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छत्तीसगढ़ : बाजार में उमड़ी भीड़ को संभालने में पुलिस का छूटा पसीना

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राजधानी रायपुर में धनतेरस और लक्ष्मी पूजा की खरीदारी करने मुख्य बाजार में उमड़ी भीड़ को संभालने में पुलिस बल का पसीना छूट गया। खासकर मालवीय रोड, सदर बाजार, गोलबाजार, चिकनी मंदिर रोड, रहमानिया चौक पर शाम ढलते ही भारी भीड़ उमड़ने से जाम के हालात निर्मित हो गए। हालांकि थाने के पुलिस जवान और ट्रैफिक बल बार-बार भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही जाम को हटवाने में जुटे रहे। पुलिस ने ड्रोन कैमरे से पूरे बाजार की निगरानी करवाई। वहीं आइटीएमएस के तहत लगे कैमरे से भी बाजार की भीड़ पर पुलिस अफसर नजर रखे हुए थे। मुख्य बाजार में जाम लगने पर आइटीएमएस कंट्रोल रूम मैसेज प्रसारित कर बल को जाम हटाने निर्देशित किया जा रहा था। चार पहिया और दोपहिया वाहन से खरीदारी करने पहुंचे सैकड़ों लोगों ने निर्धारित पार्किंग स्थल पर गाड़ी पार्क की।

धनतेरस की खरीदारी करने के लिए मुख्य बाजार में करीब तीन लाख से अधिक लोग पहुंचे। इससे दिन भर बाजार गुलजार रहा। दीए की खरीदी से लेकर पूजन सामग्री खरीदने शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के रहवासी भी आए। धनतेरस के अवसर पर सराफा बाजार, कपड़ा, साज-सज्जाा के लिए फूल, झालर, लाइट, तोरण, मोर पंख, धान की रेशम का हार, आम का तोरण, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, बर्तन आदि की दिन भर मांग रही।

जगह-जगह फोर्स, नहीं हुई कोई वारदात

मुख्य बाजार में खरीदारी करने उमड़ी लोगों की भीड़ को ध्यान में रखकर करीब साढ़े तीन सौ पुलिस फोर्स की तैनाती जगह-जगह होने से कोई भी घटना नहीं हुई। हाथ मारने की फिराक में लगे उठाईगीर, चोर, लुटेरे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भांपकर शांत रहे। राजधानी में प्रवेश करने वाले 10 मार्गों पर पुलिस ने नाकाबंदी कर आने-जाने वाले वाहनों की जांच बुधवार रात से ही शुरू कर दी थी, वहीं 19 फिक्स पाइंट पर तैनात बल लगातार चेकिंग अभियान में जुटा रहा है। मुख्य बाजार में सभी पुलिस थानों की एक-एक पैदल पेट्रोलिंग पार्टी के साथ ट्रैफिक पुलिस की 27 बाइक पेट्रोलिंग और छह क्रेन पेट्रोलिंग घूम-घूमकर स्थिति का जाएजा लेती रही।

स्कार्फ बांधने वालों को रोका, तस्दीक के बाद छोड़ा

मालवीय रोड, सदर बाजार, गोलबाजार, एमजी रोड, केके रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पंडरी कपड़ा मार्केट के अलावा शहर के अन्य प्रमुख बाजार में पुलिस के जवान सादी वर्दी में घूम-घूमकर संदिग्ध चेहरों पर नजर गड़ाए हुए थे। चेहरे पर रूमाल या र्स्काप बांधकर घूमने वालों पचास से अधिक लोगों को रोक-रोक पूछताछ की गई। तस्दीक होने के बाद ही उन्हें छोड़ा। उठाईगीर, लुटेरे और चोरों को दबोचने के लिए महिला सिपाही सादी वर्दी में सोने-चांदी के जेवर पहनकर शाम से लेकर देर रात तक बाजार में घूमती रहीं लेकिन उनके जेवरों पर हाथ लगाने की जुर्रत कोई भी नहीं कर सका।

आउटर की कालोनी में फिर दबिश

दीपावली के मद्देनजर शुक्रवार सुबह फिर पुलिस बल ने हाउसिंग बोर्ड कालोनी सेजबहार, बोरिया खुर्द, बोरिया कला समेत अन्य कालोनियों में दबिश दी। इस दौरान मकानों में रहने वाले लोगों के नाम,पता लिखने के साथ उनका आईडी प्रूफ चेक किया गया। बिना किरायानामा और थाने को जानकारी दिए बगैर रहने वाले करीब बीस किराएदारों को थाने में बैठाया गया। बाद में मकान मालिक के आने पर तस्दीक के बाद छोड़ा गया। मकान मालिकों को हिदायत दी गई कि बिना आईडेंटी प्रूफ के किसी को भी मकान किराये पर न दे। पुलिस को किरायानामा के साथ किरायेदार की नियमित जानकारी दे।

इन आहार की मदद से आप पा सकते हैं फूड पॉइजनिंग में आराम

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कभी-कभी ऐसा होता है कि कुछ गलत खा लेने पर आपको फूड पाॅइजनिंग हो जाती है। यह स्थिति काफी गंभीर होती है और इसका समय पर इलाज होना आवश्यक है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ आसान उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप फूड पाॅइजनिंग में आराम पा सकते हैं-

दही करेगी कमाल

फूड पाॅइजनिंग होने पर दही का सेवन करना काफी अच्छा माना जाता है। इसके सेवन के लिए आप दही में थोड़ा पानी व शक्कर मिलाकर लस्सी बनाएं। अगर आपको मीठी दही पसंद नहीं है तो आप दही में थोड़ा काला नमक मिलाकर उसका सेवन भी कर सकते हैं।

सेब का सिरका

सेब का सिरका भी फूड पाॅइजनिंग का इलाज करता है। इसके सेवन के लिए दो चम्मच सेब के सिरके को एक कप गर्म पानी में मिलाएं और भोजन से पहले इसका सेवन करें।

नींबू का इस्तेमाल

नींबू में एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं जो फूड पाॅइजनिंग के बैक्टीरिया को मारकर आपको राहत दिलाते हैं। इसके सेवन के लिए आप एक कप गर्म पानी में थोड़ा नींबू का रस व शहद मिलाकर खाली पेट इसका सेवन करें या फिर आप पानी में नींबू व चीनी मिलाकर भी इसे पी सकते हैं।

छत्तीसगढ़ : विदेशियों में भी राजधानी के बच्चों को गोद लेने की चाहत

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राजधानी के मातृछाया में पल रहे अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए विदेशियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। रायपुर के सेवा भारती मातृछाया से पिछले दो साल के भीतर पांच बच्चों को विदेशियों ने गोद लेकर संतान सुख हासिल किया है। अमेरिका में सबसे अधिक चार और एक न्यूजीलैंड के दंपती ने बच्चों को गोद लिया है। विदेशों से अभी भी 10 से अधिक आवेदन कतार पर हैं। यह स्थिति तब है जब विदेशियों को बच्चा गोद लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है

साल 2015 से 2019 तक रायपुर से दूसरे राज्यों में 34 बच्चों को गोद लिया गया है। प्रदेश में ही करीब 35 बच्चों को गोद दिया गया है। इनमें 60 फीसद बालिकाएं है। बालकों की अपेक्षा बालिकाओं को गोद लेने के लिए ज्यादा आवेदन आ रहे हैं, जो इस बात को दर्शाता है कि लोगों की मानसिकता में परिवर्तन आ रहा है। गौरतलब है कि पहले किसी अनाथ बच्चे को गोद लेना बहुत आसान था। महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन के बाद जिला जज की अनुमति से बच्चा मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। बच्चा उसी व्यक्ति को गोद दिया जा रहा है, जो बेहतर ढंग से देखभाल और लालन पालन कर सके। बच्चे को गोद लेने के लिए आठ से नौ महीने का समय लग रहा है।

अब कठिन हो गए हैं नियम

विदेशियों को भारत में बच्चा गोद लेने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रक्रिया भले ही सामान्य लगती हो, लेकिन व्यवहारिक तौर पर बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। प्रवासी भारतीयों सहित विदेशियों को अपने देश में पंजीकृत एडॉप्शन एजेंसी के माध्यम से ही अपील दर्ज करनी होती है, जिन्हें भारत में भी काम करने की इजाजत हो। भारत में ऐसे मामलों की कागजी कार्रवाई सरकार द्वारा पंजीकृत एजेंसियां ही कर सकती हैं। अब वे देश की किसी भी अदालत में सीधे तौर पर विदेशी नागरिक गोद लेने का आवेदन नहीं कर सकते।

उच्चायोग में अटेस्टेड करना होता है

गोद लेने वाले परिवारों की स्थिति का आकलन, पुलिस रिपोर्ट, परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति, आय और स्वास्थ्य सर्टिफिकेट आदि देने होते हैं। इन दस्तावेजों को भारतीय दूतावास या उच्चायोग में अटेस्टेड किया जाता है।

प्रदेश में दो तरह की योजनाएं

दत्तक ग्रहण योजना : इस योजना के तहत शून्य से छह साल तक के बच्चों को गोद लिया जाता है।

फोस्टर केयर योजनाः इस योजना के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को गोद लेते हैं। लेकिन प्रदेश में दंपती फोस्टर केयर में कम दिलचस्पी ले रहे हैं, गोद लेना ज्यादा पसंद करते हैं।

एक बच्चे के लिए दस आवेदन

अभी मातृछाया में 19 बच्चे पल रहे हैं । इन्हें गोद लेने के लिए अभी 200 आवेदन हैं। गौरतलब है कि किसी अनाथ बच्चे को गोद लेना चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के छह से आठ माह इंतजार के बाद ही आप बच्चा गोद ले पाएंगे। अब सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी की वेबसाइट पर आवेदन के समय ईमेल आइडी, मोबाइल नंबर, पैनकार्ड समेत कई प्रमाण पत्र देने होंगे। योजना के तहत आवेदन के बाद छह बच्चों की फोटो, नाम आदि विवरण आवेदनकर्ता को उसकी ई-मेल आइडी पर भेजी जाएगी।

यह प्रपत्र जरूरी

0 दंपती में से किसी एक के पास पैन कार्ड होना चाहिए।

0 फोटोग्राफ, ईमेल आइडी, मोबाइल नंबर।

0 आयकर रिटर्न या आय प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र।

0 अगर तलाक हो गया है तो तलाक का प्रमाण पत्र, पति या

पत्नी में किसी मृत्यु हो गई है तो उसका प्रमाण पत्र।

0 विवाह नहीं किया है अकेले रहते हैं तो कोई बात नहीं।

0 कोई संक्रामक रोग या गंभीर रोग नहीं, इसका प्रमाण पत्र देना होगा।

यहां करें आवेदन

डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट सीएआरए डॉट एनआइसी डॉट इन

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वर्जन

बच्चों को गोद लेने के लिए अब विदेश से भी आवेदन आ रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें बच्चा गोद दिया जा रहा है।

-नवनीत स्वर्णकार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रायपुर

बटर का सेवन करने से शरीर में नहीं होती विटामिन की कमी

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आज के समय में अधिकतर लोग अपनी हेल्थ को लेकर काफी काॅन्शियस हो गए हैं। अमूमन लोग बटर को अनहेल्दी मानते हैं और शायद यही कारण है कि वे उसे अपने आहार का हिस्सा नहीं बनाते। लेकिन बटर खाने से भी आपको कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। तेा चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में बता रहे हैं-

बटर का सेवन करने से शरीर में विटामिन्स की कमी नहीं होती। दरअसल, बटर वसा का मुख्य सोर्स है और इसमें विटामिन ए, ई और के2 भी काफी मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में बटर का सेवन करने से आपको विटामिन प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।

वहीं मक्खन में प्रोसेस्ड और ट्रांसफैट की जगह सैचुरैटेड फैट पाया जाता है। सैचुरेटेड फैट से एचडीएल नाम का कोलेस्ट्राल बढ़ता है जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल तोड़कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल में बदलता है। इस प्रकार यह नुकसानदायक नहीं होता।

कुछ लोग मानते हैं कि बटर से आपका फैट बढ़ता है, जबकि वास्तव में यह गलत है। वास्तव में, यह मोटापा घटाने का भी काम करता है। दरअसल इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो मेटाबाॅलिज्म को तेज करते हैं, जिससे वेट लाॅस प्रोसेस काफी तेजी से होता है।

Diwali 2019 : धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में बाजार हुआ गुलजार, 1500 करोड़ का कारोबार

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 पिछले कई महीनों से सुस्त चल रहा बाजार गुलजार हो गया। धनतेरस पर सुबह से सड़कों से लेकर संस्थानों तक भीड़ उमड़ी रही और लोगों ने जमकर खरीदारी की। सबसे खास बात यह रही कि इस धनतेरस कार-बाइक अपनी फुल स्पीड में भागे। कीमत ज्यादा होने के कारण घबरा रहे सराफा कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। सभी सेक्टरों को मिलाकर पिछली धनतेरस की तुलना में इस साल छत्तीसगढ़ का कारोबार 30 फीसद बढ़ोतरी के साथ 1500 करोड़ पार हो गया। छत्तीसगढ़ के कारोबार में सर्वाधिक योगदान ऑटोमोबाइल सेक्टर का रहा। ऑटोमोबाइल और सराफा के बाद सबसे ज्यादा बढ़ोतरी वाले सेक्टरों में मोबाइल की बिक्री जबरदस्त रही। बताया जा रहा है कि पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स सेग्मेंट की बिक्री में मोबाइल की बिक्री का बड़ा योगदान है।

बर्तनों की भी चमक बढ़ी : पिछल साल की तुलना में बर्तनों की चमक में भी जबरदस्त बढ़ोतरी रही। होम एप्लयांसेस मार्केट में चल रहे ऑफरों का फायदा लोगों ने जमकर उठाया और इस सेक्टर में करीब 20 फीसद की तेजी रही। गोल बाजार स्थित बर्तन दुकानों के साथ ही होम एप्लयांसेस के बड़े-बड़े संस्थानों में भी लोगों की जबरदस्त भीड़ लगी रही।

सराफा में 30 फीसद ज्यादा कारोबार

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव इसकी खरीदारी में नहीं पड़ा और लोगों ने जमकर पसंदीदा आभूषणों की खरीदारी की। रजवाड़ा कलेक्शन, ब्राइडल कलेक्शन और लाइटवेट गहनों की बुकिंग लोगों ने शुभ मुहूर्तों के लिए पहले से ही करा ली थी। धनतेरस के दिन गहनों के साथ ही क्वाइन की भी खरीदारी रही। इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी रही, लेकिन इसके बावजूद सराफा कारोबार में 30 फीसद से अधिक की बढ़ोतरी रही। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण गहनों के नए कलेक्शन के साथ ही ज्वेलरों द्वारा दिए जाने वाले ऑफर माने जा रहे है।

छत्तीसगढ़ की सड़कों पर उतरीं 50 हजार बाइक और 4500 कारें

धनतेरस का बाजार उभारने में सबसे बड़ा योगदान ऑटोमोबाइल सेक्टर का रहा। बताया जा रहा है कि दशहरे से लेकर धनतेरस तक की स्थिति में प्रदेश की सड़कों पर 50 हजार से अधिक बाइक और 4500 से अधिक कारें उतरी हैं। इनके साथ ही कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और कमर्शियल वाहनों की भी जमकर खरीदारी हुई। कारोबारियों का कहना है कि अकेले ऑटोमोबाइल का कारोबार ही 600 करोड़ पार कर गया। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी पिछले साल की तुलना में 25 से 30 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दोपहर बाद जबरदस्त खरीदारी, देर रात तक चली

ज्वेलरी, कार-बाइक, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन की खरीदारी में दोपहर बाद जबरदस्त तेजी रही और संस्थानों में ग्राहकों की भीड़ देर रात तक चलती रही। संस्थानों में बढ़ी भीड़ का एक कारण यह भी रहा कि दो दिन बाद शुक्रवार को मौसम थोड़ा खुला और लोगों ने खरीदारी में फुर्ती दिखाई। संस्थानों ने ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए अलग से काउंटरों के साथ ही वाहन पार्किंग के लिए भी अलग से व्यवस्था की।

लहसुन के तेल का करें उपयोग, जल्द दूर होंगी ये बीमारियां

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जोड़ों के दर्द के बहुत से कारण हो सकते हैं। जैसे कि चोट और एलर्जी या संक्रमण। आज हम आपको बता रहे है कुछ तरीके जिसे अपनाकर आप जोड़ों के दर्द से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं।

आपको बस करना ये होगा कि घर में रखी इन चीजों का ऐसे इस्तेमाल करना होगा। एक दिन छोड़कर भी आप ये नुस्खे आजमाएंगे तो आपको 1 महीने में ही फायदा होना प्रारम्भ हो जाएगा।
1-एक गिलास गर्म पानी में 1 टीस्पून हल्दी मिलाकर रात को पीएं. आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला सकती है। 2 कप पानी को उबाल कर उसमें 1/2 टीस्पून अदरक और हल्दी मिलाकर पीएं। इससे बहुत आराम मिलेगा।

2-जीरे के बीज, काली मिर्च और अदरक को पीस लें। 1/2 चम्मच इस मिश्रण को पानी के साथ खाएं। दिन में तीन बार इसका सेवन अवश्य करें।
3-प्याज को जड़ों समेत पकाएं और सलाद के रूप में खाएं। अपने भोजन के साथ कच्चा प्याज का सेवन अवश्य करें।

छत्तीसगढ़ : पत्थर से कुलचकर अज्ञात युवक की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीती रात अज्ञात व्यक्ति की एक्सप्रेस-वे के पास पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई। गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी देर रात की है। एक्सप्रेस-वे के नीचे कुछ लोग जुआ खेलते देखे गए थे। दीपावली पर्व पर जुआरियों की संख्या यहां बढ़ जाती है। ऐसा माना जा रहा है कि जुआ खेलने के दौरान आपस में विवाद हुआ होगा और नशे की हालत में युवक के साथियों ने ही पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। बहरहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाने से पुलिस को कोई लीड नहीं मिल पायी है। संदेह के आधार पर आसपास के कुछ असामाजिक तत्वों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रथम दृष्टया मामला जुआ खेलने के दौरान रुपये के लेनदेन के विवाद को लेकर हत्या होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से और आसपास के लोगों की मदद से मृतक की पहचान करने में जुटी है।

मौके पर पहुंची पुलिस की टीम का कहना है कि युवक की पहचान हो जाने से हत्या का कारण और आरोपियों तक पहुंच पाना आसान होगा।

प्रेरणादायक: 22 वर्षों से प्लास्टिक के कचरे से सजावटी सामान बना रही हैं कल्पना ठाकुर

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 पर्यावरण को प्रदूषित करने में प्लास्टिक के कचरे का बहुत ज्यादा योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने स्वच्छता अभियान (Swacchta Abhiyan) के तहत इसी साल दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की थी. अब हिमाचल सरकार ने इस दिशा में सख्ती से कदम उठाया है. कुल्लू जिले के मनाली की रहने वाली कल्पना ठाकुर (Kalpana Thakur) ने अपने तरीके से प्लास्टिक को ठिकाने का नया तरीका ढूंढ निकाला है जो काफी हद तक कामयाब साबित हो रहा है. कल्पना ठाकुर ने आज से नहीं, बल्कि 22 वर्ष पहले यह मुहिम शुरू की थी.

कौन हैं कल्पना ठाकुर

कल्पना ठाकुर मूल रूप से लाहौल स्पीति जिले के चौंखग गांव की रहने वाली है, लेकिन पिछले कई वर्षों से वो अपने परिवार के साथ मनाली में रहती हैं. कल्पना ठाकुर ने प्लास्टिक के कचरे को फिर से प्रयोग में लाकर इससे खूबसूरत कलाकृतियां तैयार की हैं. साथ ही वो इसके दोबारा उपयोग के बारे में लोगों को भी जागरूक कर रही हैं. कल्पना ठाकुर द्वारा चलाई जा रही इस मुहिम की हर कोई प्रंशसा कर रहा है.

कई संस्थाओं ने कल्पना को किया सम्मानित

कल्पना ठाकुर को उनके काम के लिए अब तक कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है. कल्पना ठाकुर ने न्यूज़ 18 हिमाचल से अपने विचार साझा करते हुए बताया कि वो लगभग 22 वर्ष से प्लास्टिक कचरे से कई तरह का सजावटी सामान बनाती आई हैं. उन्होंने बताया कि वो अपने आसपास पड़े प्लास्टिक के कचरे को इकट्ठा करती हैं. वो इनसे घर सजाने के लिए कई तरह की चीजें बनाती हैं.

मनाली में प्लास्टिक की थैलियों पर जब बैन लगा तब… कल्पना ने कहा कि वो पहले काफी प्लास्टिक का प्रयोग करती थी, लेकिन एक बार मनाली में प्लास्टिक से बने लिफाफों पर प्रतिबंध लग गया. इसके बाद मुझे ही नहीं सभी को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा. उन्हें प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जब पता लगा तो उन्होंने इसका प्रयोग कम करना आरंभ किया और पुराने प्लास्टिक के कचरे को ही दोबारा प्रयोग में लाकर कई तरह की कलाकृतियां बनानी शुरू की. उनकी इस पहल को लोगों ने काफी पंसद किया.

‘प्लास्टिक फेंकने से पहले एक बार पर्यावरण की चिंता जरूर करें’

उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा भी सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान छेड़ा गया है, जो काफी सराहनीय है. कल्पना ठाकुर ने आम जनता से अपील की कि वो प्लास्टिक की चीजों का उपयोग कम से कम करें, और यदि करना भी पड़ रहा है तो उसे फेंकने से पहले एक बार पर्यावरण के स्वास्थ्य के बारे में जरूर सोचें.

बड़ा झटका : छत्तीसगढ़ के 30 नर्सिंग कॉलेज पर जीरो ईयर की मुहर

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छत्तीसगढ़ के 93 निजी नर्सिंग कॉलेजों में से 30 को अंततः जीरो ईयर घोषित कर दिया गया है। आयुष विश्वविद्यालय ने दिवाली के ठीक पहले 41 कॉलेजों की संबद्धता सूची जारी कर दी, जिसमें सिर्फ 11 संबद्धता हासिल कर पाए हैं। यह प्रथम सूची है। 36 कॉलेजों को जीरो ईयर कर दिया गया है। 36 कॉलेज की सूची छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की वेबसाइट पर अपलोड थी। यह संयुक्त निरीक्षण के बाद की सूची थी, जिस पर हाई पॉवर कमेटी की भी मुहर लगी थी। मगर आयुष विवि और हाई पॉवर कमेटी ने कहा था कि अभी फैसला नहीं लिया गया है। कुछ कॉलेजों में दोबारा निरीक्षण करवाया जा रहा है। दोबारा निरीक्षण पूरी होने के बाद 36 में 30 कॉलेजों में इस साल दाखिले नहीं होंगे। सूत्रों के मुताबिक दिवाली के बाद आने वाली दूसरी संबद्धता सूची में कुछ और कॉलेज नप सकते हैं। बतां दें कि इन कॉलेजों में ढेरों कमियां थी। कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं तो थी ही नहीं, ये एक कमरे में ही संचालित थे।

11 कॉलेज जिन्हें दी गई अस्थायी संबद्धता-

कोलबिंया कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर- 50

जगदगुलऊ शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग रायपुर- 40

ग्रेसियस स्कूल ऑफ नर्सिंग कबीरधाम- 30

सीएम नर्सिंग कॉलेज दुर्ग- 60

रस्तोगी कॉलेज ऑफ नर्सिंग राजनांदगांव- 40

संदीपनी एकेडमी, दुर्ग- 20

सूर्या कॉलेज ऑफ नर्सिंग जगदलपुर- 40

इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, सूरजपुर- 30

आदेश्वर नर्सिंग इंस्टिट्यूट, कांकेर- 40

सेंट्रल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, राजनांदगांव- 30

विरेंद्र दीपक कॉलेज ऑप नर्सिंग, गरियाबंद- 30

अंततः 30 कॉलेज जीरो ईयर घोषित-

वेदांती विद्या नर्सिंग इंस्टिट्यूट बेमेतरा

दिशा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस सत्य विहार रायपुर

डॉ. राजेंद्र प्रसाद कॉलेज ऑफ नर्सिंग भिलाई

सूर्या कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चांपा

महाराणा प्रताप कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर

कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बिलासपुर

पुष्पेंद कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बलरामपुर

सीजी स्कूल ऑफ नर्सिंग, मुंगेली, बिलासपुर

श्रृष्टि इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर, कोरबा

कंफ्यूइंस कॉलेज ऑफ नर्सिंग, राजनांदगांव

महादेव हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग शांति नगर, बिलासपुर

हार्दिक कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर

मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कुम्हारी, दुर्ग

लवकुश इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, कोंडगांव

कोंडागांव कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बस्तर

जगदलपुर इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, जगदलपुर।

गायत्री इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, जगदलपुर

नर्सिंग कॉलेज सुकमा, सुकमा

लक्ष्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सरगुजा

बिलासा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग मिशन हॉस्पिटल, बिलासपुर

डिवाईन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बलरामपुर

होप्स इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, कोरबा

न्यू लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, कुसमुंडा, कोरबा

अशरफी देवी इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, बलरामपुर

अपार इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, जशपुर

भारती कॉलेज ऑफ नर्सिंग, दुर्ग

लवकुश इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, जशपुर

मार्गदर्शन संस्थान कॉलेज ऑफ नर्सिंग बैकुंठपुर, कोरिया

एके इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, मनेंद्रगढ़, अंबिकापुर

आयुष विश्वविद्यालय की तरफ से संबद्धता पहली सूची प्राप्त हुई है। अब काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बहुत जल्द त्यौहार के बाद फर्स्ट राउंड काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। नवंबर में सभी राउंड खत्म करने होंगे। – डॉ. जितेंद्र तिवारी, काउंसिलिंग सदस्य एवं प्रवक्ता, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय

भाप के जरिए बहते कान की समस्या से पाई जा सकती है राहत

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जब कभी कान बहने लगता है तो उसमें काफी दर्द व असहजता होती है। अक्सर देखने में आता है कि लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए डाॅक्टर के पास जाते हैं। लेकिन अगर आप चाहें तो कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से भी इसका इलाज कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

स्टीमिंग

भाप के जरिए बहते कान को आसानी से रोका जा सकता है। इसे करने के लिए आप पहले एक बर्तन में गर्म पानी लें। और फिर आप तौलिए की मदद से मुंह को इस तरह ढकें कि भाप सीधे आपके कान में जाए। इससे आपका बंद कान तो खुलेगा ही, साथ ही कान का बहना भी रूक जाएगा। लेकिन अगर आपको ऐसा करने पर तकलीफ हो तो आप इसे दोबारा न करें।

झुकाएं कान को

कान को साफ करने के लिए आप पहले बेड पर लेट जाएं और फिर जिस तरफ से कान में रिसाव हो, उसे झुका लें और नीचे तौलिया रख दें। कुछ ही देर में आपके कान का सारा रिसाव खत्म हो जाएगा। इस तरह आपका कान आसानी से साफ हो जाएगा।