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मुख्यमंत्री ने नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी को दिया छत्तीसगढ़ आने का न्यौता

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को पत्र लिखकर वर्ष 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्राप्त होने के लिए बधाई दी है, साथ ही छत्तीसगढ़वासियों की ओर से छत्तीसगढ़ आने का न्यौता भी दिया।  
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने पर मैं आपको अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। दुनिया भर में हर भारतीय के लिए यह गर्व का क्षण है, जो हमें ऐसी महानता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिसे दुनिया भर में उच्चतम स्तर पर मान्यता प्राप्त हो। नंगे पांव रहने वाले बच्चों, काली खांसी और स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों के बीच संबंध जैसे मुद्दों पर संदर्भ-आधारित समाधानों पर आपका शोध कई लोगों को व्यावहारिक और कार्यान्वयन योग्य समाधान प्रदान करेगा और उन्हें अंतर्निहित जटिल व्यवहार संबंधी मुद्दों से निपटने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सशक्तिकरण लाने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यूनतम आय योजना का विचार गरीबी और असमानता को दूर करने के हमारे प्रयासों का एक मार्गदर्शक सिद्धांत रहा है। राज्य ने गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण विकास की अपनी यात्रा नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के माध्यम से शुरू की है। राज्य सरकार ने संदर्भ आधारित रोजगार गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए कई पहल शुरू की हैं। मुझे यकीन है कि राज्य के विजन और भविष्य के रोडमैप पर आपका मार्गदर्शन हमारे तरीकों और मान्यताओं की पुष्टि करेगा, जिससे हम राज्य के हर एक व्यक्ति के विकास और सशक्तिकरण के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। मैं आपकी सुविधा के अनुसार राज्य के लोगों की ओर से छत्तीसगढ़ आने के लिए सौहार्दपूर्ण निमंत्रण देता हूं। राज्य की वर्तमान नीतियों और गरीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदमों के साथ आपके साथ एक सुखद बातचीत एक उत्थान और स्थायी अनुभव होगा।

छत्तीसगढ़ : एनाकोंडा की मेरहबानी से रेलवे की बंपर कमाई

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यह एनाकोंडा किसी फिल्म के किरदार का नाम नहीं है, बल्कि एक मालवाहक ट्रेन है, जो सामान्य मालगाड़ी से तीन गुना से भी अधिक बड़ी है। इस मालगाड़ी में 180 वैगन हैं, जबकि सामान्य मालगाड़ी में 50 वैगन होते हैं। एनाकोंडा की लंबाई करीब चार किलोमीटर है। एनाकोंडा को अभी रायपुर से रायगढ़ और कोरबा तक चलाया जा रहा है। यह अनूठा प्रयोग पूरे देश में सिर्फ रायपुर मंडल में किया जा रहा है। एक बार में सामान्य ट्रेन में करीब चार करोड़ का मालभाड़ा मिलता है। जबकि एनाकोंडा से रेलवे को 12 करोड़ रुपये की आय सिर्फ रायपुर से कोरबा तक हो जाती है।

एनाकोंडा को डिमांड के हिसाब से जोन के अन्य रूटों पर भी चलाने की तैयारी है। इसके फायदे हैं कि तीन ट्रेन में नौ क्रू मेंबरों की ड्यूटी होती है, इसमें सिर्फ तीन कर्मचारी लगते हैं। एक इंजन से ही पूरी मालगाड़ी चलाई जा रही है। इस नायाब पहल को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अन्य जोनों को भी अपनाने का सुझाव दिया है। इसमें सिर्फ इंजीनियरिंग टीम की ही कला है। रेलवे के मुताबिक एनाकोंडा के चलने से माल ढुलाई से रेलवे को प्राप्त होनी वाली आय में लगभग 2.5 गुना वृद्धि हुई है।

–आने वाले समय में वाल्टेयर रूट पर भी करेगी कोयला की ढुलाई

आने वाले समय में इस मालगाड़ी को वाल्टेयर रूट सहित अन्य स्थानों के लिए भी चलाया जाएगा। क्योंकि इससे एक साथ भारी मात्रा में कोयला और सीमेंट की ढुलाई की जा सकती है।

–मिलेगी ट्रैकों पर मालगाड़ी की ट्रैफिक से निजात

रेलवे के मुताबिक ऐसी मालगाड़ी को चलाने से सभी रूटों पर मालगाड़ियों के ट्रैफिक से निजात मिल जाएगी। क्योंकि मालगाड़ियों के चलते एक से दो घंटे तक अधिकांश ट्रेनें प्रभावित होती हैं।

–इस तरह हो रहा संचालन

लीडिंग लोको में चालक दल और अंतिम गार्ड ब्रेक वान में गार्ड उपस्थित रहता है। बीच के दोनों इंजन रेडियो फ्रिक्वेंसी से लीड लोको से सिग्नल पर कार्य करते हैं। इससे रेलवे की बहुमूल्य श्रम शक्ति और ट्रेन प्रचालन समय की बचत होती है। साथ ही वैगन के कलपुर्जों की आयु बढ़ जाती है।

वर्जन–

एनाकोंडा को चलाने से रेलवे की आय में वृद्धि हुई है। इसे अभी प्रायोगिक रूप से चलाया जा रहा है।- तन्मय मुखोपाध्याय, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक

छत्तीसगढ़ : रात के अंधेरे में बिना सुरक्षा भोजन के लिए 1.5 KM पैदल चली बालिका खिलाड़ी

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 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता पर विवादों का साया मंडराने लगा है। आयोजन से पहले जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी को लेकर लंबे चौड़े दावे किए थे। लेकिन इन दावों की पोल,उदघाटन के पहले ही खुल गई। उदघाटन समारोह में शामिल होने के लिए रायपुर जोन के खिलाडिय़ों को तीन किलोमीटर दूर बघिमा में स्थित संत पौल स्कूल से ऑटो में धक्के खाते हुए आयोजन स्थल तक आना पड़ा,वहीं बालिका वर्ग की खिलाड़ियों को भोजन के लिए रात के अंधेरे में ठंड से ठिठुरते हुए डेढ़ से दो किलोमीटर तक की पदयात्रा करनी पड़ी।

इस राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के 12 खेल जोन के स्कूल स्तरीय किशोर व युवा खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों से खिलाड़ी यहां पहुंचे हुए हैं। इन खिलाड़ियों के आवास,चिकित्सा,परिवहन व सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर है।

इस प्रतिष्ठित आयोजन को सपᆬलता पूर्व संपन्न कराने के लिए दो बार बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में अधिकारियों ने इन सारी व्यवस्थाओं पर बिंदुवार चर्चा करते हुए,इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारी भी तय करते हुए,पुख्ता इंतजाम के दावे किए गए थे। लेकिन आयोजन के पहले ही दिन,अधिकारियों का यह दावा पूरी तरह से ध्वस्त होता नजर आया।

प्रतियोगिता के आयोजन के उद्घाटन के पहले ही खिलाड़ियों को आवास स्थल से मैदान तक पहुंचने के लिए तिपहिया ऑटो का सहारा लेना पड़ा। इन खिलाड़ियों ने बताया कि वे बस के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे,लेकिन बस के ना पहुंचने पर वे ऑटो लेकर यहां तक आए हैं।

दरअसल, खिलाड़ियों के आवास के लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था कर रखा है। इनमें सबसे दूर आयोजन स्थल से तीन किलोमीटर की दूरी पर बघिका का संतपाल स्कूल और ग्राम पंचायत सारूडीह का छात्रावास शामिल है।

इसके अतिरिक्त सती उद्यान पार्क का वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल,सन्ना रोड में स्थित बालक छात्रावास,सरस्वती शिशु मंदिर के भवन में भी इन खिलाड़ियों के लिए आवास की व्यवस्था की की गई है। इन आवासिय स्थलों से खिलाड़ियों को लेकर मैदान तक लाने और वापस ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था करने का दावा किया गया था। लेकिन पहले ही दिन यह व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।

शांतिभवन,सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल भवन जैसे आयोजन स्थल के समीप स्थित आवासिय स्थल से बघिमा तक इन खिलाड़ियों को पदयात्रा कर मैदान तक पहुंचना पड़ा।

भोजन के लिए रात के अंधेरे में पदयात्रा करते रहे खिलाड़ी

इस राज्य स्तरीय आयोजन के पहले ही दिन बदहाल व्यवस्था से जुझते हुए इन युवा खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए दम लगाया। दिन भर पसीना बहाने के बाद रात को भी इन खिलाड़ियों को पेट भरने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।

दरअसल, व्यवस्थापकों ने सरस्वती शिशु मंदिर में निवासरत खिलाड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था सन्ना रोड स्थित बालक छात्रावास और नगरपालिका के सामने स्थित बुनियादी शाला में किया था। लेकिन इन बच्चों को भोजन स्थल तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

मजबूरी में इन खिलाड़ियों को रात के अंधेरे में ठंड से ठिठुरते हुए डेढ़ से दो किलोमीटर की पदयात्रा करनी पड़ी। इस दौरान इन खिलाड़ियों के साथ कोई जिम्मेदार अधिकारी भी नजर नहीं आया। जबकि भोजन के लिए दौड़ लगाने वाले इन खिलाड़ियों में बालिकाएं भी शामिल थी। बालिका खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को देख कर नगरवासी भी हैरान नजर आए।

”बालिका खिलाड़ियों के लिए आवास व्यवस्था करने में थोड़ी परेशानी हुई थी। इन खिलाड़ियों के लिए मेस की व्यवस्था बालक छात्रावास में किया गया था। इस वजह से इन्हें पैदल दूरी तय करनी पड़ी। अब इनके लिए बस की व्यवस्था कर दी गई है। पैदल जा रही बालिका खिलाड़ियों को बिना जिम्मेदार अधिकारियों के भेजा जाना गलत है। इसके लिए संबंधित जोनल अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है।” – एन कुजूर,डीईओ,जशपुर

छत्तीसगढ़ की बल्ले-बल्ले, पीकऑवर में भी सरप्लस बिजली

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलते ही बिजली में बहार आ गई है। आलम यह है कि पीकऑवर में भी राज्य 50 से 150 मेगावॉट तक सरप्लस (अतिरिक्त बिजली) चल रहा है जबकि सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी की 710 मेगावॉट उत्पादन क्षमता की दो यूनिटें बंद हैं। वहीं, बिजली की मांग अब भी 3800 से 3900 मेगावॉट तक जा रही है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड के माध्यम से बेची जा रही है।

इस वजह से स्थिति बेहतर

बिजली अफसरों के अनुसार सरकारी संयंत्रों से करीब 19 सौ से दो हजार मेगावॉट तक उत्पादन हो रहा है। पावर एक्सचेंज और केंद्रीय कोटा मिलाकर हजार से 18 सौ मेगावॉट तक बिजली मिल रही है।

दो यूनिटों से फिलहाल उत्पादन नहीं

कोरबा वेस्ट संयंत्र और मड़वा संयंत्र एक-एक यूनिट फिलहाल बंद है। इन यूनिटों की स्थापित क्षमता क्रमश: 210 और 500 मेगावॉट है। अफसरों के अनुसार दोनों यूनिट तकनीकी कारणों से बंद हैं।

आवश्यतानुसार हो रहा हाईडल संयंत्रों का उपयोग

बिजली अफसरों के अनुसार दिन में सरप्लस बिजली की वजह से हाईडल संयंत्रों की कुछ यूनिटों को बंद करना पड़ रहा है। मसलन बुधवार को पूरे दिन बांगों संयंत्र की एक यूनिट बंद रखी गई थी, लेकिन शाम को बिजली की मांग बढ़ते ही उसे चालू कर दिया गया।

उत्पादन की स्थापित क्षमता में 200 मेगावॉट की कमी

छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी की बिजली की स्थापित क्षमता में 200 मेगावॉट की कमी आ गई है। कोरबा ईस्ट संयंत्र की पुरानी हो चुकी 50 मेगावॉट की चार यूनिटों को सरकार ने बंद कर दिया है। इस कमी के कारण उत्पाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 3424.7 मेगावॉट से घटकर 3224.7 मेगावॉट रह गई है। इसमें 138.7 मेगावॉट हाईडल व बाकी थर्मल पॉवर है।

छत्तीसगढ़ में बिजली की स्थिति

समय- सुबह11 शाम 6 शाम 7

मांग 3221 3845 3800

उपलब्ध 3355 3901 3853

रिक्त 143 57 53

(नोट- आंकड़े मेगावॉट में)

छत्तीसगढ़ : 10वीं की छात्रा का कारनामा बनाया अनोखा लिक्विड : 5 मिनट में साफ होता है पानी,

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राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआइ मैदान पर बच्चों के लिए 46वें जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी के द्वितीय दिवस पर 127 मॉडलों में प्रदेश का बना मॉडल लोगों की ओर अपना ध्यान खिंचा। बिलासपुर की 10वीं की छात्रा हिमांगी हालदार ने अनोखा प्रयोग करके दिखाया। छात्रा ने नीम और मुनगा के बीज, तुलसी के पत्ते का रस, निर्मली के बीज का द्रव्य बना कर पांच मिनट में गंदे पानी को साफ कर दिया। साथ ही बताया कि महंगे वाटर फिल्टर लेने के बजाय, घर पर ही सस्ती सामग्री से पानी को शुद्घ किया जा सकता है।

सोनल का मॉडल किसानों को हाथियों की समस्या से दिलाएगा मुक्ति

वहीं कोरबा से आई छात्रा सोनल भारती ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो किसानों और गांव के लोगों को हाथियों के उत्पाद से बचाएगा। छात्रा ने ऐसा मॉडल तैयार किया है जो सिंचाई के साथ-साथ हाथियों की समस्या से मुक्ति देगा। छात्रा के मॉडल में गांव के चारों ओर तालाब तैयार किया है, साथ ही उक्त तालाब से गांव के खेतों की सिंचाई की जा सकती है। साथ ही हाथी पानी के कारण अंदर आने में असमर्थ होंगे। उसके अलावा तलाब के बाद दिवार से गांव को सुरक्षित कर दिया, जिससे किसान की फसल और गांव सुरक्षित रहेगी।

ये मॉडल भी रहे अनोखे

रोबोट बनाएगा मकान, बिलासुपर जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र प्रियांशु गुप्ता ने ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसमें रोबोट ही पूरे मकान का निर्माण करेगा।

विशेषज्ञों ने बताया छात्रों को फार्मूला

वैज्ञानिक व्याख्यान के अंतर्गत मुख्यमंत्री के कृषि (नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी) सलाहकार डॉ. प्रदीप शर्मा और हेमचंद विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ अरूणापल्टा ने व्याख्यान दिया। डॉ. प्रदीप शर्मा ने अपने व्याख्यान के अंतर्गत विश्व में बढ़ती गर्मी के प्रभाव के निवारण के लिए नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी के महत्व को बताया गया।

पोषण का बताया राज

दूसरे वैज्ञानिक व्याख्यान के अंतर्गत डॉ अरूणापल्टा, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग ने खाद्य एवं पोषण के संबंध के बारे में बताया। उन्होंने व्यक्ति को कितना तेल खाना चाहिए, कितना प्रोटीन खाना चाहिए, कितना फैट, शुगर, नमक लेना चाहिए यह बताया। साथ ही उन्होंने थोड़ा कम की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया कि एक व्यक्ति को पांच चम्मच शुगर, दो चम्मच ऑइल और एक चम्मच नमक से ज्यादा नहीं लेना चाहिए।

तार्किक प्रश्नों से बताया विज्ञान का महत्व

वहीं देर शाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुब्रत साहू ने छात्रों के समक्ष पहुंच तार्किक प्रश्नों की प्रतियोगिता आयोजित की। प्रतियोगित में 27 राज्यों के छात्रों ने हिस्सा लिया। मौके पर सुब्रत साहू ने तार्किक सवालों के माध्यम से छात्रों को विज्ञान की बेहतर जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ : नहीं दिया सवाल का जवाब तो शिक्षिका ने की डंडे से पिटाई

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कक्षा पांचवी में पढ़ने वाले दो विद्यार्थियों को शिक्षिका ने प्रश्न दिया था। जिसका जवाब बच्चे नहीं दे सके। शिक्षिका इससे इतना नाराज हो गई कि दोनों बच्चों को डंडे से बेदम पीटा। बच्चों की पिटाई के बाद उनके शरीर पर निशान पड़ गए। पिटाई से बच्चे सहम गए थे। घबराहट के कारण कुछ देर बच्चे रोने लगे और कुछ भी न कह सके। बच्चों ने पूरी घटना जब अभिभावकों को बताया तो वे भड़क गए। बीईओ से इसकी शिकायत कर दिया।

मरवाही विकासखंड के सेखवा के प्राथमिक शाला स्कूल में कक्षा पांचवी में पढ़ने वाले सत्यम कैवर्त और कमलेश कैवर्त स्कूल परीक्षा देने गए थे। आंकलन परीक्षा के दौरान टीचर ने बच्चों को सवाल दिया। शिक्षिका द्वारा बच्चों को जो सवाल दिया गया था उसका जवाब बच्चों को मालूम नही था और वे कुछ लिख नहीं रहे थे।

जिस बात से नाराज होकर शिक्षिका रामवती गुप्ता सहायक शिक्षक ने छात्रों को डंडे से जमकर पिटाई कर दी। पिटाई के बाद बच्चों के शरीर में चोट के निशान तक आ गए। निर्दयतापूर्वक की गई इस पिटाई के बाद बच्चे डर गए। दर्द से कहराते हुए घर पहुंचे परिजनों ने जब से रोने की बजह पूछी तो सबकुछ बता दिया।

जिसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी और दर्द से कराहते बच्चे को लेकर परिजन मरवाही पहुंचे जहां मामले की लिखित शिकायत सहायक विकाखंड शिक्षाअधिकारी मरवाही से की है और शिक्षिका पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

मामले में लिखित शिकायत मिली है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।, दिलीप कुमार पटेल सहायक विकासखंड शिक्षा (एबीईओ) अधिकारी

छत्तीसगढ़ : खाद्य नियंत्रक का ID-पासवर्ड चोरी कर बनाए 1600 फर्जी राशनकार्ड

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खाद्य नियंत्रक के माड्यूल से आइडी व पासवर्ड चोरी कर 1,613 फर्जी राशनकार्ड बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात यह है कि इस गड़बड़ी को लेकर अफसर भी अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फूड इंस्पेक्टर अजय कुमार मौर्य ने इस मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। इसमें बताया गया है कि राज्य शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश पर प्रदेश भर में राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए शिविर लगाए गए।

शिविर में उपभोक्ताओं के आवेदनपत्रों के डाटा एंट्री का काम व्यापार विहार स्थित रेसिलायंस सॉफ्ट कंपनी को दिया गया है। इसके लिए कंपनी को अलग से आइडी व पासवर्ड दिया गया। इस कार्य के अतिरिक्त खाद्य विभाग द्वारा खाद्य अधिकारी के नाम से आइडी पासवर्ड खाद्य नियंत्रक को दिया गया है।

विभागीय कार्य एवं राशन कार्ड से संबंधित समस्त कार्य किए जाते हैं। इस आइडी पासवार्ड से कार्यालय से नवीनीकरण से संबंधित कार्य नहीं किए गए हैं और न ही किया जाना था, लेकिन वेबसाइट पर राशन कार्डों के नवीनीकरण से संबंधित आवेदन पत्रों की दर्ज जानकारी का निरीक्षण करने पर पता चला कि खाद्य अधिकारी के माडयूल में कूटरचना करते हुए नगर निगम क्षेत्र के एक हजार छह सौ 13 राशन कार्डों का नवीनीकरण आवेदन अवैध रूप से दर्ज कर दिया गया है।

इसकी अनुमति इस कार्यालय द्वारा नहीं दी गई है। खाद्य नियंत्रक दिनेश्वर प्रसाद की ओर से इस मामले की शिकायत फूड इंस्पेक्टर मौर्य ने की है। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्पष्टीकरण देकर निभाई औपचारिकता

खाद्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने शिकायत में बताया है कि खाद्य नियंत्रक के मॉड्यूल से आइडी व पासवर्ड चोरी कर कूटरचना करने के मामले में संबंधित स्टॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें उनके जवाब से संतुष्ट होकर अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। जवाब में कर्मचारियों ने इस तरह की डाटा एंट्री करने से इन्कार किया है।

मॉड्यूल हैक कर किया गया है फर्जीवाड़ा

विभाग के अफसरों को आशंका है कि खाद्य नियंत्रक के मॉड्यूल को हैक कर फर्जीवाड़ा किया गया। यही वजह है कि इस मामले की साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच के लिए पुलिस को मामला सौंपा गया है।

लिफ्ट के बहाने स्पोर्ट्स टीचर नाबालिग छात्रा को फ्लैट पर ले गया, बेहोश कर किया दुष्कर्म…

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किडीज कॉर्नर के स्पोर्ट्स टीचर ने एक 13 साल की छात्रा को नशीली सिगरेट पिलाकर उसके साथ गलत काम किया है। घटना 5 अक्टूबर गोविंदपुर विद्या अपार्टमेंट की है। आरोपित स्पोर्ट्स टीचर ने कोचिंग जा रही छात्रा को लिफ्ट के बहाने बाइक पर बैठाया और उसे अपने फ्लैट पर लेकर पहुंचा और वहां छात्रा को सिगरेट ऑफर की। जब छात्रा को होश आया तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। स्पोर्ट्स टीचर ने छात्रा को करियर बर्बाद करने की धमकी देकर चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद फोन पर भी धमकाता रहा।

मंगलवार को पीड़िता ने मां के सामने पूरी घटना बताई। इसके बाद पीड़ित छात्रा को लेकर परिजन एसपी से मिले। तत्काल विश्वविद्यालय थाना में अपहरण कर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। विश्वविद्यालय के गोविंदपुरी मिलेनियम प्लाजा के पास 140-विद्या अपार्टमेंट निवासी हिमांशु पटेल किडीज कॉर्नर स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर है। वह बच्चों को पीटी सिखाते हुए फिट रहने के टिप्स देता है।

एक 13 साल की छात्रा 5 अक्टूबर को घर से सिटी सेंटर कोचिंग के लिए निकली थी। रास्ते में हिमांशु उसे मिला। उसने बाइक से कोचिंग छोड़ने के लिए उसे लिफ्ट ऑफर की। छात्रा उसके इरादों को समझ नहीं सकी और लिफ्ट ले ली। स्पोर्ट्स टीचर कोचिंग की जगह उसे अपने फ्लैट पर ले गया। यहां उसने एक सिगरेट जलाई और छात्रा को पीने के लिए ऑफर की। छात्रा के मना करने पर उसने एनर्जी सिगरेट बोलकर पिला दी। उसे पीने के बाद छात्रा आधी अचेत सी हो गई। जिसके बाद उसके साथ स्पोर्ट्स टीचर ने गलत काम किया।

मां का कहना- बेटी के स्कूल जाने से मना करने पर हुआ संदेह

पीड़ित छात्रा की मां ने पुलिस को बताया कि जब बेटी ने स्कूल जाने से मना किया तो उनको संदेह हुआ कि कुछ गलत है। इसके बाद मंगलवार को उसकी काउंसलिंग की। इसमें जो बात सामने निकलकर आई, उससे पैरों तले जमीन खिसक गई। वैसे कोचिंग छोड़ने और लेने वह स्वयं ही जाती थी, लेकिन उस दिन वह किसी काम से बाहर थीं, इस वजह से उनकी बेटी को टीचर की गंदी हरकत का शिकार होना पड़ा।

आरोपित गिरफ्तार

पीड़ित छात्रा की शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा के दिन मनाया जाएगा ‘गौठान दिवस‘ : गौठान दिवस मनाये जाने के संबंध में राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को जारी किए निर्देश…

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छत्तीसगढ़ राज्य में दीपावली त्यौहार के पश्चात गोवर्धन पूजा की मान्यता तथा परम्परा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के अंतर्गत निर्मित गौठानों में गोवर्धन पूजा के दिन गौठान दिवस मनाया जाएगा। राज्य सरकार के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत गोवर्धन पूजा के दिन गौठान दिवस मनाए जाने के संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। 
जारी निर्देश के अनुसार सुराजी गांव योजना के तहत चयनित गांवों में गौठान निर्मित किए गए हैं, जहां गौवंश प्रतिदिन आते है। गोवर्धन पूजा के दिन उन गौठानों में गौठान दिवस मनाने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। कार्यक्रम में परम्परागत पूजा-अर्जना की जाएगी। इसके अतिरिक्त गौठान दिवस के पूर्व गौठान सेवा समिति का गठन सुनिश्चित करने और गौैठान सेवा समिति को औपचारिक रूप से कार्यभार गौठान दिवस में सौंपे जाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।  
    गौठान समिति के बैंकों में तत्काल खाता खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नवम्बर माह से इन खातों में आबंटन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया स्थापित हो सके। जिलों के सभी गौठान सेवा समिति के सदस्यों के नाम और खातों की जानकारी 10 नवम्बर तक संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि नवीन गौठान चयनित और स्वीकृत हांे तो उनका भूमि-पूजन भी पंचायत एवं ग्राम के समक्ष गौठान दिवस पर कराया जाएगा। 
    महिला स्व-सहायता समूहों को जो गौठान में कार्य करते हैं और जो भविष्य में गौठान सेवा समिति के साथ गौठान कार्याें का संपादन करेंगे, इन सभी स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी गौठान दिवस के कार्यक्रम में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

छत्तीसगढ़ – स्टीकर लगे फलों का विक्रय पर प्रतिबंध…

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खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के सभी फल विक्रेताओं को स्टीकर लगे हुए फल नहीं बेचने की अपील की है। साथ ही आम जनता से भी स्टीकर लगे हुए फल नहीं खरीदने की अपील की है। कोई भी खाद्य कारोबारी असुरक्षित खाद्य का संग्रह, वितरण और विक्रय करते पाया जाएगा तो उनके विरूद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 59 की तहत कारावास एवं जुर्माने कार्रवाई की जाएगी।

    नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजार में बिकने वाले सेब, आम, संतरा, अमरूद, केला, सीताफल, नाशपाती आदि फलों में स्टीकर चिपके होते हैं। अधिकांश व्यापारी फल के ऊपर स्टीकर का इस्तेमाल प्रीमियम दिखाने या कई बार फलों के खराब हिस्सों की खामियां छुपाने के लिए करते हैं। फलों पर जो स्टीकर चिपके होते है उन पर व्यापारी की ब्राण्ड के नाम, ओके टेस्टेड, बेस्ट क्वालिटी या फल का नाम लिखा होता है। फल विक्रेता फलों में स्टीकरों का इस्तेमाल उत्पाद को प्रीमियम दर्जे का दिखाने के लिए करते है। फलों के ऊपर लगे स्टीकर में कैमिकल होता है और कैमिकल की वजह से फल दूषित हो जाता है। स्टीकर के गोंद में खतरनाक कैमिकल होते है, जो मानव के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य कारोबारी असुरक्षित खाद्य का संग्रह, वितरण, विक्रय नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति सड़ी-गली फलों एवं सब्जियों का विक्रय नहीं करेगा। फल एवं सब्जियों में मोम, खनिज तेल, रंगों का आलेपन भी नहीं करेगा और फलों को कार्बाइट के रूप में सामान्य रूप से ज्ञात एसीटिलिन गैस का प्रयोग करके कृत्रिम रूप से पका कर विक्रय नहीं करेगा।