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60 हजार का है बजट तो यहां जानें CB Shine या Passion X Pro में से कौन सी Bike रहेगी बेस्ट

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अगर आप 60 हजार रुपये के करीब बजट में कोई स्टाइलिश और अधिक माइलेज वाली बाइक खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आज हम आपको देश में मौजूद Honda CB Shine और Hero Passion X Pro के बारे में बता रहे हैं जो कि किफायती बाइक्स हैं। यहां इन दोनों बाइक्स के फीचर्स, स्पेशिफिकेशन और कीमत को जानकर आप तय कर सकते हैं कि कौन सी बाइक ज्यादा बेस्ट है।

इंजन और पावर

इंजन और पावर की बात की जाए तो Honda CB Shine में 124.73cc का इंजन दिया गया है जो कि 7500 Rpm पर 10.16 bhp की पावर और 5500 Rpm पर 10.3 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है।

इंजन और पावर की बात की जाए तो Hero Passion X Pro में 109.15 cc का एयर कूल्ड 4 स्ट्रोक, सिंगल सिलेंडर वाला इंजन है जो कि 7500 Rpm पर 7 kW की पावर और 5500 Rpm पर 9 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है।

ब्रेकिंग सिस्टम और सस्पेंशन

ब्रेकिंग सिस्टम की बात की जाए तो Honda CB Shine के फ्रंट और रियर में ड्रम ब्रेक और सीबीएस दिया गया है। वहीं सस्पेंशन के मामले में Honda CB Shine के फ्रंट में टेलीस्कॉपिक सस्पेंशन और रियर में स्प्रिंग लोडिड हायड्रॉलिक टाइप सस्पेंशन है।

ब्रेकिंग सिस्टम की बात की जाए तो Hero Passion X Pro में फ्रंट में 240mm डिस्क ब्रेक और रियर में 130mm ड्रम ब्रेक दिया गया है। वहीं सस्पेंशन की बात की जाए तो Hero Passion X Pro के फ्रंट में टेलीस्कोपिक हाइड्रोलिक शॉक अब्सॉर्बेर और रियर में स्विंग आर्म के साथ 5 स्टेप एडजेस्टेबल हाइड्रोलिक शॉक अब्सॉर्बेर सस्पेंशन है।

डाइमेंशन

डाइमेंशन के मामले में Honda CB Shine की लंबाई 2012 mm, चौड़ाई 762 mm, ऊंचाई 1090 mm, ग्राउंड क्लियरेंस 157 mm, वजन 122 किलो और 10.5 लीटर का फ्यूल टैंक है।

डाइमेंशन के मामले में Hero Passion X Pro की लंबाई 1966 mm, चौड़ाई 774mm, ऊंचाई 1087 mm, व्हीबलेस 1245mm, ग्राउंड क्लीयरेंस 165mm, कुल वजन 119 किलो और 8.2 लीटर का फ्यूल टैंक है।

कीमत

कीमत की बात की जाए तो Honda CB Shine की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 58,186 रुपये है।

कीमत की बात की जाए तो Hero Passion X Pro की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 57,200 रुपये है। 

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर BJP का बड़ा आरोप, कहा- किसानों की कर्जमाफी पर भूपेश बघेल ने लिया ‘यू-टर्न’

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छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी वादे से मुकरने का आरोप लगाया है. बीजेपी का आरोप है कि किसानों की कर्जमाफी पर भूपेश बघेल सरकार यू-टर्न ले रही है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आबकारी और उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बयान पर मुहर लगाते हुए कहा है कि राज्य में अब किसानों के लिए कर्ज़माफी नहीं होगी. बता दें कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने किसान कर्जमाफी के वादे की बदौलत बड़ी जीत हासिल की थी. ये हालात तब है जब राज्य में कई किसान संगठन कर्जमाफी के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटे हैं.

वॉर का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, चेन्नई एक्सप्रेस-3 इडियट्स को पछाड़ा

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बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म वॉर बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाई कर रही है. वॉर ने कमाई के कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं. अब वॉर के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ गया है. ऋतिक और टाइगर की फिल्म ने वर्ल्डवाइड  अब तक 448 करोड़ रुपए बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर ली है और 450 करोड़ के क्लब की तरफ आगे बढ़ गई है. वॉर 2 अक्टूबर को भारत में रिलीज हुई थी.

फिल्म वॉर से पहले कमाई का ये रिकॉर्ड शाहरुख खान की फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस, अंधाधुन, 3 इडियट्स, प्रेम रतन धन पायो और दिलवाले के नाम दर्ज था. ऋतिक और टाइगर के फैंस फिल्म वॉर को 500 करोड़ के क्लब में शामिल होते देखना चाहते हैं, लेकिन ये इतना आसान नहीं लगता. इस हफ्ते कई बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में लग रही हैं ऐसे में वॉर की कमाई पर इससे असर पड़ेगा.

वॉर ने तोड़े हैं ये रिकॉर्ड

फिल्म वॉर की कमाई से निर्माता बहुत खुश हैं. इससे पहले वॉर ने पहले दिन हिंदी रीजन में 51.60 करोड़ और तमिल-तेलुगू में मिलाकर 1.75 करोड़ कमाए. फिल्म का कुल कलेक्शन 53.35 करोड़ था. इससे पहले आमिर खान की ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान ने 52 करोड़ की कमाई कर इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया गया था, जिसे वॉर ने तोड़ दिया. इस हिसाब से वॉर पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म है.

वॉर को भारत में 4000 स्क्रीन्स (हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा) मिली. ओवरसीज में ये फिल्म 1350 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई. वर्ल्डवाइड वॉर को 5350 स्क्रीन्स मिली. वॉर को इंटरनेशनल मार्केट में लिमिटेड रिलीज मिली. इनमें सिर्फ इवनिंग और नाइट शोज ही शामिल रहे.

ब्रह्मोस का निशाना अचूक, पलक झपकते ही 300 KM दूर दुश्मन को नष्ट करने में सक्षम

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इंडियन एयरफोर्स ने अंडमान निकोबार में सतह से सतह पर मार करने वाली दो ब्रह्मोस मिसाइल दागे. दोनों मिसाइलों ने 300 किलोमीटर दूर निशाने पर सटीक वार किया. एयरफोर्स की तरफ से 21 और 22 अक्टूबर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ट्रैक द्वीप में ये मिसाइलें दागी गईं.

ये दोनों मिसाइलें की टेस्टिंग रूटीन ऑपरेश्नल ट्रेनिंग का हिस्सा है, जिसे एयरफोर्स द्वारा नियमित समय पर किया जाता है. इससे पहले 30 सितंबर को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया.

BSP नेता का मुंह काला कर गधे पर बैठाया, बोले- गोली मार दो…

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जयपुर में बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेताओं के साथ BSP कार्यकर्ताओं ने ही मारपीट की और फिर जूते की माला पहनाकर गधे पर बैठाकर घुमाया. BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम जी गौतम जयपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आए थे. वह पार्टी ऑफिस में ही रुके थे.

सुबह जब मॉर्निंग वॉक पर वह 8:30 बजे पार्टी दफ्तर आ रहे थे तभी हाथों में BSP का झंडा लिए भरतपुर से आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर पहले तो पीटा और फिर मुंह काला कर, जूते की माला पहनाकर, गधे पर बैठाकर घुमाया.

राम जी गौतम कार्यकर्तओं के सामने हाथ जोड़ते रह गए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इससे पार्टी को नुकसान होगा. मुझे गोली मार दो मगर ये मत करो. वहीं पार्टी सुप्रीमों मायावती ने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है. मायावती ने ट्वीट कर आक्रोश जताया और कांग्रेस को साजिश का जिम्मेदार बताया.

वहीं कांग्रेस का कहना है कि मायावती अपने घर की तरफ देखें. कांग्रेस के मोटर गैराज एवं आयोजना मंत्री ने कहा कि यूपी में अगर कुछ गड़बड़ होती है तो हम BSP को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराते. जो भी दोषी होंगे उनको बख्शा नही जाएगा.

दरअसल, BSP के 6 विधायक, कांग्रेस की गहलोत सरकार में शामिल हो गए. इसे लेकर कुछ नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि BSP के राष्ट्रीय नेता पैसे मांगते हैं और BSP सुप्रीमो पैसे लेकर टिकट बेचती हैं.

BSP नेताओं और पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में गए विधायकों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद चल रहा है. इसे लेकर पिछले कई दिनों से भरतपुर धौलपुर करौली के भजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं.

कैसे हुई थी अमिताभ की एक्टिंग की शुरुआत? केबीसी में बिग बी ने बताया

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केबीसी सीजन 11 में चंडीगढ़ के स्टूडेंट आकाश गर्ग ने 12 लाख 50 हजार रूपए जीतने में कामयाबी पाई. वे 25 लाख के सवाल पर दो लाइफलाइन लेने के बाद भी कॉन्फिडेंट नहीं थे. इसी के चलते उन्होंने इस सवाल पर क्विट कर दिया और वे 12 लाख 25 हजार जीतने में कामयाब रहे. खास बात ये है कि 25 लाख के सवाल पर एक्सपर्ट भी काफी कंफ्यूज नजर आए और एक्सपर्ट के तौर पर शो में शामिल हुईं ऋचा अनिरूद्ध किसी प्रकार से आकाश की मदद नहीं कर पाईं. इसके बाद ही उन्होंने फिफ्टी-फिफ्टी लाइफलाइन का इस्तेमाल किया लेकिन इसके बाद भी वे 25 लाख के सवाल को लेकर श्योर नहीं हो पाए थे.

शो के दौरान आकाश ने अमिताभ से पूछा कि उन्होंने कब सोचा था कि उन्हें एक्टर ही बनना है? अमिताभ ने इस सवाल के जवाब में कहा कि ‘मैंने कभी ऐसे सोचा नहीं था कि मुझे एक्टर ही बनना है लेकिन चीज़ें होती चली गईं. जेफरी केंडल एक थियेटर ग्रुप चलाते थे. केंडल जेनिफर केंडल के पिता थे जिन्होंने शशि कपूर से शादी की थी. वे एक बार नैनीताल आए थे और उन्होंने केंडल कप फॉर ड्रैमेटिक्स शुरु किया था जो साल के बेस्ट एक्टर को मिलता था. शेरवुड कॉलेज में पढ़ते हुए सेकेंड इयर में मुझे ये अवॉर्ड मिला था.’

अमिताभ ने सुनाई अपनी अभिनय की यात्रा

उन्होंने आगे कहा कि ‘उसके बाद मैं कलकत्ता चला गया. कुछ समय बाद मेरे भाई ने कहा था कि मुझे एक्टिंग के लिए कोशिश करनी चाहिए. शशि कपूर ने भी हमारी काफी मदद की थी और मुझे गर्व है कि उनसे गाइडेन्स लेने के बाद मैं उनके समक्ष रोल्स कर पाया था. तो मैंने कुछ प्लान नहीं किया था और आज भी मुझे फिल्मों में रोल मिल जाते हैं तो मैं कर लेता हूं. ये मेरा सौभाग्य है कि लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया है.’ 

गौरतलब है कि केबीसी सीजन 11 में अब तक तीन लोग करोड़पति बन चुके हैं. हालांकि कोई भी कंटेस्टेंट अब तक 7 करोड़ की ईनामी राशि नहीं जीत पाया है.

सर्दियों बढ़ जाती है जोड़ों में दर्द की समस्या? ऐसे रखें सेहत का ख्याल

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हर मौसम अपने साथ कोई न कोई बीमारी लेकर जरूर आता है. सर्दियों में भी ये सिलसिला बदस्तूर जारी रहता है. सर्दियों के आगमन के साथ ही अस्थि रोग और गुर्दे के संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है. हालांकि सभी आयु वर्ग के व्यक्ति इन बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. लेकिन बुजुर्ग वर्ग के लोगों को इसमें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है

मौसम से संबंधित जोड़ों का दर्द आमतौर पर ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटाइइड गठिया से पीड़ित रोगियों में देखा जाता है और यह आमतौर पर कूल्हों, घुटनों, कोहनी, कंधों और हाथों को प्रभावित करता है.  जोड़ों में बैरोकैप्टर्स नामक सम्वेदनशील तंत्रिकाएं होती हैं जो कि वायुदाब परिवर्तनों का पता लगाने में सक्षम होते हैं.   

गठिया से पीड़ित रोगी वायुदाब परिवर्तनों के प्रति अधिक संवेदनशील लगते हैं. कम वायुदाब के साथ संयुक्त उच्च आर्द्रता भी बढ़े हुए जोड़ों के दर्द और कठोरता का एक अन्य कारण है. व्यायाम एवं एक स्वस्थ दिनचर्या गठिया पीड़ित लोगों को दर्द से राहत देते हैं एवं मानसिक शक्ति बढ़ाते हैं, जो रोगी व्यायाम नहीं करते हैं वे हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और सीमित कार्यक्षमता जैसी अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम उठाते हैं.’

आजकल के लोगों जीवनशैली बेहद गतिहीन है. लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने में बिताते हैं. ज्यादातर युवा कार्यस्थल पर एक गलत मुद्रा में बैठते हैं. इसके अलावा देर रात की शिफ्ट, धूम्रपान, कंप्यूटर के सामने लंबे समय तक बैठना और अनियमित खान-पान से आर्थोपेडिक्स और गुर्दे की बीमारियां हो रही हैं जो सर्दी के मौसम में अधिक सामने आती हैं. नतीजतन, अपेक्षाकृत युवा लोग ऐसी बीमारियों को विकसित कर रहे हैं और उनकी जीवन प्रत्याशा में कम से कम 5-7 वर्ष की कमी आई है.’

ऐसे रखें सेहत का ख्याल

सबसे अच्छी सलाह यह है कि जितना संभव हो उतना सक्रिय रहें. पूरे वर्ष मौसम की परवाह किए बिना खूब पानी पिएं और बिना वजन वाले व्यायाम और स्ट्रेचिंग करके जोड़ों को सक्रिय रखें. अगर बीमारी का कम उम्र में ही पता लगा लिया जाए तो दवा से इसे तेजी से ठीक किया जा सकता है. अगर यह बहुत उच्च चरण में पाई जाती है तो यह जटिलताओं और सर्जिकल हस्तक्षेप को जन्म दे सकती है.

तत्काल टिकट बुकिंग में बदलाव, जानिए नया समय…

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रेलवे टिकट की बुकिंग के समय में बदलाव हुआ है. आज से रेलवे की एसी टिकट और आरक्षित सीट के लिए टिकट बुकिंग अलग-अलग समय पर की जाएगी.

नए समय के अनुसार एसी टिकट की बुकिंग सुबह 10 से 11 बजे के बीच होगी, जबकि स्लीपर क्लास आरक्षित टिकट की बुकिंग 11 से 12 बजे के बीच की जाएगी. यह बदलाव रेलवे की साईट आईआरसीटीसी पर एक ही समय पर ज्यादा ट्रैफिक आने की वजह से किया गया है ताकि साईट पर काम आसानी से किया जा सके. हर दिन टिकट बुकिंग के लिए करीब 15 से 20 हजार लोग आईआरसीटीसी की साईट का इस्तेमाल करते हैं.

दवाइयों के पत्ते पर क्यों होती है ‘लाल लकीर’? कभी न करें नजरअंदाज

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अक्सर लोग डॉक्टर से सलाह लिए बगैर दवाइयों का सेवन करते हैं. कई बार सही इलाज और सही दवा लेने के बावजूद उन्हें आराम नहीं मिलता. इसी लापरवाही के चलते उन्हें बेहतर इलाज नहीं मिल पाता. अच्छे इलाज के लिए न सिर्फ दवा का सही होना जरूरी है, बल्कि आपका तरीका भी ठीक होना चाहिए. दवाइयों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अच्छा संदेश दिया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया है जिसमें बताया गया है डॉक्टर की सलाह लिए बगैर आपको दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए. इस पोस्ट में आगे लिखा है, ‘जिम्मेदार बनें और बिना डॉक्टर की सलाह के लाल लकीर वाली दवाई की पत्ती से दवाइयां न खायें. आप जिम्मेदार, तो दवाई असरदार.

ट्विटर पर पोस्ट की गई तस्वीर में लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं? जिन दवाइयों की पत्ती पर लाल लकीर होती है उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना कभी नहीं लेना चाहिए. कुछ दवाइयों जैसे कि एंटीबायोटिक्स की पत्ती पर एक खड़ी लाल लकीर होती है. इसका अर्थ यह होता है कि इन दवाइयों को केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए. हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई का पूरा कोर्स लें.’

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लाल रंग की पट्टी वाली दवाइयों का मतलब होता है कि उसे डॉक्टर द्वारा वेरीफाई किए बिना नहीं लेना चाहिए. यहां तक कि मेडिकल स्टोर वाले भी ये दवाइयां बिना डॉक्टर के पर्चे नहीं बेच सकते. एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए ही दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है.

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा का एग्जिट पोल को लेकर बड़ा बयान…

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हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने एग्जिट पोल को लेकर बड़ा बयान दिया है। भाजपा की जीत की भविष्यवाणी पर रोक लगाते हुए कहा कि एग्जिट पोल को भूल जाइए।

मीडिया से बातचीत के दौरान कुमारी शैलजा ने एक बार फिर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही राज्य में अगली सरकार बनाएगी।

उन्होंने दावा किया है कि उनकी पार्टी जीत रही है जबकि राज्य में 90 में से 45 सीटें जीत के लिए चाहिए। उम्मीदवारों को मिले सहयोग ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है।

मीडिया की तरफ से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में सभी उम्मीदवारों का पॉजिटीव रिएक्शन मिल रहा है। हरियाणा में भाजपा ने नजरअंदाज का अभियान चलाया है, उससे उनकी हार तय है।

प्रदेश में भाजपा ने लोगों को सिर्फ राष्ट्र के मुद्दों पर ध्यान दिलवाया लेकिन उन्हें कभी बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था, किसानों के संकट, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर बात नहीं की। ऐसे में उनका हारना तय है। मैं एग्जिट पोल की भविष्यवाणी पर विश्वास नहीं करती हूं।