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घर का Wi-Fi बन गया है कछुआ? स्लो स्पीड और बार-बार डिस्कनेक्ट

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आज के दौर में Wi-Fi सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि हर घर की जरूरत बन चुका है. ऑनलाइन कॉलिंग, मैसेजिंग, वर्क फ्रॉम होम, पढ़ाई और एंटरटेनमेंट सब कुछ इंटरनेट पर ही निर्भर है.

लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर में Wi-Fi कभी धीमा हो जाता है, कभी किसी कमरे में सिग्नल नहीं पहुंचता या फिर बार-बार डिस्कनेक्ट होने लगता है. खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं तो नीचे दिए गए उपाय आपके काफी काम आ सकते हैं.

इंटरनेट सच में चालू है या नहीं

Wi-Fi में दिक्कत आने पर सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि समस्या राउटर की है या पूरे इंटरनेट कनेक्शन की. राउटर पर लगी लाइट्स पर ध्यान दें. अगर लाइट लाल है या लगातार ब्लिंक कर रही है तो यह कनेक्टिविटी समस्या का संकेत हो सकता है. एक ही वेबसाइट को मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट जैसे अलग-अलग डिवाइस पर खोलकर देखें. अगर किसी भी डिवाइस पर इंटरनेट नहीं चल रहा, तो हो सकता है आपके इलाके में सर्विस डाउन हो. ऐसे में अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना ही बेहतर रहेगा.

राउटर और मॉडेम को एक बार रीस्टार्ट करें

यह उपाय सुनने में भले ही साधारण लगे लेकिन कई बार यही सबसे कारगर साबित होता है. राउटर और मॉडेम को बंद करें, प्लग निकालकर करीब 30 सेकंड तक रुकें और फिर दोबारा चालू करें. इस छोटे से रीसेट से राउटर की अंदरूनी गड़बड़ियां ठीक हो जाती हैं और इंटरनेट पहले से ज्यादा स्मूथ चलने लगता है.

घर में राउटर कहां रखा है, इस पर ध्यान दें

राउटर की लोकेशन Wi-Fi स्पीड और रेंज पर सीधा असर डालती है. अगर राउटर किसी कोने में, टीवी के पीछे या अलमारी के अंदर रखा है तो सिग्नल पूरे घर में ठीक से नहीं पहुंच पाता. कोशिश करें कि राउटर घर के बीचों-बीच और खुले स्थान पर रखा हो. उसे जमीन से थोड़ा ऊपर रखने पर भी सिग्नल बेहतर मिलता है. मोटी दीवारें, धातु की चीजें और माइक्रोवेव जैसे किचन अप्लायंसेज सिग्नल में रुकावट डाल सकते हैं, इसलिए उनसे दूरी बनाए रखें.

क्या एक साथ बहुत ज्यादा डिवाइस जुड़े हुए हैं?

आजकल हर घर में कई स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट डिवाइस एक ही Wi-Fi से जुड़े होते हैं. अगर एक साथ बहुत सारे डिवाइस इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं तो स्पीड धीमी होना तय है, खासकर जब आपका प्लान बेसिक हो. जो डिवाइस इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें Wi-Fi से डिस्कनेक्ट करके देखें. कई बार सिर्फ इतना करने से ही इंटरनेट की रफ्तार में फर्क नजर आने लगता है.

मोबाइल से Wi-Fi स्पीड टेस्ट करें

Wi-Fi की असली स्पीड जानने के लिए किसी फ्री स्पीड टेस्ट ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें. अगर आपको मिल रही स्पीड, आपके प्लान से काफी कम है, तो यह नेटवर्क, केबल या राउटर से जुड़ी समस्या हो सकती है. बेहतर होगा कि पहले राउटर के पास खड़े होकर स्पीड टेस्ट करें और फिर किसी दूसरे कमरे में जाकर वही टेस्ट दोहराएं. अगर दोनों जगह स्पीड में बड़ा अंतर दिखे, तो साफ है कि आपके घर में सिग्नल रेंज की दिक्कत है.

2.4GHz और 5GHz बैंड बदलकर देखें

आजकल ज्यादातर राउटर दो Wi-Fi बैंड सपोर्ट करते हैं—2.4GHz और 5GHz. 2.4GHz का सिग्नल दूर तक जाता है लेकिन इसकी स्पीड थोड़ी कम होती है. वहीं 5GHz ज्यादा तेज होता है लेकिन दीवारों को पार करने में कमजोर पड़ता है. अगर इंटरनेट बार-बार कट रहा है या स्लो लग रहा है, तो राउटर या फोन की सेटिंग में जाकर बैंड बदलकर देखें और जो उस समय बेहतर काम करे, उसे इस्तेमाल करें.

केबल और पावर सप्लाई की भी जांच जरूरी

कई बार समस्या बहुत छोटी होती है, लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते. ढीले या खराब केबल, पावर एडॉप्टर की गड़बड़ी या बार-बार बिजली जाने से भी Wi-Fi कनेक्शन प्रभावित होता है. यह सुनिश्चित करें कि ब्रॉडबैंड केबल, ईथरनेट वायर और पावर प्लग सही से जुड़े हों. अगर आपके इलाके में वोल्टेज फ्लक्चुएशन ज्यादा है, तो राउटर के लिए पावर बैकअप या स्टेबलाइजर इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा.

राउटर का फर्मवेयर अपडेट या रीसेट करें

पुराना या आउटडेटेड फर्मवेयर भी Wi-Fi की समस्याओं की एक बड़ी वजह हो सकता है. राउटर के ऐप या सेटिंग पैनल में जाकर देखें कि कोई अपडेट उपलब्ध है या नहीं. अगर अपडेट के बाद भी दिक्कत बनी रहती है, तो आखिरी विकल्प के तौर पर फैक्ट्री रीसेट किया जा सकता है. बस ध्यान रखें कि रीसेट करने से पहले Wi-Fi का नाम और पासवर्ड नोट कर लें, क्योंकि सारी सेटिंग्स डिलीट हो जाती हैं.

आखिर में इंटरनेट प्रोवाइडर को कब कॉल करें?

अगर आपने ऊपर बताए गए सभी उपाय आजमा लिए हैं और फिर भी Wi-Fi सही से काम नहीं कर रहा, तो अब अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना जरूरी हो जाता है. कई बार समस्या घर के बाहर होती है, जैसे फाइबर लाइन में खराबी, बाहरी वायरिंग या आपके इलाके में नेटवर्क कंजेशन. ऐसे मामलों में केवल सर्विस प्रोवाइडर ही सही समाधान दे सकता है.