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Amit Shah Moga Punjab Rally: ‘सिर्फ भाजपा ही मिटाएगी पंजाब से नशे का कोहराम’, मोगा में बोले अमित शाह…

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा, पंजाब में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान स्थिति और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया।

शाह ने पंजाब की कानून व्यवस्था, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चिंता जताते हुए वर्तमान प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

इसके साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह ने सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया।

Punjab Elections 2027: पंजाब की समस्याओं का समाधान

अमित शाह ने कहा कि पंजाब वर्तमान में नशीली दवाओं, गैंगस्टरों के आतंक और बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा सरकार ही पंजाब को इन बुराइयों से मुक्त कर सकती है। उनके अनुसार, धर्म परिवर्तन और भ्रष्टाचार ने राज्य की नींव को हिला दिया है। शाह ने जोर देकर कहा कि 2027 में भाजपा की सरकार बनने के बाद पंजाब को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता होगी ताकि राज्य का गौरव वापस लौट सके।

गुरु तेग बहादुर जी को नमन- शाह

सिखों के योगदान पर बात करते हुए गृह मंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर गुरु साहिब ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए मुगलों के खिलाफ अपना शीश न दिया होता, तो देश की तस्वीर कुछ और होती। उनके अनुसार, गुरु जी के त्याग की वजह से ही धर्म की रक्षा हो सकी। शाह ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा गुरुओं के सिद्धांतों का सम्मान करती है और उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीमा पर हवाई हमले से दहशत, चार की मौत और कई घायल…

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“सीमा क्षेत्र में हवाई हमले की घटना’

सीमा से सटे इलाके में एक कथित हवाई हमले ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

स्थानीय प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, देर रात अचानक तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनने का दावा किया। कुछ समय बाद, इलाके के एक हिस्से में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें चार लोग मौके पर ही मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेर लिया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हवाई हमले की आशंका जताई जा रही है और इस घटना के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की संभावना है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।

घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। सेना और अन्य सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

इस घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। लोग प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार ने कहा है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना को रोका जा सके।

CG: नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं…

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भारत मंडपम में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं की गूंजी आवाज…

– उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव 

”केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर की अमृत मित्रों के साथ साझा किए अपने काम के अनुभव”

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं ने अपनी आवाज बुलंद की। राज्य की दो महिलाओं, बिलासपुर नगर निगम की श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी और लोरमी की श्रीमती हेमलता खत्री ने केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर की 1000 अमृत मित्रों के साथ अपने कार्यों के अनुभव साझा किए।

नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के तहत शहरी जल प्रबंधन एवं सतत विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ की 75 “अमृत मित्र” महिलाओं ने भागीदारी की। ये महिलाएं राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में वृक्षारोपण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल संरचना संचालन तथा सामुदायिक जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत 11 मार्च को रायपुर रेलवे स्टेशन में हरी झंडी दिखाकर महिलाओं के इस दल को नई दिल्ली के लिए रवाना किया था।

“अमृत मित्र महोत्सव” में भागीदारी करने वाली स्वसहायता समूहों की ये महिलाएँ ‘वीमेन फॉर ट्री’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ की ये “अमृत मित्र” महिलाएँ अपने-अपने शहरों में तकनीकी और सामुदायिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा रही हैं। घरों तक सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने जल गुणवत्ता के परीक्षण, जल उपचार संयंत्रों (WTP) और वितरण नेटवर्कों के संचालन तथा रखरखाव में सहयोग के साथ ही जल संरक्षण तथा “कचरे से कंचन” जैसे अभियानों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण काम ये महिलाएं कर रही हैं।

देशभर के स्वसहायता समूहों के सर्वोत्तम अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के इस राष्ट्रीय मंच को छत्तीसगढ़ की दो अमृत मित्रों ने भी साझा किया। बिलासपुर की श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी ने महोत्सव में कहा कि हम केवल पौधे ही नहीं लगा रहे हैं, बल्कि अपने शहरों के पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित बनाने का काम भी कर रहे हैं। इस पहल से हमें आजीविका का अवसर भी मिला है जिससे हम अपने परिवार की आय में योगदान दे पा रहे हैं।

नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं

वहीं लोरमी की श्रीमती हेमलता खत्री ने राष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए वृहद पैमाने पर हम लोग वृक्षारोपण करने के साथ ही अपने बच्चे की तरह पौधों की देखभाल और रक्षा कर रहे हैं। इन पौधों को बढ़ते हुए देखकर हमें बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।

“अमृत मित्र महोत्सव के लिए चयनित महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई… नई दिल्ली के भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने कार्यों और अनुभवों को प्रस्तुत करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। ‘वीमेन फॉर ट्री – अमृत मित्र योजना’ से महिला समूहों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका का भी अवसर मिल रहा है। इस पहल से उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण के कार्य में योगदान देने का संतोष भी प्राप्त हो रहा है।”

छत्तीसगढ़ में मिशन कर्मयोगी को गति देने की पहल, राज्य स्तरीय समिति की पहली बैठक…

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राज्य में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को गति देने तथा विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित “छत्तीसगढ़ राज्य क्षमता निर्माण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति” की पहली बैठक 17 मार्च 2026 को अपराह्न 4 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (भौतिक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में आयोजित होगी।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के प्रशासनिक मार्गदर्शन में गठित यह समिति राज्य में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने, विभागों में संचालित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने तथा क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से कार्य करेगी।

राज्य नोडल अधिकारी (मिशन कर्मयोगी – iGOT), सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार बैठक में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा  iGOT डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा विभिन्न विभागों में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक के एजेंडा में राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों (ATI एवं अन्य) की भूमिका को सुदृढ़ करने, डिजिटल लर्निंग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा तथा राज्य स्तर से प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए अनुशंसाएँ तैयार करना भी शामिल है।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ…

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सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्ति’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।

विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

CG: ”भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा, ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है छत्तीसगढ़”

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छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। श्री साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त श्री सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

CG: सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति…

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मुख्यमंत्री श्री साय ने किया टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष श्री शरद गांगल, उपाध्यक्ष श्री वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

CG: पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी: छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498.83 करोड़…

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अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई
परियोजना भी शुरू की गई है।

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव,  छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

CG: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के रूप में जिले के 102738 किसानों को 20 करोड़ 74 लाख रूपए का हुआ भुगतान…

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राजनांदगांव: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने असम राज्य के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त की राशि को आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली के माध्यम से देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया।  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के रूप में जिले के 102738 किसानों को 20 करोड़ 74 लाख रूपए का भुगतान किया गया। शासन के निर्देशानुसार इस अवसर को किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाया गया। इसी क्रम में जिला पंचायत राजनांदगांव के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायसत सदस्य श्री प्रशांत कोडापे, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल उपस्थित थे।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं किसानों को प्रधानमंत्री द्वारा गुवाहाटी से दिए गए संबोधन का सीधा प्रसारण दिखाया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित होने वाले किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

श्री कोमल सिंह राजपूत ने पीएम किसान सम्मान निधि तथा कृषक उन्नति योजना से किसानों को होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी। श्री संतोष अग्रवाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को नवाचारी गतिविधियों से जोडऩे केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने कहा। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा आजीविका के लिए केवल कृषि फार्म पर निर्भर रहने वाले देश के लघु, सीमांत तथा दीर्घ कृषकों को वर्षभर कृषि फार्म में कोई भी आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्ष 2019 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत की गई थी। इस योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के मान से कुल 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कृषक उपस्थित थे।

CG: पीएमश्री स्कूलों में बच्चों को मिल रही अध्ययन-अध्यापन की बेहतर सुविधाएं…

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राजनांदगांव: पीएमश्री योजना अंतर्गत संचालित पीएमश्री सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम विद्यालय राजनांदगांव, पीएमश्री प्राथमिक शाला कोपेडीह, पीएमश्री प्राथमिक शाला हरदी सहित जिले के अन्य पीएमश्री स्कूलों में विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन एवं सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

पीएमश्री सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम विद्यालय में वर्तमान में कुल 50 सेटअप है। यहां शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय में 3 वॉटर कूलर लगाए गए हैं। विद्यालय परिसर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है तथा बच्चों की खेल गतिविधियों के लिए खेल मैदान भी उपलब्ध है।

साथ ही विद्यालय में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित साफ-सफाई की जाती है। इसी प्रकार पीएमश्री प्राथमिक शाला कोपेडीह में भी बच्चों के अध्ययन-अध्यापन एवं सुविधाओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड स्टोरेज वाटर सिस्टम स्थापित किया गया है।

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रिंट-रिच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं तथा सभी कक्षाओं में टाइल्स लगाए गए हैं, जिससे विद्यालय का वातावरण स्वच्छ और आकर्षक बना हुआ है। पीएमश्री प्राथमिक शाला हरदी में बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत शाला परिसर को बाउड्रीवाल किया गया है।

जहां बच्चों को अध्ययन के साथ विभिन्न खेल गतिविधियां करायी जाती है। विद्यालयों में उपलब्ध इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है तथा बच्चे उत्साह के साथ अध्ययन-अध्यापन सहित अन्य गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।