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छत्तीसगढ़ : नकली खोवा खपने की आशंका, प्रशासनिक टीम कर रही होटलों की पड़ताल

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दिवाली त्यौहार में मिठाइयों की भारी डिमांड रहती है। इसका फायदा उठाकर मिलावटखोर नकली खोवा खपाने की फिराक में रहते हैं। मामले को कलेक्टर ने संज्ञान में लिया। फलस्वरूप प्रशासनिक टीम होटलों और मिष्ठान भंडारों में जाकर जांच-पड़ताल कर रही है।

मिलावटी खोवा की मिठाइयां खपने की आशंका शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। समाचार को संज्ञान में लेकर कलेक्टर रजत बंसल ने छापामार कार्रवाई के निर्देश जारी किये। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सहित संयुक्त विभागीय दलों के द्वारा शहर के विभिन्न होटलों व मिष्ठान्न भण्डारों में दबिश देकर जांच-पड़ताल कर रही है। सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि राजस्व विभाग, नगर निगम व खाद्य एवं औषधि प्रशासन के संयुक्त दल द्वारा धमतरी शहर की विभिन्न मिठाई दुकानों और होटलों में पड़ताल की गई। गुणवत्तापूर्वक सामग्रियों का इस्तेमाल करने, स्वच्छता कायम रखने के निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर संयुक्त दल द्वारा चालानी कार्यवाही की गई, खाद्य पदार्थ निर्माण में लगे लोगों को मेडिकल कैप, हैंड ग्लोव्स, स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के भी निर्देश दिए गए। संयुक्त दल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व, नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

पूर्व CM की डॉक्टर बहू की सांप के काटने से मौत…

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ध्य प्रदेशके पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल की बहू डॉक्टर रचना शुक्ला की सांप के काटने से बुधवार को देर रात कार्डियेक अरेस्ट से मौत हो गई।

बता दें कि उनको मंगलवार रात सांप ने डसा था जिसके बाद उनको जबलपुर के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया था। 23 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था।

घरवालों की दी जानकारी के अनुसार डॉ. रचना शुक्ल मंगलवार की शाम अस्पताल से लौटी थीं। वह जब अपनी कार में सब्जी लेने वापस गईं तो उनको किसी कीड़े के काटने का अहसास हुआ। जब उन्होंने टार्च जलाकर देखा तो वहां सांप था। रचना ने तुरंत इसकी जानकारी अपने पति अनिरुद्ध को दी। इसके बाद घरवाले उनको लेकर अस्पताल गए।

मीडिया रिपोर्ट्सके अनुसार, तबीयत बिगड़ने के बाद उनको दोबारा अस्पताल लाया गया था। जहां उनको एक के बाद एक कार्डियेक कार्डियेक अरेस्ट आए और उनकी सांसे हमेशा के लिए थम गईं। डॉक्टरो ने बताया कि उनके पूरे शरीर में सांप का जहर फैल गया था। इलाज के बावजूद भी उनको नहीं बचा सके। रचना जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल में पदस्थ थीं।

छत्तीसगढ़ : पत्नी मायके से नहीं लौट रही थी, गुस्से में बेटे व बेटी को मारकर कुएं में फेंक दी लाश

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पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम सोनसरी में दरिंदे पिता ने अपने एक बेटे व एक बेटी हत्या कर उनकी लाश कुएं में फेंक दी। वजह यह कि उसकी पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी और उसके बार-बार कहने के बाद भी ससुराल नहीं आ रही थी। इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

ग्राम सोनसरी निवासी दशरथ विश्वकर्मा पिता चंदराम विश्वकर्मा (40) रोजी-मजदूरी करता है। उसकी पत्नी कौशिल्या बाई भी घरेलू काम करती है। दशरथ के चार बच्चे थे, जिनमें सुनील विश्वकर्मा (12), सुमित विश्वकर्मा (10), आशा विश्वकर्मा (सात) व शशि विश्वकर्मा (दो) शामिल हैं। दशरथ अपनी पत्नी के साथ आए दिन मारपीट करता था और सनकी था। इससे त्रस्त होकर वह अपने बड़े बेटे सुनील व छोटी बेटी शशि को लेकर चार माह पहले जांजगीर-चांपा जिले के मोहदा स्थित अपने मायके चली गई थी। इस बीच बेटा सुमित व आशा गांव में दादा चंदराम, दादी पुन्नीबाई व बुआ के साथ रह रहे थे। पत्नी के मायके जाने के बाद दशरथ उसे बार-बार ससुराल लौटने की बात कह रहा था। लेकिन, कौशिल्या वापस आने के लिए तैयार नहीं थी। इसके चलते दशरथ आक्रोश में था। घटना गुरुवार की रात की है। दोनों भाई बहन सुमित व आशा पड़ोस में रामायण कीर्तन सुनने चले गए थे। उनके लौटने पर दशरथ उनसे गाली-गलौज कर विवाद करने लगा। दरअसल, वह पत्नी के नहीं लौटने का गुस्सा बच्चों पर उतारता था। इस पर उसके पिता चंदराम ने उसे मना किया। इसके बाद वह बच्चों को लेकर कमरे में चला गया। फिर अंदर उनके साथ मारपीट करते हुए उनका गला दबा दिया। बच्चों की पिटाई की आवाज सुनकर चंदराम व परिजन कमरे का दरवाजा खटखटाते रहे। काफी मशक्कत के बाद उसने दरवाजा खोला। लेकिन, तब तक बच्चे बेहोश हो गए थे। इस बीच परिजन आसपास के लोगों को बुलाने के लिए निकले। इतने में मौका पाकर उसने दोनों बच्चों को कुएं में डाल दिया। जब तक परिजन को इसकी भनक लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी और बच्चों की मौत हो गई थी। तड़के करीब चार बजे इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। दो बच्चों की हत्या की खबर मिलते ही पुलिस भी गांव पहुंच गई। तब तक गांव में सनसनी फैल गई थी और आसपास के लोगों की भीड़ जुटी थी। पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं आरोपित दशरथ के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

सदमे में है मासूम बच्चों की मां

दो बच्चों की हत्या की खबर उनकी मां कौशिल्या को दी गई। खबर मिलते ही मायके से वह परिजन के साथ गांव पहुंची। अपने मासूम बच्चों को देखकर वह बिलख-बिलखकर रोने लगी। देखते ही देखते महिला सदम में आकर बदहवाश हो गई।

हत्यारे पिता के चेहरे पर नहीं थी सिकन

पुलिस ने सबसे पहले आरोपित दशरथ को पकड़ लिया। जानकारी जुटाने व शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद उससे पूछताछ भी की। इस दौरान उसके चेहरे पर सिकन तक नहीं थी। उसने पुलिस को बताया कि वह बार-बार पत्नी को वापस बुला रहा था। लेकिन, वह अपनी जिद पर अड़ी थी। इसके चलते ही उसने आवेश में आकर बच्चों की हत्या की है। आरोपित को अपनी करतूत पर कोई पछतावा भी नहीं है। यही वजह है कि वह पूरे समय पुलिस के सामने खुलकर बातें करता रहा।

गांव में होती रही चर्चा

दो भाई-बहन की बेरहमी से की गई हत्या को लेकर पूरे गांव के साथ ही आसपास में भी चर्चा होती रही। धनतेरस त्योहार के दिन हुई इस घटना को लेकर ग्रामीण सनकी पिता को ही कोसते रहे।

दो बच्चों के साथ उन्हें भी ले जाती, तो नहीं होती हत्या

अपने कलेजे के टुकड़े के शव को देखकर उनकी मां कौशिल्या अपने आप को ही दोषी ठहराती रही। अब उसके मन में पछतावा हो रहा है कि चार माह पहले ही वह दो बच्चों के साथ इन्हें भी लेकर चली जाती, तब यह दिन देखने को नहीं मिलता।

बर्थडे : रवीना टंडन को इस एक्‍टर पर था क्रश, जानें ये अनुसनी बातें…

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बॉलीवुड की ‘मस्‍त-मस्‍त गर्ल’ रवीना टंडन का आज जन्‍मदिन है. रवीना की गिनती 90 के दशक की सबसे हॉट अभिनेत्र‍ियों में होती है. अपनी खूबसूरती और चुलबुलेपन से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली रवीना का जन्‍म 26 अक्टूबर 1974 को हुआ था. रवीना ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 1991 में सलमान खान के साथ फिल्‍म ‘पत्‍थर के फूल’ से की थी. फिल्‍म ज्‍यादा नहीं चली लेकिन इसके गाने लोगों को खूब पसंद आये थे. रवीना टंडन आज फिल्‍मों से दूर हैं लेकिन किसी भी मुद्दे पर अपनी राय बेबाकी से रखती हैं.

रवीना ने मुंबई के जुहू स्थित जमनाबाई पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है. इसके बाद उन्‍होंने मीठीबाई कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और इस दौरान ही उन्‍हें फिल्में ऑफर होने लगी. जिसके बाद रवीना ने सेकेंड ईयर में ही पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया.

नाम का राज

रवीना के नाम के पीछे एक दिलचस्‍प राज जुड़ा है. उनका नाम उनके पिता रवि और मां वीना को मिलाकर रखा गया है. उनका निकनेम मुनमुन है जो उन्‍हें उनके मामा एक्‍टर मैकमोहन ने दिया था. रवीना टंडन को बॉलीवुड में ‘मस्त- मस्‍त गर्ल’ नाम से भी जाना जाता है. फिल्‍म मोहरा में अक्षय कुमार और उनपर फिल्‍माया गाना ‘तू चीज बड़ी है मस्‍त-मस्‍त’ सुपरहिट हुआ था. जिसके बाद रवीना बॉलीवुड की ‘मस्‍त-मस्‍त गर्ल’ बन गईं.

इस स्‍टार पर क्रश

रवीना टंडन की अफेयर की चर्चा भले ही अक्षय कुमार से रही हो लेकिन उन्‍हें ऋषि कपूर पर क्रश था. रवीना ने ये बात फिल्‍म ‘बॉम्‍बे वेलवेट’ के प्रमोशन के दौरान कही थी. इस फिल्‍म में ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर ने काम किया था. अभिनेत्री के मुताबिक, रणबीर को देखते ही उन्‍हें रणबीर की याद आ जाती है.

अक्षय कुमार से था अफेयर

फिल्‍म मोहरा के बाद अक्षय कुमार और रवीना टंडन की लव अफेयर की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था. इनकी प्रेमकहानी की खबरें सुर्खियों में थी. खबरों के मुताबिक, साल 2009 में रवीना टंडन ने एक इंटरव्यू में अक्षय कुमार के साथ सगाई की खबर भी बताई थी. हालां‍कि दोनों का ब्रेकअप हो गया. उस दौरान एक इंटरव्‍यू में रवीना टंडन ने यह भी कहा था कि अक्षय कुमार एकसाथ 3-3 लड़कियों को डेट कर रहे हैं. पिछले दिनों एक इंटरव्‍यू में रवीना ने अक्षय को अपना अच्‍छा दोस्‍त बताया था.

अनिल थडानी से की है शादी

रवीना ने 22 फरवरी 2004 को फिल्ममेकर अनिल थंडानी से शादी कर ली थी. रवीना की पहली लेकिन अनिल की यह दूसरी शादी थी. दोनों के दो बच्‍चे हैं बेटी राशा और बेटा रणबीर. इसके अलावा शादी से पहले ही उन्‍होंने दो बेटियों को गोद भी लिया था. इस तरह रवीना इस समय चार बच्चों का मां है.

चर्चित फिल्‍में

रवीना ने ‘दिलवाले’, ‘मोहरा’, ‘पत्‍थर के फूल’, ‘सत्‍ता’, ‘लाडला’, ‘जिद्दी’, ‘अंदाज अपना अपना’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘दूल्हे राजा’, ‘परदेसी बाबू’ जैसी कई हिट फिल्मों में अभिनय करके वाहवाही बटोरी. रवीना की जोड़ी अजय देवगन, अक्षय कुमार, सनी देओल और गोविंदा के साथ पर्दे पर खूब सराही गई. फिलहाल रवीना के आगामी किसी नये प्रोजेक्‍ट से जुड़ने की कोई जानकारी नहीं हैं.

छत्तीसगढ़ : दीपावली के दिन होगा पीएम आवास हितग्राहियों का गृह प्रवेश

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पूर्ण हो चुके आवास के फोटोग्राफ अंतिम भुगतान के लिए जिला पंचायत पहुंचे हैं। इस पर सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया गया है कि वे पूर्ण हो चुके आवास में हितग्राहियों का धनतेरस से दीपावली के बीच गृह प्रवेश कराएं। इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल हों। इसके फोटोग्राफ भी जिला पंचायत भेजन के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी आदेश के बाद अब पीएम आवास ग्रामीण के हितग्राहियों का त्योहार के मौके पर गृह प्रवेश कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें वे हितग्राही आएंगे जिनके मकान हाल ही में बनकर तैयार हुए हैं। उनका अंतिम भुगतान के लिए फाइल जिला पंचायत पहुंच चुकी है। अब अंतिम किश्त गृह प्रवेश के बाद आवंटित होगी। गृह प्रवेश उत्सव में ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, विकासखंड समन्वयक व गांव के नागरिकों को आमंत्रित करने के लिए कहा गया है।

बिक गई उदयपुर की सबसे खूबसूरत 5 सितारा होटल लीला, ब्रुकफील्ड ने 2.13 अरब में खरीदा

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उदयपुर. विश्‍व के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक उदयपुर के पीछोला किनारे स्थित पांच सितारा होटल लीला को 2 अरब 13 लाख रुपए में होटल लीला वेंचर्स से खरीद लिया. इस सौदे से सरकार को भी 16 करोड़ से ज्यादा की स्टांप ड्यूटी मिली है. कंपनी ने पहले 1 अरब और 87 लाख रुपए में खरीद के दस्तावेज पेश किए थे, लेकिन मूल्यांकन में इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 2 अरब 13 लाख रुपए सामने आई.

डीआईजी स्टाम्प श्वेता फगेड़िया ने बताया कि मूल्यांकन के लिए पंजीयन कार्यालय की टीम ने होटल लीला वेंचर्स के 80 लग्जरी रूम्स, फ्लेट्स, पार्किंग एरिया आदि का मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की. पंजीयन कार्यालय-2 के अधिकारियों के मुताबिक लीला होटल पैलेस उदयपुर का बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट स्क्लोस उदयपुर प्राइवेट लिमिटेड, ब्रुकफील्ड ग्रुप ऑफ कनाडा के बीच हुआ है. गौरतलब है कि मुंबई स्टॉक्स एक्सचेंज ने अधिसूचना जारी कर बताया था कि होटल लीला वेंचर्स के बिजनेस को अब ब्रुकफील्ड कंपनी ने खरीद लिया है. दोनों के बीच बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट हुआ है. होटल लीला वेंचर्स के भी 18 मार्च और 10 अगस्त, 2019 को पोस्टल वाॅलेट नोटिस में जिक्र है कि उनका बिजनेस ब्रुकफील्ड ने खरीद लिया है.

प्रतिद्वंद्वी समूहों को टक्कर देते समूह में आई पूंजी की कमी

होटल लीला वेंचर को 1986 में सीपी कृष्णन नैयर ने शुरू किया था. एक समय ऐसा था, जब होटल लीला वेंचर अपने कारोबारी प्रतिद्वंद्वी होटल समूहों को कड़ी टक्कर देता था. कुछ साल से होटल पूंजी की कमी से जूझ रहा है. होटल लीला वेंचर के नई दिल्ली, बेंगलुरू, चेन्नई, मुंबई और उदयपुर में 1,400 कमरों के लग्जरी होटल हैं. प्रबंधन ने एक रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा कि कंपनी बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली और उदयपुर स्थित होटलों के साथ ही लीला पैलेस एंड रिसोर्ट्स में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी.

छत्तीसगढ़ : उधारी में सिगरेट देने से मना करने पर दुकानदार की पिटाई

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पान ठेला संचालक ने उधारी में सिगरेट देने से मना कर दिया, तब युवकों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान तोड़फोड़ भी की। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।

सकरी निवासी निर्मल मसीह लोखंडी फाटक के पास पान ठेला चलाता है। गुरुवार की दोपहर सरीफ पटेल ठेले में आया। उसे सज्जन मसीह ने सिगरेट के लिए भेजा था। लेकिन, युवक ने उधारी में सिगरेट देने की मांग की। निर्मल ने उसे उधार देने से मना कर दिया। इस पर सरीफ पटेल हंगामा मचाने लगा। इस मामले की शिकायत सकरी थाने में की गई। फिर शाम को सज्जन उसकी दुकान में रज्जन को लेकर पहुंच गया। इस दौरान दोनों भाई मिलकर हंगामा मचाते हुए तोड़फोड़ करने लगे। उसके साथ जमकर मारपीट भी की गई। दुकानदार की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 294, 323, 327, 506(बी), 427, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

अयोध्या में इस बार दिये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

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शाम होते ही ये चिराग़ रोशन हो उठेंगे और अयोध्या का नाम एक बार फिर इतिहास में दर्ज हो जाएगा.

दो साल पहले शुरु हुए दिये के इस उत्सव को, जिसे ‘दीपोत्सव’ नाम दिया गया है, में चिराग़ों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती रही है, और इस बार साढ़े पांच लाख दियों के जलने के साथ कार्यक्रम का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो जाएगा.

सरयू नदी के किनारे बने राम की पौड़ी पर हर तरफ़ दिये ही दिये नज़र आते हैं.

गले में वॉलेंटियर वाला कार्ड लटकाए, झुके, अध-झुके, या फिर पूरी तरह ज़मीन पर बैठे, पचासों युवक-युवतियां इन्हें क़तारों में सजा रहे हैं. कहीं इन्हें फूलों की शक्ल दी गई है तो कहीं स्टील फ्रेम के डिज़ायनों पर चिपकाने से इन दियों ने एक नया रंग ले लिया है.

इला शुक्ला की स्वयंसेवी संस्था से तक़रीबन तीस बच्चे यहां आए हैं और वे इस आयोजन का हिस्सा नकर बहुत खुश हैं.

इस शोर-ओ-ग़ुल से बेख़बर कुछ स्थानीय पेंटर, घाट की सीढ़ियों से परे कार्डबोर्ड के बने हाथी, घोड़ों और ऊंटों को पेंट कर रहे हैं.

राम द्वार के पास वाली सड़क का कायम शायद अधूरा रह जाए लेकिन मुन्ना को यक़ीन है कि मंदिर के गेट की ऊपर वाली दीवार की पुताई कुछ घंटों में पूरी हो जाएगी.

बिहार से आए अजय कुमार झा हमें मोतिहारी मंदिर की तरफ़ जाते मिल जाते हैं और बताते हैं कि वो ‘पूरे कार्तिक माह अयोध्या में रहेंगे और पांच कोसी और तेरह कोसी परिक्रमा करके जाएंगे.’

अजय कुमार झा और पत्नी माला झा ने ‘दीपोत्सव के मुताल्लिक़ सुन रखा है इसलिए ख़ासतौर पर इसी समय अयोध्या आने का प्लान बनाया’ है.

दोपहर तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष अतिथि फिजी की मंत्री वीणा भटनागर के साथ यहां पहुंच जाएंगे. पिछले साल ख़ास मेहमान थीं दक्षिण कोरिया की किम जॉंग सुक.

उत्तर प्रदेश हुकूमत ने इंतज़ाम किया है रामायण से संबंधित कई झाकिंयों का – उनमें से एक में राम और सीता हेलीकॉप्टर से अवतरित होंगे और फिर भरत मिलाप होगा. फिर होगी आरती और दीपों को रोशन करने का काम.

राम की पौड़ी से पांच-सात सौ मीटर दूर अयोध्या शहर अपने हर रोज़ के रंग में जी रहा है, राम की पौड़ी के एक किनारे रामकथा जारी है.

पास ही ख़ड़े पुराने मंदिरों और कभी ख़ूबसूरत रहे मकानों को उनपर उग आए घास और पेड़ दरका रहे हैं.

स्थानीय पत्रकार स्कन्ददास कहते हैं ये सब संतों का खेल है, उनका भंडार चलता रहे, मठ में पैसे आते रहें उन्हें अयोध्या से कोई लेना देना नहीं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्यत: स्थानीय लोगों को दीपोत्सव स्थल पर मंत्रियों, अधिकारियों और पत्रकारों के जाने के बाद ही जाने को मिलता है, हां कुछ लोग वॉलेंटियर के तौर पर काम कर रहे होते हैं.

मगर इला शुक्ला का कहना है कि तीन साल पहले तक जब अयोध्या का नाम लेते थे तो सोचना पड़ता था लेकिन योगी जी ने सबकुछ बदल दिया.

अंजू रघुवंशी हालांकि विकास के सवाल पर कहती हैं कि हां इससे राम की पौड़ी का विकास तो हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों की ज़िंदगी में कोई विकास नहीं आया है.

छत्तीसगढ़ : नौवीं से 12वीं तक तिमाही परीक्षा पांच से

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जिले में इस साल कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की तिमाही परीक्षा नहीं हो पाई है। पांच नवंबर से तिमाही परीक्षा के लिए तारीख तय हुई है। इस बार जिला स्तर पर ही प्राचार्य परीक्षा लेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छमाही परीक्षा दिसंबर के दूसरे हफ्ते से लेगा। इस बार परीक्षा माशिमं करा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति बच्चे से 100 रुपये फीस ली जाएगी। इसमें छमाही और वार्षिक दोनों ही परीक्षाओं की फीस शामिल है।

खुशखबरीः तेजस एक्सप्रेस के किराए में भारी गिरावट, यात्री इन पांच दिनों में उठा लें फायदा

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नई दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस ने अपने किराए में 35 प्रतिशत की कमी की है। यह कीमत 27 से 31 अक्टूबर के बीच पांच दिनों के लिए ही हैं। दरअसल, त्यौहारों की वजह से तेजस एक्सप्रेस में काफी भीड़ बढ़ गई थी और वेटिंग ज्यादा हो गई थी। इस वजह से ट्रेन में चार कोच बढ़ा दिए गए। कोच बढ़ने से वेटिंग तो कंफर्म हो गईं लेकिन कई सीटें खाली रह गई। खाली सीटों को भरने के लिए आईआरसीटीसी ने किराए में कमी की है। हालांकि 1 नवंबर से अतिरिक्त कोच हटा लिए जाएंगे और पुराना किराया ही चार्ज किया जाएगा।

आईआरसीटीसी के चीफ रीजनल मैनेजर अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ से नई दिल्ली के लिए भीड़ ज्यादा है, जबकि नई दिल्ली से भीड़ कम है। ऐसे में तेजस के किराए में पांच दिनों तक 35 प्रतिशत की कमी की गई है। नए किराए इस प्रकार हैंः-

नई दिल्ली से लखनऊ का किराया

27 अक्टूबर12901820
28 अक्टूबर13601820
30 अक्टूबर12001730
31 अक्टूबर10751730

तेजस एक्सप्रेस में हवाई जहाज की तरह व्यक्तिगत एलसीडी एंटरटेनमेंट-कम-इंफोर्मेशन स्क्रीन, ऑन बोर्ड वाई-फाई सेवा, आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग, व्यक्तिगत रीडिंग लाइट्स, मोड्यूलर बायो-टॉयलेट और सेंसर टेप फिटिंग की सुविधाएं हैं।

तेजस एक्सप्रेस का टाइम टेबल

तेजस एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 82501) लखनऊ स्टेशन से सुबह 6.10 बजे छूटेगी और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन दोपहर 12.25 बजे पहुंचेगी। अपनी वापसी में ट्रेन नंबर 82502 हो जाएगी और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दोपहर 3.35 बजे छूटेगी और लखनऊ रात 10.05 बजे पहुंचेगी।