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जानिए इस अभिनेत्री के जीवन का दर्दनाक सच.

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हम आपको एक ऐसी अभिनेत्री के बारे मे बताएंगे, जो एक प्रोड्यूसर की वजह से वेश्यावृत्ति की शिकार हो गई थी, और एड्स की वजह से उसकी दर्दनाक मौत हुई थी।

इस अभिनेत्री का नाम निशा नूर है, जो 1980 के दशक मे तमिल फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री रह चुकी है, और अपने करियर मे इन्होने कई मलयालम और तमिल फिल्मों मे काम किया है। फिल्मों मे अपने दमदार अभिनय से निशा नूर काफी फेमस हो गई थी, और फिल्म इंडस्ट्री का हर बड़ा सुपरस्टार इनके साथ काम करना चाहता था।

अपनी अदाओं से फिल्म इंडस्ट्री मे मशहूर हो चुकी इस एक्ट्रेस का अंत काफी दर्दनाक था। जब इनका करियर बुलंदियों पर था, तभी अचानक ये इंडस्ट्री से गायब हो गई। कई सालो बाद इन्हे एक दरगाह के बाहर पाया गया। जहां इनकी हालत काफी ज्यादा खराब हो गई थी। निशा की हालत ऐसी थी कि उसके शरीर पर कीड़े और चींटियां रेंग रही थी।

उन्हे एक एनजीओ और कुछ चाहने वाले लोगो की तरफ से इन्हे चेन्नई के एक हॉस्पिटल मे भर्ती करवाया गया। जहा जांच के दौरान पता चला की उन्हे एड्स है। साल 2007 मे इनकी दर्दनाक जिंदगी का अंत हुआ। कहा जाता है, की उन्होने एक फिल्म प्रोड्यूसर मे अपनी इस हालत का जिम्मेदार बताया था। एक अनजान प्रोड्यूसर की वजह से वो प्रोस्टीटूशन (वेश्यावृत्ति) का शिकार हो गई थी।

बंद हुई 2000 के नोट की छपाई, ATM से हटाने की प्रक्रिया शुरू

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एटीएम से 2000 रूपये के नोटों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय स्टेट बैंक ने इसकी शुरुआत कर दी है। अगले चरण में अन्य बैंक भी यही व्यवस्था अपनाएंगे।

भारतीय स्टेट बैंक के सूत्र बताते हैं कि कानपुर जिले में बैंक ने अपने 155 एटीएम में से 72 से 2000 के नोट रखने वाले कैसेट (बॉक्स) को हटा दिया है।इसी तरह उन्नाव में 24 में से 21 में यह बदलाव किया गया है।इटावा,
फर्रुखाबाद,कन्नौज,बांदा में आने वाले दिनों में यह बदलाव होगा।

कानपुर मंडल के बाहर के कई जिलों में एटीएम में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। एसबीआई ने जिन एटीएम से 2000 की कैसेट हटाई है, वहां कहीं 200 तो कहीं 500 की कैसेट जोड़ी जा रही है। SBI से जुडे वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, सोनभद्र मेंउच्च पदो पर तैनात बडे अधिकारी, अफसर नाम न छापने की बात पर इस बात की पुष्टि की है। उनका कहना है कि मामला गोपनीयता से जुडा है।

स्पा सेंटरों पर छापेमारी, 9 युवक और 10 युवतियों को पकड़ा

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साहिबाबाद के इंदिरापुरम के नीतिखंड में पुलिस और प्रशासन की टीम ने तीन स्पा सेंटरों पर छापेमारी की है। छापे के दौरान जब पुलिस प्रशासन की टीम अंदर घुसी तो स्पा सेंटर के अंदर 9 युवक और 10 युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। पुलिस को देखकर वहां पर भगदड़ मच गई।

पुलिस ने सबको दबोच लिया। एक स्पा सेंटर संचालिका को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो फरार हो गए। युवक-युवतियों से पूछताछ में पता चला कि इस स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर देह व्यापार का रैकेट चलता है।
पुलिस को इस बाबत शिकायत भी मिल रही थी। फिर मौका देखकर पुलिस टीम ने छापा मारा तो इतन बड़े रैकेट का खुलासा हुआ। राजहंसप्लाजा के थर्ड फ्लोर ओर सेकेण्ड फ्लोर पर एक स्पा सेंटर पर छापा पड़ा है

बोला, जहर खाकर आया हूं और करने लगा उल्टियां

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उत्तर प्रदेश के मथुरा में पड़ोसी की मारपीट और धमकी से आहत एक पीड़ित जहर खाकर थाने में लगे समाधान दिवस के दौरान अफसरों के बीच पहुंच गया। आरोप लगाया कि पड़ोसी उसे परेशान कर रहे हैं। धमका रहे हैं। उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसने जहर खा लिया है।

यह कहते-कहते पीड़ित उल्टियां करने लगा। यह देख पुलिसकर्मी उसे थाना परिसर में एक तरफ ले जाकर उल्टियां कराने के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर भागे। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया तो पुलिस उसे तत्काल नयति हॉस्पिटल ले गयी। वहां शाम करीब साढ़े तीन बजे उसकी मौत हो गयी। इससे घरवालों में कोहराम मच गया।

उसकी शिकायत थी कि आरोपी उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे। इससे परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने उसके बेटे की तहरीर पर गांव के ही दंपति समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी दंपति हरदेव और चंद्रवती को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।

और सन्नाटे में बदल गया समाधान दिवस
ग्रामीण विषाक्त खाकर जैसे ही थाना राया परिसर में पहुंचा, हड़कम्प मच गया था। पुलिस कर्मी इधर-उधर दौड़ने लगे तो फरियादी भी दंग रह गये। सुंदर चीख रहा था मैं अब नहीं बचूंगा उनको पकड़ कर लाओ। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर उल्टियां करवाईं और जीप में अस्पताल ले गए। इसके बाद समाधान दिवस में जहां लोग बैठे थे वो सभी कुर्सियां खाली रह गईं।

जब पता लगी ये सच्चाई तो वैज्ञानिक भी रह गये हैरान, जानिए

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आमतौर पर ऐसा कम ही देखने का मिलता है कि छोटा तारा किसी बड़े ग्रह का चक्‍कर लगाए लेकिन ऐसा हुआ है यह देख कर अमेरिकी खगोल वैज्ञानिक भी चौंक गए हैं।

इस सौर मंडल को सितारा जिसे जीजे (GJ) 3512 नाम दिया गया है। उसका आकार हमारे सौरमंडल के सूर्य के आकार का तकरीबन 12 प्रतिशत है, जबकि जो ग्रह इसकी परिक्रमा कर रहा है, उसका वजन हमारे सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के कम से कम आधे आकार का माना गया है।

इस शोध का कैटेलोनिया के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस स्टडीज के एस्ट्रोफिजिसिस्ट युआन कार्लोस मोराल्स नेतृत्व कर रहे हैं।

अब लद जाएंगे TikTok के दिन, गूगल लेकर आ रहा नया एप

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इस समय टिकटॉक बेहद पॉपुलर हो चुका है जिसको देखते हुए अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाली कंपनियां चिंता में पड़ चुकी हैं। इसी वजह से अब फेसबुक के बाद भी अब गूगल भी टिकटॉक को टक्कर देने के लिए अपना एक नया एप लेकर आ रहा है। हाल ही मे आई वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक खबर में कहा गया है कि गूगल अमेरिका के पॉपुलर सोशल विडियो शेयरिंग एप फायरवर्क को खरीदने की कोशिश कर रही है। हालांकि फायरवर्क चीन की पॉपुलर माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट Weibo भी खरीदने की कोशिश कर रही है। हालांकि खबर है कि इसको खरीदने में गूगल अन्य कंपनियों से आगे है।

फायरवर्क ने पिछले महीने ही भारत में एंट्री की है। फंड रेजिंग में कंपनी की कीमत इस साल की शुरुआत में 100 मिलियन डॉलर आंकी गई थी। जबकि टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस की वैल्यू 75 मिलियन डॉलर रही। फायरवर्क लूप नाउ टेक्नॉलजी द्वारा तैयार किए गए एप्स का एक हिस्सा है। लूप नाउ टेक्नॉलजी एक अमेरिकी स्टार्टअप कंपनी है जो नेक्स्ट जेनरेशन कंज्यूमर मोबाइल ऐप्लिकेशन बनाने का काम करती है।

आपको बता दें कि शॉर्ट विडियो मेकिंग और शेयरिंग में फायरवर्क टिकटॉक से कई मायने में अलग हो सकता है। फायरवर्क यूजर्स को 30 सेकंड का विडियो बनाने की सहूलियत देता है जो टिकटॉक में 15 सेकंड है। वहीं एक और चीज जो इसे टिकटॉक से अलग करती है वो ये यह है कि इसमें यूजर वर्टिकल के साथ ही हॉरिजॉन्टवल विडियो भी शूट कर सकते हैं। कंपनी ने इस फीचर का नाम Reveal रखा है।

फायरवर्क एप ऐंड्रॉयड और आईओएस यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इस एप के यूजर्स की संख्या 10 लाख से ज्यादा हो चुकी है। कंपनी को उम्मीद है कि भारत में यह एप टिकटॉक से भी ज्यादा पॉपुलर होगा।

राम को क्यों और कितने दिन के लिए हुआ था वनवास, जानिए सारी सच्चाई.

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राम भगवान चाहते, तो इसका विरोध कर सकते थे, किंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसीलिए तो कहा जाता है, कि रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाए।

अब सोचने वाली बात यह है, कि कैकयी माता ने राम भगवान के लिए 14 वर्ष का ही वनवास क्यों मांगा? तो इसका उत्तर यह है कि इसके पीछे प्रशासनिक कारण माना जाता है। दरअसल त्रेता युग में प्रशासनिक नियम अनुसार अगर कोई राजा अपनी राजगद्दी 14 साल के लिए छोड़ देता है, तो उसे बाद में राजा नहीं बनाया जाता है। लेकिन अपने भाई से असीम प्रेम करने वाले भरत ने ऐसा नहीं होने दिया।

उन्होंने खुद राजगद्दी त्याग दिया और वन में अपना जीवन व्यतीत करने लगे, बाद में जब श्री राम अपना वनवास पूरा करके आए, तो उन्होंने उन्हें राजा बना दिया।

कहां जाता है, कि भगवान श्री राम को वनवास भेजने में असल में देवताओं का हाथ था, क्योंकि अगर वह वनवास नहीं जाते तो रावण का वध कैसे करते? क्योंकि उनके जन्म का उद्देश्य ही था रावण वध।

बीता रही थी विधवा की जिन्दगी, जब सामने आई सच्चाई तो हुआ ऐसी की ..

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अश्विनी यादव नाम का एक व्यक्ति तबीयत खराब होने के कारण अपनी हालात से परेशान होकर 11 साल पहले घर छोड़कर चला गया था उसके बाद परिवार वालों ने उसे 5 से 6 साल तक खोजने की कोशिश की लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला, उसके बाद परिवार वालों ने उसे मृत मान लिया उसके बाद पारिवारिक अनुष्ठान के अनुसार उस पुरुष की पत्नी नीता यादव के सिंदूर मिटा दिया गया और हाथ की चूड़ी तोड़ दी गई इस तरह नीता यादव पिछले 5 सालों से एक विधवा की तरह जीवन जी रही थी।

लेकिन कहा जाता है ना कि जिसकी किस्मत में जो लिखा होता है उसे एक ना एक दिन जरूर मिलता है। दोस्तों बात उस समय बदल गई जब 30 जुलाई की सुबह मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के लाल बाग थाने के पामगढ़ थानेदार से राजकुमार लेहरे के मोबाइल पर एक फोन कॉल आया था कि एक व्यक्ति यहां खानाबदोश की तरह जिंदगी जी रहा है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है वह अपना नाम अश्विनी यादव, गांव मूलमुला बता रहा है। आप यहां आकर उसकी पहचान कर सकते हैं।

जब परिवार वालों को इस बारे में पता चला तो वे तुरंत ही लाल बाग पुलिस स्टेशन पहुंच गए। जब अश्विनी यादव की जिंदा होने की पुष्टि हो गई तब कॉन्फ्रेसिंग के जरिए मोबाइल से बात करने पर दोनों परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू बहने लगे थे। वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिये उसके परिजनों से बात कराई गई। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने पर अश्विनी यादव को उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। जो महिला अपने पति से 11 साल तक दूर रही, अचानक उनके वापस लौट आने से वह खुशी के मारे बोल तक नहीं पा रही थी।

BJP नेताओं को यह बताना चाहिए कि गोडसे देशभक्त था या नहीं: दिग्विजय सिंह

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भाजपा संगठन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाला नाथूराम गोडसे देशभक्त था या नहीं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारदिग्विजय ने कहा कि भाजपा नेता गांधी की जिस विचारधारा की बात करते हैं, वह सत्यता से बिल्कुल परे है। भाजपा नेता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर संकल्प यात्रा के बारे में बात करते हैं। उन्हें देश को गोडसे की राष्ट्रभक्ति के बारे में भी बताना चाहिए।

दिग्विजय ने खुलासा किया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक कुशाभाऊ ठाकरे और राजमाता विजयराजे सिंधिया ने मुझे 1970-71 में जन संघ में शामिल होने के लिए कहा था। लेकिन मैंने उनका यह प्रस्ताव ठुकरा दिया, क्योंकि मैं महात्मा गांधी को मानता हूं।

यहाँ बनता है 13 प्रकार का शहद, स्वाद जानकर हो जाएंगे हैरान

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शहद का नाम सुनते ही मुंह में मिठास- सी घुल जाती है। अभी तक आपने अलग-अलग खुशबुआों का शहद तो खाया होगा, लेकिन स्वाद सबका एक ही होता था। अब आपको शहद अलग-अलग स्वाद में मिलेगा। दिल्ली सहित देशभर में मेघालय के आदिवासियों द्वारा निकाला और तैयार किया गया बहुत मीठे से लेकर खट्टे तक की रेंज में कुल 13 अलग स्वादों में शहद मिलेगा।

नई दिल्ली के ट्राइफेड में गांंधीजी की 150 वीं जयंती पर पूर्वोत्तर राज्यों के 301 नए उत्पादों को लाॅन्च किया है, जिसमें मेघालय का 13 भिन्न स्वादों में उपलब्ध शहद भी शामिल है। भारत में शहद का उत्पादन तो काफी होता है, लेकिन निर्यात नहीं होता, क्योंकि उसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुकूल नहीं पाया जाता। बता दें कि सरकार के लुक नार्थ ईस्ट मिशन के तहत पूर्वोत्तर राज्यों को बढ़ावा देने के लिहाज से पूर्वोत्तर के लॉन्च किए गए 301 उत्पादों में बांस के उत्पाद, फलों, खाद्य पदार्थों और हस्तकला की चीजें शामिल हैं।

इनमें यहां के किसानों द्वारा पैदा की जा रही खास किस्म की फसलों और चीजों को ट्राईफेड ने शामिल किया है। ट्राइफेड नार्थ ईस्ट फार्म सेल्स प्रमोशन के साथ जुड़ा है, जो यहां के किसानों की खास पैदावारों जैसे काला चावल जो कि कैंसर से लड़ने की विशिष्ट क्षमता रखता है। जोर चावल जो बुढा़पा रोकता है। साथ ही चाय, गरम मसाले आदि भी हैं। बताया जा रहा है कि शहद की ये 13 किस्म जल्द ही दिल्ली और अन्य राज्यों के बाजारों में उपलब्ध हो जाएंगे।

इसके अलावा लाॅन्च किए गए अन्य उत्पाद भी बाजाों में होंगे। शहद के शौकीन लोगों के लिए दिवाली के उपहार की तरह है। दिवाली के मौके पर इन उत्पादों को उपहार के रूप में दिया जा सकता है। में मेघालय के आदिवासियों द्वारा निकाला और तैयार किया गया बहुत मीठे से लेकर खट्टे तक की रेंज में कुल 13 अलग स्वादों में शहद मिलेगा।

नई दिल्ली के ट्राइफेड में गांंधीजी की 150 वीं जयंती पर पूर्वोत्तर राज्यों के 301नए उत्पादों को लाॅन्च किया है, जिसमें मेघालय का 13 भिन्न स्वादों में उपलब्ध शहद भी शामिल है। भारत में शहद का उत्पादन तो काफी होता है, लेकिन निर्यात नहीं होता, क्योंकि उसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुकूल नहीं पाया जाता। बता दें कि सरकार के लुक नार्थ ईस्ट मिशन के तहत पूर्वोत्तर राज्यों को बढ़ावा देने के लिहाज से पूर्वोत्तर के लॉन्च किए गए 301 उत्पादों में बांस के उत्पाद, फलों, खाद्य पदार्थों और हस्तकला की चीजें शामिल हैं।

इसके अलावा लाॅन्च किए गए अन्य उत्पाद भी बाजाों में होंगे। शहद के शौकीन लोगों के लिए दिवाली के उपहार की तरह है। दिवाली के मौके पर इन उत्पादों को उपहार के रूप में दिया जा सकता है।