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CBSE: सिंगल गर्लचाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, पढ़ें डिटेल्स

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (CBSE) ने सिंगल गर्ल चाइल्ड मेरिट स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है. जो भी इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें 60 पर्सेंट या इससे अधिक के साथ कक्षा 10वीं परीक्षा पास होना जरूरी है. इससे पहले इस स्कॉलरशिप में आवेदन के लिए 18 अक्टूबर की तारीख निश्चित की गई थी. लेकिन अब इस स्कॉलरशिप के लिए 31 अक्टूबर तक डेट बढ़ा दी गई है.

सीबीएसई द्वारा हाल ही में जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, 12वीं कक्षा में पढ़ाई के लिए माता पिता की अकेली बेटी (सिंगल गर्ल चाइल्ड) के लिए सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है. 2018 में मिली स्कॉलरशिप को रिन्यू कराने के लिए भी आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है.  रिन्यूअल के लिए हार्डकॉपी जमा करने की आखिरी तारीख 25 नवंबर, 2019 है. स्कॉलरशिप के लिए आवेदन का लिंक सीबीएसई की वेबसाइट cbse.nic.in पर उपलब्ध है.

इस स्कीम के तहत CBSE द्वारा उन बच्चियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है, जो अपने परिवार में एक मात्र लड़की है. माता पिता के संतान के रूप में सिर्फ एक लड़की होन के अलावा उसे स्टूडेंट के तौर पर 10वीं क्लास में 60 फीसदी या उससे ज्यादा अंकों के साथ पास होना जरूरी है.

इसके अलावा 11वीं और 12वीं में अपनी पढ़ाई को जारी रखना भी जरूरी है. बता दें कि किसी एक साल के अंदर ही स्कॉलरशिप की राशि अलग-अलग होती है. ये स्कॉलरशिप सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को ही मिलेगी. ये वो स्कूल जिसकी मासिक ट्यूशन फीस 1,500 रुपये से ज्यादा नहीं है.  

ऐसे करें आवेदन

Step 1: सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन करें.

Step 2: यहां दाहिनी तरफ दिए ‘Single Gilr Child Scholarship’ टैब पर क्लिक करें.

Step 3: यहां डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें. यहां पेज पर दी गई सूचनाओं को अच्छे से पढ़ें.

ये ध्यान रखें

सीबीएसई नोटिस के अनुसार आवेदन को बहुत अच्छे ढंग से देखकर भरें. जो आवेदन सही ढंग से भरे नहीं होंगे, उन्हें मान्य नहीं माना जाएगा और उन्हें रद्द कर दिया जाएगा. इसके अलावा लास्ट डेट का ध्यान भी जरूर रखें.

गरीबी से तंग आकर महिला ने 4 बच्चों के साथ की आत्महत्या

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उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के ललितपुर जिले के मदनापुर थाना क्षेत्र के उल्दना खुर्द गांव में सोमवार शाम एक महिला ने कथित रूप से गरीबी से तंग आकर अपने चार बच्चों के साथ कुएं में कूद कर आत्महत्या कर ली.

पुलिस अधीक्षक कैप्टन एम. एम. बेग ने मंगलवार को बताया, ‘सोमवार देर शाम ग्राम प्रधान की सूचना पर उल्दना खुर्द गांव से एक किलोमीटर दूर धंचा अहिरवार के खेत में बने एक गहरे कुएं से एक महिला और उसके चार बच्चों के शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान उल्दना खुर्द गांव के निवासी राजेश कुशवाहा की पत्नी विमला (27) और बच्चों भूरी (2), आरुषि (7), नयंस (4) और रोशनी (4) के रूप में हुई है. नयंस और रोशनी जुड़वां भाई-बहन थे.’

पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘प्रथम दृष्टया यह मामला सामूहिक आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन आत्महत्या की वजह का कारण ज्ञात न होने पर कई बिंदुओं से जांच की जा रही है. शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा.”

मदनापुर के थानाध्यक्ष अलमा अहिरवार ने ग्रामीणों के हवाले से बताया, ‘महिला और उसके पति राजेश के बीच कुछ दिनों पूर्व किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद वह अपने मायके चली गई थी. शनिवार को वह वापस घर लौटती थी. मामले की कई बिंदुओं से जांच की जा रही है.’

ग्राम प्रधान जगदीश यादव ने बताया, ‘राजेश की आर्थिक स्थिति कुछ कम ठीक है. शनिवार को ही वह अपनी पत्नी को उसके मायके से लेकर गांव आया था.’ महिला के ससुर करन कुशवाहा ने बताया, ‘गरीबी की वजह से बहू विमला, बेटे से झगड़ कर अपने मायके चली गई थी. काफी मान-मनौव्वल के बाद शनिवार को वापस घर लौटी थी.’

उसने बताया, ‘घटना के समय वह खेत में काम करने गया था और बेटा राजेश गांव के एक व्यक्ति से कर्ज लेकर अपनी मां के साथ मड़ावरा की बाजार खाद लेने चला गया था. घर में अकेले बहू चारों बच्चों के साथ थी.’

मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह के घर धरने पर बैठ उनके भाई लक्ष्मण सिंह, रखी ये मांग

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भोपाल में मंगलवार को अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बंगले पर उनके सगे भाई लक्ष्मण सिंह धरने पर बैठ गए. दरअसल, लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा से विधायक हैं और चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग को लेकर वो समर्थकों संग मंगलवार को भोपाल आये थे. लक्ष्मण सिंह लंबे समय से चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग करते आए हैं.

मंगलवार को लक्ष्मण सिंह अपने भाई दिग्विजय सिंह के श्यामला हिल्स स्थित बंगले पर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ करीब 200 समर्थक थे. इससे पहले लक्ष्मण सिंह सीएम कमलनाथ से मुलाकात कर चुके हैं. तब सीएम ने उन्हें चाचोड़ा को जिला बनाने का आश्वासन दिया था. अगर चाचौड़ा जिला बनता है तो वो मध्यप्रदेश का 53वां जिला होगा.

ये पहली बार नहीं है जब लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई हो. इससे पहले लक्ष्मण सिंह ने मध्य प्रदेश में 10 दिन के भीतर कर्जमाफी ना होने पर राहुल गांधी पर निशाना साधा था और उनसे मध्य प्रदेश के किसानों से माफी मांगने को कहा था.

दिवाली से पहले चीनी पटाखे बैन, खरीद-फरोख्त पर होगी कड़ी कार्रवाई

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दिवाली से पहले देश में चीनी पटाखों और लड़ियों की धूम मच जाती है और हर जगह इसकी भारी मांग रहती है. लेकिन इस बार दिवाली से पहले भारत सरकार ने चीनी पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. कस्‍टम विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर ने चीनी पटाखों पर प्रतिबंध संबंधी नोटिस जारी करते हुए आगाह किया कि पटाखों का आयात पूरी तरह से प्रतिबंधित है. अगर कोई इस संबंध में संलिप्त पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाएगा.

कस्‍टम विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर की ओर से यह नोटिस सोमवार को जारी किया गया था, जिसमें बताया गया कि चीनी पटाखों की स्मगलिंग करना और भारतीय बाजार में बेचना पूरी तरह से अवैध है. पटाखों का आयात प्रतिबंधित है और यह चिंता का विषय है. यदि कोई व्यक्ति किसी भी तरह से चीनी पटाखे अपने पास रखता है या उसे बेचता है या फिर खरीदता है तो उसके खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम 1962 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

स्वास्थ्य के लिए पटाखे हानिकारक

चीनी पटाखों का इस्तेमाल एक्सप्लोसिव रुल्स, 2008 के खिलाफ है. चीनी पटाखों में रेड लीड, कॉपर ऑक्साइड और लिथियम जैसे बेहद खतरनाक रसायन मिले होते हैं, जो पर्यावरण के साथ साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी घातक और खतरनाक होते हैं.

कस्टम विभाग की ओर से कहा गया कि चीनी पटाखों को खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ घरेलू उद्योग पर भी बुरा असर पड़ता है. चीनी पटाखे पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक होते हैं.

लोगों से सूचना देने का आह्वान

कस्टम विभाग ने लोगों से चीनी पटाखों को खरीदने या फिर बेचने से बचने की सलाह देते हिए कहा कि यह बेहद खतरनाक होता है. सोमवार को जारी किए गए नोटिस के जरिए लोगों से आह्वान किया गया कि अगर कोई चीनी पटाखों की बिक्री या स्टोर करता दिखता है तो लोग चेन्नई कस्टम कंट्रोल रूम (044-25246800) में सूचित कर सकते हैं.

चीनी पटाखों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल होने वालों के खिलाफ कस्टम एक्ट, 1962 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

ये है खूनी झरना, पानी नहीं इस झरना से बहता है खून, देखकर उड़ेंगे होश…

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आज​ हम आपको एक ऐसे झरने के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में सुनकर आपके होश उड़ जाएगें क्योंकि इस झरने में पानी की जगह खून बहता है। यह झरना अंटार्कटिका में बहता है इस झरने के बारे में पहली बार पता तब चला जब यहां सन् 1911 में ऑस्‍ट्रेलिया के जियोलॉजिस्‍ट ग्रिफिथ टेलर आए थे।

इस जगह पर ग्‍लेशियर से पानी का झरना बहने की बजाय खूनी वॉटर बहता देख इनके पैरों तले जमीन खिंसक गई थी। जानकारी के लिए बता दें कि यह लाल कलर माइक्रोस्कॉपिक लाल शैवल की वजह से है। इसे रेड ब्लड फॉल के नाम से भी जाना जाता है।लेकिन सबसे ज्यादा रहस्य की बात तो ये है कि अंटार्कटिका का यह द्वीप बर्फ से ढ़का होने के बाद और टेम्परेचर माइनस में रहने की बात सुनकर ही कोई भी इंसान यहां आने के नाम से ही कंपकंपाने लगता है।

काफी समय से वैज्ञानिक इस जगह को लेकर रिसर्च कर रहे थें।इस रहस्मयी जगह के बारे में कुछ रिसर्च कत्ताओं का कहना है कि पानी में ऑयरन ऑक्साइड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिसके चलते यहां के पानी का कलर रेड होता है।लेकिन इस बात से अभी भी कुछ शोधकता संतुष्ट नहीं हुए थें और आगें इसके बारें में और रिसर्च की गई जिसमें फिर से नया खुलासा किया गया इसमें कोलोरॉडो कॉलेज और अलास्का यूनिवर्सिटी ने अपनी रिसर्च में बताया कि यहां मौजूद एक बहुत बड़ा तालाब कई वर्षो से बर्फ से दबा हुआ था जिसके चलते इसका पानी जैसे जैसे ठंडा होता है गर्मी छोड़ता रहता है और यही गर्मी इसके पास जमी बर्फ को भी गर्म करती है।जिसके चलते भी यहां से लाल रंग का झरना बह सकता है।

हेमा मालिनी ने किया राजनीति से सन्यास लेने का एलान, बताईं ये अहम वजह…

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मथुरा से बीजेपी की सांसद हेमा मालिनी अब राजनीति छोड़ने का फैसला कर चुकी है. उनके इस फैसले से हर किसी को झटका लगा है. हेमा मालिनी ने इस पर कहा है कि इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है. मैं अब बूढ़ी हो रही हूं और कमजोर भी हो रही हूं. हेमा मालिनी ने साफ करते हुए कहा कि उन्होंने जितने भी वादें मथुरा वासियों से किए थे. उन सभी को पूरा करने के लिए उन्हें एक और सत्र चाहिए था. इसी के चलते उन्होंने ये लोकसभा इलेक्शन लड़ा. हेमा का लेकिन ये आखिरी कार्यकाल है.

एक इंटरव्यू के दौरान हेमा मालिनी ने बताया था कि उन्हें अब अपने परिवार और कला को वक्त देने की जरूरत हैं. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें ये देखकर अच्छा लगता है कि मथुरा में अब इतनी सारी फिल्में सूट हो रही हैं. इसी के साथ उन्होंने इस इंटरव्यू में पति धर्मेंंद्र के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें हालही में डेंगू हो गया था. अब वो काफी कमजोर हो चुके हैं. पैरों में काफी दर्द रहता है. हेमा ने कहा कि अब वक्त के साथ हम दोनों की बूढ़े हो रहे हैं. लेकिन हमारा विश्वास वैसा ही है.हेमा मालिनी वर्तमान में मथुरा सीट से सांसद हैं. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के मथुरा लोकसभा सीट पर इन्होंने जीत हासिल की थी.

गौरतलब है कि हेमा मालिनी की शादी धर्मेंद्र के साथ वर्ष 1979 में हुई थी. दोनों ने एक साथ कई फिल्में दी है. धर्मेंद्र ने पहले शादी प्रकाश कौर के की थी. सनी धर्मेंद्र और प्रकाश के बेटे हैं. सनी बॉबी सहित उनके अब चार बच्चे हैं. हेमा से धर्मेंद्र को दो बेटियां हैं. आहना और ईशा देओल. वहीं हेमा के बाद अब सनी ने भी बीजेपी का हाथ थाम लिया है.

UP में योगी सरकार ने की तापसी और भूमि फी फिल्म सांड की आंख टैक्स फ्री…

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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आगामी बॉलीवुड फिल्म ‘सांड की आंख’ को कर मुक्त घोषित कर दिया है. तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर द्वारा अभिनीत यह फिल्म भारत की दो सबसे वयस्क शार्पशूटर चंद्रो और प्रकाशी तोमर की जिंदगी पर आधारित है.

महिला सशक्तीकरण और खेल प्रोत्साहन पर आधारित इस फिल्म को पहले से ही राजस्थान में कर मुक्त कर दिया गया है और अब यूपी सरकार ने इसे टैक्स फ्री करने की घोषणा की है. तुषार हीरानंदानी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज हो रही है. फिल्म में इन दोनों अभिनेत्रियों के अलावा प्रकाश झा और विनीत सिंह भी मुख्य भूमिकाओं में हैं.

तापसी और भूमी की इस फिल्म को अनुराग कश्यप प्रोडयूस कर रहे हैं. फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है. जिस पर दर्शकों का नॉर्मल रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है. अब देखना ये है कि ये फिल्म कमाई के मामले में किस रेस में अपनी जीत दर्ज करवाती है.

यहां लगता है लड़कियों का मेला, बहुत अजीब है यहां की परंपरा…

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शादी का सपना हर लड़की का होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर शादी के कुछ समय के बाद में लड़कियों को अपने जिस्म की कीमत बतानी पड़ती है।

यहां के लोगों के द्वारा इस परंपरा को बहुत वर्षों से निभाया जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये गांव अफ्रीका में मौजूद है। इस गांव के सभी लोग एक ऐसी परंपरा का पलन कर रहे हैं, जिसमे शादी के बाद महिला को अपने शरीर का दाम लगाना पड़ता है।

कैसे बनाये सेब की स्वादिष्ट खीर, जानिए..

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आवश्यक सामग्री
2 सेब छीला और कद्दूकस किया हुआ
2 ग्लास दूध
3 बड़े चम्मच कंडेंस्ड मिल्क
एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर
आधा कप बारीक कटे हुए बादाम
5 से 6 किशमिश
एक बड़ा चम्मच घी
आधी बड़ी चम्मच चीनी (आवश्यकता हो तो)

विधि
गैस पर पैन में घी गर्म करें. इसमें सेब डालकर मध्यम आंच पर पकाएं.
सेब को तब तक पकाएं जब तक उसका पानी सूख न जाए.
जब सेब थोड़ा सूखा हो जाए तो गैस बंद कर दें.
अब दूसरे पैन में दूध डालकर गैस पर मध्यम आंच में उबालें.
जब दूध में उबाल आ जाए तो आंच धीमी करके इसे 10 मिनट गाढ़ा होने तक पकाएं. दूध को बीच-बीच में चलाते रहें. – इसके बाद दूध में कंडेंस्ड
मिल्क डालें. अब इसे तेज आंच पर लगातार चलाते हुए 5 मिनट तक पकाएं.
मीठा कम लगने पर इसमें चीनी भी डाल सकते हैं.
फिर दूध में बादाम और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करें. इसे 2 से 3 मिनट तक पकाएं और गैस बंद कर दें.
अब दूध को ठंडा कर लें. जब दूध ठंडा हो जाए तो इसमें पके सेब और किशमिश डालकर मिक्स करें.

गाने सुनने के क्या होते है फायदे जानिए…

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म्यूजिक के जरिए बढ़ते तनाव को आसानी से कम किया जा सकता है। दरअसल, जब आप संगीत सुनते हैं तो इससे आपके दिमाग में डोपामाइन नाम का न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होता है, जिसके कारण आप काफी अच्छा महसूस करते हैं। इस प्रकार खुश रहने के लिए आप हर दिन कुछ देर संगीत सुनने की आदत अवश्य डालिए।

अगर आप इनसोमनिया की समस्या से परेशान है तो आपकी इस समस्या को संगीत काफी हद तक ठीक कर सकता है। दरअसल, रिलैक्सिंग म्यूजिक सुनने के कारण आपके भीतर का स्ट्रैस कम होता है और आप रात को एक अच्छी व प्यारी नींद ले पाते हैं।

म्यूजिक आपके दिमाग के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसके जरिए न सिर्फ आपकी लर्निंग पावर बढ़ती है, बल्कि जो लोग लगातार म्यूजिक सुनते हैं, वह चीजों को लम्बे समय तक याद रख पाते हैं। इस प्रकार छात्रों के लिए तो म्यूजिक सुनना काफी लाभदायक सिद्ध होता है।