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CAFE III नियमों पर ऑटो कंपनियों की सहमति: अब बदलेगा भारत का फ्यूल एफिशिएंसी गेम, जानें पूरी डिटेल्स’

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CAFE III Norms India: भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है. CAFE III यानी Corporate Average Fuel Efficiency नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले हैं. इन नियमों का मुख्य उद्देश्य गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को कम करना और Fuel की बचत को बढ़ाना है.

इसका सीधा असर यह होगा कि आने वाले समय में कार कंपनियों को ज्यादा माइलेज देने वाली और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां बनानी होंगी. आइए विस्तार से जानते हैं.

ऑटो इंडस्ट्री ने क्यों दिया समर्थन

भारत की प्रमुख ऑटो कंपनियों ने इन नए नियमों का समर्थन किया है. SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा के अनुसार, ये नियम बैलेंस्ड हैं और इंडस्ट्री के लिए सही दिशा में कदम हैं. इन नियमों से कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी अपनाने का मौका मिलेगा और वे अपने वाहनों को ज्यादा मॉडर्न बना पाएंगी. खास बात ये है कि अलग-अलग कंपनियों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं था, लेकिन सभी ने मिलकर इस पर सहमति जताई है.

छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग नियम

नई पॉलिसी में छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग स्तर पर नियम बनाए गए हैं. छोटे वाहनों के लिए नियम थोड़े आसान रखे गए हैं, जबकि बड़ी और ज्यादा पावरफुल गाड़ियों के लिए सख्त नियम लागू होंगे. पहले कुछ कंपनियां छोटी कारों के लिए अलग कैटेगरी की मांग कर रही थीं, लेकिन ड्राफ्ट में पहले से ही इस बात का ध्यान रखा गया है. इसलिए अब ज्यादातर कंपनियां इस ढांचे से संतुष्ट नजर आ रही हैं.

इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को मिलेगा फायदा

CAFE III नियमों में इलेक्ट्रिक और मजबूत हाइब्रिड गाड़ियों को खास फायदा दिया गया है. इसका मतलब है कि सरकार इन गाड़ियों को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके. आने वाले समय में आप सड़कों पर ज्यादा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें देख सकते हैं. इससे न सिर्फ पर्यावरण बेहतर होगा, बल्कि लोगों का फ्यूल खर्च भी कम होगा.

2031-32 तक होगा बड़ा बदलाव

इन नियमों के तहत कंपनियों को 2031-32 तक धीरे-धीरे अपनी गाड़ियों के CO₂ इमिशन को कम करना होगा. यानी यह बदलाव एकदम से नहीं होगा, बल्कि धीरे-धीरे लागू किया जाएगा. इससे कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी विकसित करने और उसे अपनाने का समय मिलेगा. साथ ही ग्राहकों को भी नए विकल्प मिलेंगे.