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वर्षाकाल में आकाशीय बिजली से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने जारी की जन-जागरूकता अपील….

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वर्षाकाल में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की अत्यधिक संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आमजन से सतर्कता बरतने एवं सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन करने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, जिससे थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जनहानि एवं गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। मौसम खराब होने, बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति में नागरिकों को खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय, पेड़ के नीचे तथा ऊँचे स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन अथवा बंद चारपहिया वाहन में सुरक्षित आश्रय लेना चाहिए।

बिजली कड़कने के दौरान नदी, तालाब अथवा अन्य जल स्रोतों से दूर रहें तथा धातु के कृषि उपकरण, लोहे की रॉड, तार अथवा अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर न रहें। साथ ही, मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करें।

यदि कोई व्यक्ति खुले में फँस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए, सिर नीचे रखें तथा अन्य लोगों से कुछ दूरी बनाए रखें। इससे आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम किया जा सकता है।

यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो घबराएँ नहीं। प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ तथा 108 एम्बुलेंस सेवा अथवा निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से तुरंत संपर्क करें तथा तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं।

यदि व्यक्ति श्वास नहीं ले रहा हो अथवा नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर (CPR) प्रारंभ किया जा सकता है तथा शीघ्र अस्पताल पहुँचाना चाहिए।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान स्वयं सुरक्षित रहें, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें।

“जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएँ। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”

” जुलाई 2026 में महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों की सूची” जुलाई 2026 का धार्मिक महत्व…”

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जुलाई 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने कई प्रमुख तीज-त्योहार मनाए जाएंगे। इसलिए, इन व्रतों और त्योहारों की तिथियों को पहले से ही नोट कर लेना उचित होगा।

इस बार जुलाई में देवशयनी एकादशी, जगन्नाथ यात्रा और सावन की शुरुआत भी होगी। पूरे महीने में हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई त्योहार मनाया जाएगा। इसके अलावा, इस महीने गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाएगी। इस लेख में हम आपको जुलाई महीने में आने वाले व्रत-त्योहारों की जानकारी देंगे।

व्रत और त्योहारों की तिथियाँ” व्रत त्योहारों की लिस्ट “

  • -03 जुलाई 2026 – संकष्टी गणेश चतुर्थी, संत थॉमस डे
  • -10 जुलाई 2026 – योगिनी एकादशी
  • -12 जुलाई 2026 – रोहिणी व्रत, मास शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
  • -14 जुलाई 2026 – भौमवती अमावस्या
  • -15 जुलाई 2026 – गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
  • -16 जुलाई 2026 – मुहर्रम समाप्त, पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा
  • -17 जुलाई 2026 – वरद चतुर्थी
  • -19 जुलाई 2026 – कौमार षष्ठी
  • -25 जुलाई 2026 – देवशयनी एकादशी
  • -26 जुलाई 2026 – जाया पार्वती व्रत, प्रदोष व्रत
  • -29 जुलाई 2026 – गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा
  • -30 जुलाई 2026 – कांवड़ यात्रा प्रारंभ

योगिनी एकादशी का विवरण” योगिनी एकादशी डेट और टाइम

योगिनी एकादशी का व्रत शुक्रवार, 10 जुलाई को होगा। इसका पारण 11 जुलाई को दोपहर 1:50 बजे से शाम 4:36 बजे के बीच किया जा सकता है। जो लोग गौण योगिनी एकादशी का पालन करते हैं, वे 11 जुलाई, शनिवार को भी यह व्रत रख सकते हैं।

देवशयनी एकादशी का विवरण” देवशयनी एकादशी डेट और टाइम

जुलाई में देवशयनी एकादशी 25 तारीख को मनाई जाएगी। इसकी तिथि 24 जुलाई को सुबह 9:12 बजे से शुरू होगी और 25 जुलाई को सुबह 11:34 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, एकादशी का व्रत शनिवार को रखा जाएगा और इसका पारण 26 जुलाई, रविवार को सुबह 5:39 बजे से 8:22 बजे के बीच किया जा सकता है।

गुरु पूर्णिमा का विवरण” गुरु पूर्णिमा डेट और टाइम

आषाढ़ महीने में आने वाली पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा। पूर्णिमा की शुरुआत 28 जुलाई, मंगलवार को शाम 6:18 बजे होगी और बुधवार को रात 8:05 बजे समाप्त होगी। पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय रात 7:21 बजे होगा।

मानसून का आगमन: 26 राज्यों में बारिश की संभावना…

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समझें, मानसून ट्रफ क्या होती है?

नई दिल्ली। मंगलवार दोपहर तक, मानसून ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर लिया है। अब तक यह देश के 26 राज्यों को कवर कर चुका है। इससे पहले, 24 जून को यह मध्य प्रदेश और गुजरात में पहुंचा था, लेकिन इसके बाद यह छह दिन तक रुका रहा, जिससे कई क्षेत्रों में गर्मी और उमस बनी रही। दिल्ली और उत्तर भारत के लिए राहत की खबर है। सैटेलाइट इमेज में लगभग 1,500 किमी लंबी मानसून ट्रफ (कम दबाव की पट्टी) बनती हुई दिखाई दे रही है, जो उत्तरी बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ट्रफ बन चुकी है, लेकिन यह अभी हिमालय की तलहटी के करीब स्थित है। यह ट्रफ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ेगी और 1 से 4 जुलाई के बीच उत्तर भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की संभावना है।

 

” भारत की कृषि स्थिति” क्या इसका वैश्विक व्यापार में भी समान योगदान है?

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भारत कृषि उत्पादन के मामले में विश्व के प्रमुख देशों में से एक है, लेकिन क्या इसका वैश्विक व्यापार में भी समान योगदान है? आंकड़े इस बात का समर्थन नहीं करते। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के अनुसार, भारत के कुल कार्यबल का 43.0% कृषि और उससे संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार, वैश्विक कृषि निर्यात में भारत की हिस्सेदारी केवल 2.2% है। जबकि देश में खाद्यान्न और बागवानी उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, भारत अभी तक ‘सुपरपावर’ नहीं बन सका है। यह स्थिति भारत की कृषि क्षमता और उसके वैश्विक प्रदर्शन के बीच एक बड़ा अंतर दर्शाती है.

भारत की कृषि उत्पादन में प्रगति

भारत में कृषि उत्पादन की स्थिति संतोषजनक है। 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 3,577 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष से 254 लाख टन अधिक है। बागवानी उत्पादन भी 362-367 मिलियन टन तक पहुंच गया है। चीन की कृषि अर्थव्यवस्था लगभग 1270 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि भारत की कृषि अर्थव्यवस्था 639 अरब अमेरिकी डॉलर है.

भारत की ताकतें

भारत प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक है और सब्जियों, फलों और आलू के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे सहायक क्षेत्रों में भी भारत ने प्रगति की है। कुल कृषि और संबंधित क्षेत्रों की वृद्धि दर औसतन 4.4% रही है। हालांकि, वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत नहीं है। वित्त वर्ष 2025 में कृषि और खाद्य निर्यात लगभग 49.43 अरब डॉलर रहा, जो कुल निर्यात का केवल 11.2% है.

भारत की चुनौतियाँ

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार, कई प्रमुख फसलों की उपज अभी भी वैश्विक औसत से कम है। छोटे और बिखरे खेत, भंडारण और कोल्ड चेन की कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान, उत्पादन की गुणवत्ता, बीजों और उर्वरकों तक सीमित पहुंच और असमान सिंचाई सुविधाएं कुछ प्रमुख बाधाएं हैं, जिनका सामना भारत कर रहा है.

निर्यात की स्थिति

  • संयुक्त राज्य अमेरिका: 172.36 बिलियन डॉलर
  • ब्राजील: 141.89 बिलियन डॉलर
  • नीदरलैंड: 133.90 बिलियन डॉलर
  • जर्मनी: 102.21 बिलियन डॉलर
  • चीन: 84.33 बिलियन डॉलर
  • फ्रांस: 83.45 बिलियन डॉलर
  • स्पेन: 74.30 बिलियन डॉलर
  • इटली: 70.53 बिलियन डॉलर
  • कनाडा: 65.30 बिलियन डॉलर
  • बेल्जियम: 62.42 बिलियन डॉलर
  • पोलैंड: 53.84 बिलियन डॉलर
  • इंडोनेशिया: 49.86 बिलियन डॉलर
  • मेक्सिको: 49.45 बिलियन डॉलर
  • ऑस्ट्रेलिया: 46.13 बिलियन डॉलर
  • थाईलैंड: 45.32 बिलियन डॉलर

भारत इस सूची में 15वें स्थान पर है। ये आंकड़े ‘फूड एंड एंग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस’ पर आधारित हैं.

मिट्टी की सेहत पर चिंता

भारत में रसायनों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के कारण मिट्टी की सेहत बिगड़ रही है। फसलों के विकास के लिए आवश्यक तीन तत्वों का आदर्श अनुपात 4:2:1 होना चाहिए, लेकिन यह अब बिगड़कर 10.9:4 हो गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यूरिया सब्सिडी के कारण नाइट्रोजन का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है.

सरकार की पहल

सरकार ने पीएम किसान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं शुरू की हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1.5 गुना लागत पर तय करने, सूक्ष्म सिंचाई और मृदा की सेहत पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, लेकिन इन योजनाओं का बड़े स्तर पर कार्यान्वयन अभी भी बाकी है.

निर्यात में बाधाएं

  • घरेलू सुरक्षा: भारत की प्राथमिकता अपनी जरूरतों को पूरा करना है, जिसके कारण निर्यात पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • कमजोर प्रॉसेसिंग: भारत कच्चे माल का निर्यात करता है, लेकिन पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में पीछे है।
  • वैश्विक मानकों में चूक: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार भारत की खेती कीटनाशक और उर्वरक पर निर्भर है।
  • खराब कोल्ड स्टोरेज: भारत में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की कमी है, जिससे उत्पादों का रखरखाव महंगा हो जाता है।

आंकड़ों में पिछड़ना

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, 2000 में भारत की वैश्विक कृषि साझेदारी 1.1% थी, जो 24 साल बाद केवल 2.2% तक पहुंची है। 2020 में 34.5 बिलियन डॉलर से 2025 में 51.1 बिलियन डॉलर के बीच निर्यात बढ़ा है, लेकिन 2023 से 2025 तक भारत का कृषि निर्यात स्थिर रहा है।

अमेरिका और भारत के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी…

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भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग

अमेरिका और भारत के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में बढ़ते विश्वास का संकेत देते हुए कहा है कि लंबे समय से प्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है।

दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रक्षा निर्माण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।

अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) की लीडरशिप समिट में इस पर सहमति बनी, जहां दोनों सरकारों के प्रतिनिधियों, विधायकों और व्यापारिक नेताओं ने बताया कि यह संबंध तकनीकी, निवेश और साझा रणनीतिक हितों से प्रेरित होकर एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

भारत में अमेरिका के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि भारत का आर्थिक परिवर्तन इसे वैश्विक विकास, स्थिरता और विश्वसनीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण आधार बना रहा है। उन्होंने कहा कि निरंतर सुधार, मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि और उच्च तकनीक में निवेश ने भारत को इस दशक के अंत तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर किया है।”

क्वात्रा ने बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीक को भारत-अमेरिका सहयोग के अगले क्षेत्रों के रूप में पहचाना और कहा कि 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य आपूर्ति श्रृंखला, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और कुशल प्रतिभा के करीबी एकीकरण पर निर्भर करेगा।”

समिट में चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर विशेष चर्चा हुई। अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा और पर्यावरण के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने भारत को इंजीनियरिंग प्रतिभा में एकमात्र ऐसा देश बताया जो वास्तव में चीन को चुनौती दे सकता है और इसे विश्वसनीय तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक साझेदार बताया।”

हेलबर्ग ने कहा कि वाशिंगटन चीन से आगे निकलने के लिए आवश्यक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाना चाहता है और भारत के साथ मिलकर एक साझा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की योजना बना रहा है।”

यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि अमेरिकी कंपनियां धीरे-धीरे चीन पर निर्भरता कम कर रही हैं और भारत में मैन्युफैक्चरिंग और अनुसंधान संचालन को बढ़ा रही हैं।”

समिट में नई दिल्ली के साथ करीबी संबंधों के लिए वाशिंगटन में दोनों पक्षों के समर्थन पर भी जोर दिया गया। रिपब्लिकन सीनेटर स्टीव डेन्स ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर एकमात्र ऐसा संयोजन हैं जो नवाचार में चीन के स्तर की बराबरी कर सकते हैं।”

डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने भारत को अमेरिका के शीर्ष दो या तीन रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रो खन्ना ने कहा कि यह संबंध अंततः साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ बढ़ते रक्षा और आर्थिक सहयोग पर आधारित होना चाहिए।”

पूर्व अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर ने मौजूदा संबंधों को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए लोगों के बीच के जुड़ाव को ‘गुप्त सामग्री’ बताया, जिसने दशकों तक दोनों देशों के संबंधों को बनाए रखा। उन्होंने यूएसआईएसपीएफ की यादगार कॉफी टेबल बुक, ‘हम लोग: 250 आवाजें जिन्होंने यूएस-भारत संबंधों को आकार दिया’ का भी विमोचन किया।”

बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि भारत-अमेरिका के संबंध अब पारंपरिक कूटनीति और रक्षा पर ध्यान केंद्रित करने से आगे बढ़ चुके हैं। अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं ने बार-बार तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश को संबंध के अगले चरण की प्राथमिकता बताया।”

पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर भेंट किए अनोखे उपहार…

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प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के बाद सोमवार को भारत लौटे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने राष्ट्रपति, स्पीकर और उपराष्ट्रपति को विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों में भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली।

राष्ट्रपति को भेंट किया गया कछुआ

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को मुरादाबाद के शिल्पकारों द्वारा निर्मित एक कलात्मक कछुआ भेंट किया गया। यह कछुआ भारत की हस्तशिल्प परंपरा का प्रतीक है और इसे ज्ञान, स्थिरता और दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है। यह उपहार सेशेल्स के एल्डाब्रा जायंट टॉर्टॉइज से भी जुड़ता है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता और प्रकृति संरक्षण के मूल्यों को दर्शाता है।

स्पीकर को मिली टोडा कढ़ाई वाली शॉल

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा को टोडा जनजाति की पारंपरिक कढ़ाई से बनी शॉल भेंट की। यह शॉल सफेद कपड़े पर लाल और काले डिजाइनों से सुसज्जित है, जो टोडा समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।

उपराष्ट्रपति को दी गई ऑर्किड पेंटिंग

सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई को सिक्किम की ऑर्किड पेंटिंग भेंट की गई। इस चित्रकला में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को ऑर्किड के फूलों के बीच दर्शाया गया है, जो दोनों देशों की जैव विविधता और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक है।

प्रथम महिला को भेंट किए गए उपहार

राष्ट्रपति हर्मिनी की पत्नी वेरोनिक हर्मिनी को पीएम मोदी ने महेश्वरी सिल्क स्टोल और बिदरी शिल्प का बॉक्स भेंट किया। महेश्वरी स्टोल हल्के वजन और आकर्षक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि बिदरी बॉक्स भारतीय धातुकला की अनूठी परंपरा का उदाहरण है।

कांचीवरम सिल्क का उपहार

प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति की पत्नी लीना पिल्लई को कांचीवरम सिल्क फैब्रिक भेंट किया। यह रेशमी वस्त्र अपनी चमक और जरी के बारीक काम के लिए जाना जाता है, जो भारतीय वस्त्र कला की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।

INDIA गठबंधन की नई बैठक” INDIA गठबंधन में DMK और AAP की वापसी” CJI को लिखा गया पत्र…”

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23 जून को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) की पिछली बैठक में 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़कम (DMK) ने उस बैठक से दूरी बनाई थी।

अब, ये दोनों दल फिर से INDIA गठबंधन के साथ नजर आ रहे हैं। इस गठबंधन ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव से संबंधित मुद्दों पर एक पत्र भेजा है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पत्र पर DMK और AAP ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जो दर्शाता है कि ये दल चाहकर भी गठबंधन से अलग नहीं हो पा रहे हैं।

पत्र की जानकारी

इस पत्र में क्या लिखा गया है और CJI से क्या मांग की गई है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। केवल इतना बताया गया है कि यह SIR और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि CJI को पत्र लिखने का निर्णय 8 जून को हुई बैठक में लिया गया था, जिसमें 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक निर्दलीय सदस्य भी शामिल थे। अब इस संयुक्त पत्र पर कुल 23 दलों ने हस्ताक्षर किए हैं और इसे आज CJI को भेजा जाएगा.

DMK और AAP का समर्थन

जयराम रमेश के X पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है कि ‘INDIA की ओर अच्छी शुरुआत हुई है और इस बार CJI को लिखी गई चिट्ठी पर AAP और DMK ने भी दस्तखत किए हैं।’ इसका अर्थ है कि भले ही ये दोनों दल खुद को INDIA से अलग बता रहे हों, लेकिन मुद्दों के आधार पर वे एकजुट हैं.

DMK की प्रतिक्रिया

DMK के प्रवक्ता सर्वनन अन्नादुराई ने कहा कि ‘DMK ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं क्योंकि SIR की प्रक्रिया एकतरफा है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और लोगों को वोटिंग प्रक्रिया से बाहर करती है। लोकतंत्र का आधार यूनिवर्सल अडल्ट फ्रैंचाइज है, लेकिन SIR के माध्यम से मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। हमने इसके दुष्परिणाम बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में देखे हैं। इसलिए हमने इस पर हस्ताक्षर किए हैं कि SIR जैसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।’

AAP और DMK का गठबंधन

आम आदमी पार्टी (AAP) ने लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह घोषणा की थी कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं, तमिलनाडु में चुनाव परिणामों के तुरंत बाद DMK और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया। DMK अब कांग्रेस से नाराज है और उसने लोकसभा में अपने सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठाने की व्यवस्था कर ली है। फिर भी, दोनों दलों का इस पत्र पर हस्ताक्षर करना यह दर्शाता है कि अभी भी कुछ उम्मीद बाकी है और भविष्य में इन दलों के साथ रहने की संभावना बनी हुई है.

” आषाढ़ मास 2026: धार्मिक महत्व और पूजा विधियाँ, आषाढ़ मास का महत्व…”

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षाढ़ मास 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास 30 जून 2026 से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक रहेगा। इस महीने को साधना, उपासना और इच्छाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस माह में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा (16 जुलाई), गुप्त नवरात्रि, और गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। इस पावन समय में भगवान श्री विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। आइए, आषाढ़ मास से जुड़ी पूजा, दान, नियम और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।

आषाढ़ मास में क्या करें

यह पावन मास भगवान श्रीविष्णु की पूजा के साथ स्नान-दान और उपवास के लिए अत्यधिक फलदायी माना गया है।

सूर्य पूजा और अर्घ्य:
नियमित रूप से सूर्योदय से पहले उठकर तांबे के लोटे में जल, अक्षत और लाल फूल डालकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें। इससे आत्मबल में वृद्धि होती है।

विष्णु साधना:
प्रतिदिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा इस महीने विशेष फलदायी होती है।

विशेष दान और आहार

विशेष चीजों का दान:
आषाढ़ में खड़ाऊं (चप्पल-जूते), छाता, नमक, आँवला, वस्त्र और जल से भरे घड़े का दान करने से कुंडली के बड़े से बड़े ग्रह दोष शांत होते हैं।

आहार में बदलाव:
सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भोजन में सौंफ, हींग और नींबू का इस्तेमाल बढ़ाएं।

परहेज करें:
तामसिक और गरिष्ठ भोजन से बचें। संक्रमण से बचने के लिए लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, बैंगन और मसूर की दाल खाने से परहेज करें।

“महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव ” ” जुलाई में लागू होने वाले नए नियम…”

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जुलाई के महीने की शुरुआत के साथ, देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन परिवर्तनों का सीधा प्रभाव आम जनता की दैनिक जीवन और खर्चों पर पड़ सकता है। एलपीजी सिलेंडर, आधार कार्ड, रेलवे, क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, कारों की कीमतें और पेट्रोल-डीजल जैसे कई क्षेत्रों में नए नियम लागू होने की संभावना है। इसलिए, इन परिवर्तनों की जानकारी पहले से रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

एलपीजी कनेक्शन के नियमों में सख्ती

सरकार ने उन उपभोक्ताओं को पहले ही सूचित कर दिया था जिनके पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को एक कनेक्शन सरेंडर करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया था। अब 1 जुलाई से इस नियम का प्रभाव दिख सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों ने अभी तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें गैस सिलेंडर की बुकिंग या आपूर्ति में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, सरकार कुछ मामलों में राहत भी दे सकती है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद

हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ था, जिससे गैस की कीमतों पर असर पड़ा। अब जब क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो रही है, तो उम्मीद की जा रही है कि सरकार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुछ राहत दे सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय तेल कंपनियों और सरकार की समीक्षा के बाद ही होगा।

आधार कार्ड अपडेट करना होगा सरल

जुलाई से आधार कार्ड से संबंधित एक नई सुविधा शुरू होने जा रही है। यदि किसी व्यक्ति को अपने आधार में ईमेल आईडी अपडेट करनी है, तो वह अब आधार ऐप के माध्यम से यह कार्य मुफ्त में कर सकेगा। पहले इस सेवा के लिए शुल्क देना पड़ता था, जिससे लाखों आधार धारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

रेलवे में बिना टिकट यात्रा पर सख्ती

भारतीय रेलवे भी जुलाई से कुछ नए नियम लागू करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने वालों पर जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नए प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।

ITR भरने की अंतिम तिथि का ध्यान रखें

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। यदि समय पर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो जुर्माना देना पड़ सकता है और कुछ टैक्स संबंधी सुविधाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।

पासपोर्ट बनवाना हो सकता है महंगा

यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले से अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणी के पासपोर्ट के सेवा शुल्क में संशोधन किया है, जो जुलाई से लागू हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव

एसबीआई कार्ड अपने कुछ विशेष क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स के नियमों में बदलाव कर रहा है। अब कई प्रकार के लेनदेन पर पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। वहीं, एचडीएफसी बैंक ने एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए खर्च की नई शर्तें लागू की हैं। निर्धारित सीमा तक खर्च करने वाले ग्राहकों को ही मुफ्त सुविधा का लाभ मिलेगा।

कार खरीदना हो सकता है महंगा

ऑटोमोबाइल कंपनियां भी जुलाई से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। किआ मोटर्स ने अपनी कारों की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत तक वृद्धि का संकेत दिया है। वहीं, टाटा मोटर्स भी अपने पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है।

पेट्रोल-डीजल खरीदने के नियमों में बदलाव

सरकार ने बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर लागू कुछ अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए हैं। अब परिवहन कंपनियां, उद्योग और अन्य व्यावसायिक संस्थान पहले की तरह खुदरा पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के अनुसार पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे। इससे ईंधन की उपलब्धता पहले से अधिक आसान हो सकती है।

दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी की संभावना

राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी लागू होने की संभावना है। इस योजना के तहत सरकार आने वाले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। नई नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है।

“मुंबई में बारिश का कहर” आईएमडी ने जारी किया अलर्ट”

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महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और नवी मुंबई में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा है।

अंधेरी, मलाड, मुलुंड और नवी मुंबई के एपीएमसी मार्केट जैसे स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिसके कारण प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला है।

आईएमडी का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, बुधवार से शुक्रवार तक शहर में कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

अलर्ट का क्षेत्र

आईएमडी ने पालघर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अत्यधिक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। रायगढ़ जिले में अगले पांच दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।

सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई तेज बारिश ने मुंबई के उपनगरों में सबसे अधिक प्रभाव डाला। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, मुलुंड के वीणा नगर में 160.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि वर्सोवा में 156.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा, मंखुर्द, पवई, मुलुंड और अंधेरी के कई क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

स्थिति का आकलन

बारिश के कारण मुलुंड की एलबीएस रोड, अंधेरी सबवे और अन्य निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। नवी मुंबई में भी एपीएमसी मार्केट और हाईवे के कुछ हिस्सों में पानी भरने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बीएमसी और स्थानीय प्रशासन जलनिकासी और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।