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Royal Enfield ने भारतीय बाजार में अपनी नई 349cc बाइक Goan Classic 350 का 2026 मॉडल लॉन्च

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Royal Enfield ने भारतीय बाजार में अपनी नई 349cc बाइक Goan Classic 350 का 2026 मॉडल लॉन्च कर दिया है. यह बाइक बॉबर स्टाइल सेगमेंट में आती है और अपने क्लासिक लुक के साथ मॉडर्न जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.

कंपनी ने इसके पुराने रेट्रो अंदाज को बरकरार रखा है, लेकिन डेली यूज की राइडिंग को आसान बनाने के लिए इसमें कुछ जरूरी अपडेट्स किए गए हैं. यह मोटरसाइकिल अब देशभर के Royal Enfield डीलरशिप्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध है.

कीमत और कलर ऑप्शन

Royal Enfield Goan Classic 350 को चार अट्रैक्टिव कलर ऑप्शन में पेश किया गया है. Shack Black और Purple Haze कलर वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 2,19,787 रखी गई है. वहीं Trip Teal Green और Rave Red कलर ऑप्शन के लिए 2,22,593 एक्स-शोरूम चुकाने होंगे. कीमत को देखते हुए यह बाइक प्रीमियम बॉबर सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आती है.

2026 मॉडल में क्या हैं नए अपडेट्स?

2026 Goan Classic 350 में सबसे बड़ा बदलाव असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच का दिया जाना है. इससे क्लच काफी हल्का हो गया है, जिससे ट्रैफिक में बाइक चलाना आसान होगा और लंबे सफर में हाथों पर कम दबाव पड़ेगा. तेज स्पीड पर गियर शिफ्ट करते समय रियर व्हील स्लिप होने की संभावना भी कम हो जाती है. इसके अलावा, बाइक में अब USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है, जिससे राइड के दौरान मोबाइल फोन जल्दी चार्ज किया जा सकेगा.

इंजन, पावर और राइडिंग एक्सपीरियंस

इस बाइक में 349cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 20.2 bhp की पावर और 27 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है. यह इंजन तेज रफ्तार के बजाय स्मूद, शांत और स्थिर राइडिंग के लिए जाना जाता है, जो शहर और हाईवे दोनों के लिए बेहतर है.

डिजाइन और मुकाबला

डिजाइन की बात करें तो Goan Classic 350 में बॉबर स्टाइल सिंगल सीट, व्हाइटवॉल टायर्स, ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स, ऊंचा हैंडलबार और कस्टम लुक देने वाला साइलेंसर मिलता है. बाजार में इसका मुकाबला Jawa 42 Bobber, Jawa Perak, Honda CB350, Harley-Davidson X440 और Yezdi Roadster जैसी बाइक्स से होगा.

‘आने वाली नस्लें…’, महाराष्ट्र में अजित पवार पर फायर ओवैसी’

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महाराष्ट्र के धुले शहर के वडजाई रोड स्थित मैदान में सोमवार (12 जनवरी) को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की एक चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया. इस जनसभा को AIMIM के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने संबोधित किया और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारा संविधान वह ताकत है जो एक गरीब नागरिक को भी अंबानी और अडानी के बराबर खड़ा करता है. वोट सिर्फ एक पर्ची नहीं, बल्कि आपकी इज़्ज़त, आपके हक और आपकी बस्तियों की खुशहाली की गारंटी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुस्तान किसी की जागीर नहीं है. यह मुल्क जितना दूसरों का है, उतना ही यहां के मुसलमानों का भी है.

‘हम इस मुल्क के किरायेदार नहीं, मालिक हैं’

बीजेपी पर निशाना साधते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम हमेशा मोहब्बत की बात करते हैं, लेकिन हमें नफरत मिली है पर हम मोहब्बत का पैगाम लेकर आये हैं. हमारी मोहब्बत को कमजोरी नहीं माना जाए. उन्होंने आगे कहा कि ये हम तय करेंगे कि हमें कब लड़ना है और किससे लड़ना है. लोकतंत्र में सबसे बड़ी लड़ाई ये होती है कि अपने लोगों को चुनाव में जिताना. इसके बाद उन्होंने कहा कि हम इस मुल्क के किरायेदार नहीं, मालिक हैं.

अजित पवार पर साधा निशाना

महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने उप मुख्यमंत्री अजित पवार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा की बात करने वाली बीजेपी आज भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के साथ सत्ता साझा कर रही है. इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए इसे चुनावी चंदे के नाम पर बड़ी लूट करार दिया.

मुसलमानों से एकजुट होने की अपील

ओवैसी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि मोहब्बत और एकजुटता से दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मुसलमानों को जोश के साथ होश की भी जरूरत है. यदि हम संगठित नहीं हुए तो आने वाली नस्लें हमें कभी माफ नहीं करेंगी. उन्होंने साफ़ किया कि वे केवल चुनाव जीतने नहीं, बल्कि लोगों का दिल जीतने और हक की आवाज बुलंद करने आए हैं.

भाषण के अंत में उन्होंने मकर संक्रांति के पर्व और पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘पतंग’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह अल्लाह की शान है कि विरोधियों के हाथ में भी हमारी निशानी है. उन्होंने धुले की जनता से अपील की कि 15 तारीख को होने वाले मतदान के दिन केवल 15 मिनट का समय निकालें और ‘पतंग’ के निशान पर वोट देकर मजलिस को एक ऐतिहासिक जीत दिलाएं.

Gold Price Today: सोने- चांदी की कीमतों में तेजी बरकरार

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घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार, 13 जनवरी को हल्की तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,41,847 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ.

इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,42,032 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

13 जनवरी की सुबह 10:40 बजे, एमसीएक्स पर 5 फरवरी का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1,42,157 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 125 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1,42,206 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.

एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 2,71,597 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 2650 रुपये की उछाल दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 2,72,202 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोना और चांदी का ताजा भाव क्या है….

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

  • 24 कैरेट – 1,42,680 रुपए 22 कैरेट – 1,30,800 रुपए 8 कैरेट – 1,07,050 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

  • 24 कैरेट – 1,42,530 रुपए 22 कैरेट – 1,30,650 रुपए 18 कैरेट – 1,06,900 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

  • 24 कैरेट – 1,43,680 रुपए 22 कैरेट – 1,31,700 रुपए 18 कैरेट – 1,09,800 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

  • 24 कैरेट – 1,42,580 रुपए
  • 22 कैरेट – 1,30,700 रुपए
  • 18 कैरेट – 1,06,950 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

  • 24 कैरेट – 1,42,680 रुपए
  • 22 कैरेट – 1,30,460 रुपए
  • 18 कैरेट – 1,07,050 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में उछाल दर्ज की जा रही है. ऐसे में अगर आप आज इन बहुमूल्य धातुओं की खरीदारी करने वाले हैं, तो अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर जान लें. ताकि आपको किसी तरह का आर्थिक नुकसान न हो.

घर का Wi-Fi बन गया है कछुआ? स्लो स्पीड और बार-बार डिस्कनेक्ट

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आज के दौर में Wi-Fi सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि हर घर की जरूरत बन चुका है. ऑनलाइन कॉलिंग, मैसेजिंग, वर्क फ्रॉम होम, पढ़ाई और एंटरटेनमेंट सब कुछ इंटरनेट पर ही निर्भर है.

लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर में Wi-Fi कभी धीमा हो जाता है, कभी किसी कमरे में सिग्नल नहीं पहुंचता या फिर बार-बार डिस्कनेक्ट होने लगता है. खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं तो नीचे दिए गए उपाय आपके काफी काम आ सकते हैं.

इंटरनेट सच में चालू है या नहीं

Wi-Fi में दिक्कत आने पर सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि समस्या राउटर की है या पूरे इंटरनेट कनेक्शन की. राउटर पर लगी लाइट्स पर ध्यान दें. अगर लाइट लाल है या लगातार ब्लिंक कर रही है तो यह कनेक्टिविटी समस्या का संकेत हो सकता है. एक ही वेबसाइट को मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट जैसे अलग-अलग डिवाइस पर खोलकर देखें. अगर किसी भी डिवाइस पर इंटरनेट नहीं चल रहा, तो हो सकता है आपके इलाके में सर्विस डाउन हो. ऐसे में अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना ही बेहतर रहेगा.

राउटर और मॉडेम को एक बार रीस्टार्ट करें

यह उपाय सुनने में भले ही साधारण लगे लेकिन कई बार यही सबसे कारगर साबित होता है. राउटर और मॉडेम को बंद करें, प्लग निकालकर करीब 30 सेकंड तक रुकें और फिर दोबारा चालू करें. इस छोटे से रीसेट से राउटर की अंदरूनी गड़बड़ियां ठीक हो जाती हैं और इंटरनेट पहले से ज्यादा स्मूथ चलने लगता है.

घर में राउटर कहां रखा है, इस पर ध्यान दें

राउटर की लोकेशन Wi-Fi स्पीड और रेंज पर सीधा असर डालती है. अगर राउटर किसी कोने में, टीवी के पीछे या अलमारी के अंदर रखा है तो सिग्नल पूरे घर में ठीक से नहीं पहुंच पाता. कोशिश करें कि राउटर घर के बीचों-बीच और खुले स्थान पर रखा हो. उसे जमीन से थोड़ा ऊपर रखने पर भी सिग्नल बेहतर मिलता है. मोटी दीवारें, धातु की चीजें और माइक्रोवेव जैसे किचन अप्लायंसेज सिग्नल में रुकावट डाल सकते हैं, इसलिए उनसे दूरी बनाए रखें.

क्या एक साथ बहुत ज्यादा डिवाइस जुड़े हुए हैं?

आजकल हर घर में कई स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट डिवाइस एक ही Wi-Fi से जुड़े होते हैं. अगर एक साथ बहुत सारे डिवाइस इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं तो स्पीड धीमी होना तय है, खासकर जब आपका प्लान बेसिक हो. जो डिवाइस इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें Wi-Fi से डिस्कनेक्ट करके देखें. कई बार सिर्फ इतना करने से ही इंटरनेट की रफ्तार में फर्क नजर आने लगता है.

मोबाइल से Wi-Fi स्पीड टेस्ट करें

Wi-Fi की असली स्पीड जानने के लिए किसी फ्री स्पीड टेस्ट ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें. अगर आपको मिल रही स्पीड, आपके प्लान से काफी कम है, तो यह नेटवर्क, केबल या राउटर से जुड़ी समस्या हो सकती है. बेहतर होगा कि पहले राउटर के पास खड़े होकर स्पीड टेस्ट करें और फिर किसी दूसरे कमरे में जाकर वही टेस्ट दोहराएं. अगर दोनों जगह स्पीड में बड़ा अंतर दिखे, तो साफ है कि आपके घर में सिग्नल रेंज की दिक्कत है.

2.4GHz और 5GHz बैंड बदलकर देखें

आजकल ज्यादातर राउटर दो Wi-Fi बैंड सपोर्ट करते हैं—2.4GHz और 5GHz. 2.4GHz का सिग्नल दूर तक जाता है लेकिन इसकी स्पीड थोड़ी कम होती है. वहीं 5GHz ज्यादा तेज होता है लेकिन दीवारों को पार करने में कमजोर पड़ता है. अगर इंटरनेट बार-बार कट रहा है या स्लो लग रहा है, तो राउटर या फोन की सेटिंग में जाकर बैंड बदलकर देखें और जो उस समय बेहतर काम करे, उसे इस्तेमाल करें.

केबल और पावर सप्लाई की भी जांच जरूरी

कई बार समस्या बहुत छोटी होती है, लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते. ढीले या खराब केबल, पावर एडॉप्टर की गड़बड़ी या बार-बार बिजली जाने से भी Wi-Fi कनेक्शन प्रभावित होता है. यह सुनिश्चित करें कि ब्रॉडबैंड केबल, ईथरनेट वायर और पावर प्लग सही से जुड़े हों. अगर आपके इलाके में वोल्टेज फ्लक्चुएशन ज्यादा है, तो राउटर के लिए पावर बैकअप या स्टेबलाइजर इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा.

राउटर का फर्मवेयर अपडेट या रीसेट करें

पुराना या आउटडेटेड फर्मवेयर भी Wi-Fi की समस्याओं की एक बड़ी वजह हो सकता है. राउटर के ऐप या सेटिंग पैनल में जाकर देखें कि कोई अपडेट उपलब्ध है या नहीं. अगर अपडेट के बाद भी दिक्कत बनी रहती है, तो आखिरी विकल्प के तौर पर फैक्ट्री रीसेट किया जा सकता है. बस ध्यान रखें कि रीसेट करने से पहले Wi-Fi का नाम और पासवर्ड नोट कर लें, क्योंकि सारी सेटिंग्स डिलीट हो जाती हैं.

आखिर में इंटरनेट प्रोवाइडर को कब कॉल करें?

अगर आपने ऊपर बताए गए सभी उपाय आजमा लिए हैं और फिर भी Wi-Fi सही से काम नहीं कर रहा, तो अब अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना जरूरी हो जाता है. कई बार समस्या घर के बाहर होती है, जैसे फाइबर लाइन में खराबी, बाहरी वायरिंग या आपके इलाके में नेटवर्क कंजेशन. ऐसे मामलों में केवल सर्विस प्रोवाइडर ही सही समाधान दे सकता है.

क्रूड ऑयल में उछाल और डॉलर की मजबूत के बीच औंधे मुंह गिरा रुपया, जानें

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भारतीय रुपये में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया पांच पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.22 पर आ गया.

डॉलर के मजबूत रुख, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रहा.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.24 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में मामूली सुधार के साथ 90.22 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से पांच पैसे की कमजोरी दर्शाता है. रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले 90.17 पर बंद हुआ था.

रुपये में गिरावट की वजह

छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.73 पर रहा. हालांकि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 125.96 अंक यानी 0.15 प्रतिशत चढ़कर 84,004.13 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 47.25 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,837.50 अंक पर कारोबार करता दिखा.

एक्सपर्ट की राय

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और भू-राजनीतिक तनाव के चलते रुपया कमजोरी के साथ खुला, हालांकि घरेलू शेयर बाजारों में तेजी से इसमें कुछ सुधार देखने को मिला. उन्होंने कहा कि निवेशकों और कारोबारियों की नजर अब भारत और अमेरिका के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिकी है. उनके मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये का दायरा 89.90 से 90.60 के बीच रह सकता है.

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.28 प्रतिशत बढ़कर 64.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाली करते नजर आए और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

Maharashtra: ताम्हिणी घाट में सनसनी! जंगल में मिला युवक का लहूलुहान शव

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महाराष्ट्र के माणगांव-पुणे मार्ग पर स्थित ताम्हिणी घाट से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां जंगल के एक सुनसान रास्ते पर एक युवक का लहूलुहान शव बरामद हुआ है.

युवक की बेरहमी से हत्या की गई है और उसके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वारों के निशान मिले हैं. पुलिस का अनुमान है कि हत्या कहीं और की गई और सबूत मिटाने के लिए शव को इस सुनसान घाट में फेंक दिया गया.

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

ताम्हिणी घाट के एक गांव के कुछ लोग अपने रिश्तेदारों को जमीन दिखाने के लिए जंगल के एक आडमार्ग की ओर गए थे. उसी दौरान उनकी नजर झाड़ियों में पड़े एक युवक के रक्त से लथपथ शव पर पड़ी. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना माणगांव पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और प्राथमिक जांच में पाया कि युवक की हत्या धारदार हथियार से की गई है. मृतक की उम्र लगभग 25 से 30 साल की बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया. टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं. पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने युवक की हत्या किसी और स्थान पर की और शव को ताम्हिणी घाट के घने जंगल में फेंक कर सबूत मिटाने की कोशिश की.

आसपास के जिलों में बेपत्ता लोगों की तलाश

मृतक की पहचान करने के लिए पुलिस पुणे और रायगढ़ जिलों में दर्ज बेपत्ता व्यक्तियों की शिकायतों की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में किसी तरह का सुराग नहीं मिला है, लेकिन पुलिस कई कोणों से मामले की जांच कर रही है.

इस घटना के बाद ताम्हिणी घाट क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है. घने जंगल और सुनसान रास्तों के कारण यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही सच सामने आएगा.

अब इस पहाड़ी इलाके में हिली धरती, सुबह-सुबह महसूस हुए भूकंप के झटके,

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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मंगलवार (13 जनवरी) की सुबह हल्की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह करीब 7 बजकर 25 मिनट पर धरती कांपने का अहसास हुआ.

भूकंप का अंदेशा लगते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए.

गनीमत की खबर यह है कि घटना में अभी तक जान माल के किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है. बागेश्वर में जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई. भूकंप का केंद्र बागेश्वर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर, कपकोट कस्बे के पास था.

बागेश्वर जिला आपदा प्रबंधन ने दी जानकारी

बागेश्वर की जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि अभी तक कहीं से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

कब चुना जाएगा बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामने आ गई तारीख, कौन-कौन

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बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव 19-20 जनवरी को होगा. 19 जनवरी को नामांकन किया जाएगा और 20 जनवरी को चुनाव होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी और संगठन के 10 नेता प्रस्तावक बनेंगे.

नितिन नबीन की दावेदारी सबसे मजबूत

पार्टी सूत्रों से खबर है कि अध्यक्ष की रेस में नितिन नबीन का नाम सबसे आगे है. अगर नितिन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा होंगे. उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा. 2029 में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित होने के कारण उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है.

इससे पहले 2020 में जेपी नड्डा को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था. इसके बाद उन्हें ही स्थायी अध्यक्ष बना दिया गया.

29 राज्यों में आंतरिक चुनावों की फाइनल स्टेज

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पार्टी शासित आधे से ज्यादा राज्यों में पूरी हो चुकी है. 37 में से 29 राज्यों में आंतरिक चुनावों को अंतिम रूप दे दिया गया है. इन राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट जमा करेंगे. इसके अलावा बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी नितिन नबीन के पक्ष में एक अलग सेट में नामांकन दाखिल करेंगे.

अमेरिकी राजदूत के उम्मीद भरे बयान बीच अब यूएस-इंडिया ट्रेड डील को लेकर

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India-US Trade Deal: भारत पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के उलट, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत मंगलवार से शुरू होगी, इस हफ्ते दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर किसी भी तरह की औपचारिक वार्ता तय नहीं है.

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस तरह की कोई योजना पहले से निर्धारित नहीं की गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय को वॉशिंगटन की ओर से बातचीत को लेकर कोई औपचारिक संदेश नहीं मिला है. नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि भारत द्वारा हाल में दिए गए प्रस्तावों पर पहले अमेरिका में आंतरिक समीक्षा की जाएगी, उसके बाद ही आगे किसी तरह का फैसला लिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि कम से कम इस महीने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कोई बातचीत होने की संभावना नहीं है और न ही इस हफ्ते या निकट भविष्य के लिए कोई बैठक तय की गई है.

टल गई बातचीत

भारत-अमेरिका के बीच संभावित बातचीत ऐसे समय पर टली है, जब अमेरिका की ओर से एक नई चेतावनी दी गई है. अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बीच जहां अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने की बात कही है, वहीं अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने किसी भी समझौते पर जल्द मुहर लगने को लेकर संदेह जताया है. उन्होंने इसके लिए संवाद में कमी और बड़े अवसरों के चूकने को जिम्मेदार बताया है.

भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ

फिलहाल अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है. इसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ शामिल है, जबकि रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदने के चलते भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ जुर्माने के रूप में लगाया गया है.

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापारिक बातचीत चल रही है, लेकिन कृषि क्षेत्र में किसानों को संरक्षण देने के मुद्दे पर भारत अपने बाजार खोलने को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है. अब तक दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. ऐसे में आगे व्यापारिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते की उम्मीद अब भी बरकरार है.

US Visa: ट्रंप ने 1 लाख लोगों से छीन लिया उनका सपना, सबके वीजा कर दिए

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अमेरिका में आपराधिक गतिविधि का हवाला देकर आप्रवासियों के खिलाफ की गई व्यापक कार्रवाई के तहत 2025 में 8,000 छात्र वीजा समेत एक लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए गए. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए हम इन ठगों को प्रत्यर्पित करते रहेंगे.’

पोस्ट में कहा गया है, ‘अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों के लिए कानून की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय ने 8,000 छात्र वीजा और 2,500 विशेष वीजा समेत 1,00,000 वीजा रद्द कर दिए हैं.’

विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि एक साल से भी कम समय में ट्रंप प्रशासन ने एक लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं. उन्होंने कहा, ‘इनमें हमला, चोरी और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे अपराधों में आरोपी या दोषी हजारों विदेशी नागरिकों के वीजा शामिल हैं.’ फॉक्स न्यूज की खबर के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अंतिम वर्ष यानी 2024 में 40 हजार वीजा रद्द किए गए थे, जिसकी तुलना में 2025 में दोगुने से भी अधिक वीजा रद्द किए गए. खबर में कहा गया है कि 2025 में जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए, उनमें से ज़्यादातर कारोबारी और पर्यटक थे, जो वीजा की अवधि से ज़्यादा समय तक देश में ठहरे थे.

छात्र वीजा रद्द होना शिक्षा जगत में चिंता

8,000 छात्र वीजा का रद्द होना इस पूरी कार्रवाई का सबसे संवेदनशील पहलू माना जा रहा है. अमेरिका दुनिया भर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां भारत, चीन, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से लाखों छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. छात्र वीजा रद्द होने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और विश्वविद्यालयों दोनों को चिंता में डाल दिया है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि केवल उन्हीं छात्रों के वीजा रद्द किए गए हैं जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए.