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दिवाली पर इतना सस्ता हुआ पेट्रोल

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दिवाली पर आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन कटौती हुई है।

शनिवार को दिल्ली में एक महीने बाद पेट्रोल का भाव 73 रुपये प्रति लीटर के नीचे आया है। वहीं डीजल का दाम 66 रुपये के नीचे लुढ़का है. शनिवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 8 पैसे प्रति लीटर औऱ डीजल 5 पैसे प्रति लीटर घटी है।

25 फुट गहरे बोरवेल में गिरा दो साल का बच्चा, बचाव अभियान जारी

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तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में स्थित नादुकट्टुपट्टी में शुक्रवार को 25 फुट गहरे बोरवेल में एक दो साल का बच्चा गिर गया। बच्चे का नाम सुजीत विल्सन है। घटना की सूचना मिलने के बाद बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया।

सुजीत तक पहुंचने के लिए बोरवेल से लगी जमान को खोदकर एक सुरंग बनाने के लिए बुल्डोजर का प्रयोग हुआ है। दमकलर्मियों की टीम ने 10 फीट नीचे चट्टानी जगह होने की वजह से ड्रिलिंग को बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि बच्चा शाम के करीब साढ़े पांच बजे घर के पास खेलते हुए बोरवेल में गिर गया। मोडिकल टीम सुजीत को बोरवेल के बाहर से ऑक्सीजन की सुविधा दे रही है। बचाव कार्य फिलहाल जारी है। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री विजयबाकर, पर्यटन मंत्री नटराजन, कलेक्टर शिवरसु और एसपी जियाउल नजर बनाए हुए हैं। सुजीत को जल्द से जल्द बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नए प्रस्ताव बनाने के निर्देश : आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ की जनता को बेहतर एवं लागत रहित स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाली विभिन्न बीमा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए नवीन प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 

    इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, परिवहन एवं आवास मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री ने किया राज्य वन विकास निगम के आवासीय भवन का भूमिपूजन : वनवासियों को रोजगार से जोड़ने का आह्वान

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज धनतेरस पर्व के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 26 में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के बहुमंजिला आवासीय भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस भवन का निर्माण 5 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण द्वारा किया जाएगा। इस पांच मंजिले भवन में 16 अधिकारियों और कर्मचारियों के निवास की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां एक सामुदायिक भवन और जिम की व्यवस्था रहेगी। भूतल पर पार्किंग तथा परिसर के चारों ओर सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आवासीय भवन परिसर में आम का पौधा भी रोपा। आवासीय भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने की।
     मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर उपस्थित वन कर्मियों को अपने पास बुलाकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उनसे वनों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए हमेशा तत्पर होकर कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वनांचल में निवासरत अदिवासी परिवारों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास करें। जब इन परिवारों को जंगल से रोजगार मिलेगा, तो जंगल भी सुरक्षित रहेंगे और आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों को बांस से पौधे तैयार करने के  लिए बांस से छोटी टोकरी और ट्रीगार्ड बनवाए जाएं। इससे उन्हें रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों में गांव के नजदीक गौठान यदि बनाए जाते हैं तो वहां पशुओं को एक साथ रखा जा सकेगा और महुआ और डोरी बीनने के लिए परिवार के सभी सदस्य जा सकेंगे। अभी हर परिवार का एक सदस्य पशुओं की देखभाल में लगा रहता है। मुख्यमंत्री ने गांव में ऊंचे स्थान पर गौठान के नजदीक परंपरागत विधि से तालाब भी बनाया जाए। जिसमें पैठू और उलट की संरचना भी बनाई जाए। जिससे गंदा पानी तालाब में जाने के पहले पैठू में छन सके। इससे मछलीपालन भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान में शेड बनाने, मुर्गीपालन और सूकर पालन के लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री आर.पी. मंडल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आर.के. गोवर्धन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री अतुल शुक्ला सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इन फूड्स के सेवन से आपके बच्चे का दिमाग होगा तेज़

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जिस तरह हर इंसान की शक्ल अलग-अलग होती है, ठीक उसी तरह हर व्यक्ति का मानसिक स्तर भी अलग-अलग होता है। मां बाप को कभी भी अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए। हर इंसान में दिमाग एक समान नहीं होता है। अगर आपके बच्चे का दिमाग कमजोर है तो घबराएं मत आज हम आपको बताएंगे कुछ फूड्स के बारे में जिससे आप अपने बच्चे का दिमाग तेज़ कर सकते हैं।

सेब: रोज सुबह खाली पेट एक सेब खाने से स्मरण शक्ति तेज होती है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को चार्ज करने के साथ ही सोचने समझने की शक्ति को तेज करता है।

सोयाबीन: सोयाबीन के आटे के पकवान खाएं, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में फायटोस्ट्रोजेन नामक प्लांट हार्मोन और विटामिन B होता है। जोकि याददाश्त बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

पालक: पालक में मैग्नीशियम और पोटेशियम बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं जो याददाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सीखने की क्षमता बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा पालक में विटामिन बी 6, ई और फोलेट भी काफी मात्रा में होते हैं।

इन 20 देशों में जाने के लिए भारतीयों को नहीं है वीजा की जरूरत

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ब्राजील (Brazil) के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) ने एक भारतीयों के लिए एक बड़ी घोषणा की है. राष्ट्रपति जेयर ने चीन और भारत के नागरिकों के लिए वीजा की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. इसके साथ भारत, अमेरिका, कनाडा, जापान और आस्ट्रेलिया की श्रेणी में आ गया है. जिनके नागरिकों को ब्राजील में वीजा की छूट मिली हुई है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए 13-14 नवंबर को ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया का दौरा करेंगे. हालांकि ब्राजील के अलावा और कई ऐसे देश हैं, जहां जाने के लिए भारतीयों को वीजा की आवश्यकता नहीं है.

भारत के पड़ोसी देश नेपाल और भूटान के अतिरिक्त दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहां भारतीयों को जाने के लिए वीजा नहीं लेना पड़ता है. हमारे देश से बेहतर आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों के चलते कई कैरिबियन देशों के साथ-साथ लैटिन अमेरिका के देश और यूरोपीय देश भी भारतीयों को बिना वीजा के अपने देश में घूमने फिरने के इजाजत देते हैं. वर्तमान समय में 20 ऐसे देश हैं, जहां भारतीयों को वीजा लेने की आवश्यकता नहीं है. जैसे-

1- वानुवातू– दक्षिणी प्रशांत महासागर का द्वीपीय देश वानुवातू भारतीयों के लिए 6 महीने तक बिना वीजा के रहने की इजाजत देता है. गौरतलब है कि भारत और प्रशांत द्वीप के देशों के बीच बहुआयामी संबंध हैं जो अगस्त, 2015 में भारत में आयोजित भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच (फिपिक) के सफल द्वितीय शिखर सम्मेलन के जरिए और घनिष्ठ हुए हैं.

2- त्रिनिदाद एंड टोबैको– अटलांटिक महासागर के मध्य इलाके में स्थित कैरेबियन सागरीय देश त्रिनिदाद एंड टोबैको से भारत के अच्छे संबंध हैं. साथ ही यहां पर भारतीय मूल के लोगों की अच्छी खासी जनसंख्या है. यहां भी भारतीय बिना वीजा के 6 महीने रह सकते हैं. लेकिन विजिटर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए.

3- सेंट विंसेट एंड द ग्रेनैडिनेस– एक कैरेबियन सागरीय देश हैं, जहां भारतीय बिना वीजा के 30 दिनों तक रह सकते हैं. 4-सेनेगल– पश्चिम अफ्रीका के अटलांटिक तटीय इलाके में स्थित देश सेनेगल में भारतीय बिना वीजा के 90 दिनों तक रह सकते हैं.

5- सेंट किट्स एंड नेविस– भूमध्य रेख के दक्षिण में स्थित यह देश कैरेबियन सागरीय द्वीप पर स्थित है. भारतीयों के लिए 30 दिनों तक बिना वीजा के रहने की अनुमति प्राप्त है.

6- फिलिस्तीन– फिलिस्तीन स्वतंत्रता को लेकर चल रहे संघर्ष के लिए जाना जाता है. भारत फिलिस्तीन आंदोलन का बहुत पुराना सहयोगी रहा है. यहां भारतीय बिना वीजा के रह सकते हैं.

7- माइक्रोनेसिया– पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है. जहां भारतीय बिना वीजा के 30 दिनों तक रह सकते हैं.

8- मॉरिशस– दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देश मॉरिशस में भारतीय मूल के लोगों की अधिकता है. यहां भारतीयों के लिए 60 दिनों तक बिना वीजा के रहने की इजाजत है. गौरतलब है कि मॉरिशस भारतीय के बीच बेहद फेमस टूरिस्ट स्पॉट है.

9- मकाउ– मकाउ पर्ल नदी डेल्टा पर स्थित है चीन के प्रशासनिक इलाके में आने वाला देश है. इसके दक्षिण और पूर्व में दक्षिण चीन सागर है. भारत के लोग यहां 30 दिनों तक बिना वीजा के ठहर सकते हैं.

10- जमैका– कैरेबियन सागरीय द्वीप पर स्थित जमैका में भारत के लोग 14 दिनों तक बिना वीजा के रह सकते हैं.

11- इंडोनेशिया– इंडोनेशिया पूर्वी हिंद महासागर पर ज्वालामुखी द्वीप पर स्थित देश है. इंडोनेशिया 3000 द्वीपों से मिलकर बना देश है. जहां भारत के लोग यहां 30 दिनों तक बिना वीजा के रह सकते हैं.

12- हैती– हैती भी एक कैरेबियन देश हैं, जहां भारत के लोग 90 दिनों तक बिना वीजा के ठहर सकते हैं. बस आपके पासपोर्ट की वैलिडिटी चेक की जाती है.

13-ग्रेनेडा– मूल रूप से कैरेबियन देश ग्रेनेडा में भारतीय 90 दिनों तक बिना वीजा के रह सकते हैं.

14- फिजी– यह पूर्वी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है. जहां भारतीय मूल के लोगों की भारी तादाद है. यहां भारत के लोग 120 दिनों तक बिना वीजा के ठहर सकते हैं.

15- सल्वाडोर– यह प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है. भारत के लोग 30 दिन तक रुक सकते हैं. पासपोर्ट की वैलिडिटी अगले छह महीनों के लिए होनी चाहिए.

16-इक्वाडोर– दक्षिण अमेरिका का एक गणतांत्रिक देश है, जो भारत के लोगों के लिए एक साल के भीतर 90 दिनों तक बिना वीजा के ठहरने की इजाजत देता है.

17- डोमेनिका-डोमेनिका वेस्ट इंडीज का एक कैरेबियन देश है. भारत के लोग यहां 6 महीने तक बिना वीजा के रह सकते हैं.

18- नेपाल– भारतीय उपमहाद्वीप में स्थित एक लैंडलॉक्ड देश है. जो भारत से आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है. जहां जाने के लिए भारतीय लोगों को वीजा नहीं लेना पड़ता है.

19- भूटान- भूटान भी भारत का करीबी पड़ोसी देश है. जहां भी भारतीयों के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है.

20- ब्राजील– 25 अक्टूबर को ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो ने भारत के लोगों के लिए वीजा लेने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील दुनिया का पांचवां बड़ा देश है.

त्योहारी मांग के चलते धनतेरस पर महंगा हुआ सोना-चांदी, जानें आज के दाम

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धनतेरस के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जिसकी वजह से 25 अक्तूबर को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिली। धनतेरस के दिन सोने में 220 रुपये की तेजी दर्ज की गई।

इतना हुआ सोने का दाम

त्योहारी मांग के चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आई है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक, शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने का भाव 39,240 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 75 रुपये बढ़कर 38,945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। धनतेरस पर ज्वेलरी की लिवाली में तेजी आने से सोने की कीमत में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

चांदी भी हुई महंगी

दिल्ली में 24 कैरेट सोने के भाव में भी 220 रुपये की बढ़त देखी गई हैं। सिर्फ सोना ही नहीं, धनतेरस पर चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। चांदी में 670 रुपये की तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद एक किलो चांदी का भाव 47,680 रुपये हो गया है। गुरुवार को चांदी 110 रुपये उछलकर 46,410 रुपये से 46,520 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार इतना रहा दाम

दरअसल, धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने की मान्यता है। इस कारण आज के दिन इसकी मांग बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो न्यूयॉर्क में सोना बढ़त के साथ 1,506 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 18.05 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही थी।

इस रानी ने करे थे राजाओं के साथ बहुत धोके तोडा था दिल, आप भी जानिए

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जितनी सुंदर थीं उससे कहीं ज्यादा वे चतुर, षड्यंत्रकारी और क्रूर भी थीं। वह राजाओं और सैन्य अधिकारियों को अपनी सुंदरता के मोहपाश में बांधकर उनको ठिकाने लगा देती थी।

जब क्लियोपट्रा 17 वर्ष की थीं तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई और उनके छोटे भाई तोलेमी दियोनिसस को संयुक्त रूप से राज्य प्राप्त हुआ। उसके बाद क्लियोपेट्रा ने अपनी शासन को बचाने के लिए रोम के तीन शक्तिशाली राजाओं को अपनी प्रेम जाल में फसाया। जूलियस सीजर ने उन्हें मिस्र की रानी बनने में मदद की थी।

लेकिन क्लियोपेट्रा ने जुलियस सीजर की धोखे से हत्या करवा दी और खुद रोम साम्राज्य के रानी बन गई थी। उसके बाद क्लियोपेट्रा ऑक्टेवियन से से कई सालों तक संघर्ष किया था।

इसके बाद क्लियोपेट्रा ने ऑक्टेवियन को भी अपने रूप-जाल में फांसकर खुद की जान बचाकर फिर से मिस्र की सत्ता प्राप्त करने की योजना पर कार्य कर रही थीं।

Dhanteras Special : जानें क्या हैं धनतेरस की पौराणिक कथा.

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अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली 27 अक्टूबर रविवार को मनाई जाएगी। दीपावली का पर्व पांच दिनों का होता है, इसका प्रारंभ धनतेरस से होता है और समापन भैया दूज से होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक समय भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए आ रहे थे, लक्ष्मी जी ने भी साथ चलने का आग्रह किया। उस वक़्त विष्णु जी बोले कि ‘यदि मैं जो बात कहूं, वैसे ही मानो, तो चलो।’ लक्ष्मी जी ने स्वीकार किया और भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी सहित भूमण्डल पर आए। कुछ देर बाद एक स्थान पर भगवान विष्णु लक्ष्मी से बोले-‘जब तक मैं न आऊं, तुम यहाँ ठहरो।

मैं दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूं, तुम उधर मत देखना।’ विष्णुजी के जाने पर लक्ष्मी को कौतुक उत्पन्न हुआ कि आख़िर दक्षिण दिशा में क्या है जो मुझे मना किया गया है और भगवान स्वयं दक्षिण में क्यों गए, कोई रहस्य ज़रूर है। लक्ष्मी जी से रहा न गया, ज्योंही भगवान ने राह पकड़ी, त्योंही लक्ष्मी भी पीछे-पीछे चल पड़ीं। कुछ ही दूर पर सरसों का खेत दिखाई दिया। वह ख़ूब फूला था। वे उधर ही चलीं। सरसों की शोभा से वे मुग्ध हो गईं और उसके फूल तोड़कर अपना श्रृंगार किया और आगे चलीं। आगे गन्ने (ईख) का खेत खड़ा था। लक्ष्मी जी ने चार गन्ने लिए और रस चूसने लगीं। उसी क्षण विष्णु जी आए और यह देख लक्ष्मी जी पर नाराज़ होकर शाप दिया- ‘मैंने तुम्हें इधर आने को मना किया था, पर तुम न मानीं और यह किसान की चोरी का अपराध कर बैठीं। अब तुम उस किसान की 12 वर्ष तक इस अपराध की सज़ा के रूप में सेवा करो।’ ऐसा कहकर भगवान उन्हें छोड़कर क्षीरसागर चले गए। लक्ष्मी किसान के घर रहने लगीं।

वह किसान अति दरिद्र था। लक्ष्मीजी ने किसान की पत्नी से कहा- ‘तुम स्नान कर पहले इस मेरी बनाई देवी लक्ष्मी का पूजन करो, फिर रसोई बनाना, तुम जो मांगोगी मिलेगा।’ किसान की पत्नी ने लक्ष्मी के आदेशानुसार ही किया। पूजा के प्रभाव और लक्ष्मी की कृपा से किसान का घर दूसरे ही दिन से अन्न, धन, रत्न, स्वर्ण आदि से भर गया और लक्ष्मी से जगमग होने लगा। लक्ष्मी ने किसान को धन-धान्य से पूर्ण कर दिया। किसान के 12 वर्ष बड़े आनन्द से कट गए। तत्पश्चात् 12 वर्ष के बाद लक्ष्मीजी जाने के लिए तैयार हुईं। विष्णुजी, लक्ष्मीजी को लेने आए तो किसान ने उन्हें भेजने से इंकार कर दिया। लक्ष्मी भी बिना किसान की मर्जी वहाँ से जाने को तैयार न थीं। तब विष्णुजी ने एक चतुराई की। विष्णुजी जिस दिन लक्ष्मी को लेने आए थे, उस दिन वारुणी पर्व था। अत: किसान को वारुणी पर्व का महत्त्व समझाते हुए भगवान ने कहा- ‘तुम परिवार सहित गंगा में जाकर स्नान करो और इन कौड़ियों को भी जल में छोड़ देना।

जब तक तुम नहीं लौटोगे, तब तक मैं लक्ष्मी को नहीं ले जाऊंगा।’ लक्ष्मीजी ने किसान को चार कौड़ियां गंगा के देने को दी। किसान ने वैसा ही किया। वह सपरिवार गंगा स्नान करने के लिए चला। जैसे ही उसने गंगा में कौड़ियां डालीं, वैसे ही चार हाथ गंगा में से निकले और वे कौड़ियां ले लीं। तब किसान को आश्चर्य हुआ कि वह तो कोई देवी है। तब किसान ने गंगाजी से पूछा-‘माता! ये चार भुजाएं किसकी हैं?’ गंगाजी बोलीं- ‘हे किसान! वे चारों हाथ मेरे ही थे। तूने जो कौड़ियां भेंट दी हैं, वे किसकी दी हुई हैं?’ किसान ने कहा- ‘मेरे घर जो स्त्री आई है, उन्होंने ही दी हैं।’ इस पर गंगाजी बोलीं- ‘तुम्हारे घर जो स्त्री आई है वह साक्षात लक्ष्मी हैं और पुरुष विष्णु भगवान हैं। तुम लक्ष्मी को जाने मत देना, नहीं तो पुन: निर्धन हो जाआगे।

‘यह सुन किसान घर लौट आया। वहां लक्ष्मी और विष्णु भगवान जाने को तैयार बैठे थे। किसान ने लक्ष्मीजी का आंचल पकड़ा और बोला- ‘मैं तुम्हें जाने नहीं दूंगा। तब भगवान ने किसान से कहा- ‘इन्हें कौन जाने देता है, परन्तु ये तो चंचला हैं, कहीं ठहरती ही नहीं, इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके। इनको मेरा शाप था, जो कि 12 वर्ष से तुम्हारी सेवा कर रही थीं। तुम्हारी 12 वर्ष सेवा का समय पूरा हो चुका है।’ किसान हठपूर्वक बोला- ‘नहीं अब मैं लक्ष्मीजी को नहीं जाने दूंगा। तुम कोई दूसरी स्त्री यहाँ से ले जाओ।’ तब लक्ष्मीजी ने कहा-‘हे किसान! तुम मुझे रोकना चाहते हो तो जो मैं कहूं जैसा करो। कल तेरस है, मैं तुम्हारे लिए धनतेरस मनाऊंगी। तुम कल घर को लीप-पोतकर स्वच्छ करना।

रात्रि में घी का दीपक जलाकर रखना और सांयकाल मेरा पूजन करना और एक तांबे के कलश में रुपया भरकर मेरे निमित्त रखना, मैं उस कलश में निवास करूंगी। किंतु पूजा के समय मैं तुम्हें दिखाई नहीं दूंगी। मैं इस दिन की पूजा करने से वर्ष भर तुम्हारे घर से नहीं जाऊंगी। मुझे रखना है तो इसी तरह प्रतिवर्ष मेरी पूजा करना।’ यह कहकर वे दीपकों के प्रकाश के साथ दसों दिशाओं में फैल गईं और भगवान देखते ही रह गए। अगले दिन किसान ने लक्ष्मीजी के कथानुसार पूजन किया। उसका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया। इसी भांति वह हर वर्ष तेरस के दिन लक्ष्मीजी की पूजा करने लगा।

जीवा के साथ की सफाई, धोनी के पास है सेना की यह दमदार गाड़ी, वीडियो Viral

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो शेयर किया है. वीडियो में धोनी अपनी बेटी जीवा के साथ जीप की सफाई करते नजर आ रहे हैं. धोनी के फैन्स ने इस वीडियो पर भारी संख्या में लाइक बरसाया है.

धोनी की इस वीडियो को साढ़े तीन मिलियन से अधिक लोग देख चुके हैं. साथ ही खूब सारे कमेंट्स भी आ रहे हैं. मालूम हो कि निसान जोंगा जीप को हाल ही में धोनी की पसंदीदा गाड़ियों के कलेक्शन में शामिल हुई है.

भारतीय सेना के लिए की गई थी डिजाइन
निसान 1 टन वास्तव में एक सैन्य वाहन है. इसे सामान्य सड़कों पर नहीं देखा जा सकता है, क्योंकि यह केवल भारतीय सेना के लिए विशेष रूप से बेची और डिजाइन की गई थी. इसे सेना द्वारा संक्षिप्त नाम जोंगा दिया गया था.

धोनी आजकल क्रिकेट से दूर अपनी फैमिली के साथ गृह नगर रांची में क्वॉलिटी टाइम बिता रहे हैं. धोनी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- छोटी मदद हमेशा काम आती है, खासकर तक जब आपको लगे कि यह बड़ा वाहन है.’

जीवा इस वीडियो में अपने स्कूल यूनिफॉर्म में दिख रही हैं. फैन्स ने जीवा के लिए भी खूब सारे कमेंट्स किए हैं. फैन्स ने लिखा है कि जीवा को स्कूल यूनिफॉर्म में देखकर काफी अच्छा लग रहा है. साथ ही कुछ फैन्स को इस पर हैरानी हुई है कि जीवा अब स्कूल जाने लगी है.

‘धोनी के भविष्य को लेकर बात करेंगे’
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने गुरुवार को कहा है कि वह महेंद्र सिंह धोनी से उनके भविष्य को लेकर बात करेंगे. वहीं, चयन समिति के अध्यक्ष एम.एस.के. प्रसाद ने कहा है कि धोनी को लेकर चयन समिति की राय साफ है, वह आगे से बढ़ चुकी है.

टीम चयन के बाद प्रसाद ने कहा, “हम आगे बढ़ चुके हैं, हम अपने विचारों में साफ हैं. विश्व कप के बाद से हम साफ हैं. हमने ऋषभ पंत का समर्थन करना शुरू किया और उन्हें अच्छा करते हुए देखा. उन्होंने अच्छा नहीं किया हो लेकिन हम साफ कर चुके हैं कि हम सिर्फ उन पर ध्यान देंगे.”