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सुरक्षित और आसान रायपुर रहने लायक सबसे अच्छा… जानिए क्यों

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ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स में रायपुर देश में सातवें नंबर पर है। लेकिन शहर में आने के बाद हर व्यक्ति की धारणा बदलती है। ज्यादातर एकराय हैं कि बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं हों, महानगरों से कनेक्टिविटी का मामला हो या सुरक्षा जैसा अहम मुद्दा, रहने लायक शहरों में रायपुर बेहतर है। सीमावर्ती राज्यों के चार प्रमुख शहरों इंदौर, रांची, पटना और भुवनेश्वर में बुनियादी सुविधाओं और क्राइम ग्राफ का विश्लेषण किया है। अधिकांश मामलों में रायपुर ही सबसे बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है।

सुरक्षा : क्राइम कम, रात के वीराने में भी महिलाएं सुरक्षित 

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देश के कई बड़े शहरों से रायपुर ज्यादा सुरक्षित हैं। आधी रात को महिलाएं अकेले कहीं भी आ जा सकती हैं, क्योंकि शहर की हर सड़क पर डायल-112 के माध्यम से पुलिस उपस्थित रहती है। पुलिस का रिस्पांस टाइम भी इतना सटीक है कि कॉल होने पर शहर के किसी भी हिस्से में पुलिस अधिकतम पांच मिनट के भीतर पहुंच जाती है। पुलिस की 112 वाली गाड़ी की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का लोकेशन दिखाई देता रहता है, इससे पहुंचने में कभी देरी नहीं हुई। रायपुर में 32 थाना है, जिसमें तीन हजार से ज्यादा फोर्स है। 52 जगहों पर 24 घंटे डायल-112 की टीम तैनात रहती है। 700 से ज्यादा हाईटेक कैमरे 24 घंटे निगरानी करते हैं। साइबर क्राइम से रोकने एडवांस सेल बनाया गया है। महिला गश्ती दल अलग निगरानी करता है।

बिजली – पॉवर कट एक मिनट के लिए नहीं, रेट भी आधा

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रायपुर देश के चुनिंदा शहरों में है, जहां एक मिनट का पॉवरकट नहीं है। बिजली भी आसपास के सभी राज्यों से सस्ती हैं। शहरी बिजली खपत के जितने भी स्लैब हैं, रायपुर में बिजली का रेट उन सभी में इंदौर, रांची, पटना और भुवनेश्वर से कम ही है। खासकर महीने में 100 यूनिट से 400 से यूनिट तक बिजली जलाने वाले लोवर क्लास से मिडिल क्लास तक रेट में काफी ज्यादा अंतर देख सकते है।  स्लैब बढ़ने के साथ-साथ दरें और बढ़ती जाती हैं। कुछ शहर तो ऐसे हैं जहां प्रति यूनिट बिजली की दरें 8 से 9 रुपए तक हैं। यही नहीं, कुल कंजप्शन में जो बिल बनता है, उसमें 50 प्रतिशत छूट अलग है। लेिकन इससे भी जरूरी चीज है चौबीसों घंटे बिजली सप्लाई। राजधानी रायपुर से गांवों तक पॉवर कट के लिए कोई जगह नहीं है।

पानी – गर्मी में भी हर व्यक्ति को रोज 150 लीटर पानी

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रायपुर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक हर व्यक्ति को यहां रोजाना 150 लीटर से ज्यादा पानी दिया जा रहा है। 16 लाख की आबादी वाले शहर में पानी की औसत खपत 275 एमएलडी है, जो र्गमी में 270 एमएलडी होती है लेकिन लोगों को सप्लाई का औसत 150 लीटर प्रतिदिन से कभी कम नहीं होता। शहर में पानी1200 किमी लंबी पाइपलाइन बिछी है शहर में। इसके अलावा जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं है वहां टैंकरों के जरिए सप्लाई होती है। शहर में अमृत मिशन का बड़ा काम चल रहा है। निगम के जल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले केवल दो वर्षों में प्रति व्यक्ति दिए जाने वाले पानी की मात्रा 180 से 200 लीटर हो सकती है।
 

आवास – देश के बड़े शहरों के मुकाबले सस्ते मकान

रायपुर :  देवेंद्रनगर, शंकरनगर और शैलेंद्रनगर जैसी पॉश कालोनियों में टू बीएचके फ्लैट 7 से 10 हजार रुपए महीने के किराए पर हैं। सरकारी-निजी 50 हजार से ज्यादा वन, टू, थ्री बीएचके फ्लैट और बंगले बने हुए हैं। वह भी 6 लाख रुपए से शुरू हैं। 
इंदौर : मप्र की आर्थिक राजधानी इंदौर में बेहतर लोकेशन जैसे पलासिया, साकेत, श्रीनगर, किंग्स74, किंग्स 54 को पॉश एरिया माना जाता है। यहां वनबीएचके फ्लैट 7000 रु. मासिक रेंट से शुरू है।  
पटना : गांधी मैदान के पास फ्रेजर रोड पटना का बड़ा रिहायशी इलाका माना जाता है। यहा वन बीएचके फ्लैट का रेंट 3000 रुपए से शुरू है, जबकि मकान 15 – 30 हजार रुपए महीने के किराए पर हैं।   
रांची :  मेन एरिया अशोक नगर में टू बीएचके के मकान या फ्लैट 12 से 15 हजार रुपए के मंथली रेंट पर हैं। हरमू की मुख्य सड़कों के अपार्टमेंट और हरघोड़ा में भी फ्लैट10 से 12 हजार रुपए तक है। 
भुवनेश्वर : ओडिशा की राजधानी में मकानों का मंथली रेंट ज्यादा है। नया पल्ली, शास्त्रीनगर और पाटिया में टू बीएचके फ्लैट 11-12 हजार के मंथली रेंट पर हैं। वन बीएचके का रेंट भी 6000 रु. से शुरू है। 

चाहे जहां से आए हों सब रायपुर के मुरीद 

यहां के लोग सरल हैं, विकास चाहते हैं। सुंदर एयरपोर्ट है, चौड़ी सड़कें और फ्लाईओवर हैं। पर्यावरण की दृष्टि से भी काफी सुधार हुआ है।  
नितिन एम. नागरकर, डायरेक्टर एम्स  (मूलत: पंचकूला हरियाणा के रहने वाले हैं)

रायपुर में हर तरह की सुविधाएं हैं। ऐसी कोई चीज नहीं, जो यहां नहीं मिलती। बसाहट काफी सुनियोजित है और लोग आसानी से घुल-मिल जाते हैं।
राकेश आर सहाय,डायरेक्टर, एयरपोर्ट (मूलत: पलामू झारखंड के रहने वाले हैं)

 पूरे देश के लिए बेहतर ट्रेन और फ्लाइट कनेक्टिविटी है। बहुत तेजी से डेवलप हो रहा है, इसलिए अन्य शहरों से अलग है। केवल प्रदूषण घटाना होगा।
कौशल किशोर, डीआरएम, रायपुर (मूलत: अलीगढ़ यूपी के रहने वाले हैं)

रायपुर जीवंत शहर है। देशभर के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थान यहां आ गए हैं। यह इतना आधुनिक शहर है कि कुछ मामलो में महानगर भी छोटे लगते हैं।  
पीके सिन्हा, डायरेक्टर ट्रिपल आईटी (मूलत: पटना बिहार के रहने वाले हैं)

थोड़ी परेशानी है इसलिए ट्रैफिक और धूलभरी हवा – औसतन हर चौराहे पर 1 मिनट में 131 गाड़ियां : घने शहर, खासकर जयस्तंभ चौक से 2 किमी दायरे की अनियंत्रित बसाहट रायपुर में ट्रैफिक सबसे बड़ा सिरदर्द है। जाम का बड़ा कारण शहर में वाहनों की संख्या है। 2019 में करीब 6 लाख वाहन पंजीकृत हैं। यानी 16 लाख की आबादी वाले रायपुर में हर दूसरे व्यक्ति के पास वाहन है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत और नेशनल परमिट दोनों को मिलाकर गाड़ियों की संख्या 8 लाख ही है। ट्रैफिक पुलिस का सर्वे बताता है कि शहर के प्रमुख चौक जयस्तंभ, शास्त्री चौक, फाफाडीह, कालीबाड़ी और भगत सिंह चौक में रोज सुबह 10 से रात 10 बजे तक 12 घंटे में 437000 वाहन गुजरते हैं, यानी हर मिनट में औसतन 131 गाड़ियां। इससे जाम इसलिए लगता है क्योंकि सब मिलाकर सड़कों की औसत चौड़ाई महज टू-लेन ही है।

रायपुर से फरार सिमी कार्यकर्ता 6 साल बाद हैदराबाद में िगरफ्तार…

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 प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्य अजहरुद्दीन उर्फ अजहर को पुलिस ने हैदराबाद में पकड़ लिया है। आरोपी को शुक्रवार देर रात रायपुर लाया गया। पुलिस के आला अफसरों की टीम उससे पूछताछ कर रही है। करीब 6 साल पहले रायपुर में सिमी का रैकेट फूटने के बाद से वह फरार था। यहां से भागकर वह सऊदी अरब चला गया। उसका परिवार हैदराबाद में बस गया। वह उन्हीं से मुलाकात करने आता था। पुलिस को इस बार पक्की सूचना मिली और छापा मारकर उसे पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज है। कोर्ट ने उसे वांटेड घोषित करते हुए स्थायी वारंट जारी किया था।

पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इस बार पुख्ता सूचना के बाद खुफिया पुलिस की टीम ने हैदराबाद में छापा मारा। आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया गया है। राजातालाब इलाके का मोहम्मद अजहरुद्दीन उर्फ अजहर मूलत: रायपुर का रहने वाला है। उसका बड़ा भाई छत्तीसगढ़ पुलिस में है। 2013 में जब प्रतिबंधित संगठन सिमी का नेटवर्क फूटा था, तब अजहर का भी नाम सामने आया था।  


उस समय पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार था, लेकिन अजहर बचकर निकल गया। पड़ताल के दौरान के उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। तब उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार अजहर ने सिमी के कार्यकर्ताओं की रायपुर में मदद की थी। उन्हें यहां ठहरने के लिए जगह दिलाई। उसकी सिमी के कार्यकर्ताओं से बातचीत भी होती थी। उसके कॉल डिटेल में इसका खुलासा हुआ है। 


दो को आजीवन कारावास और बाकी जमानत में : राजातालाब का उमर सिद्दीकी और अजहरुद्दीन उर्फ अजहर को 2013 में पुलिस छापा मारकर गिरफ्तार किया था। दोनों पटना बोधगया ब्लास्ट की साजिश में भी शामिल थे। दोनों अभी बिहार जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। रायपुर में पकड़े गए 16 सिमी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर 2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश रची थी। उन्हें अंबिकापुर रोड शो के दौरान बम विस्फोट से उड़ाने योजना थी। इस साजिश में 17 साल के नाबालिग समेत अन्य लोग शामिल थे। आरोपियों की साजिश को नाकाम करते हुए छत्तीसगढ़ एटीएस ने उन्हें पहले ही पकड़ लिया। इसी में अजहर का भी नाम सामने आया था।

उद्धव बोले – महाराष्‍ट्र चुनाव में थके हुए विपक्ष का सफाया हो जाएगा…

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 11 अक्टूबर (भाषा) शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भरोसा जताया कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में फिर से आएगा और थके हुए विपक्ष का राजनीतिक परिदृश्य से सफाया हो जाएगा।

राज्य में 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए अमरावती और पुणे में रैलियों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना अपना घोषणा पत्र शनिवार को जारी करेगी।

उन्होंने कहा, ” शिवसेना का उद्देश्य किसानों को कर्ज से मुक्त करना है बजाय कि उनका कर्ज माफ करना।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की प्रशंसा करते हुए उद्धव ने कहा कि उनकी कोशिश सबसे गरीब लोगों को साल में छह सिलेंडर मुफ्त देने की होगी।

उन्होंने वादा किया कि ग्रामीण इलाकों में गरीबों को दस रुपये में भरपेट खाना और एक रुपये में प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाएगी।

विधासनसभा के नतीजों को लेकर उन्होंने कहा, ”आप उस बल्लेबाज की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं जिसे कम गेंदों पर अधिक रन बनाने हो लेकिन मुझे ऐसी कोई चिंता नहीं है। हमारे अंक निर्धारित और लक्ष्य तय है, हम पहले ही मुकाबला जीत चुके हैं।”

बाद में पुणे के जून्नार, पिंपरी-चिंचवाड़ में रैलियों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि थकी हुई राजनीतिक पार्टिया राज्य का विकास नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टिया राजनीतिक दृश्य से गायब हो जाएंगी। ठाकरे ने जून में अपनी अयोध्या यात्रा का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ” मैंन शिवनेरी किले (जहां पर छत्रपति शिवाजी का जन्म हुआ था) की मिट्टी अयोध्या लेकर गया था और अब हम चमत्कार देख रहे हैं, उच्चतम न्यायालय रामजन्म भूमि पर फैसला देने वाला है।”

ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को लेकर आलोचना की। हाल ही में राकांपा प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाले में अपना नाम आने के बाद पूछताछ के लिए स्वयं ईडी कार्यालय जाने की पेशकश की थी।

उन्होंने कहा, ”इन लोगों ने अपने शासनकाल में मुंबई के लोगों की रक्षा करने के लिए शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे को सजा दिलाने की कोशिश की थी। अब वे ईडी द्वारा दर्ज मामले पर शोर मचा रहे हैं।”

पीएम मोदी-शी जिनपिंग की आज वन टू वन बैठक – पांच बड़ी ख़बरें

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को महाबलीपुरम में ताज फिशरमैन के कोव रिसॉर्ट में मुलाकात करेंगे. यह वन टू वन बैठक होगी. मोदी और जिनपिंग की यह बैठक करीब 40 मिनट चलेगी.

इस अनौपचारिक मुलाकात के बाद भारत और चीन मीडिया के लिए बयान जारी करेंगे. दोनों देश किसी समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी नहीं करेंगे.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. भारत के बाद वह नेपाल के दौरे पर जाएंगे.

अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 1.1 प्रतिशत घटा

विनिर्माण, बिजली और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के कारण अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन 1.1 प्रतिशत घट गया. औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर पिछले सात साल में यह सबसे खराब प्रदर्शन है.

औद्योगिक उत्पादन पूंजीगत सामान और टिकाऊ उपभोक्ता सामान के उत्पादन में भारी गिरावट के कारण घटा है. दो साल में यह पहला मौका है जबकि औद्योगिक उत्पादन नकारात्मक दायरे में आया है. अगस्त, 2018 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 4.8 प्रतिशत बढ़ा था.

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 1.2 प्रतिशत घट गया.

आतंकियों से डरने की ज़रूरत नहीं

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने स्थानीय अख़बारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन जारी कर लोगों को आतंकियों की धमकियों से नहीं डरने को कहा है. साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपनी सामान्य गतिविधियां बहाल करने को कहा है.

यह विज्ञापन राज्य से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद लगायी गयी पाबंदी बाद जारी की गई है.

कश्मीर के विभिन्न समाचार पत्रों में में प्रकाशित विज्ञापनों में कहा गया है, ”क्या हमें आतंकियों के सामने घुटने टेकना है? पिछले 70 साल से अब तक जम्मू कश्मीर के लोगों को गुमराह किया गया. वे शातिर अभियानों के पीड़ित रहे हैं. निहित स्वार्थों के साथ दुष्प्रचार करते हुए आतंकवाद, हिंसा, बर्बादी गरीबी के अंतहीन चक्र में उन्हें फंसाए रखा गया.”

विज्ञापन में कहा गया , ”यह हमारा घर है. हमें इसकी भलाई और खुशहाली के बारे में सोचना होगा. डर क्यों?”

राहुल गांधी को मिली जमानत

आपराधिक मानहानि के एक मामले में एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार को 10,000 रूपए के मुचलके पर जमानत दे दी.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आपराधिक मानहानि के एक मामले में खुद को निर्दोष बताया था. यह मामला गृह मंत्री अमित शाह को ‘हत्या का अभियुक्त’ बताने से जुड़ा है.

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरबी इतालिया की अदालत ने 10,000 रूपए के मुचलके पर गांधी को जमानत दे दी. अदालत में गांधी की खुद को निर्दोष बताने की दलील दर्ज होने के बाद उनके वकीलों ने मामले में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग करते हुए एक आवेदन दिया.

अदालत ने मामले पर सुनवाई की अगली तारीख सात दिसंबर तय की है. उसी दिन व्यक्तिगत पेशी से छूट के उनके अनुरोध पर भी विचार किया जाएगा.

अमरीका-चीन के बीच गतिरोध कम

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमरीका और चीन के बीच व्यापार को लेकर चल रहा गतिरोध कम हो गया है. अमरीका ने चीन के साथ एक आंशिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत अमरीका चीन के उत्पादों पर टैरिफ़ वृद्धि को फ़िलहाल स्थगित कर देगा.

यह वृद्धि अगले हफ़्ते से लागू होने वाली थी. व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष काफ़ी जटिल बातचीत के बाद एक शुरुआती समझौते पर पहुंचे हैं.

हम इससे बहुत खुश हैं. हम चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बहुत सम्मान करते हैं. ये ऐसा कुछ है जिसे दोनों देश शुरुआत से महत्वपूर्ण मानते थे. न सिर्फ चीन के लिए बल्कि अमरीका के लिए भी. इसलिए हमने एक जबरदस्त और जटिल बातचीत की जो दोनों देशों के लिए बहुत बड़ी होने जा रही है.

विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप : मैरी कॉम की नजरें रिकार्ड सातवें स्वर्ण पर

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भारत की दिग्गज महिला मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम यहां जारी विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में 51 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। शनिवार को होने वाले सेमीफाइनल में मैरी की नजरें इस टूर्नामेंट में अपने रिकार्ड सातवें स्वर्ण पर होंगी। मैरी इस बार बदले हुए भारवर्ग में खेल रही हैं। 48 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में छह स्वर्ण अपने नाम किए हैं। अगर मैरी फाइनल में पहुंच जाती हैं तो वह इस चैम्पियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक पक्का कर लेंगी।

मैरी ने विश्व चैम्पियनशिप में इकलौता रजत 48 किलोग्राम में जीता है। खास बात यह है कि 51 किलोग्राम भारवर्ग में मैरी ने ओलम्पिक में कांस्य और एशियाई खेलों में स्वर्ण और कांस्य पदक जीते हैं लेकिन विश्व चैम्पियनशिप में पदक उनके नाम नहीं था।

सेमीफाइनल में जगह बनाते ही उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में इस भारवर्ग में अपना पहला पदक पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल में पहुंचते ही मैरी कॉम ने इतिहास रचा। वह महिला एवं पुरुष वर्ग में इस चैम्पियनशिप में कुल आठ पदक अपने नाम करने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। इस मामले में उन्होंने क्यूबा के फेलिक्स को पीछे किया, जिनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में कुल सात पदक हैं।

सेमीफाइनल में मैरी का सामना यूरोपियन चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लो से होगा। विश्व चैम्पियनशिप में मैरी ने अभी तक जितने भी फाइनल खेले हैं उनमें से सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है, जब उन्हें शिक्सत खानी पड़ी हो। सिर्फ 2001 में फाइनल में उन्हें हार मिली थी।

इस चैम्पियनशिप में सिर्फ मैरी ही नहीं है। 69 किलोग्राम भारवर्ग में लवलिना बोरगोहेन, जमुना बोरो 54 किलोग्राम भारवर्ग और मंजू रानी 48 किलोग्राम भारवर्ग में सेमीफाइनल खेलेंगी। मंजू और जमुना पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में खेल रही हैं। लवलिना ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीता था।

48 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का हमेशा दबदबा रहा है क्योंकि अभी तक यहां मैरी खेलती आई थीं। लेकिन इस बार मंजू ने उनसे बागडोर संभाल ली है और उम्मीद की जा सकती है कि वह मैरी के स्वर्ण की रक्षा करेंगी। सेमीफाइनल में उनका सामना थाईलैंड की छुटहामाट राक्सत से होगा।

असम की रहने वाली जमुना से भी उम्मीदें कम नहीं हैं। जमुना ने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे उम्मीद लगाई जा सकती है कि वह सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की हुआंग सियाओ वेन की बाधा को पार करने में सफल रहेंगी। इंडिया ओपन और इंडोनेशिया में प्रेसिडेंट कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली जमुना आत्मविश्वास से भरी लग रही हैं।

लवलिना निश्चित तौर पर अपने पदक का रंग बदलने उतरेंगी। पिछली बार कांस्य जीतने वाली लवलिना चीन की यांग लियू से सेमीफाइनल में दो-दो हाथ करेंगी।

भारत ने हालांकि विश्व चैम्पियनशिप में अपने पिछले साल के प्रदर्शन की बराबरी कर ली है लेकिन इन सभी मुक्केबाजों की कोशिश होगी की वह पदको के रंग को बदलने में सफल रहें।

भारतीय महिला मुक्केबाजी के परफॉर्मेस डायरेक्टर राफेल बेर्गामास्को ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि हमने अपने पिछले साल के स्कोर की बराबरी कर ली है, लेकिन हमारा लक्ष्य चार स्वर्ण पदक अपने नाम करना है। मैरी कॉम बाकी युवा लड़कियों के लिए प्ररेणास्त्रोत हैं। मुझे यह देखकर अच्छा लग रहा है कि बाकी की मुक्केबाज आगे बढ़ी हैं और स्वर्ण से कम कुछ नहीं चाहती हैं।’

सन ग्लास से जुड़े मिथक के बारे में जानने के लिए यह जरूर पढ़ें…

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धूप से आंखों को सुरक्षित रखने का हवाला देते हुए चश्मों की सुंदर जोड़ी को खरीदने का ऑफर मिलना या इससे जुड़े बहुत सरे मिथक हैं जो आपको सनग्लास यानी धूप का चश्मा खरीदने से रोक देते हैं।

विशेषज्ञों धूप के चश्मे से जुड़े इन मिथकों के बारे में बताया है :

धूप के चश्मे के साथ जुड़ा एक मिथक यह है कि इन्हें सिर्फ फैशनेबल नजर आने के लिए पहना जाता है। ये सिर्फ फैशन का सामान नहीं होते हैं। सन ग्लास आपको स्मार्ट लुक देने के साथ ही सूरज की हानिकारक किरणों से भी आपकी आंखों को सुरक्षित रखते हैं।

  • जो लोग सही से दिखाई देने के लिए चश्मा पहनते हैं, वे सोचते हैं कि सन ग्लास उनके चश्मे के नंबर में उपलब्ध नहीं होता है और यह सिर्फ धूप का चश्मा है, इसलिए ठीक से दिखाई नहीं देगा, यह गलत धारणा है। आजकल बाजार में नंबर के अनुसार, ऐसे धूप के चश्मे उपलब्ध है, जिससे आपको सही से दिखाई देगा और आपकी आखों की धूप से भी रक्षा भी होगी।
  • धूप के चश्मों के लेकर यह भी मिथक है कि सारे धूप के चश्मे पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करते हैं। हालांकि, चश्मे का ग्लास और पॉलीकार्बोनेट पराबैंगनी किरणों की कुछ मात्रा को अवशोषित कर लेते हैं, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षा पाने के लिए लेंस पर कोटिंग करवाना आवश्यक हैं।
  • धूप का चश्मा ऐसा खरीदें जो सामने और पीछे दोनों ओर से पराबैंगनी किरणों को 90-100 प्रतिशत तक रोक दे।
  • कई लोग यह सोचकर धूप का चश्मा पहनते हैं कि इसे नहीं पहनने की बजाय इसे पहनने से कम से कम आखों को कुछ तो सुरक्षा मिलेगी, इसलिए लोग किसी भी क्वालिटी का चश्मा खरीद लेते हैं, लेकिन सस्ता धूप का चश्मा पहनना अपकी आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है .
  • अगर उनसे आपकी आंखों पर सिर्फ छाया होती है और हानिकारक किरणों यूवीए व यूवीबी से सुरक्षा नहीं मिलती हैं तो फिर ऐसे चश्मों के जरिए हानिकारक किरणें सीधे आपकी आंखों पर पड़ती हैं, जो बहुत हानिकारक हैं, इसलिए हमेशा उत्तम क्वालिटी का ही धूप का चश्मा प्रयोग करें .

बेंगलुरु की अंबिका एक दिन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाइ कमिश्नर बनीं…

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बेंगलुरु की पत्रकारिता की एक स्टूडेंट को एक दिन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाइ कमिश्नर बनने और ब्रिटेन-भारत के राजनयिक संबंधों के बारे में जानने का अवसर मिला। स्टूडेंट का नाम है, अंबिका। उन्होंने शुक्रवार को एक दिन के लिए जेरेमी पिल्मोर बेडफोर्ड की जगह ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर, बेंगलुरु की भूमिका निभाई। अंबिका ने ब्रीफिंग सेशन की अध्यक्षता करते हुए यूके की तीसरी सबसे बड़ी पोस्ट संभाली जिसमें उन्होंने यूएन घोषित अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर सरकार और बिजनेस स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग की।

अंबिका ने बताया, ‘हमने पूरे दिन की योजना बनाई थी। मुझे बेंगलुरु के ब्रिटिश डिप्टी हाइ कमिश्नर कार्यालय के सभी कर्मचारियों से मिलना था। फिर हम व्हाइटफील्ड में टेस्को गए और सीखा कि यह कैसे काम करता है। मैं विद्या लक्ष्मी से भी मिलीं, जो लैंगिक समानता के बारे में बहुत सीरियस हैं।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगी कि यह सिर्फ एक दिन की बात है। यह उसके बारे में पूरी प्रक्रिया है कि हम इन पदों पर कैसे पहुंच सकते हैं। यह निश्चित रूप से यह देखने के लिए एक शुरुआत है कि ये कार्यालय कैसे कार्य करते हैं और भारत और ब्रिटेन के बीच राजनयिक संबंध कैसे हैं। यह एक प्रक्रिया है जिसे मैंने अभी शुरू किया है। यह एक अच्छा अनुभव था। मुझे मज़ा आया।’

बेडफोर्ड के अनुसार इस चुनौती का उद्देश्य यूके में और विश्व स्तर पर महिलाओं और महिलाओं के मुद्दों पर ब्रिटेन के समर्थन को उजागर करना है।

बेडफोर्ड ने कहा, ‘अंबिका ने आज एक बैठक की अध्यक्षता की और व्यापार, निवेश, राजनीतिक दुनिया और प्रेस वर्क में ब्रिटेन और कर्नाटक के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए यहां काम करने की रेंज के बारे में जाना।’

बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली आयशा खान ने ‘हाई कमिश्नर फॉर ए डे’ प्रतियोगिता जीती और भारत के लिए ब्रिटेन की शीर्ष राजनयिक होने का मौका पाया। इस प्रतियोगिता में 18 से 23 साल की लड़कियां हिस्सा ले सकती हैं। इस प्रतियोगिता को जीतकर 22 वर्षीय आयशा खान ने 4 अक्टूबर को ब्रिटेन के हाई कमिश्नर के रूप में काम किया।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, यहां देखें

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है। यूपी सरकार ने 13 आईएएस और तीन आईपीएस अफसरों का तबादला किया है। इस फेरबदल में 5 जिलों के जिलाधिकारी भी बदल दिए गए हैं।

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक आशुतोष निरंजन को बस्ती का डीएम, जौनपुर के डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का भी तबादला कर उन्हें पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम निदेशक के पद पर तैनात कर दिया गया है। बदायूं के डीएम दिनेश कुमार सिंह का तबादला करते हुए उन्हें जौनपुर का जिलाधिकारी , विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कुमार प्रशांत को बदायूं का डीएम बनाया गया है।

इसी तरह बस्ती की डीएम माला श्रीवास्तव को उनके पद से हटाकर विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग , पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक गोविंद राजू एनएस को प्रोजेक्ट डायरेक्टर ग्रेटर शारदा क्षेत्र का विकास प्राधिकारी लगाया गया है। गाजीपुर के डीएम बालाजी को हटाकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी के प्रबंध निदेशक , श्रावस्ती के डीएम ओमप्रकाश आर्य का तबादला करके गाजीपुर का डीएम , अपर आयुक्त वाणिज्यकर यीशु रूस्तगी को श्रावस्ती का नया डीएम बनाया गया है।

ऐसे ही सूर्यमणि लालचंद को अपर आयुक्त वाणिज्यकर मुख्यालय में अपर आयुक्त , अपर खाद्य आयुक्त संतोष कुमार का तबादला करते हुए उन्हें लखनऊ का संभागीय खाद्य नियंत्रक, अनिल कुमार अपर आयुक्त खाद्य आयुक्त लगाया गया है। वहीं विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त अमृत त्रिपाठी का भी तबादला करते हुए उन्हें विशेष सचिव सचिवालय प्रशासन बनाया गया है।

42 Kg वजनी तलवार को श्रद्धालु ने दांत से उठाई उसके बाद जो हुआ

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महाराष्ट्र में पुणे से 51 किमी दूर है जेजुरी। यह जगह अपने खंडोबा मंदिर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां हर साल दशहरे पर होने वाले हल्दी उत्सव को मनाने दूर-दूर से लोग आते हैं।

इस दौरान हल्दी से पूरा मंदिर सोने की तरह चमक उठता है। इसके अलावा, यहां 42 किलो की तलवार उठाने की प्रतिस्पर्धा खास होती है, क्योंकि श्रद्धालु इसे अपने दांतों से उठाते हैं। इस साल एक श्रद्धालु ने एक व्यक्ति को पीठ पर बैठाकर 42 किलो वजनी तलवार उठाई।

वर्धा यूनिवर्सिटी में धरना देने और पीएम को पत्र लिखने वाले छात्रों को निकाला…

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महाराष्ट्र के वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में धरना आयोजित करने वाले और प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखने वाले छह छात्रों को निकाल दिया गया है.

ये छात्र मॉब लिंचिंग और रेप के आरोपी नेताओं को बचाने के ख़िलाफ़ धरना दे रहे थे.

9 अक्टूबर को कार्यवाहक रजिस्ट्रार ने इस संबंध में आदेश ज़ारी किया है. इसके मुताबिक छात्रों को धरना आयोजित करके 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर लागू आचार संहिता के उल्लंघन और न्यायिक प्रक्रिया में दख़ल देने के चलते निकाला गया है.

छह छात्रों में से एक छात्र चंदन सरोज ने अख़बार से कहा है कि 9 अक्टूबर को हुए धरने में करीब 100 छात्र शामिल थे लेकिन ख़ास तौर पर तीन दलित और तीन ओबीसी छात्रों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है.

आरएसएस से जुड़े होने से इनकार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में एक स्कूल शिक्षक बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और आठ साल के पुत्र की हत्या से जुड़ी ख़बर है.

इस मामले पर तब राजनीति तेज हो गई थी जब बीजेपी ने बंधु प्रकाश पाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सदस्य बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर उनकी हत्या का आरोप लगाया था.

लेकिन, अब बंधु प्रकाश पाल के परिवार का कहना है कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी और संगठन से कोई संबंध नहीं था.

बारला गांव में रहने वालीं उनकी मां माया पाल ने अख़बार से कहा है, ”वो एक कोरे कागज़ की तरह था. किसने कहा कि वो बीजेपी का सदस्य था. वो बीजेपी या तृणमूल कांग्रेस से कभी जुड़ा नहीं रहा. वो कभी आरएसएस के साथ नहीं था. ये झूठ फैलाया जा रहा है.”सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा

आलोक वर्मा पर सीवीसी रिपोर्ट

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने पिछले साल सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक कुमार वर्मा के तीन बड़े मामलों में जांच की थी.

इनमें मांस कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े मामले को बढ़ावा देने के लिए सीबीआई अधिकारियों को रिश्वत देना, आईआरसीटीसी घोटाले में फआईआर से एक मुख्य संदिग्ध का नाम हटाना और दागदार अधिकारियों को एजेंसी में जोड़ने की कोशिश करने के मामले शामिल हैं.

सीवीसी की जांच के नतीजों अब तक सामने नहीं आई है, जिन्होंने आलोक वर्मा को सीबीआई से हटाने के फ़ैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

जम्मू-कश्मीर में मिल सकती है फोन करने की छूट

जम्मू और कश्मीर प्रशासन चरणबद्ध तरीके से राज्य से मोबाइल और टेलिफोन पर लगा प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है. साथ ही पोस्टपेड कनेक्शन पर वॉयस कॉल्स को भी बहाल कर दिया जाएगा.

दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नाम न बते की शर्त पर अख़बार को ये जानकारी दी है. शनिवार को होने वाली एक बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी. इस बैठक में कुछ और राजनेताओं को छोड़ने का फैसले लिया जा सकता है.

जम्मू और कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद से कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं और नेताओं को हिरासत में रखा गया है.