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फ्री कॉलिंग को लेकर आया JIO का मैसेज, इन यूजर्स को नहीं देने होंगे कॉलिंग के पैसे

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रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की थी कि जियो से दूसरे नेटवर्क पर कॉलिंग अब फ्री नहीं होगी। लेकिन अब तक लोगों को ये कन्फ्यूजन थी कि ये कब से लागू होगा। इसे लेकर अब जियो ने बयान जारी किया है। जियो की यह घोषणा आज 10 अक्टूबर से प्रभावी हो गई है लेकिन दूसरे नेटवर्क्स पर कॉलिंग के लिए ढेरों यूजर्स को कोई रीचार्ज नहीं करवाना पड़ा है। क्योंकि 9 अक्टूबर से पहले रिचार्ज करने वाले यूर्जस को इंटरकनेक्ट यूजेस चार्ज (IUC) चार्ज नहीं देना होगा।

जियो ने दिया ये खास मैसेज

जियो ने एक बयान में कहा है, अगर आपने 9 अक्टूबर को या इससे पहले किसी भी प्लान से जियो नंबर पर रीचार्ज करवाया है तो आप को प्लान एक्सपायर होने तक फ्री कॉलिंग बेनिफिट्स मिलते रहेंगे।’ सबसे पहले आपको चेक करना चाहिए कि मौजूदा जियो डेटा प्लान कब तक वैलिड है क्योंकि इसके बाद ही आपको अलग से आईयूसी टॉप-अप रीचार्ज करवाना होगा। मौजूदा प्लान एक्सपायर होने तक कस्टमर्स को कोई एक्सट्रा रीचार्ज करवाने की जरूरत नहीं है।

रिलायंस जियो पर मौजूदा प्लान खत्म होने तक कॉलिंग फ्री

रिलायंस जियो के सबसे पॉपुलर प्लान की वैलिडिटी 84 दिन की है। लेकिन कुछ पैक्स एक साल की वैलिडिटी वाले हैं, तो क्या एक साल तक नॉन जियो कस्टमर्स पर कॉलिंग के पैसे नहीं देने होंगे? जियो ने स्पष्ट किया है कि अब करवाने वाले रीचार्ज के साथ अलग से आईयूसी का भुगतान कस्टमर्स को करना होगा। इसके लिए जियो ने 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के टॉप-अप वाउचर इंट्रोड्यूस किए हैं। खास बात यह है कि हर 10 रुपये आईयूसी टॉप-अप खर्च करने के बदले जियो कस्टमर्स को 1 जीबी अडिशनल डेटा भी फ्री दे रहा है। इस तरह 10 रुपये के प्लान पर 1 जीबी और 100 रुपये के रीचार्ज पर 10 जीबी अडिशनल डेटा कस्टमर्स को मिलेगा।

अब देना पड़ेगा IUC चार्ज

जब कोई कस्टमर एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर फोन करता है तो आउटगोइंग कॉल के लिए कॉल करने वाले कस्मटर के ऑपरेटर को इंटरकनेक्ट यूसेज (IUC) चार्ज देना पड़ता है। ट्राई के मुताबिक हरेक ऑपरेटर को प्रति मिनट 6 पैसे का इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज देना पड़ता है। ट्राई ने इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC ) को 2017 में 14 पैसे से घटाकर छह पैसे प्रति मिनट कर दिया था। ट्राई ने कहा था कि जनवरी, 2020 तक इसे खत्म कर दिया जाएगा। अब ट्राई ने इस बारे में कंस्लटेशन पेपर रिलीज किया है।

कुछ इस अंदाज में चीनी राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे 2 हजार स्कूली बच्चे, देखें वीडियो

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर आने वाले हैं. इस दौरान शी चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरेंगे. यहां उनकी स्वागत की तैयारियां जोरों-शोरों से हो रही है. चीन के राष्ट्रपति के स्वागत के लिए 2000 स्कूली छात्र उनका मुखौटा पहनकर स्वागत करेंगे. शी 11-12 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चेन्नई जाएंगे.

बता दें कि चीनी राष्ट्रपति के मुखौटे के साथ सभी बच्चे चीनी भाषा में उनका स्वागत करेंगे. उनके स्वागत करने के लिए बच्चे चीनी भाषा के एक पैटर्न में खड़े रहेंगे. वीडियो में आप देख सकते हैं कि सभी छात्रों ने लाल रंग के कपड़े पहने हुए हैं. उनके पीछे अंग्रेजी भाषा में हर्टी वेलकम लिखा हुआ है. आपको बता दें कि मामल्लापुरम में यह दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन है इससे पहले इसका आयोजन चीन े वुहान में 27-28 अप्रैल को किया गया था.

एयरपोर्ट पर चीनी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट को भी भव्य तरीके से सजाया गया है. यहां उनके स्वागत के लिए केले के पत्ते, फूलों और दोनों देशों के झंड़ों से एयरपोर्ट को सजाया गया है.

वहीं अगर सुरक्षा की बात करें तो यह बहुस्तरीय सुरक्षा होगी जिसमें कई अधिकारी, विशेष अधिकारी और 10 हजार पुलिसकर्मी शामिल होंगे. साथ ही निगरानी के लिए 500 सीसीटीवी कैमरों का भी प्रयोग किया जाएगा.

7 दिन सुबह पिएं काला नमक वाला पानी, होंगे ये लाजवाब फायदे…

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जिस तरह शरीर में खून बहुत जरूरी है वैसे ही खाने में आयोडीन भी बहुत जरूरी होता है. क्योंकि खाने का बैकबोन है नमक, अगर ये नहीं तो खाना फीका पड़ जाता है. बाजार में 2 प्रकार का नमक मिलता है. एक आयोडीन सफेद नमक और दूसरा काला नमक.

काला नमक खाने के फायदे

अगर आप सुबह काला नमक और पानी मिला कर पीना शुरु कर दें तो आपको काफी स्‍वास्‍थ्‍य लाभ पहुंच सकता है. लोंगो को अभी पता नहीं है कि सादे नमक का बहुत ज्‍यादा प्रयोग हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिये हानिकारक हो सकता है इसलिये अच्‍छा होगा कि आप उसे हटा कर काले नकम का सेवन कीजिये.आज हम आपको काला नमक खाने के फायदे बताएंगे.

पाचन दुरुस्त करे :

एक चुटकी सेंधा या काला नमक, एक चम्मच अदरक के रस में मिलाकर लेने से भूख बढती है और पाचन तेज होता है, आप चाहे तो अदरक घिस कर काला नमक, निम्बू रस डाल कर खाने के साथ चटनी जैसे खा सकते हैं.

नींद लाने में लाभदायक :

काले नमक में मौजूदा खनिज हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करते हैं. ये कोर्टिसोल और एड्रनलाईन जैसे दो खतरनाक स्ट्रेस हार्मोन को भा काफी हद तक कम कर देता है, जिस कारण रात को अच्छी नींद लेने में मदद मिलती है.

शरीर करे डिटॉक्स :

काले नमक में काफी मात्रा में खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टीरियल का काम भी करता है. इससे शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया का खात्मा हो जाता है.

हड्डी की मजबूती :

मांशपेशियों की जकड़न में एक चम्मच सेंधा नमक एक गिलास पानी में डाल कर पियें, तुरंत लाभ होगा.

त्वचा की समस्या :

काले नमक में मौजूद क्रोमियम एक्ने से लड़ता है और सल्फर से त्वचा साफ और कोमल बनती है. इस पानी के नियमित सेवन से एग्जिमा और रैशेज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.

मोटापा घटाए :

पाचन को दुरस्त कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है. समुंद्री नमक छोड़ कर आपको इस नमक को अपने आहार में शामिल करना चाहिये.

आज 21 नए केंद्रीय विद्यालय देश को मिल रहे हैं, जानें यूपी-बिहार समेत किस राज्य को मिले कितने स्कूल…

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आज देश को 21 नए केंद्रीय विद्यालय मिलने जा रहे हैं। ये सभी केंद्रीय विद्यालय देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग जिलों में शुरू हो रहे हैं। आज, 11 अक्तूबर 2019 को इनमें से 15 केंद्रीय विद्यालयों के नए भवना का उद्घाटन किया जा रहा है और 6 नए केंद्रीय विद्यालयों का शिलान्यास किया जाने वाला है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (HRD Minister Ramesh Pokhariyal Nishank) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ये सभी उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। ये सभी नए केंद्रीय विद्यालय देश के कुल 13 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में खोले गए हैं। कौन सा केंद्रीय विद्यालय किस राज्य के किस जिले में शुरू हो रहा है, इसकी पूरी सूची हम आपको आगे दे रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS – Kendriya Vidyalaya Sangathan) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पहली बार इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय विद्यालयों के नए भवनों का एक साथ उद्घाटन किया जा रहा है। ये नए स्कूल खुलने से 22 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। ये भवन करीब 398 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए हैं।

15 केंद्रीय विद्यालय जिनके नए भवन का उद्घाटन हो रहा है

केंद्रीय विद्यालयजिलाराज्य / केंद्रशासित प्रदेश
केवी गोलाघाटगोलाघाटअसम
केवी हफलॉन्गदीमा हसओअसम
केवी तामुलपुरबाक्साअसम
केवी अररियाअररियाबिहार
केवी जैतपुरराजकोटगुजरात
केवी विरामगांवअहमदाबादगुजरात
केवी करगिलकरगिललद्दाख
केवी कोदागूकोदागूकर्नाटक
केवी नं-2 सतनासतनामध्यप्रदेश
केवी शिवपुरशिवपुरमध्यप्रदेश
केबी बैतूलबैतूलमध्यप्रदेश
केवी संबलपुरसंबलपुरओडिशा
केवी शिवगढ़रायबरेलीउत्तर प्रदेश
केवी पेरांबलूरपेरांबलूरतमिलनाडू
केवी मिर्यालगुडानालगोंडातेलंगाना


वो 6 केंद्रीय विद्यालय जिनका शिलान्यास हो रहा है

केंद्रीय विद्यालयजिलाराज्य
केवी लॉन्गडिंगलॉन्गडिंगअरुणाचल प्रदेश
केवी कावर्धाकबीरधामछत्तीसगढ़
केवी गिरिडीहगिरिडीहझारखंड
केवी चेन्नपटनारामनगरकर्नाटक
केवी जगतसिंघपुरजगतसिंघपुरओडिशा
केवी निजामाबादनिजामाबादतेलंगाना



बता दें कि इस समय देश भर में कुल 1,225 केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें करीब 12,92,767 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सभी केंद्रीय विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पाठ्यक्रम चलाया जाता है।

मिनटों में बिक गया NIKE का ये ‘जीसस शूज’, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान…

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नाइकी (Nike) के शूज की वैसे तो दुनियाभर में बहुत डिमांड होती है, लेकिन इस बार कंपनी ने एक ऐसा जूता (Shoes) बाजार में उतारा, जो चंद मिनटों में ही आउट ऑफ स्टॉक हो गया यानी उसका स्टॉक पूरी तरह से बिक गया. कंपनी ने इस एक जोड़ी जूते की कीमत 3,000 अमेरिकी डॉलर (US Dollar) यानी 2 लाख 13 हजार 139 रुपये रखी थी. नाइकी ने इस सफेद रंग के जूते का नाम ‘जीसस शूज’ (Jesus Shoe) रखा है. इसे ब्रुकलिन बेस्ड क्रिएटिव लेबल एमएससीएचएफ (MSCHF) ने तैयार किया था. जूते की खासियत यह है कि इसमें जॉर्डन की नदी का पवित्र पानी भरा गया है. जिसकी वजह से जूते की सोल में करीब से देखने पर नदी का पानी तैरता दिखाई देता है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने प्रयोग के तौर पर एक दर्जन के करीब जूते की जोड़ी बनाई थी.

जूते में बाइबिल की आयत मैथ्यू 14:25 भी लिखी Nike के संस्थापक ग्रैब्रियल वैले ने संकेत दिया है कि बहुत जल्द इसका दूसरा संस्करण पेश किया जाएगा. सफेद रंग के नाइकी एयर मैक्स-97 की खास जूतों की जोड़ी है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं. जूते में नदी का पानी भरा होने की वजह से इसकी कीमत ज्यादा रखी गई है. जूते में बाइबिल की आयत मैथ्यू 14:25 भी लिखी हुई है. जिसमें यीशु के पानी पर चलने का वर्णन है.

जूते के किनारे पर एक खून की बूंद
जूते के एक किनारे पर खून की एक बूंद भी बनाई गई है, जो जीसस के खून के प्रतीक के रूम में दर्शाया गया है. कंपनी ने जब इस जूते को इतना धार्मिक बनाया है तो पैकेज को भी धार्मिक रखा है. जूते के पैकिंग डिब्बे पर एक दूत और एक सील की तस्वीर बनी हुई है.

‘चंबा’ भारत की वो जगह जहां जिंदगी में एक बार घूमने से पूरा हो जाएगा सफरनामा…

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अनेक संस्कृतियों और सभ्यताओं वाले देश भारत में रहकर भी अगर आप हिमाचल प्रदेश की इस खास जगह घूमने नहीं गए तो आप सफल घुमक्कड़ी नहीं कहलाएंगे. इतनी यात्राएं करके भी आपकी यात्रा अधूरी है अगर आपने चंबा नहीं घूमा . आज हम आपको इस हिमालयी प्रदेश के चंबा की खूबियों और मनमोहक जगहों के विषय में बताएंगे जो सिर्फ उत्तर भारत के इसी प्रदेश में है. कहीं घूमने की तैयारी कर रहे हैं तो इस बार चंबा घूम ही आइए.

दिल चुराने वाला चंबा का मौसम आपकी हर तकलीफ को दूर कर देगा. कहा जाता है कि चंबा शहर का नाम वहां की राजकुमारी चंपावती के नाम पर पड़ा. कहा जाता है कि राजकुमारी चंपावती हर दिन शिक्षा के लिए एक साधु के पास जाती थी. इससे राजा को शक हो गया और वो एक दिन राजकुमारी के पीछे-पीछे आश्रम पहुंच गया. वहां उसे कोई नहीं मिला लेकिन उसे शक करने की सजा मिली और उससे उसकी बेटी छीन ली गई. आसमान में आकाशवाणी हुई कि प्रायश्चित करने के लिए राजा को यहां मंदिर बनवाना होगा. राजा ने चौगान मैदान के पास एक सुंदर मंदिर बनवाया. चंपावती मंदिर को लोग चमेसनी देवी के नाम से पुकारते हैं.

चंबा का दिल है चौगान

चंपावती मंदिर के सामने एक विशाल मैदान है, जिसे चौगान कहते हैं. एक तरह से चौगान चंबा शहर का दिल है. किसी समय चौगान का यह मैदान बहुत बड़ा था लेकिन बाद में इसे पांच हिस्सों में बांट दिया गया. मुख्य मैदान के अलावा अब यहां चार छोटे-छोटे मैदान हैं. चौगान मैदान में ही हर साल जुलाई में चंबा का मशहूर पिंजर मेला लगता है.चंबा के आसपास कुल 75 प्राचीन मंदिर हैं. इन मंदिरों में प्रमुख लक्ष्मीनारायण मंदिर, हरिराय मंदिर, चामुंडा मंदिर हैं.

भूरी सिंह संग्रहालय

किसी भी शहर के इतिहास को जानने के लिए यहां के म्यूजियम को जरूर देखना चाहिए. बेशक चंबा का भूरी सिंह म्यूजियम छोटा है, पर इसका प्रबंधन बेजोड़ है. इस म्यूजियम के प्रथम तल पर मिनिएचर पेंटिंग की सुंदर गैलरी है. इसमें गुलेर शैली की बनी पेंटिंग लगाई गई हैं. यहां चंबा शहर की पुरानी ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं.

शरद पूर्णिमा में खीर खाने से नहीं होता है दमा और मलेर‍िया, जानिए कौन-कौन सी बीमारियां होती है दूर…

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 हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान में खीर रखने के बाद खाने की परांपरा काफी समय से चली आ रही हैं। मान्यता है कि इस दिन खुले आसमान में रखी जाने वाली इस खीर को खाने से सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद अपनी सभी 16 कलाओं से भरा होता है, जिस वजह से चांद रात 12 बजे धरती पर अमृत बरसाता है। इसी अमृत को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करने के लिए खीर चांद की रोशनी में रखी जाती है रात 12 बजे के बाद खीर उठाकर प्रसाद के तौर पर खाई जाती है।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि ऐसा क्यों किया जाता है? इस बार शरद पूर्णिमा 13 अक्‍टूबर को है, जानते हैं आखिर क्यों इस खुले आसमान में रखे जाने वाली खीर को खाने के सेहत को क्‍या फायदे होते हैं। मच्छरों के काटने पर मलेरिया के बैक्टीरिया शरीर में फैलते हैं, जिससे आपको मलेरिया होता है। लेकिन बैक्टीरिया बिना उपयुक्त वातावरण के नहीं पनप सकते है। मलेरिया के बैक्टीरिया को जब पित्त का वातावरण मिलता है, तभी वह 4 दिन में पूरे शरीर में फैलता है, नहीं तो थोड़े समय में समाप्त हो जाता है।

ऐसे में मलेरिया फैलने का मुख्य कारण है शरीर में पित्त का बढ़ना या पित्त का असंतुलन। यानि पित्त को नियंत्रित रखकर, हम मलेरिया से बच सकते हैं। खीर खाने से पित्त को संतुल‍ित किया जा सकता है। इसलिए पित्त के असंतुलन से बचने के लिए इस समय खास तौर से खीर खाने की परंपरा है। शरद पूर्णिमा को रातभर चांदनी के नीचे चांदी के पात्र में रखी खीर सुबह खाई जाती है। यह खीर हमारे शरीर में पित्त का प्रकोप कम करती है। और मलेरिया के खतरे को कम करती है। यह खीर आंखों से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों को भी बहुत फायदा पहुंचाती है।

माना जाता है क‍ि शरद पूर्णिमा का चांद बेहद चमकीला होता है इसीलिए आंखों की कम होती रोशनी वाले लोगों को इस चांद को एकटक देखते रहना चाहिए। क्योंकि इससे आंखों की रोशनी में सुधार होता है। इसी के साथ यह माना जाता है कि इस रात के चांद की चांदनी में आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सुई में 100 बार धागा डालना चाहिए। दमा रोगियों के लिए यह खीर अमृत समान ही होती है। शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने के बाद सुबह चार बजे के आसपास दमा रोगियों को खा लेनी चाह‍िए।

इसल‍िए डॉक्‍टर्स भी दमा रोगियों को ये खीर खाने की सलाह देते हैं। चर्म रोग में फायदा दिलाने के साथ शरद पूर्णिमा का चांद और खीर दिल के मरीज़ों और फेफड़े के मरीज़ों के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। इसे खाने से श्वांस संबंधी बीमारी भी दूर होती हैं। शरद पूर्णिमा की खीर को स्किन रोग से परेशान लोगों के लिए भी अच्छा बताया जाता है। मान्यता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को चर्म रोग हो तो वो इस दिन खुले आसमान में रखी हुई खीर खाए। इसके अलावा इससे त्‍वचा भी क्रांतिमान हो जाती है। शरद पूर्णिमा की रात को छत पर खीर को रखने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी छिपा है। खीर दूध और चावल से बनकर तैयार होता है।

दरअसल दूध में लैक्टिक नाम का एक अम्ल होता है। यह एक ऐसा तत्व होता है जो चंद्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है। वहीं चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। इसी के चलते सदियों से ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर खुले आसमान में रखने का विधान किया है और इस खीर का सेवन सेहत के लिए महत्वपूर्ण बताया है। एक अन्य वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार इस दिन दूध से बने उत्पाद का चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए। चांदी में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे विषाणु दूर रहते हैं।

77 की उम्र में भी अमिताभ लगते हैं Hot, जानिए क्या है राज?

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 आज सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्मदिन है। पिछले 47 सालों से हिंदी सिनेमा के कैनवस पर चमक रहे ‘द ग्रेट’ अमिताभ बच्चन किसी युग से कम नहीं। पूरा राष्ट्र आज उन्हें बधाईयां देने में जुटा हुआ है। 77 साल के अमिताभ के व्यक्तित्व में जीवन के वो सारे रंग हैं, जिन्हें पाने के लिए इंसान को सदियां लग जाती हैं। अमिताभ की चमक केवल देश में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी फैली हुई है।

अमिताभ का संयमित और आदर्श जीवन ही है जो उन्हें अपने समकालीन कलाकारों से अलग करता है जिसका ताजा उदाहरण है कि उनसे उम्र में छोटे लोग या तो काम से संन्यास ले चुके हैं या फिर खटिया पर आखिरी सांस गिन रहे हैं।

अमिताभ आज भी हॉट सीट पर बैठे लोगों को हॉट लगते हैं

जबकि अमिताभ आज भी हॉट सीट पर बैठे लोगों को हॉट लगते हैं। ऐसा नहीं है कि अमिताभ को सफलता किसी जादूई छड़ी के चलते मिली है बल्कि इसके पीछे उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत है जिसके चलते 6 फुट 2 इंच का लंबा इंसान आज सदी का महानायक बन गया है। वो एक बेमिसाल एक्टर, अच्छे विलेन, आदर्श पति, आइडल पिता, सम्मानीय ससुर, उत्कृष्ठ प्रस्तोता और एक बहुत अच्छे भारतीय हैं।

इसके पीछे कारण अमिताभ की जहां उम्दा एक्टिंग हैं वहीं उनकी फिटनेस भी है जो उन्हें युवाओं से भी ज्यादा ऊर्जावान बनाती है। अमिताभ की सक्सेस में उनकी हेल्दी लाइफ का बहुत बड़ा योगदान है। आपको पता है कि महानायक अमिताभ की सुबह दो गिलास गर्म पानी और एलोवेरा जूस से होती है । वो अपने ब्रेकफास्ट में दूध, मूसली और इडली -सांभर पसंद करते हैं क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं। जो कि अमिताभ के कोलेस्ट्रोल को मेंटेन करते हैं और उन्हें पोषण देते हैं। वो ज्यादा तो नहीं लेकिन आधे घंटे रोज व्यायाम करते हैं। वो ऑयली और स्पाइसी फूड से बहुत दूर रहते हैं और पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करते हैं।

और अमिताभ के लिए सबसे अहम बात ये है कि वो टाइम पर ब्रेक-फास्ट, लंच और डिनर करते हैं क्योंकि औरों की तरह वो भी मानते हैं की जीवन में आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ दिमाग की जरूरत होती है और स्वस्थ दिमाग को पोषण की इसलिए हमेशा इंसान को समय पर और सही ढंग से खाना-पीना चाहिए क्योंकि रात भर दिमाग अपना काम करता है जिसके कारण उसे 7-8 घंटे के बाद पोषण की आवश्यकता होती है।

आप जिएं हजारों साल, साल के दिन हो पचास हजार
जन्मदिन की दिल से बधाई

फिलहाल सदी के इस महानायक को वनइंडिया भी जन्मदिन की दिल से बधाई देता है और कहता है कि आप जिएं हजारों साल, साल के दिन हो पचास हजार।

बेटी श्वेता ने शेयर की पापा संग फोटो, कैप्शन देखकर भावुक हो जाएंगे आप…

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 आज सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का 77वां जन्मदिन है, इस मौके पर उन्हें देश-विदेश से बधाईयां मिल रही हैं,उनकी लाडली श्वेता ने भी अपने पापा के बर्थडे पर एक पुरानी फोटो शेयर की है, जिसका कैप्शन बेहद ही इमोशनल है, जिसे पढ़ने के बाद आप बखूबी अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर श्वेता की लाइफ में अमिताभ बच्चन क्या महत्व रखते हैं।

दरअसल श्वेता बच्चन नंदा ने अपनी बचपन की तस्वीर की है, जिसमें नन्ही श्वेता अमिताभ की गोद में हैं, अमिताभ फोटो में मुस्कुरा रहे हैं जबकि श्वेता सामने की ओर किसी को देख रही हैं, फोटो का कैप्शन श्वेता ने दिया है Home is not a place, it is a Person मतलब कि ‘घर कोई जगह नहीं बल्कि एक व्यक्ति होता है’। इस भावुक पोस्ट को फैन्स ने भी लाइक किया।

अमिताभ बच्चन का जन्मदिन आज
पापा की लाडली हैं श्वेता बच्चन

इसके बाद श्वेता ने एक और पोस्ट आज शेयर की है, जिसमें वो बिग बी के साथ काफी खुश दिख रही हैं और उन्हें अपना गर्व बताते हुए जन्मदिन विश किया है।

‘द ग्रेट’ अमिताभ बच्चन किसी युग से कम नहीं
सदी के महानायक हैं अमिताभ बच्चन

पिछले 47 सालों से हिंदी सिनेमा के कैनवस पर चमक रहे ‘द ग्रेट’ अमिताभ बच्चन किसी युग से कम नहीं। पूरा राष्ट्र आज उन्हें बधाईयां देने में जुटा हुआ है। 77 साल के अमिताभ के व्यक्तित्व में जीवन के वो सारे रंग हैं, जिन्हें पाने के लिए इंसान को सदियां लग जाती हैं। अमिताभ की चमक केवल देश में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी फैली हुई है, हाल ही में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देने का ऐलान हुआ है। अमिताभ ने ये साबित किया है कि सच्ची लगन, मेहनत और खुद पर भरोसा हो तो इंसान हर मंजिल पा सकता है।

दीपिका पादुकोण ने क्यों कहा कि इसपर क्रिकेटर्स से भी सवाल पूछें…

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हाल ही में दुनियाभर में चले मीटू अभियान (#MeToo) के दौरान कई फिल्मकारों सहित राजनेताओं के नाम भी सामने आए। इस अभियान के दौरान फिल्मकार लव रंजन पर भी कई आरोप लगे। इस बीच दीपिका ने लव रंजन के दफ्तर जाकर उनसे मुलाकात की। लेकिन ये बात लोगों को पसंद नहीं आई।

दीपिका की लव रंजन से मुलाकात उनके फैंस को रास नहीं आई और ट्विटर पर हैश टैग नॉट माई दीपिका ( #NotMyDeepika ) ट्रेंड कराना शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दीपिका लव रंजन की आने वाली फिल्म में अजय देवगन और रणबीर कपूर के साथ दिखाई देंगी। हालांकि अब तक इसपर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

दीपिका से हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर सवाल पूछे गए, जिनपर उन्होंने खुलकर बात की। दीपिका ने मीटू अभियान पर कहा, ‘आपको कुछ क्रिकेटर्स से भी मीटू अभियान के बारे में पूछना चाहिए। लेकिन मैंने ऐसा होते नहीं देखा है। लेकिन हर अभिनेता से इसे लेकर सवाल पूछा जाता है। ये चीजें केवल फिल्म इंडस्ट्री में नहीं हो रही हैं।’

दीपिका पादुकोण ने कहा कि उनसे भी इसपर बात की जा सकती है, लेकिन वो बस इतना जानना चाहती हैं कि इसपर केवल फिल्म अभितेनाओं से ही क्यों सवाल पूछे जाएं। दीपिका कहती हैं, ‘क्या एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे विचार नहीं होने चाहिए। तब हमारी राय मायने रखती है, है ना?’ हालांकि इस दौरान दीपिका ने लव रंजन की फिल्म में काम करने को लेकर कोई बयान नहीं दिया।

फिलहाल दीपिका निर्देशक मेघना गुल्जार की आने वाली फिल्म छपाक में काम कर रही हैं। छपाक में वह तेजाब हमले की शिकार हुई लक्ष्मी अगरवाल की भूमिका निभा रही हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता विक्रांत मेसी भी दिखाई देंगे। ये फिल्म अगले साल रिलीज होने वाली है।