Home Blog Page 2531

उम्र है 50 साल फिर भी लगती है बेहद खुबसूरत, आप भी देखिये इस अभिनेत्री की खुबसूरत तस्वीर

0

जैसा कि आप इन्हें इन सभी तस्वीरों में देखकर अब खुद अंदाजा लगा सकते हैं। कि यह कितनी ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही हैं। तो चलिए बात करते हैं आज हम इन्हीं के बारे में।

आज का मिस आर्टिकल में जिनके बारे में चर्चा कर रहे हैं उनका नाम भाग्यश्री है। उन्होंने अपनी करियर की सुरुआत सन 1989 में में ही कर दी थी। भाग्यश्री की पहली फिल्म ‘मैं एक खूबसूरत अभिनेत्री से प्यार करती हूं, से बॉलीवुड में डेब्यू किया। जिसमें सलमान खान के साथ ये नजर आई थी। बॉलीवुड में इनका प्रभावशाली शुरुआत रहा। वही भाग्यश्री 50 साल की हो चुकी हैं।

वह दोस्तों जब एक इंटरव्यू के दौरान भाग्यश्री से यह पूछा गया कि, आखिर आपके यह बॉडी का क्या राज है। तो उन्होंने बताया था कि इसका राज कुछ और नहीं बल्कि अपने आपको फिट रखने के लिए योगा और खानपान पर काफी ध्यान रखती हूं। जिसके वजह से ही मैं आज 50 साल के उम्र होने के बावजूद भी आज किसी 25 साल की लड़की से कम नहीं नजर आती हूं।

क्या आप जानते है इस फूल की दिलचस्प जानकारी..

0

अर्नोल्डी का वजन 11 किलोग्राम (24 पाउंड) तक होता है। ये फूल बहुत बड़े, गोभी जैसे, मैरून या मैजेंटा कलियों से निकलते हैं जो आमतौर पर 30 सेंटीमीटर (12 इंच) चौड़े होते हैं, लेकिन सबसे बड़ा (और अब तक का सबसे बड़ा फूल कली दर्ज) माउंट सागो, सुमात्रा में मई 1956 में पाया गया था। 43 सेमी 17 इंच व्यास में यह जीनस टेट्रास्टिग्मा के कई बेलों पर एक परजीवी के रूप में रहता है, जो केवल प्राथमिक (अछूता) वर्षावनों में बढ़ता है। रैफलेसिया में किसी भी अवलोकन योग्य पत्तियों, तनों या यहां तक कि जड़ों का अभाव है, फिर भी अभी भी एक संवहनी पौधे माना जाता है।

कवक के समान, व्यक्ति ऊतक के थ्रेड-जैसे किस्में के रूप में विकसित होते हैं जो पूरी तरह से भीतर और आसपास के मेजबान कोशिकाओं के साथ अंतरंग संपर्क में होते हैं जहां से पोषक तत्व और पानी प्राप्त होते हैं। यह पौधा कोई पत्ती, तना या जड़ नहीं पैदा करता है और न ही इसमें क्लोरोफिल होता है। यह केवल मेजबान संयंत्र के बाहर देखा जा सकता है जब यह पुन: पेश करने के लिए तैयार होता है। शायद रफलेसिया का एकमात्र हिस्सा जो विशिष्ट रूप से पौधे की तरह पहचाने जाने वाले फूल हैं, हालांकि ये भी असामान्य हैं क्योंकि वे बड़े पैमाने पर अनुपात प्राप्त करते हैं, एक लाल-भूरे रंग का रंग है, और सड़ते हुए मांस की बदबू है। यह गंध मक्खियों जैसे कीड़ों को आकर्षित करती है जो तब दुर्लभ पौधे को परागित करते हैं। यह टाइटन अरुम, अमोर्फोफैलस टिटानम के साथ भ्रमित नहीं होना है, जिसे आमतौर पर इसकी दुर्गंध के कारण ‘लाश फूल’ के रूप में भी जाना जाता है।

वीडियो : राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर दागे सवाल, बीजेपी सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था क्यों तबाह किया

0

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज अपने वायनाड दौरे पर हैं। यहां मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था और रोजगार समेत कई मुद्दों पर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मोदी सरकार पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने कहा, “मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। मोदी सरकार का ध्यान न तो अर्थव्यवस्था पर है और नहीं रोजगार पर है।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत की रीढ़ यानी अर्थव्यवस्था को तोड़ा है, जो उसकी सबसे बड़ी ताकत है। देश में रोजगार में लगातार गिरावट, जीडीपी पर दिखाई नहीं दे रही हैं, लेकिन मोदी सरकार 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए टैक्स बेनिफिट 15 लोगों को दिया है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछा कि क्या यह देश सिर्फ 15 लोगों के लिए है जिन्हें टैक्स का फायदा दिया जा रहा है। देश में रहने वाले गरीबों को कौन देखेगा। उनका क्या होगा इस पर मोदी सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

उन्होंने केरल में बाढ़ से परेशान लोगों की बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार को 15 लोगों के अलावा कोई दिखाई नहीं दे रहा है। केरल के लोग मनरेगा के पैसों के लिए भीख मांग रहे हैं, सड़कों के लिए भीख मांग रहे हैं, इस देश में क्या हो रहा है। बीजेपी को इस पर साफ-साफ जवाब देना होगा कि क्या ये देश सिर्फ 15 लोगों के लिए है।

इससे पहले राहुल गांधी एनएच 766 पर यातायात पर लगाई गई पाबंदी के खिलाफ युवाओं के प्रदर्शन का समर्थन किया है। युवाओं के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वे सुल्तान बाथरी पहुंचे और उनसे बात की।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “मैं केरल और कर्नाटक को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 766 पर यात्रा प्रतिबंध के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं के साथ एकजुटता से खड़े होने के लिए केरल के वायनाड में हूं। पहले मैं अस्पताल में उन लोगों से जाकर मिला जो लंबे समय तक उपवास के कारण बीमार हो गए हैं।”

सारा ने खोला राज, सैफ करीना की शादी में लिए मां अमृता ने पसंद किया था उनके लिए लहंगा

0

सारा अली खान ने बताया है कि जब उनके पिता करीना कपूर से शादी कर रहे थे तो उनकी मां अमृता सिंह ने उनके लिए लंहगा चुना था। सारा ने बताया, मम्मी ने मेरे लिए खुद लहंगा, झुमके और दूसरी चीजें तय कीं। वो चाहती थीं कि मैं शादी में सबसे खूबसूरत लगूं। सारा अमृता सिंह और सैफ की बेटी हैं। अमृता से तलाक के बाद सैफ ने 2012 में करीना कपूर से 2012 में शादी की थी।मैं चाहती हूं सारा सबसे खूबसूरत लगे

एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा, जब पापा करीना से शादी करने जा रहे थे तो मैंने अपनी मां से पूछा कि मैं कौन सा झुमका और दूसरी ज्वैलरी पहनूं। इस पर उन्होंने डिजाइनर को बुलाकर कहा कि सैफ शादी करने जा रहे हैं और मैं चाहती हूं कि सारा सबसे सुंदर लहंगा पहने। उन्होंने खुद लहंगा ऑर्डर किया।

भाई के साथ कराया है फोटोशूट

सारा अली खान ने अपने भाई इब्राहिम के साथ हैलो मैगजीन के लिए फोटोशूट कराया। मैगजीन से बातचीत में उन्होंने परिवार को लेकर कई बातों का खुलासा किया है। सारा का कहना है कि वो मां के ज्यादा करीब हैं लेकिन पापा से भी उनके रिश्ते अच्छे हैं। वहीं करीना से भी उनकी अच्छी बनती है।

सारा के पास कई फिल्में
सारा दिखेंगी वरुण के साथ

सारा ने अपना करियर फिल्म ‘केदारनाथ’ से शुरू किया था। रणवीर सिंह के साथ आई उनकी फिल्म सिंबा भी हिट रही है। इन दिनों सारा फिल्म ‘कुली नंबर 1’ की तैयारी में लगी हुई हैं। इसमें उनके साथ वरुण धवन नजर आएंगे। यह करिश्मा कपूर और गोविंदा की ‘कुली नंबर 1’ का रीमेक है। सारा अली ने ‘लव आज कल 2’ की शूटिंग हाल ही में खत्म की है।

इस मंदिर में आशिक़ी का भूत उतरवाने दूर-दूर से आते हैं लोग

0

सहारनपुर में स्थित हनुमान मंदिर में लोग सिर से आशिकी का भूत उतारने आते हैं। सुनने में भले ही यह अजीबोगरीब लगे, लेकिन यह सच है। यह सिलसिला कब से चल रहा है। इस बारे में प्रमाणिक जानकारी नहीं मिलती लेकिन दूर-दूर से यहां लोग आते हैं और ब्रेकअप, प्रेम प्रसंग, और आशिकी जैसे समस्याओं से निजात पाते हैं।

एक हिंदी वेबसाइट की खबर के मुताबिक मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को एक विशेष पूजा होती है, जिसके बाद मंदिर के पुजारी ‘प्यार में पागल’ हुए युवकों और उनके परिजनों को कुछ उपाय बताते हैं। मान्यता है कि पुजारी के बताए उपाय से आशिकों के सिर से प्यार का भूत उतर जाता है।

बताया जाता है कि मंदिर में माता-पिता अपने बच्‍चों के सिर से आशि‍की का भूत उतारने के लिए लेकर आते हैं। अन्य प्रकार की परेशानियों से परेशान लोग भी यहां आकर माथा टेकते हैं और उनकी सभी समस्‍याएं दूर हो जाती हैं।

मोदी सरकार को एक साथ लगे 4 झटके, भारी पड़ेगा अक्‍टूबर का महीना?

0

नए महीने यानी अक्‍टूबर की शुरुआत हो चुकी है. केंद्र की मोदी सरकार के लिए यह महीना किसी चुनौती से कम नहीं रहने वाला है. दरअसल, इस महीने की शुरुआत से पहले सरकार को एक साथ कई बड़े झटके लग गए हैं. ये झटके सरकार के लिए नई चुनौती लेकर आने वाले हैं. बहरहाल, आइए जानते हैं सरकार को लगे झटकों के बारे में…
जीएसटी कलेक्‍शन में झटका
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) कलेक्शन के मोर्चे पर भी झटका लगा है. सितंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन कुल 91,916 करोड़ रुपये का रहा है. इससे पहले अगस्त महीने में जीएसटी कलेक्शन 98,203 करोड़ रुपये था.
यानी अगस्त के मुकाबले में सितंबर में कुल 6287 करोड़ रुपये जीएसटी कम आया है. बता दें कि सरकार हर महीने 1 लाख करोड़ से अधिक के जीएसटी कलेक्‍शन का लक्ष्‍य हासिल करना चाहती है.
ऑटो सेक्‍टर को भी झटका
लंबे समय से सुस्‍ती के दौर से गुज रहे ऑटो सेक्टर के लिए सितंबर का महीना भी निराश करने वाला रहा है. तमाम कोशिशों बावजूद यह सेक्टर मंदी से उबर नहीं पा रही है. सितंबर में Maruti Suzuki की बिक्री सालाना आधार पर 24.4 फीसदी घटकर 1.22 लाख यूनिट रही है. वहीं बजाज ऑटो की भी बिक्री सितंबर महीने में 20 फीसदी घटी है.
सितंबर में बजाज ऑटो की कुल बिक्री 4.02 लाख यूनिट रही है. अगर बजाज की बाइक बिक्री के आंकड़ों को देखें तो सितंबर में कुल 3.36 लाख यूनिट बिकी है. जबकि सितंबर 2018 में कंपनी की कुल 4.30 लाख यूनिट बेची थी. फेस्टिव सीजन में बिक्री के ये आंकड़े निराश करने वाले हैं.
कोर सेक्‍टर में भी झटका
अगस्त महीने के कोर सेक्‍टर के आंकड़ों ने भी सरकार की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, बुनियादी क्षेत्र के आठ उद्योगों का उत्पादन इस साल अगस्त में सालाना आधार पर 0.5 फीसदी नीचे रहा. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त अवधि में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर 2.4 फीसदी है. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसी अवधि में इनकी वृद्धि दर 5.7 फीसदी थी. आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उवर्रक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं.
शेयर बाजार ने भी दिया झटका
महीने के पहले कारोबारी दिन 1 अक्‍टूबर को शेयर बाजार ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया. मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स एक समय 737 अंक से अधिक टूट गया था. अंत में सेंसेक्स 361.92 अंक यानी 0.94 फीसदी घटकर 38,305.41 अंक पर रहा. इस वजह से निवेशकों के 1.80 लाख करोड़ रुपये डूब गए. इसी तरह निफ्टी 114.55 अंक यानी एक फीसदी गिरकर 11,359.90 अंक पर बंद हुआ. यह लगातार तीसरा दिन था जब बाजार में गिरावट आई. बता दें कि पिछले तीन सत्र के कारोबार में सेंसेक्स 684.33 अंक यानी 1.76 फीसदी और निफ्टी 211 अंक यानी 1.83 फीसदी नुकसान में रहा है.

इस राज्य में संकट में घिरी बीजेपी की सरकार, मुख्यमंत्री ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात

0

मणिपुर की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह को बगावत का सामना करना पड़ रहा है।

इसका समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री पार्टी के राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ दिल्ली पहुंचे हैं। बीरेन सिंह ने पार्टी मुख्यालय में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात की और उन्हें राज्य के हालात से अवगत कराया। यह पहली बार नहीं है, जब बीरेन सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को राज्य से संबंधित मुद्दे समझाने के लिए दिल्ली की ओर कूच किया है।

राज्य में विधायकों का एक वर्ग पिछले पांच महीनों से नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। विभागों के बंटवारे से भी सभी विधायक सहमत नहीं हैं। इस संबंध में राज्य के कई विधायक नई दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं। कुछ महीने पहले राज्य में तनाव बढ़ गया था, जब बीरेन सिंह ने मंत्री विश्वजीत सिंह से बिजली एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विभाग वापस ले लिए थे। विश्वजीत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है।

मणिपुर में नेतृत्व बदलने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विभिन्न विधायकों के समूहों की शिकायतों का समाधान करने का प्रयास कर रहा है। जबकि बीरेन सिंह राज्य में अपना नेतृत्व व साख बचाए रखना चाहते हैं।

इंद्राणी और पीटर मुखर्जी को कोर्ट से मिला तलाक, दोनों ने आपसी सहमति से लिया फैसला

0

इंद्राणी और पीटर मुखर्जी को मुंबई की एक अदालत ने आज तलाक दे दिया। इंद्राणी मुखर्जी के वकील एडिथ डे का कहना है कि “इंद्राणी और पीटर मुखर्जी ने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। इसमें एक साल लग गया, लेकिन दोनों ने पूरी प्रक्रिया में साथ दिया।”दोनों अभी शीना बोरा हत्या मामले में सुनवाई का सामना कर रहे हैं। इंद्राणी मुखर्जी एक पूर्व HR कंस्लटेंट और मीडिया एग्जीक्यूटिव हैं। उनकी शादी पूर्व इंडियन टीवी एग्जीक्यूटिव पीटर मुखर्जी से हुई थी। 2007 में उन्होंने अपने पति के साथ आईएनएक्स मीडिया की सह-स्थापना की, जहांं उन्होंने सीईओ की भूमिका निभाई। 2009 में उन्होंने इस कंपनी से इस्तीफा दे दिया और बाद में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी।

तलाक के लिए लंबे समय से थीं कोशिशें

शीना बोरा हत्या मामले में मुकदमे का सामना कर रहे पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी ने आपसी सहमति से तलाक की मांग करते हुए पिछले साल सितंबर में उपनगरीय बांद्रा में पारिवारिक अदालत का रुख किया था। उनके तलाक के निपटान में संपत्ति का विभाजन शामिल था, जिसमें स्पेन और लंदन में उनकी संपत्ति, बैंक जमा और अन्य निवेश शामिल थे। इंद्राणी ने भी पीटर मुखर्जी को इस आधार पर तलाक के लिए नोटिस दिया था कि उनकी शादी अनियमित रूप से टूट गई और इसके बाद इस मामले में अब किसी भी तरह की सुलह का कोई मौका नहीं था।

न्यायिक हिरासत में जेल में

47 साल की इंद्राणी और 65 वर्षीय पीटर मुखर्जी ने 2002 में शादी कर ली थी। दोनों शीना बोरा हत्या मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं और 2015 में उनकी गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इंद्राणी को भायखला महिला जेल में रखा गया है, जबकि पीटर मुखर्जी को मध्य मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है।

World Animal Day : इस दिन का लक्ष्य जानवरों की स्थिति में सुधार करना है, जानें कि यह कब शुरू हुआ

0

इंसानों से लेकर जानवरों और पक्षियों तक, हर किसी की अपनी प्यारी धरती पर अपनी एक खास जगह है. हम सभी जानते हैं कि पशु और पक्षी मानव सभ्यता के विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं, लेकिन दुनिया भर में तेजी से विकास उनके अस्तित्व के लिए खतरा बन रहा है. इसलिए, जानवरों के संरक्षण पर ध्यान देना एक बड़ी जिम्मेदारी बन गई है. इस उद्देश्य के लिए, विश्व पशु दिवस 4 अक्टूबर 1931 को इटली में शुरू हुआ. जिसके बाद इस दिन को पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया जाता है.

आपको बता दें कि विश्व पशु दिवस के लिए 4 अक्टूबर की तारीख चुनने के पीछे एक कारण है. यह दिन संत फ्रांसिस, जानवरों के संरक्षक और संत का त्योहार है, इसलिए इस दिन को जानवरों को संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिए चुना गया था. यह हर देश में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. हालाँकि, इस दिन को मनाने का तरीका जो भी हो, लेकिन सभी का उद्देश्य जानवरों की स्थिति में सुधार करना और उनके बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

अब और नहीं रुलाएगा प्याज, कीमतों में बड़ी गिरावट

0

प्याज के निर्यात पर रोक और विक्रेताओं के पास स्टॉक लिमिट के नियम के बाद से देश के कई हिस्सों में प्याज के दाम में कमी आई है। प्याज के दाम थोक और खुदरा दुकान दोनों जगह कम हुए हैं। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को ये बात कही। व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुछ रोज पहले प्याज की खुदरा कीमत जो 60-70 रुपये प्रति किलो थी वह गुरुवार को घटकर 60 रुपये प्रति किलो से नीचे हो गई।

पासवान ने कहा, ‘हमें किसान के साथ उपभोक्ताओं की भी चिंता है। निर्यात पर रोक और खुदरा विक्रेताओं के लिए 100 क्विंटल और थोक विक्रेताओं के लिए 500 क्विंटल की लिमिट तय करने के बाद से प्याज की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है।’ उन्होंने कहा कि 56,000 टन प्याज के केंद्रीय बफर स्टॉक में से 18,000 टन का निपटान कर दिया गया है और लगभग 15,000 टन नमी की कमी के कारण सूख गया है। पासवान ने कहा, ‘हमारे स्टॉक में अभी भी 25,000 टन प्याज है। हम राज्य सरकारों से (स्टॉक से) लेने और 23।90 रुपये प्रति किलोग्राम की आपूर्ति करने और कीमतें सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं।’

सरकार की ओर से प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने और व्यापारियों पर स्टॉक सीमा लागू करने के बाद महाराष्ट्र के लासलगांव में प्याज की कीमतें 30 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गईं, यहां एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी है। नेशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (NHRDF) के आंकड़ों के मुताबिक, नासिक जिले के लासलगांव में प्याज की अधिकतम थोक दर सितंबर मध्य से 51 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से गिरना शुरू हो गई है। लासलगांव एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी में गुरुवार को प्याज का थोक भाव 26 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि अधिकतम दाम 30।20 रुपये प्रति किलोग्राम और न्यूनतम भाव 15 रुपये प्रति किलो था।

लासलगांव मंडी देश भर में प्याज के लिए मूल्य प्रवृत्ति निर्धारित करती है। इस बाजार में कोई भी उतार-चढ़ाव होता है तो उसका असर अन्य भागों में भी दिखाई देता है। अगस्त के बाद से प्याज की कीमतें बढ़नी शुरू हुई, क्योकि देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ और महाराष्ट्र और कर्नाटक से आपूर्ति बाधित होने से इसकी कीमतें बढ़ गई। इसके अलावा खरीफ प्याज की बुवाई के क्षेत्र में संभावित गिरावट ने कीमतों पर दबाव डाला। अभी पिछले साल की रबी फसल से पैदावार प्याज बाजार में बेचा जा रहा है। ताजा खरीफ की फसल नवंबर से बाजार में आने की उम्मीद है।