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भिलाई : प्रेमिका के लिए पत्नी को भेजा तलाक का नोटिस, पत्नी ने दर्ज कराई रिपोर्ट

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महिला थाने में एक विवाहिता ने अपने पति, सास, ससुर और ननंद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। प्रार्थिया का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। वहीं उसके पति का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध है। पति ने अपनी प्रेमिका के चलते उसे घर से निकाल दिया और तलाक का नोटिस भेजा है। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत की। जिस पर पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

महिला थाना प्रभारी योगिता खापर्डे ने बताया कि आशीष नगर रिसाली निवासी प्रार्थिया ने ग्राम मुकंदप्रसाद जिला खुरदा ओडिशा निवासी अपने पति संबित महापात्रा, ससुर विजय महापात्रा, सास अनुपमा महापात्रा और ननंद तनद्रस्तया महापात्रा के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। प्रार्थिया की शादी एक मई 2015 को आरोपित के साथ हुई थी। प्रार्थिया का आरोप है शादी के समय उसके पिता ने गहने और सभी घरेलू सामान दिए थे। इसके बाद भी आरोपित दहेज में कम सामान मिलने की बात को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपित पति कोरबा में नौकरी करता है। शादी के बाद वो अपने पति के साथ कोरबा गई, लेकिन वहां पर उसके पति ने उससे दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि उसके पति का किसी और महिला से अवैध संबंध था। वो रात में मोबाइल पर अपनी महिला मित्र से चैटिंग करता था और वीडियो कॉल पर बात करता था। प्रार्थिया द्वारा आपत्ति किए जाने पर उससे मारपीट करता था।

पति के चलते पूरी रात अकेली रही चांपा स्टेशन पर

प्रार्थिया ने पुलिस को बताया कि है कि वर्ष 2016 में वो अपने मायके में आयोजित एक जनेऊ संस्कार के कार्यक्रम में भिलाई पहुंची थी। कार्यक्रम के बाद उसका पति उसे लेने भिलाई नहीं आया, बल्कि ट्रेन से अकेले ही चांपा तक आने के लिए कहा। प्रार्थिया चांपा स्टेशन तक पहुंची और अपने पति को फोन किया, लेकिन वो उसे लेने के लिए नहीं पहुंचा। प्रार्थिया रात भर चांपा स्टेशन पर ही रही और उसने अपने पिता को फोनकर बुलाया। इसके बाद प्रार्थिया के पिता उसे लेकर भिलाई आए। कुछ दिनों बाद आरोपित पति फिर से प्रार्थिया को अपने साथ ले गया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। जब प्रताड़ना काफी अधिक बढ़ गई तो प्रार्थिया अपने मायके लौट आई। यहां पर आरोपित संबित महापात्रा ने अपनी पत्नी को तलाक का नोटिस भेजा। जिसके बाद प्रार्थिया ने महिला थाने में शिकायत की। जिस पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

छत्तीसगढ़ : रायपुर स्कूल पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, बच्चों को पढ़ाया सरपंचों का कैसे होता है चुनाव

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स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम का लगातार दौरा चल रहा है। न्यू शांतिनगर के पीजी उमाठे स्कूल में अचानक निरीक्षण करने के बाद सोमवार को मंत्री चार स्कूलों में दोपहर के बाद आ धमके। एक स्कूल में तो मंत्री ने खुद ही सामाजिक विज्ञान की कक्षा ली। इस विषय में सरपंचों का चुनाव कैसे होता है दिए गए टॉपिक पर उन्होंने बच्चों को बारीकी से समझाया। स्कूल में मंत्री को अचानक देखकर शिक्षक भौचक रह गए। सबसे पहले मंत्री हाईस्कूल कचना पहुंचे। उस समय यहां पर शिक्षक व पालक समिति की बैठक चल रही थी। मंत्री भी पालक समिति की बैठक में शरीक हुए। इस दौरान यहां देखा गया कि बच्चे भी बैठक में मौजूद रहे। प्राचार्य की पहल देखकर मंत्री खुश हो गए। इस दौरान मंत्री ने स्कूल के लिए चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया है और पालकों को मोटीवेट किया। मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर भी मौजूद रहे।

बच्चों ने दिया मंत्री के हर सवाल का जवाब

मंत्री प्रेमसाय सिंह प्राइमरी-मिडिल स्कूल पिरदा पहुंचे थे, यहां मिडिल के बच्चों को उन्होंने सामाजिक विज्ञान पढ़ाने लगे। इसमें सरपंचों के निर्वाचन के बारे में पढ़ाया है। इस दौरान बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने मंत्री के सवालों का बेहतर जवाब दिया।

जोरा में अव्यवस्था पर शिक्षक को थमाया नोटिस

शाम करीब चार बजे के आसपास मंत्री हाईस्कूल जोरा में पहुंचे। यहां उन्हें बच्चे हल्ला करते दिखे। शिक्षक उपस्थित थे लेकिन कक्षाओं में नहीं मिलने से मंत्री नाराज हो गए। एक शिक्षक को नोटिस थमाया गया। यहां के शिक्षक समय पर कक्षा लेने नहीं आ पाए तो उन्होंने नोटिस थमा दिया।

फुंडहर स्कूल में नए भवन के बाद भी बच्चे पुराने भवन में मिले

स्कूल शिक्षा मंत्री सबसे आखिरी में हायर सेकेंडरी स्कूल फुंडहर में दौरा किया। यहां उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति डेली डायरी, मासिक मूल्यांकन, कैशबुक, मिड-डे-मील आदि की जानकारी ली। प्राचार्य वंदना अग्रवाल से स्कूल की समस्याएं पूछी। मंत्री ने कहा कि जब नया भवन बन गया है तो पुराने भवन में बच्चों को क्यों पढ़ा रहे हैं? इस पर प्राचार्य ने बताया कि नए भवन के तीन ओर फैले नालों के कारण बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। इस पर मंत्री ने नगर निगम कमिश्नर व जिला प्रशासन से सहयोग लेने के लिए कहा। उन्होंने यहां हो रहे नवाचार की भी जानकारी ली ।

छत्तीसगढ़ : आरक्षक का जुआ खेलते वीडियो वायरल, निलंबित

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जुआरियों के साथ एक आरक्षक को जुआ खेलना भारी पड़ गया। सुरक्षा पर निकले आरक्षक वर्दी में जुआ खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित आरक्षक देवेंद्र साहू टिकरापारा थाने में पदस्थ था।

मामले में एसपी आरिफ शेख ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई की। सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा वीडियो को कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में वर्दी पहने एक आरक्षक ताश पत्ती के साथ दिखाई दे रहा है, जो हाथों में ताश की गड्डी रखे हुए है और कुछ जुआरियों की आवाज सुनाई पड़ रही है।

इसमें जुआरी कह रहे हैं कि कौन पुलिस वाला जुआ नहीं खेलता है? टेबल पर कुछ रुपये भी रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। 14 सेकंड का यह वीडियो दो दिनों से जमकर वायरल हो रहा है। मामला एसपी तक पहुंचा, जिसकी जांच कराई गई। इसमें पता चला कि वीडियो में टिकरापारा आरक्षक देवेंद्र साहू है। वर्दी में जुआरियों के साथ ताश पत्ते जमाने के मामले में एसपी ने संज्ञान में लेते हुए निलंबित कर दिया।

बैंक कर्मचारियों ने टाली हड़ताल, फिर भी इस हफ्ते 2 दिन बंद रहेंगे बैंक जानिए क्या है वजह?

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इस हफ्ते अब 4 दिन बंद नहीं रहेंगे बैंक. कर्मचारियों ने हड़ताल (Bank Strike) को टाल दिया है. बैंक कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल को वापस लेने का फैसला वित्त सचिव से हुई बातचीत के बाद लिया है. वित्त मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से यह खबर आई है. आपको बता दें कि बैंक यूनियनों ने अपनी मांग को लेकर 26 और 27 सितंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया था.

इससे पहले लोगों के सामने यह हड़ताल एक तरह से परेशानी का कारण बनती. फेस्टिवल सीजन में लोगों का चार दिनों तक परेशानी हो सकती थी. बैंक अब अपने तय समय के अनुसार ही काम करेंगे. हां, 28 और 29 सितंबर को चौथा शनिवार और रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे. सरकारी बैंक के कर्मचारियों के चार संगठनों ने बैंकों के मर्जर के विरोध में 2 दिनों की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था.

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) समेत बैंक अधिकारियों के 4 संगठनों ने 25 सितंबर की आधी रात से अगले 48 घंटे तक हड़ताल (Strike) पर जाने का ऐलान किया था. हड़ताल वापस होने से अब लोगों को सहूलियत होगी. हड़ताल के दौरान एटीएम में कैश की उपलब्धता की समस्या बढ़ जाती है.

91 साल से अपने हाथो से लिखकर अखबार बेचते है ये जनाब, ऐसा करने की बताई ये वजह

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आप किसी न्यूज़ पेपर के दफ्तर में जाते हैं तो आपको अक्सर कंप्यूटर दिखाई देते हैं लेकिन जब आप ‘द मुसलमान’ के दफ्तर में जायेंगे तो आपको रीड कलम, स्याही की बोतलें, कागज के ढेर दिखाई देंगे, जिनपर सबसे पहले आपकी नजरें जाती हैं. यह शायद दुनिया का ऐसा पहला अखबार है जो 91 साल का हो चुका है और आज भी हाथ से लिखा जाता है।

द मुसलमान को 1927 में आरिफुल्लाह के दादा सैयद अजातुल्ला ने शुरू किया था। उन्होंने महसूस किया था कि उस वक़्त मुसलमानों के लिए कोई आवाज़ उठाने वाला नहीं था, तब उन्हें लगा कि मुसलमानों की भी एक आवाज होनी चाहिए। चेन्नई की प्रतिष्ठित वाल्लाजह मस्जिद के बगल में एक छोटी सी तंग गली में स्थित इस अख़बार का कार्यालय है।

अख़बार शुरू होने के बाद से तीन संपादकों को देखा है. अजातुल्ला उनके पुत्र सैयद फजलुल्ला और अब आरिफुल्ला।चार पेज के ब्रॉडशीट में लगभग सभी लेखों का चयन अरिफुल्ला द्वारा खुद किया जाता है,उनका कहना है कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में उनके कई पत्रकार हैं लेकिन वह द इकोनोमिस्ट की तरह बाईलाइंस नहीं लेते हैं। दो अनुवादक हैं जो उर्दू में खबरों का अनुवाद करते हैं,पेन का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक समाचार आइटम को ब्रॉडशीट में लिखा जाता है।

सुलेख वास्तव में कागज की आत्मा है लेकिन तकनीक के आगमन के साथ पहले के समाचार पत्रों और उर्दू प्रकाशन गृहों में कार्यरत कैटिब, अनावश्यक हो गए हैं,श्रीनगर का औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उन सरकारी संस्थानों में से एक जहां उर्दू सुलेख को पढ़ाया जाता था, आखिर में 2016 मई में इसे पाठ्यक्रम से हटा दिया गया था।

अरिफुल्ला करते हैं कि अब उर्दू के लिए आजकल कुशल लेखकों को ढूंढ़ना एक चुनौती है, कड़ी मेहनत के के बाद खबर में विज्ञापनों को भी जोड़ दिया जाता है।कागज 1 बजे दोपहर के आसपास प्रिंट होता है और शाम तक अपने 21,000 पाठकों में से अधिकांश तक पहुंच जाता है। अख़बार की कीमत 75 पैसे है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अख़बार आज भी चल रहा है।

हनीट्रैप मामला : नाक में नली डालते ही घबराकर उठ बैठी छह घंटे से बेहोश आरती

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हनीट्रैप मामले में आरोपित आरती दयाल को पुलिस मंगलवार दोपहर दोबारा एमवायएच लेकर पहुंची। आरती को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। दोपहर से शाम तक लगभग 6 घंटे आरती बेहोशी की हालत में रही। सुबह से भूखी आरती को डॉक्टरों ने नली लगाकर तरल पदार्थ देने का निर्णय लिया। शाम छह बजे उसकी नाक से नली डाली गई। जब नाक के अंदर नली पहुंची तो आरती घबराकर उठ बैठी। तत्काल डॉक्टरों ने बीपी जांचा जो सामान्य पाया गया। इसके बाद दिन भर से आरती के नखरे उठा रही पुलिस की जान में जान आई।

रात आठ बजे अस्पताल ने उसे डिस्चार्ज कर दिया और पुलिस उसे फिर पलासिया थाने ले आई। सोमवार सुबह आरती ने पलासिया थाने में पेट दर्द की शिकायत की और बेहोश हो गई। उसे तत्काल एमवायएच लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर उसे ट्रामा यूनिट भेजा गया। यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ ने उसकी सभी जांच की। आरती को सोनोग्राफी के लिए भेजा गया। दो घंटे के बाद सभी जांच रिपोर्ट आने पर विशेषज्ञों ने स्थिति ठीक होने की जानकारी दी।

उसके चेहरे पर तनाव देख अस्पताल प्रबंधन ने मानसिक चिकित्सालय बाणगंगा से मनोचिकित्सक को बुलाया। मनोचिकित्सक ने लगभग 60 मिनट तक उससे बात करने की कोशिश की व मानसिक स्थिति को समझा। जांच के बाद उन्होंने भी मानसिक स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी। लगभग 4 बजे आरती ने ठंड लगने की बात कही।

अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ को बुलाया व जांच कराई। जांच में स्थिति सामान्य पाई गई। पुलिस ने डाक्टरों को बताया कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है। इसके बाद डॉक्टरों ने नाक से आहार नली डालकर तरल पदार्थ देने का निर्णय लिया। शाम छह बजे के लगभग बेहोश आरती की नाक में जैसे ही नली डाली गई आरती उठ बैठी। पुलिस वालों ने जैसे ही देखा कि आरती उठकर बैठ गई उन्होंने राहत की सांस ली। दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद लगभग रात 8 बजे आरती को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया

सभी पैरामीटर सामान्य

आरती को दोबारा जांच के लिए लाया गया था। उसने जो परेशानियां बताई उन सभी की जांच विशेषज्ञों ने की। स्थिति सामान्य पाई गई। आवश्यक दवाइयां देकर उसे रात को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। – डॉ. पीएस ठाकुर, अधीक्षक एमवायएच

प्याज के दाम बढ़ने से किसान खुश, कहा- प्याज के बढ़ते दाम तीन साल की भरपाई हैं

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भारत के कई बड़े शहरों में प्याज के दामों में 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बढ़ोत्तरी हो रही है। प्याज की आपूर्ति में कमी के कारण कई जगहों पर कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे लगभग 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। खराब आपूर्ति ने थोक प्याज की कीमतों को चार साल के उच्च स्तर पर धकेल दिया है। खुदरा बाजारों में मंगलवार की सुबह प्याज की कीमतें मुंबई और दिल्ली में रसोई स्टेपल 75-80 रुपये प्रति किलोग्राम के साथ बेची जा रही हैं। बेंगलुरु, चेन्नई और देहरादून में प्याज की कीमतें 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि हैदराबाद में खुदरा विक्रेता 41-46 रुपये प्रति किलो प्याज बेच रहे हैं।

जानिए क्यों बढ़ रही हैं प्याज की कीमतें

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारी मानसून के कारण प्याज की फसलों को काफी नुकसान हुआ है, जिसके कारण प्याज की कीमतों में अचानक वृद्धि हुई है। कम से कम एक महीने तक स्थिति ऐसी ही रहने की उम्मीद है। प्याज उत्पादन के केंद्र नासिक के एक प्याज व्यापारी हिरामन परदेशी ने बताया कि “लगातार तीन साल से प्याज की फसल बर्बाद होने के कारण, नासिक में दो किसानों मे आत्महत्या कर ली थी। वहीं किसानों ने पिछले साल सड़कों पर फसलें फेंक दी थीं। लेकिन अब प्याज के बढ़ते दामों पर किसानों का कहना है कि प्याज की बढ़ती कीमत तीन साल के नुकसान की भरपाई है। ”

‘कभी लोगों ने किसानों के लिए आवाज नहीं उठाई’

उन्होंने कहा, “पिछले साल किसानों ने सामान्य उत्पादन का केवल आधा हिस्सा लिया था। मई में हीटवेव और बाद में इस साल भारी बारिश से केवल 50 फीसदी फसल बची है।” सरकारी निष्क्रियता की निंदा करते हुए, परदेशी ने कहा, “पिछले साल जब किसानों ने अपनी फसलें फेंक दीं, तो न तो सरकार ने न कुछ कहा और न ही प्याज खाने वाले ग्राहकों ने अपनी आवाज उठाई। अब जब कीमतें बढ़ी हैं तो सभी किसानों को दोषी ठहरा रहे हैं।”

मौसम खराब होने के कारण फसल हुई खराब

इस बीच, नेफेड के निदेशक नानासाहेब पाटिल ने कहा कि फसल शुरू से ही कम थी। पाटिल ने कहा, “दक्षिणी राज्यों, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है और सितंबर में आने वाली प्याज की फसल को एक महीने की देरी हो गई है।” उन्होंने कहा कि ग्राहकों को नवंबर तक बढ़ते प्याज की कीमतों से निपटना होगा।

2019 में ऑनियन प्रोडक्शन की जरूरत है

यदि पिछले पांच वर्षों के प्याज उत्पादन पर सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो यह देखा जा सकता है कि 2019 में प्याज का उत्पादन 2018 की तुलना में लगभग आधा हो गया है। पिछले पांच वर्षों में, सितंबर में पूरे भारत में कुल प्याज उत्पादन, औसतन 6 से 6.5 लाख मीट्रिक टन था, जो ग्राहक के लिए औसतन 10-20 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचे गए थे। लेकिन 2015 में, सितंबर में सूखे और बेमौसम बारिश के कारण बाजार में केवल 3.4 मीट्रिक टन की आवक हुई, जिससे कृषि बाजार में कीमत 44 रुपये से अधिक हो गई।

सरकार क्या कर रही है?

केंद्र ने दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में प्याज की कीमत में गिरावट लाने के लिए कई उपाय कर रही है। यह नैफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों के माध्यम से अपने बफर स्टॉक से प्याज उतार रहा है, जो राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 22 रुपये किलो और राज्य में मदर डेयरी 23.90 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेच रहे हैं। प्याज निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए, सरकार ने अपना न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) $ 850 एफओबी (बोर्ड पर मुफ्त) प्रति टन निर्धारित किया है।

कालाबाजारी पर सरकार कस रही है शिकंजा

केंद्र के पास 56,000 टन प्याज का बफर स्टॉक है, जिसमें से अब तक 16,000 टन का भंडारण किया जा चुका है। दिल्ली में, प्रतिदिन 200 टन का भार उठाया जा रहा है। दिल्ली में, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि सरकार रुपये में प्याज की आपूर्ति करेगी। मोबाइल वैन के माध्यम से शहर भर में 24 प्रति किलोग्राम। इसके अलावा, केंद्र ने न्यूनतम निर्यात मूल्य बढ़ाकर और प्रोत्साहन वापस लेकर प्याज के निर्यात को हतोत्साहित किया है। साथ ही प्याज की कालाबाजरी पर भी सरकार शिकंजा कस रही है।

भारत रत्न मिलने के बाद सचिन को मुफ्त में दी जाती है ये सुविधाए,नहीं लगता इन चीज़ों का पैसा

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दोस्तो जैसा कि आप लोग ये बहुत ही अच्छी तरह ये जानते है कि भारत रत्न देश का सब उच्च सम्मान भी माना जाता है और ये सम्मान मात्र गिने चुने लोगों को ही दिया जाता है।जानकारी के लिए आपको बता दे कि पहले यह बेहतरींन पुरस्कार खेल जगत को नहीं मिलता था। मगर इसमें कुछ संशोधन करने के बाद अब खेल जगत में भी यह अमूल्य पुरस्कार दिया जाता है।जानकारी के लिए आपको बात दे कि भारत रत्न का पुरस्कार पाने वाले पहले और एकमात्र महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ही हैं। क्रिकेट जगत के भगवान माने जाने वाले लोकप्रिय सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में अपना बहुत ही बेहतरीन योग्यदान भी दिया है।

मित्रों इसीलिए उन्हें भारत रत्न जैसा शानदार पुरस्कार दिया गया था। आपको यह बता दे की मूल्यवान भारत रत्न पुरस्कार पाने वाले देश के नागरिक को कितने रुपये मिलते जाते हैं।लेकिन दोस्तो आपको यह जानकर बहुत ही आश्चर्य होगा कि भारत रत्न पाने वाले देश के नागरिक को कोई धन नहीं दिया जाता है। भारत रत्न का पुरस्कार पाने वाले नागरिक को पुरस्कार के रूप में मात्र एक मेडल ही तथा सर्टिफिकेट ही मिलता है।

मगर आपकीं जानकारी के लिए आपको बता दे कि इस शानदार पुरस्कार को प्राप्त करने वाले बेहतरींन इंसान को सरकारी संस्थानों से जुड़ी भी हुई बहुत सी सुविधाएं मिलती है। भारत रत्न पुरस्कार पाने वाले बेहतरींन इंसान को पूरी जिंदगी इनकम टैक्स भी नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा ट्रेन में फर्स्ट क्लास कोच में फ्री में सफर करने की सुविधा भी मिलती है।

दोस्तो भारत देश में कहीं भी किसी भी जगह घूमने पर VIP सुविधा मिलती है। इसके अलावा वो भारत रत्न प्राप्त करता को जेड श्रेणी में सुरक्षा भी जी जाती है। इसके साथ ही में पुरस्कार प्राप्तकर्ता को कैबिनेट रैंक के बराबर योग्यता भी मिलती है। 3 पड़ोसी देशो में घूमने पर भी सुरक्षा दी जाती है। इस तरीके से भारत रत्न प्राप्त करने के बाद सचिन तेंदुलकर को यह पूरी सुविधा मिलती हैं।

प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, जानें क्या

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आसमान छूते प्याज के दाम को लेकर दिल्ली सरकार अलर्ट हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल ने कहा कि हम प्याज के बढ़ते दाम पर नजर बनाएं हुए है। हमने प्याज बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि करीब 24 रूपये किलो के दाम में हम प्याज बेचेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से जल्द ही निविदा जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में प्याज के दाम फुटकर बाजार में 60 से लेकर 80 रूपये किलो तक पहुंच गया है।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस में पूछे गए सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि दो तीन साल पहले भी हमने प्याज के दाम बढ़ने पर राशन की दुकानों के जरिए प्याज बेचे थे। इस बार सरकार उस दिशा में काम शुरू कर चुकी है। उन्होंने कहा कि प्याज को नेफेड से लेकर दुकानों तक पहुंचाने के लिए परिवहन साधनों की जरूरत है। उसके लिए हम निविदा निकालने की तैयारी कर रहे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह निविदा जारी कर दी जाएगी।

खाद्य एंव आपूर्ति विभाग के मुताबिक नेफेड के साथ इसे लेकर बैठक हो चुकी है। वह रोजाना करीब 200 टन प्याज की आपूर्ति दिल्लीभर में कर सकते है। यह प्यास राशन की दुकानों व सरकार की ओर से जगह-जगह मोबाइल वैन के जरिए यह प्याज बेचे जाएंगे। इसके अलावा मदर डेयरी पर भी प्याज की आपूर्ति की जाएगी जिससे 24 रूपये किलो दाम तक के प्याज बेचे जा सके।

बताते चले दिल्ली में प्याज के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। दिल्ली में महाराष्ट्र के नासिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश से प्याज आते है। इन तीनों राज्यों में इस समय बारिश के चलते वहा से दिल्ली की मंडियों में प्याज की आवक कम हुई है। उसके चलते प्याज के दामों में लगातार बढ़ोत्तर हो रही है। दिल्ली में सोमवार को कई इलाकों में प्याज के दाम 80 रूपये किए तक पहुंच गए है।

दिल्ली में अंधेरे वाले स्थानों पर दो लाख से ज्यादा स्ट्रीटलाइट लगाये जाएंगे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ‘मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना’ के तहत समूचे शहर में अंधेरे वाले स्थानों पर 2.1 लाख स्ट्रीट लाइट लगाएगी।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्हें लगाने की जिम्मेदारी शहर में बिजली वितरण करने वाली तीनों निजी कंपनियों (डिस्कॉम) की होगी। हर कंपनी 70,000 स्ट्रीट लाइट लगाएगी। उन्होंने कहा कि हर स्ट्रीट लाइट में एक सेंसर लगा होगा, जो सूर्यास्त होते ही इसे प्रज्वलित कर देगा। स्ट्रीट लाइटों को सीसीटीवी कैमरों की तर्ज पर लगाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : मध्यप्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़े, मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा – गलती करने वाले बचेंगे नहीं

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मध्यप्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़ने की बात सामने आई है।छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मंत्री और दो आईएएस अधिकारियों के नाम का ज़िक्र डायरी में होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जल्द ही एमपी पुलिस की टीम छत्तीसगढ़ जांच के लिए आ सकती है। इस मामले मेंगृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि आधिकारिक तौर पर अब तक कोई संपर्क नहीं किया गया है।लेकिन अगर किसी ने गलत किया है तो उसे बचाया नहीं जाएगा।

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के दो तत्कालीन डीएफओ और एक आईएएस अधिकारी से सीधा संपर्क हनी ट्रैप मामले की मुख्य आरोपी श्वेता जैन, बरखा भटनागर, और आरती दयाल से बताया जा रहा है।बताया जा रहा है कि नक्सल प्रभावित जिले के तत्कालीन केलक्टर ने भी इस लेडी गैंग की लड़कियों का इस्तेमाल किया था। दोनों आईएफएस अधिकारी पदोन्नति पाकर सीएफओ बन चुके हैं। जबकि कलेक्टर वर्तमान में विभागध्यक्ष भवन इंद्रावती में महत्वूपूर्ण पद पर तैनात है।