Home Blog Page 2599

भाजपा के बाद अब कांग्रेस के पास होगा नया मुख्यालय, 28 दिसंबर को सोनिया गांधी करेंगी उद्घाटन, जानें खासियतें

0

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरह अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) पार्टी के पास भी इस साल के अंत तक यानी 28 दिसंबर को अपना नया मुख्यालय होगा। इसका उद्घाटन कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस स्थापना दिवस 28 दिसंबर को किया जाएगा।

इसके बाद कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय का पता उत्तरी दिल्ली के 9 कोटला रोड पर होगा। अभी कांग्रेस मुख्यालय का पता 24 अकबर रोड है। कांग्रेस के नए मुख्यालय का नाम इंदिरा भवन रखा जाएगा।

जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम से जाने जाएगा। यह मुख्यालय 6 मंजिला होगा जो भारतीय जनता पार्टी के मुख्याल के पास ही है। भाजपा का मुख्यालय दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित है।

कांग्रेस के नए मुख्यालय की ये है खासियतें

1. इस मुख्यालय के 2 मैन गेट बनाए गे हैं पहा कोटला रोड की तरफ है तो दूसरा दीन दयाल उपाध्याय मार्ग की तरफ है। यहीं पर भाजपा का मुख्यालय है। लेकिन पार्टी ने कोटला रोड को ही अपना मैन पता बनाया है।

2. कांग्रेस का मु्ख्य कार्यालय अब कोटला रोड पर होगा लेकिन इसके अलावा भी दिल्ली में कांग्रेस के कई कार्यालय हैं जैसे कि अभी 24 अकबर रोड मुख्यालय और 5 रायसीना रोड पर यूथ कांग्रेस का मुख्य कार्यालय है।

3. इसकी अब ये खासियत होगी कि यूथ, आईवाईसी और सेवा दल तीनों का पता अब कोटला रोड पर बना नया मुख्यालय होगा। इससे पहले कांग्रेस को मुख्यालय खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। जिसके बाद कांग्रेस ने अपना नया मुख्यालय बनाने का फैसला किया।

सीएम ने की रेल परियोजनाओं की समीक्षा, नफ़ा नुक़सान पर मांगी रिपोर्ट

0

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इन रेल परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को और यहां के लोगों को क्या लाभ मिलेगा। लोगों को क्या यात्री परिवहन की सुविधा भी मिलेगी। कितने लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश और यहाँ के लोगों का हित छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखना होगा। बैठक में छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित विभिन्न रेल परियोजनाओं पर दिए जा रहे प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कोयला खदानों में उत्पादित होने वाले कोयले के परिवहन के लिए मुख्य रूप से इन रेल परियोजनाओं को प्रारंभ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से कोयले की रायल्टी राज्य को प्राप्त होगी।

विकसित होने वाले कोल ब्लाकों से कोयला गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों को भेजा जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कोयला हमारे छत्तीसगढ़ के उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण अनेक उद्योग बंद हो गए हैं। हमारे कोयले से दूसरे राज्यों में उद्योग चलेंगे और हो सकता है हमें फिर अपना ही कोयला खरीदना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला खदाने घने जंगलों के बीच स्थित हैं कोल ब्लॉक विकसित करने के लिए जंगल उजड़ेंगे। खदानों और रेल लाईन बनने से लोग भी विस्थापित होंगे। पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहुंचेगा। इसकी तुलना में रायल्टी काफी कम मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि इन रेल परियोजनाओं और कोल ब्लॉक विकसित करने से पर्यावरण को होने वाली क्षति, जन जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों, रोजगार के अवसरों, छत्तीसगढ़ को होने वाले लाभ और जनता के हित के बारे में अगले 15 दिनों में अधिकारियों की टीम बनाकर सर्वेक्षण किया जाए और एजेंडा तय कर बैठक आयोजित की जाए।

इन रेल योजनाओं का प्रेजेंटेशन
बैठक में ईस्ट रेल कारिडोर, ईस्ट वेस्ट रेल कारिडोर, दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना, डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-तखतपुर-रतनपुर-बेलतरा-कटघोरा रेल लाईन और खरसिया-नया रायपुर-दुर्ग रेल परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखें। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास और स्थानीय लोगों के हित में सुनिश्चित किया जाए।

नेताजी एक रात में पी गए मिनरल वाटर की पूरी पेटी, पढ़ें पूरा मामला

0

सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरे भाजपा सरकार के एक बड़े नेता रात में मिनरल वाटर की पूरी पेटी पी गए। इसका बिल जब एसडीएम कार्यालय पालमपुर में भुगतान के लिए पहुंचा तो अधिकारियों को खटक गया। अब इस बिल को दोबारा वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया गया है। बीते दिनों एक नेता सरकारी कार्यक्रम के लिए पालमपुर पहुंचे। वे शाम को सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरने के बाद सुबह चले गए। लेकिन उनके नाम पर कटा एक रात का मिनरल वाटर पेटी का बिल खटक रहा है।

हालांकि, बिल में नेता के साथ कई लोगों का डिनर और ब्रेकफास्ट भी दिखाया गया है। पालमपुर के रेस्ट हाउसों में तकरीबन अंदर रसोई से खाना और पानी दिया जाता है। पुख्ता सूत्रों की मानें तो विभाग की ओर से एसडीएम दफ्तर भेजे गए इस बिल को वापस विभाग के अधिकारियों ने वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया है। लिहाजा, बिल को लेकर एसडीएम कार्यालय ने भी चुप्पी साध ली है।

हनीट्रैप की आरोपी को लेकर पुलिस पहुंची भोपाल, फ्लैट देख रोई मोनिका

0
  • फ्लैट के बाहर पड़े थे उसकी कारगुजारियों से भरे अखबार

मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले हनीट्रैप कांड की आरोपियों में से एक मोनिका यादव को लेकर इंदौर पुलिस सोमवार की देर शाम भोपाल पहुंची. यहां पुलिस मोनिका को भोपाल बाइपास स्थित सागर लैंडमार्क सोसाइटी में ले गई, जहां फ्लैट नंबर 112 में मोनिका किराए पर रहती थी.

फ्लैट पर पहुंचते ही मोनिका रो पड़ी. हालांकि मौके पर मीडिया की मौजूदगी के कारण पुलिस ने फ्लैट का ताला नहीं खोला और मोनिका को लेकर वापस चली गई. फ्लैट के बाहर मोनिका की कारगुजारियों की खबरों से भरे अखबार रखे थे.

वह अखबार कभी पढ़ती होगी, लेकिन उसके घर के बाहर पड़े अखबारों के पन्ने अब उसकी ही गिरफ्तारी की खबर और कारगुजारियों पर एक के बाद एक हो रहे खुलासों से भरे पड़े हैं.

इंदौर पुलिस की टीम में शामिल शशिकांत चौरसिया ने बताया कि इस फ्लैट में मोनिका पिछले 4 महीने से रह रही थी. आरती दयाल ने मोनिका को रूम पार्टनर बनाया था. नौकरी और पैसे के लिए आरती ने लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए कहा था. मोनिका का फ्लैट उसकी गिरफ्तारी के बाद से बंद है. लेकिन फ्लैट के बाहर फूल पड़े थे. भगवान की पूजा के लिए जो फूल वह मंगवाती थी, वह रोज आ रहे हैं और सूख रहे हैं.

फ्लैट के बाहर मोनिका के और भी कई सामान रखे हैं, जो उसके गिरफ्तार होने के बाद से ही बंद पड़े फ्लैट के गेट पर वैसे ही रखे हुए हैं. पड़ोस में रहने वाले इस बात से हैरान हैं कि महज कुछ महीने पहले किराए पर रहने आई एक लड़की इतने बड़े हनीट्रैप कांड की आरोपियों में से एक है.

गौरतलब है कि हुस्न के जाल में फंसाकर नेताओं, मंत्रियों और बड़े उद्योगपतियों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का इंदौर पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. मोनिका यादव के साथ ही श्वेता जैन, आरती दयाल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है.

83 लाख मिली सैलरी, दस करोड़ से अधिक का बना लिया घर…

0

करोड़पति पूर्व डीएसपी के मामले में एंटी करप्शन की जांच में नए खुलासे हो रहे हैं। एंटी करप्शन के अनुसार नोएडा में तैनाती के दौरान वर्ष 2003 से लेकर 2017 तक डीएसपी को वेतन के रूप में सिर्फ 83 लाख रुपये मिले जबकि जिस कोठी में वह रह रहे हैं, उसकी ही कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा भी उनकी कई संपत्तियां हैं।

नोएडा प्राधिकरण के बहुचर्चित अफसरों में से एक हर्षवर्धन भदौरिया मूलरूप से इटावा के निवासी हैं। उन्होंने 30 मई 1981 को पुलिस में सबइंस्पेक्टर से अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। वर्ष 1997 में पहली बार उन्हें इंस्पेक्टर के रूप में प्राधिकरण में तैनाती मिली। उसके बाद कुछ समय के लिए वह इलाहबाद मुख्यालय में भी तैनात रहे, लेकिन उनका अधिकांश समय प्राधिकरण में ही बीता। प्राधिकरण में उनका खासा रसूख था, उन पर स्टोर परचेज ऑफिसर का भी चार्ज था। इस दौरान उन पर कई आरोप लगे। सत्ता परिवर्तन के बाद चार्ज हटते ही उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र देते हुए वीआरएस ले लिया था। उन पर लगे आरोपों की शासन ने जांच कराई थी और एंटी करप्शन की टीम ने उनकी आय से अधिक संपति के मामले में जांच कर चार माह पहले मुकदमा दर्ज कराया था और अब एंटी करप्शन की मेरठ यूनिट उनके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। एंटी करप्शन की जांच में अनेक अहम खुलासे हुए हैं। एंटी करप्शन के अनुसार 1 जनवरी 2003 से 29 मई 2017 तक करोड़पति डीएसपी की शुद्ध आय वेतन, भर्ती, एरियर की मिलाकर 83 लाख 23 हजार 24 रुपये थी, लेकिन इस बीच उन्होंने प्लॉट आदि खरीदने पर ही 10 करोड़ 63 लाख 76 हजार 352 रुपये खर्च किए हैं। इससे सीधे-सीधे 9 करोड़ 80 लाख 53 हजार 328 रुपये की सिर्फ संपत्ति ही अधिक मिली है।

सेक्टर 47 की जिस कोठी में वह रहते हैं, उसकी कीमत ही दस करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा भी कुछ अन्य संपत्तियां हैं। उन्होंने शानो-शौकत से रहने पर भी मोटा खर्चा किया है लेकिन इसका हिसाब देने में वह उलझ गए हैं। उनकी संपत्ति के संबंध में पूरा रिकॉर्ड एंटी करप्शन ने तैयार कर लिया है, जिसका चार्जशीट में भी उल्लेख है।

भ्रष्टाचार के मामले में यादव सिंह को भी पछाड़ा

एंटी करप्शन के अधिकारियों के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भदौरिया ने यादव सिंह को भी पीछे छोड़ दिया। यादव सिंह की संपति आय से 512 फीसदी ही अधिक मिली थी जबकि भदौरिया की संपति आय से 1178 फीसदी अधिक मिली है।

जानिए सेब से भी महंगा हुआ प्याज, यही रफ्तार रहा तो जल्द होगा 100 के पार…

0

प्याज एक बार फिर आम आदमी को रुलाने लगी है। हालात यह है कि यह सेब से भी महंगी हो गई है। औसत क्वालिटी का सेब खुदरा बाजार में 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम भी मिल रहा है, लेकिन एक किलोग्राम प्याज के लिए कम से कम 50 से 70 रुपये की कीमत चुकानी पड़ रही है। हालांकि अच्छी क्वालिटी का सेब 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक है।

दिल्ली की आजादपुर मंडी स्थि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) के एक सूत्र ने बताया कि सेब की कई वेरायटी है, जिसका थोक भाव बीते कुछ दिनों से 200 रुपये से लेकर 1,400 रुपये प्रति पेटी चल रहा है। एपीएमसी सूत्र ने बताया कि कश्मीरी सेब 200-900 रुपये प्रति पेटी (15 किलोग्राम) चल रहा है, जबकि शिमला से आने वाला सेब 600-1,400 रुपये प्रति पेटी (20 किलोग्राम) है।

चैंबर ऑफ आजादपुर फ्रूट एंड वेजिटेबल ट्रैडर्स के प्रेसिडेंट एमआर कृपलानी ने बताया कि शिमला से आने वाला सेब थोक में 30-60 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि कश्मीरी सेब 20-50 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है।

वहीं, आजादपुर मंडी के कारोबारी और ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजेंद्र शर्मा ने बताया कि आवक में सुधार होने से सोमवार को प्याज में थोड़ी नरमी आई, फिर भी थोक भाव 25-45 रुपये प्रति किलोग्राम था। उन्होंने बताया कि दो कारोबारी सत्रों को मिलाकर सोमवार को आजादुर में प्याज की कुल आवक 150 ट्रक हो गई, जिसके कारण दाम तकरीब 2.50 रुपये प्रति किलो नरम हो गया है।

वहीं, एपीएमसी की वेबसाइट पर सोमवार को प्याज का भाव 22.50-42.50 रुपये प्रति किलोग्राम था और आवक का आंकड़ा 1,370.9 टन दर्ज की गई। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में हुई भारी बारिश के कारण नई फसल खराब होने और उसकी आवक में विलंब होने की आशंकाओं से प्याज की आवक अभी भी खपत के मुकाबले कम है, जबकि ऊंचे भाव के कारण खपत में कमी आई है।

पिछले सप्ताह प्याज की आवक घटने से इसका थोक भाव 50 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊंचा हो गया था, जबकि दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न बाजारों में प्याज का खुदरा भाव करीब 75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया था।

पहले कारोबारियों का कहना था कि दिवाली तक प्याज की कीमत 90 रुपए किलो तक पहुंच सकती है। लेकिन अब व्यापारियों का कहना है कि अब ये कीमत 100 रुपए से लेकर 110 रुपए तक जा सकती है।

हालांकि, भारी बारिश की वजह से प्याज की आवक घटने और कीमतों में तेजी से निपटने के लिए केंद्र सरकार प्याज की आवक की कमी से निपटने की तैयारी कर रही है। खबरों की माने तो सरकार अब प्याज का आयात कर रही है। केंद्र सरकार पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से प्याज आयात कर रही है। आने वाले कुछ दिन में प्याज का स्टॉक भारत में आ जाएगा। इजिप्ट से भारत में प्याज आयात किया जाएगा जोकि 15 अक्टूबर तक यहां पहुंच जाएगा।

आखिरकार सलमान खान ने तोड़ी चुप्पी रानू मंडल को 55 लाख का घर गिफ्ट करने पर, दिया ये बयान…

0

 कभी रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना गुजारा करने वाली रानू मंडल आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। अपने एक गाने की वजह से नई सिंगिंग सेंसेशन बनकर उभरी रानू मंडल ने अब फिल्मों में भी एंट्री कर ली है। रानू को सिंगर और कंपोजर हिमेश रेशमिया ने जबसे अपनी फिल्म में गाना गाने का मौका दिया है, उनसे जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं। कुछ दिनों पहले ही एक ऐसी खबर सामने आई थी जिसमें बताया जा रहा था कि बॉलीवुड के ‘चुलबुल पांडे’ यानी सलमान खान ने रानू मंडल को 55 लाख का घर गिफ्ट किया है। आइए जानते हैं कि खुद सलमान इसपर क्या कहते हैं।सलमान खान
ये खबर झूठी है, सलमान का जवाब

रानू मंडल को 55 लाख रु का फ्लैट दिए जाने की बात हर किसी की जुबान पर थी। हालांकि, रानू मंडल के मैनेजर ने इन खबरों को खारिज किया था। वहीं, अब सलमान खान के खुद बताया कि उन्होंने रानू मंडल को कुछ भी गिफ्ट नहीं दिया है। सलमान खान से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘ ये खबर झूठी है। मैंने भी ये खबर सुनी है। जब मैंने कुछ किया ही नहीं तो इस बात का क्रेडिट नहीं ले सकता हूं, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है।’ बता दें कि सलमान अपनी अगली फिल्म ‘दबंग-3’ में नजर आने वाले हैं, जिसके निर्देशक प्रभु देवा हैं।

रानू मंडल
रानू मंडल ने भी किया था इनकार

इसके पहले खुद रानू मंडल ने सलमान द्वारा 55 लाख का फ्लैट दिए जाने की खबरों का खंडन किया था। रानू मंडल ने कहा था, ‘जी नहीं, क्योंकि अगर वो मुझे घर देते तो सबके सामने मुझे पेश करते। वो बोलते कि हां मैंने रानू मंडल को घर दिया है या फिर फ्रेंड्स को घर दिया। मतलब कुछ तो बोलकर ऐलान करते ना। जब तक नहीं होता है, यह सोचना तो ठीक नहीं होगा ना।’

रानू मंडल
रानू मंडल ने नहीं मांगी थी मदद

वहीं, रानू मंडल से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने फिल्मों में गाना गाने के लिए सलमान से कोई मदद मांगी थी? इस पर उन्होंने जवाब दिया था, ‘जी नहीं, मैंने किसी को नहीं बोला तो उनको (सलमान खान) बोलना तो दूर की बात है, मैंने हिमेश रेशमिया से भी नहीं कहा था। उन्होंने मुझे ‘सुपरस्टार सिंगर’ में गाते हुए सुना, फिर मुझे गाने का मौका दिया। मैं उनका शुक्रिया अदा करती हूं क्योंकि वो भगवान के रूप में मुझे मिले।’

रानू मंडल
रानू मंडल ने हिमेश की फिल्म में गाना गाया है

बता दें कि रानू मंडल का गाना ‘तेरी मेरी कहानी’ रिलीज होने के साथ ही तेजी से वायरल हुआ है। उनका ये गाना हिमेश रेशमिया की फिल्म ‘हैप्पी हार्डी एंड हीर’ का है, जिसमें उनके साथ हिमेश ने भी आवाज दी है। गाना रिलीज के साथ ही यू-ट्यूब पर टॉप ट्रेंडिंग में शामिल हो गया। यही नहीं इस गाने की रिलीज के दौरान रानू मंडल ने फिल्म में पहली बार गाने का ऑफर मिलने पर हिमेश रेशमिया को बधाई दी।

पीएम मोदी के खिलाफ पर्चा भरने वाले तेज बहादुर सीएम खट्टर को करनाल से देंगे चुनौती, किया ऐलान..

0

 वीडियो बनाकर खराब खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। तेज बहादुर अबकी हरियाणा में होने वाले चुनाव से जुड़े एक ऐलान को लेकर चर्चा में है। तेज बहादुर ने ऐलान किया है कि वे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। बता दें कि हरियाणा की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होना है।तेज बहादुर यादव
खट्टर के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे तेज बहादुर

तेज बहादुर ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस बार होने जा रहे हरियाणा चुनाव में 75 पार का नारा दे रही है लेकिन आप 75 के आगे माइनस लगा दीजिए। तेज बहादुर ने ऐलान किया कि वो इस बार हरियाणा में होने वाले चुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के खिलाफ करनाल से चुनाव लड़ेंगे।

करनाल
पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से रद्द हो गया था नामांकन

बीएसएफ के इस पूर्व जवान ने मनोहरलाल खट्टर पर निशाना साधा और कहा कि वे सहायक राष्ट्रवाद की बात करते हैं वो एक भी ऐसी चीज बता दें जो उन्होंने देशहित में की हो। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीएसएफ से बर्खास्त किए गए जवान तेज बहादुर यादव ने पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से पर्चा भरा था। उनके पर्चा दाखिल करने के बाद ही समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था। जबकि दूसरे दिन ही उनको चुनाव आयोग से नोटिस मिल गया।

बीएसएफ
बीएसएफ से हो चुके हैं बर्खास्त

इसमें तेज बहादुर से अपनी उम्मीदवारी के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लाने के लिए कहा गया था। डॉक्यूमेंट पूरे ना होने के कारण और उनके द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट ना होने पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया था। वाराणसी से नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था और इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले में उचित निर्णय लेने का आदेश देते हुये इस याचिका को निस्तारित कर दिया था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच की और तेज बहादुर के सभी आरोपों को निराधार बताया था।

कपल को एयर इंडिया फ्लाइट में परोसा नॉन-वेज, अब भरना पड़ेगा 40 हजार का जुर्माना

0

 पंजाब राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एयर इंडिया को मोहाली के रहने वाले दंपति को शाकाहारी भोजन के बदले मांसाहारी भोजन परोसने के जुर्माने के रूप में 40 हजार रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। एयरलाइन को पहले जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा 10,000 रुपये का जुर्माना देने के लिए कहा गया था। हालांकि, राज्य उपभोक्ता आयोग ने चार गुना जुर्माना बढ़ाया और उपभोक्ता को कानूनी खर्च के रूप में सात हजार और देने का निर्देश दिया है।क्या थी शिकायत?
टिकट में दी थी शाकाहारी होने की जानकारी

मोहाली के सेक्टर 121 के रहने वाले चंद्र मोहन पाठक ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने 17 जून, 2016 को नई दिल्ली से शिकागो के लिए दो टिकट बुक किया था, जिसमें 14 नवंबर, 2016 को शिकागो से नई दिल्ली के लिए वापसी का भी टिकट बुक किया गया था। पाठक ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से टिकट में उल्लेख किया था कि वह और उनकी पत्नी शाकाहारी है।

खाने में दिया नॉन-वेज
पैकेट पर नहीं था कोई निशान

पीड़ित ने बताया कि वापसी की यात्रा के दौरान उन्हें नॉन-वेज खाना परोसा गया जिसके बाद उन्होंने केबिन क्रू के सामने तुरंत मामला उठाया क्योंकि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच अंतर करने के लिए पैकेट पर कोई भी प्रतीक नहीं था।

नहीं मिली शिकायत पुस्तिका
उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत

पाठक ने आरोप लगाया कि वह तुरंत एक लिखित शिकायत दर्ज करना चाहते थे, लेकिन उन्हें शिकायत पुस्तिका नहीं दी गई जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, जिला उपभोक्ता फोरम ने मुआवजे और कानूनी खर्चों के रूप में 7,000 रुपये देने के अलावा एयर इंडिया पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में एयरलाइन ने इस फैसले को चुनौती दी थी।

‘धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाया’
‘एयरलाइंस ने भगवान की नजर में पाप किया’

‘एयरलाइंस ने भगवान की नजर में पाप किया’
एयरलाइन को फटकार लगाते हुए, राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि शाकाहारी यात्रियों को मांसाहारी भोजन परोसा जाना न केवल इसकी सेवाओं में ही खामियां नजर नहीं आईं बल्कि भगवान की नजर में पाप भी था। उपभोक्ता आयोग ने कहा, “एयरलाइनर ने ऐसा कर के यात्री की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है।” इस बीच आयोग ने कहा है कि एयरलाइन को आदेशों की एक प्रति प्राप्त करने के बाद 30 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा करना होगा।

रायपुर में हरी सब्जियों का भाव हुआ दोगुना, मार्केट में इतने रुपए किलो बिक रही गोभी जानिए…

0

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में सब्जियों (Vegetables) के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं. हरी सब्जियों के रेट जानकार आप भी दंग रह जाएंगे. राजधानी में प्याज (Onion Price) की कीमतों में तो आग लगी ही हुई थी और अब मौसम की मार सब्जियों पर भी पड़ गई है. मार्केट में प्याज 70 रुपए, तो वहीं गोभी 100 रुपए किलो बिक रही है. बताया जा रहा है कि आवक कम होने की वजह से प्याज तो महंगा बिक ही रहा है, साथ ही बाकी सब्जियों के दाम भी दोगुने हो गए हैं. बाढ़ की वजह से प्याज निर्यात (Export) करने वाले राज्यों पर बड़ा असर पड़ा है. साथ ही अन्य राज्यों से आने वाली सब्जियों की आवक कम होने के कारण दाम में इजाफा हो रहा है, जिसके फिलहाल कम होने की संभावना कम ही बताई जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, लगातार बढ़ रही कीमतों की वजह से रसोई में प्याज का तड़का तो कम पड़ ही रहा है, साथ ही थालियों से सब्जी भी कम होती जा रही है. बता दें कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और दक्षिण के राज्यों में आई बाढ़ से काफी फसलें खराब हो गई है. इस वजह से में प्याज की सप्लाई कम हुई है. वहीं मौसम की मार का असर बाकी सब्जियों पर भी पड़ा है. मार्केट में गोभी 100, मटर 200 और लहसुन 160 रुपए किलो मिल रहा है. बाकी सब्जियों का भी यही हाल है, जिसने लोगों के घरों का बजट बिगाड़ दिया है.

फूल गोभी – 100 रुपए प्रति किलो लहसुन – 160 रुपए प्रति किलो

शिमला मिर्च – 100 रुपए प्रति किलो

अदरक – 120 रुपए . प्रति किलो करेला – 80 रुपए प्रति किलो

मुनगा (शहजन) – 80 रुपए प्रति किलो

बंदगोभी – 46 रुपए किलो

बैंगन – 50 रुपए किलो

करेला – 70 रुपए किलो

खीरा – 60 रुपए प्रति किलो

मूली – 60 रुपए प्रति किलो

परवल – 55 रुपए प्रति किलो

व्यापारियों ने कही ये बात

इधर, मार्केट में जो प्याज कल तक 50 से 60 रुपए किलो बिक रही थी उसकी कीमत अब 70 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है. व्यापारियों का कहना है कि इस वक्त लोकल प्याज की सप्लाई नहीं हो रही है. प्याज के सप्लाई के लिए नासिक हम नासिक के ही भरोसे है. लेकिन इस साल वहां भी बारिश की वजह से फसल कम हुई है. इस वजह से कीमतें और बढ़ेंगी. व्यापारियों का कहना है कि मार्केट में लोकल प्याज आने तक कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहेंगी.