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हेयर डाई करने के बाद इस लड़की का हुआ ऐसा हाल, सुनकर रूह कांप जायेंगी आपकी

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खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां हर मुमकिन तरीके अपना लेती हैं लेकिन कभी-कभी उनके तरीके का असर उल्टा हो जाता है और वो खूबसूरत दिखने की जगह अपना ऐसा हाल कर लेती हैं जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है। ऐसा ही कुछ फ्रांस में रहने वाली एस्टिल नाम की एक महिला के साथ हुआ। एस्टिल ने बाजार से हेयर डाई खरीदा था लेकिन उनको जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि नहीं उनके साथ ऐसा भयानक हादसा होने वाला है।

19 साल की एस्टिल ने लोकल सुपरमार्केट से बालों में लगाने के लिए डाई खरीदी। एक इंटरव्यू में एस्टिल ने इस बात का खुलासा कि डाई लगाने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उनके सिर में भीखुजली होने लगी, लेकिन जैसे ही वह अगली सुबह उठीं और जब उन्होंने अपना सिर देखा तो वो पहले के मुकाबले दोगुना साइज का हो चुका था।

आप यह सुनकर हैरान हो जाएंगे कि एस्टिल का सिर्फ सिर ही नहीं बल्कि उनकी जीभ का आकार भी बढ़ने लगा था। एस्टिल जैसे ही डॉक्टर के पास पहुंची तो उन्हें पता चला कि डाई में मौजूद PPD केमिकल की वजह से ये रिएक्शन हुआ है। इस रिएक्शन के बाद डॉक्टर्स ने एस्टिल को अस्पताल में रखा था और फिर उन्हें एड्रेनेलिन का इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ समय बाद एस्टिल की हालत में सुधार आ गया था।

टिकटॉक पर लोकप्रियता प्राप्त करने की सनक,मंडी के युवाओं द्वारा बेजुबान कुत्ते के साथ क्रूरता

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सोशल मीडिया आज के दौर में किसी के लिए भी कोई अनजान शब्द नहीं है। इसके बारें मे बड़ें हो या बच्चे सभी जानते हैं|वैसे तो सोशल मीडिया जहां एक वरदान के रूप में सबसे पहले सामने आया था। लेकिन इसके बढ़ते नकारात्मक असर की वजह से अब सोशल मीडिया एक अभिशाप बनता जा रहा है। सोशल मीडिया का असर आप और हमें बीमार बनाने के साथ ही हमारे आत्म सम्मान को कम करने का भी काम कर रहा है। जिसके बारे में हमें कोई एहसास ही नही है।

ऐसा ही एक मामला मंडी जिला में सामने आया है जहाँ तीन युवाओं ने टिकटॉक पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक बेजुबान कुत्ते को चमड़ी से पकड़कर कई फीट हवा में उछाकर साथ वाली झाड़ियों में फेंक दिया| कुत्ता सड़क से नीचे झाड़ियों में मुहं के बल गिरता है और उसके बाद तीनों युवा नाचते हुए जश्न मनाने लगते है|वीडियो मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली कटिंडी पंचायत का बताया जा रहा है|

बता दें कि कुत्ते के साथ इस प्रकार के अत्याचार का एक मामला सिरमौर जिला में भी सामने आया था जिसके बाद इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत हुई थी|वहीँ अब मंडी में बने 15 सैकेंड के एस वीडियो को लेकर भी राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने पशु अत्याचार अधिनियम के तहत तीनों युवाओं कार्रवाही करने के लिए एसपी मंडी ऑनलाइन कंपलेंट भेजी है| शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि इस संदर्भ में एसएचओ पधर को एफआईआर दर्ज करके आगामी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं|

ऐसे मामलों को देख कर लगता है की लोगों के अन्दर इंसानियत,और जमीर मर चुकी है| तभी वह बेजुबान जानवरों से इस तरह का व्यवहार कर रहें हैं| कहने को इन्सान में कई खुबिया और खामियां है लेकिन सबसे बड़ी कमी आज है तो इंसानियत की| लोकप्रियता प्राप्त करने की ऐसी कैसी सनक है की जिसे देख कर कलेजा मुंह को आ जाये|इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद कुत्ता दर्द से चिल्ला रहा होगा और कमज़ोर नीच मानसिकता के यह युवक जश्न मन रहे|

श्मशान घाट पहुंचते ही आ गई ‘मुर्दे’ में ‘जान’.. लोग डरकर भागे !

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ये दुनिया बहुत बड़ी है इसमें हर दिन कई तरह की खबरें पढ़ने और सुनने को मिलती है। आज हम आपको ऐसी ही एक अनोखी खबर के बारे में बताने जा रहे है। ओडिशा के गंजम जिले के एक छोटे से गांव में एक युवक की मौत हो गई थी। इसी लिए यहां के कुछ लोग ‘मुर्दे’ को जलाने के लिए श्मशान घाट ले गए, लेकिन वह अचानक जब अपना सिर हिलाने लगा तो अंतिम संस्कार के लिए आए लोग ही वहां से भाग खड़े हुए।

दरअसल में ये अजीबोगरीब घटना कपकहाला गांव घटी है। मीडिया के अनुसार, गांव के रहने वाले 55 वर्षीय सीमांच मलिक अपनी भेड़ और बकरियां लेकर जंगल में गए थे। शाम को उनकी भेड़-बकरियां तो घर लौट आईं, लेकिन वो नहीं लौटे। जब सुबह गांव के कुछ लोगों ने मलिक को बेजान स्थिति में देखा तो वो उन्हें उनके घर लेकर आ गए, जिसके बाद मलिक के परिवार वालों ने उन्हें मृत समझ लिया और अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए, लेकिन उनके वहां पहुंचते ही अचानक ‘मुर्दे’ में ‘जान’ आ गई। यह देखकर डर के मारे वहां से कुछ लोग भाग खड़े हुए।

हालांकि इसके बाद श्मशाम घाट में मौजूद कुछ लोगों ने मलिक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। फिलहाल उनकी स्थिति अच्छी बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, मलिक को तेज बुखार हुआ था, जिस कारण से वह बेहोश हो गए थे। उनकी पत्नी उन्हें जिंदा देख कर काफी खुश हैं। हालांकि उन्होंने अफसोस भी जताया है कि वो अपने पति को पहले अस्पताल क्यों नहीं ले गईं, खुद से ही मृत क्यों घोषित कर दिया।

गंभीर बीमारी से पीड़ित वैज्ञानिक ने खुद को पूरी तरह से बना दिया रोबोट

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मांसपेशियों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे लंदन के एक वैज्ञानिक खुद को Cyborg (आधा इंसान आधा रोबोट) में बदलने के आखिरी चरण में हैं. Cyborg एक ऐसे रोबोट को कहते हैं जिसमें इंसानी दिमाग और कुछ अंग काम करते हैं. 61 साल के पीटर स्कॉट मोर्गन को दो साल पहले डॉक्टर्स ने बताया कि उन्हें ‘मोटर न्यूरॉन डिसीज़’ है. ये ऐसी बीमारी है जिसमें मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं.

पीटर स्कॉट मोर्गन को इस बीमारी के बारे में पता चला तो उन्होंने इसको स्वीकार कर मौत का इंतजार करने की बजाय इसे चुनौती के रूप में लिया. वो कहते हैं कि वो चाहते थे कि विज्ञान की सीमाओं से आगे बढ़कर पूरी तरह से रोबोट बना जाए जिससे लोग उन्हें पीटर 2.0 पुकारें.

पीटर को रोबोट बनाने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन रोबो साइंटिस्ट्स ने कई सारे जोखिम भरे ऑपरेशन किए. इनमें पीटर के चेहरे को आकार देने वाली वो सर्जरी भी शामिल थी जिसके बाद उनका चेहरा हमेशा वैसे ही रहने वाला था, बिना मांसपेशियों के. इसके अलावा ‘आइ कंट्रोलिंग सिस्टम’ भी डेवेलप किया गया जिससे कि वो कई कंप्यूटर्स को अपनी आंखों के इशारे से चला सकें.

पिछले हफ्ते पीटर ने पूरी तरह से रोबोट में बदलने से पहले ट्विटर पर पोस्ट किया ‘पीटर 1.0 के रूप में ये मेरी आखिरी पोस्ट है. कल यानी 10 अक्टूबर को मैं Cyborg बनने की दिशा में अंतिम मेडिकल प्रक्रिया से गुजरूंगा. मैं मर नहीं रहा, ट्रांसफॉर्म हो रहा हूं. ओह, इसलिए मैं विज्ञान को प्यार करता हूं.’

पीटर इस तरह रोबोट बनने के लिए कुछ ऐसे ऑपरेशन्स से गुजरे हैं जो दुनिया में पहली बार उन पर ही हुए. उनके पेट में खाना पहुंचाने के लिए डायरेक्ट ट्यूब लगाई गई. फेफड़ों को सांस देने के लिए डायरेक्ट नली लगाई गई. शरीर से मल निकालने के लिए पेट में कोलोस्टॉमी बैग लगाया गया. ये सब हमेशा उनके लगी रहेंगी. पीटर स्कॉट मोर्गन पर चैनल 4 की डॉक्यूमेंट्री बन रही है जो 2020 में रिलीज होगी.

वीवो एस1 स्मार्टफोन की कीमत में 1,000 रूपये की कटौती हुई, जानें नई कीमत

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वीवो एस1 स्मार्टफोन की कीमत में 1,000 रूपये की कटौती कर दी गई है और कटौती के बाद फोन को कंपनी की साइट पर लिस्ट किया गया है। अब इस फोन को आप एक हजार रूपये सस्ते में खरीद सकते हो। अब इस फोन की कीमत 16,990 रूपये है। इस फोन को भारत में इसी साल लाँच किया गया था। अब इस फोन के बारे में आपको विस्तार से बताते है कि इसमें क्या क्या खास दिया गया है।

इस फोन के स्पेसिफिकेशन के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते है इस फोन के रियर में फोटो ग्राफी के लिए तीन कैमरे दिए गए है जिसमें से एक कैमरा 16 मेगापिक्सल का दिया गया है दूसरा कैमरा 8 मेगापिक्सल का दिया गया है और तीसरा कैमरा 2 मेगापिक्सल का दिया गया है। इसके रियर कैमरे सेटअप से अच्छी फोटो ग्राफी की जा सकती है।

फोन में सेल्फी के लिए एक कैमरा दिया गया है। जिसके सेंसर की बात करे तो इसका सेंसर 32 मेगापिक्सल का दिया गया है। यानी की इसमें दमदार कैमरा सेंसर दिया गया है। यह कैमरा सेल्फी के अलावा फोटोग्राफी में भी काम आता है। इस फोन को अलग अलग रंग में उपलब्ध कराया गया है।

इस फोन की स्टोरेज की बात करे तो इस में 4 जीबी व 6 जीबी रैम की स्टोरेज दी गई है और इसमें स्टोर करने के लिए 64 जीबी व 128 जीबी की स्टोरेज दी गई है। इस फोन की स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड स्लोट के द्वारा बढ़ाया जा सकता है। इस फोन को पाॅवर देने के लिए इसमें 4000 एमएएच की बैटरी दी गई है।

खाली पेट करें यह काम, हमेशा रहेंगे स्वस्थ्य

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अधिकतर काम हम खाना खा कर करते हैं। लेकिन शायद आप जानते होंगे ऐसे कई काम हैं जो खाली पेट बेहतर किये जा सकते हैं। यदि हम खाना ख़ा के करते है तो अच्छे से नही कर सकते है। जबकि पेट भर कर खाना खा लेना कभी कभी परेशानियां बढ़ सकता है। जानिए आप भी कौनसे काम हैं..

1. कसरत :- कसरत हमेशा खाली की जाती है। शोध में बताया गया है कि कसरत खाली पेट करें तो बेहतर है। ऐसा करने से बाद में कम भूख लगती है और फैट नही बढ़ने देता जिससे आपका वजन बढ़ता नही है। और आप फिट रहते है।

2. दवाइयां :- ज्यादातर दवाइयां कुछ खा कर ही ली जाती है लेकिन वियाग्रा और टीबी की दवाइयां खाली पेट ही लेनी चाहिए। क्योंकि खाने के वजह से दवाई घुलती नही है और उसका असर नही होता।

3. सेक्स :- खली पेट सेक्स करना भी अच्छा होता है। क्योंकि खाने के बाद उसे पचाने के लिए एनर्जी लगती है। और भर पेट के बाद सेक्स से महिलाओं को उलटी जैसा महसूस होता है।

4. अगर आप जुआ खेलते हैं तो बेहतर है कि भूखे पेट खेलें। एक शोध में ये बात सामने आई थी कि भूख लगने से ज्यादातर आप सही निर्णय ले पाते हैं। भूख इंसान की कूटनीति करने की क्षमता को सुधार देती है।

5. येल विश्वविद्यालय ऑफ मेडिसिन ने अपनी शोध में लिखा था कि भूखे पेट चीजें ज्यादा आसानी से याद होती हैं। असल में जब पेट खाली होता है तो जो हार्मोन निकलता है वो दिमाग में याद करने की क्षमता बढ़ा देता है।

कबीर सिंह फिल्म से प्रभावित होकर पहले लड़की को मारा और फिर आत्महत्या कर ली

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शाहिद कपूर की हिट फिल्म कबीर सिंह रिलीज होने के बाद से ही कुछ लोगों की आलोचना का सामना कर रही है। साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली इस फिल्म पर काफी बहस और चर्चा भी की गई है। फिल्म के जुड़ा अब एक और मामला सामने आया है। जिससे इसपर बहस दोबारा शुरू हो सकती है।

कबीर सिंह फिल्म से प्रभावित होकर टिकटॉक स्टार जॉनी दादा उर्फ अश्विनी कुमार (32) ने आत्महत्या कर ली है। लेकिन खुद को मारने से पहले उसने तीन लोगों की हत्या की है। मामला उत्तर प्रदेश राज्य का है। कुमार ने पहले फ्लाइट अटेंडेंट नितिका शर्मा की हत्या की, जब उसे पता चला कि वह किसी और से शादी कर रही है। तीन लोगों की हत्या करने के बाद वह फरार हो गया था।

कबीर सिंह फिल्म के डायलॉग बोलता था

मामले की जांच बिजनौर पुलिस कर रही है। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कबीर सिंह फिल्म से काफी प्रभावित था। वह अक्सर इस फिल्म के डायलॉग और तस्वीरें पोस्ट करता रहता था। कुमार चरित्र के आक्रामक व्यवहार का अनुसरण करने लगा था। वह अपनी वीडियो में फिल्म का डायलॉग ‘जो मेरा नहीं हो सकता, उसे किसी और का होने का मौका नहीं दूंगा।’ बोलते हुए दिख रहा है।

फिल्म निर्देशक ने घटना पर क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बारे में सुनने के बाद फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने भी टिप्पणी की है। एक समाचार वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि वह इस घटना के बारे में जानकर आश्चर्यचकित हैं और पीड़ितों से माफी चाहते हैं। वांगा ने कहा है कि उनकी फिल्म कबीर सिंह का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि न तो उनकी कहानी और न ही नायक ने कभी ‘हत्या का समर्थन किया’ है।

वांगा ने बताया मानसिक रूप से बीमार

उन्होंने कहा कि अश्विनी कुमार जैसे लोग मानसिक रूप से बीमार हैं और अक्सर बॉलीवुड हस्तियों, राजनेताओं और खिलाड़ियों को देखते हैं। वांगा ने कहा, ‘अगर आप फिल्म में शाहिद के चरित्र को देखेंगे, तो वह एक खुद को नुकसान पहुंचाने वाला व्यक्ति है जो किसी और की तुलना में खुद को अधिक नुकसान पहुंचाता है।’

शॉपिंग करने पर फ्री में मिल सकती है यह 5 करोड़ की कार, करना होगा यह काम

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इस कार की कीमत 5 करोड़ है. 50 करोड़ रुपये की शॉपिंग करने वालों को यह कार मुफ्त में मिल सकती है. यह रिकॉर्ड लिम्का वर्ल्ड बुक में दर्ज किया जाएगा. हीरा कारोबारियों ने यह पहल डायमंड इंडस्ट्री को बढ़ावा देना के लिए की है. आपको बता दें अर्थव्यवस्था की सुस्ती के बीच डायमंड इंडस्ट्री में भी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है.

वो काला बंदर, जिसे देखकर जज ने सुनाया था रामजन्मभूमि का ताला खुलवाने का फैसला

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बाबरी मस्जिद पर मुसलमानों के कानूनी दावे का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील मुश्ताक अहमद सिद्दकी ने इस अर्जी पर अदालत से अपनी बात रखने की पेशकश की. जज ने कहा, उन्हें सुना जाएगा. पर उन्हें बिना सुने ही उसी शाम 4.40 पर जज साहब फैसला सुना देते हैं. इस फैसले में कहा गया, ‘अपील की इजाजत दी जाती है.

प्रतिवादियों को गेट संख्या ‘ओ’ और ‘पी’ पर लगे ताले तुरंत खोले जाने का निर्देश दिया जाता है. ‘प्रतिवादी आवेदक और उनके समुदाय को दर्शन और पूजा आदि में कोई अड़चन या बाधा नहीं डालेंगे.’ इस इमारत में दो गेट थे. जिला प्रशासन ने अपनी सुविधा के लिए उनके नाम ‘ओ’ और ‘पी’ रखे थे.

जिला जज के इस फैसले के बाद डी.एम. और एस.एस.पी. जिला जज को पहुंचाने उनके घर जाते हैं. जज साहब की सुरक्षा बढ़ा दी जाती है. फिर चालीस मिनट के भीतर ही पुलिस की मौजूदगी में ताला तोड़ दिया जाता है और अंदर पूजा-पाठ, कीर्तन शुरू हो जाता है.

अब जरा सरकार की मंशा देखिए. अगर अदालत ने यह फैसला दे ही दिया, तो प्रशासन की क्या जिम्मेदारी थी? क्या इतना संवेदनशील फैसला सिर्फ कानून या न्यायालय के हवाले छोड़ा जा सकता था? जिला प्रशासन का दायित्व नहीं था कि वह राज्य सरकार को भरोसे में लेता. उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया कि दोनों सरकारों से उन्हें निर्देश मिल रहे थे.

अब सवाल उठता है, क्या इस फैसले के पीछे सिर्फ मेरिट ही थी या कुछ और? आप यह सुन चौंक जाएंगे कि इस फैसले के पीछे भावना, आस्था और ईश्वर के रूप में एक बंदर भी था. फैजाबाद के तब के जिला जज कृष्णमोहन पांडेय ने बात-बात में खुद ही यह भेद खोला.

पांडेय जी साल 1991 में छपी अपनी आत्मकथा में लिखते हैं-“जिस रोज मैं ताला खोलने का आदेश लिख रहा था, मेरी अदालत की छत पर एक काला बंदर पूरे दिन फ्लैग पोस्ट को पकड़कर बैठा रहा. वे लोग जो फैसला सुनने के लिए अदालत आए थे, उस बंदर को फल और मूंगफली देते रहे, पर बंदर ने कुछ नहीं खाया. चुपचाप बैठा रहा. मेरे आदेश सुनाने के बाद ही वह वहां से गया. फैसले के बाद जब डी.एम. और एस.एस.पी. मुझे मेरे घर पहुंचाने गए, तो मैंने उस बंदर को अपने घर के बरामदे में बैठा पाया. मुझे आश्चर्य हुआ. मैंने उसे प्रणाम किया. वह कोई दैवीय ताकत थी.”

इसी भक्ति-भावना से अभिभूत हो जज साहब ने ताला खोलने का फैसला लिखा. याचिकाकर्ता उमेश चंद्र पांडेय बताते हैं उत्तेजना में उस रात वे सो नहीं सके थे. सारी रात उन्होंने जन्मस्थान में कीर्तन करते हुए गुजारा, दूसरे दिन सुबह वे घर जा पाए.

जज कृष्णमोहन पांडेय धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे. रिटायर होने के बाद वे लखनऊ के न्यू हैदराबाद कॉलोनी में रहते थे. शाम को गोमती के किनारे बांध पर टहलते हुए मेरी अकसर उनसे मुलाकात हो जाती थी. धर्म और अध्यात्म के बारे में वे खूब बातें करते.

उन्होंने मुझे अपने फैसले के पीछे बंदर और दैवीय प्रेरणा की ‘थ्योरी’ विस्तार से सुनाई. यह भी बताया कि इस फैसले के रूप में दैवीय प्रेरणा के सम्मान की सोच ने उन्हें भीतर से बहुत संतुष्टि दी.

अक्षय को सुपर स्टार बनाने में था इस अभिनेत्री का बड़ा हाथ, जानिए

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आज बॉलीवुड इंडस्ट्री में अक्षय कुमार की अपनी एक अलग ही पहचान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अक्षय कुमार इतने बड़े सुपरस्टार अभिनेता कैसे बने आज हम आपको इस रहस्य के बारे में बताएंगे।अक्षय कुमार को इतना बड़ा सुपरस्टार अभिनेता बनाने में बॉलीवुड अदाकारा पूजा बत्रा का बहुत ही बड़ा हाथ है।

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार और पूजा एक साथ मॉडलिंग करते थे । पूजा को अक्षय कुमार से प्यार हो गया था। उस समय पूजा को अक्षय कुमार से पहले बॉलीवुड में एंट्री मिल चुकी थी।पूजा ने अपने प्यार अक्षय कुमार को भी बॉलीवुड में लाने का सोचा और उन्होंने मशहूर फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन से बात की और प्रियदर्शन में अक्षय कुमार को बॉलीवुड में डेब्यू करवा दिया।

एक तरफ अक्षय कुमार को बॉलीवुड में एंट्री मिल चुकी थी वहीं दूसरी तरफ पूजा का कैरियर डूबता हुआ नजर आ रहा था । ऐसे में अक्षय कुमार ने अपने करियर पर ध्यान देते हुए पूजा को धोखा दे दिया और उनसे अलग हो गए। अब अक्षय कुमार बॉलीवुड के जाने-माने सुपरस्टार अभिनेता है।