 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे
  • 8वीं पास और 18–44 वर्ष आयु आवश्यक
  • निश्चित प्रारूप में बंद लिफाफे के माध्यम से कार्यालय में जमा करना होगा

CG Anganwadi Bharti अगर आप भी आंगनबाड़ी में नौकरी करना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, डी.के.एस. भवन रायपुर के प्रेस विज्ञप्ति अनुसार एकीकृत बाल विकास परियोजना गीदम अंतर्गत वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पंचायत माड़पाल दुग्गापारा में आंगनबाड़ी सहायिका रिक्त पद पर नियमानुसार पूर्ति किया जाना हैं।

CG Anganwadi Bharti 2026 इस हेतु संबंधित ग्राम पंचायत से इच्छुक सभी आवेदनकर्ताओं से दिनांक 17 मार्च से 31 मार्च 2026 तक संध्या 5.30 बजे तक कार्यालय में बंद लिफाफा, डाक या स्वयं के द्वारा आवेदन निश्चित प्रारूप में आमंत्रित किये गये हैं।

शैक्षणिक अर्हतानुसार सहायिका पद हेतु 8वीं उत्तीर्ण होना तथा आयु 18 से 44 वर्ष का होना निर्धारित किया गया है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी, आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त किये जाने हेतु सभी इच्छुक आवेदनकर्ता कार्यालयीन दिवसो में कार्यालयीन समय पर कार्यालय, एकीकृत बाल विकास परियोजना दंतेवाड़ा व महिला एवं बाल विकास विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

गेमिंग वर्ल्ड को बदलने आ रहा Nvidia DLSS 5! लेकिन लॉन्च से पहले भड़के गेमर्स, ये है कारण…

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टेक दिग्गज Nvidia ने ग्राफिक्स टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा दावा करते हुए DLSS 5 को पेश कर दिया है. इसमें Resident Evil Requiem और Starfield जैसे गेम्स में AI-पावर्ड फोटोरियल विजुअल्स दिखाए गए हैं.

कंपनी इसे फोटोरियल विजुअल्स का नया युग बता रही है, जबकि गेमर्स इसे AI स्लोप फिल्टर कहकर ट्रोल कर रहे हैं. चलिए जानते हैं क्या है DLSS 5 और कैसे यह गेमिंग की दुनिया को बदल देगा.

DLSS 5 क्या है?

Nvidia का DLSS 5, Deep Learning Super Sampling का नया वर्जन है, जो AI आधारित न्यूरल रेंडरिंग मॉडल पर काम करता है. कंपनी के मुताबिक यह टेक्नोलॉजी रियल-टाइम में गेम के विजुअल्स को ज्यादा डिटेल और रियलिस्टिक बनाती है. सीईओ जेन्सेन हुआंग ने इसे 2018 में आए रियल-टाइम रे ट्रेसिंग के बाद सबसे बड़ा ग्राफिक्स ब्रेकथ्रू बताया. उनका कहना है कि यह टेक्नोलॉजी हैंड-क्राफ्टेड रेंडरिंग और जेनरेटिव AI को मिलाकर नई विजुअल क्वालिटी देती है. कंपनी का दावा है कि DLSS 5 गेमिंग इंडस्ट्री के लिए GPT मोमेंट जैसा साबित हो सकता है.

गेमर्स क्यों बोले AI स्लोप फिल्टर

DLSS 5 के डेमो वीडियो सामने आते ही गेमिंग कम्युनिटी में नाराजगी देखने को मिली. यूजर्स का आरोप है कि यह टेक्नोलॉजी गेम के ओरिजिनल आर्ट स्टाइल को बदल देती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे deep learning super slop 5 और slop tracing जैसे नाम दिए जा रहे हैं. गेमर्स का कहना है कि डेवलपर्स द्वारा बनाई गई विजुअल पहचान को AI द्वारा बदलना गेमिंग एक्सपीरियंस को कमजोर करता है. कई लोगों ने इसे Instagram या Snapchat जैसे ब्यूटी फिल्टर से तुलना करते हुए कहा कि यह असली गेम नहीं, AI से सजाया हुआ वर्जन लगता है.

डेमो में क्या दिखा: कैरेक्टर लुक में बड़ा बदलाव

डेमो में Resident Evil Requiem और Starfield जैसे गेम्स के कैरेक्टर चेहरों में बड़ा बदलाव नजर आया. Resident Evil Requiem की प्रोटैगोनिस्ट Grace Ashcroft के चेहरे पर मेकअप, आईशैडो और लिपस्टिक जैसा इफेक्ट दिखा, जिससे उसका ऑरिजनल लुक पूरी तरह बदल गया. वहीं Starfield में DLSS 5 ऑन करने पर कैरेक्टर चेहरे ज्यादा ब्राइट, हाई कॉन्ट्रास्ट और अननैचुरल रियलिज्म के साथ दिखे. यह बदलाव कई लोगों को uncanny valley जैसा लगा, जहां चेहरा रियल तो लगता है लेकिन असहज भी महसूस होता है.

Nvidia और Bethesda की सफाई

विवाद बढ़ने पर एनवीडिया ने स्पष्ट किया कि DLSS 5 कोई फिल्टर नहीं है. कंपनी के अनुसार यह गेम के कलर और मोशन डेटा पर आधारित आउटपुट देता है, जिससे असली कंटेंट से जुड़ाव बना रहता है. एनवीडिया ने कहा कि डेवलपर्स के पास पूरी आर्टिस्टिक कंट्रोल होगी, जिसमें इंटेंसिटी, कलर ग्रेडिंग और किन हिस्सों पर इफेक्ट लागू करना है, यह सब तय किया जा सकता है. वहीं बेथेस्डा के डायरेक्टर टॉड हॉवर्ड ने शुरुआत में इसे अमेजिंग बताया, लेकिन बाद में कहा कि यह शुरुआती डेमो है और अंतिम विजुअल्स को आर्ट टीम्स एडजस्ट करेंगी.

किन गेम्स में आएगा DLSS 5 और कब लॉन्च होगा

DLSS 5 को कई बड़े स्टूडियो सपोर्ट करने वाले हैं, जिनमें Capcom, Ubisoft, Tencent और Warner Bros. Games शामिल हैं. यह टेक्नोलॉजी 2026 के फॉल सीजन में लॉन्च होने वाली है. हालांकि लॉन्च से पहले ही इसे लेकर बहस तेज हो गई है, जिससे साफ है कि AI आधारित ग्राफिक्स का भविष्य आसान नहीं होने वाला. अब देखना यह होगा कि डेवलपर्स इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे करते हैं और क्या यह गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाती है या विवाद और बढ़ाती है.

DLSS 5 से कैसे बदल सकता है गेमिंग वर्ल्ड

DLSS 5 जैसी AI टेक्नोलॉजी गेम्स के विजुअल्स को काफी हद तक बदल सकती है. सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि कम पावर वाले हार्डवेयर पर भी ज्यादा डिटेल और फोटोरियल ग्राफिक्स देखने को मिलेंगे. यह कैरेक्टर के चेहरे, लाइटिंग और टेक्सचर को रियल टाइम में बेहतर बना सकता है, जिससे गेम ज्यादा सिनेमैटिक लगेगा. हालांकि इसके साथ आर्ट स्टाइल भी बदल सकता है, जिससे गेम का ओरिजिनल लुक प्रभावित हो सकता है. डेवलपर्स को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा कि वे कितना AI इफेक्ट इस्तेमाल करें. कुल मिलाकर, गेमिंग में परफॉर्मेंस और विजुअल क्वालिटी दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

Silver Price Today: चांदी एक झटके में 4000 हुई महंगी,दिल्ली में 9000 टूटी, 10 ग्राम से 1 किलो तक का ताजा भाव…

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Silver Price Today 17 March 2026: लगातार गिरावट के बाद मंगलवार 17 मार्च 2026 को चांदी के बाजार में अचानक तेज हलचल देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के कारोबार में चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।

सुबह करीब 10 बजे एमसीएक्स पर 1 किलो चांदी का भाव लगभग ₹2,60,751 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसमें करीब ₹4,219 प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई।

ट्रेडिंग के दौरान चांदी ने सुबह 10:01 बजे तक ₹2,58,338 प्रति किलो का निचला स्तर और ₹2,61,457 प्रति किलो का ऊपरी स्तर बनाया। यानी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की सक्रियता साफ दिखाई दी।

1 ग्राम, 10 ग्राम और 1 किलो चांदी का रेट

17 मार्च 2026 को चांदी की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार 1 ग्राम चांदी का भाव करीब ₹261 के आसपास रहा, जबकि 10 ग्राम चांदी की कीमत लगभग ₹2,612 रही। वहीं 1 किलो चांदी का रेट ₹2,61,230 के आसपास दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में करीब 1.88 प्रतिशत अधिक है।

दिल्ली में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई थी। यहां चांदी का भाव ₹9,000 टूटकर ₹2,56,500 प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) पर आ गया था। इससे पहले शुक्रवार को इसका बंद भाव ₹2,65,500 प्रति किलो था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। स्पॉट सिल्वर करीब 2.25 प्रतिशत गिरकर 78.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था।<

इस साल का रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती है चांदी?

चांदी के वायदा भाव ने इस साल 29 जनवरी 2026 को बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। उस दिन चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में चांदी का भाव करीब ₹5,000 बढ़कर ₹2,75,000 प्रति किलो तक पहुंच गया था।

वायदा बाजार में भी दबाव

कमजोर घरेलू मांग और डॉलर की मजबूती के चलते सोमवार को वायदा बाजार में भी चांदी के भाव में गिरावट आई थी। एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट की कीमत करीब ₹4,232 टूटकर ₹2,55,203 प्रति किलो रह गई थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में मई डिलीवरी वाले चांदी के अनुबंध का भाव करीब 1.58 प्रतिशत गिरकर 80.06 डॉलर प्रति औंस रहा।

भारत में सोना और चांदी की कीमतें कैसे तय होती हैं?

भारत में सोना और चांदी के दाम कई घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर की कीमत, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी, केंद्रीय बैंक की नीतियां और घरेलू ज्वेलरी बाजार की मांग इनके दामों को प्रभावित करती है। इसके अलावा कमोडिटी एक्सचेंज जैसे एमसीएक्स पर होने वाली ट्रेडिंग भी रोजाना कीमतों में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनती है।

व्हाट्सऐप चैट के आधार पर मिला 22.5 करोड़ का टैक्स नोटिस, अब कोर्ट ने दिया ये बड़ा फैसला…

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इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), दिल्ली ने इनकम टैक्स से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला दिया है, जिसमें व्हाट्सऐप चैट को आधार मान कर जोड़े गए टैक्स को खारिज कर दिया गया है. कोर्ट ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से किए गए 22.5 करोड़ रुपये के टैक्स एडिशन को खारिज कर दिया, जो ज्यादातर व्हाट्सऐप चैट और किसी थर्ड पार्टी के फोन पर मिली डिजिटल इमेज पर आधारित था.

कोर्ट ने कहा कि सिर्फ ऐसी चीजों के आधार पर टैक्स देनदारी को सही नहीं ठहराया जा सकता.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 6 जनवरी, 2021 को हंस ग्रुप में की गई सर्च से जुड़ा है. सर्च के दौरान टैक्स अधिकारियों को एक कथित बिचौलिए के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट, लिफाफों की इमेज और कुछ डिजिटल शीट मिलीं थी. इस मटीरियल के आधार पर डिपार्टमेंट ने आरोप लगाया कि टैक्सपेयर ने 22.5 करोड़ रुपये का कैश इन्वेस्टमेंट किया था और उस पर ब्याज कमाया था. सेक्शन 153C के तहत कार्रवाई शुरू की गई और मार्च 2024 में असेसिंग ऑफिसर ने बिना बताए इन्वेस्टमेंट के तौर पर 22.50 करोड़ रुपये और कथित इंटरेस्ट इनकम के तौर पर 22.50 लाख रुपये जोड़े गए.

केस चैट पर बना, डॉक्यूमेंट्स पर नहीं

टैक्सपेयर ने ऐसे किसी भी ट्रांजैक्शन से इनकार किया और कहा कि पूरा केस बिना किसी एग्रीमेंट, रसीद या फाइनेंशियल ट्रेल के बिना किसी कन्फर्मेशन वाले थर्ड-पार्टी डिजिटल डेटा पर आधारित था. यह ट्रिब्यूनल के सामने मुख्य मुद्दा बन गया. इसके बाद केस पर सुनवाई शुरू हुई.

ITAT की क्या रही फाइंडिंग

15 अक्टूबर, 2025 के अपने ऑर्डर में ITAT ने टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से भरोसा किए गए मटीरियल की बारीकी से जांच की और बड़ी कमियां पाईं. ट्रिब्यूनल ने नोट किया कि WhatsApp चैट बिना कॉन्टेक्स्ट के थे, जबकि जिन इमेज और शीट्स पर भरोसा किया गया था, वे बिना साइन किए, बिना ऑथेंटिकेशन के और नॉन-स्पेसिफिक थीं. इसने यह भी पाया कि कोई डॉक्यूमेंट्री सबूत या ट्रांजैक्शन ट्रेल पेश नहीं किया गया था. जिन लोगों के फोन में चैट थे, उनमें से किसी ने भी किसी ट्रांजैंक्शन की पुष्टि नहीं की. इसमें शामिल कथित कंपनी ने टैक्सपेयर के साथ किसी भी तरह के लेन-देन से इनकार किया.

PM Kisan Aadhaar Seeding: रुकी हुई किस्त पाने का सबसे आसान तरीका, घर बैठे करें ये काम, खाते में आ जाएंगे पैसे…

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देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खबर है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 13 मार्च 2026 को पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है।

सरकार ने लगभग 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की है।

लेकिन, अभी भी कई ऐसे किसान भाई हैं जिनके मोबाइल पर पैसे आने का मैसेज नहीं आया है। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो घबराइए मत। ज्यादातर मामलों में पैसा सिर्फ एक छोटी सी तकनीकी गलती की वजह से रुका हुआ है। इसे आप घर बैठे सुधार सकते हैं।

पैसा रुकने की सबसे बड़ी वजह, आधार सीडिंग

सरकार अब सारा पैसा DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजती है। इसका मतलब है कि पैसा उसी खाते में जाएगा जो आपके आधार कार्ड से जुड़ा (Seeded) होगा। अगर आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो आपकी किस्त बीच में ही लटक सकती है।

PM Kisan Update: 22वीं किस्त जारी, अब कब आएंगे अगली बार खाते में पैसे? 23वीं किस्त को लेकर आया अपडेट

PM Kisan: कैसे चेक करें अपना स्टेटस?

सबसे पहले यह जान लें कि आपको कुछ करने की जरूरत है भी या नहीं। इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:

पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।

वहां ‘Know Your Status’ वाले विकल्प पर ।

अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालें।

अब आपके सामने एक पेज खुलेगा। वहां चेक करें कि ‘Aadhaar Bank Seeding Status’ के सामने ‘Yes’ लिखा है या ‘No’।

अगर वहां ‘No’ लिखा है, तो आपको तुरंत इसे ठीक करना होगा।

PM Kisan Samman Nidhi: रुकी हुई किस्त पाने का सबसे आसान तरीका

आधार सीडिंग को ऑनलाइन ठीक करना अब बहुत आसान हो गया है। आप अपने बैंक की वेबसाइट या NPCI के पोर्टल पर जाकर इसे अपडेट कर सकते हैं।

NPCI पोर्टल का इस्तेमाल:

आप ‘Bharat Aadhaar Seeding Enabler’ (BASE) की वेबसाइट पर जाकर अपना आधार नंबर और बैंक का नाम चुनकर इसे लिंक कर सकते हैं।

बैंक जाकर:

अगर आप ऑनलाइन काम करने में सहज नहीं हैं, तो अपनी बैंक शाखा में जाकर एक ‘आधार सीडिंग फॉर्म’ भरें। बैंक कर्मचारी 24 से 48 घंटे में इसे अपडेट कर देगा।

PM Kisan: e-KYC भी है जरूरी

आधार सीडिंग के साथ-साथ यह भी देख लें कि आपकी e-KYC पूरी है या नहीं। इसके बिना भी पैसा अटक जाता है। आप PM-KISAN GoI ऐप डाउनलोड करके अपना चेहरा स्कैन (Face Authentication) करके भी केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।

याद रखें:

अगर आप अपनी डिटेल्स आज अपडेट करते हैं, तो रुकी हुई किस्त आने वाली अगली किस्त के साथ आपके खाते में जमा कर दी जाएगी।

Mumbai Bihar Bhavan: मुंबई में बनेगा ‘बिहार भवन’, 314 करोड़ की लागत से तैयार होगी 30 मंजिला बिल्डिंग…

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Mumbai Bihar Bhavan: देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में रहने वाले बिहार मूल के लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई में प्रस्तावित बिहार भवन प्रोजेक्ट को लेकर अब तेजी देखने को मिल रही है।

” बिहार सरकार द्वारा टेंडर जारी करने के बाद इस परियोजना की डिजाइन को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे साफ है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह भव्य भवन मुंबई के वाडी बंदर इलाके में पी. डी’मेलियो रोड पर बनाया जाएगा। यह ग्राउंड फ्लोर के अलावा कुल 30 मंजिल का होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुंबई में रहने वाले बिहार के लोगों को एक स्थायी कम्युनिटी और सांस्कृतिक केंद्र मिल जाएगा।

Mumbai Bihar Bhavan: कम्युनिटी और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र

– योजना के अनुसार, बिहार भवन सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि एक मल्टी-फंक्शनल सेंटर होगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक बैठकें और सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

– इसके अलावा, यह भवन प्रवासी बिहारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र के रूप में भी काम करेगा। मुंबई आने वाले प्रवासी बिहार के लोगों के पास रहने के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प होगा।

Bihar Bhavan: 314 करोड़ की लागत से बनेगा प्रोजेक्ट

बिहार फाउंडेशन मुंबई चैप्टर के प्रवक्ता मनोज सिंह राजपूत के अनुसार, इस परियोजना के लिए लगभग 314 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। भवन में निवेश प्रोत्साहन केंद्र, गेस्ट रूम और अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।

पहले मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की थी जमीन

बताया जा रहा है कि यह जमीन पहले मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अधीन थी, जिसे वर्ष 2023 में बिहार सरकार को आवंटित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के जरिए बिहार से मुंबई आने वाले लोगों को न सिर्फ ठहरने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह बिहार भवन मुंबई में रहने वाले और आने वाले बिहारियों के लिए एक बड़े सहारे के रूप में उभरेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा।