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भाजपा ने हरियाणा को छोड़ महाराष्ट्र में लगाया पूरा जोर, आखिर क्यों?

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा को छोड़ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है. दिल्ली से कई राष्ट्रीय नेताओं को चुनाव प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र के मोर्चे पर लगाया गया है. इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. दरअसल, हरियाणा में भाजपा को राह आसान लग रही है, मगर महाराष्ट्र में थोड़ी मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं. महाराष्ट्र में भाजपा की लड़ाई कांग्रेस-राकांपा गठबंधन से तो है ही, अंदरखाने शिवसेना से भी है.

भाजपा के एक नेता ने कहा कि देश के हर हिस्से की तरह महाराष्ट्र में भी विपक्ष भाजपा का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है. सच तो यह है कि महाराष्ट्र में हमारी लड़ाई विपक्ष से कम, शिवसेना से ज्यादा है. सूत्रों का कहना है कि अगर शिवसेना पिछली बार से ज्यादा सीटें पाने में सफल रही तो वह सरकार में अपनी हिस्सेदारी को लेकर मोलभाव पर उतर आएगी. इससे आशंकित भाजपा की कोशिश है कि वह अकेले पूर्ण बहुमत के आंकड़े तक पहुंचे. यही वजह है कि पार्टी ने महाराष्ट्र में पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या लगातार महाराष्ट्र में डटे हुए हैं. मौर्या महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सह प्रभारी भी हैं. सक्रियता का आलम यह है कि महाराष्ट्र में बसे 40 लाख से ज्यादा हिंदी भाषी, उत्तर-भारतीयों का वोट पाने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के जिलास्तरीय नेताओं तक को यहां जनसंपर्क अभियान में लगाया गया है.

एक महीने से भी अधिक समय से डेरा डाले हैं दो राष्ट्रीय महासचिव
शीर्ष नेताओं की बात करें तो भाजपा के दो राष्ट्रीय महासचिवों -भूपेंद्र यादव और सरोज पांडेय- ने यहां एक महीने से भी अधिक समय से डेरा डाल रखा है. भूपेंद्र यादव महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव प्रभारी हैं तो सरोज पांडेय राज्य प्रभारी हैं. दोनों नेता राज्य के चुनाव प्रबंधन में इस कदर व्यस्त हैं कि इस दौरान वे दिल्ली आने के लिए भी समय नहीं निकाल पा रहे हैं. भूपेंद्र यादव को पार्टी अमूमन संकट वाले राज्यों में लगाती है. ऐसे में महाराष्ट्र में उनकी तैनाती की अहमियत समझी जा सकती है. वहीं केंद्रीय मंत्रियों की बात करें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी भी महाराष्ट्र में अभियान को धार दे रहे हैं. गडकरी और ईरानी के स्तर से एक दिन में कई रैलियां हो रही हैं.

मीडिया मैनेजमेंट के लिए इन पर जिम्मेदारी
खास बात यह है कि भाजपा ने महाराष्ट्र चुनाव में मीडिया मैनेजमेंट के लिए अपने दोनों शीर्ष पदाधिकारियों को लगा रखा है. इसमें राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी और सह प्रभारी व बिहार के एमएलसी संजय मयूख हैं. जबकि हरियाणा में मीडिया मैनेजमेंट का काम राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा ही देख रहे हैं. हरियाणा की बात करें तो यहां बतौर विधानसभा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इलेक्शन मैनेजमेंट देख रहे हैं. यहां पार्टी ने सिर्फ एक राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन को मोर्चे पर लगाया है. जैन ही राज्य के प्रभारी भी हैं. संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी बीच-बीच में हरियाणा पहुंचकर चुनाव जीतने का मंत्र नेताओं को दे रहे हैं. हरियाणा में मोदी-शाह और राजनाथ सिंह की ताबड़तोड़ रैलियां हो रही हैं, मगर महाराष्ट्र की तरह यहां राष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा कम है.

हरियाणा में रास्ता आसान
सूत्र बताते हैं कि हरियाणा में रास्ता आसान देख भाजपा ने यहां चुनाव लड़ने में राष्ट्रीय नेताओं से ज्यादा स्थानीय नेताओं पर ही भरोसा जताया है. सूत्र बताते हैं कि हरियाणा की तुलना में महाराष्ट्र पर भाजपा के खास फोकस के पीछे कई वजहें हैं. एक तो हरियाणा में सिर्फ 90 सीटें हैं, वहीं महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं. दूसरी बात कि हरियाणा के बजाए महाराष्ट्र में ज्यादा चुनौतियां हैं. महाराष्ट्र में विपक्ष कुछ मजबूत है. भाजपा को यहां दोहरी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है. एक तरफ उसे कांग्रेस-राकांपा गठबंधन से लड़ना है तो दूसरी तरफ सीट बंटवारे से लेकर अब तक उसकी गठबंधन सहयोगी शिवसेना से विभिन्न मसलों पर नूराकुश्ती चल रही है. 2014 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन टूटने पर सभी 288 विधानसभा सीटों पर अलग-अलग लड़ने पर भाजपा को 122 सीटें मिलीं थीं, वहीं शिवसेना को सिर्फ 63 हासिल हुईं थीं. जबकि कांग्रेस और राकांपा को क्रमश: 42 और 41 सीटें मिलीं थीं.

भाजपा ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी
पूर्ण बहुमत से 20 सीटें कम होने के कारण तब भाजपा को शिवसेना के समर्थन से सरकार बनानी पड़ी थी. इस बार 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन के कारण सिर्फ 150 सीटों पर खुद लड़ रही है, वहीं 14 सीटों पर उसके ही सिंबल पर अन्य सहयोगी दल लड़ रहे हैं. जबकि शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ऐसे में भाजपा को लगता है कि इस बार कम सीटों पर चुनाव लड़ने के कारण अगर पिछली बार से कम सीटें आईं और शिवसेना की सीटें बढ़ीं तो भाजपा के लिए मुश्किलें होंगी. पीएमसी बैंक घोटाले ने भाजपा के लिए एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है. किसानों की समस्या पहले से पार्टी को परेशान कर रही है. सूत्रों का कहना है कि यही वजह है कि भाजपा ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

इस करवाचौथ हिंदी में भेजें बधाई संदेश, देखें स्‍पेशल मैसेज…

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Karva chauth 2019 का त्‍योहार बेहद खास है. ये दिन है पति-पत्‍नी के प्‍यार का. इस दिन महिलाएं सुहाग की लंबी आयु की कामना करती हैं. इसके लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं.

शाम के समय वे सुहागन के रूप में तैयार होती हैं. इस समय की रौनक देखते ही बनती है. 16 श्रृंगार किए महिलाएं चांद को अर्घ्‍य देने घर से बाहर निकलती हैं.

उत्‍सव के इस दिन लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भेजते हैं. करवाचौथ की बधाई देते हैं.

इस मौके पर मैसेज तो खूब आते हैं पर ये तब खास बन जाते हैं जब ये हिंदी में होते हैं. अगर आप भी ऐसे ही संदेश भेजना चाहते हैं तो खास तौर से हिंदी में तैयार किए गए इन संदेशों को Save करके भेज सकते हैं.

घोटालेबाज जेट समेत 3,830 करोड़ की अपनी संपत्ति बेचने को तैयार : 4,355 करोड़ का PMC बैंक स्‍कैम…

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 देश में हाल ही में सामने आए बहुचर्चित पीएमसी बैंक के 4,355 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोपी कानूनी शिकंजे और जेल के सीखचों के पीछे जाने के बाद आपनी पूरी संपत्ति बेचने को तैयार हो गया है. बता दें कि ईडी ने निजी जेट और नौका रखने वाले घोटालेबाज बाप-बेटे की 3,830 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है.

रियल एस्टेट समूह एचडीआईएल के प्रमोटरों राकेश और सारंग वधावन ने आरबीआई और जांच एजेंसियों से पीएमसी बैंक का बकाया चुकाने के लिए अपनी संपत्तियां बेचने का अनुरोध किया है. ये दोनों पीएमसी बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी हैं. राकेश वधावन और उनके पुत्र सारंग को ईओडब्ल्यू ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरियम सिंह के अलावा ईओडब्ल्यू ने बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को भी गिरफ्तार किया है.

वधावन पिता-पुत्र के प्रवक्ता ने एक पत्र जारी किया है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉओपरेटिव बैंक का घोटाला 4,355 करोड़ रुपए का है.

बता दें कि बीते सोमवार को सोमवार को ईडी ने कहा कि उसने अपनी जांच के दौरान निजी जेट और एक नौका सहित 3,830 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है.

इस बीच, मजिस्ट्रेट अदालत के बाहर, बैंक के कई खाताधारकों ने विरोध प्रदर्शन किया और अपना धन लौटाने की मांग की गई.उन्होंने मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय बर्वे से भी मुलाकात की. प्रदर्शनकारियों में से एक ने बताया कि उन्होंने वादा किया कि ईओडब्ल्यू इस मामले की त्वरित जांच करेगा.

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से धन की निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे कई जमाकर्ता मुश्किल में हैं.

गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, ”हम प्राथमिकी में लगाए आरोपों को खारिज करते हुए आपसे अपनी कुछ संपत्तियों को बेचने और इसे संबंधित कंपनियों द्वारा लिए कर्ज के रूप में चुकाने के वास्ते फौरन कदम उठाने का अनुरोध करते हैं.” पत्र में संपत्तियों की दी गई सूचियों में कई महंगी कारें शामिल हैं.

रियल एस्टेट कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राकेश वधावन और उनके बेटे को पहले मामले के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. ईओडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन ने राकेश वधावन और उनके पुत्र के साथ मिलकर एचडीआईएल समूह की कंपनियों द्वारा कर्ज की राशि के भुगतान में की गई चूक को बैंकिंग नियामकों की जांच से छिपाया.

बैंक अधिकारियों ने एचडीआईएल के 44 ऋण खातों को 21,049 काल्पनिक खातों के साथ बदल दिया है, ताकि रियल एस्टेट समूह द्वारा कर्ज अदायगी में की गई भारी चूक को छिपाया जा सके.

24 अक्टूबर को होगा धोनी के भविष्य पर फैसला, BCCI के भावी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कही ये बात…

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के भावी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने स्पष्ट किया है कि वह महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर राष्ट्रीय चयन समिति की योजनाओं को जानना चाहते हैं और इसके बाद ही इस मुद्दे पर अपना नजरिया रखेंगे. भारत के विश्व कप से बाहर होने के बाद से धोनी ने ब्रेक लिया है और उनके बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में जगह बनाने की उम्मीद नहीं है जिसका चयन 24 अक्टूबर को किया जाएगा.

धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है लेकिन चयनकर्ता बार-बार अपना इरादा स्पष्ट करते रहे हैं कि अगले साल के विश्व टी20 को ध्यान में रखते हुए वे आगे बढ़ना चाहते हैं.

जल्द ही बीसीसीआई प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने वाले गांगुली ने ईडन गार्डन्स में संवाददाओं से कहा, ’24 अक्टूबर को चयनकर्ताओं से बैठक के दौरान मैं उनका रुख जानूंगा. हमें पता चलेगा कि चयनकर्ता क्या सोच रहे हैं और इसके बाद मैं अपना नजरिया रखूंगा.’

‘हमें पता करना होगा कि धोनी क्या चाहते हैं’

गांगुली ने साथ ही कहा कि वह धोनी से भी बात करना पसंद करेंगे और जानना चाहते हैं कि वह क्या चाहता हैं. उन्होंने कहा, ‘हमें देखना होगा कि धोनी क्या चाहता है. मैं उससे भी बात करूंगा कि वह क्या चाहता है और वह क्या नहीं करना चाहता.’

गांगुली ने कहा कि अभी उनकी कोई भूमिका नहीं है इसलिए धोनी के भविष्य के संदर्भ में वह स्पष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरी कोई भूमिका नहीं है इसलिए अभी मैं स्थिति को लेकर स्पष्ट नहीं हूं. अब मैं इसे पता करने की स्थिति में रहूंगा और फिर फैसला करूंगा कि क्या करना है.’

गांगुली 23 अक्टूबर को संभालेंगे कार्यभार

पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि 23 अक्टूबर को एजीएम में प्रभार संभालने के बाद वह चयनकर्ताओं और कप्तान से बात करेंगे.

पहले चयन समिति की बैठक 21 अक्टूबर को होनी थी लेकिन अब यह 24 अक्टूबर को होगी. इसके साथ ही देवधर ट्रॉफी के लिए भारत ए, बी और सी टीमों का चयन भी किया जाएगा.

रतन टाटा ने बताया अपने आप को एक्‍सीडेंटल स्‍टार्टअप इन्‍वेस्‍टर, 12 से ज्‍यादा कंपनियों में किया निवेश…

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दर्जनभर से ज्यादा स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करने वाले उद्योगपति और टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा का कहना है कि वह एक एक्‍सीडेंटल स्टार्टअप निवेशक हैं। निजी तौर पर किए गए इन निवेशों को वह एक दुर्घटना करार देते हैं। टेक्‍नोलॉजी से जुड़ी नए दौर की स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करने वाले टाटा सबसे सफल निवेशकों में से एक हैं।

एप पर टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली ओला हो या डिजिटल भुगतान क्षेत्र की पेटीएम, टाटा दोनों कंपनियों में 2015 से निवेश किए हुए हैं और इनमें निवेश करने वाले शुरुआती निवेशक भी हैं। स्टार्टअप कंपनियों में उन्होंने अपना सबसे पहला निवेश ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील में किया था। पेटीएम पर मालिकाना हक रखने वाली वन97 कम्युनिकेशंस में भी उनकी छोटी हिस्सेदारी है। वह कंपनी में सलाहकार भी हैं।

चिराटे वेंचर्स के चेयरमैन सुधीर सेठी के साथ एक बातचीत में रतन टाटा ने कहा कि मेरा स्टार्टअप निवेशक बन जाना एक दुर्घटना (बिना सोच-विचार के शुरुआत) की तरह है। जब मैं टाटा समूह के साथ काम कर रहा था, तब भी स्टार्टअप क्षेत्र मुझे हमेशा रोमांचित करता था। लेकिन कहीं ना कहीं इससे दूरी बनी रही क्योंकि यह टाटा समूह के हितों से टकराव था।

उन्होंने कहा कि लेकिन जब मैं सेवानिवृत्त हुआ तो मैं टाटा समूह की जिम्मेदारी से मुक्त हो गया। इसके बाद मैंने अपनी खुद की जेब से मुझे आकर्षक दिखने वाली कंपनियों में छोटा-छोटा निवेश करना शुरू किया। दो से तीन साल इस क्षेत्र में रहने के बाद यह मेरे लिए एक सीखने वाला अनुभव रहा। यह क्षेत्र बहुत सक्रिय है और सबसे अच्छे दिमाग वाले लोग इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

रतन टाटा ने फिटनेस क्षेत्र की क्योरफिट, मौसम की जानकारी देने वाली क्लाइमासेल, ऑनलाइन वाहन मंच कार देखो, ऑनलाइन फर्नीचर कंपनी अरबन लैडर, ऑनलाइन चश्मा स्टोर लेंसकार्ट, किराये पर घर उपलब्ध कराने वाली नेस्ट अवे और पालतू जानवरों की देखभाल वाले ऑनलाइन मंच डॉगस्पॉट जैसी स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया है। डॉगस्पॉट जैसी कंपनी में रतन टाटा का निवेश चौंकाने वाला भी नहीं है। उन्हें खुद कैनी प्रजाति के कुत्तों का शौक है और उनके पास ऐसे कई कुत्ते हैं।

टाटा यह सारे निवेश अपनी निजी निवेशक कंपनी आरएनटी एसोसिएट्स के माध्यम से करते हैं। कंपनियों के अपने चुनाव के बारे में टाटा ने कहा कि वह किसी कंपनी में निवेश करने का निर्णय अपने सहज-ज्ञान के आधार पर करते हैं। किसी कंपनी के प्रवर्तक के अंदर की आग (कंपनी के प्रति उसकी लगन), उसका विचार और उनके द्वारा पेश किए जाने वाले समाधान उनके निर्णय में बड़ी भूमिका अदा करते हैं।

आर्थिक मंदी के बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा – कम खाओ, फायदे में रहोगे…

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द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों को कम खाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर लोग बिना आवश्यकता के ज्यादा खाना खाते हैं। जिससे उनकी शारीरिक समस्याएं बढ़ती हैं और उन्हें मोटापे समेत अनेक बीमारियां होती हैं, इसलिए लोगों को हमेशा कम खाने की सोच रखनी चाहिए। अगर लोग कम खाएंगे तो न सिर्फ वे स्वस्थ रहेंगे, बल्कि वे देश के विकास में ज्यादा योगदान भी दे सकेंगे। साथ ही, बचा हुआ भोजन ऐसे जरुरतमंदों तक भी पहुंचेगा जिनको इसकी आवश्यकता हमसे ज्यादा है।

देश को हिट करने के लिए समाज को फिट रखने की जरूरत

विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) पर एफएसएसएआई (FSSAI) के बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि देश को हिट करने के लिए समाज को फिट रखने की आवश्यकता होती है। इसके लिए लोगों को उपयुक्त भोजन की जानकारी दी जानी चाहिए। कुछ चीजों को कम खाना लोगों को ज्यादा सेहतमंद बनाता है। जैसे- चीनी, नमक और तैलीय पदार्थों का सेवन कम किया जाना चाहिए। इससे हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

भोजन की परिभाषा में हो बदलाव एफएसएसएआई के शीर्ष अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि हमारे सामने दोहरी समस्या है। एक तरफ तो भूखे लोगों को भोजन उपलब्ध कराना है, तो वहीं गलत भोजन के कारण कुपोषित हो रहे लोगों को भी स्वस्थ बनाना है। कुपोषण कम खाने के साथ-साथ ज्यादा खाने से भी हो रहा है। इसलिए हमें वही खाने को प्रमोट करना है जो शरीर के लिए स्वास्थ्यप्रद हो। पवन अग्रवाल ने कहा कि भोजन की परिभाषा में समयानुकूल परिवर्तन किये जाने की आवश्यकता है। अब भोजन उसी को कहा जाना चाहिए जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये। इसमें पर्यावरण को भी शामिल किया जाना चाहिए। जिस भोजन को करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, उसका त्याग किया जाना चाहिए।

‘ईट राइट झोला’ लांच

प्लास्टिक के विरुद्ध पैदा हुई जागरुकता को आगे बढ़ाने के लिए एफएसएसएआई ने ‘ईट राइट झोला’ भी लांच किया। पर्यावरण के अनुकूल बना यह झोला लगभग तीन साल तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपने ग्राहकों को सामान देने के लिए इन थैलों के इस्तेमाल पर अपनी मुहर लगा दी है। इस अवसर पर फूड सेफ्टी मित्रों को भी सम्मानित किया गया। ये लोग आने वाले दिनों में लोगों को स्वस्थ खाने की जानकारी देंगे। प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली अब लोगों को ‘रुको अभियान’ की जानकारी देंगे। इसके तहत खाना बनाने के दौरान बचे हुए तेलों को दुबारा न इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी। इस बचे हुए तेल से डीजल बनाने की विधि तैयार कर ली गई है। बड़ी कंपनियों को बचे खाद्य तेलों को तेल कंपनियों को देने को कहा जाएगा।

बजाज का ‘चेतक’ नए अवतार में आया सामने, जानें कीमत और खासियतें

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 भारत की दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो ने आज अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘बजाज चेतक’ लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस एक इलेक्ट्रिक स्कूटर को ‘चेतक चिक’ नाम दिया है. दिल्ली में आयोजित एक इवेंट के दौरान बजाज के इस इलेक्ट्रिक स्कूटर से पर्दा उठाया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी शामिल हुए. स्कूटर को पेश करने के लिए आयोजित इवेंट को ‘हमारा बजाज’ टैगलाइन दी गई थी.

आपको बता दें कि कंपनी के लिए यह स्कूटर काफी खास है, क्योंकि यह कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर है. कंपनी ने अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो को दो कलर (गोल्डन और सफेद) में लॉन्च किया है. कार्यक्रम की शुरुआत में दर्शकों के सामने एक ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन दिखाई गई. नितिन गडकरी ने इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए बजाज ऑटो को बधाई दी. इसके साथ ही नितिन गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में भारत को नंबर 1 हब बनाने की जरूरत है. यह मुश्किल हैं लेकिन असंभव नहीं है.

कीमत
बजाज चेतक की कीमत की अगर बात की जाए तो अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी कीमत 60 हजार रुपए के आसपास होगी.

क्या है इसमें खास
चेतक में सेफ्टी के लिहाज से इंटीग्रेटेड ब्रेकिंग सिस्टम मौजूद है. इसके साथ ही इसमें बैटरी की जानकारी के लिए डिजिटल इंस्ट्रूमेंट पैनल है. चेतक के स्टाइल की बात की जाए तो इसका डिजाइन पुराने स्कूटर से कुछ-कुछ मिलता जुलता है. चौड़े फ्रंट ऐप्रन, कर्व साइड पैनल और बड़े रियर व्यू मिरर स्कूटर को दमदार लुक देते हैं.

छत्तीसगढ़ – बदमाशों के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट लिखाई तो भाजपा नेता ने कर दिया बदनाम…

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 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अराजक तत्वों की छेड़खानी से परेशान होकर एक कॉलेज छात्रा ने मंगलवार को फिनाइल पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि जब उसने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई तो भाजपा नेता ने बदमाशों के समर्थन में उसे बदनाम कर दिया। सोशल मीडिया पर झूठा वीडियो भी पोस्ट किया, जिसके चलते वह कॉलेज भी नहीं जा पा रही। छात्रा ने पुलिस पर भी कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। 

पढ़ाई के साथ परिवार चलाने जनरल स्टोर संचालित करती है 

  1. मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। छात्रा बेहद सामान्य घराने से है। वह डीपी कॅालेज में पढ़ाई करती है। इसके लिए वह अपनी मां के साथ मिलकर घर पर ही जनरल स्टोर संचालित करती है। छात्रा का आरोप है कि दुर्गा विसर्जन के दिन वह अपने दुकान में थी। इसी दौरान अनिल निषाद,मोनू निषाद,नसीब निषाद व छोटू निषाद पहुंचे। उन्होंने सामान दिखाने के लिए कहा। छात्रा जैसे ही ही सामान दिखाने लगी, युवकों ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। उसने विरोध किया। शोर मचाने की कोशिश की तो युवकों ने उसे डराया धमकाया। 
  2. इसके बाद भी वह नहीं डरी और थाने जाकर बाकायदा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्रों के खिलाफ छेड़खानी व धमकी देने का मामला दर्ज किया। हालांकि कार्रवाई नहीं की। इसके चलते बदमाशों का हौंसला बढ़ गया। आरोपियों ने भाजपा नेता बिज्जू राव के साथ मिलकर एक दिन पहले ही नेहरू चौक पर एफआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रा पर जनरल स्टोर में शराब बेचने का आरोप मढ़ा और इस खबर को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 
  3. फिनाइल पीने से पहले छात्रा ने परिवार के नाम छोड़ी चिठ्‌ठीमैं ज्याेति (बदला हुअा नाम) 9/10/2019 काे दुर्गा विसर्जन के दौरान 4 लड़के अनिल निषाद, मोनू निषाद,नसीब निषाद और छोटू निषाद ने दुकान के सामान मांगने के बहाने मेरे साथ छेड़छाड़ की, शिकायत मैंने तोरवा थाने में की, परन्तु पुलिस ने अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। ऊपर से पुलिस मुझसे समझौता करने के लिए दबाव बना रही है। बिज्जू राव जो भाजपा नेता है वह मुझे खुलेआम बदनाम कर रहा है कि मैं शराब बेचती हूं। मैं डीपी काॅलेज की छात्रा हूं। मैं इन लड़कों की दहशत में और बिज्जू राव के डर से न ही ट्यूशन जा पा रही हूं और न ही काॅलेज। छेडछाड़ से ज्यादा मेरे ऊपर बिज्जू राव के द्वारा शराब बेचने का इल्जाम लगाया जा रहा है। उससे मुझे लगता है कि मैं किसी को अपनी शक्ल दिखाने के काबिल नहीं रही। एक तो मेरे साथ छेड़छाड़ भी की गई और और बिज्जू राव के द्वारा खुलेआम मेरे ऊपर शराब बेचने का इल्जाम लगाया जा रहा है। इसलिए मैं आत्महत्या कर रही हूं। छात्रा की चिठ्‌ठी
  4. बयान दर्ज, दोषियों पर कार्रवाई होगी: टीआई तोरवा टीआई सनीप रात्रे का कहना है कि उन्होंने छात्रा का अस्पताल में जाकर बयान दर्ज कर लिया है। छात्रा का आरोप है कि बिज्जू राव ने शराब बेचने का आरोप लगाया है और अपने दिए बयान का वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड किया है। इसकी जांच की जा रही है। टीआई ने कहा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छेड़खानी के आरोपी फरार है। एफआईआर होने के बाद से उनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। इस संबंध में बिज्जू राव से बातचीत करने की कोशिश की गई पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर बता रहा है। 

छत्तीसगढ़ : अस्पताल का अटेंडर बच्ची को ले गया टॉयलेट, पॉर्न क्लिप दिखाकर की अश्लील हरकत…

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अपने बीमार दादा से अस्पताल में मिलने आई 9 साल की मासूम के अनाचार का प्रयास किया गया। यह घटना छत्तीसगढ़ के भिलाई के सेक्टर-9 स्थित अस्पताल की है। आरोपी निहाल बरिया, बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ टॉयलेट में लेकर गया। यहां पहले उसे अश्लील क्लिपिंग दिखाई। इसके बाद दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची ने खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और मां के पास पहुंची। उसने इस घटना के बारे में बताया। घटना के बारे में सुनते ही हंगामा मच गया। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी और आरोपी को गिरफ्तार करवाया।

आरोपी को दोबारा देखकर कांपने लगी बच्ची

  1. घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल में मौजूद बच्ची के परिजनों ने आरोपी को पकड़ लिया। पहचान करवाने बच्ची के सामने आरोपी को लाया गया। उसे देखकर बच्ची डर से कांपने लगी और मां से लिपटकर रोने लगी। पुलिस ने भी बच्ची से पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन बच्ची इस घटना से बुरी तरह सहम चुकी थी। जानकारी के मुताबिक बच्ची की मां जब एक्सरे के लिए लाइन में खड़ी हुई तो 9 साल की मासूम को देखकर आरोपी ने उसे मोबाइल गेम खिलाकर नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद ही उसने घटना को अंजाम दिया।
  2. बच्ची के न मिलने पर परिजन उसे अस्पताल में ढूंढने लगे। कुछ देर बार बाथरुम की तरफ से भागकर बच्ची परिजनों तक पहुंची।अस्पताल के प्रबंधन ने बताया कि आरोपी को काम पर नहीं रखा गया था। कई प्रायवेट अटेंडर यहां मौजूद हैं। इससे पहले भी प्रायवेट अटेंडर चोरी और छेड़छाड़ को अंजाम दे चुके हैं। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने अस्पताल को खत लिखकर ऐसे लोगों की लिस्ट बनाने और पूरी तस्दीक के बाद ही किसी को काम पर रखने की हिदायत दी है। आरोपी को भी जेल भेजने की कार्रवाई की गई।

छत्तीसगढ़ – छठ पूजा के लिए दुर्ग से पटना के बीच 31 अक्टूबर से चलेगी 18 काेच की स्पेशल ट्रेन…

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 छठ पर्व के दौरान ट्रेन में लोगों की भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से दुर्ग से पटना के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। 18 कोच की इस छठ पूजा स्पेशल ट्रेन का संचालन 31 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच होगा। इस ट्रेन से फायदा बिहार और झारखंड जाने वाले यात्री उठा सकेंगे। रेलवे की ओर से ट्रेन का नंबर के साथ ही इसकी समय सारिणी की घोषणा भी कर दी है। जिसके चलते यात्री अभी से रिजर्वेशन करा सकते हैं। 

छठ पूजा स्पेशल ट्रेन दुर्ग से 08793 नंबर के साथ और पटना से 08794 नंबर के साथ चलेगी। दुर्ग से ट्रेन गुरुवार को 16.00 बजे छूटकर 16.50 बजे रायपुर, 19.00 बजे बिलासपुर, 19.43 बजे चांपा, 20.41 बजे रायगढ़, 22.05 बजे झारसुगुड़ा, 23.35 बजे राउरकेला, 2.45 बजे हटिया, 3.05 बजे रांची, 9.10 बजे गया और शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में रविवार को 20.45 बजे पटना से छूटकर सोमवार 19.10 बजे दुर्ग पहुंचेगी।