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2025 का आखिरी महीना Suzuki के लिए रहा शानदार, सालाना बिक्री में हुई 26% की बढ़ोतरी

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सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने दिसंबर 2025 में 1.22 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचकर सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी दर्ज की है. ये बढ़ोतरी घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात के कारण हुई है. एक्सेस स्कूटर और कम्यूटर बाइक सेगमेंट ने बिक्री को सपोर्ट किया.

Suzuki मोटरसाइकिल्स: दिसंबर 2025 में सालाना बिक्री में रिकॉर्ड 26% उछाल”

सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने दिसंबर 2025 में अपनी सेल में साल-दर-साल 26% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो इसके दोपहिया वाहनों की स्थिर मांग को दिखाता है. कंपनी ने इस महीने 1.22 लाख से अधिक यूनिट्स की कुल बिक्री दर्ज की, जबकि दिसंबर 2024 में ये लगभग 97,000 यूनिट्स थी. ये बढ़ोतरी घरेलू बाजार और निर्यात दोनों में लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण हुई है, क्योंकि सुजुकी कम्यूटर और स्कूटर सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है.

दिसंबर 2025 में कैसी रही सेल

दिसंबर 2025 में, सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने लगभग 1,22,366 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 26% की बढ़ोतरी को दिखाता है. इसमें घरेलू और निर्यात दोनों तरह की बिक्री शामिल है. कंपनी के सेल में बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है जब कई सेगमेंट में, स्पेश्ल रूप से स्कूटर और एंट्री-लेवल मोटरसाइकिलों में, दोपहिया वाहनों की मांग में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है.

घरेलू मार्केट में कैसी रही सेल

दिसंबर में सुजुकी की सेल में घरेलू सेल की भूमिका काफी रही है. एक्सेस सीरीज़ जैसे मॉडलों की मांग काफी तेजी से रही.कम्यूटर मोटरसाइकिलों ने भी बिक्री में योगदान दिया, जिससे शहरी और गांव के इलाके में मांग सही रही.

निर्यात और विदेशी मांग

घरेलू बिक्री के साथ-साथ, सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने दिसंबर 2025 में निर्यात के अच्छे आंकड़े दर्ज किए. कंपनी भारत में निर्मित दोपहिया वाहनों का निर्यात कई वैश्विक बाजारों में करती है, और विदेशी मांग में मजबूती तेजी से देखने को मिली है.

पोर्टफोलियो और सेगमेंट पर असर

सुजुकी की मौजूदा प्रोडक्ट सीरीज में स्कूटर, कम्यूटर मोटरसाइकिल और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड वाहन शामिल हैं. स्कूटरों की सेल सबसे ज्यादा होती है, वहीं 125 सीसी और उससे अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलें भी ब्रांड की डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाती हैं. लगातार अपडेट, फीचर्स के कारण मांग में बढ़ोतरी बनी हुई है.

2026 के लिए प्लान

दिसंबर 2025 में 26% की वार्षिक बढ़ोतरी के साथ, सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया के लिए साल 2025 अच्छा रहा. कंपनी 2026 में भी अपने नेटवर्क का विस्तार करेगी और सेल में तेजी लाने की कोशिश करेगी.

Bihar Board: बिहार में 85 लाख स्टूडेंट्स की नहीं बनी है APPAR ID, CBSE ने कर दी है अनिवार्य

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बिहार में स्कूली छात्रों की अपार आईडी (APPAR ID) को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इस आईडी के निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी है. लाखों छात्रों की अपार आईडी अब तक नहीं बन पाई है, जबकि सीबीएसई ने इसे अनिवार्य कर दिया है.

बिहार में स्कूली छात्रों की अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है. राज्य में करोड़ों बच्चों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित करने के लिए यह आईडी जरूरी मानी जा रही है, लेकिन इसके निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लाखों छात्रों की अब तक अपार आईडी नहीं बन पाई है. दूसरी ओर, सीबीएसई ने अपार आईडी को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बिहार के छात्रों और स्कूलों पर दबाव बढ़ गया है.

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य में अपार आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है. परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस मामले में फटकार लगाते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. जारी पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2025 में राज्य के केवल 58.50 प्रतिशत छात्रों की ही अपार आईडी बन पाई है. इसका मतलब है कि अभी भी लगभग 85 लाख बच्चों का अपार आईडी निर्माण होना बाकी है, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.

अपार आईडी निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी

परियोजना परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच पूरे बिहार में सिर्फ 11,410 अपार आईडी ही बनाई जा सकीं. परिषद ने इस आंकड़े को खेदजनक बताया है. खासतौर पर कुछ जिलों में स्थिति और भी खराब है. समस्तीपुर, मधुबनी, खगड़िया, पूर्णिया, शेखपुरा, नालंदा, रोहतास, अरवल और कैमूर जैसे जिलों में एक सप्ताह में 100 से भी कम बच्चों की अपार आईडी बन पाई. यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर काम की गति बेहद सुस्त है.

क्या है अपार आईडी और क्यों जरूरी?

अपार आईडी का मकसद छात्रों से जुड़ा शैक्षणिक डेटा एक जगह सुरक्षित रखना है, ताकि नीति निर्माण, योजना और विश्लेषण बेहतर तरीके से किया जा सके. यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू की गई है. शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी छात्रों का अपार आईडी पंजीकरण सुनिश्चित करें. सीबीएसई ने इसे अनिवार्य भी कर दिया है.

माहेश्वरी समाज की तारीफ में क्या-क्या बोले शाह?

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जोधपुर में माहेश्वरी समाज के महाकुंभ में गृह मंत्री अमित शाह ने समाज को ‘जॉब क्रिएटर’ बताया, जिसने हर क्षेत्र में देश को चमकाया है. उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया.

गृह मंत्री अमित शाह

जोधपुर में माहेश्वरी समाज के महाकुंभ (MGC-2026) की शुरुआत हो चुकी है. शनिवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन देश के गृह मंत्री अमित शाह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज जॉब सीकर नहीं रहा, जॉब क्रिएटर रहा है. माहेश्वरी समाज से निकले हुए रत्नों ने इस देश को हर क्षेत्र में आभूषण पहने हुए व्यक्ति की तरह चमकाने का कार्य किया है. देश के उच्च पदों तक पहुंचने के बाद भी यदि कोई समाज अपने मूल से जुड़ा रहा है, तो वह माहेश्वरी समाज रहा है.

उन्होंने कहा कि मोदी जी ने 140 करोड़ जनता के सामने एक संकल्प रखा था. 2047 में देश की आजादी के 100 साल होने पर हर तरह से विकसित हो जाएगा. भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे.

स्वदेशी चीजों का करें इस्तेमाल- शाह

गृहमंत्री शाह ने कहा कि 2014 में 11 साल पहले जब मोदी जी पीएम बने तब देश 11 वे नं पर अर्थतंत्र था और हम 11 साल में चौथे नं पर आ गए. अगले साल दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे. जितना हो उतना स्वदेशी चीजों का उपयोग करें. स्वदेशी की आत्मनिर्भर का दूसरा पहलू है.

जोधपुर में इस महाकुंभ में भारत सहित दुनिया के 27 देशों से करीब 40 हजार माहेश्वरी समाज बंधु हिस्सा ले रहे हैं.आयोजन के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित 250 बीघा क्षेत्र में एक अस्थायी शहर बसाया गया है.

माहेश्वरी समाज ने दी थी राम मंदिर के लिए प्राणों की आहुति- शाह

अमित शाह ने कहा कि महेश्वर समाज का अलग महत्व है. ऐसे ही सदियों तक यह समाज देश की सेवा करता रहे हैं. राम मंदिर पर पुस्तक लिख रहा युवक मेरे पास आया था. उससे मैंने पूछा कि तुम्हारे पास क्या जानकारी है? उसने बताया कि आजादी के बाद राम मंदिर के लिए सबसे पहले प्राणों की आहुति देने वाले दोनों भाई माहेश्वरी समाज से थे.

समाज की टिप्पणी मैंने भी झीलें- गृहमंत्री

उन्होंने कहा कि अमित शाह ने कहा कि देश के सांस्कृति पुनर्जागरण में भी माहेश्वरी समाज का योगदान बहुत बड़ा है. अमित शाह ने कहा कि देश को हर क्षेत्र में सर्वप्रथम लाने के लिए तीन चीजें जरूरी हैं, जिन्हें माहेश्वरी समाज कर सकता है. पहली, जो उत्पादन करते हैं तो वो करिए, लेकिन साथ में ऐसी चीजों का उत्पादन भी करें, जो भारत में नहीं बनती है.जब समाज के आयोजन होते हैं तो कई प्रगतिशील लोग टीका-टिप्पणी करते हैं। मैंने ऐसी कई टिप्पणी झेली है.

Mamata Banerjee Vs ED: कोलकाता में ममता बनर्जी का ED की रेड के खिलाफ मार्च

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कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी के विरोध में एक विशाल मार्च का नेतृत्व किया. यह मार्च ईडी द्वारा आईपैक के दफ्तर और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर की गई रेड के खिलाफ था. इस दौरान ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंची थीं, जिसके बाद ईडी ने उन पर संवैधानिक पद पर रहते हुए अपने काम में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश बताया है. टीएमसी का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले बीजेपी उनकी पार्टी से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा हासिल करने की कोशिश कर रही है.

 

दिल्ली विधानसभा में क्यों भावुक हुईं CM रेखा गुप्ता? विरोधियों पर लगाया ये आरोप

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार को विधानसभा में भाषण के दौरान भावुक हो गईं. उन्होंने आम आदमी पार्टी पर उनका मीम बनाकर और बातों को तोड़ मोड़कर पेश करने और मजाक उड़ाने का आरोप लगाया. सीएम ने कहा कि मैं और मेरे मंत्री और विधायक लगातार दिल्ली की सड़कों पर काम करते हुए दिखाई देते हैं. लगातार दिल्ली की जनता की सेवा में आप हमें कार्यरत देखते हैं. इन लोगों को एक महिला मुख्यमंत्री पसंद नहीं आती हैं. कभी बेबुनियाद इल्जाम लगाएंगे. अभी बाहर निकलने पर कहेंगे कि सीएम ने AQI को AI क्यों कह दिया, लेकिन मुझे ऐसा अच्छा नहीं लगता है. गलती किसी से भी हो सकती है. हमने किसी का मजाक नहीं उड़ाया. गलती किसी से भी हो सकती है.

ओडिशा के राउरकेला में विमान हादसा, पायलट समेत 6 लोग थे सवार

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ओडिशा के राउरकेला में एक छोटे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई, जिसमें उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी पाई गई थी. भुवनेश्वर से आ रहा यह 9 सीटों वाला विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट गंभीर रूप से घायल हैं. जबकि सभी यात्री सुरक्षित हैं.

इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान की हालत

ओडिशा के राउरकेला हवाई पट्टी से लगभग नौ किलोमीटर दूर एक छोटे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद लैंडिग कराई गई है. पायलट को गंभीर चोटें आई हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुल छह लोग घायल हुए हैं. तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया, जिससे सभी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका. अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं.

भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा 9 सीटों वाला यह विमान, कथित तौर पर टेक-ऑफ के लगभग 10 किलोमीटर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान को दोपहर 1:15 बजे राउरकेला में लैंड करना था, लेकिन इसके बजाय उसने जाल्दा के पास इमरजेंसी लैंडिंग की.

विमान में कुल 6 लोग थे सवार

विमान में चार यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें कैप्टन नवीन कडंगा और कैप्टन तरुण श्रीवास्तव शामिल हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस घटना में छह लोग घायल हुए हैं. सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

क्रैश होने के बाद बचाव अभियान में तीन फायर ब्रिगेड की टीमें लगी हुई थीं. जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. स्थानीय लोगों और पुलिस ने भी बचाव अभियान में मदद की. यही वजह है कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जाल्दा के पास नीचे आने से पहले विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश की. यही वजह है कि लोग डर गए. प्लेन काफी नीचे आ गया था. लोगों की मानें तो इतने नीचे प्लेन उन्होंने इससे पहले नहीं देखा गया था. देखते ही देखते प्लेन आगे जाकर क्रैश हो गया.

प्लेन क्रैश होने के बाद अब अधिकारी इस बात का पता लगाने में लगे हुए हैं कि अचानक ये घटना कैसे हो गई.जबकि क्षेत्रीय रूटों पर विमानन सुरक्षा चिंताएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं. हालांकि लोगों की मानें तो आस-पास पेड़ थे.अगर उसमें यह फंस जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था.

दिल्ली एयरपोर्ट पर अफगान विमान की गलत लैंडिंग का मामला, AAIB की रिपोर्ट!

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बीते साल 23 नवंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट पर Ariana Afghan Airlines की फ्लाइट AFG311 को रनवे 29L पर उतरने की अनुमति मिली थी. इसे लेकर AAIB ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर अफगान विमान की गलत लैंडिंग का मामला

बीते साल 23 नवंबर 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक बड़ा विमानन हादसा होते-होते टल गया था. असल में काबुल से दिल्ली आ रही Ariana Afghan Airlines की फ्लाइट AFG311 ने निर्धारित रनवे के बजाय गलत रनवे पर लैंडिंग कर दी थी. इस मामले में अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है.

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में क्याक्या पता चला
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक पायलटों ने 29L की क्लीयरेंस सही तरह से दोहराई थी फिर भी रनवे की पहचान में चूक हुई. विमान 29L की जगह 29R पर उतर गया, जबकि उसी समय एक एयर इंडिया का विमान 29R से उड़ान भर रहा था गनीमत रही कि कोई टकराव नहीं हुआ. 29R उस वक्त केवल टेकऑफ के लिए कॉन्फ़िगर था और वहां लैंडिंग लाइट्स व ILS बंद थे.

लैंडिंग के दौरान गंभीर चूक हुई. जांच में सामने आया कि खराब दृश्यता (poor visibility) के कारण और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का सिग्नल रनवे से लगभग 4 मील पहले ही खो जाने के कारण पायलट से गलती हो गई. इसके चलते ही विमान गलती से रनवे 29R पर उतर गया, जो उस समय केवल टेकऑफ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

एयरपोर्ट्स के कंट्रोल टावरों को लेकर AAIB की मांग
रनवे 29R की स्थिति भी चिंताजनक थी. असल में इस रनवे पर लैंडिंग के लिए ILS सिस्टम पूरी तरह बंद थे. यानी तकनीकी रूप से वहां किसी भी विमान की लैंडिंग की अनुमति नहीं थी. इसके बाद भी विमान का वहां उतर जाना सुरक्षा मानकों की बड़ी अनदेखी मानी जा रही है. इस गंभीर चूक के बाद AAIB ने सिफारिश की है कि देश के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स के कंट्रोल टावरों में वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की सटीक जांच हो सके और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके.

संक्रांति पर घर वापसी की जंग, NH-65 पर मीलों लंबा जाम

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हैदराबाद में संक्रांति के पावन पर्व पर अपने पैतृक गांवों की ओर जाने के कारण हाईवे पर तगड़ा जाम देखने को मिल रहा है. हैदराबाद-विजयवाड़ा NH-65 पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा है.

संक्रांति पर घर वापसी की जंग

हैदराबाद में संक्रांति के पावन पर्व पर अपने पैतृक गांवों की ओर रुख करने वाले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के निवासियों के लिए इस बार का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है. शुक्रवार रात से ही हैदराबाद-विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-65) पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा है. विशेष रूप से चौटुप्पल के पास स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां अधूरी सड़क परियोजनाओं ने ट्रैफिक की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है.

शैक्षणिक संस्थानों में आधिकारिक छुट्टियों की घोषणा के बाद शुक्रवार रात से ही हजारों परिवारों ने अपने निजी वाहनों, विशेष बसों और टैक्सियों के जरिए हैदराबाद से विदाई ली. एनएच-65 जो राजधानी को तटीय आंध्र और मध्य तेलंगाना के जिलों से जोड़ता है, पर अचानक दबाव 200% तक बढ़ गया है.

5 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें 
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र चौटुप्पल टाउन और पंतंगी टोल प्लाजा है. चौटुप्पल में सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से चल रहा है. संक्रांति की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने काम रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्माणाधीन ढांचों, सर्विस रोड की कमी और सड़कों पर पड़े मलबे के कारण रास्ता संकरा हो गया है. इसके चलते वाहनों की कतारें 3 से 5 किलोमीटर तक लंबी हो गई हैं.

यात्री ने बयां किया दर्द
नेशनल हाईवे पर फंसे यात्रियों का दर्द बयां करते हुए एक यात्री ने बताया, “हमें हैदराबाद से चौटुप्पल पार करने में ही तीन घंटे लग गए. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ तपती धूप में इस तरह जाम में फंसना बहुत थकाऊ है.” वाहनों के रेंगने के कारण न केवल ईंधन की बर्बादी हो रही है, बल्कि यात्रियों को पीने के पानी और भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है. प्रशासनिक स्तर पर, सूर्यपेट पुलिस और राचकोंडा पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली है.

अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक मार्गों जैसे नार्केटपल्ली-नलगोंडा-मिर्यालगुडा मार्ग का उपयोग करें ताकि मुख्य राजमार्ग पर दबाव कम हो सके. संक्रांति का यह उत्सव हर साल लाखों लोगों को जोड़ता है, लेकिन बुनियादी ढांचे की धीमी गति इस खुशी के सफर को साल-दर-साल मुश्किल बना रही है.

कोहरे की चादर में उत्तर भारत, शीतलहर के साथ बारिश का भी अटैक, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

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IMD Alert: उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी है. मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश में अगले 2-3 दिनों के दौरान कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है.

कोहरे की चादर में उत्तर भारत

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अगले 2-3 दिनों के दौरान सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है. इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले 2-3 दिनों के दौरान कोल्ड डे की स्थिति रहने की संभावना है.

कहांकहां होगी बारिश
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में 10-11 जनवरी और उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में 10 जनवरी और राजस्थान में 11-14 जनवरी के दौरान शीतलहर की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 10-11 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं.

दिल्ली का मौसम
IMD के मुताबिक आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान है. वहीं दिल्ली में शुक्रवार को इस सर्दी की सबसे ज्यादा ठंडी दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. कई स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई.

यूपी में राहत मिलने की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के लोगों को अगले 2-3 दिनों में कड़ाके की ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना है. धूप निकलने के कारण कोहरे और ठंड में कुछ कमी आएगी. कई इलाकों में बूंदाबांदी के भी आसार हैं. राजधानी लखनऊ और आस-पास के इलाकों में आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिलेगी.

हिमाचल में कैसा है मौसम
हिमाचल प्रदेश में शीतलहर के चलते कई स्थानों का न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है. मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर में भीषण शीतलहर देखने को मिली. शुक्रवार को बिलासपुर में घना कोहरा छाया रहा. वहीं पालमपुर, सोलन, मनाली, नारकंडा, रिकांगपिओ और ताबो में न्यूनतम पारा माइनस में दर्ज किया गया. राजधानी शिमला और समदो में न्यूनतम पारा एक समान 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

ट्रंप के ‘राइट हैंड’ सर्जियो गोर भारत पहुंचे, 12 जनवरी से संभालेंगे दूतावास की कमान, जानें उनके बारे में सबकुछ

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Sergio Gor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. गोर ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं.

Sergio Gor: अमेरिका में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. 22 अगस्त 2025 को ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी. इस नियुक्ति के साथ ही सर्जियो गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका का विशेष दूत भी बनाया गया है.

अमेरिकी सीनेट से अक्टूबर 2025 में मंजूरी मिलने और 11 नवंबर को शपथ लेने के बाद सर्जियो गोर अब भारत में कार्यभार संभालने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. वह 12 जनवरी को औपचारिक रूप से भारत में अमेरिकी राजदूत का पद ग्रहण करेंगे. भारत पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा, ‘भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. हमारे दोनों देशों के लिए आगे अविश्वसनीय अवसर हैं.’

पहले भी चुके हैं भारत

इससे पहले अक्टूबर 2025 में सर्जियो गोर भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद गोर ने लिखा था, ‘प्रधानमंत्री मोदी से मिलना सम्मान की बात है. आने वाले महीनों में भारत के साथ हमारा रिश्ता और मजबूत होगा.’

कौन हैं सर्जियो गोर?

सर्जियो गोर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है. भारत में राजदूत बनने से पहले वह ट्रंप प्रशासन में हेड ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल अपॉइंटमेंट्स के पद पर कार्यरत थे. अमेरिका में उन्हें ट्रंप का दाहिना हाथ कहा जाता है. जब ट्रंप ने गोर की नियुक्ति की घोषणा की थी, तब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, “सर्जियो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. वह कई सालों से मेरे साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने मेरे ऐतिहासिक चुनाव अभियान में काम किया है और मेरी सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबें प्रकाशित की हैं. दक्षिण और मध्य एशिया के लिए मुझे ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जिस पर मैं पूरा भरोसा कर सकूं और जो मेरे एजेंडे को आगे बढ़ा सके. सर्जियो गोर एक बेहतरीन राजदूत साबित होंगे.’

जन्म, शिक्षा और अनुभव

39 वर्षीय सर्जियो गोर का जन्म साल 1986 में उज्बेकिस्तान में हुआ था. 1999 में उनका परिवार अमेरिका चला गया. उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की है. गोर ने अमेरिकी राजनीति में लंबा अनुभव हासिल किया है. वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी सीनेट और कई राष्ट्रपति चुनाव अभियानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

अमेरिकी सीनेट में वह उप मुख्य स्टाफ के रूप में भी काम कर चुके हैं, जहां उन्हें संचार और विधायी मामलों का वर्षों का अनुभव मिला. सर्जियो गोर कई भाषाएं जानते हैं और अब तक 85 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं.

ट्रेड डील के बीच अहम जिम्मेदारी

सर्जियो गोर ऐसे समय में भारत में कार्यभार संभाल रहे हैं, जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत जारी है. इस ट्रेड डील पर पूरी दुनिया की नजर है. हालांकि बातचीत फरवरी 2025 से ही शुरू हो गई थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिका की ओर से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया जा चुका है. दोनों देशों के प्रतिनिधि इस समझौते को जल्द पूरा करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसे में ट्रंप के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले राजदूत के भारत आने से उम्मीद की जा रही है कि ट्रेड डील पर बातचीत में तेजी आ सकती है.

ट्रंप के भारत दौरे पर भी नजर

राजदूत गोर के भारत आने के बाद अब सबकी नजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर भी है. अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अब तक भारत नहीं आए हैं. भारत को साल 2025 में क्वाड (QUAD) सम्मेलन की मेजबानी करनी थी, जो अब तक नहीं हो सका है. ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप के अगले भारत दौरे में सर्जियो गोर की भूमिका काफी अहम हो सकती है.

वीजा समस्या पर भी उम्मीद

भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा एक बड़ा मुद्दा रहा है. फिलहाल वीजा अपॉइंटमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर इस वीजा वेटिंग समय को कम कराने के लिए कोई ठोस पहल कर सकते हैं. सर्जियो गोर पर भारत अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी. साथ ही दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने का भी दायित्व रहेगा.